This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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31. 'मयूर' किस वर्ग का व्यंजन है?0 (1) ओष्ठय (2) तालव्य (3) दन्त्य(4) ऊष्म |
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Answer» 'मयूर' किस वर्ग का व्यंजन है? (1) ओष्ठय ✔✔✔ (2) तालव्य (3) दन्त्य (4) ऊष्म |
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The difference between two complementary angles is 40 degrees. What are the two angles? |
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Answer» Answer: LET the TWO COMPLIMENTARY angles be X, y x+y = 90° (definition of complimentary angles) x-y = 40° (given) if we the two equations x+y+x-y = 90°+40° 2x = 130° x = 130°/2 = 65° using x + y = 90° y = 90° - x = 90° - 65° = 25° The angles are x = 65° and y = 25° |
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Upanyas ki visheshta |
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Answer» उप + न्यास = उपन्यास इस मैं मानव चित्र का बिंब निकट रखा गया होता हैं और जीवन का एक चित्र कागज पर उतारना होता है. स्वरूप - उपन्यास शब्द उप तथा न्यास शब्दो के मेल से बना हैं, जिसका अर्थ हैं निकट रखी हुई वस्तू साहित्य के अनुसार उपन्यास उपन्यास वह कृती हैं जिसे पढकर एेसा लगे की हमारे जीवन का एक प्रतिबिंब यहा भाषा में प्रयुक्त हो रहा है. |
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Muje eassy Chahiye :- mere aadarsh mahapurush |
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Answer» हमारा देश महान स्त्रियों और पुरुषों का देश है जिन्होंने देश के लिए ऐसे आदर्श कार्य किए हैं जिन्हें भारतवासी सदा याद रखेंगे। कई महापुरुषों ने हमारी आजादी की लड़ाई में अपना तन-मन-धन परिवार सब कुछ अर्पण कर दिया। ऐसे ही महापुरुषों में से एक थे महात्मा गांधी। महात्मा गांधी युग पुरुष थे जिनके प्रति पूरा विश्व आदर की भावना रखता था।इस महापुरुष का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1869 को गुजरात में पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। आपका पूरा नाम मोहनदास था। आपके पिता कर्मचंद गांधी राजकोट के दीवान थे। माता पुतलीबाई धार्मिक स्वभाव वाली अत्यंत सरल महिला थी। मोहनदास के व्यक्तित्व पर माता के चरित्र की छाप स्पष्ट दिखाई दी।
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2. कविता का शीर्षक 'उत्साह' क्यों रखा गया है? |
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Answer» निराला जी आह्वाहन गीत के माध्यम से लोगो को उत्साहित करना चाहते हैं, उनके अंदर क्रांति का भाव जगाना चाहते हैं। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए कवि बादलों से गरजने की अपील कर रहा है, और ऐसी गर्जना की जन-मानस में चेतना का अभूतपूर्व संचार हो जाये। उदासीन लोग भी अपनी उदासीनता को छोड़ उत्साहित हो जाये। बादल की गर्जना से लोगो में उत्साह की अपेक्षा करते हुए कवि ने कविता का शीर्षक उत्साह रखा है। |
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Nehru ji bharat mata kise mante he |
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Answer» our India Explanation: |
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मोदी जी उपलब्धियो पर कविता |
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Answer» जिस देश में जाते हैं , मिलता है उन्हें अपूर्व सम्मान। हर राष्ट्राध्यक्ष से जैसे रही हो, पहले से आत्मिक पहचान।। सचमुच मोदी के व्यक्तित्व के सौम्य आत्मविश्वास में, झलकता है तेजी से उभरता विश्व शक्ति सा हिंदुस्तान।।1।। होते हैं नव निवेशों के समझौते, जो अब तक कभी हुए नहीं। आतंक पर दृढ संदेशों के समझौते, जो अब तक कभी हुए नहीं।। एक सूत्र में बंध रहे देश सब, मोदी की सघन गुहार से। हर क्षेत्र में नवोन्मेषों के समझौते, जो अब तक कभी हुए नहीं।।2।। भारतीय पूर्व को अमेरिकी-पश्चिम से मिला रहे मोदी। मध्यपूर्व के रेगिस्तान में भी, दोस्ती का शतदल खिला रहे मोदी।। छोटे बड़े हर योरोपीय देश में, दे रहे प्यार भरी दस्तक, अपनी करनी से दुश्मन देश का, दिल दहला रहे मोदी।।3।। |
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Meaning of ग़ज़ल की साख? |
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Answer»
