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This section includes InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

32601.

भारत में जल प्रदूषण की प्रकृति का वर्णन कीजिए।

Answer»

जल प्रदूषण का अर्थ-जब भौतिक, रासायनिक तथा जैविक तत्त्वों द्वारा जलाशयों के जल में ऐसे अनैच्छिक परिवर्तन हो जाएँ जिनसे जैव समुदाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े उसे ‘जल प्रदूषण’ कहते हैं

जल प्रदूषण के कारण

जल प्रदूषण के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

⦁    कृषि में रसायनों का उपयोग,
⦁    नदियों में साबुन से स्नान,
⦁    नगरीय अपशिष्ट,
⦁    अधजली लाशें,
⦁    नदियों के तट पर विभिन्न मेलों, उत्सवों का आयोजन
⦁    शौचालयों की कमी,
⦁    प्राकृतिक कारक,
⦁    समुद्र में पेट्रोलियम का खनन,
⦁    आण्विक कचरा आदि।

जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव

⦁    रोगों का प्रसार-हैजा, पीलिया, टाइफॉइड, पेचिश, फेफड़ों का कैंसर और पेट के अनेक रोग आदि।
⦁    जलीय पौधों और जीव-जन्तुओं की मृत्यु,
⦁    फसलों का नाश,
⦁    मिट्टी की उर्वरता का नाश,
⦁    कुपोषण, एवं
⦁    सागरीय जल का प्रदूषण आदि।

जल प्रदूषण पर नियन्त्रण के उपाय

जल प्रदूषण पर नियन्त्रण के उपाय निम्नलिखित हैं-

⦁    कूड़ा-कचरा केवल कूड़ा-घरों में ही फेंका जाए।
⦁    शौचालयों का निर्माण किया जाए।
⦁    विद्युत शवदाहगृहों की स्थापना की जाए।
⦁    मृत पशुओं के जलाशयों में बहाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जाए।
⦁    औद्योगिक अपशिष्टों का उपचार किया जाए।
⦁    नगरपालिकाओं के मल-जल का शोधन किए बिना नदियों में न डाला जाए।
⦁    कारखानों में कम जल के प्रयोग की उन्नत प्रौद्योगिकी का विकास किया जाए।
⦁    कठोर कानूनों का निर्माण किया जाए साथ ही इनकी पालना भी कठोरता के साथ की जाए।

32602.

ध्वनि प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव को समझाइए।

Answer»

ध्वनि प्रदूषण का मानव के स्वास्थ्य पर निम्नवत् प्रभाव पड़ता है-

⦁    अधिक तेज ध्वनि से कान का पर्दा फट सकता है और मनुष्य स्थायी रूप से बहरा भी हो सकता है।
⦁    ध्वनि प्रदूषण मनुष्य में चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, तनाव, क्रोध तथा रक्तचाप से सम्बद्ध विकार उत्पन्न करता है।
⦁    अकस्मात तेज ध्वनि का हृदय पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। हृदय गति की दर बढ़ जाती है, मनुष्य शिथिल हो जाता है, रुधिर नलिकाएँ सिकुड़ जाती हैं, रुधिर दाब में परिवर्तन आ जाता है।
⦁    ध्वनि प्रदूषण से नींद नहीं आती व आराम नहीं मिलता।

32603.

भारत में नगरीय अपशिष्ट निपटान से जुड़ी प्रमुख समस्याओं का उल्लेख कीजिए।

Answer»

भारत में नगरीय अपशिष्ट निपटान से जुड़ी समस्याएँ-

⦁    मानव मल के सुरक्षित निपटान का अभाव,
⦁    कूड़ा-कचरा संग्रहण की सेवाओं की अपर्याप्त व्यवस्था,
⦁    औद्योगिक अपशिष्टों का जल स्रोतों में प्रवाह,
⦁    नगरों में ठोस अपशिष्ट संग्रहण का अभाव आदि।

32604.

शोर का स्तर किस इकाई में मापा जाता है-(a) डेसीबल में(b) डेसीमल में(c) डेसीमीटर में(d) डेकामीटर में।

Answer»

सही विकल्प है (a) डेसीबल में। 

32605.

वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों का वर्णन कीजिए।

Answer»

वायु प्रदूषण के प्रमुख दुष्प्रभाव वायु प्रदूषण के प्रमुख दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं-

1. मौसम और जलवायु पर दुष्प्रभाव–अनेक प्रकार के रासायनिक प्रदूषकों से ओजोन की परत क्षतिग्रस्त हो जाती है। ओजोन की परत हमें हानिकारक सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बचाती है। कार्बन-डाइ-ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे हिमचादरों के पिघलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

2. मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव-वायु प्रदूषण से फेफड़ों, त्वचा, आँख और गले के रोग फैलते हैं, कभी-कभी तो प्रदूषण इतना घातक होता है कि हजारों लोग मर जाते हैं। सन् 1984 में भोपाल में जहरीली ‘मिक’ गैस के वायु में फैल जाने से 2500 लोग मर गए थे तथा अन्य हजारों जीवन-भर के लिए अपंग हो गए थे।

3. जीव-जन्तुओं और पेड़-पौधों पर दुष्प्रभाव-वायु प्रदूषकों का पेड़-पौधों की पत्तियाँ और तनों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इनकी वृद्धि रुक जाती है। जड़ों द्वारा प्रदूषक रसायन पूरे पेड़ में फैल जाते हैं। इन पेड़-पौधों की पत्तियों, फूलों और फलों को खाने वाले जीव-जन्तु बीमार पड़ जाते हैं।

4. पदार्थों पर दुष्प्रभाव-सल्फर-डाइ-ऑक्साइड, धुआँ, बालू के कण और धूल जैसे वायु प्रदूषक सम्पत्ति और पदार्थों को नुकसान पहुंचाते हैं। वायु प्रदूषण से इमारतें काली पड़ जाती हैं। वायु प्रदूषण के कारण होने वाली अम्ल वर्षा से संगमरमर की चमक नष्ट हो जाती है। यही नहीं उसमें छोटे-छोटे गड्ढे भी पड़ जाते हैं। विश्व प्रसिद्ध आगरा स्थित ताजमहल पर प्रदूषित वायु का विपरीत असर पड़ रहा है।

32606.

मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के क्या प्रभाव पड़ते हैं?

Answer»

मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव-वायु प्रदूषण से अम्ल वर्षा, नगरीय धूम्र, कुहरा, हरितगृह प्रभाव तथा ओजोन गैस का ह्रास होता है। कैंसर, दमा, ब्रोंकाइटिस आदि जानलेवा रोग वायु प्रदूषण के. कारण उत्पन्न होते हैं।

32607.

जल प्रदूषण रोकने के कोई दो उपाय बताइए।

Answer»

⦁    अपशिष्ट पदार्थों के जल स्रोतों में डालने पर प्रतिबन्ध।
⦁    औद्योगिक अपशिष्टों का उपचार किया जाए।

32608.

प्रदूषित जल के सेवन से होने वाला रोग है-(a) हैजा(b) टाइफॉइड(c) पीलिया(d) ये सभी।

Answer»

सही विकल्प है (d) ये सभी।

32609.

विकास की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। 

Answer»

विकास की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

⦁    विकास के अन्तर्गत वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाता है।
⦁    इसमें नवीकरण योग्य साधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है।
⦁    इसमें पर्यावरण प्रदूषण के नियन्त्रण पर विशेष बल नहीं दिया जाता।
⦁    यह एक पुरानी संकल्पना है।
⦁    इसमें संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबन्धन पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता।

32610.

जल प्रदूषण पर नियन्त्रण का उपाय है-(a) अपशिष्टों का उपचार(b) कठोर कानून और पालन(c) शौचालयों का निर्माण(d) उपर्युक्त सभी।

Answer»

(d) उपर्युक्त सभी।  

32611.

सतत पोषणीय विकास की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। 

Answer»

सतत पोषणीय विकास की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

⦁    सतत पोषणीय विकास में भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाता है।
⦁    इसमें नवीकरण योग्य संसाधनों; जैसे-वन, मछली आदि के प्राकृतिक रूप में पुनरुत्पादन और संवर्द्धन पर पूरा-पूरा ध्यान दिया जाता है।
⦁    इसमें पर्यावरण को एक संसाधन माना जाता है।
⦁    सतत पोषणीय विकास अपेक्षाकृत एक नई संकल्पना है।

32612.

