This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
सदाचार का महत्व (निबंध) |
|
Answer» मानव जीवन में सद्व्यवहार और सदाचरण का बहुत बड़ा महत्व है। व्यवहार की मृदुता और आचरण की शुचिता से न सिर्फ व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। |
|
| 2. |
Sometimes it's better to react with no reaction meaning in hindi |
|
Answer» सोमैठिंग्स यह कोई प्रतिक्रिया के साथ प्रतिक्रिया बेहेटर है। |
|
| 3. |
"पेट्रोल के बिना जीवन संभव हैं"। विषय पर निबंध लिखीए |
|
Answer» पेट्रोल के बिना गाड़ियां नहीं चल सकती |
|
| 4. |
Fast answer write now plizzzz |
|
Answer» It's ANSWER is (d) अष्टकोण |
|
| 5. |
सर पर अंडे उबलने का मतलब |
|
Answer» मतलब बोहोत क्रोधित होना. |
|
| 6. |
Whkon sa chij hai jise dodne se awaj nhi hoti |
|
Answer» Hey FRIEND, Here is your answer- That is the HEART of any PERSON. Hope it will HELP you. |
|
| 7. |
सप्तऋषि को विग्रह करके समास का नाम लिखिए |
|
Answer» HEY friend ! Your answer is GIVEN below. _________________________ सप्तश्रषि मे 'द्विगु' समास है। द्विगु समास => जिस समास मे पूर्वपद संख्यावाचक हो उसे द्विगु समास कहते हैं। • (सप्त + श्रषि) सप्तश्रषि शब्द मे पूर्वपद संख्यावाचक है इसलिए यह द्विगु समास है। _________________________ ♡ HOPE this helps ! |
|
| 8. |
Hamid Khan ( ch.5) is path se hame kya shiksha milti he? Hindi sanchayan class 9 |
|
Answer» Hey MATE here is your ans. hope it HELPS u if YES then mark as brainliest ☺ |
|
| 10. |
करुण के उदाहरण चाहिए |
|
Answer» हाय राम कैसे झेलें हम अपनी लज्जा अपना शोक |
|
| 11. |
I want an emotional Hindi poem on topic childhood (bachpan) If anyone have plz send |
|
Answer» Hola dear ❤ |
|
| 12. |
Character sketch for Shrikant Singh from bade ghar ki beti by Munshi Premchand |
|
Answer» Shrikanth Sing is PATH ke mukhya PATRO mai SE ek tha.Wah Thakur Beni Madhaw Sing ka bada beta tha.Shrikanth Sing DURBAL sharir ka tha,wah BA hone par bhi pashchatya samajik prathao ke premi nahi the.We sammilit pariwar ke pakshdhar the.Aanandi uski patni thi,wah ek bade gharane ki ladki thi. |
|
| 13. |
पाहुन जो आए , गाँव मे शहर के isme me kon sa alankar h |
|
Answer» Hello MATE! उपयुक्त प्रश्न _______________ " पाहून ज्यों आये हों गाँव में शहर के " में उत्प्रेक्षा अलंकार हैं। उत्प्रेक्षा अलंकार उत्प्रेक्षा अलंकार _____ समानता होने के कारण उपमेय में उपमान के होने कि कल्पना की जाए या संभावना हो तब वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। अलंकार और विस्तार में _ अलंकार शब्द का अर्थ होता है आभूषण या श्रंगार। जो शब्द काव्य की शोभा को बढ़ाते हैं उसे अलंकार कहते हैं। अलंकार के भेद :- अलंकार के 2 भेद होते हैं। 1) शब्दालंकार 2) अर्थालंकार। शब्दालंकार के मुख्यतः 3 भेद होते हैं। 1) अनुप्रास अलंकार 2) यमक अलंकार 3) श्लेष अलंकार। अर्थालंकार के मुख्यतः निम्न भेद होते हैं। 1) उपमा अलंकार 2) रूपक अलंकार 3) उत्प्रेक्षा अलंकार 4)अन्योक्ति अलंकार 5) अतिश्योक्ति अलंकार 6) मानवीकरण अलंकार 7) भ्रांतिमान अलंकार 8) संदेह अलंकार। धन्यवाद। Together we GO FAR ❤️ |
