This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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अपूर्ण प्रतियोगिता क्या है ? इसके अन्तर्गत मूल्य-निर्धारण कैसे होता है ?याअपूर्ण प्रतियोगिता क्या है? इसकी दशाओं का वर्णन कीजिए तथा इसके अन्तर्गत कीमत-निर्धारण को समझाइए। |
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Answer» अपूर्ण प्रतियोगिता में कीमत या मूल्य-निर्धारण |
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अधिकतम बिक्री करने के लिए उत्पादक को क्या करना पड़ता है ? |
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Answer» उत्पादक को वस्तुओं की अधिकतम बिक्री करने के लिए विज्ञापन व प्रचार आदि पर व्यय करना पड़ता है। |
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आय किसे कहते हैं ? |
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Answer» इकाई ने उत्पन्न की इकाईयों को विक्रय करके जो मुद्रा प्राप्त करते है उसे आय कहते हैं । |
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समय का दीर्घकाल अर्थात् क्या ? |
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Answer» समय का दीर्घकाल अर्थात् समय (काल) कि जिस समय दरम्यान इकाई के सभी साधन अस्थिर होते है । अर्थात कि साधनों में परिवर्तन कर सकते हैं । प्लान्ट, यंत्रसामग्री, कारखाना के मकान आदि का प्रमाण में वृद्धि या कमी करके इकाई के उत्पादन को बढ़ाघटा सकते हैं । इकाई के दीर्घकालीन नये और आधुनिक यंत्रसामिग्री द्वारा उत्पादन इकाई का कद बढ़ा सकते हैं । |
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उत्पादन खर्च किसे कहते हैं ? |
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Answer» चीजवस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करने के लिए मुद्राकीय स्वरूप में जो खर्च किया जाता है उसे उत्पादन खर्च कहते हैं । |
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औसत स्थिर खर्च किसे कहते हैं ? |
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Answer» निश्चित उत्पादन के स्तर पर कुल स्थिर खर्च को कुल उत्पादित इकाईयों से भाग देने पर जो खर्च मिलता है उसे औसत स्थिर खर्च कहते हैं। |
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औसत खर्च किसे कहते हैं ? |
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Answer» कुल खर्च को उत्पादन की कुल इकाईयों से भाग देने पर जो खर्च प्राप्त होता है, तो उसे औसत खर्च कहते हैं । |
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औसत अस्थिर खर्च किसे कहते हैं ? |
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Answer» निश्चित उत्पादन के स्तर पर कुल अस्थिर खर्च को कुल उत्पादित इकाईयों से भाग देने पर जो खर्च मिलता है उसे औसत अस्थिर खर्च कहते हैं। |
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कुल खर्च किसे कहते हैं ? |
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Answer» कुल स्थिर खर्च और कुल अस्थिर खर्च के योग को कुल खर्च कहते हैं । |
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पूर्ण एवं अपूर्ण प्रतियोगिता में अन्तर (भेद) कीजिए। इनमें से कौन व्यावहारिक है ? यापूर्ण एवं अपूर्ण प्रतियोगी बाजार की विशेषताओं की तुलना कीजिए। |
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Answer» पूर्ण प्रतियोगिता तथा अपूर्ण प्रतियोगिता में अन्तर (भेद)
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औसत आय किसे कहते हैं ? |
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Answer» इकाई की कुल आय को इकाई की विक्रय की गयी इकाईयों से भाग देने से प्राप्त आय को औसत आय कहते हैं । |
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अपूर्ण प्रतियोगिता है(क) काल्पनिक(ख) व्यावहारिक(ग) काल्पनिक-व्यावहारिक(घ) इनमें से कोई नहीं |
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Answer» सही विकल्प है (ख) व्यावहारिक। |
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| 13. |
अपूर्ण प्रतियोगिता में औसत और सीमान्त आगम के वक्र गिरते हुए होते हैं(क) नीचे की ओर(ख) ऊपर की ओर(ग) बीच में(घ) इनमें से कोई नहीं |
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Answer» सही विकल्प है (क) नीचे की ओर। |
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समय का अल्पकाल अर्थात् क्या ? |
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Answer» समय का अल्पकाल अर्थात् ऐसा समय कि जिस समय दरम्यान इकाई के कद में परिवर्तन नहीं कर सकते हैं । परंतु उसकी स्थापित उत्पादन शक्ति का उपयोग करके उत्पादन बढ़ा सकते हैं । इस समय में इकाई के साधन स्थिर होते हैं । जैसे प्लान्ट, यंत्रसामिग्री, कारखाना के मकान आदि । |
