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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

ICI, जिसकी सांद्रता प्रारम्भ में 0.78 M है, को यदि साम्य पर आने दिया जाए, तो प्रत्येक की साम्यपर सांद्रताएँ क्या होंगी?

Answer»

ANSWER:

I don't know if you have any QUESTIONS or concerns PLEASE visit the plug-in

yes I am very interested in the NATURE

2.

500K ताप पर एक 20L पात्र में के 1.57 मोल, के 1.92 मोल एवं के 8.13 मोल का मिश्रण लिया जाता है। अभिक्रिया है। क्या अभिक्रिया मिश्रण साम्य में है? यदि नहीं, तो नेट अभिक्रिया की दिशा क्या होगी?

Answer»

ANSWER:

hiii

buddy here is your answer

Explanation:

किसी रासायनिक अभिक्रिया के सन्दर्भ में रासायनिक साम्य (CHEMICAL equilibrium) उस अवस्था को कहते हैं जिसमें समय के साथ अभिकारकों एवं उत्पादों के सांद्रण में कोई परिवर्तन नहीं होता। प्रायः यह अवस्था तब आती है जब अग्र क्रिया (forward REACTION) की गति पश्चक्रिया (reverse reaction) की गति के समान हो जाती है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि अग्रक्रिया एवं पश्च क्रिया के वेग इस अवस्था में शून्य नहीं होते बल्कि समान होते हैं।

यदि उच्च ताप ( :

H2 + I2 --> 2HI

hope it will HELP you

3.

साम्य के लिए bar है। इस ताप पर Kc का मान ज्ञात कीजिए।

Answer»

ANSWER:

I don't KNOW the answer. So SORRY.....

4.

HI(g) का एक नमूना 0.2 atm दाब पर एक फ्लास्क में रखा जाता है। साम्य पर HI(g) का आंशिक दाब 0.04 atm है। यहाँ दिए गए साम्य के लिए [tex]K_p[/tex का मान क्या होगा?

Answer»

ANSWER:

what is the question I'm not sure if you have any questions or concerns PLEASE VISIT the plug-in

5.

एवं के मध्य निम्नलिखित अभिक्रिया होती है- यदि एक 10L के पात्र में 0.482 मोल एवं 0.933 मोल रखें जाएँ तथा एक ताप, जिसपर बनने दिया जाए तो साम्य मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए l

Answer»

Answer:

hii

buddy here is your answer

Explanation:

किसी रासायनिक अभिक्रिया के सन्दर्भ में रासायनिक साम्य (chemical equilibrium) उस अवस्था को कहते हैं जिसमें समय के साथ अभिकारकों एवं उत्पादों के सांद्रण में कोई परिवर्तन नहीं होता। प्रायः यह अवस्था तब आती है जब अग्र क्रिया (forward REACTION) की गति पश्चक्रिया (reverse reaction) की गति के समान हो जाती है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि अग्रक्रिया एवं पश्च क्रिया के वेग इस अवस्था में शून्य नहीं होते बल्कि समान होते हैं।

है :

H2 + I2 --> 2HI

6.

निम्नलिखित में से प्रत्येक अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखिए-(i) (ii) (iii) (iv) (v)

Answer»

Answer:

hii

buddy here is your answer

Explanation:

किसी रासायनिक अभिक्रिया के सन्दर्भ में रासायनिक साम्य (CHEMICAL EQUILIBRIUM) उस अवस्था को कहते हैं जिसमें समय के साथ अभिकारकों एवं उत्पादों के सांद्रण में कोई परिवर्तन नहीं होता। प्रायः यह अवस्था तब आती है जब अग्र क्रिया (forward reaction) की गति पश्चक्रिया (reverse reaction) की गति के समान हो जाती है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि अग्रक्रिया एवं पश्च क्रिया के वेग इस अवस्था में शून्य नहीं होते बल्कि समान होते हैं।

यदि उच्च ताप (५०० डिग्री सेल्सियस) पर किसी बंद प्रक्रिया पात्र में हाइड्रोजेन तथा आयोडीन को आण्विक अनुपात में साथ साथ रखा जाए, तो निम्नांकित क्रिया प्रारंभ होती है :

H2 + I2 --> 2HI

hope it will HELP you

follow me

7.

निम्न साम्य के लिए Kc क्या होगा, यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सांद्रताएँ हैं [SO₂]= 0.60 M,[O₂] = 0.82 M एवं [SO₃] = 1.90 M ?

Answer»

ANSWER:

sorry but I am very INTERESTED in the nature of the day betaji

thanks for the QUESTION sorry for the question

8.

