This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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मोहें-जो-दड़ो का अर्थ समझाकर उसके मार्ग की जानकारी दीजिए । |
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Answer» मोहें-जो-दड़ो का अर्थ ‘मरे हुओ के ढेर’ है । मार्ग – ‘मोहें-जो-दड़ो’ के मार्ग 9.75 मीटर चौड़े थे । छोटे मार्ग मुख्य मार्ग को समकोण पर मिलते थे । ये इतने चौड़े थे कि एक साथ एक से अधिक वाहन गुजर सकते थे । रास्तों के पास रात्रि प्रकाश के लिए खंभे होते थे । मार्ग सीधे होते थे, कहीं भी मोड़ नहीं थी । राजमार्ग भी थे जिसे अन्य मार्ग समकोण पर मिलते थे । |
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Fill in the blanks.1. .…….. gave a major contribution in the development of language.2. .…….. Indian scholars divided ancient Indian literature into parts.3. .………… India’s most ancient script belongs to civilization which has not been deciphered.4. .……….. composed the book ‘Astadhyayi’.5. Rigveda consists of ……….. verses. |
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Answer» 1. Script 2. two 3. Harappan 4. Panini 5. 1028 |
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कार्तिक पूर्णिमा का मेला …………. में लगता है । |
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Answer» सही उत्तर है सोमनाथ |
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अहमदाबाद के हठेसिंह जैन देरासर का शिलालेख किस वर्ष का है ?(A) 1747(B) 1847(C) 1947(D) 1565 |
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Answer» सही विकल्प है (B) 1847 |
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मध्य एशिया से कौन-सी तीन प्रजाएँ भारत में आयी थी ? |
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Answer» मध्य एशिया से अल्पाइन, डिनारिक और आर्मेनोइड प्रजाएँ मध्य एशिया से आयी थी । |
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मीरादातार का मेला ……… में लगता है । |
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Answer» सही उत्तर है ऊनावा |
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अजंता की गुफाएँ ……….. पर्वत को काटकर बनाई गयी है । |
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Answer» सही उत्तर है सह्याद्री |
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……….. के समय गुजरात में अनेक स्तूप और विहारों का निर्माण हुआ था । |
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Answer» सही उत्तर है छत्रपाल |
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निम्न में से किस स्थान पर पतंगोत्सव होता है ?(A) अहमदाबाद(B) बड़ोदरा(C) वड़नगर(D) मोढेरा |
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Answer» सही विकल्प है (A) अहमदाबाद |
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आर्य …….. की पूजा करते थे । |
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Answer» सही उत्तर है प्रकृति |
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धूप, दीप और आरती से पूजा किसकी देन है ?(A) आर्य(B) निषाद(C) नेग्रीटो(D) द्रविड |
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Answer» सही विकल्प है (D) द्रविड |
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मोहें-जो-दड़ो संस्कृति के निर्माता कौन थे ?(A) आर्य(B) निषाद(C) नेग्रीटो(D) द्रविड |
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Answer» सही विकल्प है (D) द्रविड |
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विरासत की सुरक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है । |
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Answer» प्रकृति को रम्य दृश्य भारत की भूमि पर सर्जित है । उनकी सुंदरता, पवित्रता और शुद्धता हम सभी साथ में मिलकर, एक नैतिक कर्तव्य समझना चाहिए ।
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विरासत के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य क्या है ? |
