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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

परिचालन प्रवृत्तियाँ किसे कहते हैं ?

Answer»

लाभ-हानि के पत्रक में से उद्भव होनेवाली प्रवृत्तियों एवं लाभ-हानि के पत्रक में लिखे गये व्यवहारों को जिस प्रवृत्ति के लिये वर्गीकृत किया जाता हो उसे परिचालन प्रवृत्तियों के रूप में जाना जाता है ।

2.

प्राप्त भाड़ा ………………………(अ) परिचालन प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है और वित्तीय प्रवृत्ति में से घटाया जाता है ।(ब) परिचालन प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है और वित्तीय प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है ।(क) परिचालन प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है और विनियोग प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है ।(ड) परिचालन प्रवृत्ति में से घटाया जाता है और विनियोग प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है ।

Answer»

(ड) परिचालन प्रवृत्ति में से घटाया जाता है और विनियोग प्रवृत्ति में जोड़ा जाता है ।

3.

चुकाया ब्याज और डिविडन्ड कौन-सी प्रवृत्ति में लिखा जाता है ?

Answer»

चुकाया ब्याज और डिविडन्ड यह वित्तीय प्रवृत्तियों में लिखा जाता है ।

4.

विनियोग की प्रवृत्तियों में से उद्भव हुए रोकड़ प्रवाह के व्यवहार समझाइए ।

Answer»

दीर्घकालीन संपत्तियाँ जो बिक्री करने के उद्देश्य से प्राप्त नहीं की जाती परंतु उनका उपयोग धंधा में करना होता है, ऐसी संपत्ति की खरीदी जावक रोकड़ प्रवाह के रूप में और बिक्री आवक रोकड़ प्रवाह के रूप में ध्यान में ली जाती है ।

विनियोग प्रवृत्तियों का रोकड़ आवक और जावक प्रवाह :

रोकड़ आवक प्रवाह की प्रवृत्तियाँ

– स्थिर अदृश्य संपत्तियों का विक्रय
– स्थिर दृश्य संपत्तियों का विक्रय
– दीर्घकालीन विनियोग का विक्रय जैसे : अंश, डिबेन्चर, बोन्ड
– दीर्घकालीन दी लोन वापस

रोकड़ जावक प्रवाह की प्रवृत्तियाँ

– स्थिर अदृश्य संपत्तियों की खरीदी
– स्थिर दृश्य संपत्तियों की खरीदी
– स्वनिर्मित संपत्तियाँ
– पूँजीगत खर्च – दीर्घकालीन विनियोगों की खरीदी । जैसे : अंश, डिबेन्चर, बोन्ड वगैरह
– दीर्घकालीन दी गई लोन

5.

गैरवित्तीय कंपनियों और वित्तीय कंपनियों के लिये परिचालन की प्रवृत्तियों में से उद्भव हुए रोकड़ प्रवाह के व्यवहारों को समझाइए ।

Answer»

गैरवित्तीय कंपनियों और वित्तीय कंपनियों के लिये परिचालन की प्रवृत्तियों में से उद्भव हुए रोकड़ प्रवाह को निम्न अनुसार दर्शाया जा सकता है :

गैरवित्तीय कंपनियों के लिये :

  1. कमीशन या रोयल्टी की आवक
  2. देनदार-लेनी हंडी की वसूली
  3. माल या सेवा की बिक्री की उपज/आवक
  4. अन्य कोई आवक जो विनियोग की प्रवृत्ति में से उद्भव न हुई हो .
  5. लेनदार-देनी हुंडी का भुगतान
  6. बिक्री-वितरण खर्च
  7. वेतन-मजदूरी अथवा कर्मचारियों को चुकाया बोनस
  8. विनियोग अथवा वित्तीय प्रवृत्तियों के अतिरिक्त आयकर रिफंड की रकम अथवा भगता :
  9. माल या सेवा की खरीदी की जावक

वित्तीय कंपनियों के लिये :

  1. प्रतिभूतियों का विक्रय
  2. प्रतिभूतियों की खरीदी
  3. जमा (डिपोजीट) लोन पर चुकाया ब्याज
  4. प्रतिभूतियों पर प्राप्त ब्याज
  5. वेतन अथवा कर्मचारियों को चुकाई बोनस जैसी अन्य
  6. विनियोग अथवा वित्तीय प्रवृत्तियों के अलावा आयकर रिफंड की रकम अथवा भुगतान
  7. दी लोन पर प्राप्त ब्याज
6.

