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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

मान लीजिए, उपभोक्ता दो ऐसी वस्तुओं का उपभोग करना चाहता है, जो केवल पूर्णाक इकाइयों में उपलब्ध हैं। दोनों वस्तुओं की कीमत 10 ₹ के बराबर है तथा उपभोक्ता की आय 40 ₹ है। |(i) वे सभी बंडल लिखिए जो उपभोक्ता के लिए उपलब्ध हैं।(ii) जो बंडल उपभोक्ता के लिए उपलब्ध हैं, उनमें से वे बंडल कौन से हैं जिन पर उपभोक्ता के पूरे 40 ₹ व्यय हो जाएँगे।

Answer»

(i) बजट रेखा समीकरण 10a + 100y < 40 अतः सभी बंडल जो वह खरीद सकता है।
(0, 0), (0, 1), (0, 2), (0, 3), (0, 4)
(1, 0), (1, 1), (1, 2) (1, 3)
(2, 0), (2, 1), (2, 2)
(3, 0), (3, 1)
(4,0)
(ii) ऐसे बंडल जिन पर पूरे 40 ₹ व्यय हो जायेंगे- (0, 4), (1, 3), (2, 2), (3, 1), (4, 0)

2.

मान लीजिए, किसी वस्तु की माँग की कीमत लोच – 0.2 है। यदि वस्तु की कीमत में 10% वृद्धि होती है तो उस पर होने वाला व्यय किस प्रकार प्रभावित होगा?

Answer»

माँग की कीमत लोच इकाई से कम है अतः कीमत में वृद्धि होने पर वस्तु पर होने वाला व्यय बढ़ेगा।

3.

एक वस्तु की माँग की लोच कम होगी यदि(क) उसकी प्रतिस्थापन वस्तुएँ उपलब्ध हो(ख) उसका उपभोग स्थगित न हो सकता हो।(ग) वह अनिवार्य वस्तु हो।(घ) उपरोक्त सभी

Answer»

सही विकल्प है (घ) उपरोक्त सभी

4.

मान लीजिए कि आपका मित्र, बंडल (5, 6) तथा (6, 6) के बीच तटस्थ है। क्या आपके मित्र के अधिमान एकदिष्ट हैं?

Answer»

नहीं, यदि उसके अधिमान एकदिष्ट होते तो वह (6, 6) को (5, 6) से अधिक प्राथमिकता देता।

5.

यदि एक उपभोक्ता के अधिमान एकदिष्ट हैं तो क्या वह बंडल (10, 8) और बंडल (8, 6) के बीच तटस्थ हो सकता है?

Answer»

नहीं यदि एक उपभोक्ता के अधिमान एकदिष्ट हैं तो वह बंडल (10, 8) को (8, 6) से अधिक प्राथमिकता देगा।

6.

मान लीजिए कि उपभोक्ता के अधिमान एकदिष्ट हैं। बंडल (10, 10), (10, 9) तथा (9, 9) पर उसके अधिमान श्रेणीकरण के विषय में आप क्या बता सकते हैं?

Answer»

वह (10, 10) को (10, 9) से अधिक तथा (10, 9) को (9, 9) से अधिक प्राथमिकता देगा यानि U(10, 10) > U(10, 9) > U(9, 9)

7.

कुल उपयोगिता किसके बराबर होती है?(क) MUn – MUn-1(ख) MUn + MUn-1(ग) MU का योग(घ) MUn/Qn

Answer»

सही विकल्प है (ग) MU का योग

8.

नीचे दी गई तालिका से बताइए कि माँग की कीमत लोच कितनी है?(क) EDp &gt; 1(ख) EDp &lt; 1(ग) EDp = 1(घ) EDp = 0

Answer»

सही विकल्प है (ख) EDp < 1

9.

जब माँग वक्र -अक्ष के समांतर होता है तो माँग की लोच कितनी होगी?(क) इकाई(ख) शून्य(ग) अनंत(घ) इकाई से अधिक

Answer»

सही विकल्प है (ख) शून्य

10.