यह अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है जो बाद में फ़ारसी, उर्दू, नेपाली और हिंदी साहित्य में भी बेहद लोकप्रिय हुइ। संगीत के क्षेत्र में इस विधा को गाने के लिए इरानी और भारतीय संगीत के मिश्रण से अलग शैली निर्मित हुई। शब्दार्थ अरबी भाषा के इस शब्द का अर्थ है औरतों से या औरतों के बारे में बातें करना। स्वरूप ग़ज़ल एक ही बहर और वज़न के अनुसार लिखे गए शेरों का समूह है। इसके पहले शेर को मतला कहते हैं। ग़ज़ल के अंतिम शेर को मक़्ता कहते हैं। मक़्ते में सामान्यतः शायर अपना नाम रखता है। आम तौर पर ग़ज़लों में शेरों की विषम संख्या होती है (जैसे तीन, पाँच, सात..)।[1] एक ग़ज़ल में 5 से लेकर 25 तक शेर हो सकते हैं। ये शेर एक दूसरे से स्वतंत्र होते हैं। कभी-कभी एक से अधिक शेर मिलकर अर्थ देते हैं। ऐसे शेर कता बंद कहलाते हैं। ग़ज़ल के शेर में तुकांत शब्दों को क़ाफ़िया कहा जाता है और शेरों में दोहराए जाने वाले शब्दों को रदीफ़ कहा जाता है। शेर की पंक्ति को मिस्रा कहा जाता है। मतले के दोनों मिस्रों में काफ़िया आता है और बाद के शेरों की दूसरी पंक्ति में काफ़िया आता है। रदीफ़ हमेशा काफ़िये के बाद आता है। रदीफ़ और काफ़िया एक ही शब्द के भाग भी हो सकते हैं और बिना रदीफ़ का शेर भी हो सकता है जो काफ़िये पर समाप्त होता हो।[1] ग़ज़ल के सबसे अच्छे शेर को शाहे बैत कहा जाता है। ग़ज़लों के ऐसे संग्रह को दीवान कहते हैं जिसमें हर हर्फ से कम से कम एक ग़ज़ल अवश्य हो। उर्दू का पहला दीवान शायर कुली कुतुबशाह है। ग़ज़ल के प्रकार तुकांतता के आधार पर ग़ज़लें दो प्रकार की होती हैं- मुअद्दस ग़जलें- जिन ग़ज़ल के अश'आरों में रदीफ़ और काफ़िया दोनों का ध्यान रखा जाता है। मुकफ़्फ़ा ग़ज़लें- जिन ग़ज़ल के अश'आरों में केवल काफ़िया का ध्यान रखा जाता है। भाव के आधार पर भी गज़लें दो प्रकार की होती हैं- मुसल्सल गज़लें- जिनमें शेर का भावार्थ एक दूसरे से आद्यंत जुड़ा रहता है। ग़ैर मुसल्सल गज़लें- जिनमें हरेक शेर का भाव स्वतंत्र होता है। इतिहास अरबी में ग़ज़लों का आरंभ अरबी साहित्य की काव्य विधा के रूप में हुआ। अरबी भाषा में कही गयी ग़ज़लें वास्तव में नाम के ही अनुरूप थी अर्थात उसमें औरतों से बातें या उसके बारे में बातें होती थी। फ़ारसी में अरबी से फारसी साहित्य में आकर यह विधा शिल्प के स्तर पर तो अपरिवर्तित रही किंतु कथ्य की दृष्टि से वे उनसे आगे निकल गई। उनमें बात तो दैहिक या भौतिक प्रेम की ही की गई किंतु उसके अर्थ विस्तार द्वारा दैहिक प्रेम को आध्यात्मिक प्रेम में बदल दिया गया। अरबी का इश्के मजाज़ी फारसी में इश्के हक़ीक़ी हो गया। फारसी ग़ज़ल में प्रेमी को सादिक (साधक) और प्रेमिका को माबूद (ब्रह्म) का दर्जा मिल गया। ग़ज़ल को यह रूप देने में सूफ़ी साधकों की निर्णायक भूमिका रही। सूफी साधना विरह प्रधान साधना है। इसलिए फ़ारसी ग़ज़लों में भी संयोग के बजाय वियोग पक्ष को ही प्रधानता मिली। उर्दू में फ़ारसी से उर्दू में आने पर भी ग़ज़ल का शिल्पगत रूप ज्यों का त्यों स्वीकार कर लिया गया लेकिन कथ्य भारतीय हो गया। लेकिन उत्तर भारत की आम अवधारणा के विपरीत हिन्दोस्तानी ग़ज़लों का जन्म बहमनी सल्तनत के समय दक्कन में हुआ जहाँ गीतों से प्रभावित ग़ज़लें लिखी गयीं। भाषा का नाम रेख़्ता (गिरा-पड़ा) पड़ा। वली दकनी, सिराज दाउद आदि इसी प्रथा के शायर थे जिन्होंने एक तरह से अमीर ख़ुसरो (१३१० इस्वी) की परंपरा को आगे बढ़ाया। दक्किनी उर्दू के ग़ज़लकारों ने अरबी फारसी के बदले भारतीय प्रतीकों, काव्य रूढ़ियों, एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को लेकर रचना की। उस समय उत्तर भारत में राजकाज की भाषा फारसी थी इसलिए ग़ज़ल जब उत्तर भारत में आयी तो पुनः उसपर फारसी का प्रभाव बढ़ने लगा। ग़ालिब जैसे उर्दू के श्रेष्ठ ग़ज़लकार भी फारसी ग़ज़लों को ही महत्वपूर्ण मानते रहे और उर्दू ग़जल को फारसी के अनुरूप बनाने की कोशिश करते रहे। बाद में दाउद के दौर में फारसी का प्रभाव कुछ कम हुआ। इकबाल की आरंभिक ग़ज़लें इसी प्रकार की है। बाद में राजनीतिक स्थितियों के कारण उर्दू ग़ज़लों पर फारसी का प्रभाव पुनः बढ़ने लगा। 1947 के बाद इसमें पुनः कमि आने लगी। हिंदी में हिंदी के अनेक रचनाकारों ने इस विधा को अपनाया। जिनमें निराला, शमशेर, बलबीर सिंह रंग, भवानी शंकर, जानकी वल्लभ शास्त्री, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, त्रिलोचन आदि प्रमुख हैं। इस क्षेत्र में सर्वाधिक प्रसिद्धि दुष्यंत कुमार को मिली। this might HELP you a lot select this as brain list
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Sant eknath nibandh in hindi |
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Answer» I don't KNOW...... . ............................ .................. BUY buy... Explanation: HI ....... ................... .........ģu ..........gay.... |
