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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

पण्डित अलोपीदीन को क्यों हिरासत में लिया गया?

Answer»

नमक के दारोगा वंशीधर ने पंडित अलोपीदीन की नमक की गाड़ियों को नदी के पार जाते हुए पकड़ा था और उन्हें रोक दिया था। पंडित अलोपीदीन ने उससे पैसे लेकर मामले को रफा-दफा करने का आग्रह किया। पर वंशीधर किसी भी कीमत पर उन छोड़ने को राजी नहीं हुआ और उसके आदेश से उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

2.

गोपियाँ कृष्ण की बाँसुरी को अपने ओठों पर क्यों नहीं रखना चाहतीं?

Answer»

गोपियों का मानना है कि कृष्ण बांसुरी के वश में हो गए हैं और वे उनको नहीं चाहते हैं। इस तरह वे कृष्ण की बांसुरी को अपनी सौतन के रूप में देखती हैं। इसलिए सौतिया-डाह के कारण गोपिया बासुरी को अपने होठों पर नहीं रखना चाहती।

3.

गोपियाँ कृष्ण का कौन-सा स्वाँग रचती हैं ?

Answer»

गोपियाँ अपने सिर पर मोर पंख धारण करती हैं और गले में धुंधची की माला पहनती हैं। वे अपने कंधों पर पीतांबर ओढ़ती हैं और हाथ में छोटी लाठी लेती हैं। कृष्ण का यह रूप ग्वालों के संग वन में गायों को चराने के लिए जाने का रूप है। इस तरह गोपियाँ कृष्ण के गायों को चरानेवाले चरवाहे का स्वांग रचती हैं।।

4.

गोपियाँ कृष्ण की मुरली को अपनी सौत क्यों समझती हैं ?

Answer»

कृष्ण मुरली को हमेशा अपने साथ रखते हैं। इसलिए गोपियों को मुरली से ईर्ष्या होती है। उन्हें लगता है कि बांसुरी ने कृष्ण को अपने वश में कर लिया है। अब कृष्ण उन्हें क्यों चाहेंगे। यह बाँसुरी हमेशा उनके साथ लगी रहेगी और गोपियों पर धौंस जमाएगी। कृष्ण को मोहित करके वह सदा उन्हें जलाती रहेगी। मुरली से इसी गहरी ईर्ष्या के कारण गोपियाँ उसे अपनी सौत समझती हैं।

5.

कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने प्रार्थना-गीत द्वारा भगवान से क्या याचना की है?

Answer»

कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने अपने प्रार्थना-गीत में भगवान से यह याचना की है कि संसार में केवल नुकसान उठाना पड़े, धोखा : खाना पड़े तो भी मैं विचलित न हो। ऐसे अवसरों पर भी हे प्रभो! : मुझे ऐसी शक्ति दो कि मैं तुम पर संदेह न करू।

6.

गोपियाँ बाँसुरी से क्यों ईर्ष्या करती हैं ? रसखान के दोनों सवैयों के आधार पर उत्तर लिखिए।

Answer»

गोपियाँ कृष्ण से अत्यन्त प्रेम करती हैं। उन्हें यह स्वीकार नहीं कि उनके और कृष्ण के बीच कोई अन्य आए। बाँसुरी उन्हें अपने और कृष्ण के बीच आई बाधा लगती है। उन्हें लगता है कि बांसुरी ने कृष्ण को अपने वश में कर लिया है। बांसुरी के वश में होकर कृष्ण अब उन्हें क्या चाहेंगे? वह तो यही चाहेगी कि कृष्ण उनसे (गोपियों से) दूर रहें। कृष्ण को अपना बनाकर वह उन पर धौंस जमाएगी, उन्हें नीचा दिखाएगी। हम कृष्ण के वियोग में जितना जलेंगी, उतना ही उसे मजा आएगा। बासुरी के इस रवैये के कारण गोपियाँ रस टार्ग करती हैं।

7.

धर्म को भारतवर्ष में श्रेष्ठ क्यों माना गया है?