मान लीजिए कि किसी वस्तु की कीमत में 4% की गिरावट होने के परिणामस्वरूप उस पर होने वाले व्यय में 2% की वृद्धि हो गई। आय माँग की लोच के बारे में क्या कहेंगे?

Answer»

वस्तु की कीमत कम होने पर कुल व्यय में वृद्धि हो तो वस्तु की माँग की कम कीमत लोच इकाई से अधिक होगी, परन्तु वास्तविक मान क्या होगा यह कुल व्यय विधि द्वारा ज्ञात नहीं किया जा सकता।

11.

माँग वक्र में खिसकाव का कारण है।(क) वस्तु की कीमत में परिवर्तन(ख) आय में परिवर्तन(ग) रुचि में परिवर्तन ।(घ) कीमत के अतिरिक्त किसी अन्य कारक में परिवर्तन

Answer»

(घ) कीमत के अतिरिक्त किसी अन्य कारक में परिवर्तन

12.

ज्यामितिय विधि के अनुसार, माँग वक्र में अक्ष पर माँग की कीमत लोच कितनी होगी?(क) 0(ख) 1(ग) ∞(घ) 2

Answer»

सही विकल्प है (क) 0

13.

कीमत में परिवर्तन से क्रय शक्ति में होने वाले परिवर्तन को क्या कहा जाता है?(क) कीमत प्रभाव(ख) प्रतिस्थापन प्रभाव(ग) आय प्रभाव(घ) इनमें से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (ग) आय प्रभाव

14.

निम्नलिखित में से किस वस्तु की माँग लोचदार होगी?(क) दियासिलाई(ख) पानी(ग) सुई(घ) दूध

Answer»

सही विकल्प है (घ) दूध

15.

प्रचार करने से वस्तु को माँग वक्र(क) दाँईं ओर खिसकेगा(ख) बाईं ओर खिसकेगा(ग) माँग में विस्तार होगा(घ) माँग में संकुचन होगा।

Answer»

सही विकल्प है (क) दाँईं ओर खिसकेगा

16.

माँग वक्र में संकुचन कब होता है?(क) कीमत बढ़ने पर(ख) कीमत घटने पर(ग) आय बढ़ने पर(घ) आय घटने पर

Answer»

सही विकल्प है (क) कीमत बढ़ने पर

17.

दवाइयों की माँग बेलोचदार होती है क्योंकि(क) यह अनिवार्य वस्तु है।(ख) इसका उपभोग स्थगित नहीं हो सकता है।(ग). इसकी प्रतिस्थापन वस्तुएँ उपलब्ध नहीं हैं(घ) उपरोक्त सभी

Answer»

सही विकल्प है (घ) उपरोक्त सभी

18.

निम्नकोटि वस्तु की माँग आय बढ़ने पर।(क) कम हो जायेगी(ख) बढ़ जायेगी।(ग) समान रहेगी(घ) इनमें से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (ग) समान रहेगी

19.

वे वस्तुएँ जिनका आय प्रभाव ऋणात्मक होता है ………… कहलाती हैं।(क) सामान्य वस्तु(ख) निम्नकोटि वस्तु(ग) प्रतिस्थापन वस्तु(घ) गिफ्फिन वस्तु

Answer»

सही विकल्प है (ख) निम्नकोटि वस्तु

20.

वस्तुओं का माँग वक्र धनात्मक ढलान वाला होता है।(क) सामान्य वस्तु(ख) निम्नकोटि वस्तु(ग) प्रतिस्थापन वस्तु(घ) गिफ्फिन वस्तु

Answer»

सही विकल्प है (घ) गिफ्फिन वस्तु

21.

आय बढ़ने पर माँग वक्र(क) दाँईं ओर खिसकता है।(ख) बाँईं ओर खिसकता है।(ग) सामान्य वस्तु की स्थिति में दाँई ओर खिसकता है तथा निम्नकोटि वस्तु की स्थिति में बाँई ओर खिसकता है।(घ) सामान्य वस्तु की स्थिति में बाँई ओर खिसकता है तथा निम्नकोटि वस्तु की स्थिति में दाईं ओर खिसकता है।

Answer»

(ग) सामान्य वस्तु की स्थिति में दाँई ओर खिसकता है तथा निम्नकोटि वस्तु की स्थिति में बाँई ओर खिसकता है।

22.

