This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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'' माता पिता का सम्मान ईश्वर उपासना के समान है'' पर अनुछेद लिखें। |
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Answer» माता-पिताकी सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। माता-पिता की सेवा करने से सच्चे सुख की प्राप्ति होती है। जीवन में खुशहाली लाने के लिए उनके साथ सदैव प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। हमारे पहले गुरू माता-पिता होते हैं। मनुष्य का जैसा रिश्ता माता-पिता से होता है, वैसा ही गुरू से होना चाहिए। यह कहना है निरंकारी महात्मा मुंशीराम अरोड़ा का। वे महम रोड स्थित निरंकारी सत्संग भवन में उपदेश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य का प्रथम गुरू उसके माता-पिता होते हैं। माता-पिता ही मनुष्य को सतगुरू की शरण में लेकर जाते हैं, जहां से उसे ज्ञान की प्राप्ति होती है। गुरू की शरण में आने से मनुष्य को परमात्मा का ज्ञान होता है। परमात्मा को जानने से मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव होता है। उसके जीवन के सभी अंधकार नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य का जीवन ज्ञान रूपी प्रकाश से प्रकाशवान हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमें गुरू के साथ-साथ अपने माता-पिता की भी सेवा करनी चाहिए। समाज सेवी बनने से पूर्व घर में परिवार के सदस्यों का सम्मान करना चाहिए। सतगुरू सदैव दूसरों का सम्मान करने का संदेश देते हैं। इससे मनुष्य के विकारों का नाश होता है। गोहाना | उत्तमनगर में गायत्री जयंती पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने यज्ञ का आयोजन किया संगठन के पदाधिकारियों ने यज्ञ में आहुति डालकर विश्व शांति की दुआ मांगी। राष्ट्रीय वैदिक परमार्थ ट्रस्ट के महासचिव प्रेमलाल आर्य ने लोगों को गायत्री के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गायत्री चारों वेदों में पाया जाने वाला एक महामंत्र है। इस महामंत्र की प्रेरणा केवल इतनी है कि बुद्धि को शुद्ध रखा जाए। यदि मनुष्य की बुद्धि विकृत हो जाती है तो संकट एवं विपदाएं उसे घेर लेती हैं। गायत्री मंत्र के जाप से मन एवं बुद्धि पर नियंत्रण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र में 24 अकसर हैं। प्रत्येक अक्सर में एक-एक देवी देवता एवं उनके अवतारों का सार है। इसके उच्चारण मात्र से ही जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मनुष्य को अपने कर्म धर्म के अनुसार करने चाहिए। धर्म के अनुसार किया गया कर्म विशेष फलदायी होता है। कर्म करते समय मनुष्य को फल की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को फल उसके द्वारा किए गए कर्मों के अनुसार ही मिलता है। इस अवसर पर आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के संरक्षक आजाद सिंह दांगी, र| सिंह लठवाल, सुधीर कुमार, मनीष कुमार, मंजू बाला, सुशीला देवी आदि उपस्थित थे। |
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लक्ष्मणकेस्वभाव की विशेषतः लिखे |
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Answer» लक्ष्मण के अनुसार वीरों की विशेषताएँ हैं; धैर्य, मृदुभाषी, कर्मवीर और युद्ध के मैदान में चुपचाप अपना काम करने वाले। साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए। Explanation: |
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) निम्नलिखित शब्दों का वर्ण विच्छेद कीजिए-महाराजा, रसोईघर |
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Answer» महाराजा- महा+ राजा रसोईघर- रसोई+ घर ...................... |
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कमल किस प्रकार का संज्ञा है |
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Answer» जातिवाचक संज्ञा |
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ਰੂਪਨਗਰ.......... ਕਰਕੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ |
