This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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मनुष्य के चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और ……………………………..(A) त्याग(B) भक्ति(C) श्रद्धा(D) मोक्ष |
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Answer» सही विकल्प है (D) मोक्ष |
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व्यक्ति के दैनिक व्यवहार का परिचय दीजिए । |
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Answer» आय प्राप्ति तथा उसे खर्च करना, संपत्ति के उत्पादन और प्राप्ति के साथ उसका उपयोग करना एवं महत्तम संतोष प्राप्त करना संपत्ति का विनिमय करना और उसका वितरण ही मनुष्य का दैनिक व्यवहार है । |
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शैक्षिक निर्देशन के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए। |
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Answer» शैक्षिक निर्देशन अपने आप में व्यावहारिक महत्त्व एवं उपयोगिता की प्रक्रिया है। शैक्षिक निर्देशन के मुख्य सिद्धान्त निम्नलिखित हैं 1. शैक्षिक निर्देशन सर्वसुलभ होना चाहिए : |
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घर के मालसामान की व्यवस्थापन करने की रीति को क्या कहते हैं ?(A) NOMOS(B) ELOS(C) Oikos(D) stats |
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Answer» सही विकल्प है (A) NOMOS |
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पश्चिम में अर्थशास्त्र के उद्भव और विकास के सम्बन्ध में संक्षिप्त में जानकारी दीजिए । |
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Answer» अर्थशास्त्र के सम्बन्ध में सर्वप्रथम तत्त्वचिंतक ऐरिस्टोटल ने Oeconomica नामक पुस्तक में आर्थिक चिंतन प्रस्तुत किया था। परंतु औद्योगिक क्रांति के बाद जैसे उद्योग क्षेत्र में सूक्ष्म श्रम-विभाजन और विशिष्टीकरण हुआ, उसी प्रकार ज्ञान के क्षेत्र में भी अध्ययन और संशोधन में भी विशिष्टीकरण हआ । भौतिक विज्ञान की तरह समाज विज्ञान और मानव व्यवहार का अध्ययन करनेवाले शास्त्रों में भी विशिष्टीकरण हुआ । अध्ययन की पद्धति का मात्र तर्क या कल्पना आधारित नहीं, प्रयोग और जाँच आधारित वैज्ञानिक पद्धति का अध्ययन शुरू हुआ । अर्थात् अब तक मनुष्य के आर्थिक व्यवहार का राज्यशास्त्र और नीतिशास्त्र या तत्त्व चिंतन के हिस्से रूप में अध्ययन होता था। उसका स्वतंत्र विषय के रूप में अध्ययन शुरू हुआ । औद्योगिक क्रांति के कारण बड़े-बड़े यंत्र, बड़े पैमाने पर उत्पादन, आर्थिक सत्ता का केन्द्रीकरण और बड़े पैमाने पर पूँजी निवेश के कारण एक नयी ही आर्थिक – सामाजिक व्यवस्था खड़ी हुयी । इस संदर्भ में, ‘किसी भी देश की आर्थिक संपत्ति में वृद्धि होने का कारण क्या हो सकता है ?’ इस प्रश्न पर गहन चिंतन के बाद 1976 में एडम स्मिथ ने अर्थशास्त्र का स्वतंत्र चिंतन करनेवाली पुस्तक ‘An Enquiry into the Nature and Causes of the Wealth of Nations’ लिखी जिसे संक्षिप्त में ‘Wealth of Nations’ नाम से प्रसिद्ध हुयी। इस पुस्तक के कारण ही अर्थशास्त्र का स्वतंत्र और वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन शुरू करने का सम्मान एडम स्मिथ को मिला हैं । एडम स्मिथ के अतिरिक्त मार्शल, रॉबिन्स और सेम्युअल्स के विचार भी अर्थशास्त्र में प्रसिद्ध हैं । एडम स्मिथ के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : ‘Economics is the science of wealth’ अर्थात् अर्थशास्त्र यह धन का शास्त्र है । एडम स्मिथ मानते हैं कि ‘उत्पादक श्रम द्वारा उत्पन्न हुयी भौतिक संपत्ति का उत्पादन, उपयोग और विनिमय का अध्ययन करनेवाला शास्त्र अर्थात् अर्थशास्त्र ।’ मार्शल के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : ‘अर्थशास्त्र मनुष्य की दैनिक जीवन के आर्थिक व्यवहारों का अध्ययन करता है । जहाँ वह भौतिक चीजवस्तुओं के उपयोग से सुख प्राप्त करता हैं ।’ रॉबिन्स के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : रॉबिन्स के अनुसार ‘Economics is the Science which studies human behaviour as a relationship between ends and scarce means which have alternative uses.’ ‘अर्थशास्त्र यह मनुष्य अपनी आवश्यकताओं और वैकल्पिक उपयोग करनेवाले साधनों के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करता है । उसके व्यवहार का अध्ययन करनेवाला विज्ञान है ।’ सेम्युअलस के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : ‘Economics is the study of how societies use scare resourses to produce valuable commodities and distribute the among different people.’ अर्थात् ‘समाज किस प्रकार से अपने मर्यादित साधनों द्वारा महत्त्वपूर्ण आवश्यकताओं का उत्पादन करता है और अलग-अलग लोगों के बीच बाँटता है । उसका अर्थशास्त्र अध्ययन करता है ।’ |
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वस्तु की माँग और कीमत के बीच सम्बन्ध …………………….(A) सीधा है ।(B) तटस्थ है ।(C) व्यस्त हैं ।(D) समान हैं । |
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Answer» सही विकल्प है (C) व्यस्त हैं । |
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| 7. |
भारत में चार पुरुषार्थ कौन-कौन से हैं ? |
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Answer» भारत में चार पुरुषार्थ :
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क्या अर्थशास्त्र विज्ञान है ? |
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Answer» अर्थशास्त्र विज्ञान है, क्योंकि अर्थशास्त्र में भी विज्ञान की तरह वास्तविकता (यथार्थ) का पद्धतिसर एकत्रीकरण, वर्गीकरण और विश्लेषण के द्वारा संशोधन के माध्यम से निश्चित निष्कर्षों के द्वारा निश्चित नियम बनाये जाते हैं । मानवीय आवश्यकता और साधनों के बीच मानवीय व्यवहार का अध्ययन किया जाता है इसलिए अर्थशास्त्र विज्ञान है । |
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अर्थशास्त्र विषय के महत्त्व की चर्चा कीजिए ।अथवाअर्थशास्त्र के उद्देश्यों की चर्चा कीजिए । |
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Answer» वर्तमान समय आर्थिक युग है । मनुष्य प्रत्येक प्रवृत्ति लाभ और हानि की तुलना के साथ करता हैं । बहुत ऐसे कम लोग हैं जो बिल्कुल निःस्वार्थ भाव से काम करता है । आर्थिक बातों से दूर रह सके ऐसा संभव नहीं है । इसलिए अर्थशास्त्र विषय का महत्त्व बढ़ जाता है । अर्थशास्त्र का महत्त्व दो दृष्टि से देख सकते हैं : (1) व्यवहारिक महत्त्व : अर्थशास्त्र अपने दैनिक जीवन के साथ जुड़ा हुआ है । अर्थशास्त्र का महत्त्व अपने व्यवहारिक महत्त्व निम्नानुसार है : (i) अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ : आज के समय में आर्थिक बातें ही अंतर्राष्ट्रीय बातों को असर करती हैं । अमेरिका क्यों सुपर पावर है ? क्रूडतेल का भाव बढ़ता-घटता है । रशिया और अमेरिका, चीन और भारत में कौन-सी आर्थिक समानता और अंतर है । कौनसा देश पूँजीवाद है और कौन-सा देश साम्यवादी ? इस जानकारी के आधार पर अपने किस देश के साथ सरलता से व्यवहार कर सकते हैं, वह समझ सकते हैं । (ii) ऐतिहासिक घटनाएँ : तेजपत्ता और गरम मसाले का भाव बढ़ा इसके लिए इंग्लैण्ड के व्यापारियों ने ईस्ट इण्डिया कंपनी की स्थापना करके भारत में व्यापार किया फिर कूट नीति से सत्ता स्थापित की । रोजगार और उद्योग धंधे नष्ट हुए, ऊँचे टेक्स के त्रास से भारतीय प्रजा ने अंग्रेजों के शासन का विरोध किया । देश-दुनिया में भाववृद्धि, अधिक टेक्स, कमी जैसे आर्थिक परिबल राजनैतिक अव्यवस्था सर्जित । करते हैं । इस प्रकार ऐतिहासिक घटनाओं के अनुभव से वर्तमान तथा भविष्य की नीति निर्माण में सहायता मिलती है । (iii) दैनिक निर्णय के लिए : डॉक्टर, वकील, गायक, शिक्षक, अभिनेता भी आर्थिक निवेश करते हैं । सीधे-सीधे से आर्थिक प्रवृत्ति से न जुड़े होने पर भी बचत और पूँजी निवेश, आय और खर्च की प्रवृत्ति से जुड़े होते हैं । गृहिणी से लेकर सरकार तक लोगों को निर्णय लेने में अर्थशास्त्र का अध्ययन उपयोगी होता है । (iv) सरकार की नीतियाँ समझने के लिए : भारत जैसे देशों में सरकार मुद्राकीय नीति, राजकोषीय नीति और आर्थिक नीति अपने दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं । इसलिए अर्थशास्त्र के अध्ययन से इस नीतियों को समझने तथा उसके अनुसार निर्णय लेने में सहायक होता है । जैसे : रिजर्व रेपोरेट के परिवर्तन के अनुसार अपने बचत और निवेश से सम्बन्धित निर्णय ले सकते हैं । (2) व्यावसायिक महत्त्व : अर्थशास्त्र का अध्ययन व्यावसायिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है । आय और खर्च, माँग और पूर्ति यह सभी बातें व्यवसाय से जुड़ी हैं । अर्थशास्त्र का अध्ययन प्रत्येक व्यवसाय की आर्थिक गणना में सहायक है । वस्तु या सेवा के सम्बन्ध में कीमत – निर्धारण, साधन तथा कच्चा माल का क्रय-विक्रय, श्रमिक या कर्मचारियों के वेतन निश्चित करने जैसी तमाम बातों सम्बन्धित निर्णय में अर्थशास्त्र का अध्ययन सहायक हैं । जैसे : तीव्र स्पर्धावाले बाजार में कीमत कम करने से ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं । अर्थशास्त्र मूलभूत रूप से आर्थिक निर्णय में सहायक होनेवाला शास्त्र है और उसका व्यावसायिक महत्त्व है । आर्थिक संसार. में मनुष्य के तीन स्वरूप हैं : (1) ग्राहक (2) उत्पादक (3) श्रमिक । इन तीनों स्वरूपों में कम-से कम, आय में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का प्रयत्न करता है और आर्थिक सिद्धांत यहाँ उसकी सहायता करते हैं । |
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भौतिक संपत्ति से आप क्या समझते हैं ? । |
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Answer» कुदरत के द्वारा मनुष्य की सहायता के लिए दी गई प्राकृतिक भेंट से मनुष्य के उपयोग योग्य बनाई गई चीजवस्तुओं को भौतिक संपत्ति कहते हैं, जिसमें उत्पादकीय श्रम का भी समावेश किया गया है । जिनमें मनुष्य को संतुष्टि प्रदान करने की क्षमता हो । हमें जिन्हें देख, खरीद और बेच सकें, जिनकी कमी हो, जिनका हम आदान-प्रदान (विनिमय) कर सकें, जिसका हम मुद्रा में मूल्य निर्धारित कर सकें उन्हें हम भौतिक संपत्ति कह सकते हैं । |
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व्यावसायिक निर्देशन के लाभ, महत्त्व एवं उपयोगिता का विवरण प्रस्तुत कीजिए।याव्यावसायिक निर्देशन की आवश्यकता व्यक्ति और समाज की दृष्टि से अधिक महत्त्वपूर्ण है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए। याव्यावसायिक निर्देशन से आप क्या समझते हैं। वर्तमान संदर्भ में इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए। |
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Answer» व्यवसाय व्यक्ति के जीवन व्यावसायिक निर्देशन के लाभ, महत्त्व एवं उपयोगिता 1. व्यक्तिगत भेद एवं व्यावसायिक निर्देशन : |
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किस अर्थशास्त्री को अर्थशास्त्र का वैज्ञानिक ढंग से स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने का श्रेय मिला है ?(A) कौटिल्य(B) प्रो. मार्शल(C) रॉबिन्सन(D) एडम स्मिथ |
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Answer» सही विकल्प है (D) एडम स्मिथ |
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प्राचीन ग्रीस में Oikos शब्द का सम्बन्ध किससे है ? |
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Answer» प्राचीन ग्रीस में Oikos शब्द का सम्बन्ध घरेलू साधन-सामग्री जो व्यक्तिगत मालिकी से है । |