निम्न कंपनियों की परिचालन प्रवृत्तियाँ बताइए ।(i) व्यापार करती कंपनियाँ(ii) बीमा कम्पनीयाँ(iii) बैंक

Answer»

(i) व्यापार करती कंपनियाँ (Trading Company) : व्यापार करती कंपनियों के लिये माल की खरीद-बिक्री की प्रवृत्तियों से उपज के सर्जन की मुख्य प्रवृत्तियाँ है ।

(ii) बीमा कंपनी (Insurance Company) : बीमा कंपनियों के लिये दावे का भुगतान और प्रीमियम की उपज के सर्जन की मुख्य प्रवृत्तियाँ है ।

(iii) बैंक (Bank) : धंधाकीय इकाई को लोन देना और जमा स्वीकार करना और उसमें से उपज का सर्जन करने की प्रवृत्तियाँ मुख्य है ।

7.

नीचे दिये व्यवहारों में से परिचालन की प्रवृत्तियों के व्यवहार बताइए :(i) मजदूरी चुकायी(ii) मकान खरीदा(iii) फर्नीचर बिक्री(iv) लेनदारों को चुकाया(v) डिविडन्ड चुकाया(vi) भाड़ा चुकाया(vii) ऑफिस खर्च चुकाया(viii) बिक्री-वितरण खर्च(ix) खरीद माल गाडी भाड़ा(x) बिक्री माल गाडी भाड़ा(xi) रोयल्टी चुकायी(xii) आयकर चुकाया

Answer»

दिये गये व्यवहारों में परिचालन की प्रवृत्तियों के व्यवहार निम्न है :

व्यवहारस्पष्टीकरण
(i) मजदूरी चुकायीपरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(ii) मकान खरीदापरिचालन प्रवृत्ति नहीं है । संपत्ति का व्यवहार है ।
(iii) फर्नीचर बिक्रीपरिचालन प्रवृत्ति नहीं है । संपत्ति का व्यवहार है ।
(iv) लेनदारों को चुकायापरिचालन प्रवृत्ति है । जावक रोकड़ प्रवाह है ।
(v) डिविडन्ड चुकायावित्तीय प्रवृत्ति है । वित्तीय जावक रोकड़ प्रवाह की प्रवृत्ति है ।
(vi) भाड़ा चुकायापरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(vii) ऑफिस खर्च चुकायापरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(viii) बिक्री-वितरण खर्चपरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(ix) खरीद माल गाडी भाड़ापरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(x) बिक्री माल गाडी भाड़ापरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(xi) रोयल्टी चुकायीपरिचालन प्रवृत्ति है । लोन-हानि पत्रक का व्यवहार है ।
(xii) आयकर चुकायापरिचालन प्रवृत्ति है । लाभ-हानि पत्रक का व्यवहार है ।

8.

गैरपरिचालन आवक किसे कहते हैं ? दो उदाहरण दीजिए ।

Answer»

गैरपरिचालन आवक अर्थात् ऐसे प्रकार की आवक जो कंपनी जिस व्यवसाय को करती है, उसमें से प्राप्त नहीं होती । इसलिये _ऐसी आवक परिचालन लाभ का भाग नहीं बनती । ऐसी आवक परिचालन रोकड़ प्रवाह की गणना के लिये भी ध्यान में नहीं ली जाती । जैसे : विनियोग के विक्रय का लाभ, संपत्ति की बिक्री का लाभ, विनियोग पर ब्याज वगैरह ।

9.

रोकड़ प्रवाह पत्रक में कर के प्रावधान और कर के भुगतान के संबंध में असर कहाँ दी जाती है ?

Answer»

रोकड़ प्रवाह पत्रक में कर के प्रावधान और कर के भुगतान के संबंध में असर परिचालन प्रवृत्ति में दी जाती है ।

10.

रोकड़ प्रवाह पत्रक में अन्तरिम डिविडेंड की असर कहाँ दी जाती है ?