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| 15. |
कुल आय किसे कहते हैं ? |
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Answer» इकाई द्वारा उसे सभी इकाईयों को विक्रय करके जो आय प्राप्त की हो तो उसे कुल आय कहते हैं । |
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वास्तविक खर्च की संकल्पना समझाइए । |
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Answer» उत्पादन – प्रक्रिया दरम्यान, उत्पादन साधनों के मालिकों (श्रमिकों, पूँजीपति, जमीन के मालिक, नियोजक) को जो थकान, आलस, दुःख, त्याग, असंतोष आदि का अनुभव करना पड़ता है उसे वास्तविक खर्च कहते हैं । यह आत्मलक्षी और मनोवैज्ञानिक होने से मापना कठिन है । |
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| 17. |
कुल खर्च और कुल आय का अर्थ दीजिए । |
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Answer» कुल खर्च : कुल उत्पादन और कुल खर्च के बीच कार्यकारण का सम्बन्ध होता है । कुल उत्पादन अधिक हो तो कुल खर्च भी अधिक होता है । ‘इकाई के कुल स्थिर खर्च और कुल अस्थिर खर्च के कुल योग को कुल खर्च कहते हैं ।’ कल आय : पेढ़ी उत्पादन की इकाई का विक्रय करके जो मुद्रा प्राप्त करती है उसे आय कहते हैं । इकाई को कुल आय इकाई को उसके विक्रय में से आय प्राप्त होती है । कुल आय को विक्रय आय के नाम से भी जानते है । |
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| 18. |
अपूर्ण प्रतियोगिता में विक्रेताओं की संख्या होती है(क) शून्य(ख) कम(ग) अधिक(घ) ये सभी |
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Answer» सही विकल्प है (ख) कम। |
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कुल आय का सूत्र लिखो । |
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Answer» कुल आय = विक्रय की गई इकाई × वस्तु की कीमत |
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‘दीर्घकालीन समय के बाद सभी खर्च अस्थिर बन जाते हैं ।’ समझाइए । |
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Answer» कुल खर्च में अस्थिर खर्च और स्थिर खर्च दोनों का समावेश होता है । स्थिर खर्च में स्थायी सम्पति जैसे प्लान्ट, पूँजी का व्याज, लाइसन्स फीस, सम्पत्ति व्यवसायवेरा, कारखाना – मकान का किराया, स्थायी स्टाफ का वेतन, वीमा प्रीमियम आदि का समावेश होता है । परन्तु यह खर्च अल्पकालीन समय तक ही स्थिर रहता है । अर्थात् एक सीमा तक स्थिर रहता है उसके बाद खर्च में वृद्धि होती है । अस्थिर खर्च अस्थिर साधनों पर खर्च होता है । उत्पादन के स्तर में परिवर्तन हो तो इस खर्च में भी परिवर्तन होता है । अस्थिर खर्च में कच्चे माल की कीमत, ईंधन का खर्च, बिजली का बिल, वाहनव्यवहार का खर्च आदि का समावेश होता है । जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ता है वैसे-वैसे अस्थिर खर्च भी बढ़ता है । इस प्रकार दीर्घकालीन समय के बाद स्थिर और अस्थिर खर्च दीर्घकालीन समय के बाद अस्थिर बनते हैं । |
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| 21. |
वैकल्पिक खर्च किसे कहते हैं ? |
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Answer» पसंद किये गये विकल्प के लिए अन्य श्रेष्ठ और उपयोगी विकल्पों का त्याग करना पड़ता है । वह वैकल्पिक खर्च है । एक वस्तु का उत्पादन करने पर दूसरी वस्तु का उत्पादन संभव नहीं है, इसलिए जिसका उत्पादन नहीं होता है उतना मूल्य की रकम खोनी पड़ती है वह वैकल्पिक खर्च है । |
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अपूर्ण प्रतियोगिता से आप क्या समझते हैं ? अपूर्ण प्रतियोगिता की विशेषताओं की विवेचना कीजिए।याअपूर्ण प्रतियोगी बाजार को परिभाषित कीजिए। याअपूर्ण प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» अपूर्ण प्रतियोगिता का अर्थ अपूर्ण प्रतियोगिता की विशेषताएँ |
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अपूर्ण प्रतियोगिता में दीर्घकाल में वस्तु का मूल्य किस स्थिति में निर्धारित होता है ? |
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Answer» अपूर्ण प्रतियोगिता में दीर्घकाल में वस्तु का मूल्य सीमान्त आय व सीमान्त लागत की सन्तुलन की स्थिति में निर्धारित होता है। यहाँ फर्म केवल सामान्य लाभ अर्थात् शून्य लाभ की स्थिति में होती है। |
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अपूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत कीमत-निर्धारण किस प्रकार होता है ? |
