This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर क्या है? |
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Answer» कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर एक लिखित क्रमादेश है जो स्मृति में संगृहीत है। प्रयोक्ता द्वारा किए गए निर्देशानुसार यह विशिष्ट क्रियाएँ सम्पन्न करता है। |
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कम्प्यूटर के हार्डवेयर घटक में शामिल कोई दो भाग बताइए। |
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Answer» ⦁ निवेशी साधन एवं |
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कम्प्यूटर की कोई दो कमियाँ बताइए। |
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Answer» ⦁ कम्प्यूटर में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। |
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कम्प्यूटर की अंकगणितीय एवं तर्क इकाई के प्रमुख कार्य बताइए। |
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Answer» कम्प्यूटर की अंकगणितीय एवं तर्क इकाई के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं ⦁ आँकड़ों का विश्लेषण तथा पुनर्विन्यास करना। |
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कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में सम्बन्ध का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में सम्बन्ध–’हार्डवेयर’ शब्द का प्रयोग उन सभी यन्त्रों और उपकरणों के लिए किया जाता है जो इलेक्ट्रॉनिक डाटा संगणना प्रक्रिया में शामिल होते हैं और सॉफ्टवेयर उन कार्यक्रमों और निर्देशों के समूह को कहा जाता है जिनके आधार पर संगणना प्रक्रिया पूरी होती है। ये दोनों चीजें एक-दूसरे से अलग होते हुए भी एक-दूसरे की पूरक हैं। एक के बिना दूसरे का कार्य नहीं चल सकता। यदि सॉफ्टवेयर न हो तो हार्डवेयर मात्र लोहे और प्लास्टिक के कल-पुर्जे हैं। इसी प्रकार हार्डवेयर यदि न हो तो सॉफ्टवेयर का प्रयोग कहाँ किया जाएगा? |
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नैदानिक विधि को मुख्य रूप से किस क्षेत्र में अपनाया जाता है? |
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Answer» नैदानिक विधि को मुख्य रूप से मनोचिकित्सा के क्षेत्र में अपनाया जाता है। |
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कम्प्यूटर की कोई दो विशेषताएँ बताइए। |
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Answer» ⦁ गति एवं |
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केन्द्रीय संगणना इकाई क्या है? |
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Answer» केन्द्रीय संगणना इकाई केन्द्रीय संगणना इकाई को ‘कम्प्यूटर का मस्तिष्क’ कहा जाता है। यह कम्प्यूटर की प्रमुख चिप होती है जो आँकड़ों का कम्प्यूटर की मुख्य स्मृति में भण्डारण करती है। इसकी नियन्त्रण इकाई आँकड़ों को मुख्य स्मृति से अंकगणितीय तथा तार्किक इकाई में समय-समय पर स्थानान्तरित करती है। संगणना के बाद यह इकाई सूचनाओं को निर्गम यन्त्रों की तरह भेजती है। इस तरह केन्द्रीय संगणना इकाई (CPU) के तीन प्रमुख अंग होते हैं ⦁ मुख्य स्मृति, |
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कम्प्यूटर क्या है? |
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Answer» कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति/मशीन है, जिसका उपयोग विशाल मात्रा में आँकड़ों के भण्डारण – और असंसाधित आँकड़ों को सार्थक सूचनाओं (ज्ञान) में बदलने के लिए किया जा सकता है। |
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प्रयोग विधि तथा निरीक्षण विधि में विद्यमान एक मुख्य अन्तर बताइए। |
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Answer» प्रयोग विधि में एक उपकल्पना का निर्माण किया जाता है, जबकि निरीक्षण विधि में उपकल्पना का निर्माण नहीं किया जाता। |
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एक कम्प्यूटर के विभिन्न भागों की हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ हैं? |
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Answer» कम्प्यूटर के विभिन्न भागों की हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के लाभ निम्नलिखित हैं ⦁ यह अभिकलन और आँकड़ों के प्रक्रमण की गति बढ़ा देता है। |
