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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

शिशु मृत्यु-दर सबसे अधिक है।(a) भारत में(b) जापान में(c) इंग्लैण्ड में(b) अमेरिका में

Answer»

(a) भारत में

2.

शिशु मृत्यु का आशय है। (a) जन्म लेते ही मृत्यु हो जाना(b) स्कूल जाने से पूर्व मृत्यु हो जाना।(c) जन्म से शैशवावस्था तक की अवधि में होने वाली मृत्यु(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

Answer»

(c) जन्म से शैशवावस्था तक की अवधि में होने वाली मृत्यु

3.

सरोगेट मदर किसे कहते हैं?

Answer»

वह परिचारक माँ जिसके गर्भ में वास्तविक माँ का अण्डाणु पलता है, सरोगेट मदर कहलाती है।

4.

IUCD का पूरा नाम बताइए।

Answer»

इन्ट्रा यूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस।

5.

शिशु मृत्यु-दर को स्पष्ट कीजिए।

Answer»

किसी देश में एक वर्ष में जन्म लेने वाले प्रति हजार बच्चों में से जितने बच्चे जन्म लेने के समय या अपने जन्म के एक वर्ष के अन्दर मर जाते हैं, उसे शिशु मृत्यु दर’ कहते हैं। उदाहरण माना कि किसी देश में एक वर्ष के अन्दर एक लाख बच्चों ने जन्म लिया और 500 बच्चे जन्म लेने के तुरन्त बाद या 1 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पूर्व ही मर गए, तो उस देश की शिशु मृत्यु-दर की गणना इस प्रकार करेंगे

अर्थात् शिशु मृत्यु दर = 5/हजार है
 

6.

शिशु मृत्यु-दर को रोकने के दो उपाय बताएँ। 

Answer»

शिक्षा का प्रसार एवं लोगों में जागरूकता फैलाकर तथा प्रसव एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना करके बाल मृत्यु-दर को रोका जा सकता है।

7.

बाल मृत्यु के प्रमुख कारण क्या हैं?

Answer»

शिक्षा का अभाव, निर्धनता, गर्भावस्था में असावधानी, अव्यवस्थित प्रसूतिका गृह, बाल विवाह, चिकित्सा सुविधाओं की कमी आदि शिशु मृत्यु के प्रमुख कारण हैं।

8.

गर्भावस्था में महिला को मिलना चाहिए। (a) केवल फल(b) केवल दूध(C) सन्तुलित आहार(b) जो भी उपलब्ध हो

Answer»

(c) सन्तुलित आहार

9.

बाल मृत्यु-दर पर निर्धनता को प्रभाव स्पष्ट कीजिए।

Answer»

बाल मृत्यु-दर पर निर्धनता का प्रभाव तीन स्तरों पर देख सकते हैं।

प्रसव से पूर्व (गर्भावस्था के दौरान) गर्भावस्था में निर्धनता के कारण गर्भवती महिलाएँ सन्तुलित एवं पौष्टिक आहार नहीं ले पाती हैं, जिससे शिशु की मृत्यु होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

प्रसव के दौरान धन की कमी के कारण अनेक महिलाएँ प्रसव कराने के लिए। चिकित्सक के पास न जाकर घर पर ही दाइयों की सहायता से बच्चे को जन्म दे देती हैं, अत: प्रसव की समुचित व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण शिशु की मृत्यु की सम्भावना अधिक होती है।

प्रसव के बाद धन की कमी के कारण नवजात शिशु को सन्तुलित व पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है। अतः वे विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। निर्धनता के कारण इन बच्चों का समुचित उपचार भी नहीं हो पाता है, जो शिशु मृत्यु का एक प्रमुख कारण है।

10.

शिशु मृत्यु से क्या आशय है?

Answer»

जन्म लेते ही अथवा जन्म लेने से एक वर्ष की आयु तक होने वाली मृत्यु को ‘शिशु मृत्यु’ कहते हैं।

11.

परिवार नियोजन द्वारा किस समस्या का समाधान हो सकता है?(a) जनसंख्या नियन्त्रण(b) देश के विकास की वृद्धि(c) माँ तथा शिशु की मृत्यु में कमी(b) उपरोक्त सभी

Answer»

(d) उपरोक्त सभी

12.

अपनी जटिलता के बावजूद बड़े जीवों ने लैगिक प्रजनन को पाया है, क्यों ?