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आर्थिक युग में विज्ञान को देन निबंध in hindi |
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Answer» विज्ञान का अर्थ है विशेष ज्ञान। मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं के लिए जो नए-नए आविष्कार किए हैं, वे सब विज्ञान की ही देन हैं। आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान के अनगिनत आविष्कारों के कारण मनुष्य का जीवन पहले से अधिक आरामदायक हो गया है। मोबाइल, इंटरनेट, ईमेल्स, मोबाइल पर 3जी और इंटरनेट के माध्यम से फेसबुक, ट्विटर ने तो वाकई मनुष्य की जिंदगी को बदलकर ही रख दिया है। जितनी जल्दी वह सोच सकता है लगभग उतनी ही देर में जिस व्यक्ति को चाहे मैसेज भेज सकता है, उससे बातें कर सकता है। चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। यातायात के साधनों से आज यात्रा करना अधिक सुविधाजनक हो गया है। आज महीनों की यात्रा दिनों में तथा दिनों की यात्रा चंद घंटों में पूरी हो जाती है। इतने द्रुतगति की ट्रेनें, हवाई जहाज यातायात के रूप में काम में लाए जा रहे हैं। दिन-ब-दिन इनकी गति और उपलब्धता में और सुधार हो रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में भी विज्ञान ने हमारे लिए बहुत सुविधाएं जुटाई हैं। आज कई असाध्य बीमारियों का इलाज मामूली गोलियों से हो जाता है। कैंसर और एड्स जैसे बीमारियों के लिए डॉक्टर्स और चिकित्सा विशेषज्ञ लगातार प्रयासरत हैं। नई-नई कोशिकाओं के निर्माण में भी सफलता प्राप्त कर ली गई है। सिक्के के दो पहलुओं की ही भांति इन आविष्कारों के लाभ-हानि दोनों हैं। एक ओर परमाणु ऊर्जा जहां बिजली उत्पन्न करने के काम में लाई जा सकती है। वहीं इससे बनने वाले परमाणु हथियार मानव के लिए अत्यंत विनाशकारी हैं। हाल ही में जापान में आए भूकंप के बाद वहां के परमाणु रिएक्टर्स को क्षति बहुत बड़ी त्रासदी रही। अत: मनुष्य को अपनी आवश्यकता और सुविधानुसार मानवता की भलाई के लिए इनका लाभ उठाना चाहिए न कि दुरुपयोग कर इनके अविष्कारों पर प्रश्नचिह्न लगाना चाहिए।
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Dahej Ek abhishap in Hindi essay |
Answer» ❤️❤️अभिशापभूमिका:-> भारत एक रीति रिवाजों और परंपराओं का देश है यहां पर बहुत से रीति रिवाज और परंपराएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं। जैसे जैसे समय बीतता है वैसे वैसे परंपराएं भी परिवर्तित होती रहती हैं और एक सामाजिक बुराई का रूप ले लेती है I उनमें से ही एक है दहेज प्रथा। जब लड़की की शादी होती है, तो माता पिता अपनी पुत्री को भेंट के रूप में कुछ ना कुछ जरूर देते हैं और आज यह देने की परंपरा ही एक बुराई और समाज के लिए अभिशाप बन गई है।दहेज के कारण कन्या को बोझ मानना:-> जब लड़के वालों की तरफ से अपनी इच्छा अनुसार दहेज मांगा जाता है तो मां-बाप बालों के लिए बोझ बन जाता है I इसी परिणाम स्वरूप कई जगह तो ऐसा भी हो रहा है कि लोग घर में लड़की को पैदा होते ही मार दिया करते थे I जब घर पर लड़की पैदा होती तो पूरा परिवार शोक में डूब जाता था, जब लड़का पैदा होता तो घर में खुशियां ही खुशियां मनाई जाती थी। लड़की के पिता को दहेज देने की चिंता उसके पैदा होते ही शुरू हो जाती है, जिसके कारण अनेक बुराइयों का जन्म होता था वह दहेज की मांग को पूरा करने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाते थे। जब मेहनत से पूरा काम नहीं बनता तो बेमानी, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, मिलावट ,कालाबाजारी ,चोर बाजारी, जमाखोरी, तस्करी इत्यादि अनेक सामाजिक बुराइयों ने भी जन्म लिया।दहेज के कारण घटने वाली घटनाएं:-> आए दिन हम कई समाचार सुनते हैं कि दहेज ना देने पर ससुराल वालों ने लड़की को जिंदा जला दिया उसकी हत्या कर दी। मां बाप ने दहेज ना देने के कारण आत्महत्या कर ली और भी ना जाने दहेज प्रथा के कारण कितने ही बुराइयां और अत्याचार होते रहे हैं।भारत में दहेज के विरुद्ध नियम:-भारत में दहेज मांगना एक कानूनी तौर पर अपराध है । दहेज मांगने वालों को कानूनी तौर पर सजा दी जाती है लेकिन यह प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा रही है। लिंग कि जांच करवाना एक कानूनी जुर्म हैं Iउपसंहार:-> इस दहेज रूपी दानव का अंत तभी होगा जब सभी लड़के लड़कियां शिक्षित होंगे लड़कों में अच्छे संस्कार होने चाहिए तभी एक सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है I दहेज एक सामाजिक बुराई है इसे हम सबको मिलकर के ही दूर करना होगा।❤️❤️Explanation: ❤️❤️hello DEAR here is your answer MARK it BRAINLIST ok and FOLLOW me... :) ☺️☺️❤️❤️ |
