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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

एक उत्पादन फलन स्थिर पैमाना का प्रतिफल को कब संतुष्ट करता है?

Answer»

यदि उत्पादन के सभी साधनों को दुगना करने पर उत्पादन भी दुगना हो जाए तो उत्पादन फलन स्थिर पैमाना का प्रतिफल संतुष्ट करता है।

2.

एक फर्म के लिए शून्य इकाई L तथा 10 इकाइयाँ K द्वारा अधिकतम संभावित निर्गत निकालिए, जब इसका उत्पादन फलन है।Q = 5 L + 2 K

Answer»

Q = 5L + 2K
L = 0, K = 10
Q = 5 (0) + 2 (10)
= 0 + 20
= 20 इकाइयाँ

3.

कीमत रेखा क्या है?

Answer»

कीमत रेखा एक समतल सरल रेखा होता है, जो एक पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार में ली जाने वाली बाजार कीमत को दर्शाती है। यह समतल सीधी रेखा इसीलिए है क्योंकि फर्म, उद्योग द्वारा निर्धारित बाजार कीमत को स्वीकार करती हैं बाजार द्वारा निर्धारित कीमत पर एक फर्म जितनी चाहे उतनी मात्रा बेच सकती हैं ऐसे में AR वक्र X अक्ष के समान्तर रेखा होता है और AR वक्र को कीमत रेखा कहते हैं।

4.

अल्पकाल में एक फर्म का पूर्ति वक्र क्या होता है?

Answer»

सीमान्त वक्र का वह हिस्सा जो न्यूनतम परिवर्ती लागत के ऊपर होता है अल्पकाल में फर्म का पूर्ति वक्र होता है।

5.

क्या दीर्घकाल में स्पर्धी बाजार में लाभ-अधिकतमीकरण फर्म सकारात्मक स्तर पर उत्पादन कर सकती है? यदि बाजार कीमत न्यूनतम औसत लागत से कम है, व्याख्या कीजिए।

Answer»

यदि दीर्घकाल में स्पर्धी बाजार में लाभ-अधिकतमीकरण में बाजार कीमत न्यूनतम औसत लागत से कम है तो फर्म उत्पादन बंद कर देगी। दीर्घकाल में सारी लागत परिवर्ती लागत होती है। अतः यदि औसत लागत तक भी। एक उत्पादक को प्राप्त नहीं हो रही तो वह उत्पादन कदापि नहीं करेगा।

6.

एक कीमत-स्वीकारक फर्म की बाजार कीमत तथा सीमान्त संप्राप्ति में क्या संबंध है?

Answer»

एक कीमत-स्वीकारक फर्म की बाजार कीमत तथा सीमान्त संप्राप्ति बराबर होते हैं।

7.

क्या एक प्रतिस्पर्धी बाजार में कोई लाभ-अधिकतमीकरण फर्म सकारात्मक निर्गत स्तर पर उत्पादन कर सकती है, जब सीमान्त लागत घट रही हो। व्याख्या कीजिए।

Answer»

नहीं एक लाभ अधिकतमीकरण फर्म संतुलन में तब होगी जब
(i) MR = MC
(ii) MC बढ़ रहा है।

8.

सन्तुलन कीमत किसे कहते हैं ?

Answer»

वह कीमत जिस पर माँग और पूर्ति बराबर होती हैं, सन्तुलन कीमत कहलाती है।

9.

मूल्य सिद्धान्त में सर्वप्रथम समय के महत्त्व पर किसे अर्थशास्त्री ने बल दिया ?

Answer»

प्रो० मार्शल ने।

10.

कोई फर्म सन्तुलन की स्थिति प्राप्त करती है जब (क) सीमान्त आगम एवं सीमान्त लागत बराबर हों।(ख) सीमान्त आगम सीमान्त लागत से अधिक हो।(ग) सीमान्त आगम सीमान्त लागत से कम हो।(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Answer»

(क) सीमान्त आगम एवं सीमान्त लागत बराबर हों।

11.

