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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

सदाचार का महत्व (निबंध)

Answer»

मानव जीवन में सद्व्यवहार और सदाचरण का बहुत बड़ा महत्व है। व्यवहार की मृदुता और आचरण की शुचिता से न सिर्फ व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है।

सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह सामाजिक नियमों का पालन करे। सामने वाले व्यक्ति से ऐसा व्यवहार करे जिससे अपनत्व की भावना जागृत हो। हम जैसा व्यवहार दूसरे के साथ करेंगे, वैसा ही व्यवहार दूसरा भी हमारे साथ करेगा।

दूसरे से अच्छे व्यवहार की अपेक्षा करने से पहले हमें उसके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। जीवन रूपी गाड़ी को बिना बाधाओं के चलाते रहने में सद्व्यवहार महती भूमिका निभाता है। व्यवहार तथा आचरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब तक आचरण शुद्ध नहीं होगा, तब तक व्यक्ति में सद्व्यवहार का गुण विकसित नहीं होगा। सच बोलना, चोरी न करना, किसी को दुख न देना, बड़ों का सम्मान करना तथा नैतिक मूल्यों की रक्षा करना जैसी सारी बातें आचरण की शुचिता में आती हैं।

स्वयं के परिश्रम से तथा भगवान की कृपा से धन-दौलत कमाना और जितना मिले उसी में संतोष करना शुद्ध आचरण की पहचान है। यदि आचरण शुद्ध हो तो व्यवहार स्वतः सुधर जाता है। व्यवहार तथा आचरण को हमारे पारिवारिक संस्कार तथा सामाजिक व्यवस्थाएँ प्रभावित करते हैं। हम जैसे समाज में पलते-बढ़ते हैं वैसे ही बन जाते हैं।

आचरण से हमारा व्यवहार प्रभावित होता है तो व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा। अच्छे व्यवहार तथा अच्छे आचरण से अद्भुत-असीम सुख प्राप्त होने के साथ-साथ आनंद की अनुभूति भी होती है। सद्व्यवहार और सदाचरण से ही मानव जीवन सार्थक होता है। इन्हीं से मानवता जन्म लेती है।

2.

Sometimes it's better to react with no reaction meaning in hindi

Answer»

सोमैठिंग्स यह कोई प्रतिक्रिया के साथ प्रतिक्रिया बेहेटर है।

3.

"पेट्रोल के बिना जीवन संभव हैं"। विषय पर निबंध लिखीए

Answer»

पेट्रोल के बिना गाड़ियां नहीं चल सकती

4.

Fast answer write now plizzzz

Answer»

It's ANSWER is (d) अष्टकोण

5.

सर पर अंडे उबलने का मतलब

Answer»

मतलब बोहोत क्रोधित होना.

6.

Whkon sa chij hai jise dodne se awaj nhi hoti

Answer»

Hey FRIEND, Here is your answer- That is the HEART of any PERSON. Hope it will HELP you.

7.

सप्तऋषि को विग्रह करके समास का नाम लिखिए

Answer» HEY friend !

Your answer is GIVEN below.
_________________________

सप्तश्रषि मे 'द्विगु' समास है।

द्विगु समास => जिस समास मे पूर्वपद संख्यावाचक हो उसे द्विगु समास कहते हैं।

• (सप्त + श्रषि) सप्तश्रषि शब्द मे पूर्वपद संख्यावाचक है इसलिए यह द्विगु समास है।
_________________________

HOPE this helps !

8.

Hamid Khan ( ch.5) is path se hame kya shiksha milti he? Hindi sanchayan class 9

Answer»

Hey MATE here is your ans. hope it HELPS u if YES then mark as brainliest ☺
iss kahani se Hume Yeh shiksha milti hai ki Hume sabki madad karni CHAHIYE
HUMEIN dharm Ke namm par bhed bhav nahi karna chahiye
good night

9.

तलवार खींचना- इस मुहावरे का अर्थ

Answer» LADNE KO taiyar HONA
10.

करुण के उदाहरण चाहिए

Answer»

हाय राम कैसे झेलें हम अपनी लज्जा अपना शोक
गया हमारे ही हाथों से अपना राष्ट्र पिता परलोक

हुआ न यह भी भाग्य अभागा
किस पर विकल गर्व यह जागा
रहे स्मरण ही आते
सखि वे मुझसे कहकर जाते

11.

I want an emotional Hindi poem on topic childhood (bachpan) If anyone have plz send

Answer»

Hola dear ❤
---------------

The poem's juz MADE on spot by me now ⤵

Choti si THI mai , nanhi si thi ..
Dil me MERE ek choti si jaan thi ..
Gir ke uthi , uth ke giri ,
Tab hi toh mai chalna sikhi ..

Maa ki daant suni , papa ki laadli bani ,
Pata nhi kab mai badi bani ..
Shikshakon se shikayatein sunkar apni ,
Tab jaake mai badi bani ..

Bohot yaad aate ho mere bachpan ..
Kabhi toh wapas aa jao oh bachpan ..
JEENA chahti HU mai tumhe firse bachpan ..
Aa jaona tum mere bachpan ..

_______

Thnq ❤ Gunnyt :)

12.

Character sketch for Shrikant Singh from bade ghar ki beti by Munshi Premchand

Answer»

Shrikanth Sing is PATH ke mukhya PATRO mai SE ek tha.Wah Thakur Beni Madhaw Sing ka bada beta tha.Shrikanth Sing DURBAL sharir ka tha,wah BA hone par bhi pashchatya samajik prathao ke premi nahi the.We sammilit pariwar ke pakshdhar the.Aanandi uski patni thi,wah ek bade gharane ki ladki thi.

13.

पाहुन जो आए , गाँव मे शहर के isme me kon sa alankar h

Answer»

Hello MATE!


