This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Adbhut ras par kavita with rhymes |
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Answer» Here is Your Answer....... |
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एक कक्षा में एक अंतरिक्षयान में वजन हीनता की अनुभूति किसके कारण होती है |
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Answer» उसकी गुरुत्वाक्षण क्षमता कम होने के कारण। |
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Plzz solve this problem 64 and 65 |
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Answer» HEY MATE here is your ANSWER - answer no.34 is 4. answer no. 35 IS1 |
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Who can go up and com down without moving |
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Answer» Hey FRIEND ☺ |
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Sanskar ka mahatva in hindi. i want it fast |
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Answer» Sanskar ka humara JIWAN main bhot mahatva h. Parivar ke Sanskar baccho ko prabhavit Karte Hain. Agar Hamare PAAS sanskar achha honge toh hum kuch bhi kaam kar sakte hain. Phir hame koi bhi galat AADMI nahi bol Sakta. Hamare Sanskar sabse acche bo Hote Hain Jab Hum Apne Mata Pita aur GURU Ki Sewa Karte Hain. Sanskar se Kehte Hai Ki Hame Kabhi Apne Bade aur Choto ka apmann nahi KARNA chahiye. |
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निम्न में से कौनसा शब्द पुल्लिंग है?कपटनिद्रामूर्खतासुन्दरता |
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Answer» कपट।।............... |
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Atankwad ke baare mein jankari |
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Answer» Atankawad ik BOHOT badi samasya HAI . bahut saare vikasit deshome bhi atankawad chalata Hai . atankawad SE bahut jiwithani hoti Hai. atankwad se desh ko vikasit honeke liye bahut nukasan pohochhate Hai . AUR YE atankawad hume kam karaneki Puri koshish karana chhahiye |
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I wants solution of ncert hindi book class-12..please |
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Answer» Here UR answer . |
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चारपाई पर भाई साहब बैठे हैं' इस वाक्य में 'चारपाई' शब्द किस कारक में है?सम्प्रदान कारककरण कारकसंबंध कारकअधिकरण कारक |
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Answer» HI DEAR, Here is your ANSWER, adhikaran KARAK is the CORRECT answer |
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Advertisement of any Masala company in Hindi .OrKisi Masala company ka vigyapan.Class 10 . |
| Answer» | |
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Atomic structure 1 notes in hindi |
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Answer» atoms and molecules are the BUILDING blocks of matter the distance of different kinds of matter around us is due to the different types of atoms and molecules PRESENT in the indent from a long TIME it was so that the items are individuals so they do not have an inner structure we now know that atoms are divisible and they do have an inner structure atoms have smaller PARTICLES in them which are cuts atomic particles |
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I want a essay on yadi mein pradhanacharya hoti to before 26th of feb pl be fast |
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Answer» हिन्दी वार्ता |