Answer»

शासन और समाज की सुख-सुविधा के लिए सरकार तरह-तरह के कानून बनाती है। लेकिन भारतवासियों की दृष्टि में धर्म कानून से बड़ा है। धर्म के कारण ही अब भी सेवा, सच्चाई, ईमानदारी और आध्यात्मिकता आदि बने हुए हैं। धर्म के भय से मनुष्य झूठ और चोरी को गलत समझता है। धर्मबुद्धि के कारण ही लोग दूसरों को पीड़ा पहुंचाना पाप मानते हैं। धर्मबुद्धि ही लोभ, मोह, काम, क्रोध आदि विकारों पर संयम रख सकती है और निकृष्ट आचरण करने से रोकती है है। इसीलिए धर्म को भारतवर्ष में श्रेष्ठ माना गया है।

8.

लेखक का मन क्यों बैठ जाता है?

Answer»

हमारे देश के अखबार चोरी, डकैती, तस्करी और भ्रष्टाचार के समाचारों से भरे रहते हैं। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोपप्रत्यारोप लगाते रहते हैं। ऐसा लगता है कि जैसे देश में कोई ईमानदार ही नहीं रह गया। लोग हर व्यक्ति को संदेह की दृष्टि से देखते हैं। जो जितने ऊंचे पद पर हैं, उनमें उतने ही अधिक दोष दिखाए जाते हैं। सब अपने-अपने स्वार्थों में लिप्त हैं। देश के हित की बातें बहुत कम हो रही हैं। देश और समाज की ऐसी दशा देखकर लेखक का मन बैठ जाता है।

9.

भारतवर्ष ने किसको अधिक महत्त्व नहीं दिया है?

Answer»

भारतवर्ष ने भौतिक वस्तुओं के संग्रह को अधिक महत्त्व नहीं दिया है।

10.

कंडक्टरने अपनी ईमानदारी कैसे बताई ?

Answer»

एक बार लेखक सपरिवार बस-यात्रा कर रहे थे। गंतव्य स्थान से लगभग पांच मील पहले एक सुनसान स्थान पर बस खराब हो गई। कंडक्टर समझ गया कि यह बस अब आगे नहीं जा सकती। वह एक साइकिल लेकर चला गया। उस समय रात के दस बजे थे। यात्री बस-ड्राइवर पर अपना क्रोध उतारने लगे। लेखक के बच्चे भोजन और पानी के लिए व्याकुल थे। यात्री ड्राइवर को मारने के लिए तैयार हो गए। ठीक उसी समय बस-कंडक्टर एक खाली बस लेकर आया। यात्री उसमें सवार हो गए। कंडक्टर लेखक के बच्चों के लिए पानी और दूध भी लाया था। इस तरह बस-कंडक्टर ने अपनी ईमानदारी और सज्जनता बताई।

11.

भारतवर्ष को ‘महामानव’ समुद्र क्यों कहा गया है?

Answer»

भारतवर्ष एक प्राचीन और विशाल देश है। सदियों से यहाँ अनेक जातियाँ आई और यहीं बस गई। विदेशों से अनेक धर्मावलंबी यहाँ आए और यहीं के होकर रह गए। इस प्रकार भारत आर्य और द्रविड, हिन्दू और मुसलमान, यूरोपीय और भारतीय आदर्शों की मिलन- भूमि है। भारतीय सभ्यता में विदेश से आई सभ्यताओं का भी प्रभाव है। यहाँ की संस्कृति में विदेशी संस्कृतियाँ घुल-मिल गई हैं। भारतीय समाज में देशी-विदेशी तरह-तरह के लोग आए और समा गए हैं। इसलिए भारतवर्ष को ‘महामानव समुद्र’ कहा गया है।

12.

आज समाचारपत्र में कौन-कौन से समाचार भरे रहते हैं?

Answer»

आज समाचारपत्र में चोरी, डकैती, तस्करी और भ्रष्टाचार के समाचार भरे रहते हैं।

13.

निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए :कृष्ण तो अब बाँसुरी की हो गया है।बाँसुरी को गोपियाँ अपना सौत मानता है।मुरली गोपियों का मन जलती है।गोपियाँ वज में नहीं रहेना चाहती है।व्रज में अब केवल बाँसुरी रहेगा।गोपी लोग गाएँ चराने जाएगा।गोपियाँ मुरली से ईर्ष्या करते हैं।

Answer»
  1. कृष्ण तो अब बाँसुरी के हो गए हैं।
  2. बाँसुरी को गोपियाँ अपनी सौत मानती हैं।
  3. मुरली गोपियों का मन जलाती है।
  4. गोपियाँ व्रज में नहीं रहना चाहती हैं।
  5. व्रज में अब केवल बाँसुरी रहेगी।
  6. गोपियाँ गाएं चराने जाएंगी।
  7. गोपियों मुरली से ईष्या करती हैं।
14.

कृष्ण के स्वाँग में गोपियों का वर्णन कीजिए।

Answer»

गोपियों को किसी तरह कृष्ण को पाना है। वियोग में वे कृष्ण का स्वांग रचकर उन्हें पाने के सुख का अनुभव करना चाहती हैं। इसलिए वे स्वयं कृष्ण का रूप धारण करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने सिर पर मोर पंख का मुकुट पहना है। अपने गले में धुंधची के लाल दानों की माला पहनी हैं। वे अपने शरीर पर पीतांबर ओढ़ेगी।

इतना ही नहीं, कृष्ण की तरह हाथ में लकुटी लेकर वे ग्वालों के साथ वन में गाएं चराने भी जाएंगी। उनके प्यारे कृष्ण जो-जो कार्य करते थे, वे सब वे भी करेंगी। कृष्ण की मुरली से उन्हें ईर्ष्या है, इसलिए उसे अपने होंठों पर धारण नहीं करेंगी। इस प्रकार रसखान ने कृष्ण के स्वांग में गोपियों का भावपूर्ण वर्णन किया है।

15.

कृष्ण के वियोग में गोपियाँ किसका स्वांग रचेंगी? कैसे?

Answer»

कृष्ण के वियोग में व्याकुल गोपियाँ स्वयं कृष्ण का वेश धारण करके अपने मन को बहलाना चाहती हैं। कृष्ण का वेश धारण करने के लिए वे सिर पर मोर पंख का मुकुट पहनेंगी। अपने गले में धुंधची की लाल दानों की माला धारण करेंगी। वे अपने कंधों पर पीतांबर ओढ़ेगी और छोटी-सी लाठी लेकर ग्वालों के साथ वन में जाएंगी। वहाँ गायों को चराने का अभिनय करेंगी। कृष्ण को जो भी पसंद था, वे वह सब कुछ करेंगी। परंतु जिस बाँसुरी को कृष्ण अपने होठों पर रखकर बजाते हैं, उसे वे अपने होठों पर कभी नहीं रखेंगी। इस प्रकार कृष्ण के वियोग में गोपियाँ स्वाग रचेंगी।

16.

देश का वातावरण आज कैसा बन गया है?

Answer»

देश का वातावरण आज ऐसा बन गया है कि लगता है र देश में कोई ईमानदार आदमी ही नहीं बचा है।

17.

रिश्वत न दे सकने पर किसे कड़ी चोट लगी ?

Answer»

रिश्वत न दे सकने पर स्वाभिमान और धन-ऐश्वर्य को कड़ी चोट लगी।

18.

निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए।यह मेरा जन्मभर का कमाई है।पड़ोसियों के हृदय में शूल उठने लगा।न्याय और नीति सब लक्ष्मी का ही खिलौना है।मैं तो आपका सेवा में स्वयं ही आ रहा था।तुम इने हिरासत में ले लो मैं हुकम देता हूँ।पंडितजी को पहली बार ऐसा कठोर बातें सुनना पड़ा।दुनिया सोता था, पर दुनिया की जीभ जागता था।पंडीत अलोपीदीन इस अगाध वन का सिंह था।

Answer»
  1. यह मेरी जन्मभर की कमाई है।
  2. पड़ोसियों के हृदय में शूल उठने लगे।
  3. न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं।
  4. मैं तो आपकी सेवा में स्वयं ही आ रहा था।
  5. तुम इन्हें हिरासत में ले लो, मैं हुक्म देता हूँ।
  6. पंडितजी को पहली बार ऐसी कठोर बातें सुननी पड़ी।
  7. दुनिया सोती थी, पर दुनिया की जीभ जागती थी।
  8. पंडित अलोपीदीन इस अगाध बन के सिंह थे।
19.