उपयुक्त प्रश्न _______________


" पाहून ज्यों आये हों गाँव में शहर के " में उत्प्रेक्षा अलंकार हैं।


उत्प्रेक्षा अलंकार उत्प्रेक्षा अलंकार _____


समानता होने के कारण उपमेय में उपमान के होने कि कल्पना की जाए या संभावना हो तब वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।


अलंकार और विस्तार में _


अलंकार शब्द का अर्थ होता है आभूषण या श्रंगार।


जो शब्द काव्य की शोभा को बढ़ाते हैं उसे अलंकार कहते हैं।


अलंकार के भेद :- अलंकार के 2 भेद होते हैं।


1) शब्दालंकार

2) अर्थालंकार


शब्दालंकार के मुख्यतः 3 भेद होते हैं।


1) अनुप्रास अलंकार

2) यमक अलंकार

3) श्लेष अलंकार


अर्थालंकार के मुख्यतः निम्न भेद होते हैं।


1) उपमा अलंकार

2) रूपक अलंकार

3) उत्प्रेक्षा अलंकार

4)अन्योक्ति अलंकार

5) अतिश्योक्ति अलंकार

6) मानवीकरण अलंकार

7) भ्रांतिमान अलंकार

8) संदेह अलंकार।


धन्यवाद


Together we GO FAR ❤️


14.

Robert, my neighbor, a forty-five-year-old blacksmith is seven feet tall, and eats all day long. What does he weigh?

Answer» 80KG as a RESULT of the WHITE HOUSE and HOME
15.

What are his hobbies?

Answer»

Hello friend ❤️

Your Ans..❤️

It actually depends on the person who is asking me ,according to that my hobbies are been made . But honestly i am still searching my hobbies.

When anyone ask me what are your hobbies i am LIKE What can be my hobbies ? Reading…nahh, Dancing…nope , social media(facebook instagram quora youtube) umm MAY be.

sometimes i really think ,how people get to know their hobbies like it’s a 2 min me maggi and then there is me ,It’s been 22 years but i got no hobby.

The BIGGEST issues of these hobbies is when you have to write it on the resume …ufhh i really need to be quick to find one to fill that section OTHERWISE i will end up WRITING “dancing is my hobby” ( the only dance i can do is ganpati dance).

In conclusion, according to me



hope its help U my friend...❤️

16.

Ten sentences for hospital in hindi

Answer»

The SENTENCE for HOSPITAL in HINDI is aspataal

17.

Importance of crackers in Hindi

Answer» HOPE this Answer help you.

दिवाली में पटाखों का उपयोग क्यों ना करें? SAY No to CRACKERS this Diwali in Hindi

पटाखों के उपयोग से हम अपने पर्यावरण को कैसे प्रदूषित कर रहें?
क्या आतिशबाजी से हमारे पर्यावरण को खतरा है?

दिवाली का महोत्सव हर किसी व्यक्ति के लिए बहुत की ख़ुशी का त्यौहार होता है। पर में आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूँ कि दिवाली के त्यौहार के लिए हम एक महीने पूर्व से ही तैयारी करते हैं घर और मोहल्ले की सफाई करते हैं क्या सिर्फ इसलिए ताकि दीपावली के दिन हमें उसी गली-मोहल्ले को प्रदूषित कर सकें?

जी हाँ दोस्तों यह सोचने की बात है। ज्यादातर लोग वही कर रहे हैं दिवाली का त्यौहार हमारे जीवन में हम खुशियाँ और समृद्धि लाने के लिए मनाते हैं पर पटाखों के उपयोग से एक तो हम अपने ही पृथ्वी को बर्बाद करते हैं और दूसरी और पटाखों के हादसों से कई लोग जख्मी हुए तो कुछ लोगों ने अपना जान खोया।

क्या पटाखों के साथ दिवाली मनाना सुख समृद्धि का त्यौहार दीपवाली हो सकता है? जी नहीं दोस्तों, दीपावली खुशियों का त्यौहार है और हर किसी को अपने दीपावली के त्यौहार को शांति से ख़ुशी के साथ बिना पटाखों के मनाना चाहिए।

दिवाली में पटाखों का उपयोग क्यों ना करें? SAY NO TO CRACKERS THIS DIWALI IN HINDI

अब आप पूछेंगे ऐसा क्या है इन पटाखों में जिसके कारण आज हम इसके बारे में बात कर रहे हैं। चलिए आपको पटाखों से होने वाले कुछ महत्वपूर्ण हानियों के बारे में बताते हैं –

1. बड़े-बड़े डॉक्टरों का कहना है की ह्रदय और फूस-फूस रोगी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के रोगियों की तबियत पटाखों के प्रदुषण के कारण और भी ज्यादा ख़राब हो जाती है। इसलिए इस प्रकार के रोगी दीपवाली के समय घर से बहार बिलकुल ना निकलें।

2. एक तो हम स्वच्छ भारत अभियान को अमल लाने की बात करते हैं और दूसरी ओर पटाखों को फोड़ कर अपने वातावरण को और भी दूषित कर रहे हैं। कई हज़ार टन पटाखों का कूड़ा हम एक दीपावली के दिन में ही अपने देश भर में फैला देते हैं और दोष देते हैं नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों पर। क्या ये सही है?

3. यह पटाखों का ज़हरीला कूड़ा जब जमीन में धस कर रह जाता है तो मिट्टी प्रदूषण, जब जलने के बाद धुआं तो वायु प्रदुषण, पटाखों के फूटने की वजह से ध्वनि प्रदुषण, और वही जला हुआ जहरीला कूड़ा जब नदियों में जाता है तो जल प्रदुषण फैलता है। बस दो पल के बेकार की ख़ुशी के लिए हम अपना और आने वाली पीढ़ी का जीवन बर्बाद कर रहे हैं।

4. पटाखे बहुत ही जहरीले रसायनों से बना होता है जिनसे कैंसर तक होने का खतरा बना रहता है। वही रसायन पदार्थ पटाखे फूटने के बाद नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड जैसे खतरनाक गैसों हमारे पर्यावरण में मिल जाते हैं।

5. पटाखों का उपयोग सबसे ज्यादा बच्चे करते हैं और इसीलिए इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। बाद में यही पटाखे कई प्रकार के इन्फेक्शन और बिमारियों का कारन बनते हैं।

6. वैसे तो बच्चों के हाँथ में फुलझड़ियाँ कितनी अच्छी दिखती है पर क्या आपको पता है उसके धुएं में भी खतरनाक जहरीले पदार्थ जैसे बेरियम, स्ट्रोंशियम, कॉपर, आयरन होते हैं जो बच्चों के शरीर के लिए बहुत ही हानिकर होते हैं।