Answer» .......................................... |
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Kal ko sanskrit mai kya kahte hai. |
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Answer»
I THINK SRAVAH. श्वः |
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कबीरदास ने “पल में परलै होयगो" क्यों कहा होगा? |
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Answer» Explanation: |
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आवाज का नीलाम by Dharmveer Bharati |
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Answer» Answer: Hello students , here is your mathematics ASSIGNMENT Verify COMMUTATIVE, associative and distributive property of addition , SUBTRACTION, multiplication and division give your own EXAMPLE and verify Write it in A4 sheet neatly.. Explanation: Hello students , here is your mathematics assignment Verify commutative, associative and distributive property of addition , subtraction, multiplication and division give your own example and verify Write it in A4 sheet neatly.. |
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(३) आलोचकों के बारे में कबीर की क्या रायहै? |
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Answer» what we NEED to do in this |
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Q 1 read the paragraph carefully question answer.1. काक : किमये भगति? |
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Answer» This QUESTION is not complete Explanation: |
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why rajesh gave the gold coin to raja , this question is in the lesson of Raja Badal Gaya , in 8 th class |
| Answer» | |
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16. कस्य पितरौ निर्धनौ आस्ताम्?'श्रीकण्ठस्यO सेवकस्यO कृष्णमूर्तेःO कृषकस्य |
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Answer» Answer: B} option will be the answer to your QUESTION Explanation: FOLLOW me and GIVE me 5 thanks and BRAINLIEST answer |
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ਸਾਡੇ ਸਰੀਰ ਦਾ ਕਿਹੜਾ ਅੰਗ ਸਾਡੇ ਸਰੀਰ ਤੋਂ ਕਿਰਿਆ ਕਰਵਾਉਂਦਾ ਹੈ ? |
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Answer» sjsjshakakahsgakalahskaakshs |
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(5) संजाल पूर्ण कीजिए :आज भी भारतीयों में पूर्वजोंके समान ही है-(6) आकृति पूर्ण कीजिए :कवि की अभिलाषा- class 10th bharat mahima |
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Answer» संजाल पूर्ण कीजिए : आज भी भारतीयों में पूर्वजों के समान ही है- (6) आकृति पूर्ण कीजिए : |
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1. मोहन राकेश की एकांकी का शीर्षक है |
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Answer» मोहन राकेश के एकांकी का शीर्षक है... अंडे के छिलके। मोहन राकेश ने अनेक नाटकों की रचना की, जिनमें से अंडे के छिलके, आषाढ़ का एक दिन, सिपाही की माँ, आधे-अधूरे प्रमुख हैं। मोहन राकेश हिंदी साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर रहे हैं, उन्होंने अपने अप्रतिम रचनाओं से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने हिंदी साहित्य की अनेक विधाओं में रचना की, जिनमें कहानी, नाटक, उपन्यास, निबंध, यात्रा वृतांत और डायरी जैसी विधाएं प्रमुख हैं। मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी 1925 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था और 3 जनवरी 1972 को उनकी मृत्यु हो गई। उनका असली नाम मदन मोहन गुगलानी था। मोहन राकेश द्वारा लिखे गए उपन्यास अंधेरे बंद कमरे, अंतराल, ना आने वाला कल आदि हैं। उनका प्रमुख नाटक जो की एकांकी रूप में है, उसका नाम है अंडे के छिलके। मोहन राकेश ने अनेक कहानियों की रचनाएं की, जिनमें फौलाद का आकाश, सुहागनें, मलबे का मालिक, मवाली, मंदी, जीनियस, अपरिचित, उसकी रोटी,,एक और जिंदगी, परमात्मा का कुत्ता, जानवर और जानवर, सीमाएं आदि का नाम प्रमुख है। ‘आखिरी चट्टान’ उनके द्वारा लिखा गया यात्रा वृतांत है। ☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼ |
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Words.1. प +कि+ त +12. म ++ ल + =3. क + + छWrite the meaning of these words iEnglish.1.चिड़िया॥ ॥ ॥3.थाली |
Answer» Answer of 2 question1. Bird2. plateExplanation: hope it helps you please MARK me as BRAINLIEST |
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'मैं चरखा संघ के लिए हज़ारों रुपए के चेक संभालता हुँ । फिर भी आप मुझपर इस सिक्के को लेके यकीन नहीं कर रहे हैं।' यह वाक्य किसने कहा? |
| Answer» | |
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5. गिरते हुए खम्भे को कौन बचाता है ? *2 pointsपेड़घरसंसारमहेश |
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Answer» Explanation: 14 __ and ___ 18. 36 |
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श्री गुरु नानक देव जी ने मोती खाना काहा संभाले थे |
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Answer» ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਵਿਖੇ ਗੁਰੂ ਜੀ ਨੇ ਮੋਧੀਖਾਨੇ ਨੌਂਕਰੀ ਕੀਤੀ ਸੀ |
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किसी स्वयंसेवी संस्था दिव्य दान के उत्सव के अंतर्गत कोरोना पीड़ितों के लिए किट व सैनिटाइजर जैसी आवश्यक वस्तुओं का दान करने का आग्रह किया गया, सूचना लिखें। |
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Answer» kab KHA gya aur khan KIS ne kah aur kese Explanation: bs itna likhna h SUCHNA me |
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antim chitr (picture ) me ladkaa sikke ko kise de rahahe? khyo? , this question is in the lesson of "rajabadal gaya" of 8 th class , please try to answer my question |
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Answer» सको के बारे आफ्नो योगदान निरन्तरता दिन में केवल एक गाउँ हो सकती थी |
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(शील, विनय, आदर्श, श्रेष्ठता तार बिना झंकार नहीं है,शिक्षा क्या स्वर साध सकेगी यदि नैतिक आधार नहीं है,कीर्ति कौमुदी की गरिमा में संस्कृति का सम्मान न भूलें !!भावार्थ हिंदी मैं |
| Answer» | |
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(6) चन्द्रशेखर आजाद के लिए दया का दूसरा नाम क्या था(A) सहानुभूति (B) कायरता (C) साहस(D) वीरता |
| Answer» | |
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3)खालील मुद्यांच्या आधारे कथा लिहा:(दिलेले शब्द : मैत्री,दप्तर,गृहकार्य,रस्ता) |
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Answer» Answer: hope it HELPS you...! |
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गीता गीत गा रही है का इच्छा वाचक वाक्य में परिवर्तन इस प्रकार होगा गीता गीत नहीं गा रही है गीता का गीत गाना पड़ेगा काश गीता गीत गाए मैं चाहता हूं कि जी का गीत गाए |
| Answer» | |
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Sa mga talata sa kwentong binasa. Isulat ang iyong sagot sa iyongang papelNgunit ako noo'y may paslit na isip at may pusong di-marunong umunawakahalagahan ng pag-ibig at pagmamahal ng tao sa kapwatao. |
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Answer» Answer: l am sorry.....i can't help |
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यदि मे चाँद की यात्रा करता पर निबंध लिके |
