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Answer» सांख्यिकी की प्रकृति (Nature of Statistics) सांख्यिकी की प्रकृति या स्वभाव जानने के लिए यह देखना होगा कि सांख्यिकी विज्ञान है या कला अथवा दोनों है। अत: सर्वप्रथम हमें विज्ञान और कला का अर्थ जानना जरूरी है। विज्ञान का अर्थ (Meaning of Science) – विज्ञान, ज्ञान के क्रमबद्ध समूह को कहते हैं। साधारणत: निम्नलिखित शर्तों को पूर्ण करने वाले ज्ञान (विषय) को विज्ञान कह सकते हैं – ⦁ जिस ज्ञान का क्रमबद्ध अध्ययन (Systematic Study) किया जाता हो। ⦁ वह ज्ञाप्त जिससे कारण और प्रभाव (Cause and Effect) के सम्बन्धों की जानकारी मिलती है। ⦁ जिस ज्ञान के अध्ययन के लिए स्वयं के नियम होते हैं। ⦁ जिसके नियम सार्वभौमिक (Universal) होते हैं। ⦁ जिसके नियमों के द्वारा भविष्यवाणी या पूर्वानुमान (Forecasting) किये जा सके। ⦁ जिसका अन्य विज्ञानों से सम्बन्ध होता है। कला का अर्थ (Meaning of Art)-यदि विज्ञान ज्ञान है तो कला क्रिया है। किसी कार्य को करना ही कला कहलाता है। कला विज्ञान का व्यावहारिक या प्रयोगात्मक पहलू (Practical Aspect) है। किसी विज्ञान के विभिन्न नियमों तथा सिद्धान्तों का प्रयोग और क्रियान्वयन ही कला कहलाता है। ‘विज्ञान’ और ‘कला’ का अर्थ समझने के बाद अब हमें यह देखना है कि सांख्यिकी विज्ञान है। या कला है अथवा दोनों। सांख्यिकी एक विज्ञान के रूप में (Statistics as a Science) सांख्यिकी एक विज्ञान है, क्योंकि इसमें विज्ञान के ऊपर वर्णित सभी लक्षण या विशेषताएँ पायी जाती हैं। सांख्यिकी ज्ञान का क्रमबद्ध अध्ययन करती है। अध्ययन के लिए इसके अपने स्वयं के सिद्धान्त और पद्धतियाँ हैं। इसके अपने नियम हैं; जैसे—सम्भावना का नियम, जड़ता का नियम, सांख्यिकीय नियमितता का नियम आदि। ये नियम सार्वभौमिक तथा सार्वकालिक हैं। इन नियमों के द्वारा अध्ययन करके पुर्वानुमान या भविष्यवाणी की जा सकती है। सांख्यिकी में ‘कारण’ और ‘प्रभाव (Cause and Effect) में सम्बन्ध स्थापित करने की क्षमता है। सांख्यिकी के नियमों द्वारा किसी ‘कारण’ के ‘परिणाम’ का विश्लेषण और पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि सांख्यिकी एक विज्ञान है। इसमें विज्ञान होने के सभी लक्षण पाये जाते हैं। सांख्यिकी एक कला के रूप में (Statistics as an ‘Art’) सांख्यिकी कला भी है। यह विभिन्न समस्याओं के समाधान की विधि बताती है। सांख्यिकीय समंकों को एकत्रित करना, उनका उपयोग करना आदि कला के स्वरूप को व्यक्त करते हैं। विभिन्न वर्गों पर मूल्यवृद्धि का जो प्रभाव पड़ता है, उसकी जानकारी मूल्य-निर्देशकों (Price Index) द्वारा की जाती है। यह सांख्यिकी का कला पक्ष ही है। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक समस्याओं का विभिन्न सांख्यिकीय विधियों से अध्ययन करके आँकड़ों को बिन्दुरेखाओं (Graphs), चित्रों (Diagrams) एवं तालिकाओं द्वारा प्रदर्शित करना भी कला ही है। सांख्यिकी की विषय-वस्तु (Subject-matter) में व्यावहारिक सांख्यिकी का समावेश है। विभिन्न सांख्यिकीय तथ्यों को तुलनीय बनाना तथा उनसे निष्कर्ष निकालना सांख्यिकी के कला पक्ष को स्पष्ट करते हैं। सांख्यिकी विज्ञान और कला दोनों है। उपर्युक्त विवेचन से यह स्पष्ट है कि सांख्यिकी न केवल विज्ञान है, अपितु कला भी है। यह सैद्धान्तिक तथा व्यावहारिक दोनों प्रकार का विज्ञान है। अन्त में टिप्पेट के शब्दों में कह सकते हैं, सांख्यिकी विज्ञान और कला दोनों है। यह विज्ञान इसलिए है क्योंकि इसकी रीतियाँ मौलिक रूप से क्रमबद्ध हैं तथा उनका सर्वत्र उपयोग होता है और कला इसलिए है कि इसकी रीतियों का सफल प्रयोग पर्याप्त सीमा तक सांख्यिकी की योग्यता, विशेष अनुभव तथा उसके प्रयोग-क्षेत्र; जैसे—अर्थशास्त्र के ज्ञान पर निर्भर करता है।” अन्त में, सांख्यिकी एक विज्ञान और कला दोनों है जिसमें किसी अनुसन्धान क्षेत्र से सम्बन्धित सामूहिक संख्यात्मके तथ्यों के संकलन, प्रदर्शन, विश्लेषण तथा निर्वचन की रीतियों का विधिवत् । अध्ययन किया जाता है। सांख्यिकी एक वैज्ञानिक विधि है (Statistics is a Scientific Method) क्रॉक्सटन और काउडेन का यह विचार है कि सांख्यिकी स्वयं एक विज्ञान नहीं है, अपितु अनुसन्धान करने की एक वैज्ञानिक विधि है, ज्ञान-प्राप्ति का एक तरीका है। उपर्युक्त शीर्षकों के अन्तर्गत हम सांख्यिकी की प्रकृति को स्पष्ट करते हुए उल्लेख कर चुके हैं कि सांख्यिकी एक विज्ञान भी है और कला भी, परन्तु क्रॉक्सटन और काउडेन का मत भिन्न है। वे इसे विज्ञान नहीं मानते वरन् एक वैज्ञानिक विधि (तरीका) मानते हैं, क्योंकि सभी विषयों में अनुसन्धान के लिए सांख्यिकीय विधियों का प्रयोग भरपूर तरीके से किया जाता है। अनुसन्धानकर्ता अपने-अपने निष्कर्षों को सांख्यिकीय विधियों से प्रदर्शित करते हैं; प्राप्त आँकड़ों का वर्गीकरण व निर्वचन करते हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों अर्थात् सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, मनोवैज्ञानिक एवं प्राकृतिक क्षेत्रों में सांख्यिकीय विधियों का उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि वॉलिस और रॉबर्स कहते हैं, “सांख्यिकी स्वतन्त्र और मूलभूत ज्ञान का समूह नहीं है, अपितु ज्ञान-प्राप्ति की रीतियों का समूह है।” इस तरह इन विद्वानों के अनुसार, सांख्यिकी अर्थशास्त्र, भौतिकशास्त्र या रसायनशास्त्र आदि की तरह स्वयं एक स्वतन्त्र विशुद्ध विज्ञान नहीं है, अपितु ज्ञान-प्राप्ति की वैज्ञानिक विधि है। परन्तु अधिकांश विशेषज्ञ सांख्यिकी को एक विज्ञान मानते हैं; क्योंकि विज्ञान की सभी विशेषताएँ और लक्षण इसमें पाये जाते हैं।
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