प्रादेशिक विषमता उत्पन्न होने के कारणों को समझाइए।

Answer»

प्रादेशिक विषमता उत्पन्न होने के निम्नलिखित कारण हैं-

⦁    देश के अधिकांश पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
⦁    द्वितीय पंचवर्षीय योजना में देश के गिने-चुने भागों में बड़े-बड़े कारखाने स्थापित किए गए। इन उद्योगों की स्थापना से अन्तः प्रादेशिक विषमताएँ बढ़ गईं।
⦁    60 के दशक में आयी हरित क्रान्ति ने भी आर्थिक विषमता को बढ़ावा दिया।
⦁    उदारीकरण, निजीकरण तथा वैश्वीकरण के कारण भी विकास केवल सुविधाजनक क्षेत्रों में ही तेजी से हो रहा है, सभी क्षेत्रों में नहीं। इससे प्रादेशिक विषमता बढ़ रही है।
⦁    पक्षपातपूर्ण निवेश भी आर्थिक विषमता को बढ़ा रहा है।

32613.

जल प्रदूषण अधिनियम कब पारित किया गया-(a) सन् 1972 में(b) सन् 1974 में(c) सन् 1980 में(d) सन् 1982 में।

Answer»

(b) सन् 1974 में। 

32614.

कौन-सी योजना में स्पष्ट रूप से विकास की विचारधारा पर जोर दिया गया-(a) द्वितीय(b) तृतीय(c) चतुर्थ(d) पंचम।

Answer»

सही विकल्प है (c) चतुर्थ।

32615.

सतत पोषणीय विकास की संकल्पना कब की गई?

Answer»

सतत पोषणीय विकास की संकल्पना सन् 1987 में की गई। 

32616.

2 नवम्बर 1984 से पहले इन्दिरा गांधी नहर का क्या नाम था? 

Answer»

2 नवम्बर 1984 से पहले इन्दिरा गांधी नहर का नाम ‘राजस्थान नहर’ था।  

32617.

नियोजन का क्या अर्थ है? नियोजन के उपगमन को समझाइए।

Answer»

नियोजन का अर्थ-किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए-

⦁    सोच-विचार करना,
⦁    कार्यों व प्राथमिकताओं का क्रम विकसित करना तथा
⦁    उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम करना, ‘नियोजन’ कहलाता है।

नियोजन जिन समस्याओं को ध्यान में रखकर किया जाता है वे समस्याएँ स्थायी न होकर परिवर्तनीय होती हैं। नियोजन की अवधि भी अलग-अलग होती है।
नियोजन के उपगमन-सामान्यत: नियोजन के दो उपगमन होते हैं-

1.खण्डीय नियोजन-नियोजन के इस प्रकार में अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों; जैसे-कृषि, सिंचाई, विनिर्माण, ऊर्जा, परिवहन, संचार, सामाजिक अवसंरचना और सेवाओं के लिए कार्यक्रम बनाए और लागू किए जाते हैं।

2. क्षेत्रीय नियोजन-किसी भी क्षेत्र के सभी भागों में एक समान आर्थिक विकास नहीं पाया जाता। कुछ क्षेत्र अधिक विकसित हो जाते हैं व अन्य कुछ पिछड़े रह जाते हैं। विकास की यह क्षेत्रीय असमानता नियोजकों को प्रेरित करती है कि वे नियोजन का स्थानिक परिप्रेक्ष्य अपनाते हुए ऐसी योजनाएँ बनाएँ जिनसे विकास में प्रादेशिक असन्तुलन कम हो सके। इस प्रकार के नियोजन को क्षेत्रीय नियोजन’ कहा जाता है।

32618.

कृषि जलवायु नियोजन का आरम्भ कब किया गया-(a) सन् 1988 में(b) सन् 1974 में(c) सन् 1966 में(d) सन् 1992 में।

Answer»

(b) सन् 1974 में। 

32619.