Answer»

लैंगिक प्रजनन जटिल तथा धीमी गति से होने के बावजूद भी अनेक रूप से उत्तम है। इस प्रकार के जनन के दौरान गुणसूत्रों का विनिमय होने से नये लक्षण विकसित होते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानान्तरित होते रहते हैं। गुणसूत्रों के आदान-प्रदान से विभिन्नताएँ भी उत्पन्न होती हैं, जो जैव विकास में सहायक होती हैं। अपने इन्हीं गुणों के कारण बड़े जीवों में लैंगिक जनन पाया जाता है।

13.

अलैगिक जनन द्वारा उत्पन्न हुई सन्तति को क्लोन क्यों कहा गया है ?

Answer»

आकारिकीय व आनुवंशिक रूप से एक समान जीव क्लोन (clone) कहलाते हैं। अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न सन्तति आनुवंशिक व आकारिकीय रूप से अपने जनक के एकदम समान होती है, अत: इसे क्लोन कहते हैं।

14.

एथेनोल एवं एथेनोइक अम्ल की आपसी अभिक्रिया से बनने वाले एक पदार्थ का नाम बताइए जिसका उपयोग स्वाद उत्पन्न करने वाले कारक के रूप में किया जाता है |

Answer»

एस्टर      |

15.

परिवहन का सबसे महँगा साधन कौन-सा है? 

Answer»

परिवहन का सबसे महँगा साधन वायु परिवहन है। 

16.

जैव विविधता के नष्ट होने से क्या प्रभाव हो सकता है ?

Answer»

जैव विविधता के नष्ट होने पर पारिस्थितिक स्थायित्व नष्ट हो जाता हैं |

17.

जीवाश्मी ईंधन जैसे कोयला एवं पेट्रोलियम के दहन के परिणाम स्वरुप उत्पन्न होने वाले एक प्रदूषक का नाम बताइए |

Answer»

सल्फर के ऑक्साइड या नाइट्रोजन के ऑक्साइड 

18.

भ्रूणपोष केन्द्रक का निर्माण कैसे होता है? इसमें उपस्थित गुणसूत्रों की संख्या कितनी होती 

Answer»

द्वितीयक केन्द्रक (2n) तथा एक नर केन्द्रक (n) के संलयन से भ्रूणपोष केन्द्रक का निर्माण होता है। इसमें उपस्थित गुणसूत्रों की संख्या 3n होती है।

19.

निमीलिता को परिभाषित कीजिए तथा एक उदाहरण भी दीजिए। 

Answer»

कुछ द्विलिंगी पुष्प ऐसे होते हैं जो कभी नहीं खिलते। इन पुष्पों को निमीलित पुष्प कहते हैं। ऐसे पुष्पों में बन्द अवस्था में ही परागकोश फट जाते हैं जिससे परागकण पुष्प के वर्तिकाग्र पर बिखर जाते हैं और स्व-परागण हो जाता है। इस प्रक्रिया को ही निमीलिता कहते हैं। उदाहरणार्थ-कनकौआ (Commelina), गुलमेंहदी (Impatiens), बनफसा (Viola), मूंगफली (Arachis) आदि।

20.

प्रजनन की पाल्मेला स्टेज किस पादप में पाई जाती है?

Answer»

प्रजनन की पाल्मेला स्टेज क्लेमाइडोमोनास में पाई जाती है।

21.

वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कब किया गया? 

Answer»

वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण,सन् 1953 में किया गया। 

22.

भारत में वायु परिवहन के महत्त्व के दिनों-दिन बढ़ने का क्या कारण है? 

Answer»

भारत में वायु परिवहन के महत्त्व के बढ़ने का कारण-

⦁     यहाँ दूरियाँ बहुत लम्बी हैं तथा
⦁    भू-भाग एवं जलवायवी दशाएँ अत्यन्त विविधतापूर्ण हैं।

23.

भ्रूणपोष का विकास आवृतबीजी पौधों में किस प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है? 

Answer»

द्विनिषेचन के पश्चात् होता है।

24.

कोयला तथा पेट्रोलियम के दहन से कौन – कौन सी विषैली गैसें निकलती हैं ? 

Answer»

नाइट्रोज एवं सल्फर के ऑक्साइड तथा कार्बन मोनो ऑक्साइड विषैली गैसें हैं |

25.

जैव विविधता किसे कहते हैं ?

