This section includes InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 29001. |
…………………………….. की अवधि गांधीयुग के रूप में माना जाता है ।(A) 1920-1947(B) 1920 से 1945(C) 1930 से 1949(D) 1925 से 1950 |
|
Answer» (A) 1920-1947 |
|
| 29002. |
श्री सतगुरु राम सिंह ने भारत की आज़ादी के लिए क्या-क्या यत्न किए? |
|
Answer» श्री सतगुरु राम सिंह एक महान् देश भक्त थे। उन्होंने बाबा बालक सिंह के पश्चात् पंजाब में नामधारी अथवा कूका लहर का नेतृत्व किया। बाबा राम सिंह ने 1857 ई० में कुछ लोगों को अमृत छका कर नामधारी लहर को संगठित रूप प्रदान किया। भले ही इस लहर का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक सुधार के लिए कार्य करना था, तो भी इसने अंग्रेजी शासन का विरोध किया और उसके प्रति असहयोग की नीति अपनाई। बाबा राम सिंह की गतिविधियां-
|
|
| 29003. |
सरदार ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग़ दुर्घटना का बदला कैसे लिया? |
|
Answer» सरदार ऊधम सिंह पक्का देश भक्त था। जलियांवाला बाग़ में हुए नरसंहार से उसका युवा खून खौल उठा। उसने इस घटना का बदला लेने का दृढ़ निश्चय कर लिया। उसे यह अवसर 21 वर्ष पश्चात् मिला। उस समय वह इंग्लैण्ड में था। वहां उसने सर माइकल ओडायर (लैफ्टिनेंट गवर्नर) को गोली से उड़ा दिया। जलियांवाला बाग़ हत्याकाण्ड के लिए यही अधिकारी उत्तरदायी था। |
|
| 29004. |
श्री सतगुरु राम सिंह जी ने अंग्रेज़ सरकार का असहयोग क्यों किया? |
|
Answer» क्योंकि श्री सतगुरु राम सिंह जी विदेशी सरकार, विदेशी संस्थाओं तथा विदेशी माल के कट्टर विरोधी थे। |
|
| 29005. |
लाला लाजपत राय का अवसान कब हुआ ?(A) 1909 में(B) 1911 में(C) 1919 में(D) 1920 में |
|
Answer» (C) 1919 में |
|
| 29006. |
लाला लाजपत राय की मृत्यु की क्या प्रतिक्रिया हुई ? |
|
Answer» लालाजी की मृत्यु के समाचार से भगतसिंह, राजगुरु आदि क्रांतिकारी उत्तेजित हुए और लाठीचार्ज का आदेश देनेवाले पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या की गई । |
|
| 29007. |
पंजाब में सिक्ख राज्य के पतन के चार कारण लिखो। |
Answer»
|
|
| 29008. |
‘आप मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा किसने दिया? |
|
Answer» सुभाष चन्द्र बोस ने। |
|
| 29009. |
‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, यह कथन किसका है? |
|
Answer» यह कथन सुभाष चन्द्र बोस का है। |
|
| 29010. |
सरदार अहमद खां खरल ने आजादी की लड़ाई में क्या योगदान दिया? |
|
Answer» सरदार अहमद खां खरल ने कई स्थानों पर अंग्रेजों से टक्कर ली और अंत में वह पाकपटन के निकट अंग्रेज़ों का विरोध करते हुए शहीद हो गया। |
|
| 29011. |
लाला लाजपत राय की मृत्यु किस आन्दोलन में लाठीचार्ज से हुई ?(A) अमृतसर आन्दोलन(B) लाहौर जुलूस(C) भारत छोड़ो आन्दोलन(D) पूर्ण स्वराज्य आन्दोलन |
|
Answer» (B) लाहौर जुलूस |
|
| 29012. |
देश भक्ति के प्रसिद्ध गीत ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ के लेखक थे(A) बांके दयाल(B) भगत सिंह(C) राज गुरु(D) अजीत सिंह |
|
Answer» सही विकल्प है (A) बांके दयाल |
|
| 29013. |
‘कामागाटामारू’ की घटना का वर्णन करो। |
|