लक्ष्य क्षेत्र नियोजन को समझाइए।

Answer»

जो क्षेत्र आर्थिक विकास की दौड़ में पिछड़ गए हैं उनके नियोजन पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। आप जानते हैं कि किसी क्षेत्र का आर्थिक विकास उसके संसाधन आधार (Resources Base) पर निर्भर करता है, लेकिन कई बार संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र भी पिछड़े रह जाते हैं। आर्थिक विकास के लिए संसाधनों के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान और पूँजी की भी आवश्यकता होती है।
भारत में पहली तीन पंचवर्षीय योजनाओं का परिणाम यह रहा कि आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विषमता और अधिक बढ़ती जा रही है। विकास का फल आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों और लोगों, विशेषतया स्त्रियों को उस हिसाब से नहीं मिल पाया जिसकी उम्मीद थी, अत: प्रादेशिक और सामाजिक विषमताओं को कम करने के लिए योजना आयोग ने योजना के दो नए उपगमनों ‘लक्ष्य क्षेत्र’ और ‘लक्ष्य समूह’ को प्रस्तुत किया है। लक्ष्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए जो कार्यक्रम इस देश में बनाए गए हैं, उनमें कमाण्ड एरिया डेवलपमेण्ट प्रोग्राम, सूखा प्रवण क्षेत्र विकास कार्यक्रम, मरुस्थल क्षेत्र विकास कार्यक्रम तथा पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम प्रमुख हैं।

इसी तरह लक्ष्य समूह विकास को ध्यान में रखते हुए लघु कृषक विकास अभिकरण (SFDA) तथा सीमान्त कृषक विकास अभिकरण (MFDA) जैसे कार्यक्रम चलाए गए।

आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान उत्तर-पूर्वी राज्यों, जनजातीय क्षेत्रों एवं पिछड़े क्षेत्रों में ढाँचागत सुविधाओं का विकास करने के लिए ‘विशिष्ट क्षेत्र विकास कार्यक्रम’ लागू किया गया।

32620.

सतत पोषणीय विकास को प्राप्त करने का कौन-सा उपाय ठीक नहीं है(a) अवशिष्ट पदार्थों का पुन: उपयोग(b) सही प्रविधि का प्रयोग(c) नवीकरण योग्य संसाधनों का कम प्रयोग(d) पर्यावरण प्रदूषण पर रोकथाम।

Answer»

(c) नवीकरण योग्य संसाधनों का कम प्रयोग। 

32621.

इन्दिरा गांधी नहर का निर्माण कितने चरणों में पूरा हुआ-(a) दो(b) तीन(c) चार(d) पाँच।

Answer»

सही विकल्प है (a) दो

32622.

आई०टी०डी०पी० निम्नलिखित में से किस सन्दर्भ में वर्णित है-(क) समन्वित पर्यटन विकास प्रोग्राम(ख) समन्वित यात्रा विकास प्रोग्राम(ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम(घ) समन्वित परिवहन विकास प्रोग्राम।

Answer»

(ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम। 

32623.

पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम की व्याख्या कीजिए।

Answer»

विशिष्ट पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में आरम्भ हुआ और इसमें उत्तराखण्ड, मिकिर पहाड़ी और असम की उत्तरी कछार की पहाड़ियाँ, पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला तथा तमिलनाडु के नीलगिरि इत्यादि को मिलाकर 15 जिले शामिल हैं। पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए बनी राष्ट्रीय समिति ने सन् 1981 में सिफारिश की कि देश के उन सभी पर्वतीय क्षेत्रों को पिछड़े पर्वतीय क्षेत्रों में शामिल कर लिया जाए जिनकी ऊँचाई 600 मीटर से अधिक है और जिनमें जनजातीय उपयोजना लागू नहीं है।

राष्ट्रीय समिति ने पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए जो सुझाव दिए, उनमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखा गया था

