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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

उत्पादन का आयोजन करना कौन से संचालन का कार्य है ?(A) मानव संसाधन संचालन(B) उत्पादन संचालन(C) बाजार संचालन(D) वित्तीय संचालन

Answer»

सही विकल्प है (A) मानव संसाधन संचालन

2.

संचालन एवं व्यवस्था संचालन के प्रत्येक स्तर में अस्तित्व होता ही है ।

Answer»

यह विधान सत्य है । संचालन का उच्च स्तर, मध्य स्तर या निम्न स्तर हो प्रत्येक स्तर में संचालन एवं व्यवस्था अनिवार्य ही है । संचालन अर्थात निर्धारित हेतु को पूर्ण करने के लिए आयोजन तैयार करना आयोजन के अनुसार कार्य सरल बने इसके लिए कर्मचारी की व्यवस्था करनी वह व्यवस्था कहलाती है । उच्च स्तर, मध्य स्तर या निम्न स्तर तीनों स्तरों में निर्धारित हेतु को लक्ष्य में रखकर अपने-अपने स्तर के लिए आयोजन तैयार किए जाते हैं । कार्य पद्धति निर्धारित होती है । संगठन की व्यवस्था की जाती है । अंकुश के कार्य किए जाते है । परन्तु मात्र आयोजन तैयार करने से निर्धारित आयोजन के अनुसार कार्य हो यह . अनिवार्य नहीं है । अतः आयोजन के अनुसार कार्य सरल एवं कठिनाई रहित हो इसके लिए सत्ता जिम्मेदारी का वितरण किया जाता है । कर्मचारी कितने चाहिए, कहाँ से प्राप्त होंगे कब प्राप्त करना है । किस कार्य से जानकार चाहिए वे कौन-सा कार्य करेंगे इत्याद प्रश्नों की चर्चा की जाती है । अर्थात् व्यवस्था के बारे में विचार किया जाता है । अतः संचालन एवं व्यवस्था दोनों की प्रत्येक स्तर के लिए अनिवार्य है ।

3.

सन्तुष्ट कर्मचारी इकाई की मूल्यवान क्या है ?(A) दायित्व(B) सम्पत्ति(C) पाठशाला(D) हाथ-पैर

Answer»

सही विकल्प है (A) दायित्व

4.

उच्च स्तर संचालन के कार्य (Function of Top Level Management) बताइए ।

Answer»

उच्च स्तर संचालन के कार्य निम्न होते है :

  1. धन्धाकीय इकाई का मुख्य और गौण उद्देश्यों को निश्चित किया जाता है ।
  2. संचालक जो होते है वो इकाई के ट्रस्टी के रूप में कार्य करते है ।
  3. धन्धाकीय इकाई के मुख्य प्रबन्धकीय अधिकारी एवं उच्च अधिकारियों की नियुक्ति करना तथा उनको अधिकार व दायित्व का विभाजन करना ।
  4. विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा इकाई के लिए बनाए गए अन्दाज-पत्र को स्वीकृत करना।
  5. कानूनी व्यवस्थाओं का पालन करना और इकाई के साथ जुड़े हुए विविध वर्गों के हितों की सुरक्षा करना ।
  6. इकाई के लिए दीर्घकालीनं आयोजन करे व्यूहात्मक निर्णय लिये जाते है ।
  7. संचालन सम्बन्धी जटिल प्रश्नों की छानबीन करना, जटिल समस्याओं का अध्ययन करना और कानूनी व्यवस्थाओं को ध्यान में लेकर उनका समाधान करना ।
  8. इकाई के लिए विभिन्न योजना का निर्माण, अमल एवं निरीक्षण का कार्य करना ।
  9. लाभ का वितरण करना, लाभांश, अनामत, लाभ का पुनः विनियोग से सम्बन्धित कार्यों को करना ।
  10. इकाई की विभिन्न प्रवृत्तियो से सम्बन्धित वृत्तांतो (Report) का अध्ययन करके आवश्यक सूचन करना ।
  11. श्रमिक अधिनियम की व्यवस्थाओं का पालन करवाना ।
5.