सीमान्त उपयोगिता किसके बराबर होती है?(क) TUn + TUn-1(ख) TUn -1 – TUn(ग) TUn – TUn-1(घ) TUn-1 + TUn

Answer»

सही विकल्प है (ग) TUn – TUn-1

23.

‘एकदिष्ट अधिमान’ से आप क्या समझते हैं?

Answer»

एकदिष्ट अधिमान का अर्थ है कि उपभोक्ता एक वस्तु की कम मात्रा की तुलना में अधिक मात्रा को सदा अधिक पसंद करता है। इसका अर्थ है कि अनाधिमान वक्र की प्रवणती नीचे की ओर है। यदि उपभोक्ता के एकदिष्ट अधिमान है तो वह संयोजन (4, 5) से अधिक संयोजन (5, 5) या (4, 6) को करेगा।

24.

नमक की माँग बेलोचदार क्यों होती है?

Answer»

नमक की माँग बेलोचदार होती है क्योंकि
(a) यह एक अनिवार्य वस्तु है
(b) इसके विकल्प उपलब्ध नहीं हैं।
(c) इसका कुल व्यय में हिस्सा बहुत कम है।

25.

यदि वस्तु X सीमान्त उपयोगिता बढ़ रही है तो इसका अर्थ है कि ।(क) वस्तु X पर हासमान सीमान्त उपयोगिता का नियम लागू नहीं होता(ख) वस्तु Y पर हासमान सीमान्त उपयोगिता का नियम लागू नहीं होता(ग) क व ख दोनों(घ) क व ख में से कोई नहीं

Answer»

(क) वस्तु X पर हासमान सीमान्त उपयोगिता का नियम लागू नहीं होता

26.

निम्नस्तरीय वस्तु को परिभाषित कीजिए। कुछ उदाहरण दीजिए।

Answer»

ऐसी वस्तु जिसको आय के साथ ऋणात्मक संबंध होता है अर्थात् उपभोक्ता की आय बढ़ने पर जिस वस्तु की माँग कम होती है तथा उपभोक्ता की आय कम होने पर जिस वस्तु की माँग बढ़ती है, वह निम्नस्तरीय वस्तु कहलाती है। कोई भी वस्तु निम्नस्तरीय है या सामान्य यह उपभोक्ता की प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। जो वस्तु एक उपभोक्ता के लिए सामान्य है वह किसी अन्य के लिए निम्नस्तरीय हो सकती है फिर भी साधारणतः जो वस्तुएँ निम्नस्तरीय वस्तु की श्रेणी में आती हैं उनके उदाहरण हैं-ज्वार, बाजरी, साप्ताहिक बाजारों में बिकने वाला माल, टोन्ड दूध आदि।

27.

वस्तु x की कीमत बढ़ने पर यदि वस्तु y की माँग कम हो जाए तो x और y कैसी वस्तुएँ हैं?(क) प्रतिस्थापन वस्तुएँ(ख) पूरक वस्तुएँ(ग) सामान्य वस्तुएँ(घ) निम्नकोटि वस्तुएँ

Answer»

सही विकल्प है (ख) पूरक वस्तुएँ

28.

जब कुल उपयोगिता घटने लगती है तो सीमान्त उपयोगिता(क) सकारात्मक होती है(ख) नकारात्मक होती है(ग) शून्य होती है।(घ) घटती है।

Answer»

सही विकल्प है (ख) नकारात्मक होती है

29.

जब कुल उपयोगिता अधिकतम होती है तो सीमान्त उपयोगिता(क) सकारात्मक होती है।(ख) नकारात्मक होती है(ग) शून्य होती है।(घ) बढ़ती है।

Answer»

सही विकल्प है (ग) शून्य होती है।

30.