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Mahan vyaktitva samas vigrah |
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Firozabad ke Ki Kisi Mausam Vishesh ke Soundarya Ko kavita ya Gaddi Mein varnit kijiye |
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Answer» Firozabad ki yeh hariyali, rang matole man MALI, like this |
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What is mean by Sims and Sial? |
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Answer» In geology, the TERM 'SIAL' refers to the composition of the upper layer of the Earth's crust, namely rocks RICH in silicates and aluminium minerals. ... On an average, the thickness of sial is till 25 km from the surface. |
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Khadya padarth Mein hone wali milawat ke bare mein Mitra ke sath Hue samvad ko lagbhag 50 shabdon Mein likhiye |
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Answer» गीता : "तुमने देखा सरला आजकल कितनी मिलावट हो रही है ?" सरला : " क्यों क्या हुआ ?" गीता : "अरे , मैंने कल ये केले खरीदे थे , देखो आज पूरे काले हो गए हैं ।" सरला : "इन्हें कार्बाइड से पकाते है इसलिए ये काले हो जाते है । मुझे कल ही भैया बता रहे थे ।" गीता : "अब फल भी नहीं बचे मिलावट से , सच में ये मिलावट इसी तरह चलती रही तो आहार हमें पोषण के स्थान पर अस्वस्थ करने लगेंगे ।" सरला : "बिल्कुल सही कहती हो गीता ! "
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दिए गए शब्दोंसे वाक्य बनाइए।क) ईर्ष्यालुख) पृष्ठग) अंगीठीघ) अपमानङ) टोलियाँ |
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ग)उचित स्थान पर नुक्ता लगाइए-क) कॉफीख) काफीग) फालतूघ) कमीजङ) फौज |
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Answer» क) कोफ़ी ख) काफ़ी ख) फ़ालतू घ) कमीज़ ड) फ़ौज |
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निम्नलिखित शब्दों से विशेषण बनाइए-(क)व्यवस्था(ख) संतुलन(ग) नियंत्रण(घ) अनुशासन |
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Answer» व्यवस्थित संतुलित नियंत्रित अनुशासित |
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निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-(क) बुद्धिमान(ख) विदुषी(ग) शिक्षा(घ) उदाहरण(ङ) परिस्थिति |
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Answer» क) तेलानई राम बहूत बुद्धिमान था। ख)x ग)मेरे गुरु जी नो तीर चलाने की शिक्षा दी । घ)मै इस प्रश्न का उदाहरण नही जानता । ड)मेरे अंदर फुटबाल खिलने की परिस्थिति है। Explanation: वाक्यो का प्रयोग। |
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रचना के आधार पर निम्नलिखित वाक्यों के भेद लिखिए-(क) मैं चाहती हूँ कि कोई मुझे सामान्य-सा सहारा भी न दे।(ख) उसकी कोठी का अहाता एकदम हमारे बंगले के अहाते से जुड़ा था।(ग) उसने मुझे तस्वीर दिखाई।(घ) एक आर्थोपेडिक सर्जन की बड़ी ख्याति सुनी थीं, वहीं ले गई।।(ङ) लौटते समय किसी स्टेशन पर चाय लेने उतरा कि गाड़ी चल पड़ी।(च) उससे मेरा परिचय धीरे-धीरे हुआ। |
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Answer» दो या दो से अधिक शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं। उदाहरण के लिए 'सत्य कहोती है।' एक वाक्य है क्योंकि इसका पूरा पूरा अर्थ निकलता है किन्तु 'सत्य विजय होती।' वाक्य नहीं है क्योंकि इसका अर्थ नहीं निकलता है तथा वाक्य होने के लिए इसका अर्थ निकलना चाहिए। जैसे:- ‘सत्य से विजय होती है । |
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निम्नलिखित वाक्यो में लिंग संबंधी दोष दूर करके लिखिए।(क) रानी लक्ष्मीबाई एक वीर स्त्री थीं।(ख) हिमालय विश्व का सबसे ऊँची पर्वत है।(ग) यह किसकी कपड़े हैं?(घ) सिंह वन की राजा है।(ङ) ऋषभ ने शिक्षक का बात मान ली। |
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Answer» ⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️ (क) रानी लक्ष्मीबाई एक वीरांगना स्त्री थीं। (ख) हिमालय विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत है। (ग) यह किसके कपड़े हैं? (घ) सिंह वन का राजा है। (ङ) ऋषभ ने शिक्षक की बात मान ली। Ye sab uchit utar HAI....^^^^ ⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️ |
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निम्नलिखित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची लिखिए-(क) धनी(ख) पुत्री(ग) आँख(घ) गंगा |