Answer»

जैव विविधता का अर्थ है किसी क्षेत्र में पाए जाने वाली पादपजात और प्राणी जात की विभिन्न स्पीशीज |

26.

पाइप लाइन परिवहन के लाभ एवं हानि की विवेचना करें। 

Answer»

लाभ-पाइप लाइन परिवहन से निम्नलिखित लाभ होते हैं-

⦁    पाइप लाइनें तरल तथा गैस पदार्थों के परिवहन के लिए आदर्श माध्यम हैं।
⦁    इनके संचालन एवं रख-रखाव में काफी कम खर्चा होता है।
⦁    यह ऊबड़-खाबड़ भू-भागों तथा पानी के भीतर बिछाई जा सकती है।
⦁    इसमें ऊर्जा का उपयोग काफी कम होता है।

हानि-पाइप लाइन परिवहन से निम्नलिखित हानियाँ होती हैं-

⦁    पाइप लाइन परिवहन में लोच का अभाव होता है। इसे निश्चित स्थानों के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है।
⦁    इनकी सुरक्षा व्यवस्था करना कठिन कार्य है।
⦁    एक बार निर्माण के बाद इसकी क्षमता को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता।
⦁    भूमिगत पाइप लाइनों में रिसाव का पता लगाने तथा उनकी मरम्मत करने में भी काफी कठिनाई आती है।

27.

जल का संदूषित होना किस वर्ग के जीवाणु की उपस्थिति को दर्शाता हैं ? 

Answer»

कोलीफार्म जीवाणु

28.

प्राकृतिक संसाधन किसे कहते है ?

Answer»

वे सभी पदार्थ जो हमें प्रकृति से प्राप्त होते है तथा जिनका हम उपयोग करते है प्राकृतिक संसाधन कहलाते है |

29.

सड़कों के कोई दो महत्त्व लिखिए। 

Answer»

सड़क परिवहन का महत्त्व (गुण)-

⦁    उपभोक्ता के घर तक सेवा एवं
⦁    शीघ्र नाशवान वस्तुओं का परिवहन।

30.

सीमावर्ती सड़कों के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।

Answer»

सीमावर्ती सड़कों का महत्त्व निम्नलिखित है-

⦁    इन सड़कों ने दुर्गम क्षेत्रों के आवागमन को सुलभ बनाया है।
⦁    इन सड़कों के बनने से सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास में सहायता मिलती है।
⦁    सुरक्षाकर्मियों को गन्तव्य स्थान तक पहुँचने तथा उन्हें सामान की निरन्तर आपूर्ति करने में इन सड़कों का विशेष महत्त्व है।

31.

सड़कों का वर्गीकरण कीजिए।

Answer»

सड़कों का वर्गीकरण निर्माण एवं रख-रखाव की दृष्टि से भारत में सड़कों के निम्नलिखित प्रकार हैं-

⦁    राष्ट्रीय महामार्गः-राष्ट्रीय महामार्गों के निर्माण, रख-रखाव, विकास एवं गुणवत्ता की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की है। केन्द्र सरकार का भूतल परिवहन मन्त्रालय इन सड़कों का निर्माण राज्यों के लोक निर्माण विभागों, भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सीमा सड़क संगठन (BRO) के माध्यम से करता है। ये महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्त्वपूर्ण पत्तनों तथा रेलवे जंक्शनों को जोड़ते हैं।
⦁    राज्य महामार्ग—ये सड़कें राज्यों की प्रमुख सड़कें हैं जो राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों व अन्य महत्त्वपूर्ण शहरों को जोड़ती हैं। ये सड़कें राष्ट्रीय महामार्गों से भी जुड़ी हुई होती हैं। इनका निर्माण व रख-रखाव राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
⦁    जिला सड़कें-ये सड़कें जिला मुख्यालयों को जिले के अन्य महत्त्वपूर्ण स्थानों से मिलाती हैं।
⦁    ग्रामीण सड़कें-ये सड़कें न केवल ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में मिलाती हैं बल्कि गाँवों को कस्बों और शहरों से भी जोड़ती हैं।
⦁    अन्य सड़कें अन्य सड़कों में सीमान्त सड़कें व अन्तर्राष्ट्रीय महामार्ग आते हैं।
⦁    सीमान्त सड़कें देश की उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी सीमा से सटी सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण सड़कों के तीव्र एवं समन्वित सुधार के लिए मई 1960 में सीमा सड़क संगठन (B.R.0.) स्थापित किया गया।
⦁    अन्तर्राष्ट्रीय महामार्ग अन्तर्राष्ट्रीय महामार्गों का उद्देश्य पड़ोसी राष्ट्रों के बीच भारत के सम्पर्क बढ़ाना तथा सद्भावनापूर्ण सम्बन्धों को बढ़ावा देना है।

32.

