This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Hindi essay on aapne apne jivan ke vishay me kya socha hai ? Aap kya banna chahte hai |
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Answer» हमे अपने जीवन मे एक ही मोका मीलता है कुछकर दीखानेका । इस ही लीए मै़ उस मौके को युही नहि गवाउंगा । हमैं जीवन मे वही काम करना चाहीए जोहमैं भाताहौ |
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Pls answer this .... I need the answers |
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Answer» Shankh Kankad Sang Turang Vyanjan Vanshaj Turant Disamber Svayam |
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Hindi essay on Apne Apne Jeevan Ke Vishay mein |
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Answer» मेरा जीवन लक्ष्य पर निबंध |ESSAY on My AIM of LIFE in HINDI! |
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Can anyone take write a note on kanche |
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4 to 5 lines on hospital in hindi for a kid. |
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Answer» hospital ek jagha hai JAHA bemar log aate hai. yaha bemar LOGO ko daviya de JATI hai... yaha bhaut sare doctor aate hai... |
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Who constructed Alai Darwaza |
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Answer» HOLA.... |
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Hi guysIts urgent Plz solve it fast as possible |
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Answer» क) मेरे पास तीन खिलौना हैं । |
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Adhik varsh ke kaaran rajy Ke kisano ki fasal naast ho gayi hai mukhyamantri ko Patra likhkar kisano ki sahayata karne ki Prathna kijia{in hindi}please? |
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Answer» ... . . . mukhyamantri ji, HAMARI fasal aast ho GAYI hai aadhik varsha KE KARAN KHARAB ho gaye hai iis bar hamari rajy mai fasal nehai hai ... . |
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Ans it in hindi language |
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Answer» What is your QUESTION I am not UNDERSTOOD |
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How can we help poor people and its very high problems |
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Answer» First of all to help poor people we should give them some WORK to do.So that they earn themselves by their own hardwork. We should not PROVIDE them MONEY DIRECTLY as they would use it to for something LIKE alcohol,cigar etc.they would feel happy if they earn by their own. |
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All NCRT Solution for class 8 hindi |
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Answer» HEYA.... Here is your answer.... ACCORDING to your question, I SUGGEST some sites not PROMOTING anyone :
Thanks...!!! XD Sorry BABY 'wink' |
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Ma apna ubl bank app p account open kar rahoo but wo open nh ho ra password nh lg ra jo b password lgao to lekha a rahy please provide 5-15 characters |
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Answer» Indiaisbestcountryintheworld |
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Array I need the information about soldier in Telugu Telugu Telugu |
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Answer» ANSWER IS HERE... =లండన్: వేగంగా వెళుతున్న రెండు వాహనాలు ఢీకొనడంతో భారత్ సైనికులకు గాయాలైన సంఘటన బ్రిటన్ లో జరిగింది. భారత్ సైనికులతో పాటు ఇద్దరు బ్రిటన్ సైనికులకు గాయాలైనాయని అధికారులు వెల్లడించారు.భారత్ జవాన్లు బ్రిటన్ లో ప్రత్యేక శిక్షణ తీసుకుంటున్నారు...... PLZ MARK as BRAINLIEST answer... |