7. वैसे तो पटाखे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पहुंचाते हैं परन्तु पटाखे शरीर को बाहरी तरफ से बहुत चोट पहुंचा सकते हैं। प्रतिवर्ष देश भर में कई ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं जिनके कारण कई लोग अपने ऑंखें खो देते हैं, कई लोगों के हाँथ पैर जल जाते हैं तो कुछ लोगों की इसमें जान भी चले जाती है।

8. दिवाली के पटाखों से प्रदुषण दिल्ली जैसे महानगरों में कुछ इस प्रकार होता है की सरदी के महीने में कोहरे और बादल के जैसा दिखने लगता है। यहाँ तक भी कहा गया है की दीपावली की वजह से भारत का 50% वायु प्रदुषण से ढक जाता है।

अगर हम चाहें तो दीपावली के त्यौहार को बिना पटाखों के भी मना सकते हैं। बस उसके लिए दृढ संकल्प और सही सोच की आवश्यकता है। क्या हम सभी अपने दपरिवार के लोगों के साथ मिलकर एक स्वच्छ स्वस्थ दिवाली नहीं मना सकते हैं? आशा करते हैं आपकी इस बार की दिवाली पटाखों के बिना खुशियों से बहरी हुई हो !

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18.

Bhav vachak sanghya of Pavitra

Answer»

पवित्रा का भाववाचक संज्ञा

पवित्रा: पवित्रता

भाववाचक संज्ञा ... किसी व्यक्ति ( प्राणी ) वस्तु , स्थान , अथवा भाव आदि के नाम को संज्ञा कहते है। जैसे – श्याम , दिल्ली , आम .  

जो शब्द पदार्थों की अवस्था , गुण , दोष , धर्म , दशा , स्वभाव आदि का बोध कराते हैं उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

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संबंधित कुछ अन्य प्रश्न...►

brainly.in/question/14861013

शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए- ABSTRACT Noun

1. प्रतिनिधि -

2 रोचक

3. खिलाड़ी -

4. महान​

19.

Samvad between two friends about election

Answer»

पहला दोस्त : इस बार ईलेक्शन के लिए देश के युवाओं में खासी उत्सुकता देखने को मिल रही है।

दूसरा दोस्त : मैं भी इस बार के ईलेक्शन के लिए बहुत उत्सुक हूँ क्योंकि यह मेरा पहला ईलेक्शन होगा जिसमें मैं स्वयं वोट दूंगा।

पहला दोस्त : मेरा यह वोट देने का दूसरा मौका होगा परंतु इस बार के उत्साह को देखते हुए मुझे भी इस बार वोट करने की बहुत उत्सुकता है।

दूसरा दोस्त : तुम क्या सोचते हो हमारे देश की राजनितिक दलों के बारे में।

पहला दोस्त : वास्तव में मुझे राजनीती में कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि मुझे कोई भी राजनितिक दल इतना सच्चा नहीं लगता जितने की वह वादे करते हैं।

20.

Essay on beti yug in hindi

Answer»

लड़कियां घर की आधारशिला हैं। एक लड़की के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। लड़की को समाज में कई पात्र रहना पड़ता है, उदाहरण के लिए, वे एक बेटी का जीवन जीते हैं, वे बहुत आज्ञाकारी और निपुण पत्नी साबित होते हैं, जबकि वे एक उत्कृष्ट बहन या मां बन जाते हैं। यह गलत नहीं होगा कि लड़की के जीवन में कई चरण हैं। लेकिन कई लोगों के लिए, उनका अस्तित्व नर-हावी समाज में प्रचलित एक बड़ा अभिशाप प्रतीत होता है। उन्हें कुछ गंदी और संकीर्ण दिमागी लोगों द्वारा बीमार उपचार दिया जाता है।

लोग भूल गए हैं कि वे एक उत्तराधिकारी हैं, परिवार के लिए एक बेटा जो अगली पीढ़ी के लिए अपने परिवार की अगुवाई करता है। दूसरे शब्दों में, एक संपूर्ण जीवन एक ही लड़की पर निर्भर है। देश भर में लड़कियों को बचाने के संबंध में आज भरना सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक जागरूकता मुद्दा है। कई प्रभावी उपाय हैं जिनमें एक लड़की को काफी हद तक बचाया जा सकता है।

समाज में गरीबी का एक बड़ा स्तर है जो भारतीय समाज में निरक्षरता और लिंग असमानता का मुख्य कारण है। गरीबी और लिंग भेदभाव को कम करने और भारतीय समाज में लड़कियों और महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए शिक्षा इस प्रकार एक आवश्यक तत्व है। आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा में महिला साक्षरता लगातार गिरावट आई है, जहां लड़कियों के पास शिक्षा और अन्य गतिविधियों के बराबर पहुंच नहीं है।

शिक्षा रोजगार से गहराई से जुड़ा हुआ है। गरीब शिक्षा का मतलब निम्न स्तर का रोजगार है जो समाज में गरीबी और लिंग असमानता का कारण बनता है। शिक्षा उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाकर महिलाओं की स्थिति में सुधार करने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकार समाज में महिलाओं के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने के लिए लड़कियों और लड़कों की रक्षा के लिए कदम उठा रही है। बॉलीवुड अभिनेता (परिनीती चोपड़ा) लड़की (बेटी बचाओ, बेटी पदो) को बचाने के लिए हाल के पीएम पैटर्न के ब्रांड के लिए आधिकारिक राजदूत थे।

21.

आपु आपु कहँ सब भलो,अपने कहँ कोई कोई.तुलसी सब कहँ जो भलो,सुजन सराहिय सोई.तुलसीदास के दोहे का अथ बताए

Answer»

                   आपु आपु कहँ सब भलो,अपने कहँ कोई कोई.