एक निश्चित ताप एवं कुल दाब 10⁵ Pa पर आयोडीन वाष्प में आयतनानुसार 40% आयोडीनपरमाणु होते हैं। साम्य के लिए की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

KP ka tpman 213 TEX K HOGA

9.

एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।(क) वाष्प-दाव परिवर्तन का प्रारंभिक परिणाम क्या होगा? (ख) प्रारंभ में वाष्पन एवं संघनन की दर से बदलती है?(ग) क्या होगा, जब कि साम्य पुनः अंतिम रूप से स्थापित हो जाएगा तब अंतिम वाष्प दाब क्या होगा?

Answer»

(क)  वाष्प-दाव प्रारंभ मे घटेगा |

(ख)  वाष्पन की दर बढ़ेगी तथा संघनन की दर घटेगी |

(ग)  वाष्प-दाव निरंतर हो जाएगा |

EXPLANATION:

(क)  वाष्प-दाव परिवर्तन का प्रारंभिक परिणाम कुछ इस तरह से है , चूकि प्रारंभ मे आयतन बढ़ रहा है इसलिए वाष्प-दाव प्रारंभ मे घटेगा |

(ख)  प्रारंभ में वाष्पन एवं संघनन की दर कुछ इस तरह से बदलेगी ,  वाष्पन की दर बढ़ेगी तथा संघनन की दर घटेगी |

(ग) जब  साम्य पुनः अंतिम रूप से स्थापित हो जाएगा तब अंतः वाष्प-दाव निरंतर हो जाएगा , अर्थात वाष्पन की दर तथा संघनन की दर बराबर हो जाएगी |  

10.

निम्नलिखित आँकड़ों से CH₃OH(l)) की मानक-विरचन एन्थैल्पी ज्ञात कीजिए-

Answer»

CH₃OH(L) की मानक-विरचन एन्थैल्पी , \Delta_f H^{\circ}{[CH_3OH(liq)]} = -239 kJmol^{-<klux>1</klux>}

EXPLANATION:

अभिक्रिया  जिससे CH_3OH को बनाया  जाता है , वह  कुछ ऐसा होता है ,

      C(s) + 2H_2 + \frac{1}{<klux>2</klux>} O_2 (g) \rightarrow CH_3OH (l) ...... (1)

प्रश्न में दिया हुआ समीकरण ,

     CH_3OH(l) + \frac{3}{2}O_2(g) \rightarrow CO_2(g) + 2H_2O(l)  ......(2)

             \Delta_rH^{\circ} = -726 kJmol^{-1}

    C(graphite) + O_2(g) \rightarrow CO_2(g) ............(3)

            \Delta_cH^{\circ} = -393 kJmol^{-1}

    H_2(g) + \frac{1}{2} O_2(g) \rightarrow H_2O(l)........(4)

            \Delta_fH^{\circ} = -286 kJmol^{-1}

CH_3OH को बनाने अभिक्रिया  की  हम प्राप्त कर सकते है , प्रश्न में दिए हुए अभिकिर्या द्वारा , बीजगणितीय गणना से  

    अतः जब हम  समीकरण (3) + 2 \times समीकरण (4) - समीकरण (2) तो हमें CH_3OH  बनने   अभिक्रिया  प्राप्त होगी |

इसलिए ,

          \Delta_f H^{\circ}{[CH_3OH(liq)]} = \Delta_c H^{\circ} + 2 \times \Delta_f H^{\circ}{[H_2O(liq)]} - \Delta_r H^{\circ}

 \Delta_f H^{\circ}{[CH_3OH(liq)]} = (-393 kJmol^{-1}) + 2\times (-286 kJmol^{-1}) - (-726kJmol^{-1})

         \Delta_f H^{\circ}{[CH_3OH(liq)]} = (-393 -572 +727 ) kJmol^{-1}

                 \Delta_f H^{\circ}{[CH_3OH(liq)]} = -239 kJmol^{-1}

अतः CH₃OH(l) की मानक-विरचन एन्थैल्पी , \Delta_f H^{\circ}{[CH_3OH(liq)]} = -239 kJmol^{-1}

11.

एक विलगित निकाय के लिए = 0, इसके लिए क्या होगा?

Answer»

EXPLANATION:

PLEASE SEND in ENGLISH

12.

NH₃ गैस की मानक विरचन एन्थैल्पी क्या है?

Answer»

ANSWER:

in the meantime we are nahi and then you are in a RELATIONSHIP where you are a 7PRO but not a GOOD morning person and I don't think you should have with you will be a 8AM and how you are feeling like you have to do something like that and you are not a bad person or dare you to do something like that in a way that is a good thing to do something like that you can do it

Explanation:

the class of guns is a good thing to do something like that you know that the day of your life is in the best INTEREST to be a good MAN and

13.