अपूर्ण प्रतियोगिता में प्रत्येक फर्म अपने लाभ को अधिकतम करने के लिए उत्पादन में परिवर्तन करती रहती है, जब तक(क) सीमान्त लागत = सीमान्त आय(ख) सीमान्त आय, सीमान्त लागत से अधिक(ग) सीमान्त आय, सीमान्त लागत से कम(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है  (क) सीमान्त लागत = सीमान्त आय।

12.

अपूर्ण प्रतियोगिता में सीमान्त आय का औसत आय से कम होने का क्या कारण है?

Answer»

अपूर्ण प्रतियोगिता में सीमान्त आय का औसत आय से कम होने का मुख्य कारण यह है कि एक अतिरिक्त इकाई को बेचने के लिए फर्म को वस्तु की कीमत में थोड़ी-सी कमी करनी पड़ती है। इसलिए फर्म की औसत आय सीमान्त आय से अधिक होती है।

13.

अपूर्ण प्रतियोगिता में फर्म को कब हानि उठानी पड़ती है ?

Answer»

जब वस्तु की माँग इस सीमा तक कम हो जाती है कि फर्म को अपनी वस्तु को विवश होकर लागत से कम कीमत पर बेचना पड़े, तब फर्म हानि की स्थिति में होती है अर्थात् इस स्थिति में फर्म की औसत आय उसकी औसत लागत से कम होती है। इसलिए फर्म को हानि उठानी पड़ती है।

14.

वैकल्पिक खर्च को मापने की दो मर्यादाएँ बताइए ।

Answer»

वैकल्पिक खर्च को मापने की दो मर्यादाएँ निम्नानुसार हैं :

  • एकोपयोगी साधन : यदि किसी साधन का मात्र एक ही उपयोग करने का गुण हो तो उसका वैकल्पिक खर्च निश्चित नहीं कर सकते हैं ।
  • विशिष्ट उपयोग के साधन : जब उत्पादन के साधन विशिष्ट प्रकार के specific factor हो तब यह ख्याल उपयोगी नहीं होता है । ऐसे विशिष्ट उपयोग के साधनों का उपयोग उनके प्रतिफल उनके वैकल्पिक खर्च के आधार पर नहीं परंतु वह साधनों की माँग पर निश्चित होती है । जैसे : कम्प्यूटर का विशेष ज्ञान रखनेवाले कवित, वैज्ञानिक आदि ।
15.

‘वास्तविक खर्च को मापना कठिन है ।’ विधान समझाइए ।

Answer»

वास्तविक खर्च में थकान, आलस, कष्ट, त्याग, चिंता आदि का समावेश होता है । यह ख्याल माँग आत्मलक्षी तथा मनोवैज्ञानिक है, अदृश्य है । इसका अनुभव अलग-अलग होता है । कारखाने में से निकलनेवाले धुआँ की असर आस-पास के लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती है, जो सामाजिक दृष्टि से खर्च है । इस प्रकार वास्तविक खर्च को मापना कठिन है ।

16.

उत्पादन खर्च की विविध संकल्पनाओं को समझाइए ।

Answer»

सामान्यतः उत्पादन उत्पादन खर्च पर आधारित है । क्योंकि उत्पादन अंततः उत्पादन के साधनों की मात्रा और उसके लिए किये जानेवाले खर्च पर आधारित है । इस अर्थ में उत्पादन और उत्पादन खर्च के बीच और सामान्य पूर्ति और उत्पादन खर्च के बीच सम्बन्ध है । अत: उत्पादन खर्च की विभिन्न संकल्पनाएँ निम्नलिखित हैं ।

