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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

वर्ग 13 के तत्त्वों को प्रथम आयनन एन्थैल्पी के मान ( kJ mol⁻¹) में इस प्रकार हैं-B Al Ga In TI801 577 579 558 589 सामान्य से इस विचलन की प्रवृत्ति की व्याख्या आप किस प्रकार करेंगे?

Answer»

वर्ग 13 के तत्त्वों को प्रथम आयनन एन्थैल्पी के मान ( kJ mol⁻¹) में  बदलते है  , आयनन एन्थैल्पी के मे बदलाव दो मुख्या कारक होते है , जैसे परमाणु संख्या तथा परिरक्षण प्रभाव |

EXPLANATION:

जैसे-जैसे हम समूह को नीचे जाते  हैं तो भीतर के कोश बढ़ते जाते हैं। इस प्रकार, नाभिक से आंतरिक कोर इलेक्ट्रॉनों द्वारा संयोजक के इलेक्ट्रॉनों का परिरक्षण प्रभाव (Shielding EFFECTS ) बढ़ता है। इस प्रकार, नाभिक की ओर इलेक्ट्रॉनों पर आकर्षक बल बहुत मजबूत हो जाता  है। इसलिए, जब हम समूह से नीचे जाते हैं, तो आयनन एन्थैल्पी में कमी आ जाती है। इसलिए समूह 13 के तत्वों के लिए आयनन एन्थैल्पी कम हो जाता है क्योंकि हम B से <klux>AL</klux> तक नीचे जाते हैं। Ga , Al की तुलना में उच्च आयनन एन्थैल्पी रखता  है। ऐसा इसलिए है क्योंकि Al , S-ब्लॉक तत्वों के बाद आता है, जबकि Ga , D-ब्लॉक तत्वों के बाद आता है। D-ब्लॉक तत्वों के इलेक्ट्रॉनों द्वारा प्रदान की जाने वाली परिरक्षण प्रभावी नहीं है। तथा, संयोजक के  इलेक्ट्रॉनों को प्रभावी ढंग से परिरक्षित नहीं किया जाता सकता  है। Ga परमाणु में संयोजक के  इलेक्ट्रान Al की तुलना में उच्च प्रभावी नभिकिये आवेश का अनुभव करते हैं । Ga से  नीचे जाने पर,  परिरक्षण प्रभाव में वृद्धि और परमाणु आकार में वृद्धि के कारण आयनन एन्थैल्पी का मान कम हो जाता है | लेकिन, Tl में In की तुलना में उच्च आयनन एन्थैल्पी होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि Tl  4f और 5D इलेक्ट्रॉनों के बाद आता है , इन  4f और 5d इलेक्ट्रॉनों द्वारा प्रदान की जाने वाली परिरक्षण प्रभावी नहीं है। इसलिए, संयोजक के इलेक्ट्रॉन को प्रभावी ढंग से परिरक्षित नहीं किया जाता है। इस प्रकार, Tl परमाणु में संयोजक के इलेक्ट्रॉनों की तुलना में अधिक  प्रभावी नभिकिये आवेश का अनुभव होता है।

2.

धनायन अपने जनक परमाणुओं से छोटे क्यों होते हैं और ऋणायनों की क्रिया उनके जनक परमाणुओं की त्रिज्या से अधिक क्यों होती है? व्याख्या कीजिए।

Answer»

धनायन और ऋणायनों की त्रिज्या अपने जनक परमाणुओं से प्रभवी नभिकिये आवेश (EFFECTIVE NUCLEAR CHARGE ) के कारण  बदलती रहती है |

EXPLANATION:

धनायन अपने जनक परमाणुओं से छोटे होते है  क्यूंकी एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन निकालने के बाद प्रभवी नभिकिये आवेश (Effective Nuclear Charge ) बढ़ जाता है , जिसकी वजह से नाभिक के आकर्षण का बल संयोजक के  इलेक्ट्रॉन के लिए बढ़ जाता है और इसलिए  आयनिक त्रिज्या घट जाता  है |  ऋणायनों की त्रिज्या  उनके जनक परमाणुओं की त्रिज्या से अधिक हो जाती है क्यूंकी एक या एक से अधिक इकेक्टरों के जुरने के कारण  प्रभवी नभिकिये आवेश (Effective Nuclear Charge ) घट  जाता है ,  जिसकी वजह से नाभिक के आकर्षण का बल संयोजक के  इलेक्ट्रॉन के लिए घट जाता है और इसलिए  आयनिक त्रिज्या ऋणायनों  का बढ़ जाता  है |    

3.