|
| 14. |
Robert, my neighbor, a forty-five-year-old blacksmith is seven feet tall, and eats all day long. What does he weigh? |
| Answer» 80KG as a RESULT of the WHITE HOUSE and HOME | |
| 15. |
What are his hobbies? |
|
Answer» Hello friend ❤️ |
|
| 17. |
Importance of crackers in Hindi |
|
Answer» HOPE this Answer help you. दिवाली में पटाखों का उपयोग क्यों ना करें? SAY No to CRACKERS this Diwali in Hindi पटाखों के उपयोग से हम अपने पर्यावरण को कैसे प्रदूषित कर रहें? क्या आतिशबाजी से हमारे पर्यावरण को खतरा है? दिवाली का महोत्सव हर किसी व्यक्ति के लिए बहुत की ख़ुशी का त्यौहार होता है। पर में आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूँ कि दिवाली के त्यौहार के लिए हम एक महीने पूर्व से ही तैयारी करते हैं घर और मोहल्ले की सफाई करते हैं क्या सिर्फ इसलिए ताकि दीपावली के दिन हमें उसी गली-मोहल्ले को प्रदूषित कर सकें? जी हाँ दोस्तों यह सोचने की बात है। ज्यादातर लोग वही कर रहे हैं दिवाली का त्यौहार हमारे जीवन में हम खुशियाँ और समृद्धि लाने के लिए मनाते हैं पर पटाखों के उपयोग से एक तो हम अपने ही पृथ्वी को बर्बाद करते हैं और दूसरी और पटाखों के हादसों से कई लोग जख्मी हुए तो कुछ लोगों ने अपना जान खोया। क्या पटाखों के साथ दिवाली मनाना सुख समृद्धि का त्यौहार दीपवाली हो सकता है? जी नहीं दोस्तों, दीपावली खुशियों का त्यौहार है और हर किसी को अपने दीपावली के त्यौहार को शांति से ख़ुशी के साथ बिना पटाखों के मनाना चाहिए। दिवाली में पटाखों का उपयोग क्यों ना करें? SAY NO TO CRACKERS THIS DIWALI IN HINDI अब आप पूछेंगे ऐसा क्या है इन पटाखों में जिसके कारण आज हम इसके बारे में बात कर रहे हैं। चलिए आपको पटाखों से होने वाले कुछ महत्वपूर्ण हानियों के बारे में बताते हैं – 1. बड़े-बड़े डॉक्टरों का कहना है की ह्रदय और फूस-फूस रोगी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के रोगियों की तबियत पटाखों के प्रदुषण के कारण और भी ज्यादा ख़राब हो जाती है। इसलिए इस प्रकार के रोगी दीपवाली के समय घर से बहार बिलकुल ना निकलें। 2. एक तो हम स्वच्छ भारत अभियान को अमल लाने की बात करते हैं और दूसरी ओर पटाखों को फोड़ कर अपने वातावरण को और भी दूषित कर रहे हैं। कई हज़ार टन पटाखों का कूड़ा हम एक दीपावली के दिन में ही अपने देश भर में फैला देते हैं और दोष देते हैं नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों पर। क्या ये सही है? 3. यह पटाखों का ज़हरीला कूड़ा जब जमीन में धस कर रह जाता है तो मिट्टी प्रदूषण, जब जलने के बाद धुआं तो वायु प्रदुषण, पटाखों के फूटने की वजह से ध्वनि प्रदुषण, और वही जला हुआ जहरीला कूड़ा जब नदियों में जाता है तो जल प्रदुषण फैलता है। बस दो पल के बेकार की ख़ुशी के लिए हम अपना और आने वाली पीढ़ी का जीवन बर्बाद कर रहे हैं। 