1.

पंक्तियों के भावार्थ स्पष्ट कीजिए-संझा पुकारेंगी गीली आँखड़ियाँ भोर हुए धन-खेत।

Answer»

भावार्थ-संध्या समय नमी से आँखें गीली होंगी और सुबह खेत दिखाई देंगे।



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