‘परमाणु त्रिज्या' और 'आयनी क्रिन्या' से आप क्या समझते हैं?

Answer»

परमाणु त्रिज्या एक परमाणु के नाभिक से इलेक्ट्रॉन की सबसे बाहरी कक्षा तक की कुल दूरी है , जबकि आयनिक त्रिज्या एक आयन के सबसे बाहरी खोल मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन और नाभिक के बीच की दूरी है।

Explanation:

परमाणु त्रिज्या का मतलब परमाणु का आकार , जोकि  x-ray या दूसरे स्पेक्ट्रॉस्कोपिक विधि द्वारा मापा जाता है |  अधातु के मामले मे इसे सहसंयोजक त्रिज्या  कहते है , जबकि धातु के मामले मे इसे धातुमय  त्रिज्या कहते है |

  • सहसंयोजक त्रिज्या - यह अणु में एक जैसे  ही तत्वों के दो सहसंयोजक बंधित (CO-  valently BONDED ) परमाणुओं के नाभिक के बीच एक आधा   दूरी है |
  • धातुमय  त्रिज्या - यह धातु की जाली (Mettalic LATTICE) में दो आसन्न परमाणुओं के   बीच एक आधी दूरी है।

आयनी त्रिज्या का मतलब आयन (कटियन या ऋणायन) का आकार , यह आयनिक क्रिस्टल में कटियन और ऋणायन  के बीच की दूरी को मापने के द्वारा अनुमान लगाया जा सकता है । एक कटियन हमेशा अपने मूल परमाणुओं से छोटा होता है क्योंकि एक या अधिक इलेक्ट्रॉनों के नुकसान के परिणाम स्वरूप प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है जबकि ऋणायन के साथ इसका विपरीत होता है |

4.

किसी वर्ग या आवर्त में परमाणु त्रिज्या किस प्रकार परिवर्तित होती है? इस परिवर्तन की व्याख्या आप किस प्रकार करेंगे?

Answer»

ANSWER:

किसी वर्ग या आवर्त में परमाणु त्रिज्या किस प्रकार परिवर्तित होती है? इस परिवर्तन की व्याख्या आप किस प्रकार करेंगे?

EXPLANATION:

तथा.वयाखया करेगे

5.

आयनन एन्थैल्पी और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी को परिभाषित करने में विलगित गैसीय परमाणु तथा ‘आद्य अवस्था' पदों को सार्थकता क्या है?

Answer»

आयनन एन्थैल्पी  एक पृथक तटस्थ गैसीय परमाणु की सतह से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा है , तथा  इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी मुक्त ऊर्जा की मात्रा होती है जब एक पृथक गैसीय परमाणु एक इलेक्ट्रॉन को एक मोनोवालेंट गैसीय आयन बनाता है।

Explanation:

आयनन एन्थैल्पी वह ऊर्जा है जो निम्नतम अवस्था (GROUND STATE ) में एक अलग गैसीय परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक है"।

                                   X(g) \rightarrow X^{+}(g) + e^{-}

इस तथ्य के बावजूद कि गैसीय अवस्था में परमाणु आमतौर पर व्यापक रूप से अलग हो जाते हैं, परमाणुओं के बीच आकर्षक बलों के कुछ उपाय होते हैं। किसी भी आयन के आयनन एन्थैल्पी को खोजने के लिए, एकान्त परमाणु को अलग करना मुश्किल है ,दबाव को कम करके इस आकर्षक बल को और कम किया जा सकता है। इसलिए, "पृथक गैसीय परमाणु" शब्द का उपयोग आयनन एन्थैल्पी के अर्थ के एक भाग के रूप में किया जाता है।

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी - यह वह ऊर्जा है जब  पृथक गॅसीयस परमाणुओं  निम्नतम अवस्था मे गैसीय आयन बनाने के लिए एक इलेक्ट्रॉन प्राप्त होता तो उस प्रकीरया मे जो उर्जा मुक्त होता है उसे इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कहते है |

                                 X(g) + e^{-} \rightarrow X^{-} (g)

परमाणु का निम्नतम अवस्था (ground state ) सबसे स्थिर स्थिति है। एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है यदि पृथक गैसीय परमाणु निम्नतम अवस्था (ground state ) में मौजूद है।

 

6.