4. पटाखे बहुत ही जहरीले रसायनों से बना होता है जिनसे कैंसर तक होने का खतरा बना रहता है। वही रसायन पदार्थ पटाखे फूटने के बाद नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड जैसे खतरनाक गैसों हमारे पर्यावरण में मिल जाते हैं। 5. पटाखों का उपयोग सबसे ज्यादा बच्चे करते हैं और इसीलिए इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। बाद में यही पटाखे कई प्रकार के इन्फेक्शन और बिमारियों का कारन बनते हैं। 6. वैसे तो बच्चों के हाँथ में फुलझड़ियाँ कितनी अच्छी दिखती है पर क्या आपको पता है उसके धुएं में भी खतरनाक जहरीले पदार्थ जैसे बेरियम, स्ट्रोंशियम, कॉपर, आयरन होते हैं जो बच्चों के शरीर के लिए बहुत ही हानिकर होते हैं। 7. वैसे तो पटाखे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पहुंचाते हैं परन्तु पटाखे शरीर को बाहरी तरफ से बहुत चोट पहुंचा सकते हैं। प्रतिवर्ष देश भर में कई ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं जिनके कारण कई लोग अपने ऑंखें खो देते हैं, कई लोगों के हाँथ पैर जल जाते हैं तो कुछ लोगों की इसमें जान भी चले जाती है। 8. दिवाली के पटाखों से प्रदुषण दिल्ली जैसे महानगरों में कुछ इस प्रकार होता है की सरदी के महीने में कोहरे और बादल के जैसा दिखने लगता है। यहाँ तक भी कहा गया है की दीपावली की वजह से भारत का 50% वायु प्रदुषण से ढक जाता है। अगर हम चाहें तो दीपावली के त्यौहार को बिना पटाखों के भी मना सकते हैं। बस उसके लिए दृढ संकल्प और सही सोच की आवश्यकता है। क्या हम सभी अपने दपरिवार के लोगों के साथ मिलकर एक स्वच्छ स्वस्थ दिवाली नहीं मना सकते हैं? आशा करते हैं आपकी इस बार की दिवाली पटाखों के बिना खुशियों से बहरी हुई हो ! COPYRIGHT CLAIMED ©© 2018 · |
|
| 18. |
Bhav vachak sanghya of Pavitra |
|
Answer» पवित्रा का भाववाचक संज्ञा पवित्रा: पवित्रता भाववाचक संज्ञा ... किसी व्यक्ति ( प्राणी ) वस्तु , स्थान , अथवा भाव आदि के नाम को संज्ञा कहते है। जैसे – श्याम , दिल्ली , आम . जो शब्द पदार्थों की अवस्था , गुण , दोष , धर्म , दशा , स्वभाव आदि का बोध कराते हैं उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं। ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬ ▬▬ ▬▬ संबंधित कुछ अन्य प्रश्न...► शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए- ABSTRACT Noun 1. प्रतिनिधि - 2 रोचक 3. खिलाड़ी - 4. महान |
|
| 19. |
Samvad between two friends about election |
|
Answer» पहला दोस्त : इस बार ईलेक्शन के लिए देश के युवाओं में खासी उत्सुकता देखने को मिल रही है। दूसरा दोस्त : मैं भी इस बार के ईलेक्शन के लिए बहुत उत्सुक हूँ क्योंकि यह मेरा पहला ईलेक्शन होगा जिसमें मैं स्वयं वोट दूंगा। पहला दोस्त : मेरा यह वोट देने का दूसरा मौका होगा परंतु इस बार के उत्साह को देखते हुए मुझे भी इस बार वोट करने की बहुत उत्सुकता है। दूसरा दोस्त : तुम क्या सोचते हो हमारे देश की राजनितिक दलों के बारे में। पहला दोस्त : वास्तव में मुझे राजनीती में कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि मुझे कोई भी राजनितिक दल इतना सच्चा नहीं लगता जितने की वह वादे करते हैं। |