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Answer» निम्नलिखित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची लिखिए (क) धनी-- अमीर ,रईस ,धनवान । (ख) पुत्री -- बेटी ,लड़की ,सुता । (ग) आँख-- नेत्र ,चक्षु ,नयन । (घ) गंगा -- भागीरथी ,देवनदी , सुरसरी । |
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Vigyan aur Hamara Jeevan essay 200 words |
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Answer» प्रस्तावना : आज का युग ज्ञान-विज्ञान सभी प्रकार की प्रगतियों एवं विकास का युग माना गया है। आज का वैज्ञानिक मानव इस धरती पर विद्यमान सभी प्रकार के तत्त्वों को जान चुका है। समुद्र का अवगाहन एवं धरा प्रभाव का दोहन भली प्रकार से कर चुका है। इसी कारण अब उसकी दृष्टि अन्तरिक्ष में विद्यमान अन्य ग्रहों के दोहन एवं अवगाहन की ओर लग रही है। अपनी प्रबल इच्छा एवं सार्थक प्रयत्न से चन्द्रलोक का रहस्य तो उसने पा भी लिया है। , उसको उबड़-खाबड़ धरती को छूकर उस पर अपने चरण-चिहन भी अंकित कर दिए है। अन्य कई ग्रह भी अब उसकी दृष्टि की रेंज से, पहुँच से दूर नहीं । विज्ञान की प्रगति : आज के मानव – समाज का जीवन, जीवन का कोई कोना वैज्ञानिक प्रगतियों की कहानी कहने से बाकी नहीं बच रहा है। सुबह उठने से लेकर रात सोने तक हम जिन-जिन उपकरणों का प्रयोग करते है। ।, यहाँ तक कि खाना बनाने-खाने के लिए जो साधन काम में लेते है। जो कुछ भी पहनते-ओढ़ते है। वह सब आधुनिक विज्ञान की देन तो है। ही, विज्ञान की प्रगतियों की मुँह-बोलती कहानी भी है। बिजली-पानी, रेडियो-टेलिविजन, बस-रेल, वायुयान, जलयान, पढ़ने-लिखने के सभी तरह के साधन सभी कुछ, तो वैज्ञानिक प्रगति और उपलब्धियों ने परम्परागत युद्ध-सामग्रियों, युद्धक-विधियों को भी एकदम बदल डाला है। खेती-बाड़ी उसमें काम आने वाले यंत्र-उपकरण सभी का वैज्ञानिक मशीनीकरण हो चुका है। बीज और खाद तक, इतना ही नहीं, कहा जा सकता है। कि खेतों की मिट्टी तक पहले वाली नहीं रह गईगलियाँ, सड़कें और रास्ते सभी कुछ बदल कर रख दिया है। इस विज्ञान ने यहाँ तक कि आम जीवन के प्रति ही नहीं, आत्मा-परमात्मा और लोक-परलोक के प्रति भी आज की वैज्ञानिक प्रगति ने हमारी दृष्टि आमूल-चूल बदलकर रख दी है। सो जीवन का भीतर-बाहर सभी कुछ वैज्ञानिक बन कर उस की जय-गाथा अपने मुँह से कह रहा है। विज्ञान : जीवन पर प्रभाव : ऊपर हम विज्ञान की जिन प्रगतियों की चर्चा कर आए है। उनसे स्पष्ट है कि उनके अन्त:-बाहर प्रभाव ने जीवन को अपने मूल से ही बदल कर रख दिया है। जहाँ तक बाह्य भौतिक बदलाव का प्रश्न है। निश्चय ही उसे सब प्रकार से उचित ठहराया जा सकता है। पर जहाँ तक आन्तरिक प्रभावों की बात है। उसे निश्चय ही सुखद एवं मानवीय दृष्टि से हितकर नहीं माना जा सकतावैज्ञानिक प्रगति ने मानव का बौद्धिक विकास, वैयक्तिक सजगता इस सीमा तक कर और ला दी है। कि आज मानव हृदयहीन एवं आत्मजीवी बनकर रह गया है। आज मानव इस सीमा तक निहित स्वार्थी, चेतनागत भ्रष्टता का शिकार होकर रह गया है। कि अपने से बाहर देख और सोच पाना उसके बस में कतई नहीं रह गया है। उसका पड़ोसी यदि बीमार होकर या भूखा रह कर मर रहा है। तो बेशक मरे, उसे इस बात की कतई कोई परवाह या चिन्ता नहीं है। हृदयहीनता इस सीमा तक आ चुकी है। कि सामने कोई कट-फट कर तडप और चीख-चिल्ला रहा है। उस ओर मानव के मन जाते ही नहींइसी कारण आज चारों ओर आपाधापी, स्वार्थ और भ्रष्टाचार का राज है। विज्ञान की इस प्रगति ने मानवीय उदात्त-उदार तत्त्वों का सर्वथा लोप कर दिया है। इसमें सन्देह नहीं। उपसंहार : आज के विज्ञान की प्रगतियों की कहानी कह -सुन एक मूर्ख किस्म का हृदयहीन व्यक्ति ही प्रसन्न हो सकता है। सहृदय एवं समझदार नहींसो समझदारी जगाना समझदारी से काम लेना बहुत आवश्यक है। नहीं तो बारूद के जिस ढेर पर आज की वैज्ञानिक सभ्यती खड़ी है। एक दिन एकाएक उसमें कोई विस्फोट होकर उसे अतीत की कहानी बना देगा, इसमें तनिक भी सन्देह नहीं |
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निबंध की रूपरेखा बनाते समय क्या करना चाहिए ? |
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Answer» ध्यान रखे की निबंध में नकारत्मकता कम हो |
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मैया मैं तो चंद खिलौना लैहौं।जैहों लोटि धरनि पर अबहीं, तेरी गोद न ऐहौं ।- सुरभी कौ पयपान न करिहौं, बैनी सिर न गुहैहौं।वै हौं पूत नंद बाबा कौ, तेरो सुत न कहैहौं।आरौं आउ, बात सुनि मेरी, बलदेवहिं न जनैहौं ।हँसि समुझावति, कहति जसोमति, नई दुलनियाँ दैहौं।तेरी सौं मेरी सुनि मैया, अबहि बियावन जैहौं ।सूरदास द्वै कुटिल बराती, गीत सुमंगल गैहौं । |