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एक्सेल में विजार्ड फंक्शन आपको समर्थ बनाता है(क) ग्राफ रचना में(ख) गणितीय और सांख्यिकीय क्रियाओं को करने में(ग) मानचित्र आलेखन में(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं। |
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Answer» (ख) गणितीय और सांख्यिकीय क्रियाओं को करने में। |
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कम्प्यूटर क्या है? कम्प्यूटर की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए। |
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Answer» कम्प्यूटर का अर्थ- कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति/मशीन है, जिसका उपयोग विशाल मात्रा में आँकड़ों के भण्डारण और असंसाधित आँकड़ों को सार्थक सूचनाओं (ज्ञान) में बदलने के लिए किया जाता है। कम्प्यूटर की विशेषताएँ कम्प्यूटर की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं ⦁ गति- कम्प्यूटर अत्यन्त तीव्र गति से कार्य करता है। इसमें प्रति सेकण्ड अरबों गणनाएँ करने की क्षमता होती है। |
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डाटा प्रोसेसिंग की विभिन्न क्रियाओं का वर्णन कीजिए। |
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Answer» डाटा प्रोसेसिंग की विभिन्न क्रियाएँ-डाटा प्रोसेसिंग चाहे हस्तचालित हो, चाहे मशीनीकृत हो या इलेक्ट्रॉनिक हो, इसमें निम्नलिखित क्रियाएँ अपनायी जाती हैं 1. अभिलेखन- इस प्रथम चरण में आँकड़ों को स्थायी रूप में लिखकर या उसकी प्रतिलिपि को अभिलेखित किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली में अभिलेखन के दौरान आँकड़ों को कोड प्रदान किए जाते हैं। 2. वर्गीकरण- इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली में आँकड़ों को उनके कोड के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है। ये कोड अंक या अक्षर या इसके संयोजन द्वारा बनते हैं। 3. संयोजन- आँकड़ों को उनकी उपयोगिता के अनुसार आरोही अथवा अवरोही क्रम में पुन: व्यवस्थित करना ‘संयोजन’ कहलाता है। संयोजन हमेशा अंक या अक्षर के कोड द्वारा संभव होता है। 4. गणना- इसमें जोड़ने, घटाने, भाग करने तथा गुणा करने जैसी अंकगणितीय क्रियाएँ की जाती हैं। 5. संक्षिप्तीकरण- इस क्रिया में आँकड़ों का उनके प्रमुख व्यवहारों या बिन्दुओं के आधार पर एकत्रीकरण किया जाता है। 6. प्रतिवेदन- यह अन्तिम और सबसे महत्त्वपूर्ण क्रिया होती है जिसमें ऊपर बताई गई सभी क्रियाओं को उपयोगी सूचना में बदला जाता है और एक व्यवस्थित ढंग से सूचना का उपयोग करने वाले व्यक्ति की रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। |
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सक्रिय तन्त्र क्या है? |
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Answer» सक्रिय तन्त्र-सक्रिय तन्त्र वह प्रक्रिया सामग्री है जो कम्प्यूटर प्रोग्राम के कार्य को नियन्त्रित करती है और अनुसूचीकरण, डीबगिंग निवेश तथा निर्गत के नियन्त्रण, संचयीकरण, आँकड़ों का प्रबन्धन तथा उससे सम्बन्धित सेवाएँ प्रदान करती है। प्रचलित प्रकार की ऑपरेटिंग प्रणाली में डॉस (डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम), यूनिक्स तथा इसके विभिन्न प्रकार वी०एम०एस० (विजुअल मैमोरी सिस्टम) माइक्रोसॉफ्ट, विन्डोज आदि शामिल हैं। |
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कम्प्यूटर के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» कम्प्यूटर का महत्त्व-कम्प्यूटर हमारे जीवन का एक अंग बन गया है। यह एक मनोरंजन का साधन भी बन गया है। इसके द्वारा हम खेल भी खेल सकते हैं तथा संगीत सुन सकते हैं, चलचित्र आदि देख सकते हैं। कम्प्यूटर एक तीव्र गणितीय प्रक्रिया है। कम्प्यूटर का प्रयोग बैंक, अस्पताल, घर, दुकान आदि में किया जाता है। |
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निरीक्षण विधि तथा अन्तर्दर्शन विधि में मुख्य अन्तर क्या है? |
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Answer» निरीक्षण विधि एक वस्तुनिष्ठ विधि है, जबकि अन्तर्दर्शन विधि एक व्यक्तिनिष्ठ विधि है। |
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निवेश उपकरण क्या है? स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» निवेश उपकरण–ये वे उपकरण हैं जिनके माध्यम से कम्प्यूटर में आँकड़ों का निवेश किया जाता है। निवेश उपकरण हैं ⦁ फ्लॉपी डिस्क |