|
| 20. |
Essay on beti yug in hindi |
|
Answer» लड़कियां घर की आधारशिला हैं। एक लड़की के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। लड़की को समाज में कई पात्र रहना पड़ता है, उदाहरण के लिए, वे एक बेटी का जीवन जीते हैं, वे बहुत आज्ञाकारी और निपुण पत्नी साबित होते हैं, जबकि वे एक उत्कृष्ट बहन या मां बन जाते हैं। यह गलत नहीं होगा कि लड़की के जीवन में कई चरण हैं। लेकिन कई लोगों के लिए, उनका अस्तित्व नर-हावी समाज में प्रचलित एक बड़ा अभिशाप प्रतीत होता है। उन्हें कुछ गंदी और संकीर्ण दिमागी लोगों द्वारा बीमार उपचार दिया जाता है। लोग भूल गए हैं कि वे एक उत्तराधिकारी हैं, परिवार के लिए एक बेटा जो अगली पीढ़ी के लिए अपने परिवार की अगुवाई करता है। दूसरे शब्दों में, एक संपूर्ण जीवन एक ही लड़की पर निर्भर है। देश भर में लड़कियों को बचाने के संबंध में आज भरना सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक जागरूकता मुद्दा है। कई प्रभावी उपाय हैं जिनमें एक लड़की को काफी हद तक बचाया जा सकता है। समाज में गरीबी का एक बड़ा स्तर है जो भारतीय समाज में निरक्षरता और लिंग असमानता का मुख्य कारण है। गरीबी और लिंग भेदभाव को कम करने और भारतीय समाज में लड़कियों और महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए शिक्षा इस प्रकार एक आवश्यक तत्व है। आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा में महिला साक्षरता लगातार गिरावट आई है, जहां लड़कियों के पास शिक्षा और अन्य गतिविधियों के बराबर पहुंच नहीं है। शिक्षा रोजगार से गहराई से जुड़ा हुआ है। गरीब शिक्षा का मतलब निम्न स्तर का रोजगार है जो समाज में गरीबी और लिंग असमानता का कारण बनता है। शिक्षा उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाकर महिलाओं की स्थिति में सुधार करने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकार समाज में महिलाओं के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने के लिए लड़कियों और लड़कों की रक्षा के लिए कदम उठा रही है। बॉलीवुड अभिनेता (परिनीती चोपड़ा) लड़की (बेटी बचाओ, बेटी पदो) को बचाने के लिए हाल के पीएम पैटर्न के ब्रांड के लिए आधिकारिक राजदूत थे। |
|
| 21. |
आपु आपु कहँ सब भलो,अपने कहँ कोई कोई.तुलसी सब कहँ जो भलो,सुजन सराहिय सोई.तुलसीदास के दोहे का अथ बताए |
|
Answer» आपु आपु कहँ सब भलो,अपने कहँ कोई कोई. तुलसी सब कहँ जो भलो,सुजन सराहिय सोई इस दोहे में तुलसीदास जी ने आज स्पष्ट किया है कि परोपकार करने वाले व्यक्ति की ही इस संसार में सराहना होती है। अपने लिए तो सभी भले होते हैं और सभी अपने लिए भलाई का कार्य करने में लगे रहते हैं। किंतु कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं जो स्वयं का भला करने के साथ-साथ भी अपने मित्रों एवं सम्बन्धियों के भले के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। तुलसीदास जी कहते हैं कि इनसे भी श्रेष्ठ वे व्यक्ति होते हैं जो सभी का भला मानकर उनकी भलाई करने में लगे रहते हैं। इस प्रकार के व्यक्तियों की ही सज्जन व्यक्तियों के द्वारा सराहना की जाती है। |