संकलन का महत्त्व समझाइए ।

Answer»

संकलन का महत्त्व निम्नलिखित होता है :

  1. संकलन से संचालन के विविध कार्य जैसे कि आयोजन, व्यवस्थातंत्र, मार्गदर्शन, नियंत्रण आदि प्रभावशाली बनते हैं ।
  2. संकलन के कारण इकाई के निर्धारित उद्देश्यों को सिद्ध किया जा सकता है ।
  3. इकाई के विभिन्न विभागों के कार्यों को उनके क्रम और समय के मध्य सन्तुलन बनाये रखने का कार्य संकलन के कारण सम्भव बनता है ।
  4. संकलन से इकाई के विविध विभागो में संवादिता बनी रहती है ।
  5. संकलन के कारण ही इकाई के समस्त कार्य सरलता से किये जा सकते है ।
  6. संकलन से इकाई का कोई भी कार्य बाकी नहीं रहता तथा किसी भी कार्य का पुनरावर्तन नहीं होता ।
6.

संचालन के उच्च स्तर पर होनेवाले कोई भी दो कार्य बताइए ।

Answer»

उच्च स्तर संचालन के दो कार्य निम्न होते है :

  1. धन्धाकीय इकाई के मुख्य एवं गौण उद्देश्यों को निश्चित करना ।
  2. संचालक धन्धाकीय इकाई के ट्रस्टी के रूप में कार्य करते है ।
7.

संचालन के समस्त कार्य करने हेतु मानवशक्ति की व्यवस्था करना यह कौन-से संचालन का कार्य है ?

Answer»

मानव शक्ति की व्यवस्था करना यह मानव संसाधन संचालन का कार्य है ।

8.

What is an excellent quality of India?

Answer»

An excellent quality of India is unity in diversity.

9.

संचालन एक व्यवसाय के रूप में है, जिनमें कौन-कौन से लक्षण देखने को मिलते है ? समझाइए ।

Answer»

संचालन एक व्यवसाय है, इनमें निम्न लक्षण देखने को मिलते है ।

(1) विशिष्ट प्रकार का ज्ञान : व्यवसाय के प्रकार के अनुरूप इनमें विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता पड़ती है । जैसे वकील के व्यवसाय हेतु L.L.B. की पदवी अनिवार्य होती है । ठीक इसी तरह डॉक्टर के व्यवसाय हेतु MBBS, M.D., M.S., BDS, MDS की पदवी (डिग्री) प्राप्त करनीपड़ती है, ठीक इसी तरह संचालन का भी विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करने के लिए B.B.A. एवं M.B.A. की डिग्री प्राप्त करनी पड़ती है ।

(2) ज्ञान में वृद्धि तथा संशोधन का कार्य : प्रत्येक व्यवसाय की तरह संचालन में भी अनुभव तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने के कारण ज्ञान में वृद्धि तथा संशोधन होता है ।

(3) व्यवसायी मण्डल : विविध व्यवसाय के क्षेत्र में जिस तरह के मण्डल/संगठन हैं, ठीक इसी तरह संचालन के क्षेत्र में भी मण्डल होते है, जो कि संचालन का शिक्षण व प्रशिक्षण देने का कार्य करती है । भारत में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालन का ज्ञान प्रदान करने वाली संस्था IIM अर्थात् Indian Institute of Management कार्यरत हैं ।

(4) आचारसंहिता का पालन : प्रत्येक व्यवसायिक मण्डल अपने व्यवसाय के सदस्यों के लिए आचारसंहिता का निर्माण करते है । प्रत्येक सदस्यों को इनका पालन करना अनिवार्य होता है ।

(5) नैतिक दायित्व : व्यवसाय में नैतिक दायित्व निभाना पड़ता है जिसमें व्यवसायी व्यक्ति अपने व्यवसाय के प्रति निष्ठावान रहकर नैतिक दायित्व निभाते है । जैसे CA द्वारा अपने व्यवसाय में अपने ग्राहक अथवा व्यापारी व कम्पनी के प्रति अर्थात् असील की माहिती प्रकाशित न करना तथा उनके प्रति वफादार रहना ।

10.

वित्तीय संचालन किसे कहते हैं ?

Answer»

वित्तीय संचालन अर्थात् वित्तीय कार्य का संचालन, वित्तीय कार्य अर्थात् वित्त प्राप्त करना और वित्त का उपयोग करने का कार्य, आय के वितरण का कार्य यह कार्य ध्येयपूर्ण और कार्यक्षम रूप से होना चाहिए ।

11.