धब्बों के समान किसे बताया गया है?A. देशों कोB. सागरों कोC. जंगलों कोD. तारों को

Answer»

सही विकल्प है A. देशों को

20.

आज का वातावरण कैसा है?

Answer»

आज का वातावरण विनाशक प्रवृत्तियों से भरा हुआ है।

21.

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए :पौ बारह होना ,कगार पर का वक्ष होना ,फूला न समाना ,चलता पुर्जा होना ,कौडियों पर ईमान बेचना ,इज्जत धूल में मिलना ,नींव हिला देना ,मिट्टी में मिल जाना ,मन का मैल मिटना,निगाह में बाँध लेना ,हृदय में शूल उठना 

Answer»

पौ बारह होना – सब तरफ से लाभ ही लाभ होना
वाक्य : रामलाल को वनरक्षक की नौकरी क्या मिली, जंगल की संपत्ति बेचकर उसके तो पौ बारह हो गए।

कगार पर का वक्ष होना – मृत्यु के निकट होना
वाक्य : विश्वनाथ ने बेटे से कहा, “अब तुम अपनी घर-गृहस्थी देखो, मेरा क्या, में तो अब कगार का वृक्ष मात्र हूँ।”

फूला न समाना – बहुत प्रसन्न होना
वाक्य : बेटे की पदोन्नति का पत्र पाकर श्यामसुंदर फूले न समाए।

चलता पुर्जा होना – चालाक व्यक्ति होना
वाक्य : जतिन टेखने में भोलाभाला लगता है. पर है वह चलता परजा।

कौडियों पर ईमान बेचना – थोड़े पैसों में बिक जाना
वाक्य : देशद्रोहियों का क्या है, वे तो कौड़ियों पर अपना ईमान बेचते रहते हैं।

इज्जत धूल में मिलना – दूसरों की नज़र में गिर जाना
वाक्य :
परीक्षा में विद्यार्थियों को खुले आम नकल कराते हुए पकड़े जाने पर शिक्षक महोदय की इज्जत धूल में मिल गई।

नींव हिला देना – जड़ या आधार कमजोर करना
वाक्य : गांधीजी ने सत्याग्रह के बल पर अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी थी।

मिट्टी में मिल जाना – बरबाद हो जाना
वाक्य : इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ने पर सेठजी की गलत ढंग से की गई सारी कमाई मिट्टी में मिल गई।

मन का मैल मिटना – किसी के प्रति मन में बनी गलत धारणा मिटना
वाक्य : जब मुनीमजी ने सेठजी के सामने एक-एक पैसे का हिसाब रख दिया, तो मुनीमजी के प्रति सेठजी के मन का मैल मिट गया।

निगाह में बाँध लेना – सदा याद रखना
वाक्य : किसान ने कृषिअधिकारी द्वारा गेहूं की अच्छी उपज करने के बारे में बताई गई बातें निगाह में बाँध ली।

हृदय में शूल उठना – ईर्ष्या होना
वाक्य : गरीबी में दिन काट रहे रमण बाबू के बेटे की एक विदेशी कंपनी में अच्छे वेतन पर नौकरी लग जाने पर पड़ोसियों के हृदय में शूल उठने लगे।

22.

मनुष्य को बुद्धि किसलिए मिली थी?

Answer»

मनुष्य को संसार के अज्ञान को हटाकर, जड़ता मिटाने के लिए बुद्धि मिली थी।

23.

कवि की कथा कैसी है?A. मधुरB. अनन्तC. सुन्दरD. करुण

Answer»

सही विकल्प है D. करुण

24.

कवि का क्या उलट गया है?

Answer»

कवि का पासा उलट गया है।

25.

कवि के हृदय में कैसी व्यथा है?