Answer»

अन्तरिम डिविडेंड वित्तीय प्रवृत्ति में जावक रोकड़ प्रवाह के रूप में दर्शाया जाता है ।

11.

बिन रोकड़ व्यवहार किसे कहते हैं ? दो उदाहरण दीजिए ।

Answer»

धंधे में होनेवाले कितने ही व्यवहार रोकड़ स्वरूप में नहीं होते । ऐसे व्यवहारों को रोकड़ प्रवाह का पत्रक बनाते समय ध्यान में नहीं लिये जाते । जैसे : दृश्य संपत्तियों पर गिनी गयी घिसाई, अदृश्य संपत्तियों की अपलिखित रकम, डिबेंचर का इक्विटी अंश में रूपांतर वगैरह ।

12.

नीचे दिये व्यवहारों में से वित्तीय प्रवृत्तियों के व्यवहार बताइए :(i) यंत्र की बिक्री(ii) प्रेफरन्स अंश पूँजी का शोधन(iii) डिविडन्ड चुकाया(iv) ब्याज चुकाया(v) डिविडन्ड मिला(vi) बैंक ओवरड्राफ्ट लिया(vii) विनियोग खरीदी(viii) नये इक्विटी अंश प्रकाशित किये(ix) अन्तरिम डिविडन्ड चुकाया(x) ब्याज मिला(xi) बैंक लोन ली(xii) कमीशन मिला

Answer»

वित्तीय प्रवृत्तियों के व्यवहार :

– प्रेफरन्स अंश पूँजी का शोधन
– डिविडन्ड चुकाया
– नये इक्विटी अंश प्रकाशित किये
– बैंक लोन ली

13.

अंश अभिगोपन कमीशन का भुगतान कौन-सी प्रवृत्ति गिनी जाती है ? क्यों ?

Answer»

अंश या डिबेंचर प्रकाशित करते समय चुकाया गया अभिगोपन कमीशन भी वित्तीय प्रवृत्ति है । इसलिये इसे वित्तीय प्रवृत्ति के जावक रोकड़ प्रवाह के रूप में ध्यान में लिया जाता है ।

14.

नीचे में से किसका वित्तीय खर्च में समावेश होता है ?(अ) कारखाना खर्च(ब) प्रबंध खर्च(क) बिक्री खर्च(ड) ब्याज खर्च

Answer»

सही विकल्प है (ड) ब्याज खर्च

15.

निम्न में से कौन-सा खाता कच्चा खाता नहीं है ?(अ) श्री घरखर्च खाता(ब) श्री वेतन खाता(क) श्री वकरा खाता(ड) श्री कमीशन खाता

Answer»

सही विकल्प है (अ) श्री घरखर्च खाता

16.

साझेदारों का आहरण पर का ब्याज यह साझेदार के लिये क्या है ?(अ) खर्च(ब) दायित्व(क) आवक(ड) नुकसान

Answer»

सही विकल्प है (अ) खर्च

17.

निम्न में से कौन-सा खर्च नकद में चुकाया नहीं जाता ?(अ) किराया(ब) कमीशन(क) वेतन(ड) घिसाई

Answer»

सही विकल्प है (ड) घिसाई

18.

घिसाई निम्न में से किससे जुड़ा खर्च है ?(अ) पूँजी(ब) बिक्री(क) देना (दायित्व)(ड) तीनों में से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (अ) पूँजी

19.

घिसाई की किस पद्धति में घिसाई की राशि और मरम्मत खर्च के बीच समतुलन बना रहता है ?(अ) यांत्रिक घंटा दर की पद्धति(ब) चक्रवृद्धि ब्याज की पद्धति(क) घटती शेष की पद्धति(ड) सीधी रेखा पद्धति

Answer»

सही विकल्प है (क) घटती शेष की पद्धति

20.

घिसाई की किस पद्धति में संपत्ति की किंमत कभी भी शून्य नहीं होती ?(अ) घटती शेष की पद्धति(ब) वर्षासन पद्धति(क) प्रति इकाई क्षय पद्धति(ड) समान हप्ते की पद्धति

Answer»

सही विकल्प है (अ) घटती शेष की पद्धति

21.