Answer» कामागाटामारू एक जहाज़ का नाम था। इस जहाज़ को एक पंजाबी वीर नायक बाबा गुरदित्त सिंह ने किराए पर ले लिया। बाबा गुरदित्त सिंह के साथ कुछ और भारतीय भी इस जहाज़ में बैठ कर कैनेडा पहुंचे, परन्तु उन्हें न तो वहां उतरने दिया गया और न ही वापसी पर किसी नगर हांगकांग, शंघाई, सिंगापुर आदि में उतरने दिया। कलकत्ता (कोलकाता) पहुंचने पर यात्रियों ने जुलूस निकाला। जुलूस के लोगों पर पुलिस ने गोली चला दी जिससे 40 व्यक्ति शहीद हुए और बहुत से घायल हुए। इस घटना से विद्रोहियों को विश्वास हो गया कि राजनीतिक क्रान्ति ला कर ही देश का उद्धार हो सकता है। इसीलिए उन्होंने ग़दर नाम की पार्टी बनाई और क्रान्तिकारी आन्दोलन आरम्भ कर दिया। |
|
| 29014. |
श्री सतगुरु राम सिंह जी ने अंतर्जातीय विवाह की कौन-सी नई नीति चलाई? |
|
Answer» श्री सतगुरु राम सिंह जी ने अंतर्जातीय विवाह की आनन्द कारज नई नीति चलाई। |
|
| 29015. |
1857 ई० के स्वतन्त्रता संग्राम के समय पंजाब की किन-किन छावनियों में विद्रोह हुआ? |
|
Answer» 1857 ई० के स्वतन्त्रता संग्राम के समय पंजाब की लाहौर, फिरोजपुर, पेशावर, अम्बाला, मियांवाली आदि छावनियों में विद्रोह हुआ। |
|
| 29016. |
बाबा गुरदित्त सिंह ने कैनेडा जाने वाले लोगों के लिए क्या क्या कार्य किए? |
|
Answer» पंजाब के अनेक लोग रोजी-रोटी की खोज में कैनेडा जाना चाहते थे। परन्तु कैनेडा सरकार की भारत विरोधी गतिविधियों के कारण कोई भी जहाज़ उन्हें कैनेडा ले जाने को तैयार न था। 1913 में जिला अमृतसर के बाबा गुरदित्त सिंह ने ‘गुरु नानक नेवीगेशन’ नामक कम्पनी स्थापित की। 24 मार्च, 1914 को उसने ‘कामागाटामारू’ नामक एक जहाज़ किराये पर लिया और इसका नाम ‘गुरु नानक जहाज़’ रखा। इस जहाज़ में उसने कैनेडा जाने के इच्छुक लोगों को कैनेडा ले जाने का प्रयास किया। परन्तु वहां पहुंचते ही उन्हें वापिस जाने का आदेश दे दिया गया। |
|
| 29017. |
साइमन कमीशन पर एक नोट लिखो। |
|
Answer» 1928 ई० में एक सात सदस्यीय कमीशन भारत में आया। इसके अध्यक्ष सर जॉन साइमन थे। इस कमीशन में कोई भी भारतीय सदस्य नहीं था। इसी कारण भारत में इसका स्थान-स्थान पर विरोध किया गया। यह कमीशन जहां भी गया वहीं इसका स्वागत काली झण्डियों से किया गया। स्थान-स्थान पर ‘साइमन कमीशन वापिस जाओ’ के नारे लगाये गये। जनता के इस शान्त प्रदर्शन को सरकार ने बड़ी कठोरता से दबाया। लाहौर में इस कमीशन का विरोध करने के कारण लाला लाजपतराय पर लाठियाँ बरसायी गईं जिससे वह शहीदी को प्राप्त हुए। |
|
| 29018. |
साइमन कमीशन कब भारत आया और इसका बहिष्कार क्यों किया गया? |
|
Answer» साइमन कमीशन 1928 में भारत आया। इसमें एक भी भारतीय सदस्य सम्मिलित नहीं था जिसके कारण भारत में इसका बहिष्कार किया गया। |
|
| 29019. |
‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा दिया(A) शहीद भगत सिंह ने(B) शहीद उधम सिंह ने(C) शहीद राजगुरु ने(D) सुभाष चंद्र बोस ने |
|
Answer» सही विकल्प है (D) सुभाष चंद्र बोस ने |
|
| 29020. |
लाला लाजपत राय कब शहीद हुए? |
|
Answer» 17 नवम्बर, 1928 को। |
|
| 29021. |
रिक्त स्थानों की पूर्ति-सरदार अहमद खां खरल अंग्रेजों के हाथों ……….. के निकट शहीद हुआ।गदर लहर अमृतसर के एक सिपाही ………… के धोखा देने के कारण असफल हो गई।साइमन कमीशन …………. ई० में भारत आया।गदर विद्रोह दल का मुखिया …………….. था।लोगों ने रौलेट एक्ट को ………………. के नाम से पुकारा।पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव ……………. ई० को लाहौर के कांग्रेस अधिवेशन में पास हुआ। |
Answer»
|
|
| 29022. |
पनामा नहर किन दो महासागरों को जोड़ती है? |
|
Answer» प्रशान्त महासागर एवं अटलाण्टिक महासागर को जोड़ती है। |
