Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

भारत में पवनऊर्जा उत्पन्न करनेवाले राज्य कौन-से है ?

Answer»

भारत में पवनऊर्जा प्राप्त करनेवाले राज्य गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, कर्णाटक, मध्य प्रदेश और केरल है ।

2.

भारत में गैरपरंपरागत ऊर्जा स्रोतों की स्थापना के लिए कौन-सी संस्था की स्थापना की गयी है ?

Answer»

सन् 1981 में Commission for Additional Sources of Energy (CASE) की रचना की गयी है ।

3.

अबरख की जानकारी दीजिए ।

Answer»

विश्व में भारत अबरख उत्पादन में प्रथम स्थान पर है ।

उपयोग: विद्युत के साधन बनाने में विद्युत मोटर, डायनेमो, रेडियो, टेलिफोन, मोटरगाड़ी, हवाई जहाज आदि बनाने में उपयोग होता है ।

गुणधर्म: अग्निरोधक, विद्युत की अवाहक, अटूट और स्थितिस्थापक ।

उत्पादक क्षेत्र: बिहार, झारखण्ड, आंध्र प्रदेश और राजस्थान मुख्य उत्पादक है । इसके अलावा कर्णाटक, पं. बंगाल और तमिलनाडु में उत्पादन होता है ।
भारत में मस्कोवहाईट अबरन का विशाल जथ्था है ।

4.

बोक्साईट के उपयोग और गुणधर्म लिखिए ।

Answer»

गुणधर्म: वजन में हल्की, मजबूत, टिकाऊ, विद्युत की सुवाहक जंग प्रतिरोधक होती है ।

उपयोग: गृह उपयोगी बर्तन, विद्युत के साधन, रंग, हवाई जहाज निर्माण में उपयोग होता है ।

5.

मेग्निज के उपयोग लिखिए ।

Answer»

मेग्निज का मुख्य उपयोग लोहे से फौलाद बनाने में होता है ।

  • मेग्निज रासायनिक उद्योगों – ब्लीचिंग पावडर, कीटनाशक, सूखी बेटरी और टाईल्स बनाने में उपयोग होता है ।
  • चमड़ा उद्योगों, काँच उद्योग, दियासलाई उद्योग, फोटोग्राफी, चीनी मिट्टी के बर्तन और रंगीन ईंटे बनाने में उपयोग होता है ।
  • मेग्निज के मिश्रण से पोलाद के पाटे और सलिये बनाने से स्थितिस्थापकता और मजबूती मिलती है ।
  • चट्टानों को तोड़ने, पीसने और काटने के यंत्र बनाए जाते है ।
6.

भारत का सबसे बड़ा बायोगैस प्लांट कौन-सा है ?

Answer»

भारत का सबसे बड़ा और आदर्श बायोगैस प्लांट गुजरात के सिद्धपुर के मेथाण में स्थित है ।

7.

भारत में सबसे अधिक सौर ऊर्जा उत्पन्न करनेवाला राज्य कौन-सा है ?(A) उत्तर प्रदेश(B) गुजरात(C) राजस्थान(D) महाराष्ट्र

Answer»

सही विकल्प है (B) गुजरात

8.

सीसे की धात् खनिज की जानकारी दीजिए ।

Answer»

गुणधर्म और उपयोग: सीसा मुलायम और भारी धातु होती है । इसका उपयोग मिश्रधातु बनाने में, बीजली के तार, रंग, शस्त्र, काँच, रबड़ तथा स्टोरेज बेटरी बनाने में होता है ।

उत्पादक क्षेत्र: भारत में राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सीसे का उत्पादन अधिक होता है । इसके अलावा पं. बंगाल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, मेघालय और सिक्किम में प्राप्त होता है ।

आयात: भारत में सीसे का अधिक उत्पादन होने के उपरांत इसकी माँग अधिक होने से भारत आयात करता है ।

9.

बायो गैस की संक्षिप्त में जानकारी दीजिए ।

Answer»

बायोगैस का उत्पादन व्यर्थ कृषि पदार्थों, गन्ने के छिलको, अन्य वनस्पति, गोबर और मानव के मलमूत्र को सड़ाने से मिथेन गैस मुक्त होती है, वह ज्वलनशील होती है ।

  • इसके उपयोग के बाद विषाणुरहित कीमती खाद प्राप्त होता है ।
  • यह गैस परंपरागत ऊर्जा स्रोत है, जो ग्रामीण स्वच्छता में वृद्धि तथा घरेलु ऊर्जा की कमी को दूर करता है ।
  • उत्तर प्रदेश और गुजरात बायोगैस उत्पादन में प्रथम और द्वितीय स्थान पर है ।
  • गुजरात में सिद्धपुर के मेथाण में भारत का सबसे बड़ा और आदर्श बायोगैस प्लांट है, जो सामुदायिक स्तर पर चलाया जाता है ।
  • अहमदाबाद के दसक्रोई तालुके में रुदातल तथा बनासकांठा के दांतीवाड़ा में आदर्श बायोगैस प्लान्ट कार्यरत है !
10.