निम्न में से कौन-सी संपत्ति घिसाईपात्र नहीं है ?(अ) मकान(ब) फर्निचर(क) यंत्र(ड) जमीन

Answer»

सही विकल्प है (ड) जमीन

22.

किस पद्धति में वार्षिक घिसाई की राशि प्रतिवर्ष एकसमान रहती है ?(अ) सीधी लीटी की पद्धति(ब) घटती शेष की पद्धति(क) पुनः मूल्यांकन पद्धति(ड) माइलेज पद्धति

Answer»

सही विकल्प है (अ) सीधी लीटी की पद्धति

23.

घिसाई धंधे का किस प्रकार का खर्च है ?(अ) पूँजी(ब) राजस्व(क) पूँजी और राजस्व(ड) अवास्तविक

Answer»

सही विकल्प है (ब) राजस्व

24.

समान हप्ता की पद्धति में घिसाई की राशि संपत्ति की किस किंमत पर गिनी जाती है ?(अ) बही किंमत(ब) घिसाई के बाद की किंमत(क) बिक्री किंमत(ड) लागत किंमत

Answer»

सही विकल्प है (ड) लागत किंमत

25.

घिसाई यह संपत्ति की उपयोगिता मूल्य में ……………………….. सूचित करता है ।(अ) वृद्धि(ब) कमी(क) वृद्धि-कमी(ड) तीनों में से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (ब) कमी

26.

जहाँ व्यक्तिगत कुशलता का महत्त्व हो वहाँ ख्याति …………………. होती है ।(अ) अधिक(ब) कम(क) शून्य(ड) ऋण

Answer»

सही विकल्प है (ब) कम

27.

अपेक्षित लाभ = ……………………(अ) लगाई गई पूँजी × अपेक्षित मुआवजे का दर(ब) औसत लाभ × अपेक्षित मुआवजे का दर(क) भारित औसत लाभ × अपेक्षित मुआवजे का दर(ड) संपत्ति × अपेक्षित मुआवजे का दर

Answer»

सही विकल्प है (अ) लगाई गई पूँजी × अपेक्षित मुआवजे का दर

28.

ख्याति के मूल्यांकन के लिये सादी (सरल) औसत लाभ की पद्धति समझाओ ।

Answer»

सरल (साधारण) औसत लाभ की पद्धति (Average Profit Method) : ख्याति के गणना की यह बहुत ही प्रचलित पद्धति है । भूतकाल के कुछ वर्षों के लाभ का औसत निकाला जाता है, सामान्यत: 3 या 5 वर्ष के लाभ का औसत लिया जाता है । इस औसत लाभ को कुछ वर्षों से गुणा किया जाता है । इस प्रकार गुणा करने का उद्देश्य है कि इतने वर्षों की बेचनेवाले की महेनत से खरीदनेवाले को अधिक लाभ मिल सकता है । इस प्रकार की पद्धति समझने में और गणना में सरल है ।

उदा. निम्न दिये गये लाभ पर से साधारण औसत लाभ की पद्धति से 3 वर्ष की खरीदी के आधार पर ख्याति की गणना करो ।

वर्ष – लाभ (₹)
2,000 – 8,000
2001 – 9,000
2002 – 12,000
2003 – 11,000
कुल लाभ = ₹ 40,000
औसत लाभ = कुल लाभ/वर्ष की संख्या
= 40,000/4 = 10,000
ख्याति = औसत लाभ × ख्याति की खरीदी के वर्ष
= 10,000 × 3 = ₹ 30,000

सरल औसत पद्धति की गणना में लाभ के बढ़ने या घटनेवाले रुख को ध्यान में नहीं लिया जाता । तथा यह भी मान्यता है की नजदीकी भविष्य में लाभ में किसी भी प्रकार का कोई भी परिवर्तन ध्यान में नहीं लिया जाता । इसके अलावा धंधे में लगायी गई पूँजी को भी इस पद्धति में ध्यान में नहीं लिया जाता

29.