⦁    कार्यक्रम का लाभ पहाड़ी क्षेत्र के सभी लोगों तक पहुँचे।
⦁    स्थानीय संसाधनों व प्रतिभाओं का विकास हो सके।
⦁    पहाड़ी लोग अपनी जीविका-निर्वाह अर्थव्यवस्था को निवेश-उन्मुखी बनाएँ व कुछ लाभ कमाना सीखें।
⦁    अन्तः प्रादेशिक व्यापार में पिछड़े अर्थात् पर्वतीय क्षेत्रों का शोषण न होने पाए।
⦁    पिछड़े क्षेत्रों की बाजार व्यवस्था में सुधार करके श्रमिकों को लाभ पहुँचाना।
⦁    पारिस्थितिकीय सन्तुलन बनाए रखना।

पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की योजनाएँ बनाते समय उनकी स्थलाकृति, पारिस्थितिकी व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दशाओं को ध्यान में रखा गया था।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों को पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मृदा संरक्षण, वृक्षारोपण तथा उद्यान खेती इत्यादि का प्रशिक्षण देकर तथा उन्हें इन कार्यक्रमों में शामिल करके स्थानीय संसाधनों का दोहन करना था।

32624.

सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें। यह कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में कैसे सहायक है?

Answer»

सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम-यह कार्यक्रम चौथी योजना में शुरू किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूखा प्रवण क्षेत्रों में गरीब ग्रामीण लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा सूखे के प्रभाव को कम करना था। इसमें भूमि तथा मजदूर की उत्पादकता में वृद्धि के लिए विकासात्मक कार्य शुरू किए गए थे। समन्वित विकास पर विशेष जोर दिया गया था। ये कार्यक्रम सिंचाई परियोजनाओं, भूमि विकास कार्यक्रम, वनारोपण/वनीकरण, घास भूमि विकास, ग्रामीण विद्युतीकरण और अवसंरचनात्मक विकास कार्यक्रम से सम्बन्धित थे।

कार्यक्रम का प्रभाव मुख्यत: कृषि तथा इससे सम्बद्ध सेक्टरों के विकास तक ही सीमित है और पर्यावरणीय सन्तुलन पुनः स्थापन तक इसमें विशेष बल दिया गया। यह भी महसूस किया गया कि जनसंख्या में तीव्र वृद्धि के कारण भूमि पर जनसंख्या का भार निरन्तर बढ़ रहा है और कृषक अधिक कृषि उत्पादन प्राप्त करने के लिए सीमान्त भूमि का प्रयोग करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे पारिस्थितिकीय सन्तुलन बिगड़ रहा है, अत: सूखा प्रभावी क्षेत्रों में वैकल्पिक रोजगार के अवसर उत्पन्न करना अति महत्त्वपूर्ण हो गया है।

कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में सहायक-भारत में सूखा सम्भावी क्षेत्र मुख्यत: राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र, आन्ध्र प्रदेश में रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक पठार और तमिलनाडु की उच्च भूमि तथा आन्तरिक भाग के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क भागों में फैले हुए हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्र सिंचाई के प्रसार के कारण सूखे से बच जाते हैं।

32625.

इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र का सिंचाई पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा?

Answer»

इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में नहर द्वारा सिंचाई के प्रसार से इस प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। यहाँ मृदा में नमी की कमी कृषि के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी। सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से बोए गए क्षेत्र का विस्तार हुआ है और एक से अधिक बार बोए गए क्षेत्र में वृद्धि हुई है।

32626.

पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम कब आरम्भ हुआ? 

Answer»

पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में आरम्भ हुआ। 

32627.

सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम कब शुरू किया गया?

Answer»

सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974) में शुरू किया गया। 

32628.

सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?

Answer»

सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम का उद्देश्य संसाधनों के अभाव वाले सूखा सम्भावी क्षेत्रों में सूखे के प्रभाव अर्थात् गरीबी को दूर करने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना था।

32629.

हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र में कौन-सी जनजाति पायी जाती है?

Answer»

हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र में ‘गद्दी’ जनजाति पायी जाती है। 

32630.

भरमौर क्षेत्र की प्रमुख नदी है-(a) सतलज(b) व्यास(c) ताप्ती(d) रावी।

Answer»

सही विकल्प है (d) रावी।  

32631.

इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के लिए इनमें से कौन-सा सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है-(क) कृषि विकास(ख) पारितन्त्र विकास(ग) परिवहन विकास(घ) भूमि उपनिवेशन।

Answer»

(ख) पारितन्त्र विकास।  

32632.

सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करो।

Answer»

ब्रटलैण्ड आयोग के अनुसार सतत पोषणीय विकास का अर्थ है-“एक ऐसा विकास जिसमें भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकता पूर्ति को प्रभावित किए बिना वर्तमान पीढ़ी द्वारा अपनी आवश्यकता की पूर्ति की जाए।”

32633.

नियोजन किसे कहते हैं?

Answer»

किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए सोच-विचार करना, कार्यों व प्राथमिकताओं का क्रम विकसित करना तथा उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम करना ‘नियोजन’ कहलाता है।

32634.

उन क्षेत्रों में कौन-सा कार्यक्रम शुरू किया गया जहाँ 50 प्रतिशत से अधिक जनजाति के लोग रहते-(a) जनजातीय विकास कार्यक्रम(b) पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम(c) गहन कृषि विकास कार्यक्रम(d) सामुदायिक विकास कार्यक्रम।

Answer»

(a) जनजातीय विकास कार्यक्रम।

32635.

जनजातीय विकास कार्यक्रम किन जिलों के लिए तैयार किया गया था?

Answer»

जनजातीय विकास कार्यक्रम उन जिलों के लिए तैयार किए गए थे जिनकी आधी या उससे अधिक जनसंख्या जनजातीय है। 

32636.

जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम शुरू करने वाले राज्यों के नाम लिखिए।

Answer»

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखण्ड और राजस्थान।

32637.

हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र के रूप में कब अधिसूचित किया गया? इस क्षेत्र की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

Answer»

भरमौर क्षेत्र 21 नवम्बर, 1975 को आदिवासी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। भरमौर क्षेत्र की विशेषताएँ-

भरमौर क्षेत्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

⦁    यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित है।
⦁    यह एक पर्वतीय क्षेत्र है।
⦁    यहाँ के निवासी गद्दी आदिवासी हैं।
⦁    यहाँ की जलवायु कठोर है तथा साधन कम हैं।
⦁    यह क्षेत्र आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ा हुआ है।

32638.

भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम के सामाजिक लाभ क्या हैं?  

Answer»

भरमौर जनजातीय क्षेत्र में जनजातीय विकास कार्यक्रम से सबसे अधिक विकास विद्यालयों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, परिवहन एवं संचार तथा विद्युत के क्षेत्र में हुआ।  

32639.

जनजातीय विकास कार्यक्रम की विशेषताओं को समझाइए। 

Answer»

जनजातीय विकास कार्यक्रम की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

⦁    ये कार्यक्रम समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए बनाए गए थे।
⦁    ये कार्यक्रम आम आदमी को शीघ्र लाभ देने के उद्देश्य से बनाए गए थे।
⦁    ये कार्यक्रम चुने गए क्षेत्रों की विशेष समस्याओं को सुलझाने के लिए बनाए गए थे। प्रमुख समस्याएँ थीं-बँधुआ मजदूरी, स्थानान्तरी कृषि तथा भूमि का हस्तान्तरण आदि।
⦁    इन कार्यक्रमों के कुछ जनजातीय और दीर्घावधि उद्देश्य भी निर्धारित किए गए थे।

32640.

भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के उद्देश्यों को समझाइए।

Answer»

भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

⦁    भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना है।
⦁    यहाँ के लोगों के जीवन स्तर का विकास तथा शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य समस्या को हल करना है।

32641.

चौथी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्यों को समझाइए।

Answer»

चौथी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

⦁    यथासम्भव आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ना तथा विदेशी सहायता की अनिश्चितता को कम करना।
⦁    सामाजिक न्याय तथा समानता को बढ़ाना।
⦁    साधनहीन और कमजोर वर्गों की दशा सुधारने तथा जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था करना।
⦁    प्रादेशिक असन्तुलन को कम करना।

32642.

