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Answer» ‘प्राकृतिक, पर्यावरण और मानवजीवन के बीच निकट संबंधों का परिणाम अर्थात् प्राकृतिक विरासत ।’ प्राकृतिक विरासत प्राकृति की भेट है । - भारत की प्राकृतिक विरासत विशिष्ट और वैविध्यपूर्ण है । जिसमें ऊँचे पर्वत, नदियाँ, सागर, झरने, लम्बे समुद्री किनारे, विशाल
समुद्री खाईयाँ, उपजाऊ मैदान, घाटियों, रेगिस्तान आदि का समावेश होता है । - वृक्षों, वनस्पति, जीवजंतुओं, ऋतुओं, पशु-पक्षियों और वैविध्यपूर्ण भूमि-दृश्यों, विविध प्रकार की चट्टानों, खनिजों आदि का समावेश होता है ।
- हम प्रकृति का आहार, पानी, शुद्ध वायु तथा निवास जैसी लगभग सभी आवश्यकताओं के लिए सुंदर व्यवस्था की है ।
- प्रकृति के साथ हमारा व्यवहार श्रद्धापूर्ण होने का उदाहरण पंचतंत्र की कहानियों और बौद्ध जातक कथाओं में दिखाई देता है ।
- हमारे लोकगीत और शास्त्रीय संगीत भी ऋतुओं और प्रकृति के साथ जुड़े हुए है ।
- हमारे गीत, त्यौहार, कविताओं, चित्रों में प्रकृति और ऋतुचक्र का निरूपण दिखाई देता है ।
- निसर्गोपचार, आयुर्वेद, युनानी जैसी चिकित्सा पद्धतियाँ भी प्रकृति पर आधारित है ।
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