Answer»

कवि संसार में हो रहे संहार के दृश्यों को देखकर बहुत दुखी है। उसे लगता है कि ऐसी स्थिति में उसकी चिंता करनेवाला कोई नहीं है। उसकी करुण कथा को सुनने में किसी की दिलचस्पी नहीं है। कवि अपनी पौड़ा के पूंट पी लेने में ही अपनी भलाई समझता है। सारी दुनिया को दुःख में डूबो देखकर वह भी गम के समुद्र में डूब जाना बेहतर मानता है। उसे लगता है कि ऐसी स्थिति में उसका कोई भी निशाना सही बैठनेवाला नहीं है। इस प्रकार कवि के हृदय में घोर दुःख और निराशा है।

26.

मनुष्य ने कौन-सा काम अधूरा छोड़ दिया?

Answer»

मनुष्य ने ईश्वर बनकर सारी सृष्टि को अपने वश में करने का काम अधूरा छोड़ दिया।

27.

जब मौत सभी को निगल रही हो? चारो ओर अत्र-तत्र सर्वत्र आग लगी हो, हुत्याएँ हो रही हों।।

Answer»

इन तीनों परिस्थितियों में सबसे पहले मैं 108 नंबर डायल करके पुलिस को जानकारी दे दूंगा।

  इसके अतिरिक्त –

जब मौत सभी को निगल रही हो – जब मौत सभी को निगल रही हो और वह मेरे बस की बात होगी तो मैं सबकी सहायता करूंगा। अगर वह मेरे बस की बात नहीं है तो भी मैं भीतर से स्थिर रहकर मेरे हिस्से में मेरा जो भी कम होगा, मैं करता रहूंगा। मैं तनिक भी विचलित नहीं हो पाऊँगा।

चारों और अत्र-तत्र सर्वत्र आग लगी हो – मेरी चारों ओर जब आग लगी हो तब सबसे पहले मैं दमकल (fire brigade) (1) को बुलाने का प्रबंध करुंगा। मेरी आसपासवाले लोगों को बुलाने का प्रबंध करूंगा। मेरी आसपासवाले लोगों को और जानवरों को बचाने में जुट जाऊँगा। जितनी भी हो सके मैं उन सबकी सहायता करने की कोशिश करूंगा। हत्याएं हो रही होंजब मेरे इर्द-गिर्द हत्याएं हो रही हों तब भी मैं हत्या को रोकने का भरसक प्रयास करूंगा। हत्याएं करनेवाले लोगों के दिलो-दिमाग को शान्त करने की कोशिश करूंगा और येनकेन प्रकारेण हत्याएं रोककर ही रहूंगा।

28.

कवि को किसका गम नहीं है?

Answer»

कवि को अपने डूबने का गम नहीं है।

29.

कवि को किसकी पीड़ा है?

Answer»

कवि को मानवता जख्मी होने की पीड़ा है।

30.

कवि अपनी व्यथा की चिंता क्यों नहीं करता?

Answer»

जब सारी दुनिया व्यथा से ग्रस्त है, तब कवि को अपनी व्यथा की चिंता करना व्यर्थं लगता है।

31.

निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य में से विशेषण पहचानकर लिखिए :जाने कब तक घाव भरेंगे इस घायल मानवता के?खौल रहे हैं सात समंदर डूब जाती है दुनिया।आज हुआ सबका उलटा रुख, मेरा उलटा पासा क्या?काम अधूरा छोड़, कर रहा आत्मघात मानव जानी।मानव को ईश्वर बनना था, निखिल सृष्टि वश में लानी।

Answer»

1. घायल

2. सात

3. उलटा

4. अधूरा, ज्ञानी

5.निखिल

32.

जाने कब तक घाव भरेंगे इस घायल मानवता के?जाने कब तक सच्चे होंगे सपने सब की समता के?सब दुनिया पर व्यथा पड़ी है, मेरी ही क्या बड़ी व्यथा!