|
| 29023. |
ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग कहाँ से कहाँ तक है तथा इसकी कुल लम्बाई क्या है? |
|
Answer» ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग लेनिनग्राड से ब्लाडीवॉस्टक तक है तथा यह 8,960 किलोमीटर लम्बा है। |
|
| 29024. |
‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना कब और कहां हुई? |
|
Answer» 1925-26 में लाहौर में। |
|
| 29025. |
लोगों ने इसे (रौलेट एक्ट) को किस नाम से पुकारा? |
|
Answer» लोगों ने इसे “काले कानून” कह कर पुकारा। |
|
| 29026. |
अकाली लहर ने स्वतन्त्रता संग्राम में क्या योगदान दिया? |
|
Answer» अकाली लहर का जन्म अकाली लहर में से हुआ। इसका संस्थापक किशन सिंह गड़गज था। इसका उदय गुरुद्वारों में बैठे चरित्रहीन महंतों का सामना करने के लिए हुआ। सरकार के पिठुओं से टक्कर लेने के लिए ‘चक्रवर्ती’ जत्था बनाया गया। कुछ समय के पश्चात् अकालियों ने ‘बब्बर अकाली’ नामक समाचार-पत्र निकाला। तभी से इस लहर का नाम बब्बर अकाली पड़ गया। महंतों के साथ अन्य सरकारी पिटाओं से निपटना भी इसका उद्देश्य था। स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान- बब्बर अकालियों ने मुखबिरों तथा सरकारी पिठुओं का अंत करने की योजना बनाई। बावरों की भरमा इस ‘सुधार करना कहते थे। बब्बरो को विश्वास था कि यदि सरकारी मुखाबरों का सफाया कर दिया जाये तो अंग्रेजी सरकार असफल हो जाएगी और भारत छोड़कर चली जायेगी। उनकी मुख्य गतिविधियों का वर्णन इस प्रकार है — 1. शस्त्रों की प्राप्ति– बब्बर अकाली अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए शस्त्र प्राप्त करना चाहते थे। उनके अपने सदस्य भी शस्त्र बनाने का यत्न कर रहे थे। शस्त्रों के लिए धन की आवश्यकता थी। धन इकट्ठा करने के लिए बब्बरों ने सरकारी पिठ्ठओं से धन और शस्त्र छीने। 2. सैनिकों से अपील- बब्बरों ने पंजाबी सैनिकों से अपील की कि वे अपने शस्त्र धारण करके स्वतन्त्रता प्राप्ति का प्रयास करें। 3. समाचार-पत्र- बब्बरों ने साइक्लोस्टाइल मशीन की सहायता से अपना समाचार-पत्र ‘बब्बर अकाली दुआबा’ निकाला। इस समाचार-पत्र का चंदा यह था कि इसे पढ़ने वाला, इस समाचार-पत्र को आगे पाँच अन्य व्यक्तियों को पढ़ाता था। 4. सरकारी पिठुओं की हत्या- बब्बरों ने अपने समाचार-पत्रों में उन 179 व्यक्तियों की सूची प्रकाशित की जिनका उन्हें ‘सुधार’ करना था। सूची में सम्मिलित जिस व्यक्ति का अंतिम समय आ जाता, उसके बारे में वे अपने समाचार-पत्र द्वारा ही उस व्यक्ति को सूचित कर देते थे। दो-तीन बब्बर उस व्यक्ति के गाँव जाते और उसे मौत के घाट उतार देते। वे खुलेआम वध करने की जिम्मेवारी भी लेते थे। उन्होंने पुलिस से भी डटकर टक्कर ली। 5. सरकारी अत्याचार– सरकार ने भी बब्बरों को समाप्त करने का निश्चय कर लिया। उनका पीछा किया जाने लगा। उनमें से कुछ को पकड़ लिया गया और कुछ मारे गए ! सौ से भी अधिक बब्बरों पर मुकद्दमा चलाया गया। 27 फरवरी, 1926 ई० को जत्थेदार किशन सिंह, बाबू संता सिंह, धर्म सिंह हयातपुरा तथा कुछ अन्य बब्बरों को फांसी का दण्ड दिया गया।इस प्रकार बब्बर लहर अपने उद्देश्यों की प्राप्ति में असफल रही। फिर भी इस लहर ने पंजाबियों को देश की स्वतन्त्रता के लिए अपनी जान पर खेल जाने का पाठ पढ़ाया। |
|
| 29027. |
बब्बर अकाली जत्थे की स्थापना कब हुई? |
|
Answer» अगस्त 1922 ई० में। |
|
| 29028. |