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Khel Pratiyogita ka varnan kijiye |
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Answer» Khel pratiyoga jAAHA KHELNE waalon k BICH spardhaa hoti H aur jo PRATHAM aur dwitiya AATE h unhe puraskrit kiya jaata h |
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Mahatvpurn sabd ka samas vigrah |
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Answer» HEYA.... Here is your ANSWER... It's Dwand Samas. Mahatvpurn :- Mahatv AUR purn. Thanks...!!! XD Sorry BABY 'wink' |
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मशीनरीकरण का रोजगार प्रभाव |
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Answer» Annsnsmsmsmsmsmsmsm dmdmxmxmx |
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To shine your brightest light is to be who you truly are meaning in hindi |
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Answer» HEY MATE! Here is your ANSWER. अपनी चमकदार रोशनी को चमकाने के लिए यह है कि आप वास्तव में कौन हैं। Source: Google Please MARK my answer as BRAINLIEST. |
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दिवाली इससे अछि नहीं हो सकती थी तुम्हारे साथ translation |
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Answer» Hey MATE! Here is your answer. |
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Utam nagrik tarike Tamara potana jivanma aamathi koi pan bodh tame Kai rite apnavi shako cho |
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Answer» I don't UNDERSTAND your QUESTION |
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एक फूल की चाह' कविता का प्रतिपाघ अपने शब्दो मे लिखिए |
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Answer» Ful kehta h ki me n hi bhagwan k upper chadna chahta hu.n hi m mala BANKAR gale m REHNA chahta hu. |
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Answer this unseen passage to be a brainlist |
| Answer» | |
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क्या छुआछूत आज भी है ? उसके बारे मे कुछ बताए |
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Answer» HEYA.... Here is your ANSWER.... भारत में सबसे बड़ा लोकतंत्र है और कई जातियों और धर्मों में विभाजित है। छुआछूत भारत के हिन्दू समाज से जुडी हुई एक बहुत ही गंभीर समस्या है। छुआछूत हमारे देश के लिए एक ऐसी बीमारी है जो दूसरी समस्याओं को पैदा करती है। छुआछूत दीमक की तरह होती है जो हमारे देश को अंदर से खोखला कर रही है। हमारे देश में अनेक समस्याएँ हैं लेकिन छुआछूत बहुत ही भयंकर और घातक सिद्ध होने वाली समस्या है। किसी विद्वान् ने कहा था कि छुआछूत इन्सान और भगवान दोनों के प्रति एक पाप है। छुआछूत एक ऐसा कलंक है जिससे हमारा सिर शर्म से झुक जाता है। डॉ भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि मेरा कोई अपना देश ही नहीं है जिसे मैं अपना देश कहता हूँ उस देश में हमारे साथ जानवरों से भी बुरा व्यवहार किया जाता है। छुआछूत का अर्थ : छुआछूत का अर्थ होता है – जो स्पर्श करने योग्य न हो। जब किसी व्यक्ति के समूह या समुदाय को अस्पर्शनीय माना जाता है और उसके हाथ की छुई हुई वस्तु को कोई नहीं खाता उसे छुआछूत कहते हैं। उन लोगों के साथ कोई भी मिलजुल कर नहीं रहता और न ही उनके साथ कोई खाना खाता है। जिन लोगों से निचली जाति का काम करवाया जाता है उन्हें अछूत कहा जाता है। प्राचीनकाल में महाराजाओं के द्वारा किसी व्यक्ति के व्यवसाय क देखकर ही उसके धर्म की स्थापना की गई थी। उस समय पर हर किसी ने अपने धर्म को खुद चुना था। ब्राह्मण लोगों को शिक्षा देते थे , क्षत्रिय देश और समाज की रक्षा किया करते थे। वैश्यों का काम व्यापार और वाणिज्य की देखभाल करना और शूद्रों का काम ऊपर की तीन जातियों की सेवा करना था। लेकिन कालान्तर में ये विभाजन रूढ़ हो गया था। एक वेद में भी कहा गया है कि मैं एक शिल्पी हूँ। मेरे पिता वैश्य हैं और