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Hii friendss...... how r u..can anyone tell me.. bharat ek anoka desh kyu kehlata h...give a long answer...answer only if u know in hindi |
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Answer» Hi dear, |
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Rose Buds English School App name |
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Answer» ANSWER:ok so its an AAP NAME which is SUPPORTED by thee school Explanation: |
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Apne chote bhai yaa behen ko vyayaam/yoga ka mahatva samjhate hue patra likhiye? |
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Answer» a. B. c. |
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Sambad ka bhavarth Liliya |
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Answer» What is this.......????? |
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Why is clock useful inHindi |
| Answer» CLOCK is very useful WITHOUT time we xant KNOW anything clock called as ghadi in HINDI | |
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अकारांत नपुंसकलिंग कलम शब्दरूपाणि |
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Answer» नमस्कारम्!! |
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विशव श्रम दिवस (मई दिवस) के बारे में जानकारी इकट्ठा कीजिए| कक्षा में उसका प्रदर्शन कीजिए| Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» विश्व श्रम दिवस (मई दिवस) के बारे में जानकारी: विश्व श्रम दिवस 1 मई को पूरे विश्व में मनाया जाता है | 1886 में शिकागो में आरंभ हुआ था।भारत में 1 मई 1923 ई. को चेन्नई में पहली बार मनाया गया था। इस की शुरूआत भारतीय मज़दूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य मजदूर वर्ग में सुधार लाने के लिए मनाया जाता है | मजदूर वर्ग सभी देश वासियों की नीवं होती है | मजदूर वर्ग ही मेहनत करके देश में बड़ी इमारतें बनाते है , जिस का इस्तेमाल करके हम आज प्रगति कर रहे है | मजदूर वर्ग से हमारा समाज प्रगति करता है | श्रमिक और मजदूर वर्ग ने समाज का निर्माण किया है| अन्न उगाया है , घर बनाए है , बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई है लेकिन उनकी हिनदशा पर कोई ध्यान नहीं देता है| फिर भी मजदूर खुश है और कहता है की मुझे अमीरों से क्या लेना देना मैंने अनगिनत बार धरती पर स्वर्ग बनाए है | |
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(ई) नुचे दिया गया उदाहरण समझिए| उसके दिए गए वाक्य बदलिए|जैसे - जिसने श्रम-जल दिया उसे पीछे मत रह जाने दो|श्रम जल देने वाले को पीछे मत रह जाने दो|1. जो कुछ न्यस्त प्रकृति में, वह मनुज मात्र का धन है|2. जो मेहनत करता है वाही कण-कण का अधिकारी है|0.03. जो परोपकार करता है वाही परोपकारी कहलाता है|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» 1 प्रकृति में न्यस्त धन मनुष्य मात्र का हैं| 2.मेहनत करनेवाला ही कण कण का अधिकारी हैं| 3परोपकार करने वाला ही परोपकार कहाकाता हैं प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारीनामक कविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कवी नेइस कविता के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों पर प्रकाश डाला हैं| |
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(आ) सूचना पढ़िए| उसके अनुसार कीजिए|1. अधिकार- अधिकारी, भाग्य-भाग्यवान (अंतर बताइए|)2. यद्यपि, पर्यावरण (संधि विच्छेद कीजिए|)0.03. श्रम-जल, नभ-ताल, भुजबल (समस पहचानिए|)4. एक मनुज संचित करता है, अर्थ पाप के बल से,और भोगता उसे दूसरा, भाग्यवाद के छल से|(पद परिचय दीजिए|)0.05. जिसने श्रम-जल दिया उसे पीछे मत रह जाने दो|(कारक पहचानिए|)Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» अधिकार-अदिकारी ,भाग्य-भाग्यता(अंतर बताइए) अधिकार-राष्ट्र में सबको सामान अधिकार मिलना चाहिए| अधिकारी-अधिकारी रिश्वत न लेना चाहिए| भाग्य-भाग्य एक तरह नहीं रहता हैं| भ्याग्यता-श्रम से हम उपनी भाग्यता खुद बना सकते हैं| 2.यद्यपि-यदि+अपि(यण स्वर संधि ) पर्यावरण-पारी+आवरण ( यण स्वर संधि ) ३.समास पहचानिए स्रमजल-श्रम रूपी जल (कर्मधारय समास) नभातल-नभ का तल (तत्पुरुष समस) भुजबल-भुजों का बल (तत्पुरुष समस) 4.एक विशेष-संख्या वाचक, एक वचन, पुल्लिंग और ,और समुच्चय बोधक अव्यय| 5.कारक पहचानो-जानेदो,पानेदो,बढ्नेदो| |