एक उपभोक्ता को एक वस्तु की 10 इकाइयों से कुल उपयोगिता 100 तथा 110 इकाइयों से कुल उपयोगिता 110 मिल रही है तो सीमान्त उपयोगिता है(क) 210(ख) – 10(ग) 10(घ) 90

Answer»

सही विकल्प है (ख) – 10

31.

एक उपभोक्ता दो संयोजन (10, 6) तथा (10, 8) में तटस्थ है। क्या उपभोक्ता का एकदिष्ट अधिमान है?

Answer»

नहीं, उपभोक्ता का एकदिष्ट अधिमान का अभिप्राय यह है कि किसी भी वस्तु का अधिक उपभोग उसे सदैव संतुष्टि की उच्च स्तर प्रदान करता है। यदि उपभोक्ता का एकदिष्ट अधिमान होता तो वह संयोजन (10, 6) तथा (10, 8) में तटस्थ नहीं हो सकता।

32.

पूरकों को परिभाषित कीजिए। ऐसी दो वस्तुओं के उदाहरण दीजिए जो एक-दूसरे के पूरक हैं।

Answer»

वे वस्तुएँ जो किसी मानव इच्छा की पूर्ति के लिए एक साथ प्रयोग होते हैं पूरक वस्तुएँ कहलाती हैं। उदाहरण–समोसा और चटनी, मोबाइल फोन और सिम, बिजली और बिजली उपकरण।

33.

क्या मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता शून्य या ऋणात्मक हो सकती है? व्याख्या करें।

Answer»

नहीं, मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता शून्य या ऋणात्मक नहीं हो सकती, क्योंकि मुद्रा में सामान्य क्रय शक्ति है, मानव की इच्छाएँ असीमीत हैं तथा मुद्रा में सामान्य क्रय शक्ति होने के कारण मुद्रा सभी भौतिक इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम हैं मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता शून्य होने का अर्थ है कि व्यक्ति के लिए मुद्रा को होना या न होना कोई भेद उत्पन्न नहीं करता, जबकि मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता ऋणात्मक होने का अर्थ है कि व्यक्ति मुद्रा से परेशान है, क्योंकि मुद्रा की उपस्थिति उसे अच्छाई के स्थान पर बुराई दे रही है।

34.

माँग की कीमत लोच को परिभाषित कीजिए।

Answer»

किसी वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने से उस वस्तु की माँग की जाने वाली मात्रा के संख्यात्मक माप को माँग की कीमत लोच कहा जाता है। अन्य शब्दों में माँग की कीमत लोच वस्तु की माँग की गई मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन और वस्तु की कीमत में प्रतिशत परिवर्तन का अनुपात है।

35.

मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता क्या है?

Answer»

मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता से अभिप्राय उपभोक्ता के लिए 1  के बराबर के मूल्य’ से है। इसे स्थिर माना जाता है क्योंकि यह 1 मूल्य के बराबर की संतुष्टि का एक मापदण्ड है। यदि दूरी को किलोमीटर में मापना है तो किलोमीटर का स्थिर होना अति आवश्यक है। उपयोगिता को मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता के आधार पर ही मापा जाता है। अतः मुद्रा की सीमान्त उपयोगिता का स्थिर रहना अति आवश्यक है।

36.

जब वस्तु की कीमत गिरती है तो किसी एक वस्तु को अधिक क्यों खरीदा जाता है?अथवामाँग वक्र का ढलान ऋणात्मक क्यों होता है?