साझेदारी का अर्थ समझाइए ।

Answer»

भारतीय साझेदारी कानून 1932 की कलम-4 के अनुसार निम्न व्याख्या दी गई है –
“साझेदारी यह ऐसे व्यक्तियों के बीच का संबंध है जो सभी के द्वारा अथवा सभी की तरफ से किसी भी एक व्यक्ति के द्वारा चलाया जाता है और जो धंधे का लाभ बाँटने के लिये समत्ति प्रकट करते हो ।”

अर्थात् उपरोक्त व्याख्या से यह स्पष्टता होती है की करार करने के लायक धंधा होना चाहिए एवं लाभ करने के मुख्य उद्देश्य के साथ कानूनन रूप से स्वीकृत धंधा ही साजेदारी के रूप में जाना जायेगा ।

इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि जो व्यक्ति साझेदारी में शामिल हो वह व्यक्तिगत रूप से साझेदार कहलायेंगे और साझेदारी में जुड़े हुए व्यक्तिओं के द्वारा संयुक्त रूप से चलाये जाने वाले धंधे का ‘साझेदारी पेढी’ (Partnership Firm) कहा जायेगा ।

30.

जब पेढी में प्रति वर्ष लाभ बढता हो वहाँ किस पद्धति के अनुसार ख्याति के लिये लाभ की गणना अधिक हितकारी है ?(अ) सादी औसत(ब) भारित औसत(क) वार्षिक वृद्धि दर(ड) चक्रवृद्धि दर

Answer»

सही विकल्प है (ब) भारित औसत

31.

अगर स्थिर पूँजी खाते की पद्धति हो, तब आहरण खाता बंद करके वर्ष के अंत में किस खाते ले जाया जाता है ?(अ) पूँजी खाता(ब) चालु खाता(क) लाभ-हानि खाता(ड) लाभ-हानि वितरण खाता

Answer»

सही विकल्प है (ब) चालु खाता

32.

राजकुमार, कौशिक और शर्मा के लाभ-हानि का प्रमाण 15 : 10 : 9 है। अगर वर्ष के अंत में पेढी का कुल लाभ ₹ 68,000 हुआ हो तो प्रत्येक साझेदार को मिलनेवाला लाभ ज्ञात करो।

Answer»

राजकुमार, कौशिक और शर्मा के लाभ-हानि का प्रमाण 15 : 10 : 9 है।
वर्ष के अंत में पेढी का कुल लाभ ₹ 68,000
राजकुमार को प्राप्त लाभ = 68,000 × \(\frac{15}{34}\) = ₹ 30,000
कौशिक को प्राप्त लाभ = 68,000 × \(\frac{10}{34 }\)= ₹ 20,000
शर्मा को प्राप्त लाभ = 68,000 ×\(\frac{ 9}{34 }\)= ₹ 18,000

राजकुमार ₹ 30,000
कौशिक ₹ 20,000
शर्मा ₹ 18,000

33.

A, B और C की पूँजी का प्रमाण 3 : 2 : 1 हो और वर्ष का वितरण पात्र लाभ ₹ 66,000 हो, तो C को कितना लाभ मिलेगा ?(अ) ₹ 11,000(ब) ₹ 22,000(क) ₹ 33,000(ड) ₹ 66,000

Answer»

सही विकल्प है (ब) ₹ 22,000

34.

विस्मय, अभीजित और कुणाल 3 : 2 : 4 के प्रमाण में लाभ-हानि बाँटने वाले साझेदार है। मैनेजर को उसका कमीशन देने के बाद बढ़ने वाले लाभ का 10% कमीशन देना है। अभीजित के भाग में ₹ 30,000 का लाभ आता है । मैनेजर के कमीशन की गणना किजिए ।

Answer»

अभीजित को 2/9 भाग पर वितरणपात्र लाभ ₹ 30,000 मिलता है । पेढी का कुल लाभ 1 लेने पर,
∴ 2/9 अभिजित का भाग = कुल भाग ₹ 1

∴ (i) अभिजित का लाभ ₹ 30,000 = कुल लाभ (?)
\(\frac{1}1×\frac{30,000×9}2\)
= ₹ 1,35,000 वितरणपात्र लाभ

(ii) मैनेजर को वितरणपात्र लाभ का 10% कमीशन
= 1,35,000 ×  = 13,500 ₹ ।

(iii) लाभ का वितरण निम्न अनुसार होगा :
विस्मय को प्राप्त लाभ = 1,35,000 × 3/9 = ₹ 45,000
अभीजित को प्राप्त लाभ = 1,35,000 × 2/9= ₹ 30,000
कुणाल को प्राप्त लाभ = 1,35,000 × 4/9 ₹= 60,000/

35.