|
| 22. |
Volleyball player ki sankhya |
|
Answer» Six players |
|
| 23. |
10 lines about festival Pongal in Hindi |
|
Answer» पोंगल' दक्षिण भारत, मुख्य रूप से तमिलनाडु के सबसे लोकप्रिय व प्रमुख त्यौहारों में से एक है। पोंगल शब्द के दो अर्थ हैं। पहला यह कि इस दिन सूर्य देव को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है वह पोंगल कहलाता है। दूसरा यह कि तमिल भाषा में पोंगल का एक अन्य अर्थ निकलता है अच्छी तरह उबालना। पोंगल एक फसली त्योहार है। यह त्यौहार हर साल जनवरी के मध्य में पड़ता है। |
|
| 24. |
समास विग्रह करके नाम लिखो :(1) जल थलत्रिकोण |
|
Answer» 1) जल थल - द्वंद्व समास 2) त्रिकोण - तीन कोणों का समाहार समास - दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से जब एक नया शब्द बनता है , उसे समास कहते है । समास के भेद - ★ तत्पुरुष समास - जिस समास में पहला पद प्रधान हो । उदहारण - रसोईघर - रसोई के लिए घर । ★ कर्मधारय समास - जिस समास में उपमेय उपमान या विशेषण विशेष्य में तुलना की जाए । उदहारण - चंद्रमुखी - चंद्र के समान मुख । ★ अव्ययीभाव समास - जिस समास में पहला पद अव्यय हो । उदहारण -घरोघर - हर घर । ★ द्विगु समास - जिस समास में पहला पद संख्यावाची हो । उदहारण - त्रिलोचन - तीन आखों का समाहार। ★ बहुव्रीहि समास -जहाँ कोई अन्य पद प्रधान हो। उदहारण - दामोदर - चोड़ा उदर है जिसका (गणेश) । ★ द्वंद्व समास -जिस समास में दोनों ही पद प्रधान हो । उदहारण - माता पिता |
|
| 25. |
Pracheen bharat me siksha kaisi thi? |
| Answer» | |
| 26. |
Chatra Jeevan par nibandh in Hindi |
|
Answer» विद्यार्थी जीवन साधना और तपस्या का जीवन है । यह काल एकाग्रचित्त होकर अध्ययन और ज्ञान-चिंतन का है । यह काल सांसारिक भटकाव से स्वयं को दूर रखने का काल है । विद्यार्थियों के लिए यह जीवन अपने भावी जीवन को ठोस नींव प्रदान करने का सुनहरा अवसर है । यह चरित्र-निर्माण का समय है । यह अपने ज्ञान को सुदृढ़ करने का एक महत्त्वपूर्ण समय है । |
|
| 27. |
Class 10 paragraph question answer of chapter Sangatkar |
| Answer» | |
| 28. |
Make sentences with char chand lagna |
|
Answer» ANSWER - MANTRI ji NE sabha mein pahuch K chaar chand laga diye. |
|
| 29. |
Muhavare on aankh with sentence |
|
Answer» 1. Aakho ka taara. bahut pyaara |
|
| 30. |
5 sentences about lion in hindi for class 4 |
|
Answer» शेर पर कुछ पंक्तियाँ। |
|
| 31. |
Interviews questions of virat kohili in hindi of the 10 questions |
| Answer» | |
| 32. |
Essay in hindi on swach bharat - ek kadam swachta ki ore......... Sanket bindu:-pratavana, swachta ka mehatav, vartamam me swachta ko lekar bharat ki sthiti, swach bharat abhiyan ka aarambh evam lakshay, nishkarshIt is urgent too and pls ansr according to the sanket bindu that is given above |
|