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Answer» प्रातःकाल का समय था ।मेरे फोन की घंटी बजी । मै अभी बिस्तर पर था। घंटी की आवाज सुन सोचने लगा, किस नामुराद ने नीद मे खलल डाला । बेमन से रिसीवर उठाया । सामने से आवाज आई- "मै इसरो से रजनीकांत सुब्रह्मन्यम बोल रहा हू । आप की काबिलियत को देखकर आप को चाँद पर जाने वाले दल मे सम्मिलित किया गया है।मुझे उम्मीद है कि आप यह पेशकश नही ठुकराएगे ।" मेरी खुशी का ठिकाना न रहा ।मानो मुझे पंख लग गये हो। मैने कहा - "आप की आज्ञा सिरोधार्य है।" दूसरे दिन से ही तैयारी प्रारंभ कर दी। रिश्तेदरो तथा मित्रो का ताँता लग गया । कुछ लोग तो इस लिए आते थे कि शायद मै लौटू या न लौटू। देर रात तक यही बाते चलती रहती थी । देखते ही देखते पंद्रह दिन कैसे बीत गये पता ही न चला ।अंत मे वह स्वर्णिम दिवस आ गया जिस दिन हमे प्रस्थान करना था । अंत मे दिन के दो बजकर पैतालिस मिनट पर हमारा यान अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर निकल गया ।हमारी खुशी का ठिकाना नही था । यान के प्रस्थान के थोडी देर बाद ऐसा प्रतीत होने लगा जैसे कलेजा मुँह को आ गया । मि- सुब्रह्मन्यम ने हमे बताया कि यात्रा के प्रथम चरण मे थोडे समय तक ऐसी तकलीफ होगी बाद मे सब कुछ सहज हो जाएगा ।डाँ पांडेय जो हमारे पुराने मित्र भी है , ने बयाया कि यहाँ हमारा जिस प्रकार का खान पान है उससे हमे किसी प्रकार की समस्या नही हो सकती । वैसे भी हमे चिन्ता करने की आवश्यकता नही है क्योकि यह हमारा इतना महत्त्वपूर्ण मिशन हैकि हमे सोचने का समय ही नही मिलेगा । अब तक हमारी यात्रा का पहला चरण बीत गया था ।हमारी बात पृथ्वी के वैज्ञानिको से हुई ।अब हम वातावरण को पार कर चुके थे ।यह हमे तब मालूम हुआ जब हमारे पाव उखडने लगे, हमारा भार कम होने लगा ।हम अपने यान के अंदर स्थिर नही थे, बल्कि उड सकते थे। मै सोच रहा था काश ! हम जमीन पर भी ऐसे ही उड पाते । बरबस ही मन पृथ्वी पर पहुँच गया ।मन जमीन पर मित्रो तथा संबंधियो के साथ घूमने लगा। मन तरंगित हो रहा था ।अचानक आवाज कानो मे पडी ।वातावरण की अनुपस्थिति के कारण हम बिना इयर फोन के बात कर नही सकते थे।अमिताभ जी ने मेरा ध्यान आकर्षित किया ।मेरा ध्यान टूट गया ।मेरा मन पृथ्वी से चंद्रयान मे वापस आ गया । हमने अपनी खुराक लिया ।हम खुराक मे टैबलेट तथा एनर्जी युक्त पेयपदार्थ लिए । आराम करने के लिए आराम कुर्सी से पट्टा बाँध लिया। अर्धनिद्रा मे आराम कर रहा था । अचानक कान मे हार्न सा बजा ।हडबडा कर मै बैठ गया । हमारा यान चंद्र पर उतरने वाला था ।यान चंद्र की परिक्रमा करने लगा । हमारे सभी साथी यान के पैनल पर टकटकी लगाये थे । हमारा यान पैसठ अंश के कोणपर उतरने लगा । यान का एक हिस्सा चंद्रकी परिक्रमा करता रहा । दूसरा चंद्र की तरफ बढने लगा । थोडी देर बाद हमारा यान चंद्र की सतह पर था । सबसे पहले डाँ- सुब्रह्मण्यम ने अपना दाँया पैर रखा । जैसे ही उन्होने अपना बाँया पैर रखा,उनका पैर पाँच छः कदम दूर पडा । इससे ज्ञात हुआ कि चंद्र पर गुरूत्व बल पृथ्वी की अपेक्षा कम है । हमारे दो साथी चाँद की परिक्रमा कर रहे थे ,बाकी लोग अब चाँद की सतह पर थे ।यह हमारे लिए बहुत गौरव का क्षण था । सबसे पहले हमने चंद्र की सतह का फोटोग्राफ लिया ।चंद्रमा का सतह उबड-खाबड है। कही गहरे गड्ढे तो कही ऊँचे पहाड है । चंद्रतल पर चलना बडा जोखिम भरा काम है । कदम यहाँ रखो तो वहाँ पडता है । भारतीय समय के अनुशार हमारा यान पाँच बजकर बीस पहुचा था । दो धंटे यूँ ही बीत गए । सुबह का समय था , तापमान शून्य से बहुत नीचे था पर स्पेश सूट के कारण हमेठंड नही लग रही थी,बरना हम वही सदा के लिए बरफ बन जम जाते । अब हम वहाँ विभिन्न सैपल इकट्ठा करना पारंभ किया ।हमने कई जगह से मिट्टी के अलग - अलग नमने इकट्ठा किया ।वहाँ पर स्वचालित यंत्र कैमरे तथा रोबोट स्थापित किए । शाम का समय हो चुका था ।दिन की भयंकर गरमी ढलते सूरज के साथ तेजी से कम होने लगी ।हम लोगो को तापमान का ज्ञान यंत्रो द्वारा ही भो रहा था । रात का दश बज रहे होगे, हमे आकाश मे तश्तरी नुमा कोई चीज उडती हुई दिखाई दी। वह हमारी तरफ ही बढ रही थी परंतु थोडी देर बाद उसकी दिशा बदल गई और वह दूसरी तरफ उड गयी ।