                   तुलसी सब कहँ जो भलो,सुजन सराहिय सोई

इस दोहे में तुलसीदास जी ने आज स्पष्ट किया है कि परोपकार करने वाले व्यक्ति की ही इस संसार में सराहना होती है। अपने लिए तो सभी भले होते हैं और सभी अपने लिए भलाई का कार्य करने में लगे रहते हैं। किंतु कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं जो स्वयं का भला करने के साथ-साथ भी अपने मित्रों एवं सम्बन्धियों के भले के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। तुलसीदास जी कहते हैं कि इनसे भी श्रेष्ठ वे व्यक्ति होते हैं जो सभी का भला मानकर उनकी भलाई करने में लगे रहते हैं। इस प्रकार के व्यक्तियों की ही सज्जन व्यक्तियों के द्वारा सराहना की जाती है।

22.

Volleyball player ki sankhya

Answer»

Six players

Volleyball is a team sport in which two TEAMS of six players are SEPARATED by a net. Each team TRIES to score points by grounding a ball on the other team's court under organized rules. It has been a part of the official program of the SUMMER Olympic GAMES since 1964.

23.

10 lines about festival Pongal in Hindi

Answer»

पोंगल' दक्षिण भारत, मुख्य रूप से तमिलनाडु के सबसे लोकप्रिय व प्रमुख त्यौहारों में से एक है। पोंगल शब्द के दो अर्थ हैं। पहला यह कि इस दिन सूर्य देव को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है वह पोंगल कहलाता है। दूसरा यह कि तमिल भाषा में पोंगल का एक अन्य अर्थ निकलता है अच्छी तरह उबालना। पोंगल एक फसली त्योहार है। यह त्यौहार हर साल जनवरी के मध्य में पड़ता है। 

पारम्परिक रूप से पोंगल सम्पन्नता को समर्पित त्यौहार है। इसमें समृद्धि लाने के लिए वर्षा, धूप तथा खेतिहर मवेशियों की आराधना की जाती है। यह त्यौहार चार दिनों के लिए मनाया जाता है। पहला दिन 'भोगी', दूसरा दिन 'पोंगल', तीसरा दिन 'मट्टु पोंगल' व अंतिम चौथा दिन 'कानूम पोंगल' के रूप में मनाया जाता है। तमिलनाडु के प्रायः सभी सरकारी संस्थानों में पोंगल के त्यौहार के अवसर पर अवकाश रहता है।

24.

समास विग्रह करके नाम लिखो :(1) जल थलत्रिकोण

Answer» 1) जल थल - द्वंद्व समास
2) त्रिकोण - तीन कोणों का समाहार

समास - दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से जब एक नया शब्द बनता है , उसे समास कहते है ।

समास के भेद -

★ तत्पुरुष समास - जिस समास में पहला पद प्रधान हो ।
उदहारण - रसोईघर - रसोई के लिए घर ।

★ कर्मधारय समास - जिस समास में उपमेय उपमान या विशेषण विशेष्य में तुलना की जाए ।
उदहारण - चंद्रमुखी - चंद्र के समान मुख ।

★ अव्ययीभाव समास - जिस समास में पहला पद अव्यय हो । उदहारण -घरोघर - हर घर ।

★ द्विगु समास - जिस समास में पहला पद संख्यावाची हो ।
उदहारण - त्रिलोचन - तीन आखों का समाहार।

★ बहुव्रीहि समास -जहाँ कोई अन्य पद प्रधान हो। उदहारण - दामोदर - चोड़ा उदर है जिसका (गणेश) ।

★ द्वंद्व समास -जिस समास में दोनों ही पद प्रधान हो । उदहारण - माता पिता
25.

Pracheen bharat me siksha kaisi thi?

Answer»

In ANCIENT INDIA the EDUCATION SYSTEM was GURUKULA system

26.

Chatra Jeevan par nibandh in Hindi

Answer»

विद्‌यार्थी जीवन साधना और तपस्या का जीवन है । यह काल एकाग्रचित्त होकर अध्ययन और ज्ञान-चिंतन का है । यह काल सांसारिक भटकाव से स्वयं को दूर रखने का काल है । विद्‌यार्थियों के लिए यह जीवन अपने भावी जीवन को ठोस नींव प्रदान करने का सुनहरा अवसर है । यह चरित्र-निर्माण का समय है । यह अपने ज्ञान को सुदृढ़ करने का एक महत्त्वपूर्ण समय है ।

विद्‌यार्थी जीवन पाँच वष की आयु से आरंभ हो जाता है । इस समय जिज्ञासाएँ पनपने लगती हैं । ज्ञान-पिपासा तीव्र हो उठती है । बच्चा विद्‌यालय में प्रवेश लेकर ज्ञानार्जन के लिए उद्‌यत हो जाता है । उसे घर की दुनिया से बड़ा आकाश दिखाई देने

लगता है । नए शिक्षक नए सहपाठी और नया वातावरण मिलता है । वह समझने लगता है कि समाज क्या है और उसे समाज में किस तरह रहना चाहिए । उसके ज्ञान का फलक विस्तृत होता है । पाठ्‌य-पुस्तकों से उसे लगाव हो जाता है । वह ज्ञान रस का स्वाद लेने लगता है जो आजीवन उसका पोषण करता रहता है ।

विद्‌या अर्जन की चाह रखने वाला विद्‌यार्थी जब विनम्रता को धारण करता है तब उसकी राहें आसान हो जाती हैं । विनम्र होकर श्रद्धा भाव से वह गुरु के पास जाता है तो गुरु उसे सहर्ष विद्‌यादान देते हैं । वे उसे नीति ज्ञान एवं सामाजिक ज्ञान देते हैं, गणित की उलझनें सुलझाते हैं और उसके अंदर विज्ञान की समझ विकसित करते हैं । उसे भाषा का ज्ञान दिया जाता है ताकि वह अपने विचारों को अभिव्यक्त कर सके । इस तरह विद्‌यार्थी जीवन सफलता और पूर्णता को प्राप्त करता हुआ प्रगतिगामी बनता है ।
विद्‌यार्थी जीवन मानवीय गुणों को अंगीभूत करने का काल है । सुख-दु:ख, हानि-लाभ, सर्दी-गर्मी से परे होकर जब विद्‌यार्थी नित्य अध्ययनशील हो जाता है तब उसका जीवन सफल हो जाता है । विद्‌या प्राप्ति के निमित्त कुछ कष्ट तो उठाने ही पड़ते हैं, आग में तपे बिना सोना शुद्ध नहीं होता । इसलिए आदर्श विद्‌यार्थी जीवन में सुख की चाह न रखते हुए केवल विद्‌या की चाह रखता है । वह धैर्य, साहस, ईमानदारी, लगनशीलता, गुरुभक्ति, स्वाभिमान जैसे गुणों को धारण करता हुआ जीवन-पथ पर बढ़ता ही चला जाता है । वह संयमित जीवन जीता है ताकि विद्‌यार्जन में बाधा उत्पन्न न हो । वह नियमबद्ध और अनुशासित रहता है । वह समय की पाबंदी पर विशेष ध्यान देता है ।