Answer» भूमिका : स्वच्छ भारत अभियान को सरकार द्वारा देश की स्वच्छता के प्रतीक के रूप में शुरू किया गया है। स्वच्छ भारत का सपना महात्मा गाँधी जी ने देखा था। अपने सपने के सन्दर्भ में गाँधी ने कहा कि स्वच्छता स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी है और स्वच्छता ही स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन का एक अनिवार्य भाग है। महात्मा गाँधी जी अपने समय में देश की गरीबी और गंदगी से अच्छी तरह अवगत थे इसीलिए उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत से प्रयास किये लेकिन वो उसमें सफल न हो सके। |
|
| 33. |
शहरीकरण और पर्यावरण विषय पर अनुच्छेद। |
|
Answer» शहरीकरण और पर्यावरण मानव समाज के विकास के साथ, हमारे पास एक नया शब्द, शहरीकरण है। यह एक आधुनिक ग्रामीण समाज को बदलने की प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से कृषि पर आधुनिक शहरी समाज पर निर्भर करती है जो मुख्य रूप से उद्योग और सेवा पर निर्भर करती है। शहरीकरण एक अनिवार्य प्रवृत्ति बन गया है। शहरी आबादी उनके पर्यावरण के साथ बातचीत करती है। शहरी लोग भोजन, ऊर्जा, पानी और जमीन की खपत के माध्यम से अपने पर्यावरण को बदलते हैं। और बदले में, प्रदूषित शहरी वातावरण शहरी आबादी के जीवन के स्वास्थ्य और गुणवत्ता को प्रभावित करता है। शहरीकरण व्यापक क्षेत्रीय वातावरण को भी प्रभावित करता है। बड़े औद्योगिक परिसरों से नीचे के क्षेत्र में वर्षा, वायु प्रदूषण, और आंधी के साथ दिनों की संख्या में वृद्धि देखी जाती है। नतीजा यह है कि हम अत्यधिक प्रदूषित शहरों में रहते हैं जहां दिन-प्रतिदिन जीवन तेजी से बढ़ रहा है। इस शहरी प्रदूषण के कारण हमें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है और सबसे बुरा हिस्सा यह है कि हम इसे भी महसूस नहीं करते हैं। यह बहुत समय है कि अब हमें इस प्रदूषण को रोकने और हमारी भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर दुनिया बनाने के तरीकों को अपनाया जाना चाहिए। |
|
| 34. |
Musalmano ke liye alag Desh kisne banaya |
|
Answer» Mahummad ALI Jinna |
|
| 35. |
Paragraph on books in(hindi language) of 8th class |
|
Answer» पुस्तकों का महत्त्व पर अनुच्छेद । PARAGRAPH on the IMPORTANCE of BOOKS in HINDI LANGUAGE! |
|
| 36. |
25 examples of gun sandhi? |
|
Answer» 1 Secondary SchoolHindi5 points 50 examples of guna sandhi Advertisement Ask for details Follow Report byIshansingh1511 07.01.2018 Answers Me · Beginner Know the answer? Add it here!  swastidas Virtuoso 1. maha + indra = mahendra 2. dev + rishi = devarshi 3. nar + ish = naresh 4. SURYA + uday = suryodaya 5.maha + rishi = maharshi 6. amar + indra = AMARENDRA 7.gyan + upadesh= gyanopadesh 8.jal + URMI = jalormi 9. maha + ishwar = MAHESHWAR 10. maha + utsav = mahotsav I hope this will help u |
|
| 37. |
3. If you think I am BAD than you’re wrong, I'm the worst. Hindi meaning |
|