संचालन एक विज्ञान है । (Management as a Science) समजाइए ।

Answer»

विज्ञान अर्थात् व्यवस्थित और विशिष्ट प्रकार का ज्ञान । जिसमें से नियमों तथा सिद्धान्तों को स्थापित किया जा सकता है और कार्यकारण का सम्बन्ध स्थापित किया जाये वह विज्ञान है ।

संचालन विज्ञान के विभिन्न लक्षण देखने को मिलते है । जैसे कि, व्यवस्थित ज्ञान, सर्वव्यापकता, कारण और असरों के सम्बन्ध, वास्तविकताएँ, विश्लेषण और प्रयोगों का आधार, नियमों की जाँच आदि । संचालन के विज्ञान की तरह अपने विशिष्ट सिद्धान्त है । जिनके द्वारा मानव, यंत्र, पूँजी, पद्धति आदि का व्यवस्थित उपयोग होता है । इस तरह, संचालन एक विज्ञान है । डॉ. ज्योर्ज टेरी बताते है कि, ‘विज्ञान व्यक्ति को जानकारी प्रदान करता है । (Science Teaches one to know.)’

12.

Where does the maximum rainfall take place in India? (a) In Ladakh (b) In Rajasthan (c) In Mawsynram (d) In Chennai

Answer»

(c) In Mawsynram

13.

संचालन का महत्त्व (Importance of Management) समझाइए ।

Answer»

आधुनिक समय में संचालन बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है । किसी भी क्षेत्र की प्रवृत्तियों की सफलता या असफलता का आधार उनके संचालन पर रहता है ।

संचालन का महत्त्व निम्न बातो से स्पष्ट होता है :

(1) प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक : संचालन यह मात्र उद्योग-धन्धो में नहीं बल्कि धार्मिक, संरक्षण, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक तथा खेलकूद जैसी विविध प्रवृत्तियों में आवश्यक होता है । इस तरह इन समस्त प्रवृत्तियों में आयोजन, व्यवस्थातंत्र, मार्गदर्शन व नियंत्रण जैसे संचालन के विविध कार्य करने पड़ते है ।

(2) साधनों का महत्तम उपयोग : संचालन द्वारा इकाई में उपलब्ध सभी साधन जैसे भूमि, पूँजी, कच्चा माल, कर्मचारी तथा यंत्र आदि का महत्तम उपभोग हो सकता है तथा दुरूपयोग रोका जा सकता है ।

(3) ध्येय प्राप्ति : धन्धाकीय इकाई में ध्येय की प्राप्ति हेतु संचालन अनिवार्य होता है । संचालन के द्वारा ही साधनों का महत्तम उपयोग सम्भव हो सकता है । इस प्रकार इकाई के ध्येयों को प्राप्त किया जा सकता है ।

(4) धन्धे की सफलता हेतु उपयोगी : धन्धाकीय इकाई की सफलता में अन्य परिबलो की तुलना में संचालन का विशेष योगदान होता है । धन्धे की सफलता या असफलता का आधार संचालन पर निर्भर करता है । लघु औद्योगिक इकाइयाँ जो वृहद औद्योगिक इकाईयों का स्वरूप धारण कर सकती हो तो इनमें समस्त योगदान संचालन का होता है । कार्यदक्ष संचालन के कारण ही घाटे में चलनेवाली इकाई लाभ कमानेवाली इकाई बन सकती है ।

(5) रोजगार के अवसर में वद्धि : यदि संचालन कार्यदक्ष हो तो कम्पनी स्वरूप का विकास होता है, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है । जबकि अकार्यक्षम संचालन के कारण बहुत-सी कम्पनियाँ बंद हो जाती है, जिससे बेकारी के प्रमाण में वृद्धि होती है ।

(6) लाभ में वृद्धि : धन्धाकीय इकाई सामान्यत: लाभ के उद्देश्य से ही कार्य करती है । कार्यक्षम और कुशल संचालक अपनी सूडा व योग्यता द्वारा उपलब्ध समस्त साधनों का मितव्ययिता पूर्वक महत्तम उपयोग करके अधिकतम लाभ कमा सकती है । इस प्रकार कहा जा सकता है कि लाभ ही धन्धे की कार्यक्षमता और सफलता का मापदण्ड कहलाता है ।

(7) सामाजिक लाभ : प्रत्येक इकाई समाज में रहकर ही समाज के लिए कार्य करती है । समाज के साधनों का उपयोग करके समाज में स्थित लोगों के लाभ हेतु अपनी कामगीरी करती है । धन्धे की सफलता समाज की समृद्धि तथा सुख में वृद्धि करती है। धन्धाकीय इकाइयाँ विविध वस्तुओं और सेवाओं का कम लागत पर उत्पादन करती है । समाज को उचित मूल्य पर वस्तुएँ प्रदान करती है जिससे समस्त समाज का कल्याण होता है ।