Explain frenkel defect? (Ch: Solid State)ISC 12th​

Answer»

Answer:

A Frenkel DEFECT or dislocation defect is a type of point defect in crystalline solids named after its discoverer Yakov Frenkel. The defect FORMS when an atom or SMALLER ion leaves its PLACE in the lattice, creating a vacancy, and becomes an interstitial by lodging in a nearby LOCATION.

7.

समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज़ से आप क्या समझते हैं? एक ऐसी स्पीशीज़ का नाम लिखिए, जो निम्नलिखित परमाणुओं या आयनों के साथ समइलेक्ट्रॉनिक होगी-(i) F⁻ (ii) Ar (iii) Mg²⁺ (iv) Rb⁺

Answer»

समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज़ उन स्पीशीज़ को संदर्भित करती हैं जिनमें इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या होती है |

EXPLANATION:

समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज़ वोह  स्पीशीज़ होते है जिसमे इलेक्ट्रॉन की संख्या बराबर होती है , तथा समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज़ के नभिकिये आवेश अलग-अलग होता है | समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज़ के मामले मे नभिकिये आवेश बढ़ता जैसे जैसे स्पीशीज़ का आकर बढ़ता है |

(i) F^{-} - के पास 10 (9+1)  इलेक्ट्रॉन होते है |

(II) Ar -  के पास 18  इलेक्ट्रॉन होते है |

(III) Mg²⁺ - के पास 10(12-2)  इलेक्ट्रॉन होते है |

(IV) Rb⁺  - के पास 36(37-1)  इलेक्ट्रॉन होते है |

   N^{3-} , O^{2-} , Ne , Na^{+} , और Al^{3+} समइलेक्ट्रॉनिक है  F^{-}और Mg²⁺ के साथ , तथा P^{3-} , S^{2-}. ,Cl^{-} , K^{+}  और Ca^{2+} समइलेक्ट्रॉनिक है Ar  के साथ  , और  Br^{-} , Kr और Sr^{2+} समइलेक्ट्रॉनिक है  Rb^{+}  के साथ |  

8.

Calculate the amount of carbon dioxide that could be produced when (1) 1mole of carbonio burnt in air(2) 1mole carbon is burnt in 16g of dioxygen.(3) 2 moles carbon are burnt in 16g of dioxygen​

Answer»

ANSWER:

(1)then it will form 1 molecule of carbon DIOXIDE oxide

2,same answer

(3)1 mole of FREE carbon and 1 mole of CO2

9.

Which one is an electron deficientmolecule(A) Al(CH3)6(B) CCI4,(C) CO(D) N2O​

Answer»

ANSWER:

B)CCL4

Explanation:

ccl4 is the ELECTRON DEFICIENY

10.

The relative stability of the three isomers of pentane follows the order1- n-pentane > isopentane > neopentane2-n-pentane > neopentane > isopentane3-neopentane > isopentane > n - pentane4-neopentane-pentane > isopentane​

Answer»

Answer:

Hf 36418535d been trying to get the BEST WAY to GO to w what we

11.

Thermodynamics of an ideal solution​

Answer»

ANSWER:

what is the QUESTION FUL QUATION

12.

Discrete orbits are also known as --​

Answer»

ANSWER:

POLITICS is the answer

13.

75% of the first order is completed in 30min calculate the rate constant of the reaction​

Answer»

\huge\underline{\underline{\bf \orange{Question-}}}

75% of the first order is completed in 30min calculate the rate constant of the reaction.

