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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

‘धन्धाकीय इकाई में द्रव्य यह जीवनदाता रक्त के समान है ।’ उपरोक्त कथन समझाइए ।

Answer»

उपरोक्त कथन सत्य है, क्योंकि द्रव्य के बिना कोई भी प्रवृत्ति सम्भव नहीं । किसी भी धन्धे की स्थापना, विकास, विस्तार तथा आधुनिकीकरण के लिए द्रव्य की आवश्यकता पड़ती है । जिस तरह मानव शरीर में रक्त शरीर में सभी अंगों को सक्रिय रखता है । ठीक इसी प्रकार पूँजी/वित्त भी पूरी इकाई को गतिशील रखता है । इस तरह कहा जा सकता है कि धन्धाकीय इकाई में द्रव्य जीवनरक्त के समान है ।

2.

भारत में संचालन विज्ञान का ज्ञान प्रदान करने वाली संस्थाओं के नाम दीजिए ।

Answer»

भारत में संचालन विज्ञान का ज्ञान (प्रशिक्षण) प्रदान करने वाली संस्थाएँ निम्नलिखित हैं :

  1. Indian Institute of Management
  2. B.K. School of Management
  3. Bajaj Institute of Management
  4. Nirma Institute of Management
  5. S. K. Jain Institute of Management
  6. R. A. Podhar Institute of Management
3.

संचालन एक व्यवसाय है । समझाइए ।

Answer»

व्यवसाय अर्थात् किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करके उस ज्ञान का लाभ समग्र समाज को प्रदान किया जाए तथा इसके बदले में समाज के पास से फीस प्राप्त की जाए । जैसे डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड एकाउन्टन्ट, इन्जीनियर इत्यादि सभी व्यवसायी . व्यक्ति कहलाते है । उपरोक्त सभी व्यक्तियों की प्रवृत्ति व्यवसाय की प्रवृत्ति कहलाती है ।

जिस प्राकर व्यवसायी व्यक्तियों को विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करना पड़ता है, उसी के पश्चात् सेवा दे सकते है, ठीक इसी तरह संचालन हेतु भी BBA एवं MBA की पदवी प्राप्त करनी पड़ती है । इस तरह कहा जा सकता है कि संचालन एक व्यवसाय है ।

4.

उच्च स्तर संचालन किस नाम से पहचाना जाता है ?

Answer»

इकाई के संचालन के बारे में सर्वोच्च सत्ता प्राप्त स्तर को उच्च स्तर संचालन के रूप में पहचाना जाता है ।

5.

संचालन से समाज को कौन-से लाभ मिलते है ?

Answer»

संचालन से समाज के साधनों का उपयोग करके समाज में स्थित लोगों के हित में अपनी कामगीरी करते है । धन्धे की सफलता समाज की समृद्धि एवं सुख में वृद्धि करती है । धन्धाकीय इकाइयाँ विविध प्रकार की वस्तुएँ और सेवाओं का कम लागत पर उत्पादन करते है । योग्य संचालन द्वारा समाज को उचित मूल्य पर प्रदान करती है, जिसके फलस्वरूप समग्र समाज का कल्याण होता है ।

6.

वर्तमान समय में मानवशक्ति आयोजन, मानव साधन विकास, कामगीरी का मूल्यांकन आदि का समावेश किस में किया जाता है ?(A) मार्गदर्शन(B) कर्मचारी व्यवस्था(C) नियंत्रण(D) संकलन

Answer»

सही विकल्प है (D) संकलन

7.

कर्मचारी व्यवस्था के बारे में समझाइए ।

Answer»

कर्मचारी व्यवस्था का उद्देश्य संतोषकारक और संतुष्ट कर्मचारी दल खड़ा करने का, बनाये रखने का और विकसित करना है । जहाँ इकाई होती है वहाँ कर्मचारी होते है । कर्मचारियों के बिना की इकाई यह आत्मा बिना अस्थि कंकाल जैसा है । किसी भी इकाई की प्रवृत्ति का अन्तिम आधार तो कर्मचारियों पर होता है ।

8.