विद्‌या केवल पुस्तकों में नहीं होती । ज्ञान की बातें केवल गुरुजनों के मुखारविन्द से नहीं निकलतीं । ज्ञान तो झरने के जल की तरह प्रवाहमान रहता है । विद्‌यार्थी जीवन इस प्रवाहमान जल को पीते रहने का काल है । खेल का मैदान हो या डिबेट का समय, भ्रमण का अवसर हो अथवा विद्‌यालय की प्रयोगशाला, ज्ञान सर्वत्र भरा होता है । विद्‌यार्थी जीवन इन भांति- भांति रूपों में बिखरे ज्ञान को समेटने का काल है । स्वास्थ्य संबंधी बातें इसी जीवन में धारण की जाती हैं । व्यायाम और खेल से तन को इसी जीवन में पुष्ट कर लिया जाता है । विद्‌यार्थी जीवन में पढ़ाई के अलावा कोई ऐसा हुनर सीखा जाता है जिसका आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सके ।
गुण- अवगुण, अच्छा-बुरा, पुण्य-पाप, धर्म- अधर्म सब जगह है । विद्‌यार्थी जीवन में ही इनकी पहचान करनी होती है । चतुर वह है जो सार ग्रहण कर लेता है और असार एवं सड़े-गले का त्याग कर देता है । सार है विद्‌या, सार है सद्‌गुण और असार है दुर्गुण । विद्‌यार्थी जीवन में दुर्गुणों से एक निश्चित दूरी बना लेनी चाहिए ।

अच्छी आदतें अपनानी चाहिए । बुजुर्गों का सम्मान करना सीख लेना चाहिए । मधुर वाणी का महत्त्व समझ लेना चाहिए । अखाद्‌य तथा नशीली चीजों से परे रहना चाहिए । शारीरिक एवं मानसिक स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए । पर्यावरण सुधार के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए । विद्‌यार्थी जीवन समाप्त होने पर इन सब बातों पर ध्यान देना नासमझी ही है ।

विद्‌यार्थी जीवन संपूर्ण जीवन का स्वर्णिम काल है । इसका पूरा आनंद उठाना चाहिए । इस जीवन में अनेक प्रकार के प्रलोभन आते हैं जिनसे सावधानी बरतने की आवश्यकता है ।



27.

Class 10 paragraph question answer of chapter Sangatkar

Answer»

Which paragraph
I HOPE its HELPFUL

28.

Make sentences with char chand lagna

Answer» ANSWER -

MANTRI ji NE sabha mein pahuch K chaar chand laga diye.
29.

Muhavare on aankh with sentence

Answer»

1. Aakho ka taara. bahut pyaara
- Shivam Apne parents ke aakho ka taara h
2. Aakhe bhichana. swagat karna
- Swami ji K AAGMAN PAR sab logo ne aakhe bhicha di.
3. Aakho me dhul jhokna. dhokaa Dena
- chor police ki aakho me dhul jhokkar Farar ho gya.

hope it helps...

30.

5 sentences about lion in hindi for class 4

Answer»

शेर पर कुछ पंक्तियाँ।

★ शेर को जंगल का राजा माना जाता है, यह तेंदुए की तरह खतरनाक और विशाल जानवर है, एक शेर 20 साल तक जिंदा रह सकता है।

★ अफ्रीकी शेर एशियाई शेरों की तुलना में मजबूत और लम्बे हैं।

★ शेर अपने अधिकांश समय आराम करते हैं।

★ शेर ज्यादातर झुंड में रहना पसंद करते हैं।

★ शेरों के मुख्य शिकार हिरण और ज़ेबरा होते हैं।

★ शेर की गर्जना बहुत प्रसिद्ध है, यह बहुत जोर से जोर से गर्जता है।

31.

Interviews questions of virat kohili in hindi of the 10 questions

Answer»

What are you SAYING i couldn't GET

32.

Essay in hindi on swach bharat - ek kadam swachta ki ore......... Sanket bindu:-pratavana, swachta ka mehatav, vartamam me swachta ko lekar bharat ki sthiti, swach bharat abhiyan ka aarambh evam lakshay, nishkarshIt is urgent too and pls ansr according to the sanket bindu that is given above

Answer»

भूमिका : स्वच्छ भारत अभियान को सरकार द्वारा देश की स्वच्छता के प्रतीक के रूप में शुरू किया गया है। स्वच्छ भारत का सपना महात्मा गाँधी जी ने देखा था। अपने सपने के सन्दर्भ में गाँधी ने कहा कि स्वच्छता स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी है और स्वच्छता ही स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन का एक अनिवार्य भाग है। महात्मा गाँधी जी अपने समय में देश की गरीबी और गंदगी से अच्छी तरह अवगत थे इसीलिए उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत से प्रयास किये लेकिन वो उसमें सफल न हो सके।

अगर आंकड़ों की बात की जाये तो बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जिनके घरों में शौचालय हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने सभी लोगों से निवेदन किया की वे अपने आस-पास की और दूसरी जगहों की सफाई के लिए साल में केवल 100 घंटों के लिए अपना योगदान दे।

अगर हम स्वच्छ और सुंदर माहौल में न रहें तो हमें गंदगी से अनेक प्रकार की बिमारियों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिसके लिए हम खुद जिम्मेदार होते हैं। हम सभी यही सोचते हैं कि अपने घर और आस पास की सफाई रखें लेकिन सफाई करने के बाद कूड़े-कचरे को इधर-उधर फेंक देते हैं।