\huge\underline{\underline{\bf \orange{Solution-}}}

\large\underline{\underline{\sf Given:}}

  • a = 100%
  • a - X = 100 - 75 ➝ 25%
  • time (t) = 30 × 60 ➝ 1800sec

\large\underline{\underline{\sf To\:Find:}}

  • Rate Constant (K)

\large{\rm We \:know\:that\:for\:1^{st}\:order\: Reaction- }

\large{\boxed{\bf \blue{K=\dfrac{2.303}{t}log\dfrac{a}{a-x}} }}

\implies{\sf \dfrac{2.303}{1800}×log\dfrac{100}{25}}

\implies{\sf \dfrac{2.303}{1800}×log4}

\implies{\sf \dfrac{2.303}{1800}×2log2}

{ log2 = 0.303 }

\implies{\sf\dfrac{2.303}{1800}×2×0.303 }

\implies{\sf \dfrac{1.39}{1800}}

\implies{\bf \red{Rate\: Constant (K)=7.7×10^{-4}sec^{-1}} }

\huge\underline{\underline{\bf \orange{Answer-}}}

Rate constant of the reaction is {\bf \red{7.7×10^{-4}sec^{-1}}}.

14.

Define electrolysis ​

Answer»

Answer:

electrolysis is the process in which electric current is passed through a MOLTEN or aqueous SOLUTION by which cations MIGRATES towards cathode and ANION migrates towards anode for EXAMPLE nacl

15.

एक ही वर्ग में उपस्थित तत्त्वों के भौतिक और रासायनिक गुणधर्म समान क्यों होते हैं?

Answer»

ANSWER:

i don't KNOW the answer PLS MARK as BRAINLIST answer

16.

आवर्त और वर्ग के पदों में यह बताइए कि Z=14 कहाँ स्थित होगा?

Answer»

ANSWER:

i don't KNOW the answer PLS MARK as BRAINLIST answer.

17.

मेंडलीव ने किस महत्त्वपूर्ण गुणधर्म को अपनी आवर्त सारणी में तत्त्वों के वर्गीकरण का आधार बनाया? क्या वे उसपर दृढ़ रह पाए?

Answer»

ANSWER:

उन्होंने वर्गीकरण के लिए आणविक भार चुना। वह उस पर दृढ़ नहीं रह पाए।

18.

इन अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बताइए (क) P (ख) Si (ग) Cr (घ) Fe (ङ) Kr

Answer»

ANSWER:

A) 15

B) 14

C) 24

D) 26

E) 36

19.

ब्रोमीन परमाणु में 35 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसके 2p कक्षक में छ: इलेक्ट्रॉन, 3p कक्षक में छ: इलेक्ट्रॉन तथा 4p कक्षक में पाँच इलेक्ट्रॉन होते हैं। इनमें से कौन सा इलेक्ट्रॉन न्यूनतम प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करता है?

Answer»

ANSWER:

i don't KNOW the answer PLS MARK as BRAINLIST answer.

20.

एक प्रोटॉन, जो 1000 V के विभवांतर में गति कर रहा है, से संबंधित वेग 4.37 × 10⁵ ms⁻¹ है। यदि 0.1 kg द्रव्यमान की हॉकी की गेंद इस वेग से गतिमान है, तो इससे संबंधित तरंग-दैर्ध्य की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

I don't KNOW. SORRY......

21.

कौन से तत्त्व का नाम निम्नलिखित द्वारा दिया गया है?(i) लॉरेन्स बर्कले प्रयोगशाला द्वारा (ii) सी बोर्ग समूह द्वारा

Answer»

(i)  (क) लौरेंसिउम(Lr)        (ख) बर्केलिउम(BK)

(ii)  सेअबोर्गिउम(Sg)

EXPLANATION:

तत्त्व का नाम  निम्नलिखित द्वारा दिया गया ;

(i) लॉरेन्स बर्कले प्रयोगशाला द्वारा -

             (क) लौरेंसिउम(Lr) , जिसकी परमाणु संख्या (Z) = 103

             (ख) बर्केलिउम(Bk) , जिसकी परमाणु संख्या (Z) = 97

(ii) सी बोर्ग समूह द्वारा - सेअबोर्गिउम(Sg) ,  जिसकी परमाणु संख्या (Z) = 106

               

22.