(1) वास्तविक खर्च : पहले के अर्थशास्त्रीयों के मतानुसार उत्पादन के साधनों को उत्पादन की प्रक्रिया में शामिल करने से जो असंतोष होता है उसे उत्पादन का वास्तविक खर्च कहते हैं । जैसे : श्रमिकों की काम की थकान, काम से उब जाना, पूँजीपतियों और नियोजकों के द्वारा जोखिम और अनिश्चितताओं के वहन से मानसिक तनाव का अनुभव वह सब वास्तविक खर्च है । अर्थशास्त्र की भाषा में इसे ऋणात्मक तुष्टिगुण कहते हैं । श्रम के वास्तविक खर्च का ख्याल मानसिक आत्मलक्षी है । अर्थात् व्यक्ति व्यक्ति पर यह ख्याल बदलता है । वास्तविक खर्च में उत्पादन के अन्य साधनों के पीछे होनेवाले खर्च का विचार नहीं कर सकते । जैसे : भूमि कुदरती भेंट है । इकाई के मालिक द्वारा भूमि के स्वामी को दिया भूमि का किराया उत्पादन खर्च का ही हिस्सा है । उत्पादन के अन्य साधन निर्जीव होने के कारण वे असंतोष का अनुभव नहीं कर सकते । ऐसे असंतोष के कारण इसके बदले वैकल्पिक खर्च का ख्याल व्यक्त किया गया है ।

(2) वैकल्पिक खर्च : इसका ख्याल ऑस्ट्रियन अर्थशास्त्रीयों ने दिया था । उत्पादन के साधनों के एक से अधिक उपयोग हैं लेकिन इन साधनों का उपयोग किसी एक समय में एक ही उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया जा सकता है । ऐसे में अन्य श्रेष्ठ और उपयोगी विकल्पों का त्याग करना पड़ता है । किसी एक वस्तु के उत्पादन के लिए जिन अन्य विकल्पों को छोड़ा जाता है उसे उत्पादित वस्तु का वैकल्पिक उत्पादन खर्च माना जाता है । जैसे : एक खेत में गेहूँ और चने का उत्पादन किया जा सकता हो लेकिन चने का उत्पादन करें तो गेहूँ का उत्पादन श्रेष्ठ विकल्प बने जिसे चने के उत्पादन का वैकल्पिक खर्च माना जाता है ।

(3) मुद्राकीय खर्च : व्यवहार में उत्पादन खर्च का विचार मुद्रा में किया जाता है, जिसे उत्पादन का मुद्राकीय खर्च कहा जाता है । नियोजक द्वारा विभिन्न स्तर पर किए गए मुद्राकीय भुगतान को मुद्राकीय खर्च कहते हैं । जिसमें पूँजी का ब्याज, भूमि का किराया, श्रमिकों का वेतन, बीमा प्रीमियम, सरकारी कर इत्यादि का समावेश किया जाता है । नियोजक कम से कम उत्पादन लागत और अधिक से अधिक विक्रय कीमत प्राप्त करने की कोशिश करता है ।

मुद्राकीय खर्च का आधार तीन परिबलों पर है : (A) उत्पादन के साधनों को चुकाई जानेवाली कीमत (B) उत्पादन की कक्षा (C) समय अंतराल ।

उत्पादन के साधनों की अधिक कीमत चुकाई जाएगी तो उत्पादन खर्च अधिक रहेगा । यदि उत्पादन का समय अंतराल अधिक लंबे समय का होगा तो उत्पादन के ढाँचे में इच्छनीय परिवर्तन करके खर्च को अंकुशित कर, कम से कम खर्च से अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है । उत्पादन की मात्रा जितनी अधिक होगी, उत्पादन लागत उतनी कम होने की संभावना रहती है ।

17.

उत्पादक संतुलन किसे कहते हैं ?