स्वच्छता अभियान : स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय मुहिम है जो भारत सरकार द्वारा स्थापित की गयी है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 4041 सांविधिक नगरों के सडक , पैदल मार्ग और अन्य कई स्थान आते हैं। यह एक बहुत ही बड़ा आन्दोलन है जिसके तहत भारत को 2019 तक पूरी तरह से स्वच्छ बनाना है।

भारत में स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए महात्मा गाँधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को आगे बढ़ाया गया है। स्वच्छ भारत अभियान को 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गाँधी जी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर शुरू किया गया था और 2 अक्टूबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

भारत सरकार द्वारा शहरी विकास, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के तहत इस अभियान को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू किया गया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई व्यवस्था की समस्या का समाधान निकालना साथ में सभी को स्वच्छता की सुविधा के निर्माण द्वारा पूरे भारत में मल प्रबंधन करना है।

स्वच्छता अभियान की आवश्यकता : इस उद्देश्य की प्राप्ति तक भारत में स्वच्छता अभियान की कार्यवाई लगातार चलती रहनी चाहिए। भौतिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक कल्याण के लिए भारत के लोगों में इसका एहसास होना बहुत ही जरूरी है।

भारत के प्रत्येक घर में शौचालय होना बहुत ही जरूरी है और खुले में शौच करने की प्रवृति को बंद किया जाना भी बहुत जरूरी है। अस्वास्थ्यकर शौचालयों को पानी से बहने वाले शौचालयों में बदलने की जरूरत है। 

स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान : स्वच्छ भारत अभियान केन्द्रिय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा चलाया गया है और इसका उद्देश्य स्कूलों में भी स्वच्छता लाना है। इस अभियान के तहत 25 सितम्बर 2014 से 31 अक्टूबर 2014 तक केन्द्रिय विद्यालय और नवोदय विद्यालय संगठन जहाँ कई सारे स्वच्छता क्रियाकलाप आयोजित किये गये हैं जैसे विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा, इससे संबंधित महात्मा गाँधी की शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य विज्ञान के विषय पर चर्चा, स्वच्छता क्रियाकलाप आदि।


स्वच्छ भारत अभियान पर नारे : स्वच्छ भारत अभियान के लिए बहुत से नारों का प्रयोग किया जाता है।

1. जागो युवा जागो स्वच्छ भारत हैं तुम्हारा अधिकार, लेकिन उठाओ पहले कर्तव्य का भार।

2. सीमा पर लड़ना ही नहीं है देशभक्ति का नाम, स्वच्छ बने देश करो ऐसा काम।

3. कदम से कदम मिलाओ स्वच्छता की तरफ हाथ बढाओ।

4. क्या दोगे आने वाले को ? पूर्वजों से तुम्हे स्वतंत्र आसमान मिला न करो कोई बड़ा वादा बस दो स्वच्छ आसमा की छाया।

MARK as BRAINLIEST plz. ....

33.

शहरीकरण और पर्यावरण विषय पर अनुच्छेद।

Answer»

                                  शहरीकरण और पर्यावरण

मानव समाज के विकास के साथ, हमारे पास एक नया शब्द, शहरीकरण है। यह एक आधुनिक ग्रामीण समाज को बदलने की प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से कृषि पर आधुनिक शहरी समाज पर निर्भर करती है जो मुख्य रूप से उद्योग और सेवा पर निर्भर करती है। शहरीकरण एक अनिवार्य प्रवृत्ति बन गया है।

शहरी आबादी उनके पर्यावरण के साथ बातचीत करती है। शहरी लोग भोजन, ऊर्जा, पानी और जमीन की खपत के माध्यम से अपने पर्यावरण को बदलते हैं। और बदले में, प्रदूषित शहरी वातावरण शहरी आबादी के जीवन के स्वास्थ्य और गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

शहरीकरण व्यापक क्षेत्रीय वातावरण को भी प्रभावित करता है। बड़े औद्योगिक परिसरों से नीचे के क्षेत्र में वर्षा, वायु प्रदूषण, और आंधी के साथ दिनों की संख्या में वृद्धि देखी जाती है।

नतीजा यह है कि हम अत्यधिक प्रदूषित शहरों में रहते हैं जहां दिन-प्रतिदिन जीवन तेजी से बढ़ रहा है। इस शहरी प्रदूषण के कारण हमें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है और सबसे बुरा हिस्सा यह है कि हम इसे भी महसूस नहीं करते हैं। यह बहुत समय है कि अब हमें इस प्रदूषण को रोकने और हमारी भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर दुनिया बनाने के तरीकों को अपनाया जाना चाहिए।

34.

Musalmano ke liye alag Desh kisne banaya

Answer»

Mahummad ALI Jinna

And

JAWAHARLAL NEHRU

35.

Paragraph on books in(hindi language) of 8th class

Answer»

पुस्तकों का महत्त्व पर अनुच्छेद । PARAGRAPH on the IMPORTANCE of BOOKS in HINDI LANGUAGE!

पुस्तकों से हमें ज्ञान की प्राप्ति होती है । पुस्तकों के माध्यम से हम तरह-तरह की बातें जान सकते हैं । अच्छी पुस्तकें हमारे लिए बहुत लाभदायक होती हैं । इस प्रकार की पुस्तकों से हमें अच्छी और नई-नई बातों की जानकारी मिलती है, हमारा ज्ञान बढ़ता है । अच्छी पुस्तकें सबसे अच्छी दोस्त होती हैं ।

मैं हमेशा अच्छी पुस्तकें पड़ता हूँ । वैसे तो मैंने बहुत सारी पुस्तकें पढ़ी हैं, किंतु ‘रामचरितमानस’ ने मुझे अत्यधिक प्रभावित किया है । यह एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं वरन् साहित्यिक ग्रंथ भी है । प्रत्येक हिंदू इस ग्रंथ की देवता की तरह पूजा करता है । यह एक काव्य-ग्रंथ है, जो अवधी भाषा में लिखा गया है ।