Answer»

माँग वक्र का ढलान ऋणात्मक होता है, क्योंकि जब वस्तु की कीमत गिरती है तो उस वस्तु की मात्रा खरीदी जाती है तथा विपरीत। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं

1. ह्रासमान सीमान्त उपयोगिता का नियम – इस नियम के अनुसार जैसे-जैसे उपभोक्ता किसी वस्तु की अधिक से अधिक मात्रा खरीदता है, वैसे-वैसे उस वस्तु की सीमान्त उपयोगिता उसके लिए कम होती जाती है उपभोक्ता किसी वस्तु के लिए उतनी ही कीमत देने को तैयार होता है जितनी उसके लिए उस वस्तु की सीमान्त उपयोगिता हो। अतः वह कम कीमत पर अधिक मात्रा खरीदने को तैयार हो जाता है तथा अधिक कीमत पर कम मात्रा खरीदना चाहता है।
2. आय प्रभाव – एक वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने के फलस्वरूप क्रेता की क्रय शक्ति पर प्रभाव पड़ता हैं इसे आय प्रभाव कहते हैं। कीमत कम होने से क्रेता की क्रय शक्ति बढ़ जाती है अतः वह वस्तु की अधिक मात्रा खरीदने को तैयार हो जाता है तथा विपरीत।
3. प्रतिस्थापन प्रभाव – जब एक वस्तु अपनी प्रतिस्थापन वस्तु की तुलना में सस्ती हो जाती है तो उसका दूसरी वस्तु के लिए प्रतिस्थापन किया जाता है। उदाहरण के लिए, जब कोलगेट की अपनी कीमत कम हो जाती है तो वह पेप्सोडेंट की तुलना में सस्ती हो जाती है। इसीलिए कोलगेट का पेप्सोडेंट के स्थान पर प्रतिस्थापन किया जाता है।
4. उपभोक्ताओं की संख्या – किसी वस्तु की कीमत कम होने से अधिक से अधिक लोग उसे खरीदना वहन कर सकते हैं तथा विपरीत। इसीलिए कीमत कम होने पर किसी वस्तु की माँगी गई मात्रा बढ़ जाती है। और कीमत बढ़ने पर वस्तु की माँगी गई मात्रा कम हो जाती है।

37.

एक उपभोक्ता संतुलन की स्थिति में एक वस्तु के लिए कौन सी कीमत देने को तैयार होता है?

Answer»

एक उपभोक्ता संतुलन की स्थिति में एक वस्तु की वह कीमत देने को तैयार होता है जिसमें MUx/MUm = Px इस कीमत पर वह न लाभ में होता है न ही हानि में होता है।

38.

माँग की कीमत लोच एक शुद्ध संख्या है। व्याख्या कीजिए।

Answer»

माँग की कीमत लोच एक शुद्ध संख्या है, क्योंकि यह चिह्न को अनदेखा करती है। जब भी दो चरों में ऋणात्मक सहसंबंध होता है तो उसकी लोच ऋणात्मक होगी, परन्तु हम (-) के चिह्न को अनदेखा करते हैं क्योंकि (-) चिह्न लोच को समझने में कठिनता उत्पन्न करता है। यदि वस्तु 3 की माँग की कीमत लोच (-) 2 तथा वस्तु 3 की माँग की कीमत लोच (-3) है तो ज्यामितीय नियमों के अनुसार (-) 3 < (-) 2 परन्तु लोच के अनुसार वस्तु y की कीमत लोच अधिक है, क्योंकि हमारी रूचि दिशा में नहीं अपितु डिग्री में है इसीलिए हम चिह्न को अनदेखा करते हैं अर्थात् परिकलन के लिए Epp को नहीं बल्कि | Epp | को महत्व देते हैं।

39.

एक आगत का सीमान्त उत्पाद क्या होता है?

Answer»

यह परिवर्ती आगत की एक अतिरिक्त इकाई का प्रयोग करने से प्राप्त होने वाली अतिरिक्त उत्पादन है जब स्थिर आगते समान रहें। सूत्र के रूप में,

MP = TPn – TPn-1

40.