हम उसकी तस्वीर लेना नही भूले । शायद यह किसी देश द्वरा रखा हुआ यंत्र रहा हो । सुबह से लगातार काम मे ही लगे होने कारण हम लोग बुरी तरह थक चुके थे । भोजनादि लेने के बाद अंब हम तरोताजा होकर अपने यान के पास पहुचे । यान का निरिक्षण कार्य पारंभ कर दिया गया । निरिक्षण कार्य मे दो घंटे का समय लगा ।यान का एक हिस्सा चाँद का चक्कर लगा रहा था । अब तक हमारा मिशन सफल रहा । हमने चंद्रतल पर अपना राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। साईबाबा, दुर्गाजी, तथा बजरंगबली की तस्वीरे भी रखा ।पूरे चौबीस घंटे बाद यान वापस उडान भरने के लिए तैयार था ।हम लोग यान मे सवार हो गए । यान के ऊपरी हिस्से के साथ परिक्रमा करता भाग आकर जुड गया । यान विजली की गति से उड रहा था । अब हमारी उत्सुकता बढने लगी । हम पृथ्वी पर पहुँचने के लिए उतावले हो रहे थे । लंबी थकान के बाद हम राहत महसूस कर रहे थे ।हम गहरी नीद मे सो गए । हमे एक ही चिन्ता सता रही थी कि हम सकुशल धरती पर पहुँच जाए । अंत मे वह शुभ दिन आ ही गया जिसकी हमे प्रतिक्षा थी ।हमारा यान पृथ्वी की कक्षा मे पहुँच चुका था । शाम सात बजे हमारा यान श्री हरिकोटा के रिसर्च सेंटर पर उतरा ।हमारे स्वागत के लिए विशाल जनमेदनी उपस्थित थी । हमारा भब्य स्वागत किया गया । यह यात्रा हमारे जीवन की विस्मरणीय यात्रा है । |
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Ki janab Zindagi me sambal kr Chala kro ,raste me kaate bahut hai ..or jyaadar vahi log dhoka de dete hai ...Jo reply me muskurate bahut hai......ಠಿヮಠ# shairy writer |
Answer» uff KYA BT H shyri pr shyri . |
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1. (१) आकृती पूर्ण करा :भिकाऱ्याची अवस्थाi)ii)iii)iv) |
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Answer» Answer: thanks for the point. NEW here gotta collect and SAVE for future |
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सन् २०२० की दीवाली को वास्तव में खुशियों भरा त्योहार कैसे मनाया जाए ।अनुच्छेद लिखिए |
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Answer» दिपावली को दीप का त्यौहार भी कहा जाता है। दिवाली इसलिए मनायी जाती है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे। भगवान श्री राम के वापिस अयोध्या लौटने की खुशी में वहां के लोगों ने इस दिन को दीवाली के रूप में मनाया। दिवाली का त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवम्बर माह में आता है। |
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वह लड़का, जो पेड़ के पास खड़ा है, मेरा मित्र है| - 1 pointवाक्य पहचानिए-O संयुक्त वाक्यO मिश्र वाक्यO सरल वाक्यO इनमें से कोई नहीं |
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Answer» वह लड़का, जो पेड़ के पास खड़ा है, मेरा मित्र है| - 1 point वाक्य पहचानिए- O संयुक्त वाक्य O मिश्र वाक्य O सरल वाक्य O इनमें से कोई नहीं |
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(३) पुढील शब्दांचे अर्थ लिहा :(१) जल(२) विकृती.(३) मधुरता(४) निजज्ञान |
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Answer» Explanation: jal is the RIGHT answer |
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ਵਜਦ ' ਸ਼ਬਦ ਦਾ ਅਰਥ ਦੱਸੋ। |
Answer» ਯੂਰਪ ਵਿੱਚ ਵਿਆਕਰਣ ਦੇ ਅਧਿਐਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਤੋਂ ਹੀ ‘ਸ਼ਬਦ’ ਦੇ ਵਿਚਾਰ ਨੂੰ ਹੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖਤਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪਰ ਸ਼ਬਦ ਨੂੰ ਪਰਿਭਾਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕਈ ਰਸਤੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਹ ਸਾਰੇ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਵਿਚਾਰਾਂ ਵਾਲੇ ਹਨ। ਸੋ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਪਰਿਭਾਸ਼ਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਸਾਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪਰਭਾਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚਲੇ ਫਰਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਮਝਣ ਦੀ ਲੋੜ ਪਵੇਗੀ। ਕਿਉਂਕਿ ਕੇਵਲ ਇੱਕ ਪਰਿਭਾਸ਼ਾ ‘ਸ਼ਬਦ’ ਵਿਚਾਰ ਨੂੰ ਪਰਿਭਾਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਅਸਮਰੱਥ ਹੈ। ਇੱਕ ਪਰਿਭਾਸ਼ਾ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਣ ਦੇ ਅਸਮਰੱਥ ਹੈ ਕਿ ਇੱਕ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੇ ਸ਼ਬਦ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਕੀ ‘ਕੁਰਸੀ’ ਅਤੇ ਕੁਰਸੀਆਂ ਇਕੋ ਸ਼ਬਦ ਹੈ ਜਾਂ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਸ਼ਬਦ ਹਨ।Explanation: please mark me as brainliest |
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भारतवासी दूसरों को क्या बांटते हैं |
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Answer» Explanation: |
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प्रश्न 14 निम्नलिखित विज्ञापन लेखन किजोए।मॉस्क (Mask) बनानेवाली कंपनी के लिए विज्ञापन तैयार करो। |
| Answer» | |
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(६) कवि के अनुसार भाग्यहीन कौन है? |
| Answer» | |
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यह उसका बहना है कि उसे गाना नहीं आता मुख्य वाक्य बताइए??? |
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Answer» Explanation: hope it will HELP you |
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श्रीनिवास जी का पूरा नाम क्या था |
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Answer» Explanation: |
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Pra(५) महावभूति(६) कवि के अनुसार भाग्यहीन कौन है?(७) कवि किसका घर जलाना चाहते हैं ?(८) वामीरो कहां की रहने वाली थी?प्रश्न २ - निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त मेंलिखिए। (३४४=१२ अंक)(१) निकोबार द्वीपसमूह के विभक्त होने के बारेशा |
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Answer» .......... ........ .. .......... |
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I Bit0 कविता की पहली चार पकितयाँ लिखिर जिसदेश में बागा बसी ?A A |
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Answer» oooooooooooooooooooAaaaaaaaa |
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कहतफादर कामिल कुक के केमोरमाकियाउन्होनेआकरबपाबा |
| Answer» | |
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Father Kamil bulke ke Bharat aane ka kya kya uddeshy tha aur yahan Aakar unhone kya kya Kiya |
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Answer» फादर कामिल बुल्के (अंग्रेजी: Father KAMIL Bulcke) (1 सितंबर 1909 – 17 अगस्त 1982) बेल्जियम से भारत आये एक मिशनरी थे। भारत आकर मृत्युपर्यंत हिंदी, तुलसी और वाल्मीकि के भक्त रहे। इन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1974 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।[1] कामिल बुल्के Camille Bulcke (1909-1982).jpg फादर कामिल बुल्के जन्म कामिल 1 सितम्बर 1909 रामशैपेल, नॉकके-हेइस्ट नगरपालिका, वेस्ट फ्लैंडर्स, बेल्जियम मृत्यु अगस्त 17, 1982 (उम्र 72) एम्स, दिल्ली, भारत मृत्यु का कारण गैंगरीन राष्ट्रीयता बेल्जियम नागरिकता बेल्जियन , भारतीय सक्रिय वर्ष 1909-1982 प्रसिद्धि कारण हिंदी साहित्य पर शोध, तुलसीदास पर शोध माता-पिता अडोल्फ बुल्के, मरिया बुल्के पुरस्कार पद्म भूषण |
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II.కింది పదాల ఆధారంగా అర్థవంతమైన వాక్యాలు రాయండి.వనజమజ్జిగతాగిందిచింతపండుగుజ్జుతోపాయసం చేసిందిజయగజ్జెలుಬುಜ್ಜಿపూలసజ్జతెచ్చింది.అక్కకుబజ్జీలుఇష్టం |
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Answer» Mai mlm dry FRND thank U for the free points.. mark as brain list |
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