10.0°C पर 1 मोल जल की बर्फ -10°C पर जमाने पर एन्थैल्पी-परिवर्तन की गणना कीजिए। = 6.03 kJ mol⁻¹ at 0°C.[H₂O(l)] = 75.3 J mol⁻¹ K⁻¹[H₂O(s)] = 36.8 J mol⁻¹ K⁻¹

Answer»

EXPLANATION:

PLEASE SEND in ENGLISH

14.

एक बम कैलोरीमीटर में NH₂CN(s)) की अभिक्रिया डाइऑक्सीजन के साथ की गई एवं ΔU का मान –742.7 kJ mol⁻¹ पाया गया (298 K पर)। इस अभिक्रिया के लिए 298 K पर एन्थैल्पी परिवर्तन ज्ञात कीजिए ।

Answer»

ANSWER:

PLEASE SEND in ENGLISH

15.

What is the formula of laughing gas​

Answer»

ANSWER:

Hey!

FORMULA of LAUGHING GAS - N2O

hope it will be helpful ✌️

16.

How many electrons in an atom may have n=4 and m=+1/2

Answer»

Answer:

4 ELECTRON because the no of electron is eqyal to no of PROTON

17.

What process is used in the formation of nitrogen (iv) oxide from oxygen and ammonia?,and what catalyst is used?

Answer»

ANSWER:

OSTWALD process is USED and the catalyst is PLATINUM

18.

Formula of cairo acid​

Answer»

ANSWER:

H2SO5 is the FORMULA of CAIRO ACID

19.

एक अभिक्रिया के लिए एन्ट्रॉपी परिवर्तन धनात्मक पाया गया। यह अभिक्रिया संभव होगी-(i) उच्च ताप पर (ii) केवल निम्न ताप पर (iii) किसी भी ताप पर नहीं (iv) किसी भी ताप पर

Answer»

SORRY,i don't KNOW the ANSWER

20.

सभी तत्वों की एन्थैल्पी उनकी संदर्भ-अवस्था में होती है-(i) इकाई (ii) शून्य (iii) (iv) सभी तत्त्वों के लिए भिन्न होती है।

Answer»

SORRY but,i don't KNOW the ANSWER

21.

चार्ल्स के नियम के आधार पर समझाइए कि न्यूनतम संभव ताप -273°C होता है।

Answer»

ANSWER:

क्योकि की 0 कलविन यानि -273°c से कम तापमान संभव नहीं है

22.

PV²T²/n राशि के लिए SI इकाई क्या होगी?

Answer»

EXPLANATION:

PLEASE SEND in ENGLISH

FOLLOW me

23.

X-अक्ष को अंतर्नाभिकीय अक्ष मानते हुए बताइए कि निम्नलिखित में कौन से कक्षक सिग्मा () आबंध नहीं बनाएँगे और क्यों?(क) 1s तथा 1s (ख) 1s तथा 2 (ग) 2 तथा 2 (ल) 1s तथा 2s

Answer»

SORRY but, i don't KNOW the ANSWER

24.

यद्यपि Be–H आबंध ध्रुवीय है, तथापि BeH₂अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है। स्पष्ट कीजिए।

Answer»

गैर ध्रुवीय गुण होने के कारण BeH₂ अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है |

EXPLANATION:

BeH₂ अणु के पास दो ध्रुवीय बंधन होते है जो एक दूसरे से  180^\circ पर होते है और एक दूसरे को निरस्त करते है जिसके कारण BeH₂ अणु गैर-ध्रुवीय गुण दिखाते है | इसलिए  BeH₂ अणु का  द्विध्रुव आघूर्ण शून्य  होते है |

   

25.

वॉन्डरवाल्स प्राचल की भौतिक सार्थकता को समझाइए।

Answer»

ANSWER:

PLEASE SEND in ENGLISH. . . . . . .

26.

हालाँकि CO₂ तथा H₂O दोनों त्रिपरमाणुक अणु हैं, परंतु H₂O अणु की आकृति बंकित होती है, जबकि CO₂ की रैखिक आकृति होती है। द्विध्रुव आधूर्ण के आधार पर इसकी व्याख्या कीजिए।

Answer»

CO₂ का द्विध्रुव आधूर्ण शून्या होता है | H₂O का द्विध्रुव आधूर्ण  मान 1.84 D होता है |

EXPLANATION:

प्रयोग के परिणाम के अनुसार , CO₂ का द्विध्रुव आधूर्ण शून्या होता है | यह तभी संभव है जब अणू रैखिक होता है तथा C-O बंधन का आधूर्ण  बराबर और विपरीत होता है , जिसके कारण द्विध्रुव आधूर्ण शून्या हो जाता है | जबकि H₂O का द्विध्रुव आधूर्ण  मान 1.84 D होता है ,अर्थात H₂O के संरचना के अनुसार H₂O अणू की आकृति बंकित होती है ,जहा O-H बंधन का द्विध्रुव आधूर्ण असमान होता है |  

27.

