1.

पश्चिम में अर्थशास्त्र के उद्भव और विकास के सम्बन्ध में संक्षिप्त में जानकारी दीजिए ।

Answer»

अर्थशास्त्र के सम्बन्ध में सर्वप्रथम तत्त्वचिंतक ऐरिस्टोटल ने Oeconomica नामक पुस्तक में आर्थिक चिंतन प्रस्तुत किया था। परंतु औद्योगिक क्रांति के बाद जैसे उद्योग क्षेत्र में सूक्ष्म श्रम-विभाजन और विशिष्टीकरण हुआ, उसी प्रकार ज्ञान के क्षेत्र में भी अध्ययन और संशोधन में भी विशिष्टीकरण हआ । भौतिक विज्ञान की तरह समाज विज्ञान और मानव व्यवहार का अध्ययन करनेवाले शास्त्रों में भी विशिष्टीकरण हुआ । अध्ययन की पद्धति का मात्र तर्क या कल्पना आधारित नहीं, प्रयोग और जाँच आधारित वैज्ञानिक पद्धति का अध्ययन शुरू हुआ । अर्थात् अब तक मनुष्य के आर्थिक व्यवहार का राज्यशास्त्र और नीतिशास्त्र या तत्त्व चिंतन के हिस्से रूप में अध्ययन होता था। उसका स्वतंत्र विषय के रूप में अध्ययन शुरू हुआ ।

औद्योगिक क्रांति के कारण बड़े-बड़े यंत्र, बड़े पैमाने पर उत्पादन, आर्थिक सत्ता का केन्द्रीकरण और बड़े पैमाने पर पूँजी निवेश के कारण एक नयी ही आर्थिक – सामाजिक व्यवस्था खड़ी हुयी । इस संदर्भ में, ‘किसी भी देश की आर्थिक संपत्ति में वृद्धि होने का कारण क्या हो सकता है ?’ इस प्रश्न पर गहन चिंतन के बाद 1976 में एडम स्मिथ ने अर्थशास्त्र का स्वतंत्र चिंतन करनेवाली पुस्तक ‘An Enquiry into the Nature and Causes of the Wealth of Nations’ लिखी जिसे संक्षिप्त में ‘Wealth of Nations’ नाम से प्रसिद्ध हुयी। इस पुस्तक के कारण ही अर्थशास्त्र का स्वतंत्र और वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन शुरू करने का सम्मान एडम स्मिथ को मिला हैं ।

एडम स्मिथ के अतिरिक्त मार्शल, रॉबिन्स और सेम्युअल्स के विचार भी अर्थशास्त्र में प्रसिद्ध हैं ।

एडम स्मिथ के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : ‘Economics is the science of wealth’ अर्थात् अर्थशास्त्र यह धन का शास्त्र है । एडम स्मिथ मानते हैं कि ‘उत्पादक श्रम द्वारा उत्पन्न हुयी भौतिक संपत्ति का उत्पादन, उपयोग और विनिमय का अध्ययन करनेवाला शास्त्र अर्थात् अर्थशास्त्र ।’

मार्शल के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : ‘अर्थशास्त्र मनुष्य की दैनिक जीवन के आर्थिक व्यवहारों का अध्ययन करता है । जहाँ वह भौतिक चीजवस्तुओं के उपयोग से सुख प्राप्त करता हैं ।’

रॉबिन्स के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : रॉबिन्स के अनुसार ‘Economics is the Science which studies human behaviour as a relationship between ends and scarce means which have alternative uses.’ ‘अर्थशास्त्र यह मनुष्य अपनी आवश्यकताओं और वैकल्पिक उपयोग करनेवाले साधनों के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करता है । उसके व्यवहार का अध्ययन करनेवाला विज्ञान है ।’

सेम्युअलस के अनुसार अर्थशास्त्र की परिभाषा : ‘Economics is the study of how societies use scare resourses to produce valuable commodities and distribute the among different people.’ अर्थात् ‘समाज किस प्रकार से अपने मर्यादित साधनों द्वारा महत्त्वपूर्ण आवश्यकताओं का उत्पादन करता है और अलग-अलग लोगों के बीच बाँटता है । उसका अर्थशास्त्र अध्ययन करता है ।’



Discussion

No Comment Found