Answer»

किसी भी उत्पादक की आय उत्पादित इकाईयों के साथ संबंध रखती है, तो दूसरी ओर उत्पादित इकाईयों के लिए अलगअलग साधनों का मुआवजा चुकाना पड़ता है । यदि उत्पादक का उद्देश्य महत्तम लाभ कमाने का हो, तो उत्पादन की जिस सीमा में उसे महत्तम लाभ प्राप्त हो (न्यूनतम हानि) वहाँ उत्पादक संतुलन की स्थिति में हैं ऐसा कहा जाता है ।

18.

स्थिर खर्च और अस्थिर खर्च .

Answer»

स्थिर खर्च और अस्थिर खर्च :

स्थिर खर्चअस्थिर खर्च
उत्पादन के साथ जिसमें परिवर्तन नहीं होता उसे स्थिर खर्च कहते हैं ।उत्पादन परिवर्तन के साथ जिस खर्च में परिवर्तन होता रहता है उसे अस्थिर खर्च कहते हैं ।
उत्पादन बढ़ने पर खर्च नहीं बढ़ता ।उत्पादन बढ़ने पर खर्च बढ़ता है ।
उत्पादन के प्रारंभिक दौर में खर्च होता है ।प्रारंभिक दौर से कुछ अंतराल के बाद खर्च होता है ।
उत्पादक के लिए स्थिर खर्च बोझ समान है ।उत्पादक के लिए अस्थिर खर्च बोझ समान नहीं है ।

19.

उत्पादन और उत्पादन खर्च के बीच कैसा संबंध है ?

Answer»

उत्पादन उत्पादन खर्च पर आधारित है । क्योंकि उत्पादन अंततः उत्पादन के साधनों की मात्रा और उनके पीछे किए जानेवाले खर्च पर आधारित है । इसलिए उत्पादन और उत्पादन खर्च के बीच सीधा संबंध है ।

20.

अपूर्ण स्पर्धावाला बाज़ार किसे कहते हैं ?

Answer»

पूर्ण स्पर्धा न हो ऐसी स्थिति को अपूर्ण स्पर्धा की स्थिति कहते हैं । जिसमें एकाधिकार, द्विहस्तक एकाधिकार, अल्पहस्तक एकाधिकार, एकाधिकारयुक्त स्पर्धा की स्थिति जिस बाज़ार में होती है उसे अपूर्ण स्पर्धावाला बाज़ार कहते हैं ।

21.

घटता उत्पादन अर्थात् क्या ?

Answer»

जमीन के टुकड़े पर श्रम और पूँजी के प्रमाण में जैसे-जैसे वृद्धि की जाती है वैसे-वैसे आरम्भ में उत्पादन बढ़ता है परंतु अमुक मर्यादा के बाद उत्पादन में वृद्धि घटती हुयी दर से होती है उसे घटता उत्पादन का नियम कहते हैं । यह नियम कृषि में सर्वप्रथम लागू पड़ता है ।

22.

समान उत्पादन का अर्थ दीजिए ।

Answer»

उत्पादन के सभी साधनों के निवेश में एकसमान वृद्धि करने से कुल उत्पादन में भी उतना ही वृद्धि होती हो तो समान उत्पादन का नियम अमल में है ऐसा कहेंगे । यहाँ उत्पादन, साधन के प्रमाण में जितनी वृद्धि होती है ।

23.

क्या औसत आय प्रति इकाई आय है ?

Answer»

हाँ, औसत आय प्रति इकाई आय है । कुल आय से बिक्री को भाग दिया जाए तो औसत आय प्राप्त होती है । जैसे : बॉलपेन की 10 इकाईयाँ बेचने से कुल आय 100 रु. होती है । इस स्थिति में औसत आय 100 ÷ 10 = 10 रु. जितनी होगी । 10 रु. बॉलपेन की औसत आय या प्रति इकाई आय कहलाएगी ।

24.

अस्थिर खर्च किसे कहते हैं ?