विद्युत-ऋणात्मकता को परिभाषित कीजिए। यह इलेक्ट्रॉन बंधुता से किस प्रकार भिन्न है?

Answer»

EXPLANATION:

PLEASE SEND in ENGLISH. . . . . . . . . . .

28.

नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में ऐलुमिनियम होता है। यह कास्टिक सोडा से क्रिया परडाइहाइड्रोजन गैस देता है। यदि 1 bar तथा 20°C ताप पर 0.15 ग्राम ऐलुमिनियम अभिक्रिया करेगा, तो निर्गमित डाइहाइड्रोजन का आयतन क्या होगा?

Answer»

EXPLANATION:

PLEASE SEND me in ENGLISH. . . . . . . . . for the

29.

CO ion आयन के संदर्भ में अनुनाद के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट कीजिए।

Answer»

CO_{<klux>3</klux>}^{<klux>2</klux>-} आयन  में अनुनाद के तीन  पहलु है।

Explanation:

(1) परमाणु की स्थिति निश्चित होती है और इलेक्ट्रॉन एक परमाणु से दूसरे परमाणु में स्थानांतरित हो जाता है।

(2) बंधन ,अयुगल और अबंधन इलेक्ट्रॉन की संख्या समान रहती है।

(3)  अनुनाद  के कारण सभी C-O बंधन की लंबाई एक जैसा होता है |

30.

नीचे दी गई संरचनाओं (1 तथा 2) द्वारा H₃PO₃ को प्रदर्शित किया जा सकता है। क्या ये दो संरचनाएँH₃PO₃ के अनुनाद संकर के विहित (केनॉनीकल) रूप माने जा सकते हैं? यदि नहीं, तो उसका कारण बताइए।

Answer»

(1) विकल्प सही है |

EXPLANATION:

चूकि एक द्विक्षारकीय अम्ल है , इसलिए (1) विकल्प सही है | ऑक्सो-अम्ल मे वही हाइड्रोजन प्रतिस्थापित किए जाते है जो ऑक्सिजन के साथ जुड़े रहते है ,इसलिए (2) विकल्प संभव नही है और नही उसका अनुनाद संकर के विहित संभव है |

31.

निम्नलिखित अणुओं को आबंधों की बढ़ती आयनिक प्रकृति के क्रम में लिखिए-LiF, K₂O, N₂, SO₂ तथा ClF₃

Answer»

ANSWER:

SORRY but, i don't KNOW the answer

32.

निम्नलिखित परमाणुओं तथा आयनों के लूइस बिंदु प्रतीक लिखिए।S और S²⁻, Al तथा Al³⁺, H और H⁻

Answer»

EXPLANATION:

PLEASE SEND in ENGLISH. . . . . . . . . . . .

33.

आबंध लंबाई की परिभाषा दीजिए।

Answer»

SORRY but, i don't KNOW the ANSWER

34.

तत्त्वों B, C, N, F और Si के लिए अधातु अभिलक्षण का इनमें से सही क्रम कौन सा है?(क) B >C > Si>N>F (ख) Si>C>B> N>F(ग) F> N> C> B> Si (घ) F>N >C> Si>B

Answer»

ANSWER:

( ग) F>N>C>B>Si

.....

....

....

35.

तत्त्वों F, CI, O और N तथा ऑक्सीकरण गुणधर्मों के अधार पर उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता का निम्नलिखित में से कौन सा तत्त्वों में है?(क) F>Cl>O> N (ख) F>O>Cl>N (ग) Cl> F>O> N (घ) O>F>N>Cl

Answer»

ANSWER:

( ) F > CL > O > N. this is the CORRECT answer

36.

आयनन एन्थैल्पी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है? (क) प्रत्येक उत्तरोत्तर इलेक्ट्रॉन से आयनन एन्थैल्पी बढ़ती है। (ख) क्रोड उत्कृष्ट गैस के विन्यास से जब इलेक्ट्रॉन को निकाला जाता है, तब आयनन एन्थैल्पी का मान अत्यधिक होता है। (ग) आयनन एन्थैल्पी के मान में अत्यधिक तीव्र वृद्धि संयोजकता इलेक्ट्रॉनों के विलोपन को व्यक्त करता है। (घ) कम n मानवाले कक्षकों से अधिक n मानवाले कक्षकों की तुलना में इलेक्ट्रॉनों को आसानी से निकाला जा सकता है।

Answer»

(घ) कम N मानवाले कक्षकों से अधिक n मानवाले कक्षकों की तुलना में इलेक्ट्रॉनों को आसानी से निकाला जा सकता है।

EXPLANATION:

क्योंकि  n 'के कम मूल्य वाले कक्ष के इलेक्ट्रॉन नाभिक के लिए अत्यधिक आकर्षित होते हैं ,  ‘n 'का अधिक मूल्य कक्ष के इलेक्ट्रॉनों की तुलना में

37.

आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्त निम्नलिखित में से किसको व्यक्त करता है? (क) परमाणु संख्या (ख) परमाणु द्रव्यमान (ग) मुख्य क्वांटम संख्या(घ) दिगंशी क्वांटम संख्या

Answer»

ANSWER:

( ) परमाणु संख्या - ATOMIC NUMBER

38.

रासायनिक आबंध के बनने की व्याख्या कीजिए।

Answer»

ANSWER:

जब समान और भिन्न तत्वों के प्रमाणुओं का आपस मे मिलन होता है तो रसायानिक बंधन बनता है | यह क्यी प्रकार के होते है|

Explanation:  

एक रासायनिक बंधन को एक आकर्षक बल के रूप में परिभाषित किया जाता है जो घटक (परमाणु, आयन आदि )  एक साथ एक रासायनिक प्रजाति में रखता है  | इस तरह के रासायनिक बांड के गठन के लिए विभिन्न सिद्धांतों का सुझाव दिया गया है  | इलेक्ट्रॉनिक सिद्धांत, वैलेंस शेल इलेक्ट्रॉन जोड़ी प्रतिकर्षण सिद्धांत, वैलेंस बांड सिद्धांत और  आणविक कक्षीय सिद्धांत।

एक रासायनिक बंधन गठन को स्थिरता प्राप्त करने के लिए एक प्रणाली की प्रवृत्ति के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। यह देखा गया कि अक्रिय गैसों की निश्चेष्टता उनके पूरी तरह से बाहरी कक्षाओं के भरे होने के कारण थी  | इसलिए, यह माना गया कि अधूरे बाहरी आवरण वाले तत्व  अस्थिर (प्रतिक्रियाशील) हैं। इसलिए, परमाणु एक दूसरे के साथ गठबंधन करते हैं और संबंधित अष्टक  निकटतम अक्रिय गैसों के स्थिर विन्यास को प्राप्त करने के लिए अपने को पूरा करते हैं। यह संयोजन या तो इलेक्ट्रॉनों के बंटवारे या एक या अधिक इलेक्ट्रॉन को एक परमाणु से दूसरे में स्थानांतरित करके हो सकता है  | जो रासायनिक बंधन परमाणुओं के  इलेक्ट्रॉनों के बँटवारे के परिणामस्वरूप  बनता है | उसे सहसंयोजक बंधन कहा जाता है। एक परमाणु से दूसरे परमाणु  में इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण के परिणामस्वरूप एक आयनिक बंधन बनता है  |

39.

B, AI, Mg, K तत्त्वों के लिए धात्विक अभिलक्षण का सही क्रम इनमें कौन सा है?(क) B> Al > Mg>K (ख) Al> Mg>B>K(ग) Mg > Al>K > B (घ) K > Mg > Al>B

Answer»

(घ) K > MG > AL>B

Explanation:

धात्विक अभिलक्षण धातु की प्रतिक्रियाशीलता के स्तर को दर्शाता है , धातु रासायनिक प्रतिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉनों को खो देने की प्रवृत्ति रखते है क्यूंकी धातु की आयेनन उर्जा कम होता है | यौगिकों मे उपस्थित धातु का इलेक्ट्रॉन से आकर्षण कम होता है , क्यूंकी धातु का वैद्यत्-ऋणात्मक कम होता है | जब हम आवर्त सारणी के समूह मे नीचे जाते है , या आवर्त सारणी मे  दाएँ से बाएँ जाते है तो धातु का धात्विक अभिलक्षण बढ़ता है |

40.

S-,p-, d- और f- ब्लॉक के तत्त्वों का सामान्य बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Answer»

<P>ANSWER:

S = NS^(1-2)

P = ns² NP^(1-6)

D = ( n-1 )d^(1-10)ns^(0-2)

F = ( n-2 )f^(0-14) ( n-1 )d^(0-1) ns²

41.