Answer»

प्रस्तुत पंक्तियाँ नरेन्द्र शर्मा, की ‘युग और मैं’ कविता से ली गई हैं। इनमें कवि ने दुनिया के भविष्य के प्रति निराशा प्रकट की है। कवि कहते हैं कि वर्तमान में संसार संहार की वृत्तियों में उलझा है। चारों ओर विध्वंस की स्थिति है। एक-दूसरे पर प्रभुत्व स्थापित करने की होड़ है। ऐसी दशा में मनुष्य की बराबरी (समता) की बातें केवल बातें ही रह जाएंगी।

जबतक संसार में शांति और भाईचारे की भावना नहीं होगी तब तक मनुष्यता का वातावरण नहीं बनेगा। बिना उसके मानव-मानव की समानता का आदर्श कभी व्यवहार में नहीं आ सकेगा। कवि कहता है कि जब सारी दुनिया गैरबराबरी की पीड़ा से परेशान है तो मैं अपनी पीड़ा की क्यों चिंता करूं?

33.

निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द देकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।अनगिनत – ………….गगन – ………….दुनिया – ………….निखिल – ………….तहस-नहस – ………….आपा – ………….

Answer»

1. अनगिनत – असंख्य वाक्य : आज अनगिनत मनुष्य बेकार हैं।

2. गगन – आकाश वाक्य : गगन में बादल छाए हुए हैं।

3. दुनिया – संसार वाक्य : दुनिया बहुत बड़ी है।

4. निखिल – संपूर्ण वाक्य : निखिल विश्व में कई अजायबियाँ हैं।

5. तहस-नहस – बर्बाद बाक्य : दंगे में सारा गाँव तहस-नहस हो गया।

6. आपा – अभिमान वाक्य : सुधीर को अपना आपा छोड़ देना चाहिए।

34.

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :बस्तीहस्तीसमतागमधब्याघावभवव्यथा

Answer»

1. आबादी

2. अस्तित्व

3. समानता

4. दुःख

5. दाग

6. जख्म

7. संसार

8. पीड़ा

35.

विरोधी शब्द लिखिए :हस्तीअंगारसमुंदर

Answer»

1. नास्ति

2. ओला

3. पोखर

36.

निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग पहचानकर लिखिए :विनाशनिर्माणसंपूर्णअज्ञानप्रयासविध्वंशप्रगतिगैरबराबरीअनगिनतअतिथिविषमप्रबंधअसामान्यविजयीपरास्तप्रत्येक

Answer»

1. विनाश – वि + नाश

2. निर्माण – नि: + मान

3. संपूर्ण – सम् + पूर्ण

4. अज्ञान-अ + ज्ञान

5. प्रयास – प्र + यास

6. विध्वंस – वि + ध्वंस

7. प्रगति – प्र + गति

8. गैरबराबरी – गैर + बराबरी

9. अनगिनत – अन + गिनत

10. अतिथि – अ + तिथि

11. विषम – वि + सम

12. प्रबंध – प्र + बंध

13. असामान्य – अ + सामान्य

14. विजयी – वि + जयी

15. परास्त- पर + अस्त

16. प्रत्येक – प्रति + एक

37.

निम्नलिखित विधान ‘सही’ हैं या ‘गलत’ यह बताइए :कवि संसार के संहार से अत्यंत दु:खी हैं।मनुष्य अपनी मामूली पीड़ा को बड़ी मानता है।बुद्धि का काम जड़ता को दूर करना नहीं है।गगन से आग के गोले बरस रहे हैं।धरती से ज्वालाएँ उठ रही हैं।

Answer»

1. सही

2. सही

3. गलत

4. सही

5. सही

38.

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :विनाशआदरमनुष्यतामामूलीपरास्तनिर्माण

Answer»

1. विकास

2. अनादर

3. दानवता

4. असामान्य

5. विजयी

6. हास

39.

रेडियम की मित्रता किससे होती है?(क) खनिज धातुओं से(ख) पानी से(ग) हवा से(घ) पृथ्वी के जीवों से

Answer»

सही विकल्प है (क) खनिज धातुओं से

40.

रेडियम अपने सम्मान की समानता किससे बताता है?

Answer»

रेडियम अपने सम्मान की समानता पशुओं में सिंह, देवताओं में इंद्र और कंकड़ों में रन से बताता है।

41.