भारत के आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका का वर्णन करें।

Answer»

भारत में आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका (महत्त्व)

⦁    रेलें सीमित स्थानों तक ही पहुँच सकती हैं, परन्तु सड़कें दूर-दूर तक पहुँच जाती हैं। भारत की अधिकांश रेलें बड़े-बड़े शहरों को ही मिलाती हैं, जबकि सड़कें छोटे-छोटे गाँव तक भी पहुँच जाती हैं।
⦁    पर्वतीय क्षेत्रों में रेलों का लगभग पूर्णत: अभाव है। इन भागों में सड़कें आसानी से पहुँच सकती हैं।
⦁    कृषि के विकास के लिए सड़कों का महत्त्व कहीं अधिक है। उर्वरक, बीज, कृषि यन्त्र आदि को खेतों तक पहुँचाने के लिए सड़कों का ही प्रयोग किया जाता है। कृषि उत्पादों को ग्रामीण क्षेत्रों की मण्डियों तक पहुँचाने में भी सड़कों का काफी योगदान है।
⦁    सड़कों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की शीघ्रनाशी वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, सब्जी, फल, मछली इत्यादि को खपत क्षेत्रों तक शीघ्रता से पहुँचाया जा सकता है।
⦁    सीमावर्ती दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों को आवश्यक वस्तुएँ पहुँचाने के लिए भी सड़कों का ही। प्रयोग किया जाता है। इसी कारण ‘सीमा सड़क संगठन’ ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण किया।
⦁    प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य दैवी विपत्तियों आदि के समय) के दौरान सड़कें, रेलों की तुलना में अधिक प्रभावशाली हो जाती हैं, क्योंकि उनसे दूर-दूर तक जाया जा सकता है।
⦁    सड़कों से शिक्षा व सभ्यता के प्रसार में भी सहायता मिलती है, क्योंकि सड़कों ने नगरों व गाँवों को आपस में जोड़ दिया है।

33.

अलवण जलीय पौधे और जंतुओ के जीवन के लिए सबसे अधिक सहायक pH परास क्या हैं ?

Answer»

6.5 – 7.5  pH परास हैं 

34.

जल संभर प्रबंधन क्या है ?

Answer»

जल संभर प्रबंधन का तात्पर्य है जल एवं मिटटी का संरक्षण करना ताकि जैव मात्रा का उत्पादन में वृद्धि हो सके |

35.

संचार तन्त्र के अर्थ एवं महत्त्व को समझाइए।

Answer»

संचार तन्त्र का अर्थ–एक स्थान से दूसरे स्थान पर सूचना अथवा संदेश भेजने या प्राप्त करने की विस्तृत व्यवस्था को ‘संचार तन्त्र’ कहा जाता है।

संचार तन्त्र का महत्त्व देश के आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ संचार तन्त्र राष्ट्रीय एकता और अखण्डता को बनाए रखने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत जैसे बड़े देश में बाढ़, सूखा, भूकम्प, चक्रवात तथा दुर्घटना जैसी आपदाओं का प्रबन्धन विकसित संचार तन्त्र के बिना सम्भव नहीं है।

36.

सन् 1853 में मुम्बई और ठाणे के बीच चली पहली भारतीय रेल ने कितना सफर तय किया था-(a) 18 किमी(b) 54 किमी(c) 34 किमी(d) 100 किमी।

Answer»

सही विकल्प है (c) 34 किमी। 

37.

भारत में सड़कों का सर्वाधिक घनत्व किस राज्य में है-(a) केरल(b) तमिलनाडु(c) गोवा(d) कर्नाटक।

Answer»

सही विकल्प है (a) केरल।

38.

अपने घर को पर्यावरण – मित्र बनाने के लिए आप उसमे कौन -कौन परिर्वतन सुझा सकतें हैं?