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Answer» It is a NICE poem but what do you wanna ASK? |
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Nimnalikhit shabdon ke teen teen paryayvachi likhiye Dhaani Putri Ganga |
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Answer» धनी=धनवान,अमीर,दोलतमंद पुत्री=बेटी, आत्मजा, तनुजा गंगा=जाह्नवी, सुरसरिता, सुरधुनी |
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समास विग्रह करें (ङ) भयभीत(च) युद्धक्षेत्र(छ) आभामंडित(ज) राष्ट्रपति |
Answer» SAMAS brigra KARRA bhaibhit = udhachetra |
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समास विग्रह करें (क) प्रयोगशाला (ख) रोगमुक्त(ग) मनचाही(घ) बुद्धिदीप्त |
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Answer» Answer: prayugshala=prayug KE LIYE shala. Explanation: Rogmukt= jo rogo se mukt ho. Manchahi=Man KO jaanne wala. Buddhodipt = tezz budhi wala. |
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hello guys so I am participating in debate competition so give me some question to raise against my opponent about the topic "are today's children are cell phone victim ". Well give me question s angaist the topic. |
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Answer» what is EVOLUTION DEFINATION |
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چور کی ڈاڑھی میں تنکا کا جملہ بنائیں |
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Answer» Answer: aapne kaya LIKHA H kuch VI nhi SAMAJ aarha h please write in Hindi or English |
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چور کی ڈاڑھی میں تنکا |
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Answer» I didn't UNDERSTAND this..........SORRY |
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Itihas Shabd Ke Piche pratyay lagakar naya shabd |
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Answer» itihasik Explanation: |
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Badalne ki chamta Hi buddhimatta Kam Hai nibandh Alagu |
Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है"बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है" जैसा कि हम जानते हैं कि यह शब्द अल्बर्ट आइंस्टीन के है। मूल रूप से इसका मतलब यह है कि एक व्यक्ति जो नए वातावरण में जल्द ही बदलने और अपनाने में अधिक सक्षम है, उसे अधिक समझदार माना जाता है। जैसा कि हम जानते हैं कि लाइन - परिवर्तन दुनिया में एकमात्र स्थिर चीज है। और यह इस अर्थ में सही है कि आपका जीवन आपको उतार-चढ़ाव देता है - परिवर्तन क्योंकि यह आपको कुछ सिखाना चाहता है। और इसलिए आपको कभी-कभी नहीं रुकना सीखना चाहिए। अगर जीवन में बदलाव की मांग है, तो इसे रोका जाना चाहिए। हर कोई बेहतर जानता है। बुद्धिमान बनें ताकि बाधाओं को रास्ते में न आने दें। हर दिन आप कुछ नया सोचते हैं, यह बंद नहीं होगा। मनुष्य को इस दुनिया में सबसे बुद्धिमान जानवर माना जाता है। वह इस दुनिया में अन्य सभी प्राणियों और कई अन्य चीजों को नियंत्रित करने में सक्षम है। व्यक्ति की दैनिक जीवन शैली में इंटेलिजेंस की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इंटेलिजेंस शब्द लैटिन क्रिया "इंटेलिजेंस" से आया है, जिसका अर्थ है समझना। इंटेलिजेंस एक जीव की क्षमता है जो तेजी से जटिल वातावरण में खुद को समायोजित करता है। आइए अल्बर्ट आइंस्टीन की कहानी से एक उदाहरण लेते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 1879 में जर्मनी में हुआ था, अल्बर्ट आइंस्टीन को 1921 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला था। पुरस्कार के लिए उनके काम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव की खोज में शामिल था, जो क्विंटम सिद्धांत के विकास में महत्वपूर्ण था। लेकिन यद्यपि आइंस्टीन बुद्धिमत्ता के इतिहास में सबसे महान मानवों में से एक थे, उन्होंने जीवन के लिए पृथ्वी के दृष्टिकोण में सबसे अधिक कमी की थी। ऊपर इसका निष्कर्ष पुस्तक के तथ्य की व्याख्या करता है। सैद्धांतिक भौतिकी में एक वैज्ञानिक के रूप में, आइंस्टीन को बुद्धि की शक्ति के बारे में पता था। पढ़ना, अध्ययन, सोच, चर्चा और प्रयोग बुद्धि के लिए एक मार्ग प्रदान करते हैं। लेकिन यद्यपि आइंस्टीन की बुद्धि गणना से परे है, उनका मानना था कि बुद्धिमत्ता एक बड़ी परिवर्तनशील क्षमता है। |