विभिन्न विभागीय अधिकारियों का समावेश कौन से स्तर पर होता है ?(A) निम्न स्तर(B) मध्य स्तर(C) उच्च स्तर(D) इनमें से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (B) मध्य स्तर

9.

कर्मचारी व्यवस्था (stuffing) से आप क्या समझते है ?

Answer»

Employees are arms and Leg of unit’. डॉ. जॉर्ज टेरी के अनुसार ‘कर्मचारी व्यवस्था का उद्देश्य संतोषदायक तथा संतुष्ट कर्मचारी दल का निर्माण करने का, बनाये रखने का और विकसित करने का है ।’

10.

आयोजन से आप क्या समझते है ?

Answer»

आयोजन अर्थात् अपेक्षित परिणामों की प्राप्ति के लिए वास्तविकताओ (यथार्थों) का चयन करना, उनके मध्य आन्तर सम्बन्ध स्थापित करना और आवश्यक प्रवृत्तियों के अवलोकन और निर्माण के लिए पूर्वानुमान करना ।

11.

संचालन का विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करने के लिए कौन सी पदवी प्राप्त करनी पड़ती है ?

Answer»

संचालन का विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करने के लिए BBA एवं MBA की पदवी प्राप्त करनी पड़ती है ।

12.

अन्य व्यक्तियों के पास से कार्य लेने की कला अर्थात् संचालन ।

Answer»

लोरेन्स एप्ले के मतानुसार ‘संचालन अर्थात् अन्य व्यक्तियों के पास से कार्य लेने की कला’ ऊपरी अधिकारी खुद के हाथ के नीचे कार्य करनेवाले कर्मचारियों के पास से कार्य लेते है । संचालन शास्त्र कर्मचारियों के पास से किस प्रकार कार्य लेना इसके बारे में कोई निश्चित सिद्धांत या पद्धति नहीं है । जो कोई पद्धति है उसके अमल के लिए भी अंत में तो निजी कुशलता और । कौशल्य की आवश्यकता पड़ती है । जिसे कला के रूप में जाना जाता है ।

समग्र संचालन प्रक्रिया में मनुष्य केन्द्रस्थान पर होने से अधिकारी प्रत्येक कार्य के समय मानव तत्त्व की विचारणा कर निजी, कौशल्य से ही कार्य करना होता है । इस अर्थ में संचालन अर्थात् अन्य व्यक्तियों के पास कार्य लेने की कला ।

13.

विज्ञान से आप क्या समझते है ?

Answer»

विज्ञान अर्थात् व्यवस्थित और विशिष्ट प्रकार का ज्ञान, जिसमें से नियमों तथा सिद्धान्त स्थापित किए जा सकते हैं तथा कार्यकारण का सम्बन्ध स्थापित कर सकते है वह विज्ञान 

14.

कला से आप क्या समझते है ?

Answer»

कला अर्थात् कार्य करने के लिए मानव का निपुणता या कुशलता । लेकिन यह कौशल्य का उपयोग करने के लिए सम्बन्धित कार्य का सैद्धान्तिक ज्ञान जरूरी है ।

15.

किसी भी क्षेत्र का विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करके उस ज्ञान का लाभ समग्र समाज को दिया जाए और बदले में फीस ली जाए तो वह कौन सी प्रवृत्ति कहलाती है ?(A) विज्ञान(B) कला(C) व्यवसाय(D) धन्धा

Answer»

सही विकल्प है (C) व्यवसाय

16.

संचालक मण्डल, मैनेजिंग डायरेक्टर तथा जनरल मैनेजर का समावेश कौन से स्तर पर होता है ?(A) उच्च स्तर(B) मध्य स्तर(C) निम्न स्तर(D) उपरोक्त सभी

Answer»

सही विकल्प है (A) उच्च स्तर

17.

मार्गदर्शन के कार्य में किन कार्यों का समावेश होता है ?