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Answer» विरासत की सुंदरता, भव्यता, पवित्रता और शुद्धता को बनाए रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है । |
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विरासत की सुरक्षा के लिए संविधान के किस अनुच्छेद में निर्देश किया गया है ? |
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Answer» संविधान के अनुच्छेद 51 में विरासत की सुरक्षा के लिए नागरिक का कर्तव्य बताया गया है । |
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Write whether the following statements are true or false.1. ‘Geetgovind’ was created by Jaydeva.2. Awadhi language is known as the language of Aryans or sages.3. The Buddhist literature is written in Pali.4. The most ancient language of Dravidian family is Telugu.5. Kathasaritsagar was created by Kalhan. |
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Answer» 1. True 2. False 3. True 4. False 5. False |
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मंगोलोइड प्रजा भारत में कहाँ से आयी थी ?(A) तिब्बत(B) चीन(C) अफ्रीका(D) अग्नि एशिया |
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Answer» सही विकल्प है (A) तिब्बत |
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नीग्रो प्रजा भारत में कहाँ से आयी थी ?(A) अग्नि एशिया(B) अफ्रीका(C) मध्य एशिया(D) अमेरिका |
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Answer» सही विकल्प है (A) अग्नि एशिया |
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ऑस्ट्रेलाइड प्रजा कहाँ से भारत में आयी थी ?(A) अफ्रीका(B) अग्नि एशिया(C) मध्य एशिया(D) ईरान |
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Answer» (B) अग्नि एशिया |
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भारत की किन जातियों में ऑस्ट्रेलाईड प्रजा के शारीरिक लक्षण पाये जाते है ? |
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Answer» भारत की कोल और मुण्डा जाति, असम में खांसी निकाबोर में आस्ट्रेलाईड प्रजा के लक्षण पाये जाते है । |
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भावनगर जिले के पालीताणा के ………… पर्वत पर अनेक जैन देरासर है । |
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Answer» सही उत्तर है शेजेज्य |
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माधवपुर का मेला किस जिले में लगता है ?(A) अहमदाबाद(B) दाहोद(C) भावनगर(D) पोरबंदर |
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Answer» सही विकल्प है (D) पोरबंदर |
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महोबतखान का मकबरा …………… में स्थित है । |
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Answer» सही उत्तर है जूनागढ |
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गुजरात के मुख्य धार्मिक स्थलों के नाम लिखिए । |
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Answer» भावनगर जिले के पालीताणा के शेव॑जय पर्वत पर अनेक जैन देरासर है ।
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नेग्रीटो (हब्सी) प्रजा के विषय में संक्षिप्त टिप्पणी लिखो । |
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Answer» नीग्रो अथवा नेग्रीटो (हब्सी) प्रजा भारत के सबसे प्राचीन निवासी है ।
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भारतीय प्राकृतिक विरासत के चार तत्त्वों का वर्णन कीजिए । |