भूतापीय ऊर्जा की जानकारी दीजिए ।

Answer»

पृथ्वी के सपाटी का पानी गर्भ की ऊष्मा ऊर्जा के कारण ऊष्ण फब्बारों (गरम झरनों) के रूप में बाहर आती है ।

  • गरमी के कारण वाष्प में परिवर्तित होती है, वाष्प ऊपर की ओर दबाव से भूमिगत जल गर्भ के मेग्मा के संपर्क में आकर ऊष्मा प्राप्त करता है, जिसका उपयोग करके भूतापीय ऊर्जा प्राप्त की जाती है ।
  • गुजरात में लसुन्द्रा, उनाई, टुवा और तुलसीश्याम में गरम पानी के झरनें है । जिनका उपयोग भूतापीय ऊष्मा ऊर्जा प्राप्त करने की संभावना है ।
11.

सौर ऊर्जा से कौन-से साधन चलाए जाते है ?

Answer»

सोलर कूकर का उपयोग रसोई बनाने में, सोलर हीटर का उपयोग पानी गरम करने में और सोलर प्लांट द्वारा बीजली उत्पन्न की जाती है ।

12.

सौर ऊर्जा की संक्षिप्त में जानकारी दीजिए ।

Answer»

सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, जिसके कारण पृथ्वी पर जीवन संभव है ।

  • सौर ऊर्जा की टेक्नोलॉजी के कारण भारत में अधिक प्रगति हुई है ।
  • सोलर कूकर का उपयोग रसोई बनाने, सोलर हीटर का उपयोग पानी गरम करने और सोलर पेनल द्वारा बीजली उत्पन्न की जाती है ।
  • गुजरात देश में सबसे अधिक सौर ऊर्जा उत्पन्न करता है ।
  • गुजरात में एनर्जी विकास एजन्सी (GEDA) गेडा छाणी (वड़ोदरा) में 10 टन की क्षमतावाला सौर शीतागार स्थापित किया गया है ।
  • वर्तमान में बीजली बिना के गाँवों में स्ट्रीट लाईटे, खेतों में सिंचाई और टी.वी. के लिए सोलर प्लांट लगाए गये है ।
  • गुजरात में भुज के पास माधोपुर में समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने के लिए सौर ऊर्जा प्लान्ट स्थापित किया गया है ।
  • आज सौर ऊर्जा से चलनेवाले उपकरणों का प्रचलन बढ़ा है ।
13.

Questions are asked in which language ?

Answer»

Members ask questions in their own languages in Lok Sabha.

14.

To whom are the questions addressed ?

Answer»

The questions are addressed to the Speaker of the Lok Sabha.

15.

Which is the upper house of the Parliament ?

Answer»

The Rajya Sabha is the upper house of the Parliament.

16.

Which is the lower house of the Parliament ?

Answer»

The Lok Sabha is the lower house of the Parliament.

17.

What do you mean by democracy ? What is its main aim ?

Answer»

Democracy is Government of the people, for the people and by the people. In a democracy, general elections are held every five years in which people cast a vote to elect their leaders. In a democracy, supreme power is vested in the people and is exercised by them or by their elected leaders. These leaders form the government. In a democracy, the government has to give clarifications and provide reasons for the decisions taken.
A democratic government is for the people. The welfare of the people is the main aim of democracy.

18.

How does the opposition parly play an important role in a democracy?

Answer»

In a democracy the opposition party plays a major role to ensure effective administration by highlighting any loopholes in the policies / programmes of the government.

19.

Which is the upper house of the Parliament ?A. Legislative AssemblyB. Vidhan ParishadC. Lok SabhaD. Rajya Sabha

Answer»

D. Rajya Sabha

20.

Which governance policy has India accepted ?A. CommunismB. DemocracyC. FeudalismD. Dictatorship

Answer»

B. Democracy

21.