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आजारी आईची चौकशी करणारे पत्र मराठी |
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Answer» अ. ब. क. ११, समता हॉस्टेल, समता विद्यालय, नाशिक-९९ प्रिय आई, मी इथे कुशल आहे आणि अशा आहे की बाबा व ताई मजेत असतील. काल ताईचे पात्र आले, त्यात समजलं की तुझी तब्येत खराब आहे. आई, मला माहित आहे की तुला पाठ दुखीच त्रास होतो. पण या वेळा तो जास्तच वाढल्यामुळे तुला दवाखान्यात दाखल करण्यात आलं. बाबांनी मला काही सांगितले नाही पण मला शेवटी समजलचं. मला माहित आहे की तुला माझी काळजी आहे, मी त्रास करून घ्यावा अशी तुझी मुळीच इच्छा नाही, पण तरी मला तुझी काळजी आहे. तू काळजी घे. गोळ्या वेळेवर घेत जा आणि काही काम करू नको. तुझा लाडका, अ.ब. क. |
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Badalne ki chamta Hi buddhimatta Kam Hai nibandh |
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Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है। बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है यह कथन शत प्रतिशत सत्य है। क्योंकि परिवर्तन ही संसार का नियम है। यह संसार परिवर्तन से ही चलती है परिवर्तन होते होते ही मानव का जन्म हुआ है। परिवर्तन से ही यह ब्रह्मांड बनी है। आरंभ में पृथ्वी जलते हुए गोले की तरह थी किंतु इसमें धीरे-धीरे परिवर्तन होते गया और और इसमें इतना परिवर्तन हुआ कि अब इस पर जीवन संभव है और इतने सारे जीवित पशु पक्षी प्राणी यहां जीवन यापन कर रहे हैं यहां मौजूद हैं। इसलिए यह कहना बहुत मुख्य बात है कि बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है। हमें पुराने रीति रिवाज पुराने रूढ़िवादी बातों रूढ़िवादी चीजों और सारी ऐसी क्रियाकलाप जो कि मानव जाति को प्रभावित करती है और इसका परिणाम बुरा होता है हमें वह सब बदलना चाहिए। समय के साथ बहुत सारी चीजें बदल रही है इसलिए हमें भी बदलना चाहिए। इतने सारे आविष्कार हो रहे हैं। हमारी बुद्धिमत्ता मत आया है कि अध्ययन, ज्ञान और बुद्धि और ज्ञानी लोगों की सलाह से हम सारे चीज में परिवर्तन कर सकते। हमें पुरानी पद्धति छोड़नी चाहिए और एक विकासशील समाज बनाना चाहिए। अगर एक गांव पुराना है तो उसे बदलकर एक आधुनिक गांव बनाया जा सकता है। इसमें परिवर्तन करने से उसमे साक्षरता आएगी और सारे लोग शिक्षित होंगे । वहां बहुत सारी उद्योग खुलेंगे और लोग जागरूक होंगे। जिसके कारण उनकी जीविका में बढ़ोतरी होगी और वह नए-नए चीज जानने को अग्रसर होंगे जिनसे उनमें साक्षरता बढ़ेगी। हमें अपनी देश में बहुत परिवर्तन करना चाहिए क्योंकि अभी भी बहुत राज्यों में पुरानी चीजों की मान्यता है । अपनी जगह पर है किंतु परिवर्तन से हम उसे एक आधुनिक राज्य बना सकते हैं और आधुनिक राज्य बनने से सारे लोग साक्षर बनेंगे । उनमें शिक्षा पद्धति की उन्नति होगी । और अपने बच्चों को शिक्षा देने में वह पीछे नहीं हटेंगे। जिसके कारण हमारा देश ऊंचा होगा। एक कुमार मिट्टी को बदलना आरंभ करता है । वह उसे पहले मलता है । उसे सानता है । फिर उसे इतनी मुलायम बनाता है। उसके पश्चात उसे चरखे पर रखकर। उसे एक आकार देता है और यह परिवर्तन के कारण से ही संभव हुआ है। मिट्टी में परिवर्तन होते होते विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरने के पश्चात एक मिट्टी घड़े का आकार लेती है। यह परिवर्तन के कारण ही मुमकिन है। |
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Mathrubhumi poem Summery in Hindi Languagebhavarth of Mathrubhumi |
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Answer» I think it is an extraction from ur Lesson |
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In 200 words, explain the obligations that Wiesel suggests the Holocaust gives to humanity |
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Answer» Explanation: One of Wiesel's concerns in Night is the way that exposure to inhuman CRUELTY can deprive even victims of their SENSE of morality and humanity. The first hint of this dehumanized behavior on the part of the Jewish prisoners COMES when some of the deportees, in the CONTRAINTS of..... |
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10 points of 10 vegetables please let me know the answer |
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Answer» what we have to do in this QUESTION |
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Rainbow ka rango ka kya mahtav hii |