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‘अर्थपूर्ण प्रवृत्ति’ किसे कहते हैं ? |
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Answer» ‘कुछ प्राप्त करने की’ अपेक्षा के साथ होनेवाली प्रवृत्ति को ‘अर्थपूर्ण प्रवृत्ति’ कहते हैं । |
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सेम्युअलसन के अनुसार अर्थशास्त्र सामाजिक विज्ञान है कैसे ? । |
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Answer» सेम्युअलसन के अनुसार अर्थशास्त्र मनुष्य को आर्थिक व्यवहारों का अध्ययन करनेवाला शास्त्र है यह वास्तवदर्शी है । उसके अध्ययन की पद्धति वैज्ञानिक है इसलिए अर्थशास्त्र सामाजिक विज्ञान है । |
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आर्थिक प्रवृत्ति और अनार्थिक प्रवृत्ति के बीच अंतर समझाइए । |
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Answer»
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विनियोजकों के द्वारा पूँजी विनियोजित करने का मुख्य हेतु –(A) बोनस प्राप्त करना(B) अधिक मुआवजा प्राप्त करना(C) नियमित मुआवजा प्राप्त करना(D) योग्य मुआवजा प्राप्त करना |
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Answer» सही विकल्प है (C) नियमित मुआवजा प्राप्त करना |
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उचित मूल्य से आप क्या समझते है ? . |
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Answer» उचित मूल्य अर्थात् कीमत (मूल्य) का निर्धारण ऐसा हो कि ग्राहकों को योग्य सन्तुष्टि मिले तथा उत्पादक को योग्य प्रतिफल प्राप्त हो । |
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व्यावसायिक निर्देशन के उद्देश्य का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» व्यावसायिक निर्देशन अपने आप में एक उद्देश्यपूर्ण क्रिया है। इसके मुख्य उद्देश्य हैं। ⦁ प्रत्येक व्यक्ति को उसकी योग्यताओं एवं क्षमताओं के अनुसार व्यवसाय का चुनाव करने में सहायता प्रदान करना। |
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आदि युग में मनुष्य अपने प्रश्नों और समस्याओं का समाधान किस प्रकार लाता था ? |
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Answer» आदियुग में मनुष्य अपने प्रश्नों और समस्याओं का समाधान युद्ध या लड़ाई के द्वारा लाता था । |
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रॉबिन्स के अनुसार अर्थशास्त्र यथार्थलक्षी शास्त्र है क्यों ? |
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Answer» रॉबिन्स का मानना है कि ‘अर्थशास्त्र क्या है ?’ इसका अध्ययन करता है – ‘क्या होना चाहिए ?’ ऐसी नैतिक बातों का अध्ययन नहीं करता है । इसलिए अर्थशास्त्र यथार्थलक्षी शास्त्र है वह आदर्शवादी शास्त्र नहीं है । |
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आर्थिक जगत में मनुष्य के कितने स्वरूप हैं ? |
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Answer» आर्थिक जगत में मनुष्य के तीन स्वरूप हैं :
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सामाजिक दायित्व के सन्दर्भ में बाजार का राजा कहलाता है ।(A) निवेशक(B) ग्राहक(C) मालिक(D) कर्मचारी |
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Answer» सही विकल्प है (B) ग्राहक |
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शून्य प्रदूषणवाले वातावरण का निर्माण करना यह कौन-सा दायित्व कहलाता है ? |
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Answer» शून्य प्रदूषणवाले वातावरण का निर्माण करना नैतिक दायित्व कहलाता है । |
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धन्धे का सामाजिक दायित्व अर्थात् ………………….(A) समाज का धन्धे के प्रति उत्तरदायित्व(B) ग्राहक का समाज के प्रति उत्तरदायित्व(C) धन्धे का समाज के प्रति उत्तरदायित्व(D) समाज का ग्राहक के प्रति उत्तरदायित्व |