What is the main characteristic of a democracy?A. Sole power rests with the armyB. Sole power rests with one individualC. Sole power rests with the peopleD. Sole power rests with the President

Answer»

C. Sole power rests with the people

22.

If you were the Prime Minister, what would you do for the welfare of people?

Answer»

As a Prime Minister :

  • I would give first preference to agriculture and cottage industry problems. I would increase facilities of electricity and irrigation for peasants so that they can take three crops every year. I would ensure that peasants get healthy seeds for sowing, good fertilizers, insecticides, medicines and instruments for agriculture at a subsidized rate.
  • I would increase plans for the development of cottage industry. To encourage these industries, I would arrange financial loans and increase the proportion of subsidy which is given to them.
  • I would try to root out illiteracy from the country.
  • I would plan that people of the poor and the backward classes under E.G.S. (Employment Guarantee Scheme) get wages for the whole year.
  • I would pass laws eradicating corruption and bribery from the country and I would see that these laws are strictly implemented.
  • I would ensure that people of our country get proper and sufficient aid at times of natural calamities like cyclones, floods, famines, earthquakes, etc.
  • I would arrange that each village gets facilities like electricity, health, primary education, pure drinking water, etc.
23.

Which were the other causes responsible for the revolt being a failure?

Answer»

The following might be the other reasons for the failure of the revolt of 1857 C.E. :

  • Lack of awareness in the people about the revolt in the country.
  • The revolt did not take place in South India which meant half the country did not participate in the revolt.
  • Narrow vision of the kings of local states.
  • The objective of the revolt like the British have to be driven away out of the country was not decided.
  • The revolt did not take place in Bengal, where the Britishers had established their power initially.
24.

What does the government come to know during the question hour in the Parliament?

Answer»

During the Question Hour, the Members of Parliament ask questions through which they gain information about the working of the government. Thus, the Parliament controls the Executive. The members draw attention to loopholes in government functioning as well as to people’s opinions with the help of these questions. It is an important responsibility of the members to question the government.

25.

If you were a Member of the Parliament, what would you do for the people?

Answer»

As a Member of Parliament, I would put forward people’s questions, their problems and difficulties in the Parliament and draw attention towards them. I would get assurance from the ministers for the solution to each question and difficulty of people. I would keep my eye on whether all ministers do their work according to the assurance they have given or not.

26.

What do you expect from the Member of Parliament of your area?

Answer»

My expectations from the Member of Parliament Of my area are as under :

  • He should draw government’s attention to questions related to agriculture, irrigation, electricity, education, health, roads, etc. of my area.
  • He should get assurance from the minister of the government to address each question and to remove all difficulties.
  • He must keep a watch on whether the assurances given by the Ministers have been acted upon or not.
27.

What is the facility provided to a Member of Parliament who does not understand the language of conversation in the session?

Answer»

The speeches in Parliament are generally held in Hindi and English languages. Moreover, five languages of North India and four languages of South India have been accepted for speeches. There is an arrangement for listening to each speech held in Hindi and English by translating them into any one of the nine languages.

28.

Why is the Rajya Sabha never dissolved completely ?

Answer»

In the Rajya Sabha, 1/3 of the members retire after every two years and the same number of members are inducted. Thus, the Rajya Sabha is never dissolved completely and so the Rajya Sabha is known as the permanent house.

29.

What is the name of your Parliamentary Constituency ?

Answer»

As an answer, students should write the name of their Parliamentary Constituency.

30.

If you have any problems related to water, roads, electricity, etc. in your village, locality or taluka, then whom would you approach the matter and what would be your complaint?

Answer»

At first, we will contact the government executive of our Taluka and Taluka Development Officer if it is a . matter of water, electricity or road of our village, area and taluka. After that we will contact our District Collector and District Development Officer. Along with this, we will put the matter up in front of the member of the Legislative Assembly of our Taluka area. 

Finally, we will present it to the Member of Parliament of our constituency.

31.

How is the Council of Ministers (Government) of India formed?

Answer»

After the Lok Sabha elections, party-wise list of elected members is made to ascertain which party has a clear majority. The party that forms the government must have a clear majority or form a coalition to gain majority. The leader of such a party is appointed as the Prime Minister by the President. The Prime Minister of India is the head of the ruling party. The Prime Minister forms the council of ministers by selecting members of his party. He hands over one or more departments to each minister. The ministers along with the Prime Minister together take administrative decisions.

32.

What is the name of the Member of Parliament of your constituency?

Answer»

As an answer, students should write the name of the Member of Parliament of their constituency.

33.