(8) राष्ट्र के विकास हेतु : देश के अर्थतंत्र में आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्र के विकास के लिए अनुपयोगी मानव सम्पत्ति तथा उपयोग
में न लिये गये उत्पादन के साधनों का महत्तम उपयोग हेतु कार्यक्षम संचालन आवश्यक होता है ।

इस तरह संचालन के महत्त्व के रूप में निम्न परिभाषाएँ दी गई है :

  1. अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति रूजवेल्ट : ‘एक सरकार बिना अच्छे संचालन के रेत पर बने मकान के समान है ।’
    Roosevelt : ‘A Government without good management is a house built on send.’
  2. लारेन्स एप्पले : ‘संचालन व्यक्तियों का विकास है ।’
    Lowrence Appley : ‘Management is Development of Men.
  3. डॉ. जॉन. एफ. मी. : ‘संचालन किसी भी राष्ट्र के आर्थिक विकास की मुख्य कुंजी (उत्तर- पुस्तिका) है ।
14.

आयोजन यह धन्धाकीय साहस का मस्तिष्क है, तो व्यवस्थातंत्र यह क्या है ?(A) हृदय(B) हाथ-पैर(C) शारीरिक ढाँचा(D) रक्त

Answer»

सही विकल्प है (C) शारीरिक ढाँचा

15.

संचालन एक कला है (Management as an Art) उपरोक्त कथन समझाइए ।

Answer»

संचालन एक कला है, उपरोक्त कथन सही है । कला अर्थात् कार्य करने में व्यक्ति को निपुणता या कौशल । लेकिन इस कौशल्य का उपयोग करने के लिए सम्बन्धित कार्य का सैद्धान्तिक ज्ञान भी व्यक्ति के पास से होना चाहिए ।

संचालन के नियमों और सिद्धान्तों का व्यवहार में उपयोग करते समय व्यक्तिगत कुशलता, सूझ और चातुर्य महत्त्व की भूमिका निभाते है । सिद्धान्तों का मात्र पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं होता है । इस ज्ञान का उपयोग करने के लिए तकनिकी कला की भी उतनी ही आवश्यकता होने से संचालक को अपने व्यक्तिगत कुशलता और योग्यता के अनुरूप आवश्यक परिवर्तन करने पड़ते है । डॉ. ज्योर्ज टेरी बताते है कि ‘कला व्यक्ति को काम करना सीखाती है । (Art Teaches one to do.)

संचालन मात्र विज्ञान भी नहीं या मात्र कला भी नहीं । संचालन विज्ञान और कला दोनों का सुन्दर समन्वंय है । जिससे ही कहा जा सकता है कि, ‘संचालन न तो भौतिकशास्त्र जैसा शुद्ध विज्ञान ना ही शिल्प जैसी शुद्ध कला ।’

16.

इनमें से बाजार-संचालन का कार्य कौनसा है ?(A) आय का वितरण(B) उत्पादन(C) उत्पादन मिश्र(D) वित्त का उपयोग

Answer»

सही विकल्प है (C) उत्पादन मिश्र,

17.

मध्य स्तर संचालन दूसरे किस नाम से पहचाना जाता है ?

Answer»

मध्य स्तर संचालन को अधिकारियों के स्तर के नाम से जाना जाता है ।

18.

बाजार संचालन (Marketing Management) का अर्थ, तथा इनके कार्य समझाइए ।

Answer»

बाजार संचालन का अर्थ (Meaning of Marketing Management) : माल या सेवा को उत्पादक के पास से ग्राहकों तक पहुँचाने की प्रक्रिया को विस्तृत अर्थ में बाजार संचालन कहते हैं ।

(1) कार्य (Function) : उत्पाद अथवा उत्पाद मिश्रण : नवीन उत्पाद का उत्पादन करना अथवा चालू उत्पादों के विकास के निर्णय में उत्पाद का रुप, रंग, कद, आकार, वजन, छाप, पैकिंग, कार्य सम्बन्धी विश्वास (गारन्टी), विक्रय पश्चात की सेवाएँ तथा उत्पाद । वैविध्यकरण का समावेश होता है ।

