1.

निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिए :पौ बारह होना ,कगार पर का वक्ष होना ,फूला न समाना ,चलता पुर्जा होना ,कौडियों पर ईमान बेचना ,इज्जत धूल में मिलना ,नींव हिला देना ,मिट्टी में मिल जाना ,मन का मैल मिटना,निगाह में बाँध लेना ,हृदय में शूल उठना 

Answer»

पौ बारह होना – सब तरफ से लाभ ही लाभ होना
वाक्य : रामलाल को वनरक्षक की नौकरी क्या मिली, जंगल की संपत्ति बेचकर उसके तो पौ बारह हो गए।

कगार पर का वक्ष होना – मृत्यु के निकट होना
वाक्य : विश्वनाथ ने बेटे से कहा, “अब तुम अपनी घर-गृहस्थी देखो, मेरा क्या, में तो अब कगार का वृक्ष मात्र हूँ।”

फूला न समाना – बहुत प्रसन्न होना
वाक्य : बेटे की पदोन्नति का पत्र पाकर श्यामसुंदर फूले न समाए।

चलता पुर्जा होना – चालाक व्यक्ति होना
वाक्य : जतिन टेखने में भोलाभाला लगता है. पर है वह चलता परजा।

कौडियों पर ईमान बेचना – थोड़े पैसों में बिक जाना
वाक्य : देशद्रोहियों का क्या है, वे तो कौड़ियों पर अपना ईमान बेचते रहते हैं।

इज्जत धूल में मिलना – दूसरों की नज़र में गिर जाना
वाक्य :
परीक्षा में विद्यार्थियों को खुले आम नकल कराते हुए पकड़े जाने पर शिक्षक महोदय की इज्जत धूल में मिल गई।

नींव हिला देना – जड़ या आधार कमजोर करना
वाक्य : गांधीजी ने सत्याग्रह के बल पर अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी थी।

मिट्टी में मिल जाना – बरबाद हो जाना
वाक्य : इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ने पर सेठजी की गलत ढंग से की गई सारी कमाई मिट्टी में मिल गई।

मन का मैल मिटना – किसी के प्रति मन में बनी गलत धारणा मिटना
वाक्य : जब मुनीमजी ने सेठजी के सामने एक-एक पैसे का हिसाब रख दिया, तो मुनीमजी के प्रति सेठजी के मन का मैल मिट गया।

निगाह में बाँध लेना – सदा याद रखना
वाक्य : किसान ने कृषिअधिकारी द्वारा गेहूं की अच्छी उपज करने के बारे में बताई गई बातें निगाह में बाँध ली।

हृदय में शूल उठना – ईर्ष्या होना
वाक्य : गरीबी में दिन काट रहे रमण बाबू के बेटे की एक विदेशी कंपनी में अच्छे वेतन पर नौकरी लग जाने पर पड़ोसियों के हृदय में शूल उठने लगे।



Discussion

No Comment Found