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This section includes InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

31851.

श्रीमती एनीबेसेण्ट निवासी थीं(क) भारत की(ख) इंग्लैण्ड की(ग) फ्रांस की(घ) आयरलैण्ड की

Answer»

सही विकल्प है (घ) आयरलैण्ड की

31852.

बोस्टन चाय पार्टी की घटना हुई थी(क) 1770 ई० में(ख) 1771 ई० में(ग) 1773 ई० में(घ) 1775 ई० में

Answer»

सही विकल्प है (ग) 1773 ई० में

31853.

‘बोस्टन टी पार्टी की घटना का उल्लेख कीजिए।

Answer»

सन् 1773 ई० में अंग्रेज गवर्नर के चाय उतारने के आदेश पर रेड इण्डियनों की वेशभूषा में अमेरिकनों के द्वारा चाय की पेटियाँ समुद्र में फेंक देने की घटना को ‘बोस्टन टी पार्टी’ कहा जाता है।

31854.

विश्व की किस क्रान्ति को शानदार क्रान्ति’ से सम्बोधित किया जाता है?(क) फ्रांस की(ख) इंग्लैण्ड की(ग) अमेरिका की(घ) रूस की

Answer»

सही विकल्प है (ख) इंग्लैण्ड की

31855.

‘बोस्टन चाय पार्टी’ घटना किस देश की क्रान्ति से सम्बन्धित है ?(क) अमेरिका(ख) रूस(ग) फ्रांस(घ) इंग्लैण्ड

Answer»

सही विकल्प है (क) अमेरिका

31856.

विष्णु शर्मा ने राजा के बेटों को किस प्रकार शिक्षित किया?

Answer»

विष्णु शर्मा ने राजा के बेटों को पंचतंत्र की उपदेशात्मक कहानियाँ सुनाकर शिक्षित किया।

31857.

विष्णु शर्मा ने राजा से क्या कहा?

Answer»

विष्णु शर्मा ने राजा को छह महीनों में राजपुत्रों को ज्ञान और राजनीति सिखाने का वचन दिया।

31858.

टेरा न्यूलिअस क्या है?

Answer»

टेरो न्यूलिअस (Terra Nullius) का अर्थ है जो किसी की नहीं है।’ यूरोपीय लोगों की । सरकार की ऑस्ट्रेलिया के प्रति यह नीति मूल निवासियों के लिए बनी थी।

31859.

सिडनी कहाँ है?(क) अमेरिका में(ख) कनाडा में(ग) रूस में(घ) ऑस्ट्रेलिया में

Answer»

सही विकल्प है (घ) ऑस्ट्रेलिया में

31860.

कनाडा की खोज किसने की थी?

Answer»

जाक कार्टियर ने सन् 1535 ई० में कनाडा की खोज की थी। कनाडा शब्द की उत्पत्ति ‘कनाटा’ से हुई है, स्थानीय भाषा में जिसका तात्पर्य गाँव से था।

31861.

हेनरी रेनॉल्ड्स कौन था?

Answer»

हेनरी रेनॉल्ड्स एक प्रभावशाली इतिहासकार था। उसने ऑस्ट्रेलियाई इतिहास लेखन की नई पद्धति को जन्म दिया। उसकी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम ‘why we were not told’ था।

31862.

ज्यूडिथ राइट के विषय में आप क्या जानते हैं?

Answer»

ज्यूडिथ राइट ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध लेखिका थी उन्होंने अपनी पुस्तक ‘दो समय’ में मूल निवासियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी।

31863.

क्यूबेल एक्ट कब पास हुआ?(क) सन् 1774 में(ख) सन् 1773 में(ग) सन् 1781 में(घ) सन् 1782 में

Answer»

सही विकल्प है (क) सन् 1774 में

31864.

मूल बाशिन्दा (Native) से आप क्या समझते हैं?

Answer»

मूल बाशिन्दा वह व्यक्ति होता है जो अपने मौजूदा निवास स्थल में ही जन्मा हो। 20वीं सदी के आरम्भिक वर्षों तक यह यूरोपीय लोगों द्वारा अपने उपनिवेशों के बाशिन्दों के लिए प्रयुक्त होता था।

31865.

अमेरिकियों के लिए फ्रण्टियर के क्या मायने थे?

Answer»

अमेरिकियों के लिए ‘फ्रण्टियर’ के मायने उनकी पश्चिमी सीमा से थे। यह सीमा सेटलरों के कारण पीछे खिसकती रहती थी। जैसे-जैसे ये आगे बढ़ती थी मूल निवासी भी पीछे खिसकने के लिए बाध्य किए जाते थे।

31866.