मेरी माँ उपले थापने का काम करती हैं। प्राचीनकाल में एक ही परिवार के लोग अलग-अलग काम करते थे फिर भी वे ख़ुशी से रहते थे। उन लोगों में उंच-नीच का कोई भेदभाव नहीं था। भारत के अछूत लोग : हमारे भारत में हिन्दू वर्ण-व्यवस्था के अनुसार चार जातियाँ हैं – ब्राह्मण , क्षत्रिय , सैनिक , शुद्र आदि। जो लोग हरिजन जाति मतलब दबी हुई जाति के होते हैं उन्हें अछूत कहते हैं। अछूत लोगों को हिन्दू की वर्ण-व्यवस्था की जातियों में नहीं गिना जाता हैं। अछूत लोगों को बहिष्कृत जाति का व्यक्ति समझा जाता है। अछूतों को हिन्दू की जाति व्यवस्था में नहीं गिना जाता है। अछूत वर्ण एक अलग पांचवां वर्ण स्थापित किया गया है। प्राचीनकाल में जो लोग घटिया स्तर का काम करते थे या निचली जाति के लोग जो नौकरों का काम करते थे वे अपराधी होते थे और जिन लोगों को छूत की बीमारी होती थी वे लोग देश से बाहर ही रहते थे। उस समय इस बीमारी का कोई भी इलाज नहीं था इसी वजह से छूत लोगों को दूसरे लोगों को स्वस्थ रखने के लिए उस राज्य से दूर भेज दिया जाता था ताकि यह बीमारी किसी और को ना हो। छुआछूत एक तरह का दंड होता है जो उन लोगों को दिया जाता था। जो लोग राज्य के बनाए हुए कानूनों को तोड़ता था और समाज की व्यवस्था में एक बाधा पैदा करता था। जो लोग अछूत लोगों से संबंध रखते थे उन्हें दलित कहा जाता है। उन्हें इस नाम से इसलिए बुलाया जाता है क्योंकि जो लोग अछूत लोगों से संबंध रखते थे उन्हें भी अछूत ही माना जाता है। सफाई , चमडा ,स्वच्छता , मृत शरीरों को हटाने वाले लोगों को अछूत माना जाता है। छुआछूत को दूर करने के प्रयत्न : छुआछूत को एक बुराई के रूप में समाज ने स्वीकार किया है जिसको दूर करने के लिए प्राचीनकाल से ही कोशिशें की जा रही हैं। बहुत से महापुरुषों ने छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई लेकिन फिर भी यह समस्या वैसी की वैसी बनी रही। महात्मा बुद्ध ने इसके खिलाफ सशक्त आवज उठाई थी। जब संविधान का निर्माण किया गया था तब यह निर्धारित किया गया था कि समाज में फैली बुराईयों का उन्मूलन करने के लिए पिछड़ी जातियों के उत्थान में संविधान में प्रावधान किये जायेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए संविधान में अनुच्छेद 17 बनाया गया था। अछूतों के साथ भेदभाव : भारत के दलितों के साथ एन.सी.डी.एच.आर.के अनुसार बहुत भेदभाव किया जाता है। अछूत लोगों के साथ कोई भी भोजन नहीं कर सकता। कोई भी किसी अलग जाति के सदस्य से शादी नहीं कर सकता। गांवों में चाय की दुकानों पर अछूत लोगों के लिए अलग बर्तन होते हैं। अछूत लोग मंदिरों में नहीं जा सकते। अछूत लोगों को सार्वजनिक रास्ते पर चलना मना होता है। अछूत बच्चों को स्कूलों में अलग बैठाया जाता है। अछूतों के लिए होटलों में बैठने के लिए और खाने के लिए अलग बर्तनों की व्यवस्था होती है। अछूतों के लिए गांवों के कार्यक्रम या त्यौहारों में बैठने और खाने के लिए अलग व्यवस्था होती है। छुआछूत के दुष्परिणाम :- सारे जगत में छुआछूत के सामाजिक , राजनितिक , धार्मिक और संस्कृतिक दुष्परिणाम बहुत ही प्रचलित हैं। आज के युग में हमारा देश आगे तो बढ़ रहा है पर फिर भी छुआछूत की समस्या की वजह से देश के एक बहुत बड़ा भाग को सुख-सुविधाओं से अभी तक परिचित नहीं कराया गया है। हमारा देश कई साल पहले आजाद हो चूका है लेकिन हरिजन वर्ग आज तक राजनितिक ,आर्थिक और सामाजिक रूप से आजाद नहीं हो पाया है। हम लोगों से समय यह मांग करता है कि छुआछूत को समाप्त कर दिया जाये। प्राचीनकाल में लोग यह मानते थे की अगर अछूत लोग उन्हें छू लेते या फिर उनकी परछाई भी उन पर पड़ जाती थी तो वे अपवित्र हो जाते हैं और दोबारा से पवित्र होने के लिए उन्हें गंगा जल से स्नान करना पड़ता है। आज के युग में भी छुआछूत की समस्या हमारे लोगों के बीच की दीवार बनी हुई है। आज के समय में भी कुछ लोग अपने आप को दूसरों से श्रेष्ठ , उच्च और योग्य समझते हैं। हरिजन वर्ग के लोगों पर आज भी अत्याचार किया जाता है उनके साथ जानवरों से भी बुरा बरताब किया जाता है। Thanks...!!! XD Sorry BABY 'wink' |
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'एक फूल की चाह' कविता मे किस सामाजिक समस्या को उठाया गया है ? क्या वह आज भी है ? |