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Answer» सही विकल्प है (C) धन्धे का समाज के प्रति उत्तरदायित्व |
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व्यावसायिक निर्देशन से आप क्या समझते हैं ? |
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Answer» व्यवसाय व्यक्ति के जीवन |
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कम्पनी में बाह्यहित समूह में समावेश होनेवाला हित समूह पसन्द कीजिए ।(A) कर्मचारी(B) निवेशक(C) मालिक(D) ग्राहक |
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Answer» सही विकल्प है (D) ग्राहक |
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मनुष्य की आर्थिक समस्याओं के हल और मनुष्य के आर्थिक व्यवहार का अध्ययन करनेवाला शास्त्र अर्थात् …………………….(A) तर्कशास्त्र(B) भौतिकशास्त्र(C) अर्थशास्त्र(D) अंकशास्त्र |
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Answer» सही विकल्प है (C) अर्थशास्त्र |
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पर्यावरण का रक्षण करना यह कौन-सा दायित्व कहलाता है ? |
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Answer» पर्यावरण का रक्षण करना यह समाज के प्रति धन्धे का दायित्व है । |
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हित समूह अर्थात् क्या ? |
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Answer» धंधे का उद्भव एवं विकास में समाज के जिस वर्ग द्वारा निश्चित हेतु ध्यान में रखते हुए योगदान दिया हो उस वर्ग को हित समूह द्वारा जाना जाता है । |
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नीतिशास्त्र किसे कहते हैं ? |
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Answer» किसी एक व्यक्ति के द्वारा दूसरे व्यक्ति के साथ कैसा नैतिक व्यवहार रखना इसका मार्गदर्शन अर्थात् नीतिशास्त्र । |
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शैक्षिक निर्देशन के क्या लाभ हैं? |
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Answer» शैक्षिक निर्देशन के लाभ निम्नलिखित हैं। ⦁ छात्र-छात्राओं की समस्याओं का उचित शैक्षिक निर्देशन से समाधान हो सकता है। |
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सामाजिक जिम्मेदारी अर्थात् क्या ? |
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Answer» धंधाकीय इकाई के साथ सम्बन्ध रखनेवाले ग्राहकों, लेनदारों, देनदारों, विनियोजकों, कर्मचारियों, समाज, राष्ट्र इत्यादि समस्त पक्षकारों को योग्य न्याय देने का ख्याल अर्थात् सामाजिक जिम्मेदारी । |
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कम्पनी कानून-2013 की व्यवस्था के अनुसार कम्पनी को सामाजिक दायित्व के रूप में खर्च करना अनिवार्य है ।(A) औसत वार्षिक लाभ का कम से कम 2%(B) औसत वार्षिक लाभ का कम से कम 5%(C) औसत वार्षिक लाभ का अधिक से अधिक 2%(D) औसत वार्षिक लाभ का अधिक से अधिक 5% |
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Answer» सही विकल्प है (A) औसत वार्षिक लाभ का कम से कम 2% |
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मनुष्यों के नैतिक व्यवहारों का अर्थघटन करनेवाला शास्त्र अर्थात्(A) समाजशास्त्र(B) मानवशास्त्र(C) राज्यशास्त्र(D) नीतिशास्त्र |
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Answer» सही विकल्प है (D) नीतिशास्त्र |
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कम्पनी कानून-2013 की व्यवस्था के अनुसार निम्न में से कम्पनी के लिए सामाजिक दायित्व निभाना कानून द्वारा अनिवार्य है ।(A) जिस कम्पनी का वार्षिक टर्न ऑवर रु. 5 करोड हो(B) जिस कम्पनी का वार्षिक टर्न ऑवर रु. 50 करोड हो(C) जिस कम्पनी का वार्षिक टर्न ऑवर रु. 500 करोड हो(D) जिस कम्पनी का वार्षिक टर्न ऑवर रु. 1000 करोड हो |