Answer»

1.  कम उपयोग – इसका अर्थ हैं की आपको कम, से कम वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए करना चाहिए ; जैसे – बिजली के पंखे एवचं बल्ब का स्विच बंद कर देना , खराब नल की मरम्मत करना , ताकि जल व्यर्थ टपके आदि |

2.  पुन : चक्रण – इसका अर्थ हैं की आपको प्लास्टिक , कागज और धातु की वस्तुओ को कचरे में नही फेकना चाहिए बल्कि उनका उपयोग करना चाहिए |

3.  पुनः उपयोग –  यह पुन : चक्रण से भी अच्छा तरीका है क्योंकि उसमे भी कुछ ऊर्जा व्यय होती है |इसमें हम किसी वस्तु का उपयोग बार – बार कर सकते है |

39.

परिवहन से आप क्या समझते हैं? सड़क परिवहन के लाभों पर प्रकाश डालिए। अथवा सड़क परिवहन के गुण/महत्त्व/उपयोगिता/लाभ का वर्णन कीजिए।

Answer»

परिवहन का अर्थ-वस्तुओं और यात्रियों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने-ले जाने को ‘परिवहन’ कहते हैं।

सड़क परिवहन के महत्त्वपूर्ण लाभ निम्नलिखित हैं

⦁    सड़क परिवहन, रेल परिवहन की तुलना में सस्ता है। इसकी लागत, मरम्मत और देखभाल तुलनात्मक दृष्टि से कम है।
⦁    सड़कें उपभोक्ताओं के घर तक पहुँचती हैं। उत्पादक और व्यापारी, सड़क परिवहन को इसलिए पसन्द करते हैं कि इसमें माल को जगह-जगह उतारना नहीं पड़ता। कच्चा माल, मशीनें आदि सीधे कारखानों में और तैयार माल सीधे उपभोक्ताओं तक सुरक्षित पहुँच जाता है।
⦁    कम दूरी के लिए उत्तम है। व्यक्ति और सामान जल्दी पहुँच जाते हैं।
⦁    शीघ्र नष्ट होने वाली सब्जियों, फलों, दूध के लिए अत्यन्त उपयोगी है। ट्रक कृषि का आधार ही सड़कें हैं।
⦁    कहीं भी; कभी भी समय और स्थान की पाबन्दी नहीं। व्यक्ति और सामान कहीं से भी. किसी भी समय ढोया जा सकता है।
⦁    स्थायी व्यय नहीं रेलों की तरह स्टेशनों, प्लेटफार्मों, रेलमार्गों आदि के रखरखाव पर कर्मचारियों की अधिक संख्या में आवश्यकता नहीं पड़ती।
⦁    दुर्गम, तीव्रढाल वाले पहाड़ी क्षेत्र, बीहड़ों आदि में सड़कें बनाना और उपयोग में लाना कठिन, लेकिन सम्भव है।
⦁    पैकिंग आदि की औपचारिकता नहीं। फल-सब्जियाँ आदि सीधे ट्रकों में बिना पैकिंग के लाद दिए जाते हैं।

40.

वे कौन-सी विधाएँ हैं जिनके द्वारा साइबर स्पेस मनुष्यों के समकालीन आर्थिक और सामाजिक स्पेस की वृद्धि करेगा?

Answer»

साइबर स्पेस इण्टरनेट-साइबर स्पेस इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटरराइज्ड स्पेस की दुनिया है। यह ‘वर्ल्ड वाइड वेबसाइट’ (www) जैसे इण्टरनेट द्वारा घेरा हुआ है। यह इलेक्ट्रॉनिक डिजीटल है जो कम्प्यूटर नेटवर्क द्वारा सूचना भेजने के लिए होता है जिसमें प्रेषक और प्राप्तकर्ता को कोई भौतिक गति नहीं करनी होती। साइबर स्पेस सभी स्थानों पर होता है। यह कार्यालय नाव, वायुयान तथा अन्य सभी स्थानों पर होता है।

प्रगति – इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क की गति जिस पर यह कार्य करता है असामान्य होती है जो मानव इतिहास में अद्वितीय है। सन् 1955 में इण्टरनेट के उपयोगकर्ता संख्या में 5 करोड़ थे जो सन् 2000 में 40 करोड़ और सन् 2010 में 200 करोड़ हैं। पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक उपयोगकर्ताओं का संयुक्त राज्य अमेरिका से विकासशील देशों में स्थानान्तरण हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका में उपयोगकर्ताओं का प्रतिशत अंश सन् 1995 में 66 प्रतिशत रह गया। अब विश्व के अधिकांश उपयोगकर्ता संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, चीन और भारत में हैं।

भविष्य – साइबर स्पेस समकालीन, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में ई-मेल, ई-कॉमर्स लर्निंग आदि द्वारा परिवर्तन लाएँगी। फैक्स, टी०वी०, रेडियो के साथ इण्टरनेट प्रत्येक व्यक्ति की पहुँच में हो जाएगा। यह आधुनिक संचार प्रणाली है।

41.