साझेदारी पेढी का पुनर्गठन हो तब …………………… बनाया जाता है ।(अ) व्यापार खाता(ब) पुनः मूल्यांकन खाता(क) वसूली खाता(ड) लाभ-हानि वितरण खाता

Answer»

सही विकल्प है (ब) पुनः मूल्यांकन खाता

36.

पुनः मूल्यांकन खाते को ……………………. के रूप में भी जाना जाता है।(अ) पूजी अनामत खाता(ब) लाभ-हानि वितरण खाता(क) लाभ-हानि समायोजन खाता(ड) लाभ-हानि खाता

Answer»

सही विकल्प है (क) लाभ-हानि समायोजन खाता

37.

साझेदारी पेढी का पुनर्गठन अर्थात् क्या ?

Answer»

विभिन्न कारणों से साझेदारी में होनेवाले परिवर्तन को साझेदारी का पुनर्गठन कहते है।

38.

साझेदारी पेढी के पुनर्गठन आर्थिक चिट्ठे में दर्शाये गये कर्मचारी लाभ भाग फंड कहाँ दर्शाया जाता है ?(अ) पुनः मूल्यांकन खाते के जमा पक्ष में(ब) पुनः मूल्यांकन के बाद के आर्थिक चिठे में पूँजी-दायित्व के पक्ष में(क) साझेदारों के पूँजी खाते के जमा पक्ष में(ड) साझेदारों के पूंजी खाते के उधार पक्ष में

Answer»

सही विकल्प है (ब) पुनः मूल्यांकन के बाद के आर्थिक चिठे में पूँजी-दायित्व के पक्ष में

39.

साझेदारी पेढी का पुनर्गठन हो तब दायित्व की किमत में कमी हो तब उसकी असर कहाँ होगी ?(अ) संबंधित दायित्व में से घटायेंगे और पुनः मूल्यांकन खाते जमा(ब) संबंधित दायित्व में से घटायेंगे और पुनः मूल्यांकन खाते उधार(क) संबंधित दायित्व में जोडा जायेगा और पुनः मूल्यांकन खाते जमा(ड) संबंधित दायित्व में जोड़ा जायेगा और पुनः मूल्यांकन खाते उधार

Answer»

सही विकल्प है (अ) संबंधित दायित्व में से घटायेंगे और पुनः मूल्यांकन खाते जमा

40.

साझेदारी पेढी के पुनर्गठन के समय आर्थिक चिठे में दर्शाया गया एकत्रित लाभ कहाँ दर्शाया जाता है ?(अ) पुनः मूल्यांकन खाते के जमा पक्ष में(ब) लाभ-हानि वितरण खाते के जमा पक्ष में(क) साझेदारों के पूँजी खाते के जमा पक्ष में(ड) साझेदारों के पूंजी खाते के उदार पक्ष में

Answer»

सही विकल्प है (क) साझेदारों के पूँजी खाते के जमा पक्ष में

41.

साझेदारी पेढी का पुनर्गठन हो तब मिलकत की किमत में वृद्धि हो तब उसकी असर कहाँ बताई जायेगी ?(अ) मिलकत की किमत में जोडी जायेगी और पुनः मूल्यांकन खाते जमा(ब) मिलकत की किमत में जोडी जायेगी और पुनः मूल्यांकन खाते उधार(क) मिलकत की किमत में से घटाया जायेगा और पुनः मूल्यांकन खाते जमा(ड) मिलकत की किमत में से घटाया जायेगा और पुनः मूल्यांकन खाते उधार

Answer»

सही विकल्प है (अ) मिलकत की किमत में जोडी जायेगी और पुनः मूल्यांकन खाते जमा

42.

साझेदारी पेढी के पुनर्गठन में लाभ का प्रमाण = …………………….(अ) नये लाभ-हानि का भाग – पुराना लाभ-हानि का भाग(ब) पुराने लाभ-हानि का भाग – नये लाभ-हानि का भाग(क) नये पूँजी का प्रमाण – पुराने पूँजी का प्रमाण(ड) पुराने पूँजी का प्रमाण – नये पूंजी का प्रमाण

Answer»

सही विकल्प है (अ) नये लाभ-हानि का भाग – पुराना लाभ-हानि का भाग

43.