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Answer» इस कविता में छुआ-छूत की समस्या को उठाया गया है।आज यह समस्या हमारे समाज में नहीं है। . |
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Kon se sabji hai jis ka pehla lafz kat de to 1 kimti cheez ka naam aur last ka lafz kat de to sweet dish ka naam banta hai? |
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Answer» HEY mate Here is ur answer by Lavanya Kumari Kheera ( CUCUMBER) |
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Answer it I will mark you brainlist |
| Answer» | |
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Plz answer these 2 questions |
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Answer» Where is the poem?? but Yeh Jo Kavita hai ye chua chooth Samajik samasya ko Lekar Utha gaya hai aaj Piya Vidya MANN Hai Kyuki mahamari ke dauran EK achuth balika USKE chapet me aa JATI hai aur WOH apne jeevan ki antim sanse le rhi hai |
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Pls tel me class 4 all que ans |
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Answer» From which SUBJECT????????? |
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My teacher told me to recite a hindi poem. Give me Topic for the poem. |
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Answer» HINDI POEM : ____________ लक्ष्य तक पहुँचे बिना पथ मे पथिक विश्राम कैसा.... _______________________________ लक्ष्य तक पहुँचे बिना पथ में पथिक विश्राम कैसा लक्ष्य है अति दूर दुर्गम मार्ग भी हम जानते हैं किंतु पथ के कंटकों को हम सुमन ही मानते हैं जब प्रगति का नाम जीवन, यह अकाल विश्राम कैसा लक्ष्य तक पहुँचे बिना पथ मे पथिक विश्राम कैसा धनुष से जो छूटता है बाण कब मग में ठहरता देखते ही देखते वह लक्ष्य का ही भेद करता लक्ष्य प्रेरित बाण हैं हम, ठहरने का काम कैसा लक्ष्य तक पहुँचे बिना पथ मे पथिक विश्राम कैसा बस वही है पथिक जो पथ पर निरंतर अग्रसर हो हो सदा गतिशील जिसका लक्ष्य प्रतिक्षण निकटतर हो हार बैठे जो डगर में पथिक उसका नाम कैसा लक्ष्य तक पहुँचे बिना पथ मे पथिक विश्राम कैसा कालिमा का नाश करती ज्योति जगमग जगत धरती ज्योति के हम पुंज फिर हमको अमा से भीति कैसा लक्ष्य तक पहुँचे बिना पथ मे पथिक विश्राम कैसा। |
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Paragraph desh pyaarr punjabi |
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Answer» The DEFINITION of self-perpetuatingis something that has the power to CONTINUE indefinitely. An example of self-perpetuating is SOMEONE DWELLING on the negative in life and continuing to have BAD things happen to them. |
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भाषा ईश्वर का बडा देन है । वाक्य शुद्ध कीजिए |
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Answer» भाषा ईश्वर की बड़ी देन है। |
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What is diferance between drafting and pleding |
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Answer» DRAFTING:to make a first pleding : to ask somebody for something in a very strong and serious way hope it is USEFUL pl mark as a BRAIN LIST |
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Where isBhadra vihar situated |
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Answer» Bhadra vihar is a place in Nalanda.Nalanda is a WORLD famous place for learning.Bhadra Vihar is the residence of Principal of Nalanda. Nalanda is very near to PATNA People from all over the world visit Patna for EDUCATION. From the Kings. era the centre for education was Nalanda and the Principal was CALLED Bhadra who used to LIVE in Bhadra Vihar |
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Disadvantage of old orphanage in present |