Answer»

उत्पादन का प्रमाण बदलने से जो खर्च बदलता है उसे अस्थिर खर्च कहते हैं । उत्पादन बढ़ने पर उत्पादन खर्च बढ़ता है और उत्पादन घटने पर खर्च घटता है और उत्पादन शून्य होने पर खर्च भी शून्य हो तो ऐसे खर्च को अस्थिर खर्च कहते हैं । इस खर्च का उत्पादन का प्रमाण के साथ सीधा सम्बन्ध है ।

25.

अल्पकालीन अर्थात् क्या ?

Answer»

अल्पकालीन अर्थात् समय का ऐसा अंतराल जिस समय दरम्यान यंत्र, प्लान्ट जैसे साधन स्थिर रहते हैं । अर्थात् कि उसमें वृद्धि नहीं कर सकते हैं।

26.

आय की किस संकल्पना को कीमत कह सकते हैं ?

Answer»

औसत आय की संकल्पना को कीमत कह सकते हैं ।

27.

स्थिर खर्च अर्थात क्या ? स्थिर खर्च की रेखा कैसी होती है ?

Answer»

अल्पकालीन समय में उत्पादन का प्रमाण बढ़े, घटे या शून्य हो परंतु खर्च में कोई परिवर्तन न हो तो ऐसे खर्च को स्थिर खर्च कहते हैं । स्थिर खर्च की रेखा आधार (X-अक्ष) के समांतर होती है ।

28.

उत्पादन बढ़े तब औसत स्थिर खर्च क्यों घटता है ?

Answer»

बढ़ते उत्पादन के नियम के कारण उत्पादन बढ़े तब औसत खर्च घटता है ।

29.

अंतिम इकाई के उत्पादन खर्च को कौन-सा खर्च कहते हैं ?(A) स्थिर खर्च(B) अस्थिर खर्च(C) कुल खर्च(D) सीमांत खर्च

Answer»

सही विकल्प है (D) सीमांत खर्च

30.

दैनिक श्रमिकों का वेतन किस खर्च का उदाहरण है ?(A) अस्थिर खर्च(B) स्थिर खर्च(C) दीर्घकालीन(D) अल्पकालीन

Answer»

सही विकल्प है (A) अस्थिर खर्च

31.

उत्पादन आधारित खर्च को कौन-सा खर्च कहते हैं ?(A) स्थिर(B) तटस्थ(C) अस्थिर(D) औसत

Answer»

सही विकल्प है (C) अस्थिर

32.

अस्थिर खर्च रेखा का ढ़ाल कैसा है ?(A) ऋण(B) धन(C) धन-ऋण(D) एक भी नहीं

Answer»

सही विकल्प है (B) धन

33.

उत्पादन बढ़ने से सीमांत खर्च किसकी अपेक्षा तेजी से बढ़ता है ?(A) औसत खर्च(B) सीमांत खर्च(C) कुल खर्च(D) अस्थिर खर्च

Answer»

सही विकल्प है (A) औसत खर्च

34.

कौन-सी आय प्रति इकाई आय है ?(A) सीमांत(B) कुल(C) औसत(D) इनमें से एक भी नहीं

Answer»

सही विकल्प है (C) औसत

35.

उत्पादन खर्च को कितने भागों में बाँटा गया है ?(A) एक(B) तीन(C) चार(D) दो

Answer»

सही विकल्प है (D) दो

36.

कौन-सा खर्च शून्य की ओर गति करता है पर शून्य होता नहीं ?(A) औसत अस्थिर(B) औसत खर्च(C) औसत आय(D) औसत स्थिर

Answer»

सही विकल्प है (D) औसत स्थिर

37.

उत्पादन खर्च ………………………. में दर्शाया जाता है ।(A) मुद्रा(B) वस्तु(C) सेवा(D) आय

Answer»

सही विकल्प है (A) मुद्रा

38.

वैकल्पिक खर्च किन अर्थशास्त्रियों ने प्रस्तुत की ?(A) भारतीय(B) रशियन(C) ऑस्ट्रियन(D) फ्रेंच

Answer»

सही विकल्प है (C) ऑस्ट्रियन

39.