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Answer» सही विकल्प है (D) जिस कम्पनी का वार्षिक टर्न ऑवर रु. 1000 करोड हो |
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कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा किसे कहते हैं ? |
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Answer» कर्मचारियों को प्रो. फंड, ग्रेज्यूटी, पेन्शन, अस्वस्थ का अवकाश, बीमा इत्यादि की सुविधा को कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की सुविधा मानी जाती है । |
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शैक्षिक निर्देशन से आप क्या समझते हैं ? |
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Answer» शिक्षा जीवन-पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया होने के बावजूद भी विशेष तौर पर मानव-जीवन के एक विशिष्ट काल और स्थान से सम्बन्ध रखती है। शैक्षिक जगत् में मनुष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसने अपने अध्ययन के लिए किन विषयों या विशिष्ट क्षेत्रों का चयन किया है। शैक्षिक निर्देशन के अन्तर्गत बालक की योग्यताओं व क्षमताओं के अनुसार उपयुक्त अध्ययन-क्षेत्र या विषयों का चुनाव किया, जाता है। |
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सामाजिक दायित्व का विचार कम्पनी कानून वर्ष 2013 की कौन-सी कलम के अनुसार अनिवार्य बना है ?(A) 135(B) 143(C) 153(D) 137 |
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Answer» सही विकल्प है (A) 135 |
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आंतरराष्ट्रीय संगठन किसका विस्तृत रूप है ?(A) M.R.T.P.(B) U.T.I.(C) U.N.O.(D) B.H.E.L. |
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Answer» सही विकल्प है (C) U.N.O. |
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धंधाकीय इकाई को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए क्या करना चाहिए ? |
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Answer» सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अस्पताल खुलवाने चाहिए, मुफ्त एवं राहत दर से दवा का वितरण करना चाहिए, स्वास्थ्य निरीक्षण केन्द्र का अच्छे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पोस्टरों एवं टी.वी. के माध्यमों से प्रदान करना इत्यादि धंधाकीय इकाई को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है । |
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कर्मचारियों के कार्य के दौरान कौन-सी सुविधाएँ दी जानी चाहिए ? |
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Answer» कर्मचारी को कार्य के दौरान हवा-प्रकाश, स्वच्छता, स्नानागृह, शौचालय, केन्टीन, आरामगृह के लिए स्थान इत्यादि सुविधाएँ । प्रदान की जानी चाहिए । |
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“पदोन्नति का अर्थ है एक पद से किसी उच्चतर श्रेणी के अन्य पद पर नियुक्ति, जिसमें कठिनतर प्रकृति एवं गहनतर उत्तरदायित्वों का कार्य करना पड़ता है। इस पद का नाम बदल जाता है और प्रायः वेतन में भी वृद्धि होती है।” यह कथन किसका है?(क) ब्लम(ख) टोरपी(ग) एल० डी० ह्वाइट(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं |
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Answer» सही विकल्प है (ग) एल० डी० ह्वाइट |
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कार्यस्थल पर संगीत व्यवस्था का उत्पादन एवं कार्यक्षमता पर कैसा प्रभाव पड़ता है?(क) प्रतिकूल प्रभाव(ख) अनुकूल प्रभाव(ग) अनावश्यक प्रतीत होती है।(घ) बाधक प्रतीत होती है। |
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Answer» सही विकल्प है (ख) अनुकूल प्रभाव |