‘साइबर स्पेस’ का क्या अर्थ है? 

Answer»

साइबर स्पेस कम्प्यूटर में एक काल्पनिक स्थान है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक संवाद सूचनाएँ तथा फोटों का आदान-प्रदान होता है।

42.

पोषी स्तर किसे कहते है ? जीवो की संख्या अधिकतम किस स्तर पर होती है ?

Answer»

• आहार श्रृंखला का प्रत्येक चरण अथवा कड़ी पोषी स्तर बनाते है |

• उत्पादक स्तर (प्रथम पोषी स्तर ) पर जीवो की संख्या अधिकतम होती है

43.

किसी आहार श्रृंखला में चार से अधिक पोषी स्तर क्यों पाए जाते हैं ?

Answer»

उर्जा प्रवाह के 10% नियम के अनुसार पाँचवें और उससे आगे के पोषी अत्र के जीवों को मिलाने वाली उर्जा बहुत कम हो जाती है जो उसके जीवन के लिए पर्याप्त चरण पर अत्यधिक उर्जा का ह्रास होता हैं |

44.

पाइप लाइन परिवहन के गुण व दोषों का वर्णन कीजिए।

Answer»

पाइप लाइन परिवहन के गुण

पाइप लाइन परिवहन के मुख्य गुण निम्नलिखित हैं

⦁    पाइप लाइनों को ऊबड़-खाबड़ भू-भागों तथा पानी के नीचे भी बिछाया जा सकता है।
⦁    पाइप लाइन बिछाने की आरम्भिक लागत अधिक जरूर होती है, लेकिन एक बार बिछ जाने के बाद संचालन और रख-रखाव में लागत कम आती है।
⦁    पाइप लाइनें पदार्थों की निरन्तर आपूर्ति को सुनिश्चित करती हैं।
⦁    पाइप लाइनों को बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं करना पड़ता। इसमें किसी और प्रकार की बर्बादी भी नहीं होती।
⦁    इससे ऊर्जा का उपयोग भी कम मात्रा में होता है और समय भी नष्ट नहीं होता।
⦁    पाइप लाइनें परिवहन का सस्ता, तीव्र, सक्षम और पर्यावरण-अनुकूल तरीका हैं।
पाइप लाइन परिवहन के दोष
पाइप लाइन परिवहन के दोष निम्नलिखित हैं
⦁    एक बार पाइप लाइन बिछा देने के बाद उसकी क्षमता में वृद्धि नहीं की जा सकती, अत: यह परिवहन का लोचदार साधन नहीं है।
⦁    कई बार पाइप लाइन की सुरक्षा भी नहीं की जा सकती।
⦁    भूमिगत पाइप लाइन की मरम्मत करना भी कठिन हो जाता है।
⦁    पाइप लाइन का रिसाव हो जाने की स्थिति में रिसाव-स्थान का पता लगाना कठिन हो जाता है।

45.

‘बिग इंच’ पाइप लाइन के द्वारा परिवहित किया जाता है(क) दूध(ख) जल(ग) तरल पेट्रोलियम गैस (LPG)(घ) पेट्रोलियम।

Answer»

(घ) पेट्रोलियम। 

46.

परिवहन का चयन कैसे किया जाए? व्याख्या कीजिए।

Answer»

परिवहन का चयन

परिवहन के प्रत्येक माध्यम का अपना महत्त्व होता है। किसी भी विधा की सार्थकता ढोई जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के प्रकार, परिवहन की लागत तथा उपलब्ध विधा पर निर्भर करती है।