Answer»

मार्गदर्शन के कार्य में अधिनस्थों को मार्गदर्शन प्रदान करना, देखरेख रखना, आदेश व सूचना प्रदान करना, कार्य का निर्धारण करना, कर्मचारियों को प्रेरणा देना, नेतृत्व प्रदान करना इत्यादि कार्यों का समावेश होता है ।

18.

IIM संस्था कौन से स्तर पर कार्य करती है ?(A) जिलास्तर(B) राज्यस्तर(C) राष्ट्रीयस्तर(D) राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर

Answer»

सही विकल्प है (D) राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर

19.

धन्धे की कार्यक्षमता और सफलता का मापदण्ड क्या है ?(A) वेतन(B) फीस(C) हानि(D) लाभ

Answer»

सही विकल्प है (D) लाभ

20.

डॉ. जार्ज टेरी के अनुसार संचालन के कार्यों के वर्गीकरण को कितने भागो में बाँटा गया है ?(A) तीन(B) चार(C) पाँच(D) सात

Answer»

सही विकल्प है (C) पाँच

21.

प्रयत्नो, परिणाम तथा साधनों तथा उद्देश्यों के मध्य संतुलन स्थापित करने का कार्य अर्थात् ……………………………(A) नियंत्रण(B) अन्दाज-पत्र(C) व्यवस्थातंत्र(D) सूचना संचार

Answer»

सही विकल्प है (C) व्यवस्थातंत्र

22.

धन्धे की कार्यक्षमता का मापदण्ड कौन-सा है ?(A) लाभ(B) संचालन(C) उत्पादन(D) विक्रय

Answer»

सही विकल्प है (A) लाभ

23.

किसी भी वस्तु का कितना उत्पादन करना, यह जानकारी किस पर आधारित है ?

Answer»

किसी भी वस्तु का कितना उत्पादन करना, यह जानकारी माँग पर आधारित है ।

24.

वस्तु की माँग की जानकारी किस तरह प्राप्त करना, यह कौन-से संचालन का कार्य है ?

Answer»

वस्तु की माँग की जानकारी किस तरह प्राप्त करना यह बाजार संचालन का कार्य है ।

25.

सन्तुष्ट कर्मचारी इकाई की क्या है ?

Answer»

सन्तुष्ट कर्मचारी इकाई की मूल्यवान सम्पत्ति है ।

26.

उत्पादन संचालन किसे कहते हैं ?

Answer»

उत्पादन संचालन यह उत्पादन का आयोजन करने की, कार्यक्रम निश्चित करने की, संकलन सिद्ध करने की, मार्गदर्शन देने की और नियंत्रण करने की एक प्रक्रिया है ।

27.

कुन्टज और ओडोनल के अनुसार संचालन की व्याख्या दीजिए ।

Answer»

कुन्ट्ज और ओडोनल के अनुसार, ‘संचालन अर्थात् अन्य व्यक्तियों के पास से काम लेने की कला ।’

28.

पीटर ड्रकर के अनुसार संचालन के कार्यों के वर्गीकरण को कितने भागों में विभाजित किया है ?(A) तीन(B) पाँच(C) सात(D) दस

Answer»

सही विकल्प है (B) पाँच

29.

नियंत्रण संज्ञा समझाइए ।

Answer»

नियंत्रण अर्थात् प्रयत्नों, परिणाम और साधनों तथा उद्देश्यों के मध्य संतुलन स्थापित करने का कार्य ।

30.

धन्धाकीय इकाई के अलग अलग विभागो में कर्मचारियो द्वारा जो विभिन्न कार्य होते है, उनके मध्य एकसूत्रता अथवा सुमेल स्थापित करने का कार्य अर्थात् ……………………………..(A) कर्मचारी व्यवस्था(B) व्यवस्थातंत्र(C) नियंत्रण(D) संकलन

Answer»

सही विकल्प है (D) संकलन

31.