(2) कीमत : इकाई के वर्तमान ग्राहक योग्य गुणवत्तावाली वस्तुयें उचित मूल्य पर प्राप्त हो ऐसी अपेक्षा रखते है । जिससे उत्पादन का मूल्य तय करते समय काफी सावधानी रखनी चाहिए । मूल्य सम्बन्धी निर्णयों में विक्रय नीति, शान नीति, बट्टा के बारे में नीति, थोकबंद अथवा फुटकर विक्रय, मध्यस्थियों का कमीशन आदि बातों को ध्यान में लिया जाता है ।

(3) वितरण : वितरण के निर्णयों में स्वयं की दुकानों द्वारा विक्रय, थोकबंद व्यापारियों द्वारा, फुटकर व्यापारियों द्वारा, एजेण्ट, वाहन व्यवहार के प्रश्नों आदि बातों को ध्यान में लिया जाता है । वितरण की बात धन्धे के कद तथा विस्तार के साथ जुड़ा हुआ है ।

(4) अभिवृद्धि : अभिवृद्धि अर्थात् विक्रय में महत्त्वपूर्ण वृद्धि करने के प्रयत्न । जिसमें माल का विज्ञापन करना, प्रसिद्धि करना, विक्रेता आ द्वारा व्यक्तिगत विक्रय करना तथा विक्रय वृद्धि के लिए ग्राहक और व्यापारियों को आकर्षित करना आदि बातों का समावेश होता है । अभिवृद्धि सम्बन्धी निर्णयों के कारण कई तरह के खर्च होते है परन्तु उनके सामने विक्रय बढ़ने से इकाई के लाभ में वृद्धि होती है ।

19.

मुख्य प्रबन्धकीय अधिकारी की ओर से प्राप्त आदेशों और सूचनाओं का अमल कौन से स्तर पर करते है ?

Answer»

मुख्य प्रबन्धकीय अधिकारी की ओर से प्राप्त आदेशों और सूचनाओं का अमल मध्य स्तर संचालन पर करते है ।

20.

मार्केटिंग का ख्याल ग्राहकलक्षी है ।

Answer»

बाजार संचालन में Marketing से सम्बन्धित विभिन्न कार्यों की विचारण के समय ग्राहकों को अधिक से अधिक सन्तुष्टि मिले
इस बात को ध्यान में लिया जाता है । यदि Marketing की प्रवृत्तियों का अनुकरण किया जाये तो ग्राहकों को सन्तुष्टि प्रदान । करने से ग्राहकों की माँग बढ़ती है, जिससे बिक्री बढ़ती है । तथा लाभ में वृद्धि होती है । मार्केटिंग में मुख्य रूप से उत्पादन, मूल्य, वितरणं तथा अभिवृद्धि सम्बन्धी कार्यों का अनुकरण किया जाता है ।

यह प्रत्येक कार्य के समय ग्राहकों को किस तरह अधिक सन्तुष्टि मिले, इस बात को ही ध्यान में लिया जाता है । इस तरह Marketing (बाजार) के ख्याल को ग्राहकलक्षी ख्याल के रूप में पहचाना जाता है ।

21.

उत्पादन संचालन का अर्थ व कार्य बताइए ।

Answer»

उत्पादन संचालन का अर्थ (Meaning of Production Management) : उत्पादन संचालन अर्थात् उत्पादन का आयोजन करने की, कार्यक्रम निश्चित करने की, संकलन सिद्ध करने की, मार्गदर्शन देने की और नियंत्रण रखने की एक प्रक्रिया है ।

कार्य : उत्पादन संचालन के कार्य निम्न होते हैं :

  1. उत्पादन के बारे में आयोजन करना ।
  2. उत्पादन हेतु संशोधन करना ।
  3. वस्तु विकास तथा उत्पादन मिश्रण का चयन करना ।
  4. तकनिकी तथा यंत्रों का चयन करना ।
  5. धन्धे के स्थान का चयन एवं यंत्र-विन्यास का निर्णय लेना ।
  6. मालसामग्री तथा उत्पादन के लिए अन्य आवश्यकताओं का अन्दाज प्राप्त करना ।
  7. उत्पादन नियंत्रण रखना ।
  8. गुणवत्ता रक्षण करना ।
  9. खर्च अथवा लागत नियंत्रण तथा उत्पादकता की देखरेख्न सुरक्षा एवं वृद्धि हो इस प्रकार के कार्यों करना ।
  10. उत्पादन में वैविध्यकरण तथा सरलता लाना ।
22.