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(अ) कोष्ठक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए|1. जन, पृथ्वी, धन (एक-एक शब्द का वाक्य प्रयोग कीजिए और उसके पर्याय शब्द लिखिए|)2. पाप, सुख, भाग्य (एक-एक शब्द का विलोम शब्द लिखिए और उससे वाक्य प्रयोग कीजिए|)0.03. जन-जन, कण-कण (पुनरुक्ति शब्द से वाक्य कीजिए|)4. मजदूर मेहनत करता है| (एक-एक शब्द का बदलिए और वाक्य प्रयोग कीजिए|)0.05. मनुष्य, मज़दूर(भाववाचक संज्ञा में बदलकर लिखिए|)Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» (पर्याय शब्द ) (वाक्यों में प्रयोग ) जन –लोक,जनता,लोग. देश के सभी जन सरकार केलिय सामान हैं| पृथ्वी-वसुधा,भूमि,धरा, भारत में पृत्वी को माँ सामान मानते हैं| धन-सम्पत्ति,सम्पदा,दौलत. धनकेलिय अनुचित कार्य नहीं करना चाहिय| 2 (विलोम शब्द) (वक्योमे प्रयोग ) पाप-पुण्य गरीबों की सहायताकरने से हमें पुण्य मिलता हैं| भाग्यX दुर्भाग्य हमारा भाग्य निरंतर परिश्रम से बदल सकतेहैं| सुख x दुःख हमें सुख ओर दुःख में एक ही तरह बर्ताव करना चाहिए| 3. जन-जन सावन आने परजन-जन का मन खुशिनसे उभा उठा| कण-कण इश्वर कण-कणमें बसा रहता हैं| 4. मजदूर मेहनत करता है- मजदूर-मजदूरों -ममेहनत करने पर भी आजकल मजदूर सुख नहीं हैं| मेहनत-मेहनत से ही अपना भाग्य खुलता हैं| करताहैं -मजदूर बहोत परिश्रम करता हैं| 5 मानुष-मनुष्यता ,मजदुर-मजदूरी |
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(ई)'नर समाज का भाग्य एक है, वह श्रम, वह भुजबल है|' जीवन की सफलता का मार्ग श्रम है| अपने विचार व्यक्त कीजिए|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» मानव समाज का एक ही भाग्य है वह हैं उसकी श्रम ओरभुजाओं की शक्ति|परिस्रामिव्यक्ति का जीवन बहोत सरल रहता हैं|उसकी सुविधाए सिमित रहते है मगर मन में प्रसन्नताबनी रहती हैं|सफलता का रास्ता परिश्रम हितो हैं|मानव परिश्रम से अपनी भाग्य रेखाको खुद बना सकताहैं|निरंतर श्रम से सफलता जरूर प्राप्त कर सकता हैं|परिश्रम ही सफालता का कुंजी हैं|जीवन के सारी इछाए सारी सुविधाए परिश्रम से ही प्राप्त हो सकते हैं|परिश्रम के सामने प्रकृति को भी झुकना पड़ता हैं| प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामक कविता से लिया गया हैं|इस पाठकी विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होतीहै|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कवी नेइस कविता के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों पर प्रकाश डाला हैं| |
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(इ) नीचे दिए गये प्रश्नों के आधार पर सृजनात्मक कार्य कीजिए|1. कविता में समान अधिकारों की बात की गयी है| 'समानता' से संबंधित कोई घटना था कहानी अपने शब्दों में लिखिए|2. अपने शब्दों में लिखी गयी घटना था कहानी से कुछ मुख्यांशों का चयनकर लिखिए|0.03. चयनित मुख्यांशों में एस मूल शब्द पहचानकर लिखिए|4. लिखे गए मूल शब्दों में से कुछ शब्दों का चयनकर उस पर छोटी सी कविता लिखिए|0.05. लिखी गयी कविता का संदेश था सार एक वाक्य में लिखिए और उससे संबंधित कुछ नारे बनिए|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» . प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कवी नेइस कविता के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों पर प्रकाश डाला हैं|कवी कहते है की एक व्यक्ति अनुचित तरीके से धनप्राप्त करता है तो दूसरा भाग्यवाद के चल से उस धन का सिख ब्जोगता हैं|पाप की कमाई सच्ची नहीं हिती परिश्रम को ही मानवका सच्चा धन मानता हैं|श्रम को कोई चुरा याचीन नहीं सकता|परिश्रम करके धरती ओर आकाश को एक कर सकते हैं|परिश्रम व्यक्ति को कुछ भि असंभव नहीं हैं|जीवन में सुख पाने का पहला अधिकार परिश्रम करनेवालों का ही हैं|प्रकृति से पाए जाने वाले सभी वस्तुओं पर हम सभीका पूरा हक़ हैं|उन पर सभ को सामान अधिकार मिलना चाहिए| |