ल्युथर म्युलिक के मतानुसार संचालन के कार्यों के वर्गीकरण को कितने भागो में बाँटा गया है ?(A) तीन(B) पाँच(C) आठ(D) सात

Answer»

सही विकल्प है (B) पाँच

32.

संचालन के महत्त्वपूर्ण कार्यों के प्रमाण में संचालन के कार्य विस्तार कितने है ? व कौन- कौन से ?

Answer»

संचालन के कार्य विस्तार चार हैं :

  1. बाजार संचालन (Marketing Management)
  2. मानव संसाधन संचालन (Human Resource Management)
  3. वित्तीय संचालन (Financial Management)
  4. उत्पादन संचालन (Production Management)
33.

Even God cannot change the past, But Men can change the future’. उपरोक्त कथन संचालन के कार्यों में से किसके बारे में दर्शाया गया है ?(A) अन्दाज-पत्र(B) आयोजन(C) संकलन(D) सूचना प्रेषण

Answer»

सही विकल्प है (B) आयोजन

34.

कुन्तज और ओडोनेल के अनुसार संचालन के कार्यों के वर्गीकरण को कितने भागो में बाँटा है ?(A) 3(B) 5(C) 7(D) 4

Answer»

सही विकल्प है (A) 3

35.

संचालन के कार्य विस्तार कितने है ?(A) पांच(B) दो(C) चार(D) असंख्य

Answer»

सही विकल्प है (B) दो

36.

अन्तर स्पष्ट कीजिए :लाभ, वेतन एवं फीस :

Answer»
लाभ (Profit)वेतन (Salary)फीस (Fees)
क्रय-विक्रय के बदले में प्राप्त वित्तीय आय को लाभ कहते है ।मालिक द्वारा तय की गई शर्तों के अधीनस्थ शारीरिक एवं मानसिक काम के बदले में मिलनेवाला वित्तीय मुआवजा अर्थात् वेतन ।निश्चित ज्ञान, डिग्री, कुशलता द्वारा दी जानेवाली सेवा के बदले में मिलनेवाली आय अर्थात् फीस ।
लाभ धन्धा करनेवाले को मिलता है।वेतन नौकरी करनेवाले को मिलता है ।फीस पेशेवर व्यक्ति को मिलती है ।
लाभ हमेशा अनिश्चित होता है।वेतन निश्चित होता है ।फीस निश्चित होती है ।
लाभ नियमित नहीं मिलता हैं ।वेतन नियमित मिलता है ।फीस सेवाओं की नियमितता पर आधारित है ।
लाभ प्राप्त करने हेतु जोखिम उठाने पड़ता है ।वेतन प्राप्त करने के लिए शारीरिक अथवा मानसिक श्रम करना पड़ता है ।फीस प्राप्त करने के लिए सलाह सूचन की सेवा देनी पड़ती है ।
लाभ वस्तु एवं बाजार के परिबल के आधार पर होता है ।वेतन का आधार संस्था के नीति-नियमों पर होता है ।फीस का आधार पेशेवर व्यक्तियों के ज्ञान एवं कुशलता पर है ।

37.

अन्तर स्पष्ट कीजिए :नौकरी एवं धन्धा .