“सूक्ष्म अर्थशास्त्र एवं बृहद अर्थशास्त्र परस्परावलंबी है ।” विधान समझाइए ।

Answer»

सूक्ष्म अर्थशास्त्र एवं बृहद अर्थशास्त्र आर्थिक मामलों का अध्ययन करनेवाली दो अलग-अलग पद्धतियाँ है । परन्तु ये दोनों पद्धतियाँ एक-दूसरे पर निर्भर है । ये बैलगाड़ी के उन दो पहियों के समान है जिस में किसी एक पहिए के बिना बैलगाड़ी नहीं चल सकती । बृहद अर्थशास्त्र के अन्तर्गत राष्ट्रीय आय, राष्ट्रीय उत्पादन, देश की कुल बेकारी, सामान्य भावस्तर, औद्योगिक नीतियाँ, बाजार माँग-पूर्ति इत्यादि का अध्ययन किया जाता है । परन्तु इसके अध्ययन के लिए – वैयक्तिक आय, वैयक्तिक उत्पादन, वैयक्तिक बेकारी, व्यक्तिगत माँग-पूर्ति इत्यादि का जानना आवश्यक होता है । तमाम बृहद आर्थिक परिमाणों का व्यवहार वैयक्तिक व्यवहारों पर से लिया जाता है जैसे – निवेश का सिद्धान्त, कुल उपभोग का सिद्धान्त इत्यादि । ठीक इसी प्रकार सूक्ष्म अर्थशास्त्र भी बृहद अर्थशास्त्र पर काफी हद तक निर्भर है । जैसे – लाभ की दर-निर्धारण का सिद्धान्त एवं व्याज की दर-निर्धारण का सिद्धान्त । लाभ की दर-निर्धारण के सिद्धान्त में नियोजक द्वारा कमाया गया लाभ का कद-निर्धारण और उसमें होनेवाले परिवर्तनों में लाभ का कद, कुल माँग का स्तर, कुल आय, सामान्य भावस्तर पर आधारित होते है ।

34.

Would you prefer direct selection? Justify your answer.

Answer»

I would not prefer direct selection because this is not democracy. In democracy everyone has a right to contest the election. Each student has a right for candidature for being class monitor. If there is direct selection, the student who wants to be a monitor cannot get a chance.

35.

एक ही प्रकार की जानकारी के लिए कौन-सी आकृति अनुकूल है ?

Answer»

एक ही प्रकार की जानकारी के लिए स्तंभाकृति अधिक अनुकूल है ।

36.

क्या आर्थिक समस्या पसंदगी की समस्या है ?

Answer»

आर्थिक समस्या पसंदगी की समस्या है क्योंकि असीमित आवश्यकता और सीमित साधनों के बीच के अभाव से आर्थिक समस्या उत्पन्न होती है और सीमित साधनों के वैकल्पिक उपयोगों का श्रेष्ठ उपयोग किस प्रकार करें कि महत्तम आवश्यकताओं को हम संतुष्ट कर सकें उसे हम पसंदगी की समस्या कह सकते हैं ।

37.

कौटिल्य ने दी परिभाषा कौन-सी है ? वह समझाइए ।

Answer»

कौटिल्य जिन्हें चाणक्य के नाम से जानते हैं । उन्होंने 2500 वर्ष पूर्व ‘अर्थशास्त्र’ नामकी पुस्तक में आर्थिक प्रवृत्ति के लिए चिंतन प्रस्तुत किया । अर्थशास्त्र की परिभाषा कौटिल्य ने इस प्रकार दिया : ‘मनुष्य की वृत्ति अर्थ है, मनुष्य का आवासवाली भूमि अर्थ है इसलिए पृथ्वी के देखभाल के उपाय दर्शानेवाला शास्त्र अर्थात् अर्थशास्त्र ।’ अथवा

कौटिल्य के मतानुसार “मनुष्य ने युक्त की भूमि और उसकी सुरक्षा के उपाय बताये वही अर्थशास्त्र है ।”

कौटिल्य ने राजधर्म, कर, कर के तत्त्व, दंड, पारिश्रमिक, वेतन, व्याज और कर्ज के संदर्भ में मार्गदर्शन दिया है ।

कौटिल्य ने भौतिक विचारधारा में साधन और साध्यों की स्पष्टता की है जिसका विरोध संभव नहीं है । उनकी विचारधारा की तुलना पाश्चात्य अर्थशास्त्र के साथ नहीं की जा सकती । मनुष्य आर्थिक लाभों की प्राप्ति के लिए हमेशा इच्छित रहता है और उसकी प्राप्ति के बाद उसकी सुरक्षा, उसे बनाये रखना, उनके उपाय अर्थशास्त्र बताता है ।

38.