Answer» QUESTION :- If you think I am BAD than you’re WRONG, I'm the worst. ( HINDI MEANING ) हिन्दी में बदलो | उत्तर :- ( If you think I am BAD than you’re wrong, I'm the worst) का हिन्दी में अर्थ है :- अगर आपको लगता है कि मैं गलत हूँ , तो आप गलत हैं , मैं सबसे बुरा हूँ । |
|
| 38. |
अर्थ समय चूकि पुनि का पछताने, का वर्षा जब कृषि सुखाने।” |
|
Answer» "अर्थ समय चूकि पुनि का पछताने, का वर्षा जब कृषि सुखाने।” से आशय है कि समय के निकल जाने पर दुख करके कोई फायदा नहीं होता है। ****** यह कहावत आलसी और भाग्य के भरोसे रहने वाले लोगों के लिए चरितार्थ होती है। वे लोग जीवन में अपने हर दुर्भाग्य को पूर्व जन्म का कर्म मानकर रोते रहते हैं। स्वयं की अनदेखी से हुई मुसीबत को भी दुर्भाग्य के मथे मड़ देते हैं। यदि समय रहते हुए कार्य किया जाए, तो कभी इस प्रकार की मुसीबत सामने नहीं आती है। जो लोग दूसरों के भरोसे रहकर अपना कार्य करते हैं, वह भी समय आने पर पछताते हैं। मनुष्य को चाहिए कि अपने पुरूषार्थ के अतिरिक्त किसी अन्य का सहारा न ले। जो मनुष्य अपने भुजबल और ईश्वर पर विश्वास कर कार्य करते हैं कठिनाई उनके आगे नतमस्तक हो जाती है। ईश्वर ने मनुष्य को दो हाथ दिए हैं, जिनके सहारे मनुष्य चाहे, तो चट्टान को अपने रास्ते से हटाने का पौरुष रखता है। जापान सबसे छोटा द्रीप है परन्तु उसने भाग्य के भरोसे न रहकर जो सफलता पाई है वह अद्भुत है। आज जापान हर क्षेत्र में अग्रणीय है। ऐसा वहाँ के लोगों के कठोर परिश्रम के कारण ही संभव हो पाया है। यदि वह अपनी समृद्धी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता, तो वह आज वह इतना समृद्ध शाली नहीं होता। अतः चाहिए कि भाग्य और आलस को त्याग कर मेहनत करें वरना लोगों द्वारा सदैव यही कहा जाएगा चिड़िया चुग गई खेत, तो पछताने से होत क्या। |
|
| 39. |
Congress adhiveshan may desi rajye mein swatantra sanga prarambh karna shivkar kiya |
|
Answer» I am UNABLE to UNDERSTAND QUESTION my FRIEND |
|
| 40. |
Bharat ki khoj class 8 extra question chapter 8 |
| Answer» | |
| 41. |
Vigyapan for computer class in hindi |
|
Answer» एन आई आई कंप्यूटर सेंटर खुल गया आपके शहर में एन आई आई कंप्यूटर सेंटर | आप यहाँ सभी प्रकार के कोर्स | यहाँ पर हिंदी और अंग्रेजी की टाइपिंग सिखाई जाती है | यहाँ पर बेसिक से लेकर सब सिखाया जाता है | एक हफ्ता फ्री क्लास | संपर्क एन आई आई कंप्यूटर सेंटर खलिनी चोंक मोबाइल नंबर :3433434343
|
|
| 42. |
13/01/2000 what is the name of boys?? |
|
Answer» It is given that 13/01/2000 , |
|
| 43. |
Punarukthi and dwirukti 50 examples |
|
Answer» पुनरुक्ति मतलब पुनः दुहराना । जैसे कोई-कोई , घर-घर , क्या-क्या , नए-नए ,छोटे-छोटे , जिस-जिस , काले-काले , कहते-कहते , कभी-कभी , आस-पास , जोर-शोर , खाना-पीना आदि इनका वाक्यों में प्रयोग कुछ इस प्रकार है :- रोगी धीरे-धीरे चल रहा है । द्विरुक्ति मतलब दो बार कही गई बात । जैसे कोई-कोई , घर-घर , क्या-क्या , नए-नए ,छोटे-छोटे , जिस-जिस , काले-काले , कहते-कहते , कभी-कभी , आस-पास , जोर-शोर , खाना-पीना आदि इनका वाक्यों में प्रयोग कुछ इस प्रकार है :- रोगी धीरे-धीरे चल रहा है । |
|
| 44. |