उस तत्त्व का परमाणु क्रमांक लिखिए, जो आवर्त सारणी में तीसरे आवर्त और 17वें वर्ग में स्थित होता है।

Answer»

ANSWER:

The ELEMENT is Chlorine and it's atomic NUMBER is 17.

23.

क्वांटम संख्याओं के आधार पर यह सिद्ध कीजिए कि आवर्त सारणी के छठवें आवर्त में 32 तत्त्व होने चाहिए।

Answer»

पाउली के बहिष्करण सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक कक्षीय अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉनों को समायोजित कर सकता है, इसलिए 16 कक्षाओं में 32 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं और इसलिए, 6^{th} अवधि में 32 तत्त्व  होते हैं ।

Explanation:

आधुनिक आवर्त सारणी में, प्रत्येक अवधि नए प्रमुख ऊर्जा स्तर को भरने के साथ शुरू होती है। छठी अवधि की शुरुआत प्रिंसिपल क्वांटम संख्या,  n= 6 को भरने के साथ होती है। ऑफ्बाउ सिद्धांत के अनुसार, परमाणु के निम्नतम अवस्था(GROUND state) में, कक्षीय अपनी बढ़ती ऊर्जाओं के क्रम में भरे हुए हैं। छठी अवधि में, इलेक्ट्रॉनों 6s , 4f , 5d और 6p उपकोष (subshell) में प्रवेश करते हैं। कुल 16 कक्ष (2 + 7 + 5 + 3) इन उपकोष में मौजूद हैं।पाउली के बहिष्करण सिद्धांत (PAULI's exclusion principle) के अनुसार प्रत्येक कक्षीय अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉनों को समायोजित कर सकता है, इसलिए 16 कक्षाओं में 32 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं और इसलिए, 6^{th} अवधि में 32 तत्त्व  होते हैं।

 

24.

दे ब्राग्ली द्वारा प्रतिपादित द्रव्य के दोहरे व्यवहार से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज हुई, जिसे जैव अणुओं और अन्य प्रकार के पदार्थों की अति आवर्धित प्रतिबिंब के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस सूक्ष्मदर्शी में यदि इलेक्ट्रॉन का वेग 1.6 × 10⁶ ms⁻¹ हैं, तो इस इलेक्ट्रॉन से संबंधित दे ब्राग्ली तरंग दैर्ध्य की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

25.

मेंडलीव के आवर्त नियम और आधुनिक आवर्त नियम में मौलिक अंतर क्या है?

Answer»

ANSWER:

मेंडलीफ के आवर्त नियम में ततुओ का वर्गीकरण परमाणु द्रवमान के आधार पर किया गया है जबकि आधुनिक आवर्त सरणी में यह वर्गीकरण परमाणु संख्या के आधार पर किया गया है

26.

सबसे लंबी द्विगुणित तरंग दैर्घ्य जिक अवशोषण संक्रमण 589 और 589.6nm पर देखा जाता है। प्रत्येक संक्रमण की आवृत्ति और दो उत्तेजित अवस्थाओं के बीच ऊर्जा के अंतर की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

27.

(क) n= 4 से संबंधित कितने उपकोश हैं?(ख) उस उपकोश में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित होंगे, जिसके लिए ms =-1/2 एवं n = 4 हैं।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

28.

Al तथा Si में 3p कक्षक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं। कौन सा इलेक्ट्रॉन नाभिक से अधिक प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा?

Answer»

ANSWER:

i don't KNOW the answer PLS MARK as BRAINLIST answer.

29.

निऑन गैस को सामान्यत: संकेत बोड़ों में प्रयुक्त किया जाता है। यदि यह 616 nm पर प्रबलता से विकिरण-उत्सर्जन करती है, तो(क) उत्सर्जन की आवृत्ति (ख) 30 सेकंड में इस विकिरण द्वारा तय की गई दूरी (ग) क्वांटम की ऊर्जा तथा(घ) उपस्थित क्वांटम की संख्या की गणना कीजिए (यदि यह 2J की ऊर्जा उत्पन्न करती है) l

Answer»

ANSWER:

I don't KNOW. So SORRY....

30.

निम्नलिखित में से कौन सा कक्षक उच्चप्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा?(i) 2s और 3s, (ii) 4d और 4f तथा (iii) 3d और 3p.