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(आ) कवि ने मजदूरों के अधिकारों का वर्णन कैसे किया है? आने शब्दों में लिखिए|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कवी ने इस कविता के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों पर प्रकाश डाला हैं|कवी कहते है की एक व्यक्ति अनुचित तरीके से धनप्राप्त करता है तो दूसरा भाग्यवाद के चल से उस धन का सिख ब्जोगता हैं|पाप की कमाई सच्ची नहीं हिती परिश्रम को ही मानवका सच्चा धन मानता हैं|श्रम को कोई चुरा याचीन नहीं सकता|परिश्रम करके धरती ओर आकाश को एक कर सकते हैं|परिश्रम व्यक्ति को कुछ भि असंभव नहीं हैं|जीवन में सुख पाने का पहला अधिकार परिश्रम करनेवालों का ही हैं|प्रकृति से पाए जाने वाले सभी वस्तुओं पर हम सभीका पूरा हक़ हैं|उन पर सभ को सामान अधिकार मिलना चाहिए| |
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(अ) इस प्रश्नों के उत्तर तीन-चार पंक्तियों में लिखिए|1. कवि मेहनत करने वालों को सदा आगे रखने की बात क्यों कर रहे हैं?2. अनुचित तरीके से अर्जित करने वाला व्यक्ति सही है था श्रम करने वाला? अपने विचार बताइए|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» . प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| 1 जो उपना पसीना बहाकर मेहनत करता हैं सबसे पहलेउसे सुख मिलना चाहिए|उसे ही सबसे पहलेसुख पाने का अधिकार हैं|परिश्रम करने वालोंके बारे में ही पहले सोच रखना चाहिए |उसेपीछे रख कर किसी प्रकार की विकास नहीं कर सकते| 2अनुचित तरीके से सुख सुविधाए प्राप वक्ती सुखी तो रहेगा मगर हमेश भय भीत से रहेगा |एक डर उसके मन में हमेशा बना रहता हैं|श्रम करनेवाला व्यक्ति सिमित सुविधाएँ ही प्राप्तकरसकता हैं मगर वह मनमे तो प्रसन्न रहता हैं |इस अधरपर हम कह सकते हैं कि श्रम से पाया गया धन ही सर्वोत्तम हैं|उसमे ही सुख ओर प्रसन्न हैं| |
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(ई) नीचे दिया गया पद्यांश पढ़िए| प्रश्नों के उत्तर दीजिए|कदम-कदम बढ़ाए जा, सफलता तू पाये जा,थे भाग्य है तुम्हारा, तू कर्म से बनाये जा,निगाहें रखो लक्ष्य पर, कठिन नहीं थे सफ़र,थे जन्म है तुम्हारा, तू सार्थक बनाये जा|1. कवि के अनुसार सफलता किस प्रकार प्राप्त हो सकती है?2. हमारा सफ़र कब सरल बन सकता है?0.03. इस कविता के लिए उचित शीर्षक दीजिए|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» ) प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| A कवी के अनुसार कदम कदम बढ़ने से ही सफालताप्राप्त हो सकती हैं| B लक्ष पर निगाह रखने पर ही हमारा सफर सरल बन जाताहैं| C श्रम से सफलता इस कविता का उचित शीर्षक हैं| |
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(इ) निम्नलिखित भाव से संबंधित कविता की पंक्तिया चुनकर लिखिए|1. धरती और आकाश इसके सामने नतमस्तक होते हैं|2. प्रकृति से पहले परिश्रम करने वाले को सुख मिलना चाहिए|Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» ) प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कविता यह हैं कि जिस के सम्मुख झुकी हुई – प्रुध्वी -विनीत नभ ताल हैं| विजीत प्रकृतिसे पहले उस को सुख पाने दो| |
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(आ) पाठ पढकर नीचे दिए प्रशनों के उत्तर लिखिए|1. इस कविता के कवि कौन हैं?2. कविता का यह अंश किस काव्य से लिया गया है?0.03. सबसे पहले सुख पाने का अधिकार किसे है?4. कण-कण का अधिकारी किन्हें कहा गया है और क्यों?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» ) इसकविता के कवी.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हैं |ये हिंदी के प्रमुख कवी माने जाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| (२ ) प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| (३)सब से पहले सुख पाने का अधिकार श्रम करनेवालों को हैं| 4 कण कण का अधिकार जन का है| |