19 फरवरी, 1915 के आंदोलन में पंजाब में शहीद होने वाला गदरिया था(A) करतार सिंह सराभा(B) जगत सिंह(C) बलवंत सिंह(D) उपरोक्त सभी |
|
Answer» सही विकल्प है (D) उपरोक्त सभी |
|
| 29029. |
पंजाब में अकाली आन्दोलन किस वर्ष शुरू हुआ और कब समाप्त हुआ? |
|
Answer» पंजाब में अकाली आन्दोलन 1921 ई० में शुरू हुआ और 1925 ई० में समाप्त हुआ। |
|
| 29030. |
लाहौर में ‘साइमन कमीशन’ के विरोध में किए गए प्रदर्शन के परिणामस्वरूप किस भारतीय नेता को अपनी जान गंवानी पड़ी?(A) बांके दयाल(B) लाला लाजपत राय(C) भगत सिंह(D) राज गुरु |
|
Answer» सही विकल्प है (B) लाला लाजपत राय |
|
| 29031. |
ग़दर लहर के साप्ताहिक पत्र ‘ग़दर’ का सम्पादक कौन था? |
|
Answer» करतार सिंह सराभा। |
|
| 29032. |
दो महाद्वीपों के बीच स्थित रेलमार्ग का नाम बताइए। |
|
Answer» दो महाद्वीपों एशिया महाद्वीप (में लम्बाई दो-तिहाई) और यूरोप महाद्वीप (में लम्बाई शेष एक-तिहाई) के बीच स्थित रेलमार्ग है- ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग। |
|
| 29033. |
पनामा नहर का निर्माण कब हुआ? |
|
Answer» पनामा नहर का निर्माण 1904 ई० से प्रारम्भ होकर 1914 ई० में पूर्ण हुआ। |
|
| 29034. |
(i) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी की स्थापना कब हुई?(ii) इसके सदस्यों की संख्या कितनी थी? |
|
Answer» (i) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी की स्थापना 1920 में हुई। (ii) इसके सदस्यों की संख्या 175 थी। |
|
| 29035. |
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की स्थापना हुई(A) 1920 ई० में(B) 1921 ई० में(C) 1915 ई० में(D) 1928 ई० में |
|
Answer» सही विकल्प है (A) 1920 ई० में |
|
| 29036. |
अकाली लहर के अस्तित्व में आने के दो कारण बताओ। |
|
Answer» गुरुद्वारों को चरित्रहीन महंतों से मुक्त करवाना तथा गुरुद्वारों के प्रबन्ध में सुधार लाना। |
|
| 29037. |
स्वेज नहर का निर्माण कितने समय में पूर्ण हुआ? |
|
Answer» स्वेज नहर का निर्माण दस वर्ष में पूर्ण हुआ। |
|
| 29038. |
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी तथा शिरोमणि अकाली दल किस प्रकार अस्तित्व में आए? |
|
Answer» पंजाब में पहले गुरुद्वारों के ग्रन्थी भाई मनी सिंह जैसे चरित्रवान् तथा महान् बलिदानी व्यक्ति हुआ करते थे। परन्तु 1920 ई० तक ये गुरुद्वारे चरित्रहीन महन्तों के अधिकार में आ गए। ये महंत अंग्रेज़ी सरकार के पिठू थे। महन्तों की अनैतिक कार्यवाहियों से तंग आकर लोग गुरुद्वारों के प्रबन्ध में सुधार लाना चाहते थे। इस कार्य में उन्होंने अंग्रेजी सरकार की सहायता लेनी चाही, परन्तु असफल रहे। नवम्बर, 1920 ई० को सिक्खों ने यह निर्णय लिया कि गुरुद्वारों की देखभाल के लिए सिक्खों के प्रतिनिधियों की एक कमेटी बनाई जाये। फलस्वरूप 16 नवम्बर, 1920 ई० को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी अस्तित्व में आई और 14 दिसम्बर, 1920 ई० को शिरोमणि अकाली दल की स्थापना हुई। |
|
| 29039. |
स्वेज नहर से सर्वाधिक लाभान्वित होने वाला देश है।(क) ग्रेट ब्रिटेन(ख) भारत(ग) ब्राजील(घ) जर्मनी |
|
Answer» सही विकल्प है (ख) भारत। |
|
| 29040. |
निम्नलिखित पर संक्षिप्त नोट लिखें-भारत में धर्म-निरपेक्षताशिरोमणि अकाली दल की प्रमुख विचारधाराभारत के किसी एक राष्ट्रीय दल पर संक्षिप्त नोट लिखें।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की विचारधाराभारतीय जनता पार्टी की विचारधारा |