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Answer» अपूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत कीमत-निर्धारण में माँग एवं पूर्ति की शक्तियों का समुचित ध्यान रखा जाता है। इस प्रकार कीमत-निर्धारण उस बिन्दु पर होता है जहाँ पर सीमान्त लागत तथा सीमान्त आय दोनों ही बराबर हों। |
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उत्पादन का प्रमाण शून्य हो तब भी यह खर्च सकारात्मक होता है ।(A) मुद्राकीय खर्च(B) औसत खर्च(C) अस्थिर खर्च(D) स्थिर खर्च |
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Answer» सही विकल्प है (D) स्थिर खर्च |
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अस्थिर खर्च को मुख्य खर्च कहनेवाला अर्थशास्त्री –(A) प्रो. पिगु(B) प्रो. मार्शल(C) स्मिथ(D) कौटिल्य |
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Answer» सही विकल्प है (B) प्रो. मार्शल |
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सीमांत आय का सूत्र लिखो । |
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Answer» MRn = Rn – R(n – 1) |
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औसत खर्च की रेखा का आकार कैसा होता है ?(A) होकी स्टिक(B) U(C) V(D) आयत |
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Answer» सही विकल्प है (A) होकी स्टिक |
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किस खर्च को माप नहीं सकते हैं ?(A) वास्तविक खर्च(B) मुद्राकीय खर्च(C) वैकल्पिक खर्च(D) दीर्घकालीन खर्च |
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Answer» सही विकल्प है (A) वास्तविक खर्च |
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किस बाजार में औसत आय और सीमांत आय समान होते हैं ?(A) पूर्ण स्पर्धा(B) एकाधिकारशाही(C) एकाधिकारशाही युक्त स्पर्धा(D) अल्पहस्तक एकाधिकार |
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Answer» सही विकल्प है (A) पूर्ण स्पर्धा |
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सीमांत आय की अपेक्षा सीमांत खर्च कम हो तब इकाई (पेढ़ी) का क्या मिलता है ? |
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Answer» सीमांत आय की अपेक्षा सीमांत खर्च कम हो तो इकाई को लाभ मिलता है । |
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सीमांत आय किसे कहते हैं ? |
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Answer» वस्तु की अतिरिक्त एक इकाई के विक्रय के परिणामस्वरूप इकाई की कुल विक्रय आय में जो वृद्धि होती है तो उसे सीमांत आय कहते हैं। |
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पूर्ति कब सक्रिय रहती है ? |
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Answer» यदि माँग निश्चित रहती है किन्तु पूर्ति की दशाएँ बदलती रहती हैं, तब पूर्ति सक्रिय होती है। |
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अपूर्ण प्रतियोगिता में फर्म की औसत आय रेखा होती है (क) गिरती हुई रेखा(ख) उठती हुई रेखा(ग) क्षैतिज रेखो।(घ) ऊर्ध्व रेखा। |
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Answer» सही विकल्प है (क) गिरती हुई रेखा। |
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माँग तथा पूर्ति का मूल्य सिद्धान्त का प्रतिपादन किस अर्थशास्त्री ने किया ? |
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Answer» प्रो० मार्शल ने। |
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मूल्य-निर्धारण में माँग कब निष्क्रिय रहती है ? |
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Answer» यदि माँग निश्चित रहती है, किन्तु पूर्ति की दशाएँ बदलती रहती हैं, तो माँग निष्क्रिय रहती है। |
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सुरक्षित कीमत किसे कहते हैं ? |
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Answer» सुरक्षित कीमत वह न्यूनतम कीमत होती है, जिस पर कोई उत्पादक अपनी वस्तु की माँग स्वयं करने लगते हैं और उसे बेचने से मना करते हैं। |
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“वस्तु की कीमत उसकी उपयोगिता से निर्धारित होती है। यह मत किन अर्थशास्त्रियों का है? |
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Answer» वालरा और जेवेन्स का। |
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बाजार की किस दशा में वस्तु की कीमत उत्पादन लागत के बराबर होती है ? |
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Answer» पूर्ण प्रतियोगिता की दशा में दीर्घकाल में वस्तु की कीमत उत्पादन लागत के बराबर होती है। |