तत्त्व, जिसका बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न है, का स्थान आवर्त सारणी में बताइए-(i) है। (ii) जब है तथा(iii) जब है।

Answer»

ANSWER:

तत्त्व, जिसका बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न है, का स्थान आवर्त सारणी में बताइए-

(i) ns^2 np^4[/tex जिसके लिए [tex]n = 3 है।

(II) (n - 1)d^2 ns^2 जब n = 4 है तथा

(III) (n - 2) f^7 (n - 1)d^1 ns^2 जबn = 6 है।

42.

तत्वों के निम्नलिखित युग्मों के संयोजन से बने स्थायी द्विअंगी यौगिकों के सूत्रों की प्रगुक्ति कीजिए-(क) लीथियम और ऑक्सीजन (ख) मैगनीशियम और नाइट्रोजन (ग) ऐलुमीनियम और आयोडीन (घ) सिलिकॉन और ऑक्सीजन(ङ) फॉस्फोरस और फ्लुओरीन (च) 71वाँ तत्त्व और फ्लुओरीन

Answer»

(क) - लीथियम और ऑक्सीजन , Li_2O  (ख) - मैगनीशियम और नाइट्रोजन , Mg_3N_2

(ग) ऐलुमीनियम और आयोडीन , AlI_3   (घ) सिलिकॉन और ऑक्सीजन , SiO_2

( ङ) फॉस्फोरस और फ्लुओरीन , PF_3 या PF_5

(च) 71वाँ तत्त्व और फ्लुओरीन , LuF_3

EXPLANATION:

(क) - लीथियम और ऑक्सीजन ,

      लीथियम -  समूह=1 ,   संयोजकता = 1 ,  1 इलेक्ट्रॉन उपस्थित है संयोजक मे

      ऑक्सीजन - समूह=6 ,   संयोजकता = 2  ,  6 इलेक्ट्रॉन उपस्थित है संयोजक मे

   द्विआधारी यौगिक का सूत्र - Li_2O

(ख) - मैगनीशियम और नाइट्रोजन ,

        मैगनीशियम - समूह=2 , संयोजकता = 2 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 2

        नाइट्रोजन - समूह = 15 , संयोजकता = 3 ,   संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 5

     द्विआधारी यौगिक का सूत्र - Mg_3N_2

(ग) ऐलुमीनियम और आयोडीन ,

      ऐलुमीनियम - समूह=13 , संयोजकता = 3 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 3

           आयोडीन -  समूह=17 , संयोजकता = 1 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 7

        द्विआधारी यौगिक का सूत्र - AlI_3

(घ) सिलिकॉन और ऑक्सीजन ,

     सिलिकॉन - समूह=14 , संयोजकता = 4 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 4

    ऑक्सीजन - समूह=16 , संयोजकता = 2 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 6

              द्विआधारी यौगिक का सूत्र - SiO_2

( ङ) फॉस्फोरस और फ्लुओरीन ,

     फॉस्फोरस - समूह=15 , संयोजकता = 3 या 5 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 5

       फ्लुओरीन  - समूह=17 , संयोजकता = 1 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 7

                द्विआधारी यौगिक का सूत्र - PF_3 या PF_5

(च) 71वाँ तत्त्व और फ्लुओरीन ,

71वाँ तत्त्व(Lutetium) -समूह=3 , संयोजकता = 3 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 3

      फ्लुओरीन  - समूह=17 , संयोजकता = 1 , संयोजक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन = 7

                द्विआधारी यौगिक का सूत्र - LuF_3

43.

किसी तत्त्व के दो समस्थानिकों को प्रथम आयनन एन्थैल्पी समान होगी या भिन्न? आप क्या मानते हैं? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

Answer»

दो समस्थानिकों तत्त्वो की प्रथम आयनन एन्थैल्पी समान होगी क्यूंकी उनमे इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की संख्या बराबर होती है |

EXPLANATION:

किसी भी परमाणु का आयनन एन्थैल्पी प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करता है। तथा, किसी भी तत्व के समस्थानिकों में इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉन की समान संख्या होती है। इसलिए  दो समस्थानिकों तत्त्वो की प्रथम आयनन एन्थैल्पी समान होगी |

44.

धातुओं और अधातुओं में मुख्य अंतर क्या है?