संचालन की मुख्य शाखा बाजार संचालन कहलाती है ।

Answer»

बाजार संचालन संचालन की मुख्य शाखा कहलाती है । संचालकों का सम्पूर्ण ध्यान इकाई के संचालन पर नहीं परन्तु अधिकांशतः ध्यान बाजार पर भी रहता है । ग्राहकों पर इकाई का विकास निर्भर है । इकाई के द्वारा योग्य वस्तु योग्य कीमत, अधिक उत्पादन, योग्य पेकिंग हो लेकिन इस वस्तु की जानकारी ग्राहक वर्ग को ही न हो तो विक्रय हो ही नहीं सकता अत: बाजार संचालन में विज्ञापन का योग्य माध्यम, योग्य पेकिंग, वितरण की व्यवस्था बिक्री पश्चात की सेवा, स्थायी ग्राहकों की संख्या में वृद्धि इत्यादि कार्य किए जाते हैं । अत: संचालन की मुख्य शाखा बाजार संचालन कहलाती है ।

23.

Explain the average annual rainfall.

Answer»

The amount of water falling in the form of rain, snow, etc. within a given year and area, usually expressed as a hypothetical depth of coverage.

24.

Which are the main soils found in our country?

Answer»

There are many types of soils found in India and the major ones are-alluvial soil, black soil, red soil, yellow soil, brown soil, loamy soil.

25.

Into how many categories is diversity divided in India?

Answer»

The diversity in India is divided into three categories: 

1. natural diversity 

2. economic diversity 

3. demographic diversity

26.

Name any three energy – resources that have immense possibility of development in India.

Answer»

There is immense possibility for the development of energy – resources like atomic energy, solar energy, bio – gas energy and wind energy.

27.

संचालन का आरम्भ कौन से समय में हुआ था ?

Answer»

संचालन का आरम्भ अति प्राचीन समय में हुआ था ।

28.

What is the expanse of Great River Plains in India?

Answer»

The great river plains in India spread between the foothill areas of the northern mountainous region and the southern plateau.

29.

ध्येय प्राप्ति के लिए धन्धाकीय इकाइयो में क्या अनिवार्य है ?(A) संचालन(B) आयोजन(C) अन्दाज-पत्र(D) नियंत्रण

Answer»

सही विकल्प है (A) संचालन

30.

Name the residual mountain ranges found in India.

Answer»

The major residual mountain ranges found in India are – Aravalli, Vindhyachal and Satpura mountain range.

31.

इनमें से किसका समावेश संचालन के किसी भी स्तर में नहीं होता ?(A) निरीक्षक(B) जॉबर(C) कर्मचारी(D) हिसाबी अधिकारी

Answer»

सही विकल्प है (C) कर्मचारी

32.

अन्य व्यक्तियों के पास से काम लेने की कला को क्या कहते हैं ?(A) आयोजन(B) संचालन(C) मार्गदर्शन(D) संकलन

Answer»

सही विकल्प है (B) संचालन

33.

वृहद इकाइयों में कौन से प्रश्न उत्पन्न होते है ?

Answer»

वृहद इकाइयों में पूँजी सम्बन्धी, उत्पादन सम्बन्धी, बाजार सम्बन्धी एवं कर्मचारी सम्बन्धी प्रश्न उत्पन्न होते है ।

34.

निरीक्षको का स्तर इनमें से कौन-सा कहलाता है ?(A) उच्च स्तर संचालन(B) मध्यस्तर संचालन(C) निम्नस्तर संचालन(D) इनमें से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (C) निम्नस्तर संचालन

35.

निम्न स्तर को दूसरे किस नाम से पहचाना जाता है ?(A) कार्यकारी स्तर(B) कर्मचारी स्तर(C) नीति विषयक स्तर(D) अधिकारियों का स्तर

Answer»

सही विकल्प है (A) कार्यकारी स्तर

36.

धन्धाकीय इकाइयों के कौन से स्वरूपों में मालिक स्वयं ही धन्धे के कामकाज करते थे ?

Answer»

धन्धाकीय इकाइयों के स्वरूपो में व्यक्तिगत मालिकी तथा साझेदारी संस्था में मालिक स्वयं ही धन्धे के कामकाज करते थे ।

37.

Which matchless gift has the nature provided to India?

Answer»

The matchless gift which nature has provided to India is “Unity in Diversity.”

38.