उत्तरी अमेरिका की भौगोलिक स्थिति का परिचय दीजिए।

Answer»

उत्तरी अमेरिका का महाद्वीप उत्तर ध्रुवीय वृत्त से लेकर कर्क रेखा तक और प्रशान्त महासागर से अटलांटिक महासागर तक विस्तृत है। पथरीले पहाड़ों की श्रृंखला के पश्चिम में अरिजोना और नेवादा की मरुभूमि है। थोड़ा और पश्चिम में सिएरा नेवाडा पर्वत है। पूरब में विस्तृत मैदानी क्षेत्र, विस्तृत झीलें, मिसीसिपी और ओहियो पर्वतों की घाटियाँ हैं। दक्षिण की ओर मेक्सिको है। कनाडा का 40 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। कई क्षेत्रों में तेल, गैस और खनिज संसाधन पाए जाते हैं जिनके कारण इस क्षेत्र में अनेक बड़े उद्योगों का विकास हुआ है।

31867.

चिरोकी कबीले का विस्थापन किस प्रकार हुआ?

Answer»

संयुक्त राज्य अमेरिका के मूल निवासियों को यूरोपीय प्रवासियों द्वारा तेजी से हटाया जा रहा था। उसमें वहाँ के उच्चाधिकारी भी सहयोग दे रहे थे। चिरोकी कबीला संयुक्त राज्य अमेरिका के एक नगर जॉर्जिया के कानून से शासित था, उन्हें नागरिक अधिकारों का उपयोग नहीं करने दिया जाता था। अधिकारी इसे सही मानते थे। मूल निवासियों में चिरोकी ही ऐसे थे जिन्होंने अंग्रेजी सीखने और अमेरिकी जीवन शैली को समझने का प्रयास किया, फिर भी उन्हें नागरिक अधिकार प्रदान नहीं किए गए। सन् 1832 में संयुक्त राज्य के मुख्य न्यायाधीश ने एक महत्त्वपूर्ण फैसला दिया–“चिरोकी कबीला एक विशिष्ट समुदाय है और उसके स्वत्त्वाधिकार वाले क्षेत्र में जॉर्जिया का कानून लागू नहीं होता और वे कुछ मामलों में सम्प्रभुता सम्पन्न हैं।” संयुक्त राज्य के तत्कालीन राष्ट्रपति एंड्रिड जैक्सन ने न्यायाधीश जॉन मार्शल की बात नहीं मानी और चिरोकियों को हटाने के लिए एक विशाल फौज भेज दी। 15,000 लोगों को उनके क्षेत्रों से हटा दिया गया।

31868.

1934 का रजिस्ट्रेशन एक्ट क्या था?

Answer»

यह एक युगान्तकारी एक्ट था जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका के मूल निवासियों को नागरिक अधिकार प्रदान किए गए थे। इसी के द्वारा उन्हें भूमि क्रय करने और ऋण लेने का अधिकार प्राप्त हुआ।

31869.

उत्तरी अमेरिका में बाहर से आने वाले व्यापारी किन वस्तुओं के व्यापार में रुचि रखते थे?

Answer»

ये लोगं वहाँ सोना प्राप्त करना चाहते थे, क्योंकि उत्तरी अमेरिका में सोने के भण्डार अधिक थे। ये लोग मछली और रोएँदार खाल के व्यापार के लिए आए थे।

31870.

गोल्ड रश से आप क्या समझते हैं? हजारों लोग क्यों कैलीफोर्निया की ओर दौड़ने लगे थे? इस क्षेत्र में रेलवे लाइनों के पीछे कौन-सा तर्क था?

Answer»

यह आशा हमेशा से की जाती रही कि उत्तरी अमेरिका में धरती के नीचे सोना है। 1840 ई० में संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलीफोर्निया में सोने के कुछ चिह्न प्राप्त हुए। इसने ‘गोल्ड रश’ को जन्म दिया। यह उस आपाधापी का नाम है जिसमें हजारों की संख्या में आतुर यूरोपीय लोग अपनी किस्मत सँवारने के लिए अमेरिका पहुँचे। इसके चलते पूरे महाद्वीप में रेलवे लाइनों का निर्माण हुआ। संयुक्त राज्य अमेरिका की रेलवे का काम सन् 1870 ई० में पूरा हुआ और कनाडा की रेलवे का 1885 ई० औद्योगिक क्रान्ति के बाद उत्तरी अमेरिका में भी उद्योग कई प्रकार के अलग कारणों से विकसित हुए—एक उद्योग रेलवे के साज-सम्मान बनाने को विकसित हुआ ताकि दूर-दूर के स्थानों को तीव्र परिवहन द्वारा जोड़ा जा सके। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा दोनों स्थानों पर औद्योगिक नगरों का विकास हुआ और कारखानों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। सन् 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका का । अर्थतन्त्र अविकसित अवस्था में था। 1890 में वह विश्व की नेतृत्वकारी औद्योगिक शक्ति बन चुका था। वृहद् स्तर पर खेती का भी विस्तार हुआ। बहुत-सा क्षेत्र साफ किया गया और टुकड़ों के रूप में खेत बनाए गए। 1892 में संयुक्त राज्य अमेरिका का महाद्वीप विस्तार पूरा हो चुका था। प्रशान्त महासागर और अटलांटिक महासागर के बीच का क्षेत्र राज्यों में विभाजित किया जा चुका था। कुछ ही वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका ने हवाई और फिलीपीन्स में अपने उपनिवेश स्थापित कर लिए।

31871.