वृत्तांश आकृति बनाने की विधि समझाइए ।

Answer»

समग्र वृत्त एक समष्टी है और इसका एक भाग उसका हिस्सा हैं । जब अलग-अलग जानकारी वृत्त में दर्शायी जाती है । तब वृत्तांश आकृति का निर्माण होता है । तुलनात्मक प्रस्तुति के लिए वृत्तांश आकृति अधिक उपयोगी है ।

वृत्तांश आकृति बनाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :

  1. एक से अधिक जानकारी को दर्शाने के लिए वृत्तांश आकृति का उपयोग करते हैं ।
  2. प्रस्तुत जानकारी को सर्वप्रथम प्रतिशत में परिवर्तित करते हैं ।
  3. प्रतिशत संख्या को 360 और 100 के अनुपात से गुणा करके अंश में परिवर्तित करते हैं ।
  4. वृत्त की रचना करके एक त्रिज्या की रचना करते हैं ।
  5. त्रिज्या से सर्वप्रथम सबसे बड़े अंश (संख्या) को दर्शाते हैं ।
  6. उसके बाद उतरते क्रम में घड़ी की दिशा में दर्शाते हैं ।
  7. अलग-अलग अंश को अलग रंग या डिजाइन से दर्शाते हैं ।
39.

कौटिल्य ने 2500 वर्ष पूर्व कौन-सी पुस्तक लिखी थी ?(A) भौतिकशास्त्र(B) समाजशास्त्र(C) अर्थशास्त्र(D) नीतिशास्त्र

Answer»

सही विकल्प है (C) अर्थशास्त्र

40.

सामान्य वर्गीकरण के अनुसार निर्देशन के मुख्य प्रकार कौन-कौन-से हैं ?

Answer»

सामान्य वर्गीकरण के अनुसार निर्देशन के मुख्य प्रकार हैं।

⦁    शैक्षिक निर्देशन
⦁    व्यावसायिक निर्देशन तथा
⦁    व्यक्तिगत निर्देशन

41.

‘Wealth of Nations’ पुस्तक के लेखक कौन है ?(A) एडम स्मिथ(B) मार्शल(C) रॉबिन्स(D) सेम्युअलस

Answer»

सही विकल्प है (A) एडम स्मिथ

42.

“बृहद अर्थशास्त्र एक ‘नूतन अर्थशास्त्र’ है ।” विधान की चर्चा कीजिए ।

Answer»

अर्थशास्त्र को स्पर्श करनेवाले बृहद (व्यापक) प्रश्नों के अध्ययन के सन्दर्भ में व्यापक विचारों (अभिगमों) को लॉर्ड कीन्स ने ‘नूतन अर्थशास्त्र’ के रूप में खूब प्रचलित और लोकप्रिय बनाया । आज जिसे बृहद अर्थशास्त्र के रूप में जाना जाता है. उसके कितने ही भागों को भूतकाल में मौद्रिक अर्थशास्त्र के रूप में जाना जाता था । आज जिसे नूतन अर्थशास्त्र कहते हैं प्राचीन काल में इसका अध्ययन मौद्रिक अर्थशास्त्र के रूप में किया जाता था ।

43.

अर्थशास्त्र की पूर्व विचारधारा का धर्म और नीतिशास्त्र के साथ कैसा संबंध है ?

Answer»

अर्थशास्त्र की पूर्व विचारधारा का धर्म और नीतिशास्त्र के साथ घनिष्ठ संबंध है ।

44.

“बृहद अर्थशास्त्र विश्वव्यापी महामंदी की भेट हैं ।” विधान की चर्चा कीजिए ।

Answer»

बृहद अर्थशास्त्र का आधुनिक स्वरूप सन् 1929 में विश्वव्यापी महामंदी के कारण अस्त-व्यस्त हुए अर्थतंत्र को सुधारने के उद्देश्य से प्राप्त हुआ । अर्थशास्त्रीयों का विचार था कि बाजार तंत्रवाली अर्थव्यवस्था में स्वचालित समंजन की क्षमता है, जिसके कारण सारी अर्थव्यवस्था सदैव संतुलन में ही रहेगी, और किसी भी प्रकार के आर्थिक संकट को सुलझाने में बाजार तंत्र सक्षम है । परन्तु सन 1929 की विश्वव्यापी मंदी के संकट से निकलने में यह व्यवस्था असमर्थ रही । इसलिए इस विचार धारा पर प्रश्नचिहन लग गया, जिसकी वजह से बृहद अर्थशास्त्र का जन्म हुआ । आज के युग में बृहद स्तरीय आर्थिक विश्लेषण का आरम्भ इसी केंजीय सिद्धान्त से होता है ।

45.