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Answer» (1) भूमिदृश्य: भूमि आकारों द्वारा अनेक भूमि दृश्य सर्जित होते हैं, जैसे हिमालय । हिमालय में अनेक प्रकार की उपयोगी वनस्पति, खनिज, पशु-पक्षी और शिखर बरफ से ढ़के होते है । बारहो महीने बहनेवाली नदियाँ तथा वन उपयोगी होते । हिमालय पर अमरनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, जैसे धार्मिक स्थल, नंदादेवी जैसे शिखर हिमालय पर स्थित है । (2) नदियाँ: प्राचीन काल से नदियाँ प्राकृतिक परिवहन की सुविधा देती थी । भारत की संस्कृति सिंधु और राबी नदी के किनारे पर विकसित हुई है । सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, यमुना, कृष्णा, कावेरी जैसी लगभग अनेक नदियों ने लोकजीवन पर प्रभाव डाला है । पीने का पानी, सिंचाई, बीजली, खेती, जलमार्ग जैसी हमारी महत्त्वपूर्ण आवश्यकताएँ पूरी करती है । मिट्टी के बर्तन, घर बनाने में तथा मानव जीवन को समृद्ध बनाने में नदियों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है । (3) वनस्पति: भारत की प्रजा आदिकाल से पर्यावरण प्रेमी रही है, जिसका साक्षी उसका वृक्ष प्रेम है । मानव, प्राणी, पशु-पक्षी (4) वन्य जीवन: प्राचीन काल से ही भारत प्राणी प्रेमवाली संस्कृतिवाला देश है । वाघ, सिंह, गेंडा, हाथी, चिता, शियाल, हिरण, रीछ, रोज, साबर, खरगोश, अजगर, साँप, नाग, नेवला जैसे जीव भारत में पाये जाते है । विश्व में एशियाई सिंह मात्र गिर के जंगलों में पाया जाता है । हमारी धार्मिक मान्यताएँ कुछ वन्यजीवों मोर, बाघ, मगर, गरूड़ आदि को देवी-देवताओं के वाहन के रूप में स्थान दिया है । हमारी राष्ट्रीय मुद्रा में भी चार सिंह, घोड़ा तथा बैल की आकृति देकर उनका मूल्य दर्शाया है । |
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कौन-सी चिकित्सा पद्धतियाँ प्राकृतिक विरासत से संबंध रखती है ? |
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Answer» निसर्गोपचार, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धतियाँ प्राकृतिक विरासत पर आधारित है । |
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भारत की संस्कृति किसका अनुसरण करनेवाली है ? |
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Answer» भारत की संस्कृति सत, चित और आनन्द के अनुभूति करनेवाली है । |
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भारतीय संस्कृति में किन वृक्षों को पवित्र मानकर पूजा जाता है ? |
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Answer» भारतीय संस्कृति में वड़, पीपल, नीम, तुलसी, केला के वृक्षों को पवित्र मानकर पूजा जाता है । |
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भारत की संस्कृति ने किन नदियों के किनारे पर पोषण प्राप्त किया है ? |
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Answer» भारत की संस्कृति ने सिंधु से राबी नदियों के किनारे पर पालनपोषण प्राप्त किया है । |
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आर्य और द्रविड़ संस्कृति की जानकारी दीजिए । |
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Answer» आर्य संस्कृति:
द्रविड़ संस्कृति:
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उच्च न्यायालय का स्थान कड़ी रूप है । |
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Answer» भारत की न्यायपालिका के सर्वोच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के बीच के स्तर का उच्च न्यायालय होता है ।
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आर्य प्रजा अन्य किन नामों से पहचानी जाती थी ? |
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Answer» आर्य प्रजा नोर्डिक नाम से पहचानी जाती थी । इनकी अधिक जनसंख्यावाले क्षेत्रों को आर्यावर्त और सप्तसिंधु नाम से पहचाना जाता था । |
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प्राकृतिक विरासत का अर्थ समझाइए । भारत की प्राकृतिक विरासत में शामिल होनेवाली बातों की जानकारी दीजिए । |
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Answer» ‘प्राकृतिक, पर्यावरण और मानवजीवन के बीच निकट संबंधों का परिणाम अर्थात् प्राकृतिक विरासत ।’ प्राकृतिक विरासत प्राकृति की भेट है ।
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गुजरात के साँस्कृतिक विरासत के स्थलों पर टिप्पणी लिखिए । |