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Answer» Answer: rainbow is formed DUE to reflection\refraction of LIGHT in the ATMOSPHERE after RAIN happens , raindrops are medium of FORMING rainbow. |
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How is the Indian federal system different from that of Sri Lanka ? Explain by giving three examples. |
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Answer» Answer: (i) Sri Lanka believes in majoritarianism whereas in India equal rights are given to minorities. (ii) In Sri Lanka, Sinhala is the only official language, whereas in India though Hindi is the official language but along with Hindi, 21 other languages have been RECOGNISED as Scheduled Languages. (III) In Sri Lanka, the government protects and fosters Buddhism, whereas India is a secular country. Federalism in India is different from Sri Lanka because unlike Sri Lanka, the leaders of our country adopted a very cautious attitude in spreading the USE of Hindi. According to the Constitution, the use of English for official purposes was to stop in 1965. However, many non- Hindi speaking States demanded that the use of English CONTINUE. In Tamil Nadu, this movement took a violent form. The Central Government responded by agreeing to continue the use of English along with Hindi for official purposes. Many critics think that this solution favoured the English- speaking elite. Promotion of Hindi continues to be the official policy of the Government of India. Promotion does not mean that the Central Government can impose Hindi on States where people speak a different language. The flexibility shown by Indian political leaders helped our country avoid the kind of situation that Sri Lanka finds itself in. #Hope it helps u |
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What is Protective tissue ??? |
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Answer» Answer: Protective tissues are the one that helps in covering the surface of the LEAVES and the living CELLS of stems and roots. The cells of the protective tissues are flattened at the top and bottom surface parallel. Also, the bark of the OUTCOME covering of roots and stems of woody plants. The CORK is external and secondary tissues that are IMPERMEABLE to gases and water. |
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Conversation between father and son on wasteage of water in hindi |
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Answer» · A conversation between FATHER and SON about pollution ... and when they throw their WASTE in the water bodies such as . |
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Ek vidyarthi ke liye pariksham ka kya mhatav ha |
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Answer» if a student WARK HARD he/she got SUCCESSFUL or he / she refus study those students are fail |
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Role of peroxisomes |
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Answer» Answer: Like lysosomes, peroxisomes also have a role in METABOLISM; they contain enzymes that break down FATTY acids and amino acids, resulting in, AMONG other things, the production of the TOXIC substance, HYDROGEN peroxide. hope it helps........ |
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Which of these cards can wake up the opposite king if positioned properly? |
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Answer» Answer: Explanation: This question is from the game clash ROYALE. It was designed by SUPERCELL and was published on 2ND March 2016. After the game, some questions were made for the INFORMATION and this question is one of them. The fisherman is the card that can wake up the opposite king if it is in a proper position. It is a defensive card and used for many other purposes like to separate tanks from troops or to single handle any encounter, etc. |
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