भारतीय सभ्यता और संस्कृति का इतिहास लगभग कितने वर्ष पुराना है ?(A) 500(B) 5000(C) 1500(D) 2000

Answer»

सही विकल्प है (B) 5000

46.

अर्थतंत्र की दशा और दिशा के संबंध में व्यवहार जानने के लिए सांख्यकीय जानकारी उपयोगी है ।’ समझाइए ।

Answer»

व्यापक अर्थतंत्र या उसके किसी एक क्षेत्र का व्यवहार किस प्रकार है, कौन-सी दिशा है वह सांख्यकीय जानकारी के द्वारा जान सकते हैं । उदाहरण स्वरूप राष्ट्रीय आय में कृषि क्षेत्र का हिस्सा घट रहा है, भारत की आयात में वृद्धि हो रही है । अर्थतंत्र में मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि हो रही है । इससे सम्बन्धित प्रवाह अंकों द्वारा ही जान सकते हैं । अंक दशा और दिशा दोनों दर्शाते हैं । अर्थतंत्र किस दशा में जा रहा है ? किस देश के साथ आर्थिक व्यवहार बढ़ रहा है ? किस क्षेत्र में उत्पादन बढ़ रहा है ? किस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं ? यह सभी दिशाएँ सांख्यकीय जानकारी पर जान सकते हैं ।

47.

एडम स्मिथ और मार्शल द्वारा दी गयी अर्थशास्त्र की परिभाषा विस्तार से समझाइए ।

Answer»

प्राचीन समय में अर्थशास्त्र को अर्थनीतिशास्त्र के रूप में पहचाना जाता था । सन् 1776 से पूर्व अर्थशास्त्र का अभ्यास समाजशास्त्र के हिस्से के रूप में किया जाता था । प्राचीन अर्थशास्त्री अर्थशास्त्र को धन का शास्त्र या सम्पत्ति का शास्त्र मानते थे ।

सबसे पहले एडम स्मिथ नामक अर्थशास्त्री ने अर्थशास्त्र की पाश्चात्य विचारधारा को प्रस्तुत करने का प्रयास किया था । उन्होंने अपनी 1776 में लिखी पुस्तक ‘राष्ट्रों की सम्पत्ति’ (Wealth of Nations) में अर्थशास्त्र की परिभाषा इसी आधार पर दी है । इसीलिए एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जनक कहते हैं । उन्होंने अपनी पुस्तक में अर्थशास्त्र की परिभाषा लिखते हुए बताया कि –

“अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है ।” “Economics is the Science of Wealth.”

उन्होंने उपयोगी चीजवस्तुओं का परिचय देकर भौतिक सम्पत्ति पर विशेष ध्यान केन्द्रीत किया । इस प्रकार उत्पादक श्रम को वे भौतिक संपत्ति के साथ जोड़ लेते हैं ।

उनकी परिभाषा से यह निष्कर्ष निकलता है कि

  1. धन ही अर्थशास्त्र के अध्ययन का केन्द्र बिन्दु है ।
  2. धन ही मानव सुखों का आधार है ।
  3. राष्ट्रीय धन में वृद्धि व्यक्तिगत समृद्धि के विकास के द्वारा हो सकती है ।

व्यक्ति संपत्ति पैदा करता है, उसका उपयोग करता है, उसका विनिमय करता है और उसका बँटवारा करता है । व्यक्ति के सम्पत्ति के साथ रहे हुए इस व्यवहार को समझाने के उद्देश्य से अर्थशास्त्र में संपत्ति के उत्पादन, उपभोग, विनिमय और बँटवारे का अभ्यास किया जाता है । उससे संबंधित सिद्धांत भी तैयार किए गये हैं ।

प्रो. स्मिथ के मतानुसार सम्पत्ति के उत्पादन और बँटवारे से सम्बन्धित संकल्पना का आय और रोजगार निर्धारण तथा आर्थिक वृद्धि जैसी आधुनिक संकल्पनाओं से घनिष्ठ सम्बन्ध है । इस प्रकार यह विचारधारा सम्पत्ति के शास्त्र संबंधी विचार वर्तमान में भी उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण हैं ।