मान लीजिए कि बाजार में एक ही वस्तु के लिए दो उपभोक्ता हैं तथा उनके माँग फलन इस प्रकार हैं-d1(p) = 20 – p किसी भी ऐसी कीमत के लिए जो 20 से कम या बराबर हो तथा d1(p) = 0 किसी ऐसी कीमत के लिए जो 20 से अधिक हो।d2(p) = 30 – 2p किसी भी ऐसी कीमत के लिए जो 15 से अधिक या बराबर हो और d1(p) = 0 किसी ऐसी कीमत के लिए जो 15 से अधिक हो। बाजार माँग फलन को ज्ञात कीजिए।

Answer»

बाजार माँग फलन = d1(P) + d2(P) :

dM(P) = 20 – P + 30 – 2P = 50 – 3P

किसी भी ऐसी कीमत के लिए जो  \(\frac{50}{3}\) से कम या बराबर हो।

dM(P) = 0 किसी ऐसी कीमत के लिए जो \(\frac{50}{3}\) से अधिक हो।

41.

माँग की कीमत लोच निम्नलिखित से कैसे प्रभावित होती है (i) प्रतिस्थापन वस्तुओं की संख्या से(ii) वस्तु की प्रकृति सेअथवामांग की कीमत लोच को प्रभावित करने वाले किन्हीं दो कारणों की व्याख्या कीजिए। उपयुक्त उदाहरण दीजिए। 

Answer»

(i) प्रतिस्थापन वस्तुओं की संख्या से – निकटतम प्रतिस्थापन्न वस्तुओं की संख्या जितनी अधिक होती है माँग की कीमत लोच उतनी अधिक होती है। इसका कारण यह है कि जब किसी वस्तु की कीमत बढ़ती है, तो उपभोक्ताओं के पास प्रतिस्थापन्न वस्तु को खरीदने का विकल्प होता है, अतः वह उन वस्तुओं पर स्थानान्तरित हो जाता है जिन वस्तुओं के निकटतम प्रतिस्थापन्न उपलब्ध नहीं होते, तो उसकी माँग सापेक्षतया कम लोचदार होती है जैसे रेलवे।
(ii) वस्तु की प्रकृति- जो वस्तुएँ अनिवार्य हैं जैसे नमक, मिट्टी का तेल, माचिस, पाठ्यपुस्तक, फल, सब्जियाँ आदि उनकी माँग कम लोचदार होती है। दूसरी ओर जो वस्तुएँ विलासिता की हैं जैसे कीमती गहने, इलैक्ट्रोनिक उपकरण आदि उनकी माँग सापेक्षतया अधिक लोचदार होती हैं इसका कारण यह है कि अनिवार्य वस्तुओं का उपभोग स्थगित नहीं किया जा सकता, जबकि विलासिता की वस्तुओं का उपभोग स्थगित किया जा सकता है।

42.

मान लीजिए, वस्तु के लिए 20 उपभोक्ता हैं तथा उनके माँग फलन एक जैसे हैंd1(p) = 10 – 3p किसी ऐसी कीमत के लिए जो  \(\frac{10}{3}\) से कम हो अथवा बराबर हो तथा d1(p) = 0 किसी ऐसी कीमत पर \(\frac{10}{3}\) से अधिक है। बाजार फलन क्या है?

Answer»

बाजार फलन = d1(P) x 20
dM(P) = (10 – 3P) x 20
d(P) = 200 – 60P
किसी भी ऐसी कीमत के लिए जो \(\frac{10}{3}\) से कम हो अथवा बराबर हो। तथा dM(P) = 0 किसी ऐसी कीमत पर जो \(\frac{10}{3}\) से अधिक हो।

43.

माँग की कीमत लोच प्रतिशत में मापी जाती है। व्याख्या कीजिए।

Answer»

माँग की लोच सदैव कीमत में प्रतिशत परिवर्तन तथा माँग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को मापती है। वस्तुओं की कीमत रुपये में तथा मात्रा अलग इकाई (जैसे दूध की मात्रा लीटर) में होती है। ऐसे में प्रतिशत परिवर्तन लेकर निरपेक्ष परिवर्तन लिया जायेगा तो हमें वस्तु की इकाई को बार-बार लिखना पड़ेगा तथा दो इकाइयाँ होगी। रुपया तथा मात्रा की इकाई। इसके अतिरिक्त दो वस्तुओं की लोचशीलता की भी तुलना नहीं हो सकेगी, क्योंकि दो वस्तुओं की मात्रा की ईकाइयाँ भिन्न होंगी।

44.