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निर्गम उपकरण क्या है? स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» ये वे उपकरण होते हैं जिनके माध्यम से हमें परिणाम प्राप्त होते हैं। ये उपकरण मानव और मशीन (कम्प्यूटर) के मध्य कड़ी का कार्य करते हैं। इनके बिना सूचनाएँ, आँकड़े, दस्तावेज कागज पर मुद्रित होकर हमारे हाथ में नहीं आ सकते। सर्वाधिक प्रचलित निर्गम उपकरण निम्नलिखित हैं ⦁ मॉनीटर |
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कम्प्यूटर की कोई दो निवेश युक्तियाँ लिखिए। |
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Answer» ⦁ कुंजी पटल एवं |
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कोई दो बहिर्वेशी उपकरण (कम्प्यूटर) बताइए। |
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Answer» ⦁ मॉनीटर एवं |
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मनोवैज्ञानिक अध्ययन की किस विधि के अन्तर्गत विषय-पात्र स्वयं अपनी मनोदशा आदि का विवरण प्रस्तुत करता है?(क) निरीक्षण विधि(ख) अन्तर्दर्शन विधि(ग) प्रयोग विधि(घ) ये सभी विधियाँ |
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Answer» सही विकल्प है ख) अन्तर्दर्शन विधि |
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मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में प्रयोग विधि को सर्वप्रथम किसने और कब अपनाया था? |
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Answer» मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में प्रयोग विधि को 1879 ई० में वुण्ट ने अपनाया था। |
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सी०पी०यू० का अंग है(a) मुख्य स्मृति(b) अंकगणितीय एवं तर्क इकाई(c) नियन्त्रण इकाई(d) उपर्युक्त सभी। |
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Answer» (d) उपर्युक्त सभी। |
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स्थानिक व गैर-स्थानिक आँकड़ों में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» स्थानिक आँकड़े– स्थानिक आँकड़े भौगोलिक दिक्स्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिन्दु, रेखाएँ और बहुभुज उनके अभिलक्षण होते हैं। बिन्दु आँकड़े मानचित्र पर प्रदर्शित विद्यालय, अस्पताल, कुएँ, नलकूप, कस्बे और गाँव जैसे कुछ भौगोलिक लक्षणों की अवस्थिति सम्बन्धी विशेषताओं का प्रदर्शन करते हैं। गैर- स्थानिक आँकड़े- स्थानिक आँकड़ों का वर्णन करने वाले आँकड़े गैर-स्थानिक आँकड़े अथवा गुण न्यास कहलाते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास आपके विद्यालय की स्थिति दर्शाने वाला मानचित्र है तो आप विद्यालय का नाम, इसके द्वारा प्रदत्त विषय-धारा, प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों की अनुसूची, पुस्तकालय, उपकरणों आदि की सुविधा जैसी सूचनाओं का संलग्न कर सकते हैं। |
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कम्प्यूटर का निवेश उपकरण है(a) फ्लॉपी डिस्क(b) चुम्बकीय टेप(c) कुंजी पटल(d) उपर्युक्त सभी। |
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Answer» (d) उपर्युक्त सभी। |
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निरीक्षण विधि द्वारा किन-किन विषय-पात्रों के व्यवहार का अध्ययन सफलतापूर्वक किया जा सकता है? |
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Answer» अबोध बालकों, असामान्य व्यक्तियों, मानसिक रोगियों तथा पशुओं के व्यवहार का अध्ययन निरीक्षण विधि द्वारा सफलतापूर्वक किया जा सकता है। |
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“अन्तर्दर्शन करने का अर्थ है–क्रमबद्धे रूप से अपने मन की कार्यप्रणाली का सुव्यवस्थित अध्ययन करना।”—यह परिभाषा किस मनोवैज्ञानिक ने दी है?(क) टिचनर(ख) मैक्डूगल(ग) स्टाउट(घ) गार्डनर मर्फी |
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Answer» सही विकल्प है (ख) मैक्डूगल |
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स्थानिक आँकड़ों का अभिलक्षण है(a) बिन्दु(b) रेखाएँ(c) बहुभुज(d) उपर्युक्त सभी। |
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Answer» (d) उपर्युक्त सभी। |
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निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक पद्धति में सबसे कम वस्तुनिष्ठता पायी जाती है?(क) निरीक्षण(ख) नैदानिक निरीक्षण(ग) प्रयोग(घ) अन्तर्दर्शन |