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भाग्य और कर्म में अप श्रेष्ट मानते हैं? क्यों?2. श्रम के बल पर हम क्या-क्या हासिल कर सकते हैं?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» .(१)भाग्यऔर कर्म में कर्म ही श्रेष्ट हैं|कर्ममानुष के भाग्य को बदल देता हैं|यदिव्यक्ति कर्मठ हो तो वह अपना भाग्य खुद बना सकता हैं|सिर्फ भाग्य के भरोसे बैठ ने से कोई कुछ नहीं बनसकते हैं|इस लिए हमें भाग्य पर विशवास करके सफलता की ओरआगे बढ़ना चाहिए|बिना श्रम किये सफलता नहीं मिलती|जो कर्माहीन है वि ही भाग्य को खोज ते हैं| (२)श्रम के बल पर हम भाग्य को बदल सकते हैं|श्रम सेमनुष्य उपने जीवन की साडी सुख सुवुधाएँ प्राप्तकरके उपनी सभी इच्छाओं को भी पूरीकर सकता हैं|हम श्रम के द्वारा दुसुरों से सम्मान भी प्राप्तकर सकते हैं|श्रम बल से ह आकाश और धरती को भी झुका सकते हैं| |
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कण-कण का अधिकारी कौन है?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| हमारे जीवन में श्रम का बहोतमहत्वपूर्ण स्तन है|सभी लोग दिन-रात कामकरते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं|श्रमिक के सम्मुख पृथ्वी और आकाश झुके हैं|प्रकृति में जो न्यस्त हैं वह मानव का धन हैं|कण कण का अधिकारी जन- जन हैं| |
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मनुष्य का धन क्या है?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» . प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामक कविता से लिया गया हैं|इस पाठकी विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होतीहै|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| हमारे जीवन में श्रम का बहोतमहत्वपूर्ण स्तन है|सभी लोग दिन-रात कामकरते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं|श्रमिक के सम्मुख पृथ्वी और आकाश झुके हैं|प्रकृति में जो न्यस्त हैं वह मानव का धन हैं| |
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श्रम जल किसने दिया?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» हमारे जीवन में श्रम का बहोत महत्वपूर्ण स्तन है|सभी लोग दिन-रात काम करते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं.| प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| मेहनत करने वालों के हाथों ने श्रम का जल दिया | |
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श्रमिक के सम्मुख क्या-क्या झुके हैं?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामक कविता से लिया गया हैं|इस पाठकी विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होतीहै|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| हमारे जीवन में श्रम का बहोत महत्वपूर्णस्तन है|सभी लोग दिन-रात काम करते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं|श्रमिक के सम्मुख पृथ्वी और आकाश झुके हैं| |
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नर समाज का भाग्य क्या है?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» . प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कविता के अनुसार गाँधी जी अपना काम खुदकरते थेये रोज सूत कातते,कपडाबुनते,और अनाज से कंकर चुनते थे|ये रोज चक्की भी चलाते थे|गाँधी जी के अनुसार श्रम पूजनीय हैं|हमारे जीवन में श्रम का बहोत महत्वपूर्ण स्तन है|सभी लोग दिन-रात काम करते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं नव समाज का भाग्य उसकी मेहनत ओरभुजाओंकी शक्ति हैं| |
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भाग्यवाद का छल क्या है?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कविता के अनुसार गाँधी जी अपना काम खुदकरते थेये रोज सूत कातते,कपडाबुनते,और अनाज से कंकर चुनते थे|ये रोज चक्की भी चलाते थे|गाँधी जी के अनुसार श्रम पूजनीय हैं|हमारे जीवन में श्रम का बहोत महत्वपूर्ण स्तन है|सभी लोग दिन-रात काम करते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं|श्रम एक अमूल्य धन हैं|श्रम करने से ही हमें समाज में सम्मान भावना सेदेखा जाता हैं|श्रम से ही जीवन में हम सब कुछ प्राप्त कर सकतेहैं| एक आदमी पाप करके धन संचित करता हैं तोदूसरा आदमी धोके से छीन लेता हैं|इसे ही भाग्य वाद का चल कहते हैं| |