संचालन यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है ।

Answer»

किसी भी इकाई में संचालन का प्रारंभ करने के बाद अंत आता नहीं है या उसे रोका नहीं जा सकता । संचालन यह उद्देश्यलक्षी प्रक्रिया है परंतु इकाई के निश्चित किये गये उद्देश्य सिद्ध होने पर प्रक्रिया रूकती नहीं है । नये उद्देश्य और नये लक्ष्यांक संचालक द्वारा निश्चित किये जाते है । और उसे सिद्ध करने के लिए विविध प्रवृत्ति और प्रक्रियाएँ की जाती हैं । इस प्रकार, संचालन में उद्देश्य निश्चित करना, उद्देश्य सिद्ध करना और फिर से उद्देश्य निश्चित करने का चक्र सतत चलता रहता है । इस प्रकार संचालन सतत चलने वाली प्रक्रिया है ।

39.

मध्य स्तर यह उच्च एवं निम्नस्तर के बीच सांकड या जंजीर के समान है ।

Answer»

यह विधान सत्य है । मध्यस्तर में विभागीय अधिकारियों का समावेश होता है । जैसे क्रय, उत्पादन एवं बिक्री, विभाग में अधिकारी, मध्यस्तर में विभागीय अधिकारी अपने विभाग के सम्पूर्ण जानकार व्यक्ति होते हैं ।

अपने विभाग से सम्बन्धित आयोजन तैयार करते हैं । इनकी संख्या उच्च स्तर से अधिक तथा निम्न स्तर से कम होती है । उच्च स्तर के संचालक मंडलो से प्राप्त आदेश को स्वीकार करते हैं । आदेश से अनुसार कार्य का आयोजन तैयार करते हैं । तथा समयानुसार निम्न स्तर को कार्य के आयोजन को लिखित या मौखिक जानकारी स्वयं या माहिती संचार के माध्य से प्रदान करते है । इसके पश्चात निम्न स्तर ने समयानुसार एवं कार्य के आयोजन अनुसार कार्य हुआ उसकी जानकारी प्राप्त करते है । उच्च स्तर से प्राप्त आदेश अनुसार उसका परिपालन किया कितना किया उसकी जानकारी विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग की जानकारी उच्च स्तर के अधिकारीगणों को प्रदान करते हैं । इसलिए मध्य स्तर यह उच्च एवं निम्न स्तर की कड़ी के समान है ।

40.

निम्न स्तर कार्यकारी स्तर के समान है ।

Answer»

संचालन का यह तीसरा स्तर है । इस स्तर में समाविष्ट व्यक्तियों की संख्या अधिक होती है । तथा इस विभाग में समाविष्ट फोरमेन, जोबर, सुपरवाइजर इत्यादि अपने-अपने उपविभाग के विशेष जानकार व्यक्ति होते हैं । उच्च एवं मध्यस्तर के द्वारा आदेश निम्न स्तर को दिए जाते हैं । निम्न स्तर के लोगों के द्वारा मात्र प्राप्त आदेशों का परिपालन कर्मचारी गणों से करवाना होता है । ये अपने कर्मचारीगणों से प्राप्त आदेश के अनुसार समयानुसार कार्य करवाने में तथा कार्य में उत्साह बढ़ाने में अधिक महत्त्वपूर्ण होते है । निम्नस्तर में समाविष्ट व्यक्ति कार्य को कैसे, कितने समय में, किस प्रकार, तथा कम समय में अधिक से अधिक कार्य करवाने में यह स्तर अधिक कुशल होता है । इस स्तर के लोगों द्वारा उच्च एवं मध्य स्तर के अधिकारीगणों को आदेश नहीं दिए जाते मात्र आदेश, सूचन, कार्य का आयोजन प्राप्त किया जाता है । कार्य करवाने में आनेवाली रुकावटों के लिए मात्र सुझाव, विचार, व्यक्त किये जाते हैं । जिस पर मध्य एवं उच्च स्तर विचार करके सुधार करने में या योग्य साधन जुटाने में सहभागी बनता है । अतः हम कह सकते है कि निम्नस्तर यह कार्यकारी स्तर के समान है ।

41.

व्यावसायिक संगठन अपने व्यवसाय के लिए किन बातों का निर्माण करते है ?(A) विसंगतता(B) असंगतता(C) आचारसंहिता(D) विचारसंहिता

Answer»

सही विकल्प है (C) आचारसंहिता

42.

संचालन के स्तर कितने है ?(A) एक(B) दो(C) तीन(D) चार

Answer»

सही विकल्प है (C) तीन

43.