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Answer» सही विकल्प है (घ) अन्तर्दर्शन |
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निरीक्षण विधि द्वारा व्यक्ति के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है(क) स्वाभाविक परिस्थितियों में(ख) कृत्रिम परिस्थितियों में(ग) नियन्त्रित परिस्थितियों में(घ) हर प्रकार की परिस्थितियों में |
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Answer» सही विकल्प है (क) स्वाभाविक परिस्थितियों में |
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निरीक्षण विधि के गुण हैं(क) अध्ययन में पर्याप्त वस्तुनिष्ठता(ख) व्यवहार का स्वाभाविक परिस्थितियों में अध्ययन(ग) बच्चों तथा असामान्य व्यक्तियों के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है।(घ) उपर्युक्त सभी गुण |
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Answer» सही विकल्प है (घ) उपर्युक्त सभी गुण |
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इन भू-पत्रकों का मापक क्या है? |
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Answer» इन भू-पत्रकों का मापक 1 : 10,00,000 है। |
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नियन्त्रित परिस्थिति में किये गये निरीक्षण को कहते हैं(क) नैदानिक निरीक्षण(ख) प्रयोग(ग) आत्म-निरीक्षण(घ) मूल्यांकन |
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Answer» सही विकल्प है (ख) प्रयोग |
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नैदानिक निरीक्षण सम्बन्धित है –(क) स्वयं को समझने से(ख) समस्यात्मक लोगों के अध्ययन से(ग) नियन्त्रित दशा में किये गये निरीक्षण से(घ) व्यक्ति को शिक्षित करने से |
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Answer» सही विकल्प है (ख) समस्यात्मक लोगों के अध्ययन से |
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किस विधि के द्वारा स्वाभाविक परिस्थिति में व्यवहार का अध्ययन सम्भव है?(क) अन्तर्दर्शन(ख) निरीक्षण(ग) नैदानिक निरीक्षण(घ) प्रयोगात्मक |
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Answer» सही विकल्प है (घ) प्रयोगात्मक |
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भारत एवं उसके समीपवर्ती देशों की श्रृंखला के मानचित्र किस मापक पर तैयार किये गये हैं। |
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Answer» इन मानचित्रों का प्रथम संस्करण 1 : 20 लाख मापक पर तथा द्वितीय संस्करण 1: 10 लाख मापक पर निर्मित किये गये हैं। |
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रोगी के स्थानान्तरण की अग्र-पृष्ठ विधि क्या है? |
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Answer» स्थानान्तरण की अग्र-पृष्ठ विधि–यह विधि ऐसे घायल व्यक्तियों के स्थानान्तरण के लिए प्रयोग में लाई जाती है जिनके कूल्हे पर चोट लगी हो। एक वाहक घायल व्यक्ति के दोनों पैरों के बीच में उसके पैरों की ओर मुंह करके खड़ा हो जाता है तथा घायल के दोनों घुटने पकड़ लेता है। दूसरा वाहक घायल व्यक्ति के पीछे खड़ा होता है तथा अपने दोनों हाथों को घायल व्यक्ति की दोनों बाँहों के नीचे से निकालकर अपनी कलाई पकड़ लेता है। इस प्रकार घायल को ऊँचा उठा लिया जाता है और दोनों वाहक अपने-अपने कदमों को मिलाकर चलते हैं। |
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घायल का स्थानान्तरण हस्त-आसन द्वारा कैसे किया जाता है?यारोगी को हस्त-आसन द्वारा स्थानान्तरित करने की कौन-कौन सी विधियाँ हैं? |
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Answer» हाथों से बनी बैठक द्वारा घायल व्यक्ति के स्थानान्तरण की विधि हस्त-आसन विधि कहलाती है। हस्त-आसन प्राय: तीन प्रकार का होता है ⦁ दोहत्थी |
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घायल बच्चों के स्थानान्तरण की सुविधाजनक विधि है(क) हस्त-आसन विधि(ख) सहारा देकर ले जाना(ग) गोद में उठाकर ले जाना(घ) पीठ-पृष्ठ विधि |
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Answer» सही विकल्प है (ग) गोद में उठाकर ले जाना |
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यदि रोगी को ले जाने के लिए स्ट्रेचर न हो, तो क्या करना चाहिए? |
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Answer» सावधानीपूर्वक हाथ की बैठकी पर रोगी का स्थानान्तरण किया जाना चाहिए। |