Dusrya baddal cha aplepna shabd samuha baddal ek shabd |
|
Answer» Apulaki is your ANSWER |
|
| 45. |
Palan krnara shabd samuhabaddal ek shab |
|
Answer» Palan karanara mhanje palka |
|
| 46. |
Can anyone tell me the short summary of chapter "kAllu kumhar ki unnaqoti" in your own words9th graders ... help !!! |
|
Answer» Here is your answer...☺☺☺ ➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡ त्रिपुरा में कल्लू नाम का एक कुम्हार रहता था। वह शिव जी के साथ रहना चाहता था। भगवान शिव ने शर्त रखी कि उसे एक रात में शिव जी की एक करोड़ मूर्तियाँ बनानी होंगी। कल्लू जाने के लिए बहुत उत्सुक्त था इसलिए तुरंत मूर्तियाँ बनाने लगा। परन्तु एक मूर्ति रह गयी और सुबह हो गई। इसलिए वह शिव जी के साथ नहीं जा सका और वहीँ रह गया। उसी के नाम से त्रिपुरा के उस स्थान का नाम उनाकोटी पड़ा। उनाकोटी का अर्थ है एक करोड़ से एक कम। लेखक को यह स्थान बहुत रमणीय लगा। इस स्थान पर लेखक ने अपने कार्यक्रम की शूटिंग भी करी। इसके अतिरिक्त लेखक ने त्रिपुरा की संस्कृति, सभ्यता, धर्म, वहाँ का जन जीवन और जनजातियों के बारे में बताया है। त्रिपुरा बहुधार्मिक समाज का उदाहरण है। वहाँ पर लगातार बाहरी लोग आते रहे हैं। त्रिपुरा में उन्नीस अनुसूचित जनजातियाँ हैं। वहाँ विश्व के चारों बड़े धर्मों का प्रतिनिधित्व मौजूद है। अगरतला के बाहरी हिस्से पैचारथल में एक सुंदर बौध मंदिर है। त्रिपुरा के उन्नीस कबीलों में से चकमा और मुघ महायानी बौध हैं। ये कबीले म्यांमार से आये थे। इस मंदिर की मुख्य बुद्ध प्रतिमा 1930 में रंगून से लाई गयी थी। टीलियामुरा में लेखक का परिचय समाज सेविका मंजू ऋषिदास और लोकगायक हेमंत कुमार जमातिया से हुई। त्रिपुरा में अगरबत्ती बनाना, बाँस के खिलौने बनाना और गले में पहनने की मालायें बनाना आदि घरेलू उद्योग चलते ✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔ I HOPE this answer is HELPFUL to u...❤❤❤ Keep Asking...✌✌✌ ✨✨✨If HELP you. MARK my answer as a brainliest✨✨✨ |
|
| 47. |
बिजौलिया शिलालेख की स्थापना किसके द्वारा की गई ?A: जैन श्रावक लोलक ✔B: कीर्ति पालC: सोमेश्वरD: जीजाशाह |
|
Answer» ⭐️<============================>⭐️ बिजौलिया शिलालेख की स्थापना किसके द्वारा की गई ? A: जैन श्रावक लोलक ✔ B: कीर्ति पाल C: सोमेश्वर D: जीजाशाह so the CORRECT OPTION is A. ☺ ✌✌✌ |
|
| 48. |
Sasti dalo ke liye vigyapan tyare kijiye |
|
Answer» Kya aap mehagayi se pareshan hai! Kya aap ko bharpur bhojan ka ANAND NAHI LE pa rahe hai! Aap ko is mehangayi se bachane wale ,kam damo aap ko dal uplabdh karane AA GAYE hai!! Ramvillas kirane wala Near roshpa tower!! Jaldi karein!! |
|
| 49. |
ब्रह्मपुत्र वर्ण विचछेद |
|
Answer» answer (Brahmaputra CHARACTERS severance) |
|
| 50. |
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण के अंतर को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए? |
|
Answer» सर्वनाम:- वे शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। |
|