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लाभ धन्धे का एक मात्र उद्देश्य नहीं है । |
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Answer» धन्धा लाभ के उद्देश्य से चलता है परन्तु केवल लाभ कमाना ही धन्धे का एक मात्र उद्देश्य नहीं होता । वर्तमान परिस्थिति के अनुसार धन्धे के लाभ के उपरान्त अन्य उद्देश्य भी स्वीकृत हो रहे हैं, जैसे महत्तम सम्पत्ति का सर्जन करना, उचित कीमत पर सेवाएँ देने का उद्देश्य, रोजगार बढ़ाना अथवा बनाये रखने का उद्देश्य, सामाजिक जिम्मेदारी निभाना, प्रतिष्ठा बनाना, देश के विकास में योगदान देना इत्यादि अनेक उद्देश्य स्वीकार किये गए हैं । इस सन्दर्भ में उर्विक के मतानुसार : “जिस प्रकार जीवन का एक मात्र उद्देश्य खाना खाकर पेट भरना ही नहीं होता, ठीक इसी तरह धन्धे का एक मात्र उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता ।” |
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