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पदोन्नति के स्वीकृत आधार हैं –(क) ज्येष्ठता या वरिष्ठता(ख) योग्यता(ग) कार्य में दक्षता या निपुणता(घ) ये सभी |
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Answer» सही विकल्प है (घ) ये सभी |
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इकाई के संचालकों को कर्मचारियों के कार्य के स्थल पर कैसा वातावरण बनाना चाहिए ?(A) अच्छा(B) खराब(C) आर्थिक(D) परिवर्तनशील |
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Answer» सही विकल्प है (D) परिवर्तनशील |
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पदोन्नति की एक स्पष्ट परिभाषा लिखिए। |
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Answer» विलियम जी० टोरपी के अनुसार, “पदोन्नति पदाधिकारी के एक पद से ऐसे दूसरे पद पर पहुँचने की ओर संकेत करती है जो उच्चतर श्रेणी या उच्चतर न्यूनतम वेतन वाला होता । है। पदोन्नति का अभिप्राय है-कर्मचारी के कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों में वृद्धि कर देना।” |
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अधिक आयु वाले कर्मचारियों के कार्य-स्थल पर कैसा प्रकाश होना चाहिए?(क) चकाचौंध युक्त प्रकाश(ख) मन्द प्रकाश(ग) तीव्र प्रकाश(घ) चाहे जैसा प्रकाश |
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Answer» सही विकल्प है (ग) तीव्र प्रकाश |
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सांख्यिकी की प्रकृति स्पष्ट कीजिए।यासांख्यिकी विज्ञान है अथवा कला। स्पष्ट कीजिए।यासांख्यिकी विज्ञान एवं कला दोनों ही है।” स्पष्ट कीजिए।यासांख्यिकी एक विज्ञान नहीं है, वह एक वैज्ञानिक विधि है।” आलोचनात्मक विवेचना कीजिए। |
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Answer» सांख्यिकी की प्रकृति (Nature of Statistics) विज्ञान का अर्थ (Meaning of Science) – विज्ञान, ज्ञान के क्रमबद्ध समूह को कहते हैं। साधारणत: निम्नलिखित शर्तों को पूर्ण करने वाले ज्ञान (विषय) को विज्ञान कह सकते हैं – ⦁ जिस ज्ञान का क्रमबद्ध अध्ययन (Systematic Study) किया जाता हो। कला का अर्थ (Meaning of Art)-यदि विज्ञान ज्ञान है तो कला क्रिया है। किसी कार्य को करना ही कला कहलाता है। कला विज्ञान का व्यावहारिक या प्रयोगात्मक पहलू (Practical Aspect) है। किसी विज्ञान के विभिन्न नियमों तथा सिद्धान्तों का प्रयोग और क्रियान्वयन ही कला कहलाता है। सांख्यिकी एक विज्ञान के रूप में (Statistics as a Science) सांख्यिकी एक कला के रूप में (Statistics as an ‘Art’) विभिन्न सांख्यिकीय तथ्यों को तुलनीय बनाना तथा उनसे निष्कर्ष निकालना सांख्यिकी के कला पक्ष को स्पष्ट करते हैं। सांख्यिकी विज्ञान और कला दोनों है। अन्त में, सांख्यिकी एक विज्ञान और कला दोनों है जिसमें किसी अनुसन्धान क्षेत्र से सम्बन्धित सामूहिक संख्यात्मके तथ्यों के संकलन, प्रदर्शन, विश्लेषण तथा निर्वचन की रीतियों का विधिवत् । अध्ययन किया जाता है। सांख्यिकी एक वैज्ञानिक विधि है (Statistics is a Scientific Method) इस तरह इन विद्वानों के अनुसार, सांख्यिकी अर्थशास्त्र, भौतिकशास्त्र या रसायनशास्त्र आदि की तरह स्वयं एक स्वतन्त्र विशुद्ध विज्ञान नहीं है, अपितु ज्ञान-प्राप्ति की वैज्ञानिक विधि है। परन्तु अधिकांश विशेषज्ञ सांख्यिकी को एक विज्ञान मानते हैं; क्योंकि विज्ञान की सभी विशेषताएँ और लक्षण इसमें पाये जाते हैं। |
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शाब्दिक रूप से सांख्यिकी (Statlalc) का अर्थ स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» सांख्यिकी’ शब्द दो अर्थों में प्रयोग होता है। एकवचन के अर्थ में ‘सांख्यिकी का प्रयोग एक विज्ञान के रूप में किया जाता है। बहुवचन के अर्थ में सांख्यिकी का प्रयोग आँकड़ों, संख्याओं या समंकों के रूप में लिया जाता है। |
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