दसवीं पंचवर्षीय योजना कब समाप्त हुई-(a) 31 मार्च 2007(b) 31 मार्च 2008(c) 31 मार्च 2009(d) 31 मार्च 2010

Answer»

(a) 31 मार्च 2007 

32643.

What is meant by lanthanoid contraction?

Answer»

Lanthanoid contraction : The gradual decrease in atomic and ionic radii of lanthanoids with the increase in atomic number is called lanthanoid contraction.

32644.

How are 0.50 mol Na2CO3 and 0.50 M Na2CO3 different?

Answer»

0.50 mol of Na2CO3 = 0.50 mol x 106 g/mol

= (0.50 x 106) g = 53 g

(ii) 0.50 M Na2CO3

It means that 0.5 mole (i.e., 53 g) of Na2CO3 is dissolved in one litre of the solution.

32645.

Identify the product.(i) CH3CH2OH + PCC →(ii)CH3CH(OH)CH3 + Cu/573K →

Answer»

(i) CH3CHO

(ii) CH3COCH3

32646.

Chlorine is prepared in the laboratory by treating manganese dioxide (MnO2) with aqueous hydrochloric acid according to the reaction 4HCl (aq) + MnO2(s) → 2H2O(l) + MnCl2(aq) + Cl2(g) How many grams of HCl react with 5.0 g of manganese dioxide?

Answer»

1 mol of MnO2 = 55+32 g = 87 g 

87 g of MnO2 react with 4 moles of HCl i.e. 4×36.5 g = 146 g of HCl. 

∴ 5.0 g of MnO2 will react with HCl = 146/87×5.0 g = 8.40 g.

32647.

Dinitrogen and dihydrogen react with each other to produce ammonia according to the following chemical equation:N2 (g) 3H2 (g) → 2NH3 (g)(i) Calculate the mass of ammonia produced if 2.00 x 103 g dinitrogen reacts with 1.00 x 103 g of dihydrogen.(ii) Will any of the two reactants remain unreacted?(iii) If yes, which one and what would be its mass?

Answer»

N2 (g) + 3H2 (g) → 2NH3 (g)

2 x 14    6 x 1           2 x 17

= 28 g   = 6 g           = 34 g

(i) 28 g of N2 reacts with 6 g hydrogen to form 34 g of NH3

2.00 x 103 g of N2 reacts with 1.00 x 103 g of hydrogen to form 34/28 x 2.00 x 103 = 2751 g of NH3

(ii) Yes, hydrogen remains unreacted

(iii) 28 g N2 reacts with 6 g Hydrogen to form NH3

2 x 103 g N2 reacts with {6 x 2 x 103}/{28}g Hydrogen

= 428.5 g Hydrogen

Hydrogen remains unreacted

Mass of unreacted hydrogen = (1.00 - 0.43) x 103 g = 2571 g

32648.

4.35 g of a sample of pyrolusite (MnO2) when heated with conc. HCI gave chlorine. The chlorine when passed through potassium iodide solution liberated 6.35 g of iodine. The percentage purity of the pyrolusite sample isa. 40b. 50c. 60d. 70

Answer»

Correct option is b. 50

32649.

In Haber process, gaseous nitrogen and hydrogen react to form ammonia whose volume as compared to that of reactants (N.T.P.) would be .a. one fourthb. one halfc. the samed. three fourth

Answer»

Correct option is b. one half

32650.

 निम्नलिखित पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या करें:यदि वे करें, उचित है गर्व,बात बात में उत्सव पर्व, हम से प्रहरी रक्षक जिनके,वे किससे डरते हैं ?हम राज्य लिए मरते हैं।

Answer»

उर्मिला कहती है कि यदि वे किसान अपने ऊपर गर्व करते हैं तो उनका ऐसा करना बिलकुल ठीक भी है। वे हर अवसर पर समारोह करते हैं तथा त्योहार मनाते हैं। जब हमारे जैसे पहरेदार उनके रक्षक हों तो भला वे किसी से क्यों डरेंगे ? वे निडरतापूर्वक अपने समारोह तथा पर्व मनाते हैं। इसके विपरीत हम लोग तो सदा राज्य के लिए ही मरते रहते हैं।