इसमें चौपाई और दोहे हैं, जिन्हें गाया भी जाता है । इसके रचयिता गोस्वामी तुलसीदास हैं । हिंदी साहित्य में उनका उल्लेखनीय स्थान है । वे रामभक्त कवि थे । इस पवित्र पुस्तक ने मुझे इतना अधिक प्रभावित किया है कि मैं इसका वर्णन नहीं कर सकता । यह एक सरल पुस्तक है । इसकी भाषा सरल है ।

यह एक बहुमूल्य और आदर्श पुस्तक है । इस पुस्तक से हमें आध्यात्मिक ज्ञान, कर्तव्य-पालन, बड़ों का सम्मान तथा मुसीबत में धैर्य रखने की शिक्षा मिलती है । प्रत्येक छात्र को अच्छी और शिक्षाप्रद पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए । इससे विद्यार्थियों के चरित्र-निर्माण पर गहरा असर पड़ता है ।

इस पुस्तक को पढ़ने से धर्म के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है । इसलिए मेरी दृष्टि में ‘रामचरितमानस’ बहुत ही अच्छी पुस्तक है । ‘रामचरितमानस’ में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र का वर्णन है । राम एक आदर्श पुरुष थे । वे चौदह वर्ष तक लक्ष्मण व सीताजी सहित वन में रहे ।

वे एक आदर्श राजा थे । उन्होंने प्रजा की बातों को बहुत महत्त्व दिया । राम का शासनकाल आदर्शपूर्ण था, इसलिए उनका शासन ‘राम राज’ कहलाता था । सीता एक आदर्श नारी थीं । लक्ष्मण की भ्रातृभक्ति प्रशंसनीय है ।

36.

25 examples of gun sandhi?

Answer»
1

Secondary SchoolHindi5 points

50 examples of guna sandhi

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Ask for details Follow Report byIshansingh1511 07.01.2018

Answers

Me · Beginner

Know the answer? Add it here!



swastidas Virtuoso

1. maha + indra = mahendra 
2. dev + rishi = devarshi 
3. nar + ish = naresh
4. SURYA + uday = suryodaya 
5.maha + rishi = maharshi 
6. amar + indra = AMARENDRA 
7.gyan + upadesh= gyanopadesh 
8.jal + URMI = jalormi 
9. maha + ishwar = MAHESHWAR 
10. maha + utsav = mahotsav 

I hope this will help u 

37.

3. If you think I am BAD than you’re wrong, I'm the worst. Hindi meaning

Answer»

QUESTION :-

If you think I am BAD than you’re WRONG, I'm the worst.

( HINDI MEANING ) हिन्दी में बदलो |

उत्तर :-

( If you think I am BAD than you’re wrong, I'm the worst) का हिन्दी में अर्थ है :-

अगर आपको लगता है कि मैं गलत हूँ , तो आप गलत हैं , मैं सबसे बुरा हूँ ।

38.

अर्थ समय चूकि पुनि का पछताने, का वर्षा जब कृषि सुखाने।”

Answer»

"अर्थ समय चूकि पुनि का पछताने, का वर्षा जब कृषि सुखाने।” से आशय है कि समय के निकल जाने पर दुख करके कोई फायदा नहीं होता है।

******

यह कहावत आलसी और भाग्य के भरोसे रहने वाले लोगों के लिए चरितार्थ होती है। वे लोग जीवन में अपने हर दुर्भाग्य को पूर्व जन्म का कर्म मानकर रोते रहते हैं। स्वयं की अनदेखी से हुई मुसीबत को भी दुर्भाग्य के मथे मड़ देते हैं। यदि समय रहते हुए कार्य किया जाए, तो कभी इस प्रकार की मुसीबत सामने नहीं आती है। जो लोग दूसरों के भरोसे रहकर अपना कार्य करते हैं, वह भी समय आने पर पछताते हैं। मनुष्य को चाहिए कि अपने पुरूषार्थ के अतिरिक्त किसी अन्य का सहारा न ले। जो मनुष्य अपने भुजबल और ईश्वर पर विश्वास कर कार्य करते हैं कठिनाई उनके आगे नतमस्तक हो जाती है।

ईश्वर ने मनुष्य को दो हाथ दिए हैं, जिनके सहारे मनुष्य चाहे, तो चट्टान को अपने रास्ते से हटाने का पौरुष रखता है। जापान सबसे छोटा द्रीप है परन्तु उसने भाग्य के भरोसे न रहकर जो सफलता पाई है वह अद्भुत है। आज जापान हर क्षेत्र में अग्रणीय है। ऐसा वहाँ के लोगों के कठोर परिश्रम के कारण ही संभव हो पाया है। यदि वह अपनी समृद्धी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता, तो वह आज वह इतना समृद्ध शाली नहीं होता। अतः चाहिए कि भाग्य और आलस को त्याग कर मेहनत करें वरना लोगों द्वारा सदैव यही कहा जाएगा चिड़िया चुग गई खेत, तो पछताने से होत क्या।

39.

Congress adhiveshan may desi rajye mein swatantra sanga prarambh karna shivkar kiya

Answer»

I am UNABLE to UNDERSTAND QUESTION my FRIEND

40.

Bharat ki khoj class 8 extra question chapter 8

Answer»

See the DISCOVERY of INDIA was DONE by Vasco de GAMA OK

41.

Vigyapan for computer class in hindi

Answer»

ANSWER:

                                  एन आई आई कंप्यूटर सेंटर

खुल गया आपके शहर में एन आई आई कंप्यूटर सेंटर |

आप यहाँ सभी प्रकार के कोर्स |  

यहाँ पर हिंदी और अंग्रेजी की टाइपिंग सिखाई जाती है |

यहाँ पर बेसिक से लेकर सब सिखाया जाता है |

एक हफ्ता फ्री क्लास |

संपर्क  

एन आई आई कंप्यूटर सेंटर

खलिनी चोंक  

मोबाइल नंबर :3433434343  

42.

13/01/2000 what is the name of boys??

