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Answer» भारत में आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका (महत्त्व) ⦁ रेलें सीमित स्थानों तक ही पहुँच सकती हैं, परन्तु सड़कें दूर-दूर तक पहुँच जाती हैं। भारत की अधिकांश रेलें बड़े-बड़े शहरों को ही मिलाती हैं, जबकि सड़कें छोटे-छोटे गाँव तक भी पहुँच जाती हैं। ⦁ पर्वतीय क्षेत्रों में रेलों का लगभग पूर्णत: अभाव है। इन भागों में सड़कें आसानी से पहुँच सकती हैं। ⦁ कृषि के विकास के लिए सड़कों का महत्त्व कहीं अधिक है। उर्वरक, बीज, कृषि यन्त्र आदि को खेतों तक पहुँचाने के लिए सड़कों का ही प्रयोग किया जाता है। कृषि उत्पादों को ग्रामीण क्षेत्रों की मण्डियों तक पहुँचाने में भी सड़कों का काफी योगदान है। ⦁ सड़कों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की शीघ्रनाशी वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, सब्जी, फल, मछली इत्यादि को खपत क्षेत्रों तक शीघ्रता से पहुँचाया जा सकता है। ⦁ सीमावर्ती दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों को आवश्यक वस्तुएँ पहुँचाने के लिए भी सड़कों का ही। प्रयोग किया जाता है। इसी कारण ‘सीमा सड़क संगठन’ ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण किया। ⦁ प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य दैवी विपत्तियों आदि के समय) के दौरान सड़कें, रेलों की तुलना में अधिक प्रभावशाली हो जाती हैं, क्योंकि उनसे दूर-दूर तक जाया जा सकता है। ⦁ सड़कों से शिक्षा व सभ्यता के प्रसार में भी सहायता मिलती है, क्योंकि सड़कों ने नगरों व गाँवों को आपस में जोड़ दिया है।
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