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Answer» प्रस्तावना : गुजरात शिल्प स्थापत्य कला में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है । यहाँ गुफाएँ, मंदिर, मस्जिदों, किलों, वाव, तोरण जैसी बहुविध स्थापत्य पायी जाती है । गजरात के सांस्कृतिक विरासत के स्थल: (1) धोलावीरा – धोलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का नगर था । यह कच्छ के भचाऊ तालुके के खदीरबेट में आया हुआ है । धोलावीरा उसकी आदर्श नगररचना और हड़प्पीय संस्कृति के व्यापार-वाणिज्य के लिए प्रसिद्ध था । आज से लगभग 500 वर्ष पहले इस नगर में जैवरात बनाने तथा माणेक बनाने के केन्द्र पाये गये हैं । (2) लोथल – यह भी सिंधुघाटी सभ्यता का प्राचीन नगर है । लोथल अहमदाबाद-भावनगर हाईवे के नजदीक आया एक पुरातत्त्वीय स्थल है । यह प्राचीन समय में व्यापार-वाणिज्य और सुविधाओं से सज्ज हड़प्पीयन संस्कृति का बंदरगाह था । |
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संस्कृति का अर्थ देकर विस्तार से समझाइए । |
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Answer» संस्कृति का अर्थ: संस्कृति अर्थात् ‘जीवन जीने का तरीका’ । देश और समाज में कालक्रम में बदलाते संजोगों के अनुसार जनजीवन में आनेवाले परिवर्तनों, सुधारों, सामाजिक रीति-रिवाजों आदि के माध्यम से भिन्न संजोगों में संस्कृति बनती है । संस्कृति अर्थात् मानव मन की उपज और उसमें मानव समाज की आदतों, मूल्यों, आचार-विचार, धार्मिक परंपराओं, आवास और जीवन के उच्च उद्देश्यों की ओर ले जानेवाले आदर्शों का योग है । भारत की सांस्कृतिक विरासत: विरासत अर्थात् हमें हमारे पूर्वजों द्वारा प्राप्त अमूल्य भेट । भारत की विरासत को दो भागों में बाँट सकते है: (1) भारत की प्राकृतिक विरासत: ‘प्रकृति, पर्यावरण और मानवजीवन के बीच निकटता के संबंधों का परिणाम अर्थात् प्राकृतिक विरासत ।’ प्राकृतिक विरासत प्राकृतिक भेट है । भारत की प्राकृतिक विरासत विशिष्य और वैविध्यपूर्ण है । जिसमें ऊँचे पर्वत, नदियाँ, वृक्ष, सागर, लम्बे समुद्री किनारों, विशाल उपजाऊ मैदान, घाटी प्रदेश, रेगिस्तान का समावेश होता है तथा वृक्षों, जीवजन्तुओं, ऋतुओं, पशु-पक्षियों, वैविध्यपूर्ण भूमि दृश्यों का समावेश होता है । हम सभी प्रकृति की संतान है । प्रकृति हमारे आहार, पानी, शुद्ध वायु, निवास जैसी सभी आवश्यकताएँ पूरी करती है । (2) भारत की साँस्कृतिक विरासत: भारत ने जगत को विविधतापूर्ण और समृद्ध विरासत की भेट दी है । साँस्कृतिक विरासत अर्थात् मानवसर्जित विरासत । मानव ने अपने ज्ञान, बुद्धिचातुर्य, योग्यता और कला-कौशल्य द्वारा जो कुछ भी विकसित किया और जिसका सर्जन किया उसे साँस्कृतिक विरासत कहते हैं । आर्यों से शुरू करके, क्षत्रप, कुषाण, हुण, इरानियों, तुर्क, अरबों, मुगल, पारसियों, अंग्रेजों, फ्रेन्च आदि विविध जाति, प्रजातियाँ भारत में आयी । इन सभी के बीच आदान-प्रदान से भारतीय संस्कृति समृद्ध बनी है । |
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जैन तीर्थ पालीताणा किस जिले में स्थित है ?(A) भावनगर(B) खेड़ा(C) जामनगर(D) कच्छ |
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Answer» सही विकल्प है (A) भावनगर |
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गुजरात के मैलों (कोई दस) की जानकारी दीजिए । |
Answer»
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भारत की साँस्कृतिक विरासत की जानकारी दीजिए । |
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Answer» भारत ने जगत को विविधतापूर्ण और समृद्ध विरासत दी है ।
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‘गुजरात की साँस्कृतिक विरासत’ – विस्तार से समझाइए । |
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Answer» साँस्कृतिक, पौराणिक और पुरातत्त्वीय महत्त्व के स्थलों में लोथल, रंगपुर, धोलावीरा, रोजड़ी और श्रीनाथगढ़ आदि महत्त्वपूर्ण है ।
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जैन और बौद्ध यात्रा स्थलों की जानकारी दीजिए । |
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Answer» गुजरात में जैन और बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार हुआ है । जिनके आधार पर गुजरात के वड़नगर, तारंगा, खमालीडा, जूनागढ़, शामलाजी, कोटेश्वर, तलाजा, टांक झगडीया आदि स्थानों पर बौद्ध एवं जैन गुफाएँ पायी जाती है । |
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न्यायपालिका लोकतंत्र की आधारशिला है । |