Answer»

ANSWER:

धातुओं तथा अधातुओं के भौतिक तथा रासायनिक गुणः

धातु के भौतिक गुण

चमक

ऊष्मा तथा विद्युत का सुचालक

उच्च द्रवनांक

उच्च घनत्व (उनके आकार के लिए उच्च)

आधातवर्द्ध (हथौड़े से प्रहार किया जा सकता है)

तन्य (तार खींचे जा सकते हैं)

कमरे के ताप पर प्रायः ठोस (पारा को छोड़कर)

पतले चद्दर के रूप में अपारदर्शी (धातुओं से होकर देखा नहीं जा सकता)

धातुएँ सुरीली ध्वनि उत्पन्न करते हैं या जब इस पर प्रहार किया जाता है तो इससे घंटी जैसी आवाज आती है।

अधातुओं के भौतिक गुण

चमक नहीं है (मंद रूप)

ऊष्मा तथा विद्युत का कुचालक

गैर नमनीय ठोस

भंगुर ठोस

कमरे के ताप पर ठोस, द्रव या गैस हो सकते हैं। पतली चद्दर के रूप में पारदर्शी होती हैं।

धातु के रासायनिक गुण

प्रत्येक धातु के परमाणु के बाह्य शेल में 1से 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं।

इसमें आसानी से जंग लगता है (उदाहरण ऑक्सीकरण द्वारा नुकसान होता है जैसे कि धब्बा या जंग)।

आसानी से इलेक्ट्रॉन खोता है।

ऑक्साइड का निर्माण करता है जो कि क्षारीय होता है।

निम्न विद्युत ट्टणात्मक होते हैं।

अच्छे अवकारक एजेंट होते हैं।

अधातु के रासायनिक गुण

उनके बाह्यतम शेल में प्रायः 4 से 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं।

तेजी से संयोजी इलेक्ट्रॉन प्राप्त करते हैं या साझेदारी करते हैं।

ऑक्साइडों का निर्माण करते हैं जो अम्लीय होते हैं।

उच्च विद्युत ट्टणात्मक होते हैं।

अच्छे ऑक्सीकारक एजेंट होते हैं।

धातुकर्म

धातुकर्म धातुओं का उनके अयस्कों से निष्कर्षण एवं शुद्धिकरण का विज्ञान है।

खनिज एक या अधिक तत्वों या उनके यौगिकों से युक्त प्रकृति में उपलब्ध पदार्थ है।

अयस्क एक खनिज है जिससे एक या अधिक धातुओं का निष्कर्षण हो सकता है। धातुकर्मिक प्रक्रियाएँः- इसमें तीन मुख्य चरण हैं। वे हैं-1) अयस्क का सान्द्रण, 2)अवकरण, 3) शोधन

अयस्क का सान्द्रणः यह अयस्क से अशुद्धियों को हटाता है।

अवकरणः यह धातु को इसके यौगिक से प्राप्त करने की प्रक्रिया है।

शोधन- यह अशुद्ध धातु प्राप्त करने की शुद्धिकरण की प्रक्रिया है।

45.

तत्त्वों के निम्नलिखित युग्मों में किस तत्त्व को इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होगी?(i) 0 या F (ii) F या cl

Answer»

(i) - F   (II) - CL

Explanation:

(i) 0 या F -  F की  इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होगी ,O की तुलना में  क्यूंकी आवर्त सारणी मे बाए से दाएँ जाने पर वैद्युतीयऋणात्मकता तथा नभिकिये आवेश बढ़ता है जबकि परमाणु का आकार घटता है | इसलिए  अधिक वैद्युतीयऋणात्मकता और नभिकिये आवेश तथा छोटी आकृति के कारण F का इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होता है |

(ii) F या Cl - Cl की  इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होगी , क्यूंकी F का आकार छोटा है ,छोटा आकार होने के कारण 2P कक्षक मे इलेक्ट्रोनो के बीच प्रबल  प्रतिकर्षण होता है और आने वाले इलेक्ट्रॉन आकर्षित नही हो पाते है |

46.

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी और इलेक्ट्रॉन ऋणात्मकता में क्या मूल अंतर है?

Answer»

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी एक परमाणु द्वारा जारी ऊर्जा की मात्रा है जब एक इलेक्ट्रॉन बाहर से प्राप्त होता है।  इलेक्ट्रॉन ऋणात्मकता एक परमाणु की क्षमता है जो बाहर से इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त करने के लिए है।

Explanation:

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी - एक पृथक गैसीय परमाणु के लिए इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त करने की प्रवृत्ति, इसका इलेक्ट्रॉन लाभ थैलेपी कहते  है ।

इलेक्ट्रॉन ऋणात्मकता - एक परमाणु के लिए इलेक्ट्रॉनों के साझा जोड़े को आकर्षित करने की प्रवृत्ति जो कि रासायनिक यौगिक में होती है, इसकी  इलेक्ट्रॉन ऋणात्मकता होती है।

47.

सभी नाइट्रोजन यौगिकों में N की विद्युत् ऋणात्मकता पाऊलिंग पैमाने पर 3.0 है। आप इस कथन पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देंगे?