Answer»
नौकरी (Employment)धन्धा (Business)
नौकरी अर्थात् बौद्धिक, मानसिक या शारीरिक श्रम द्वारा आय प्राप्त करना ।धन्धा अर्थात् लाभ के उद्देश्य से की जानेवाली लेन-देन की कोई भी आर्थिक प्रवृत्ति ।
नौकरी करने का उद्देश्य निश्चित वेतन प्राप्त करना होता है । नौकरी करनेवाला निश्चित आय प्राप्त करता है ।धन्धे का उद्देश्य लाभ कमाना होता है । धन्धे में मालिक आय के रूप में लाभ प्राप्त करता है ।
नौकरी करनेवाले मालिक की इच्छानुसार अथवा आदेशा-नुसार कार्य करना पड़ता है ।धन्धा करनेवाले स्वयं की इच्छानुसार कार्य करते हैं ।
नौकरी में शारीरिक एवं मानसिक सेवा पूर्ण करने का समावेश होता है ।धन्धे में उद्योग और वाणिज्य का समावेश होता है ।
नौकरी में आय के रुप में वेतन निश्चित एवं नियमित मिलता है ।धन्धे में आय के रूप में लाभ अनिश्चित होता है, कई बार नुकसान भी सहन करना पड़ता है ।
नौकरी-समय के दौरान नौकरी करनेवाले को जोखिम नहीं उठाना पड़ता है ।धन्धे में चोरी, आग, दुर्घटना, लूटपाट इत्यादि जोखिम होते हैं जिसे मालिक स्वयं सहता है ।
नौकरी में समय-मर्यादा निश्चित रहती है ।धन्धे में समय-मर्यादा निश्चित नहीं रहती है ।

38.

लाभ धन्धे का हार्द हैं ।

Answer»

धन्धाकीय प्रवृत्ति का मुख्य और अन्तिम उद्देश्य लाभ का है । लाभ किसी भी धन्धे का लक्ष्य हैं । जिस प्रवृत्ति में लाभ कमाने की वृत्ति न हो उसे धन्धाकीय प्रवृत्ति नहीं कहा जा सकता । व्यापारी किसी भी प्रकार का धन्धा करे फिर वह माल या सेवा का उत्पादन हो या व्यापारी प्रवृत्ति हो व्यक्ति लाभ कमाने की इच्छा रखता है । अगर धन्धे में लाभ कमाने की शक्यता न हो, तो कोई भी व्यक्ति धन्धा करने के लिए आगे नहीं आयेगा । इसलिए लाभ धन्धे के हार्द के समान है ।

39.

लाभ धन्धे का एक मात्र उद्देश्य नहीं है ।

Answer»

धन्धा लाभ के उद्देश्य से चलता है परन्तु केवल लाभ कमाना ही धन्धे का एक मात्र उद्देश्य नहीं होता । वर्तमान परिस्थिति के अनुसार धन्धे के लाभ के उपरान्त अन्य उद्देश्य भी स्वीकृत हो रहे हैं, जैसे महत्तम सम्पत्ति का सर्जन करना, उचित कीमत पर सेवाएँ देने का उद्देश्य, रोजगार बढ़ाना अथवा बनाये रखने का उद्देश्य, सामाजिक जिम्मेदारी निभाना, प्रतिष्ठा बनाना, देश के विकास में योगदान देना इत्यादि अनेक उद्देश्य स्वीकार किये गए हैं । इस सन्दर्भ में उर्विक के मतानुसार : “जिस प्रकार जीवन का एक मात्र उद्देश्य खाना खाकर पेट भरना ही नहीं होता, ठीक इसी तरह धन्धे का एक मात्र उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता ।”

40.

अन्तर स्पष्ट कीजिए :आर्थिक प्रवृत्ति एवं बिन आर्थिक प्रवृत्ति .

Answer»
आर्थिक प्रवृत्ति (Economic Activity)बिन-आर्थिक प्रवृत्ति (Non-Economic Activity)
आर्थिक प्रवृत्ति अर्थात् लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से की जानेवाली प्रवृत्ति ।बिन-आर्थिक प्रवृत्ति अर्थात् ऐसी प्रवृत्ति जिनका उद्देश्य लाभ कमाना न हो ।
आर्थिक प्रवृत्ति का उद्देश्य आर्थिक लाभ प्राप्त करना होता है।बिन-आर्थिक प्रवृत्ति का उद्देश्य आर्थिक लाभ प्राप्त करना नहीं होता है ।
आर्थिक प्रवृत्ति के मुख्य तीन प्रकार होते हैं :
(1) धन्धा
(2) पेशा
(3) नौकरी
बिन-आर्थिक प्रवृत्ति को किसी भी भाग में विभाजित नहीं किया गया है ।
आर्थिक प्रवृत्ति का प्रमाण अधिक देखने को मिलता है ।बिन-आर्थिक प्रवृत्ति का प्रमाण अपेक्षाकृत कम देखने को मिलता है ।
आर्थिक प्रवृत्ति में आय की अनिश्चितता एवं हानि का भय बना रहता है ।बिन-आर्थिक प्रवृत्ति में ऐसा कोई जोखिम नहीं रहता है ।

41.