क्यों अल्पकालीन सीमान्त लागत वक्र औसत परिवर्ती लागत वक्र को काटता है, औसत परिवर्ती लागत वक्र के न्यूनतम बिन्दु पर?

Answer»

1. जब तक औसत लागत घटता है तो सीमान्त लागत औसत लागत से कम होता है।
2. जब औसत लागत बढ़ता है तो सीमान्त लागत औसत लागत से अधिक होता है।
3. अतः औसत लागत और सीमान्त लागत तभी बराबर हो सकते हैं, जब औसत लागत स्थिर हो जो उसके न्यूनतम बिंदु पर होता है।

45.

बहुत सी अवांछनीय वस्तुओं जैसे सिगरेट, शराब आदि पर कर लगाकर उनकी कीमत बढ़ाई जाती है फिर भी उनकी माँग उतनी ही रहती है। क्यों?

Answer»

वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने पर वस्तु की माँग की जाने पर मात्रा में कितना परिवर्तन आयेगा, यह उस वस्तु की कीमत लोच पर निर्भर करता है। सिगरेट, शराब जैसी वस्तुओं की माँग आय बेलोचदार होती है, इसलिए | कर लगाकर उनकी कीमत बढ़ाई जाने पर भी उनकी माँग कम नहीं होती। ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि उपभोक्ता इन वस्तुओं के उपभोग का इतना आदी हो जाता है कि वह इनका उपभोग किये बिना नहीं रह पाता।

46.

एक आगंत का कुल उत्पाद क्या होता है?

Answer»

यह आगत की सभी इकाइयों द्वारा उत्पादित किया गया उत्पाद है। अन्य शब्दों में आगत की प्रत्येक इकाई के अनुरूप यह सीमान्त उत्पाद का कुल जोड़ है। 

सूत्र के रूप में

TP = EMP
TP = AP x Q

47.

ह्रासमान सीमांत उत्पाद का नियम क्या है?

Answer»

ह्रासमान सीमान्त उत्पाद नियम के अनुसार, “अन्य साधनों का प्रयोग स्थिर रहने पर यदि एक परिवर्ती साधन के प्रयोग में वृद्धि की जाती है, तो एक स्तर के बाद सीमान्त भौतिक उत्पाद घटने लगता है।”

48.

लागत फलन की संकल्पनाओं को संक्षिप्त में समझाइए।

Answer»

लागत तथा उत्पादन के बीच के कार्यात्मक संबंध को उत्पादन फलन कहा जाता है। एक सूत्र के रूप में इसे निम्न प्रकार से दिखाया जा सकता है
C = F(Q)
जहाँ C = लागत, Q = उत्पादन

49.

परिवर्ती अनुपात का नियम क्या है?

Answer»

परिवर्ती अनुपात के नियम के अनुसार, “यदि अन्य साधनों का प्रयोग स्थिर रखते हुए किसी परिवर्ती साधन की इकाइयाँ बढ़ाई जाती हैं, तो कुल भौतिक उत्पाद प्रथम अवस्था शुरू में बढ़ती दर से बढ़ता है, दूसरी अवस्था में घटती दर से बढ़ती है और तीसरी अवस्था में घटने लगता है। अन्य शब्दों में, “यदि अन्य साधनों का प्रयोग स्थिर रखते हुए किसी परिवर्ती साधन की इकाइयाँ बढ़ाई जाती है। तो सीमान्त उत्पाद प्रथम अवस्था में बढ़ता है, दूसरी अवस्था में सीमान्त उत्पाद घटता है, परन्तु धनात्मक रहता है और तीसरी अवस्था में सीमान्त उत्पाद ऋणात्मक हो जाता है।

50.

एक उत्पादन फलन वर्धमान पैमाना का प्रतिफलन को कब संतुष्ट करता है?

Answer»

यदि उत्पादन आगतों को दुगना करने पर कुल उत्पाद दुगने से अधिक हो जाए तो उत्पादन फलन वर्धमान पैमाना को प्रतिफल संतुष्ट करता है।