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क्रेता या उपभोक्ता वस्तु-विशेष की माँग क्यों करते हैं ? |
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Answer» विभिन्न वस्तुओं में पृथक्-पृथक् आवश्यकताओं को सन्तुष्ट करने का गुण या क्षमता होती है। इस कारण किसी वस्तु-विशेष की माँग उसमें निहित तुष्टिगुण के कारण होती है। |
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अर्थशास्त्र में वस्तुएँ कितने प्रकार की मानी गयी हैं ? |
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Answer» अर्थशास्त्र में वस्तुएँ दो प्रकार की मानी गयी हैं ⦁ शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुएँ तथा |
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सुरक्षित कीमत किस प्रकार के बाजार में पायी जाती है ? |
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Answer» सुरक्षित कीमत अल्पकालीन बाजार में होती है। |
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“वस्तु की कीमत उसकी उत्पादन लागत से निर्धारित होती है। यह मत किन अर्थशासियों का है ? |
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Answer» एडम स्मिथ और रिका। |
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क्या पूर्ण प्रतियोगिता वास्तविक जगत् में सम्भव है ? |
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Answer» नहीं, पूर्ण प्रतियोगिता वास्तविक जगत् में सम्भव नहीं है। |
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कोई फर्म सन्तुलन की स्थिति में कब होती है ? |
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Answer» कोई फर्म केवल सन्तुलन की स्थिति में ही अधिकतम लाभ प्राप्त करती है। अत: किसी फर्म को सन्तुलन की स्थिति में तब ही कहा जाता है जब उसमें विस्तार अथवा संकुचन करने की कोई प्रवृत्ति न हो। |
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‘पूर्ण प्रतियोगिता एक कल्पनामात्र है, व्यावहारिक नहीं।’ विवेचना कीजिए। |
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Answer» पूर्ण प्रतियोगिता के लिए जिन आवश्यक तत्त्वों या दशाओं का वर्णन किया गया है वे किसी भी दशा में व्यावहारिक नहीं हैं। यह आवश्यक नहीं है कि एक ही प्रकार की वस्तुओं में समानता हो अर्थात् वस्तुएँ एकसमान नहीं होती हैं। वस्तुओं का क्रय-विक्रय सामान्यत: प्रतिबन्धित होता है। उत्पत्ति के साधन पूर्ण गतिशील नहीं होते। क्रेता-विक्रेता को बाजार की दशाओं का पूर्ण ज्ञान नहीं होने के कारण बाजार में प्रचलित वस्तु के मूल्य में भिन्नता होती है। विज्ञापन, माल की पैकिंग, उधार बिक्री, घर तक माल पहुँचाने की सुविधा तथा छूट आदि सुविधाओं के कारण वस्तु-विभेद एवं मूल्य-विभेद की स्थिति सदा बनी रहती है। उपर्युक्त अनेक कारणों से हम देखते हैं कि पूर्ण प्रतियोगिता वाला बाजार अपूर्ण प्रतियोगिता का बाजार बनकर रह गया है, पूर्ण प्रतियोगिता तो मात्र एक कल्पना बनकर रह गयी है। |
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संक्षिप्त व्याख्या करें-पूर्ण प्रतिस्पर्धा में लाभ तथा हानि की स्थितियाँ। |
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Answer» पूर्ण प्रतिस्पर्धा में लाभ तथा हानि की स्थितियाँ–पूर्ण प्रतिस्पर्धा के अन्तर्गत अल्पकाल या दीर्घकाल में कोई भी फर्म मात्र सामान्य लाभ या शून्य लाभ ही प्राप्त करती है। |
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पूर्ण प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताएँ (लक्षण) बताइए।यापूर्ण प्रतियोगिता का क्या अर्थ है ? पूर्ण प्रतियोगी बाजार की विशेषताएँ बताइए। यापूर्ण प्रतियोगिता की विशेषताओं को समझाइए। यापूर्ण प्रतियोगिता को परिभाषित कीजिए। इसकी किन्हीं चार विशेषताओं की विवेचना कीजिए। |
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Answer» पूर्ण प्रतियोगिता का अर्थ तथा परिभाषाएँ पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की आवश्यक विशेषताएँ या लक्षण |
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पूर्ण प्रतियोगिता बाजार के दो लक्षण (विशेषताएँ) लिखिए। |
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Answer» (1) क्रेताओं और विक्रेताओं की अधिक संख्या तथा |
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पूर्ण प्रतियोगिता में वस्तु के मूल्य का निर्धारण किसके द्वारा होता है ? |
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Answer» पूर्ण प्रतियोगिता में वस्तु का मूल्य माँग और पूर्ति के द्वारा निर्धारित होता है। |
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