औद्योगिक क्रांति के कारण संपत्ति में खूब वृद्धि हुई, जिसके फलस्वरूप धनवान, जमीदार, उद्योगपति जैसा वर्ग उभरकर सामने आया । उत्पादन में वृद्धि हुई और मनुष्य की विभिन्न आवश्यकताओं की संतुष्टि संभव बनी । वैसे यह कहा जाता है कि जिस राष्ट्र के पास जितनी अधिक संपत्ति होगी वह उतना अधिक सुखी और विकसित राष्ट्र बनेगा । इसीलिए अर्थशास्त्र में संपत्ति का उल्लेखनीय महत्त्व है । एडम स्मिथ ने उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में उपयोगी श्रम विभाजन और यंत्रों के उपयोग की हिमायत की है ।

वैसे इस विचारधारा में संपत्ति के साथ मानव व्यवहार को पर्याप्त महत्त्व नहीं दिया गया है । फिर भी यह विचार एक सीमित क्षेत्र के लिए अधिक उपयोगी और लाभदायी माना जा सकता है ।

प्रो. मार्शल की परिभाषा : किसी भी व्यक्ति के लिए भौतिक संपत्ति उसके सुखों को प्राप्त करने का साधन हो सकती है, जिससे मानव कल्याण का ध्येय सिद्ध हो सकता है । संपत्ति के शास्त्र के सहयोग में मानव कल्याण की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए ।

प्रो. अल्फ्रेड मार्शल के मतानुसार अर्थशास्त्र कल्याणलक्षी शास्त्र है, जो व्यक्ति के दैनिक व्यवहार का अध्ययन करता है । व्यक्ति का दैनिक व्यवहार आय प्राप्त करना और उसे खर्च करना है । इसके अलावा अर्थशास्त्र सुख, भौतिक साधनों की प्राप्ति और उसके उपयोग के साथ घनिष्ठ संबंध रखनेवाले व्यक्ति और समाज के व्यवहार की अत्यंत सूक्ष्म जाँच करता है ।

परिभाषा : “राजकीय अर्थव्यवस्था या अर्थशास्त्र जीवन के साधारण व्यवसाय में मानव जाति का अध्ययन है । यह व्यक्तिगत तथा सामाजिक क्रियाओं के उस भाग की जाँच करता है जिसका सम्बन्ध मानव कल्याण के लिए अनिवार्य भौतिक साधनों की प्राप्ति तथा उपयोग से हैं ।”

उपरोक्त परिभाषा से यह फलित होता है कि ‘धन’ मनुष्य के लिए है, न कि मनुष्य धन के लिए । मानव जीवन का एक मात्र लक्ष्य ‘मानव कल्याण’ है और धन का प्रयोग केवल साधन के रूप में किया जाता है ।

उपरोक्त परिभाषा के आधार पर हम कह सकते हैं कि –

  1. अर्थशास्त्र में व्याख्या का अभ्यास मुख्य है । अर्थशास्त्र व्यक्ति के द्वारा अपनायी जानेवाली संपत्ति के उत्पादन और उपयोग की पद्धति का अध्ययन करता है ।
  2. अर्थशास्त्र व्यक्ति की आय प्राप्त करने और उसका उपयोग करने की पद्धति का अध्ययन करता है ।
  3. अर्थशास्त्र का संबंध व्यक्ति के भौतिक कल्याण के साथ है ।
  4. अर्थशास्त्र में केवल उन व्यक्तियों की आर्थिक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है जो वास्तविक, सामाजिक और सामान्य होते हैं न कि काल्पनिक और असामान्य ।
  5. कल्याणलक्षी अर्थशास्त्र में धन की अपेक्षा व्यक्ति को महत्त्व दिया गया है ।
48.