नौकरी/रोजगार के बदले में क्या मिलता है ?(A) वेतन(B) फीस(C) लाभ(D) पूँजी

Answer»

सही विकल्प है (A) वेतन

42.

सरकारी कर्मचारी को उनके श्रम के बदले में वेतन मिलता है तो यह कौन-से प्रकार की आर्थिक प्रवृत्ति कहलाती है ?(A) धन्धा(B) पेशा(C) नौकरी/रोजगार(D) वाणिज्य

Answer»

सही विकल्प है (C) नौकरी/रोजगार

43.

आयोजन संचालन का कौन से क्रम का कार्य है ?

Answer»

आयोजन संचालन के प्रथम क्रम का कार्य है ।

44.

किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करके संगठन का सदस्य पद प्राप्त करके इस ज्ञान का लाभ लेनेवालों के पास से फीस वसूल करके करार अनुसार की सेवा प्रदान करना अर्थात् ………………………..(A) पेशा(B) वाणिज्य(C) धन्धा(D) नौकरी

Answer»

सही विकल्प है (A) पेशा

45.

पेशेवर व्यवसायियों की फीस का प्रमाण अलग-अलग होता है ।

Answer»

प्रत्येक पेशेवर धन्धार्थी का अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट गुण, डिग्री (पदवी) प्राप्त करना अनिवार्य होता हैं । इन कुशलताओं के द्वारा सेवा प्रदान कर व्यक्ति या पेशेवर व्यक्ति आय करता है । प्रत्येक पेशेवर व्यक्ति की अपनी शैक्षणिक योग्यता तथा प्रशिक्षण अलग-अलग प्रकार का होता है, जिसके आधार पर पेशेवर व्यक्ति फीस वसूल करता है । इसके अलावा एक ही प्रकार के पेशे में भी अनुभव, कार्यशक्ति, कार्य की कमी, विशिष्ट डिग्री, प्रतिस्पर्धा इत्यादि अलग-अलग होने से सभी व्यक्तियों की फीस का प्रमाण अलग-अलग होता है ।

46.

आर्थिक प्रवृत्तियाँ धन्धा तथा वाणिज्य को गतिशील रखती हैं ।

Answer»

व्यापार तथा वाणिज्य में वस्तु के उत्पादन से लेकर उसके उपयोग तक की समग्र प्रवृत्तियों का समावेश होता है । उसमें व्यापार की सहायक सेवाएँ जैसे बैंक, वाहन-व्यवहार, बीमा, संदेशा-व्यवहार, गोदाम व प्रतिनिधि इत्यादि का भी समावेश किया जाता है । व्यापारिक लेन-देन की प्रवृत्ति, माल एवं मुसाफिरों का स्थानान्तरण करने के लिए वाहन-व्यवहार की प्रवृत्ति, संदेशा-व्यवहार की प्रवृत्ति, जोखिम के सामने रक्षण की प्रवृत्ति, माल के संग्रह की प्रवृत्ति तथा प्रतिनिधि की सेवा की प्रवृत्ति इत्यादि सभी आर्थिक प्रवृत्तियाँ वाणिज्य की प्रवृत्ति से ही प्रारम्भ रह सकती हैं । इस तरह आर्थिक प्रवृत्ति व्यापार एवं वाणिज्य को गतिशील रखती है ।

47.