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Answer» The most COMMON DISADVANTAGE is that children LEAVE their parents their WITHOUT any reason. |
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Samay prabandhan essay in hindi for asl |
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Answer» समय हम सभी के लिए वास्तव में अनमोल और महत्वपूर्ण है इसलिए हमें समय बर्बाद नहीं करना चाहिए| समय हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है और एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारा पूरा जीवन समय के आसपास घूमता है हमें समय का सम्मान करना चाहिए और समय के मूल्य को भी समझना चाहिए क्योंकि समय बीत चुका है कभी वापस नहीं आना। बाद में पछतावा के बजाय समय का पालन करना और सम्मान करना बेहतर होगा हमें समय का अवसर लेना चाहिए और उसे पकड़ लेना चाहिए क्योंकि यह हमारे जीवन के लिए वास्तव में अनमोल और महत्वपूर्ण है। |
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Guys plz answer my question : do bachoo ke beech class work ko lekar samvad |
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ESSAY IN HINDI ABOUT NATURAL BEAUTY OF ASSAM |
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Answer» 1. भूमिका: पौराणिक काल का प्राग्ज्योतिषपुर आज का असम प्रदेश है । विशाल भारतवर्ष के प्रांगण में उत्तर पूर्वी छोर पर ‘पूर्व की ज्योति’ के नाम से विख्यात यहप्रदेश वन प्रदेशों, नदियों, झरनों और सुन्दर पर्वतमालाओं से भरा है । इसके उत्तर में अरुणाचल प्रदेश और भूटान, दक्षिण में मिजोरम, पश्चिम में पश्चिम बंगाल तथा बला देश और पूरब में मणिपुर, नागालैंड तथा म्यांमार (बर्मा) स्थित हैं । इसकी राजधानी गुवाहाटी (दिसपुर) है । 2. इतिहास: हमारा असम पौराणिक काल से विचित्रताओं और जादू-टोने का देश कहा जाता रहा है । अहोमों के यहाँ आने से पहले महाभारत काल से नरकासुर के अत्याचारों से इस प्रदेश को मुक्त करने के लिए द्वारका के राजा श्रीकृष्ण यहाँ पधारे थे । उनके पोते अनिरुद्ध को राजा बाण द्वारा बन्दी बना लिए जाने पर श्रीकृष्ण और बाण के बीच युद्ध का भी वर्णन मिलता है । इसके पूर्व राजा भगदत्त ने महाभारत के युद्ध में पाण्डवों की मदद भी की थी । 12वीं सदी से लेकर 19वीं शताब्दी तक इस प्रदेश पर अहोमवंशी शासकों का अच्छा शासन रहा । इन शासकों में प्रथम राजा चुकाफा के पश्चात् गदाधर सिंह और शिवसिंह की असम के इतिहास में विशेष ख्याति है । अंग्रेजी शासन के दौरान आजादी की लड़ाई में मणिराम देवान, पियालि बरुवा, तरुणराम फुकन, गोपीनाथ बरदलै, कनकलता आदि देशभक्तों ने असम की भूमि पर अपने प्राणों का बलिदान देकर इसमें एकता, आजादी और आपसी प्रेम का बीज बोने का प्रयत्न किया । आज का असम: कुल 78,438 वर्ग किलोमीटर भूमि वाला आज का यह असम 26 जिलों में बँटा हुआ है । निचले असम और ऊपरी असम नाम से यह दो मुख्य भागों में विभक्त है । इस राजनैतिक विभाजन (POLITICAL DIVISION) के बावजूद अनुपम प्राकृतिकसौंदर्य वाला सम्पूर्ण असम सभ्यता और संस्कृति (Civilisation and CULTURE) की दृष्टि से एक समान है । 13वीं शताब्दी में जो धर्म की ज्योति श्रीमंत शंकरदेव तथा उनके शिष्यों ने जलायी थी वह आज भी यहाँ रहने वाले भिन्न जाति-सम्प्रदायों केलोगों केमन में ‘आमि अखमीया नहओं दुखीया’ की प्रेरणा के रूप में जल रही है । बिहू के रूप में हमारे असम की यह एकता और सुन्दरता और भी निखर उठती है । 4. उपसंहार: हमारा प्यारा असम केवल अपने नाम से ही असमान है किन्तु वास्तव में इस सुन्दर प्रदेश में, कामाख्या, भुवनेश्वरी आदि जैसी देवियों की गोद में जितनी समानता है, उतनी अन्य स्थानों पर होना अभी शेष है । |
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Sentence related to naak mein dam karna in Hindi |
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Answer» मुहावरा "नाक में दम करने" का मतलब है कि "बहुत परेशान करना" |
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Meaning of anuswar and anuswaric in Hindi and English |
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Answer» अनुस्वार मतलब जिस शब्द के ऊपर सिर्फ बिंदी लगती है। |
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