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Answer» देश में संघीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच के विवादों को निबटाने के लिए संघीय शासन व्यवस्था में तटस्थ और निष्पक्ष न्यायपालिका की आवश्यकता होती है ।
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मंगोलाइड प्रजा की जानकारी दीजिए । |
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Answer» मंगोलाइड प्रजा पश्चिम चीन से होकर तिब्बत से भारत में आयी थी ।
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आर्यों के धार्मिक प्रवृत्तियों की जानकारी दीजिए । |
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Answer» आर्य प्रकृति प्रेमी थे । वे वृक्षों, पर्वतों, सूर्य, वायु, नदी, वर्षा आदि की पूजा-आराधना करते थे ।
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गुजरात के साँस्कृतिक-धार्मिक स्थलों की जानकारी दीजिए । |
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Answer» गुजरात में धार्मिक महत्त्व बतानेवाले स्थलों में द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर और जगद्गुरु शंकराचार्य का शारदापीठ मुख्य है । सोमनाथ मंदिर (ज्योतिर्लिंग), अंबाजी (बनासकांठा), बहुचराजी (महेसाणा), महाकाली माताजी (पावागढ़), मीरा दातार (पाटण जिला), पालीताणा (भावनगर जिला), रणछोड़राय मंदिर (डाकोर) और शामलाजी (अरावली जिला) आदि मुख्य तीर्थ स्थल है । |
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सर्वोच्च न्यायालय संविधान तथा देश के नागरिकों के अधिकारों का रक्षक संरक्षक है । |
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Answer» सर्वोच्च न्यायालय नागरिक के मूलभूत अधिकारों के रक्षण के संदर्भ में कार्यपालिका के किसी भी कदम, कानून या आदेश, जो संविधान के साथ सुसंगत नहीं हैं उन्हें असंवैधानिक घोषित करने तथा ऐसे कानूनों या आदेशों को रद्द करने की सत्ता सर्वोच्च न्यायालय के पास है ।
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न्यायिक समीक्षा क्या है? |
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Answer» न्यायिक समीक्षा का अर्थ |
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कार्यपालिका के विभिन्न प्रकारों का संक्षेप में वर्णन कीजिए। |
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Answer» कार्यपालिका के विभिन्न प्रकार कार्यपालिका के विभिन्न प्रकार निम्नलिखित हैं- |
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कार्यपालिका और न्यायपालिका में सम्बन्ध बताइए। |
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Answer» लोकतन्त्र की सफलता के लिए कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक-दूसरे से पृथक् रहना आवश्यक माना जाता है, परन्तु व्यवहार में इनका पारस्परिक सम्बन्ध घनिष्ठ होता है। क्योंकि न्यायाधीशों की नियुक्ति का अधिकार कार्यपालिका में निहित होता है। इन दोनों का सम्बन्ध निम्नलिखित रूपों में स्पष्ट किया जा सकता है- ⦁ न्यायाधीशों की नियुक्ति कार्यपालिका के प्रधान द्वारा ही की जाती है। |
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द्वि-सदनात्मकवाद (द्वि-सदन-पद्धति) का अर्थ बताइए। |
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Answer» द्वि-सदनात्मक प्रणाली ऐतिहासिक विकास तथा संयोग का परिणाम है। यह व्यवस्था ब्रिटिश संवैधानिक विकास की देन है। इंग्लैण्ड की संसद जो विश्व की सबसे प्राचीन संसद है, संयोग से द्वि-सदनात्मक हो गई है। अन्य प्रजातान्त्रिक देशों में भी ब्रिटिश परम्परा का अनुसरण किया गया। पोलस्की के शब्दों में, “यह केवल ऐतिहासिक संयोग की बात है। कि इंग्लैण्ड की व्यवस्थापिका द्वि-सदनात्मक थी और उसी का अनुसरण अन्य देशों में भी किया गया। विलोबी ने कहा है-“यदि ब्रिटिश संसद द्वि-सदनात्मक न होती तो शायद संसार के विधानमण्डल भी द्वि-सदनात्मक नहीं होते।” आज सभी बड़े प्रजातान्त्रिक राज्यों में व्यवस्थापिका के दो सदन होते हैं। एक सदन को उच्च सदन या द्वितीय सदन और दूसरे सदन को निम्न या प्रथम सदन कहते हैं। |
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