⦁    स्थूल तथा भारी-भरकम सामानों का परिवहन आमतौर पर जलमार्गों द्वारा सस्ता पड़ता है।
⦁    अन्तर्राष्ट्रीय-स्तर पर वस्तुओं का परिवहन सामान्यत: समुद्री मालवाहक जहाजों द्वारा किया जाता है। जलमार्गों द्वारा परिवहन में पत्तनों से आन्तरिक गन्तव्यों तक माल पहुँचाने की कुछ सीमाएँ हैं तथा इस प्रकार का परिवहन धीमा होता है।
⦁    छोटी दूरियों के लिए सड़क परिवहन अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है और इसकी गति भी तेज होती है। इसके अलावा यह द्वार-से-द्वार तक भी सेवा प्रदान करता है।
⦁    लेकिन यदि किसी को बड़ी मात्रा में स्थूल सामान देश के सुदूर स्थानों पर ले जाना हो तो इसके लिए रेलमार्ग सबसे अच्छा साधन है।
⦁    इसके विपरीत उच्च मूल्य वाली हल्की तथा नाशवान वस्तुओं का परिवहन वायुयान द्वारा सबसे अच्छा रहता है।
⦁    तरल तथा गैसीय पदार्थों का परिवहन आजकल पाइप लाइनों द्वारा फायदेमन्द रहता है।
एक सुप्रबन्धित परिवहन प्रणाली में परिवहन की विभिन्न विधाएँ एक-दूसरे के पूरक और सहयोगी होती हैं।

47.

राइन जलमार्ग की विशेषताओं को समझाइए।

Answer»

राइन जलमार्ग की विशेषताएँ राइन जलमार्ग की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

⦁    यह नदी समृद्ध कोयला क्षेत्र से गुजरती है, अत: इस नदी का सम्पूर्ण बेसिन एक समृद्ध औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है।।
⦁    इस नदी के व्यापार में कोयले की महत्ता के कारण इसे ‘कोयला नदी’ भी कहा जाता है।
⦁    यह जलमार्ग स्विट्जरलैण्ड, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम तथा नीदरलैण्ड के औद्योगिक क्षेत्रों को उत्तरी अटलाण्टिक समुद्री मार्ग से जोड़ता है।
⦁    यह जलमार्ग यूरोपीय साझा बाजार के व्यापार की धुरी है।

48.

संसार में रेलमार्गों के विकास में सहायक प्रमुख कारक बताइए।

Answer»

संसार में रेलमार्गों के विकास में सहायक कारक

⦁    समतल भूमि – समतल मैदानों में रेलमार्गों का विकास अधिक सम्भव है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका के मैदानों में रेलमार्गों का जाल बिछा हुआ है।
⦁    सघन जनसंख्या – सघन जनसंख्या के कारण भी अधिक रेलमार्ग बिछाए जाते हैं। उदाहरण—भारत का उत्तरी मैदान।
⦁    औद्योगीकरण तथा समृद्ध कृषि – उद्योगों के विकास तथा समृद्ध कृषि क्षेत्रों में भी रेलों का विकास होता है। उदाहरण-यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका।

49.

अन्तःस्थलीय जलमार्ग किसे कहते हैं? अन्तःस्थलीय जलमार्गों के लिए आवश्यक दशाओं का वर्णन कीजिए।

Answer»

अन्तःस्थलीय जलमार्ग-परिवहन के उपयोग में आने वाली नदियों, झीलों और नहरों को ‘अन्तःस्थलीय जलमार्ग’ कहा जाता है।

अन्तःस्थलीय जलमार्गों के लिए आवश्यक दशाएँ

⦁    नदियाँ सदानीरा अर्थात् पूरे वर्ष निरन्तर प्रवाह वाली होनी चाहिए। बरसाती नदियाँ जल परिवहन के अयोग्य होती हैं।
⦁    जलप्रपातों और क्षिप्रिकाओं वाली नदियों में जल परिवहन नहीं हो सकता।
⦁    नदियों, झीलों और नहरों का पानी शीत ऋतु में जमना नहीं चाहिए।
⦁    नदियों के मुहानों पर रेत, मिट्टी आदि जमा नहीं होनी चाहिए। इससे जल की गहराई कम हो जाती है।
⦁    अत्यधिक मोड़दार नदियों में परिवहन में अधिक समय लगता है।
⦁    नदियाँ बाढ़ के समय मार्ग बदलने वाली नहीं होनी चाहिए।

50.

साइबर स्पेस क्या है?

Answer»

साइबर स्पेस विद्युत द्वारा कम्प्यूटरीकृत स्पेस का संसार है। यह वर्ल्ड वाइड वेबसाइट (www) जैसे इण्टरनेट द्वारा आवृत्त है।