रेडियम की उपयोगिता के बारे में अपने विचार लिखिए।

Answer»

रेडियम एक अनमोल धातु है। अनमोल होने के साथ ही तर मानत हित में भी अदभत कार्य करती है। रेडियम से नासर के रोगियों की चिकित्सा की जाती है। घाव के निकट आते ही रेडियम की प्रकाश-किरण घाव पर पड़ती है और उसका विष दूर कर देती है। रेडियम के नाम से बनी कृत्रिम वस्तु का उपयोग घड़ी की सुइयों में किया जाता है। ये सुइयाँ अंधेरे में भी चमकती हैं और समय का ज्ञान कराती हैं। इस प्रकार रेडियम अत्यन्त उपयोगी धातु है।

42.

रेडियम से कितने प्रकार की किरणें निकलती हैं? कौन-सी?

Answer»

रेडियम से तीन प्रकार की किरणें निकलती हैं। इनके नाम हैं- आल्फा, बीटा और गामा।

43.

घाव पर रेडियम किस प्रकार उपयोगी होता है ?

Answer»

नासूर के रोगियों की चिकित्सा में रेडियम बहुत उपयोगी है। घाव के निकट जाते ही रेडियम की प्रकाश-किरण घाव पर पड़कर उसके विष को दूर कर देती है।

44.

खुद की कृत्रिम रचना के बारे में रेडियम के उद्गार को स्पष्ट करें।

Answer»

रेडियम का कहना है कि मेरा ही नाम धारणकर एक कृत्रिम वस्तु चल निकली है। इसे घड़ियों में लगा देने से वह अंधेरे में स्वयं चमकने लगती है। इस तरह मैं सारे ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर तुम्हारी कलाई की घड़ी में मौजूद हूँ। इतनी यात्रा के बाद भी तुम यह मत समझ लेना कि यहाँ आकर मेरी यात्रा पूरी हो गई। मैं अभी और यात्रा करूंगा और करता रहूंगा। – इस प्रकार रेडियम को भविष्य में अपनी अधिक से अधिक उपयोगिता पर विश्वास है।

45.

देवताओं में इन्द्र और कंकड़ में रत्न समान होना ।

Answer»

महत्त्वाकांक्षा का कभी कोई अंत नहीं होता। रेडियम भी सर्वश्रेष्ठ धातु बनने की महत्त्वाकांक्षा रखता था। उसकी इच्छा थी कि जैसे देवताओं में इंद्र का स्थान सबसे ऊंचा और कंकड़ों में हीरा जैसा रत्न सर्वश्रेष्ठ है, उसी तरह धातुओं में मुझे भी इनके समान ही श्रेष्ठ स्थान मिले।

46.

पंक्तियों के भावार्थ स्पष्ट कीजिए-संझा पुकारेंगी गीली आँखड़ियाँ भोर हुए धन-खेत।

Answer»

भावार्थ-संध्या समय नमी से आँखें गीली होंगी और सुबह खेत दिखाई देंगे।

47.

पंक्तियों के भावार्थ स्पष्ट कीजिए-चंदा को बाँचेंगे कच्ची कलगियों, सूरज को सूखी रेत में।

Answer»

भावार्थ-चन्द्रमा की चाँदनी धान की कोमल बालियों पर और सूरज सूखे रेत में प्रकाशित होगा।

48.

रेडियम को छूने से क्या होता है?

Answer»

रेडियम को छूना खतरनाक होता है। इसे छूने पर हाथ में बड़े-बड़े फफोले पड़ जाते हैं और उनमें असह्य दर्द होता है।

49.

निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय अलग कीजिए:अकेला ज्योर्तिमय खनिज परिचितगुलाबी 

Answer»
  • अकेला = एक + एला (प्रत्यय)
  • ज्योर्तिमय = ज्योतिः + मय (प्रत्यय)
  • खनिज = खान + इज (प्रत्यय)
  • परिचित = परिचय + इत (प्रत्यय)
  • गुलाबी = गुलाब + ई (प्रत्यय)
50.

निम्नलिखित तद्भव शब्दों के तत्सम रूप लिखिए :हाथ चक्कर हंसी 

Answer»
  1. हाथ – हस्त
  2. चक्कर – चक्र
  3. हंसी – हास्य