Answer»

(i) - 2S     ,  (ii) - 4d    और   (iii)  3P

Explanation:

एक से अधिक इलेक्ट्रॉन रखने वाले परमाणु के कक्षक मे उपस्थित इलेक्ट्रोनो द्वारा अनुभव किया कुल धनातमान आवेश को ही नभिकिये आवेश के रूप में परिभाषित किया जाता है |अतः परमाणु का कक्षक उसके नाभिक से जितना कम दूरी पर होता है , उतना ही अधिक नभिकिये आवेश कक्षकों के इलेक्ट्रोनो द्वारा अनुभव होता है |

(i) 2s कक्षक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन , 3s मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन की अपेक्षा ज़्यादा नभिकिये आवेश अनुभव करेगा |

(ii) 4d कक्षक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन , 4f मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन की अपेक्षा ज़्यादा नभिकिये आवेश अनुभव करेगा |

(iii)  3p कक्षक मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन , 3D मे उपस्थित इलेक्ट्रॉन की अपेक्षा ज़्यादा नभिकिये आवेश अनुभव करेगा |

31.

37 द्रव्यमान संख्या वाले एक आयन पर ऋणावेश की एक इकाई है। यदि आयन में इलेक्ट्रॉन की तुलना में न्यूट्रॉन 11.1% अधिक है, तो आयन का प्रतीक लिखिए।

Answer»

ANSWER:

CHLORINE is the answer of this QUESTION.

32.

छ: इलेक्ट्रॉन की क्वांटम संख्या नीचे दी गई है। इन्हें ऊर्जा के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। क्या इनमें से किसी को ऊर्जा समान है?1. 2. 3. 4. 5. 6.

Answer»

ANSWER:

i dont know bro because this QUESTION is 12 CLASS question but i STUDY in class 9

33.

यदि एक इलेक्ट्रॉन की स्थिति को 0.002 nm की शुद्धता से मापी जाती है, तो इलेक्ट्रॉन के संवेग में अनिश्चितता की गणना कीजिए। यदि इलेक्ट्रॉन का संवेग × 0.05 nm है, तो क्या इस मान को निकालने में कोई कठिनाई होगी?

Answer»

इलेक्ट्रॉन का वास्तविक संवेग परिभाषित नहीं किया जा सकता क्योंकि दिया हुआ इलेक्ट्रॉन का वास्तविक संवेग , अनिश्चित संवेग  से छोटा है |

EXPLANATION:

प्रश्न मे दिया गया है कि ;

         \Delta x= 0.002nm =0.002\times10^{-9} m   =2.0\times10^{-12} m

हेसएंबेर्ग्स अनिश्चितता सिद्धांत(HEISENBERG's UNCERTAINTY PRINCIPLE) से ,

                                       \Delta x \times\Delta p\geq \frac{h}{4\Pi }

                                     \Delta p= \frac{h}{4\Pi\times \Delta x } = \frac{6.625\times 10^{-34}Kg m^{2} s^{-1}}{4\times3.14\times2.0\times10^{-12}m}

                 अनिश्चित संवेग, \Delta p = 2.63 \times 10^{-23}Kg ms^{-1}

  जबकि ,    

          इलेक्ट्रॉन का वास्तविक संवेग = \frac{h}{4\Pi\times0.05nm}=\frac{6.625\times10^{-34}Kgm^{2}s^{-1}}{4\times3.14\times0.05\times10^{-9}m}

                                                     = 1.055\times10^{-24} Kg ms^{-1}

इलेक्ट्रॉन का वास्तविक संवेग परिभाषित नहीं किया जा सकता क्योंकि दिया हुआ इलेक्ट्रॉन का वास्तविक संवेग , अनिश्चित संवेग  से छोटा है |

34.

मिलिकन के प्रयोग में तेल को बूंद पर चमकती x-किरणों द्वारा प्राप्त स्थैतिक विद्युत् आवेश प्राप्त किया जाता है। तेल की बूंद पर यदि स्थैतिक विद्युत् आवेश –1.282 × 10⁻¹⁸C है, तो इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

35.

यदि बोर के प्रथम कक्ष में इलेक्ट्रॉन का वेग 2.19 × 10⁶ ms⁻¹ है, तो इससे संबंधित दे ब्रॉग्ली तरंग दैर्ध्य की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

36.