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घायल के स्थानान्तरण की स्ट्रेचर विधि की विशेषताएँ बताइए।यास्ट्रेचर की क्या उपयोगिता है? आपातकालीन स्ट्रेचर कैसे बनाएँगे? |
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Answer» स्ट्रेचर विधि: घायलों के स्थानान्तरण की यह सर्वोत्तम विधि है। इसके द्वारा घायल व्यक्ति को स्थानान्तरित करना सरल भी होता है तथा सुविधाजनक भी। इस विधि द्वारा घायल को स्थानान्तरित करने की स्थिति में उसे किसी प्रकार का कष्ट भी नहीं होता। स्ट्रेचर लकड़ी अथवा लोहे का, एक विशेष प्रकार का फ्रेम होता है जिसके दोनों ओर दो-दो हत्थे लगे होते हैं। फ्रेम के मध्य में दरी, कैनवैस या अन्य किसी मजबूत कपड़े का आधार होता है। घायल को इस आधार पर लिटाकर दोनों वाहक फ्रेम के दोनों ओर खड़े होकर अपने हाथों से फ्रेम के हत्थे को पकड़कर सुरक्षित स्थान तक ले जाते हैं। स्ट्रेचर उपलब्ध न होने पर किसी कुर्सी अथवा चारपाई के दोनों ओर हत्थियों के समान लकड़ी अथवा लाठियों को बाँधकर कामचलाऊ स्ट्रेचर बनाया जा सकता है। अस्पतालों में ट्रॉलीनुमा स्ट्रेचर भी प्रयोग में लाये जाते हैं। इन्हें ढकेलना सरल होता है। स्ट्रेचर विधि का प्रयोग करने पर वाहकों को अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता तथा रोगी सुविधाजनक स्थिति में रहता है। |
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प्रयोग विधि द्वारा अध्ययन करने के लिए आवश्यक है(क) वातावरण तैयार करना(ख) उपकल्पना का निर्माण(ग) अनुमान लगाना(घ) ये सभी |
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Answer» सही विकल्प है (ख) उपकल्पना का निर्माण |
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भारत एवं उसके समीपवर्ती देशों की मानचित्र माला में कौन-कौन से देश सम्मिलित हैं। |
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Answer» इनमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान एवं श्रीलंका आदि देश सम्मिलित हैं। |
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दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के स्थानान्तरण का उद्देश्य है(क) धूप से बचाना(ख) सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना(ग) पुन: दुर्घटना से बचाना(घ) ये सभी |
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Answer» सही विकल्प है (घ) ये सभी |
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घायल व्यक्ति के स्थानान्तरण की सर्वोत्तम विधि है(क) हस्त-आसन द्वारा(ख) गोद में उठाकर(ग) कन्धे पर लादकर(घ) स्ट्रेचर द्वारा |
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Answer» सही विकल्प है (घ) स्ट्रेचर द्वारा |
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किसी दुर्घटना का शिकार हुए व्यक्ति को दुर्घटनास्थल से स्थानान्तरित करना क्यों आवश्यक होता है? |
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Answer» किसी दुर्घटना का शिकार हुए व्यक्ति को धूप, गर्मी तथा पुनः दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए तथा सुरक्षा एवं आराम प्रदान करने के लिए दुर्घटनास्थल से स्थानान्तरित करना आवश्यक होता है। |
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अस्पतालों में घायलों के स्थानान्तरण के लिए कौन- नी विधि प्रयोग में लायी जाती है?यास्ट्रेचर की क्या उपयोगिता है? |
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Answer» अस्पतालों में घायलों के स्थानान्तरण के लिए प्राय: स्ट्रेचर विधि प्रयोग में लायी जाती है। यह भारत के स्थानान्तरण की सर्वोत्तम विधि है। इस विधि द्वारा घायल व्यक्ति को स्थानान्तरित करना सरल एवं सुविधाजनक होता है। |
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स्ट्रेचर का प्रयोग कब किया जाता है?(क) खेलने के लिए(ख) बाजार जाने के लिए(ग) रोगी को ले जाने के लिए(घ) घूमने के लिए |
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Answer» सही विकल्प है (ग) रोगी को ले जाने के लिए |
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परम्परागत चिह्नों (Conventional Signs) से क्या अभिप्राय है? |
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Answer» भू-पत्रक मानचित्रों में प्रदर्शित संकेत चिह्नों को परम्परागत चिह्न कहते हैं। |
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