निर्देशन का मायर्स द्वारा प्रस्तुत किया गया वर्गीकरण दीजिए।

Answer»

मायर्स (Mayers) के अनुसार समस्याओं के आधार पर निर्देशन के आठे प्रकार बताये गये हैं, जो निम्न प्रकार वर्णित हैं

⦁    शैक्षिक निर्देशन – निर्देशन की यह शाखा व्यक्ति को शिक्षा सम्बन्धी समस्याओं के समाधान में सहायता करती है।
⦁    व्यावसायिक निर्देशन – यह उपयुक्त व्यवसाय के चुनाव में मार्गदर्शन करता है।
⦁    सामाजिक तथा नैतिक निर्देशन – इसमें सामाजिक सम्बन्धों को स्वस्थ व दृढ़ बनाने, सामाजिक तनाव को कम करने तथा मनुष्यों की नैतिक मूल्यों में प्रतिष्ठा हेतु परामर्श दिया जाता है।
⦁    नागरिकता सम्बन्धी निर्देशन – यह शाखा नागरिक के अधिकार व कर्तव्यों के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश एवं सुझाव देकर व्यक्ति को श्रेष्ठ नागरिक बनाने में मदद करती है।
⦁    समाज-सेवा सम्बन्धी निर्देशन – यह शाखा समाज-सेवा सम्बन्धी कार्यों को सम्पादित करने तथा योजनाओं को पूरा करने में सहायता प्रदान करती है।
⦁    नेतृत्व सम्बन्धी निर्देशन – इसके अन्तर्गत लोगों में नेतृत्व की क्षमता का विकास करने सम्बन्धी पथ-प्रदर्शन प्रदान किया जाता है।
⦁    स्वास्थ्य सम्बन्धी निर्देशन – इसमें व्यक्तियों को स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श देने तथा अपने परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बनाये रखने हेतु निर्देश और सुझाव मिलते हैं।
⦁    मनोरंजन सम्बन्धी निर्देशन – निर्देशन की इस शाखा के अन्तर्गत लोगों को अपने खाली समय को सदुपयोग करने तथा श्रमोपरान्त मनोरंजन करने के उपायों से अवगत कराया जाता है।

49.

‘अर्थशास्त्र’ से संबंधित भारतीय चिंतन की जानकारी दीजिए ।

Answer»

भारत की सभ्यता और संस्कृति का इतिहास लगभग पाँच हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है । इसी कारण भारतीय तत्त्वचिंतन में मानवजीवन के विविध पहलूओं का अध्ययन और मार्गदर्शन देखने को मिलता है ।

मनुष्य के चार पुरुषार्थ हैं :

  1. धर्म
  2. अर्थ
  3. काम और
  4. मोक्ष जो मनुष्य को करने होते हैं । इनमें से ‘अर्थ’ के लिए की जानेवाली प्रवृत्ति से अर्थशास्त्र जुड़ा हुआ है ।

‘कुछ प्राप्त करने की’ अपेक्षा होनेवाली प्रवृत्ति यह ‘अर्थ पूर्ण’ प्रवृत्ति है । जीवननिर्वाह और भौतिक सुख की प्राप्ति के लिए अर्थोपार्जन करना (आय प्राप्त करना) यह मनुष्य का कर्तव्य है । लगभग 2500 वर्ष पहले ‘अर्थशास्त्र’ नाम की पुस्तक में कौटिल्य (चाणक्य) ने मानवीय प्रवृत्ति के लिए चिंतन प्रस्तुत किया था । उनके अनुसार ‘मनुष्य की वृत्ति अर्थ है, मनुष्य के निवास करनेवाली भूमि अर्थ है इसलिए पृथ्वी के लालन-पालन (देखभाल) के उपाय दर्शानेवाला शास्त्र अर्थात् अर्थशास्त्र ।’

भारतीय चिंतन में मानव कल्याण का समग्रता के साथ विचार होता था । आर्थिक प्रवृत्ति भी मात्र ‘अर्थ’ केन्द्रित न रहकर नैतिक आधार के साथ समग्र मानवकल्याण को ध्यान में रखकर होता है । इसलिए चाणक्य के अर्थशास्त्र पर नीतिशास्त्र का प्रभाव है । चाणक्य के अधिकांशतः आर्थिक विचारों में सार्वजनिक और सामूहिक व्यवहारवाली आर्थिक प्रवृत्ति ही केन्द्र में है । विशेष रूप से कौटिल्य ने अपने मार्गदर्शन में राजाशाही राज्य व्यवस्था और कृषिप्रधान अर्थव्यवस्था की आर्थिक बातों को प्रस्तुत किया है ।

50.

व्यापकलक्षी अर्थशास्त्र की व्याख्या दीजिए ।

Answer»

कोई एक इकाई के बदले तमाम इकाईयों के समूह के आर्थिक व्यवहारों का अभ्यास अर्थात् व्यापकलक्षी अर्थशास्त्र । जैसें : सभी उद्योगों का व्यापक रूप से सम्पूर्ण अभ्यास, समाज के सभी वर्ग के ग्राहकों के द्वारा की जानेवाली माँग का अभ्यास ।