इलेक्ट्रॉन विवर्तन के समान न्यूट्रॉन विवर्तन सूक्ष्मदर्शी को अणुओं की संरचना के निर्धारण में प्रयुक्त किया जाता है। यदि यहाँ 800pm की तरंग दैर्ध्य ली जाए, तो न्यूट्रॉन से संबंधित अभिलाक्षणिक वेग की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

37.

He⁺ (g) ----> He ²⁺(g) + e⁻ प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणुकी तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 ×10⁻¹⁸ J atom⁻¹ है।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

38.

उस उत्सर्जन संक्रमण के तरंग दैर्ध्य की गणना कीजिए, जो 1.3225 nm त्रिज्या वाले कक्ष से आरंभ और 211.6 pm पर समाप्त होता है। इस संक्रमण की श्रेणी का नाम और स्पेक्ट्रम का क्षेत्र भी बताइए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

39.

यदि 150pm तरंग दैर्ध्य का फोटॉन एक परमाणु से टकराता है और इसके अंदर बँधा हुआ इलेक्ट्रॉन 1.5 × 10⁷ m s⁻¹ वेग से बाहर निकलता है तो उस ऊर्जा की गणना कीजिए, जिससे यह नाभिक से बँधा हुआ है।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

40.

उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्राय: लगभग नेनो सेकंड़ परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल 2ns और स्पंदित विकिरण स्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 2.5 × 10¹⁵ है, तो स्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

41.

He⁺ स्पेक्ट्रम के n= 4 से n = 2 बामर संक्रमण से प्राप्त तरंग दैर्ध्य के बराबर वाला संक्रमण हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में क्या होगा?

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

42.

खगोलीय प्रेक्षणों में दूरस्थ तारों से मिलने वाले संकेत बहुत कमजोर होते हैं। यदि फोटॉन संसूचक 600 nm के विकिरण से कुल 3.15 × 10⁻¹⁸ J प्राप्त करता है, तो संसूचक द्वारा प्राप्त फोटॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

43.

किसी परमाणु में निम्नलिखित क्वांटम संख्याओं वाले कितने इलेक्ट्रॉन होंगे?(क) (ख)

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

44.

नाइट्रोजन लेज़र 337.1 nm की तरंग दैर्ध्य पर एक विकिरण उत्पन्न करती है। यदि उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 5.6 × 10²⁴ हो, तो इस लेजर की क्षमता की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

I don't KNOW. So SORRY....

45.

निम्नलिखित विकिरणों के प्रकारों को आवृत्ति के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए -(क) माइक्रोवेव ओवन (oven) से विकिरण (ख) यातायात संकेत से त्रणमणि (amber) प्रकाश (ग) एफ.एम. रेडियो से प्राप्त विकिरण (ध) बाहरी दिक् से कौसमिक किरणें(च) x-किरणे

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

46.

एक इलेक्ट्रॉन किसी 3d कक्षक में है। इसके लिए और के संभव मान दीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

47.

किसी कण का स्थिर विद्युत् आवेश है। इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

48.

56 द्रव्यमान संख्या वाले एक आयन पर धनावेश की 3 इकाई हैं, और इसमें इलेक्ट्रॉन की तुलना में 30.4% न्यूट्रॉन अधिक हैं। इस आयन का प्रतीक लिखिए।

Answer»

ANSWER:

IRON is the answer of this QUESTION

49.

यह दर्शाइए कि हाइड्रोजन परमाणु की बोर कक्षा की परिधि उस कक्षा में गतिमान इलेक्ट्रॉन कीदे-ब्राग्ली तरंग दैर्ध्य का पूर्ण गुणक होती है।

Answer»

ANSWER:

This is your answer. MARK as BRAINLIEST

50.

निम्नलिखित में से कौन सम-आयनी स्पीशीज़ हैं, अर्थात् किनमें इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या है?Na⁺, K⁺, Mg²⁺, Ca²⁺, S²⁻, Ar

Answer»

EXPLANATION:

  1. NA+ and Mg²+
  2. K+ and S²-
  3. Ar and Ca²+