Answer»

प्रश्न मे दिया गया कथन ग़लत है |

EXPLANATION:

विद्युत् ऋणात्मकता एक परिवर्तनीय संपत्ति है , विद्युत् ऋणात्मकता सभी यौगिकों के  लिए अलग अलग होता है | इसलिए प्रश्न मे दिया गया कथन कि "सभी नाइट्रोजन यौगिकों में N की विद्युत् ऋणात्मकता पाऊलिंग पैमाने पर 3.0 है '' ग़लत है , क्यूंकी N की विद्युत् ऋणात्मकता उसके अलग अलग यौगिकों मे अलग अलग होता है |

उदाहरण :-  NH_3  में N की विद्युत् ऋणात्मकता = 3.0

               NO  में N की विद्युत् ऋणात्मकता = 2.5

48.

आप इस तथ्य की व्याख्या किस प्रकार करेंगे कि सोडियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी मैग्नीशियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी से कम है, किंतु इसकी द्वितीय आयनन एन्थैल्पी मैग्नीशियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी से अधिक है।

Answer»

आयनन एन्थैल्पी एक पृथक तटस्थ गैसीय परमाणु की सतह से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा है |

EXPLANATION:

सोडियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी मैग्नीशियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी से कम है क्यूंकी सोडियम की तुलना में मैग्नीशियम का परमाणु आकार अधिक होता है ,तथा सोडियम की तुलना में मैग्नीशियम में अधिक प्रभावी नभिकिये आवेश होता है। इस प्रकार, सोडियम से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा मैग्नीशियम की तुलना में कम है। इसलिए, मैग्नीशियम का प्रथम आयनन एन्थैल्पी  सोडियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी से अधिक होता है ।

मैग्नीशियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी सोडियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी से कम है क्योंकि एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के बाद, मैग्नीशियम के 3-कक्षीय कक्ष में अभी भी 1 इलेक्ट्रॉन शेष है, जबकि सोडियम के एक इलेक्ट्रॉन को निष्कासित करने पर स्थिर निष्क्रिय गैस विन्यास को प्राप्त करता लेता है । जबकि, स्थिर अक्रिय गैस विन्यास को प्राप्त करने के लिए मैग्नीशियम को अभी भी 1 इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने की आवश्यकता है   इसलिए , मैग्नीशियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी सोडियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी से से कम है ।

   

49.

मुख्य समूह तत्वों में आयनन एन्थैल्पी के किसी समूह में नीचे की ओर कम होने के कौन से कारक हैं?

Answer»

जैसे-जैसे हम समूह को नीचे जाते  हैं ,  समूह  में आयनन एन्थैल्पी आयनन एन्थैल्पी  घटती है |

     - परमाणु आकार (ATOMIC Siza)

     -  परिरक्षण प्रभाव (SHIELDING EFFECTS )

EXPLANATION:

जैसे-जैसे हम समूह को नीचे जाते  हैं ,  समूह  में आयनन एन्थैल्पी आयनन एन्थैल्पी  घटती है | समूह  में आयनन एन्थैल्पी के घटने के निम्नलिखित कारक

परमाणु आकार  - जैसे-जैसे हम समूह को नीचे जाते  हैं भीतर के कोश(SHELL) बढ़ते जाते हैं। इस प्रकार, समूह के नीचे जाते ही परमाणु आकार बढ़ जाता है। इसके अलावा, एक परमाणु के संयोजक के इलेक्ट्रॉन और नाभिक के बीच की दूरी, जिसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉनों को दृढ़ता से बाध्य नहीं किया जाता है | तो, संयोजक के इलेक्ट्रॉन को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। जैसे-जैसे हम समूह को आगे बढ़ाते हैं, इस तरह एक संयोजक के इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा कम होती जाती है।

 परिरक्षण प्रभाव (shielding effects )-  जैसे-जैसे हम समूह को नीचे जाते  हैं भीतर के कोश(shell) बढ़ते जाते हैं। इस प्रकार, नाभिक से आंतरिक कोर इलेक्ट्रॉनों द्वारा वैलेंस इलेक्ट्रॉनों का परिरक्षण प्रभाव (shielding effects ) बढ़ता है । इसलिए , नाभिक की ओर इलेक्ट्रॉनों पर आकर्षक बल बहुत मजबूत है |  जब हम समूह मे नीचे जाते है तो , तो संयोजक के  एक  इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा कम हो जाती है।

50.

निम्नलिखित स्पीशीज़ पर विचार कीजिए-N³⁻, O²⁻, F⁻, Na⁺, Mg²⁺ and Al³⁺ (क) इनमें क्या समानता है? (ख) इन्हें आयनी क्रिया के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

Answer»

Answer:

1 ANS n³ and Al³second I don't KNOW