Answer»

It is given that 13/01/2000 ,

Let's rearrange in such a way that we will get a meaningful name of boy .

first REMOVE ' / ' symbol.

then we get, 13 01 2000

now, make group of two numbers ,

e.g., 13 01 20 00

if we assume this NUMBER just shows alphabet.
then, 13 => M , 01 => A , 20 = T , 00 = nothing
we get, MAT { this is not a name }

let's again try, reverse the number such that it follows below arrangement.
e.g., 00 20 01 13

now, TAM { it is also not a name }

we understand we have to do something new.

if we write 00 20 01 13 like as 00TAM
and 00 seems like OO
then, OOTAM it sounds like उतम or you can SAY उत्तम

oh yes , उत्तम is a nice name . it comes directly from Sanskrit which means BEST . very positive words. usually Indian parents name their child.

so, I think answer should be उत्तम

[note :- it is puzzle. as you KNOW puzzle is nothing just reasonable and thinking ability based questions . it's possible to get many answers of one question due to all people have not similar thinking ]

43.

Punarukthi and dwirukti 50 examples

Answer»

पुनरुक्ति मतलब पुनः दुहराना ।

जैसे  

कोई-कोई , घर-घर , क्या-क्या , नए-नए ,छोटे-छोटे , जिस-जिस , काले-काले , कहते-कहते , कभी-कभी , आस-पास , जोर-शोर , खाना-पीना आदि

इनका वाक्यों में प्रयोग कुछ इस प्रकार है :-

रोगी धीरे-धीरे चल रहा है ।

द्विरुक्ति मतलब दो बार कही गई बात ।

जैसे  

कोई-कोई , घर-घर , क्या-क्या , नए-नए ,छोटे-छोटे , जिस-जिस , काले-काले , कहते-कहते , कभी-कभी , आस-पास , जोर-शोर , खाना-पीना आदि

इनका वाक्यों में प्रयोग कुछ इस प्रकार है :-

रोगी धीरे-धीरे चल रहा है ।

44.

Dusrya baddal cha aplepna shabd samuha baddal ek shabd

Answer»

Apulaki is your ANSWER

45.

Palan krnara shabd samuhabaddal ek shab

Answer»

Palan karanara mhanje palka

46.

Can anyone tell me the short summary of chapter "kAllu kumhar ki unnaqoti" in your own words9th graders ... help !!!

Answer» \color{red}\huge\bold\star\underline\mathcal{Hey\:Mate}\star

Here is your answer...☺☺☺
➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡➡

त्रिपुरा में कल्लू नाम का
एक कुम्हार रहता था। वह शिव जी के साथ रहना चाहता था। भगवान शिव ने शर्त रखी कि
उसे एक रात में शिव जी की एक करोड़ मूर्तियाँ बनानी होंगी। कल्लू जाने के लिए बहुत
उत्सुक्त था इसलिए तुरंत मूर्तियाँ बनाने लगा। परन्तु एक मूर्ति रह गयी और सुबह हो
गई। इसलिए वह शिव जी के साथ नहीं जा सका और वहीँ रह गया। उसी के नाम से त्रिपुरा
के उस स्थान का नाम उनाकोटी पड़ा। उनाकोटी का अर्थ है एक करोड़ से एक कम।

            लेखक को यह स्थान बहुत
रमणीय लगा। इस स्थान पर लेखक ने अपने कार्यक्रम की शूटिंग भी करी।

     इसके अतिरिक्त लेखक ने त्रिपुरा की
संस्कृति, सभ्यता, धर्म, वहाँ का जन जीवन और जनजातियों के बारे में बताया है। त्रिपुरा
बहुधार्मिक समाज का उदाहरण है। वहाँ पर लगातार बाहरी लोग आते रहे हैं। त्रिपुरा
में उन्नीस अनुसूचित जनजातियाँ हैं। वहाँ विश्व के चारों बड़े धर्मों का
प्रतिनिधित्व मौजूद है। अगरतला के बाहरी हिस्से पैचारथल में एक सुंदर बौध मंदिर
है। त्रिपुरा के उन्नीस कबीलों में से चकमा और मुघ महायानी बौध हैं। ये कबीले
म्यांमार से आये थे। इस मंदिर की मुख्य बुद्ध प्रतिमा 1930 में रंगून से लाई गयी
थी।

     टीलियामुरा में लेखक का परिचय समाज
सेविका मंजू ऋषिदास और लोकगायक  हेमंत
कुमार जमातिया से हुई।

      त्रिपुरा में अगरबत्ती बनाना, बाँस के खिलौने
बनाना और गले में पहनने की मालायें बनाना आदि घरेलू उद्योग चलते

✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔
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Keep Asking...✌✌✌

✨✨✨If HELP you. MARK my answer as a brainliest✨✨✨

❤❤❤❤ THANK YOU ❤❤❤❤
47.

बिजौलिया शिलालेख की स्थापना किसके द्वारा की गई ?A: जैन श्रावक लोलक ✔B: कीर्ति पालC: सोमेश्वरD: जीजाशाह

Answer» hey \: dear \: here \: is \: your \: answer
⭐️<============================>⭐️



बिजौलिया शिलालेख की स्थापना किसके द्वारा की गई ?
A: जैन श्रावक लोलक ✔
B: कीर्ति पाल
C: सोमेश्वर
D: जीजाशाह

so the CORRECT OPTION is A.

__________________________
hope \: this \: helps \: you \:
✌✌✌
48.

Sasti dalo ke liye vigyapan tyare kijiye

Answer»

Kya aap mehagayi se pareshan hai!

Kya aap ko bharpur bhojan ka ANAND NAHI LE pa rahe hai!

Aap ko is mehangayi se bachane wale ,kam damo aap ko dal uplabdh karane AA GAYE hai!!

Ramvillas kirane wala

Near roshpa tower!!

Jaldi karein!!

49.

ब्रह्मपुत्र वर्ण विचछेद

Answer»

              answer

(Brahmaputra CHARACTERS severance)




HOPE this HELPS

50.

सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण के अंतर को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए?

Answer»

सर्वनाम:- वे शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: - वह घूमने गया है।
सार्वनामिक विशेषण:- वैसे शब्द जो सर्वनाम वाक्य में विशेषण की तरह प्रयुक्त होकर संज्ञा की ओर संकेत करते हुए विशेषता बताता है। उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं ।
उदाहरण: - वह लड़का घमने गया है ।