|
Answer» 1. भारत में धर्म-निरपेक्षता- भारत एक धर्म-निरपेक्ष राज्य है क्योंकि भारत में किसी धर्म को राज्य धर्म स्वीकार नहीं किया गया। 2. शिरोमणि अकाली दल की प्रमुख विचारधारा
3. भारत का एक राष्ट्रीय दल- बहुजन समाज पार्टी की स्थापना 1948 में कासी राम ने की थी। यह पार्टी जिसमें दलित, आदिवासी, पिछड़ी जातियां और धार्मिक अल्पसंख्यक शामिल है, उनके लिए राजनीतिक सत्ता पाने का प्रयास करती है तथा उनका प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है। यह दलितों और कमजोर वर्ग के लोगों के कल्याण और उनके हितों की रक्षा के मुद्दे उठाती है। 4. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की विचारधारा-
5. भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा-
|
|
| 29041. |
पत्तनों व देशों का गलत जोड़ा बताइए(क) मार्सेलीज-फ्रांस(ख) एम्सटरडम-नीदरलैण्ड्स(ग) लिवरपूल-ग्रेट ब्रिटेन(घ) हैम्बर्ग-इटली |
|
Answer» (घ) हैम्बर्ग-इटली |
|
| 29042. |
भारत में किस प्रकार की दल प्रणाली है? |
|
Answer» भारत में बहुदलीय प्रकार की दल प्रणाली है। |
|
| 29043. |
एकदलीय प्रणाली, द्विदलीय प्रणाली और बहुदलीय प्रणाली से आप क्या समझते हैं? |
|
Answer» एकदलीय प्रणाली में केवल एक ही राजनीतिक दल का प्रभुत्व होता है। द्विदलीय प्रणाली के अन्तर्गत देश में दो प्रमुख राजनीतिक दल होते हैं जैसे-इंग्लैण्ड और संयुक्त राज्य अमेरिका में। बहुदलीय प्रणाली के अन्तर्गत किसी देश में दो से अधिक राजनीतिक दल सक्रिय होते हैं, जैसे-भारत में। |
|
| 29044. |
चंपा कवि को किस बात के लिए मना कर देती है ?(A) पढ़ने(B) सीखने(C) लिखने(D) बोलने |
|
Answer» सही विकल्प है (A) पढ़ने |
|
| 29045. |
चंपा किसकी लड़की है ?(A) मोहन(B) सोहन(C) सुरेन्द्र(D) सुन्दर |
|
Answer» सही विकल्प है (D) सुंदर |
|
| 29046. |
रहीम किन्हें बड़ा आदमी कहते हैं? |
|
Answer» कवि रहीम गरीबों की भलाई करने पर जोर देते हैं। वे कहते हैं कि जो लोग गरीबों की भलाई का काम करते हैं, वे ही बड़े आदमी हैं। |
|
| 29047. |
रहीम जिह्वा को बावरी क्यों कहते हैं? |
|
Answer» बोलते समय जीभ अक्सर बहक जाती है और कभी-कभी कुछ-का-कुछ मुंह से निकल जाता है। इसके कारण वक्ता को कभी-कभी मार भी खानी पड़ जाती है। इसीलिए रहीम जिह्वा को बावरी कहते हैं। |
|
| 29048. |
भावार्थ स्पष्ट कीजिए:पानी गए न कबरै, मोती, मानुष चून। |
|
Answer» कवि रहीम कहते हैं कि पानी का बहुत महत्त्व है। बिना पानी के न मोती प्राप्त किए जा सकते हैं, न मनुष्य जीवित रह सकता है और न चूना खाने के योग्य चूना बनता है। (इस दोहे का एक अर्थ यह भी है कि मोती की चमक चले जाने पर मोती न मोती रहता है, इज्जत या तेज न रह जाने पर आदमी न आदमी रह जाता है और बिना पानी के चूना चूना नहीं रह जाता।) |
|
| 29049. |
भगवान के साथ तुलसीदास के कितने नाते हैं?A. दोB. तीनC. चारD. अनेक |
|
Answer» सही विकल्प है D. अनेक |
|
| 29050. |
वृक्ष और सरोवर के उदाहरण से रहीम हमें क्या समझाते हैं.? |
|
Answer» वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते। सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पीते। रहीमजी कहते हैं कि हमें भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। अपनी जमा की गई धन-संपत्ति का उपयोग हमें केवल अपने सुख के लिए नहीं करना चाहिए। हमें उसके द्वारा दूसरों की भलाई भी करनी चाहिए। |
|