आयोजन और अंकुश जुड़वा बालक के समान है ।

Answer»

आयोजन में प्रवृत्ति के बारे में समय के संदर्भ में लक्ष्यांक निश्चित किये जाते हैं और अंकुश अर्थात् निश्चित लक्ष्यांक या आधार के अनुसार कार्य हो रहा है या नहीं उसकी जाँच करके की गई भूलों का पुनरावर्तन रोकना है । इस प्रकार अंकुश कार्य करते समय आयोजन को ध्यान में लिया जाता है ।

आयोजन में अगर खामी रह गई हो तो अंकुश कार्य भी निष्फल होगा उसी प्रकार आयोजन योग्य हो परंतु अंकुश कार्य में लापरवाही रही होगी तो भूलों का पुनरावर्तन चालू रहेगा और आयोजन में निश्चित किये गये लक्ष्यांक समयसर सिद्ध करना मुश्किल होगा । … इस चर्चा पर से कहा जा सकता है कि एक कार्य की तकलीफ दूसरे कार्य को बिनअसरकारक बनाती है । जुड़वे बालक में भी एक की तकलीफ हो तो दूसरे पर असर होती है । इसी बात को ध्यान में रखकर आयोजन व अंकुश को जुड़वे बालक के समान माना है ।

44.

संचालन के विज्ञान की तरह ही अपने महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त है । इन सिद्धान्तों द्वारा किसका योग्य उपयोग किया जाता है ?

Answer»

संचालन के विज्ञान की तरह ही अपने महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त है । इन सिद्धान्तों द्वारा मानवो, यंत्रो, पूँजी, पद्धतियों इत्यादि का योग्य उपयोग किया जाता है ।

45.

संचालन यह कला और विज्ञान दोनों है ।

Answer»

संचालन को कला और विज्ञान की कसौटी पर रखा जाये तो संचालन कला और विज्ञान दोनों है यह स्पष्ट होता है । संचालन में विज्ञान तथा कला दोनों के तत्व देखने को मिलते हैं । इससे संचालन कला और विज्ञान दोनों है । ऐसा कहा जा सकता है । श्री ज्योर्ज आर. टेरी कहते हैं कि ‘विज्ञान व्यक्ति को बताना सिखाता है, तो कला व्यक्ति को काम करना सिखाती है ।’ उन्होंने कहा कि कहाँ संचालन विज्ञान पूरा होता है वहाँ संचालन कला की शुरुआत होती है । इस प्रकार संचालन मात्र कला भी नहीं और विज्ञान भी नहीं है परंतु दोनों का सुभग समन्वय है ।

46.

मध्य स्तर संचालन को दूसरे किस नाम से पहचाना जाता है ?

Answer»

मध्य स्तर संचालन को अधिकारियों के स्तर के नाम से पहचाना जाता है ।

47.

निरीक्षको का स्तर अर्थात कौन-सा स्तर ?

Answer»

निरीक्षकों का स्तर अर्थात् निम्न स्तर संचालन ।

48.

संचालन का लाभ किन-किन को मिलता है ?

Answer»

संचालन का लाभ व्यक्ति, समाज और समग्र राष्ट्र को मिलता है ।

49.

संचालन विकसित हो रहा विज्ञान है ।

Answer»

विज्ञान अर्थात् व्यवस्थित ज्ञान । संचालन में भी विज्ञान की तरह अनुभव के आधार पर सूचना एकत्रित कर उससे संबंधित सिद्धांत या नियमों की स्थापना की जाती है । कॉम्प्यूटर का उपयोग करके संचालन को अधिक वैज्ञानिक किया जा रहा है । संचालन ज्ञान का विकास होता जा रहा है । धीमे-धीमें नये-नये नियम और सिद्धांत शामिल होते जा रहे है और पुराने सिद्धांतो में परिवर्तन होता जा रहा है । इस पर से कहा जा सकता है कि संचालन विकसित हो रहा विज्ञान है ।

50.

IIM संज्ञा समझाइए ।

Answer»

IIM अर्थात् Indian Institute of Management का संक्षिप्त नाम है, जिसका अर्थ होता है, भारतीय प्रबन्धन संस्थान । यह संस्था भारत में संचालन विज्ञान का शिक्षण प्रदान करने वाली राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है । ये संस्था संचालन के व्यवसाय का विकास करने की कामगीरी करती है ।