सहकारी मण्डली सेवा के उद्देश्य के लिए स्थापित की जाती है ।

Answer»

सहकारी मण्डली का मुख्य उद्देश्य सेवा का होता है, लाभ का नहीं । इस संस्था की ओर से अपने सदस्यों का आर्थिक एवं सामाजिक उत्कर्ष सिद्ध करने के लिए सेवा प्रदान करती है । ये सदस्यों को राजगार प्रदान करती हैं । उचित कीमत पर वस्तुओं की आपूर्ति हो सके ऐसी व्यवस्था करती हैं । अर्थात् हम कह सकते हैं, कि सहकारी मण्डली सेवा के उद्देश्य से स्थापित की जाती है ।

48.

धन्धा सतत चलनेवाली प्रवृत्ति है ।

Answer»

धन्धा लाभ के उद्देश्य से की जानेवाली आर्थिक प्रवृत्ति है । यह प्रवृत्ति सतत-निरन्तर होनी चाहिए । वर्षभर के दौरान केवल एक दो बार खरीदी अथवा बिक्री का सौदा हो जाय व उसमें से लाभ मिल जाय तो धन्धाकीय प्रवृत्ति नहीं कहलाती है । जैसे दवाइयों का विक्रेता यदि एक अथवा दो बार दवाई की बिक्री करे तो धन्धा नहीं कहलायेगा । दवाई विक्रेता के द्वारा वर्ष भर नियमित तौर पर दवाइयों की बिक्री करना ही धन्धा कहा जायेगा अर्थात् हम कह सकते हैं कि धन्धा एक सतत चलनेवाली प्रवृत्ति है ।

49.

अन्तर स्पष्ट कीजिए :नौकरी (Employment) एवं पेशा (Profession) .

Answer»
नौकरी (Employment)पेशा (Profession)
निश्चित आय प्राप्त करने के लिए दूसरों के द्वारा सौंपा गया कार्य अर्थात् नौकरी ।किसी क्षेत्र में विशिष्ट डिग्री, विशिष्ट ज्ञान, विशिष्ट कुशलता प्राप्त कर उसकी सेवा लोगों को देकर फीस प्राप्त करना अर्थात् पेशा ।
नौकरी में कार्य या सेवा के बदले में वेतन मिलता है ।पेशे में सेवा के बदले में फीस मिलती है ।
नौकरी में निश्चित वेतन निश्चित समय पर मिलता हैं ।पेशे में फीस की आय अनिश्चित होती है । उसका आधार पेशेवर व्यक्तियों के ज्ञान व कुशलता पर रहता हैं ।
नौकरी करनेवाले को उसके मालिक के द्वारा सौंपे गए कार्य को करना होता है ।पेशेवर व्यक्ति स्वयं के ज्ञान व अनुभव के आधार पर सेवा देता है ।
नौकरी परावलम्बी प्रवृत्ति हैं ।पेशा स्वतन्त्र प्रवृत्ति है ।
नौकरी करनेवाले व्यक्ति को वेतन के अलावा ग्रेच्युटी, पेन्शन, प्रोविडन्ड फण्ड, बोनस इत्यादि मिलते हैं ।पेशेवर व्यक्ति को फीस की आय के अलावा किसी भी तरह की आय प्राप्त नहीं होती ।
नौकरी करनेवालों की सामाजिक प्रतिष्ठा कम होती है ।पेशेवर व्यक्तियों की सामाजिक प्रतिष्ठा अधिक होती है ।
शिक्षण-संस्था, बैंक, बीमा कम्पनी, कारखाना-मिल, उद्योग-धन्धा अथवा अन्य स्थान पर अलग-अलग पद पर काम करके वेतन प्राप्त करनेवाला नौकर के रूप में पहचाना जाता हैं ।डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट, इंजीनियर इत्यादि व्यक्ति पेशेवर व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते हैं ।

50.

कृषि, पशुपालन, मत्स्य आदि कौन-से उद्योग के प्रकार है ?(A) प्राथमिक उद्योग(B) गौण उद्योग(C) तृतियक उद्योग(D) पूँजी प्रधान

Answer»

सही विकल्प है (A) प्राथमिक उद्योग