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हमारे जीवन में श्रम का महत्त्व है?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामककविता से लिया गया हैं|इस पाठ की विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होती है|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कविता के अनुसार गाँधी जी अपना काम खुदकरते थेये रोज सूत कातते,कपडाबुनते,और अनाज से कंकर चुनते थे|ये रोज चक्की भी चलाते थे|गाँधी जी के अनुसार श्रम पूजनीय हैं|हमारे जीवन में श्रम का बहोत महत्वपूर्ण स्तन है|सभी लोग दिन-रात काम करते हैं|श्रम से ही हमारी रोजी रोटी चलती हैं|श्रम एक अमूल्य धन हैं|श्रम करने से ही हमें समाज में सम्मान भावना सेदेखा जाता हैं|श्रम से ही जीवन में हम सब कुछ प्राप्त कर सकतेहैं| |
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गांधीजी क्या-क्या करते थे?Hindi Class X SCERT Telangana Ch 4 |
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Answer» प्रस्तुत प्रश्न कण कण का अधिकारी नामक कविता से लिया गया हैं|इस पाठकी विधा कविता हैं|कविता रसात्मक होतीहै|.डॉ रामधारी सिंह दिनकर हिंदी के प्रमुख कवी मानेजाते है|इनका जन्म सन १९०८ में मुगेर में हुआ और मृत्युसन १९७४ में हुआ|”उर्वशी” काव्य पर इनको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला|रेणुका,कुरुक्षेत्रपरसुराम की प्रतीक्षा आदि आदि इनकी प्रमुख रचनाए है| कविता के अनुसार गाँधी जी अपना काम खुद करतेथेये रोज सूत कातते,कपडा बुनते,और अनाज से कंकर चुनते थे|ये रोज चक्की भी चलाते थे| |
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I want a story in hindi which contains 15-20 idiom/muhavre at least |
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Answer» आज मंहगाई ऐसे बढ़ रही है कि नाको चने चबाने पड़े रहे हैं। रोज बढ़ रहे भाव सर पर अंडे उबालने को विवश कर रहे हैं। खाना खाते हैं कि किरकिरी हो जाती है। दाल का भाव पढ़ते ही, दुनिया घूमने लगती है। आटे-दाल का भाव मुहावरे का अर्थ समझ में आ जाता है। कई बार सोचा पैसा बचाऊँगा, पर मंहगाई का ठिखरा हर बार फूट पड़ता है। कलेजा मुँह को आता है, और मुँह सूखने लगता है। श्रीमती ने कहा- हार खरीदना है, मुझे लगा कानों में पिघलता सीसा पड़ा है। बेचारी बड़े आस लगायी थी, आँखों में सपने सजाई थी। मेरे व्यवहार ने दिल तोड़ दिया और उसने मुझसे मुँह मोड़ लिया। गजरा लेकर मना रहा हूँ पर रूठी ऐसे है कि दिल हार रहा हूँ। बच्चे दो कदम बढ़कर है, लैपटॉप माँगते हैं, मुझे दिन में चाँद-सितारे दिखाते हैं। दिल पर हाथ रखे बैठा हूँ, अपनी जान को हाथ में थामे बैठा हूँ। बच्चों को चोर की दाढ़ी में तिनका नज़र आता है, मुझे तो पूरी दाढ़ी तिनके से बनी नज़र आती है। घर से नौ दो ग्यारह होने में भलाई है, वरना मेरी जान आफत में पड़ी। शामत आने से पहले कहीं खिसक जाऊँ वरना कहीं कम उम्र में ही अल्लाह को प्यारा न हो जाऊँ। हे मंहगाई क्यों तू मेरे घर आई, जबसे तू आई मैं बना हूँ नान खटाई। |
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Laxmi Bai ka pura naam kya hai |
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Answer» Heya DEAR frnd here is your answer |
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Bharat ke do samaj sudharak kavi in hindi |
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Answer» Hey!!! MUNSI premchand and suryakant TRIPATHI 'nirala' |
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Actually i want anuched on : - gavo(village) ka desh bharat |
| Answer» BHARAT ik bahut saare gavo ka desh Hai . Bharat Mai shahar Mai KAM magar gavo Mai jhyda log Hai .aur gavo Mai RAHANE wale bahut wikasit Hai. wo jyada tar apane Bharat Mai ANAAJ puhuchane yaane KI kheti karate Hai . | |