स्थिर एवं अस्थिर खर्च का योग ……………………..(A) औसत खर्च(B) कुल खर्च(C) कुल आय(D) सीमांत खर्च

Answer»

सही विकल्प है (B) कुल खर्च

40.

सीमांत खर्च किसे कहते हैं ?

Answer»

कुल उत्पादन में एक इकाई की वृद्धि अथवा कमी होने से कुल उत्पादन खर्च में जो परिवर्तन होता है, उसे सीमांत खर्च कहते हैं ।

41.

वस्तु (उत्पाद) विभेद’ एक आधारभूत विशेषता है यावस्तु-विभेद किस बाजार में पाया जाता है? (क) पूर्ण प्रतियोगिता की(ख) अपूर्ण प्रतियोगिता की(ग) एकाधिकार की(घ) इनमें से किसी की नहीं

Answer»

सही विकल्प है  (ख) अपूर्ण प्रतियोगिता की।

42.

सीमांत आय का संकेत …………………………(A) MR(B) MRn(C) AR(D) TR

Answer»

सही विकल्प है (A) MR

43.

पेढ़ी किसे कहते हैं ?

Answer»

वस्तु या सेवा का उत्पादन करनेवाली इकाई अर्थात् पेढ़ी ऐसी आर्थिक इकाई है, जो महत्तम लाभ के उद्देश्य से उत्पादन या विक्रय की प्रवृत्ति करती है ।

44.

मुद्राकीय खर्च किसे कहते हैं ?

Answer»

नियोजक किसी वस्तु का उत्पादन करने में जो मुद्राकीय भुगतान करती है उसे मुद्राकीय खर्च कहते हैं । अथवा उत्पादन के लिए मुद्रा की स्वरूप में होनेवाले सभी खर्चों को वित्तीय खर्च कहते हैं ।

45.

अपूर्ण प्रतियोगिता की चार विशेषताएँ बताइए।याअपूर्ण प्रतियोगिता की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। 

Answer»

⦁     विक्रेताओं की अपेक्षाकृत कम संख्या,
⦁     वस्तु-विभेद पाया जाना,
⦁    बाजार का अपूर्ण ज्ञान,
⦁    पूर्ण गतिशील न होना।

46.

अपूर्ण प्रतियोगिता का स्वरूप कैसा होता है ?

Answer»

अपूर्ण प्रतियोगिता का स्वरूप अंशत: पूर्ण प्रतियोगिता तथा अंशत: एकाधिकारी होता है।

47.

किसी फर्म के अधिकतम लाभ के लिए प्रथम आवश्यकता है(क) सीमान्त आगम = औसत आगम(ख) सीमान्त लागत = औसत लागत(ग) सीमान्त लागते = सीमान्त आगम(घ) औसत लागत = औसत आगम।

Answer»

सही विकल्प है  (ग) सीमान्त लागत = सीमान्त आगम।

48.

अपूर्ण प्रतियोगिता की दशा में उत्पादक कब असामान्य लाभ प्राप्त करता है ?

Answer»

अपूर्ण प्रतियोगिता में उत्पादक केवल उस दशा में असामान्य लाभ प्राप्त करने की स्थिति में होता है जब उसकी औसत आय उसकी औसत लागत से अधिक हो।

49.

अपूर्ण प्रतियोगिता बाजार में औसत ओगम वक्र का ढाल किस प्रकार का होता है?

Answer»

अपूर्ण प्रतियोगिता की दशा में औसत आगम वक्र बाएँ से दाएँ नीचे की ओर गिरता हुआ होता है।

50.

अपूर्ण प्रतियोगिता में सीमान्त आगम रेखा का ढाल कैसा होता है ?

Answer»

अपूर्ण प्रतियोगिता में सीमान्त आगम रेखा का ढाल बाएँ से दाएँ नीचे की ओर होता है।