 साझेदारी पेढी के पुनर्गठन में त्याग = ……………………(अ) नये लाभ-हानि का भाग × पुराने लाभ-हानि का भाग(ब) नये लाभ-हानि का भाग – पुराने लाभ-हानि का भाग(क) पुराने लाभ-हानि का भाग – नये लाभ-हानि का भाग(ड) पुराना पूँजी का भाग – नये पूँजी का भाग

Answer»

सही विकल्प है (क) पुराने लाभ-हानि का भाग – नये लाभ-हानि का भाग

44.

साझेदारी पेढी के पुनर्गठन के समय विनियोग ………………….. किमत से पुनः मूल्यांकन के बाद के आर्थिक चिट्ठे में दर्शाया जाता है ।(अ) बही (चोपड़े) किंमत-बाजार किंमत से(ब) लागत किमत से(क) बाजार किमत से(ड) दार्शनिक किमत से

Answer»

सही विकल्प है (क) बाजार किमत से

45.

पुनः मूल्यांकन खाता अर्थात् क्या ?

Answer»

अलग-अलग कारण से धंधे के साझेदार ऐसा तय करे कि पेढी की संपत्ति और दायित्व का पुनः मूल्यांकन करना आवश्यक है तब उसकी हिसाबी असर दी जाती है। संपत्ति और दायित्व के पुनः मूल्यांकन की हिसाबी असर देने के लिये पेढी की बही में एक विशिष्ट खाता खोला जाता है, इस खाते को पुनः मूल्यांकन खाता (Revaluation Account) के रूप में जाना जाता है ।

46.

 निवृत्त होनेवाले साझेदार के सिवाय के साझेदारों में से किसी एक साझेदार को भी ख्याति ………………………. तब प्राप्त होती है ।(अ) उसकी पूँजी अधिक हो(ब) नये लाभ-हानि के प्रमाण में उसका भाग, पुराने भाग की अपेक्षा अधिक हो(क) नये लाभ-हानि के प्रमाण में उसका मात्र, पुराने भाग की अपेक्षा कम हो(ड) पुराना भाग और नया भाा समान हो

Answer»

(क) नये लाभ-हानि के प्रमाण में उसका मात्र, पुराने भाग की अपेक्षा कम हो

47.

निवृत्त होनेवाले साझेदार को चुकाना बाकी रकम पर साझेदारी करार में कोई उल्लेख न हो तब …………………… ब्याज चुकाने योग्य है ।(अ) 10% वार्षिक(ब) 12% वार्षिक(क) 6% वार्षिक(ड) शून्य

Answer»

सही विकल्प है (क) 6% वार्षिक

48.

हिसाबी वर्ष 31-3-2016 के रोज पूरा होता है । ता. 30-6-2016 के रोज साझेदार की मृत्यु होती है । उसका लाभ में भाग गत वर्ष का लाभ ₹ 24,000 के आधार पर, लाभ में भाग मिलने योग्य हो तब उसके मृत्यु के समय ……………………… लाभ के भाग के रूप में प्राप्त होगा।(अ) ₹ 8,000(ब) ₹ 24,000(क) ₹ 1,333(ड) ₹ 2,000

Answer»

सही विकल्प है (क) ₹ 1,333

49.

पुनः मूल्यांकन खाता कब उधार और कब जमा किया जाता है ?

Answer»

पुनः मूल्यांकन खाता संपत्ति में होनेवाली कमी और दायित्व में होनेवाली वृद्धि से उधार किया जाता है तथा संपत्ति में होनेवाली वृद्दि से तथा दायित्व में होनेवाली कमी से जमा किया जाता है।

50.

त्याग का प्रमाण अर्थात् क्या ? उसे किस प्रकार ज्ञात किया जाता है ?

Answer»

जब पुराने साझेदार द्वारा नये साझेदार के प्रवेश के समय उनको प्राप्त होनेवाले लाभ का अमुक भाग नये साझेदार के हिस्से में परिवर्तित करते है उसे त्याग के रूप में जाना जाता है ।