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निमीलिता को परिभाषित कीजिए तथा एक उदाहरण भी दीजिए। |
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Answer» कुछ द्विलिंगी पुष्प ऐसे होते हैं जो कभी नहीं खिलते। इन पुष्पों को निमीलित पुष्प कहते हैं। ऐसे पुष्पों में बन्द अवस्था में ही परागकोश फट जाते हैं जिससे परागकण पुष्प के वर्तिकाग्र पर बिखर जाते हैं और स्व-परागण हो जाता है। इस प्रक्रिया को ही निमीलिता कहते हैं। उदाहरणार्थ-कनकौआ (Commelina), गुलमेंहदी (Impatiens), बनफसा (Viola), मूंगफली (Arachis) आदि। |
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