जापान में मेजी संविधान में सम्राट की स्थिति कैसी थी?(क) सर्वोच्च(ख) सर्वश्रेष्ठ(ग) सर्वोपरि(घ) सर्वाधिकारवादी

Answer»

सही विकल्प है (क) सर्वोच्च

31872.

तोकुगावा शोगुनों के शासन का अन्त कब हुआ?

Answer»

तौकुगावा शोगुनों के शासन का अन्त 9 नवम्बर, 1867 ई० में हुआ।

31873.

जापान के कृषक वर्ग में असन्तोष का कारण लिखिए।

Answer»

करों की अधिकता ने जापान के कृषक वर्ग में असन्तोष फैलाया।

31874.

उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों ने अपना इतिहास लेखन कब प्रारम्भ किया?(क) सन् 1740 में(ख) सन् 1761 में(ग) सन् 1760 में(घ) सन् 1861 में

Answer»

सही विकल्प है (क) सन् 1740 में

31875.

उत्तरी अमेरिका के सबसे पहले मूल निवासियों के विषय में आप क्या जानते हैं?

Answer»

उत्तरी अमेरिका के सबसे पहले मूल निवासी 30,000 साल पहले बोरिंग स्ट्रेट्स के आर-पार फैले भूमि सेतु के मार्ग से एशिया से आए और 10,000 वर्ष पूर्व अन्तिम हिम युग के दौरान वे कुछ . दक्षिण की ओर बढ़े। अमेरिका में मिलने वाली सबसे प्राचीन मानव द्वारा बनाई गई आकृति–एक तीर की नोक-11,000 वर्ष पुरानी है। लगभग 5,000 वर्ष पूर्व जब जलवायु में अधिक स्थिरता आई, तब जनसंख्या बढ़ना प्रारम्भ हुई। ये लोग नदी घाटी के साथ-साथ बने गाँवों में समूह बनाकर निवास करते थे। ये मछली और मांस खाते थे तथा सब्जियाँ और मकई उगाते थे। वे अक्सर मांस की खोज में लम्बी यात्राओं पर जाया करते थे। मुख्य रूप से उन्हें बाइसौन’ नामक जंगली भैंसों की तलाश रहती थी, जो घास के मैदानों में घूमते थे। लेकिन वे उतने ही जानवर मारते थे जितनी कि उन्हें भोजन के लिए आवश्यकता होती थी।

31876.

अमेरिका के मूल निवासियों का यूरोपीयों के प्रति क्या दृष्टिकोण था?

Answer»

ये लोग यूरोपियों से घृणा करते थे। उनकी अनेक लोककथाओं में यूरोपीय का मजाक उड़ाया गया है। उनका वर्णन लालची और धूर्त के रूप में किया गया है।

31877.

दक्षिणी और उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों के बीच के फर्को से सम्बन्धित किसी भी बिन्दु पर टिप्पणी करिए।

Answer»

दक्षिणी अमेरिका के मूल निवासी बड़े पैमाने पर कृषि कार्य करते थे। इसलिए परिवार पर होने वाले व्यय के पश्चात् अधिशेष होता था। इस अधिशेष के कारण वहाँ राजशाही और साम्राज्य का विकास हुआ। इसके विपरीत उत्तरी अमेरिका के मूल निवासी कृषि कार्य नहीं करते थे। और न ही वे ऐसा उत्पादन करते थे जिनका अधिशेष रहता हो। इसलिए वहाँ राजशाही व साम्राज्य का विकास नहीं हुआ।

31878.

क्या आप जानते हैं कि माओत्सेतुंग और चीन के साम्यवादी दल ने चीन को मुक्ति दिलाने और इसकी मौजूदा कामयाबी की बुनियादी डालने में सफलता प्राप्त की?

Answer»

जिस समय चीन में साम्यवाद के उदय की भूमिका तैयार थी, उसी समय चीनियों को माओत्सेतुंग जैसा क्रान्तिकारी नेता प्राप्त हुआ। माओ में मजदूर वर्ग तथा निम्न वर्ग को संगठित करने की असाधारण क्षमता विद्यमान थी। उसके प्रयासों से वास्तव में चीन में साम्यवाद का उदय और प्रसार हुआ। माओत्सेतुंग ने 1928-1934 के मध्य कुओमीनतांग के आक्रमणों से सुरक्षा के लिए शिविर लगाए। उन्होंने किसान परिषद् का गठन किया और भूमि पर कब्जा किया तथा उसे पुनः लोगों में बाँट दिया। इससे चीन का एकीकरण हुआ। स्वतन्त्र सरकार और सेना पर जोर दिया गया। उसने महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक कार्य किए। ग्रामीण महिला संघों की स्थापना पर जोर दिया, विवाह के नए नियम बनाए, विवाह के समझौते, खरीदने और बेचने पर रोक लगा दी। तलाक पद्धति को सरल रूप दिया।

31879.

क्या पड़ोसियों के साथ जापान के युद्ध और उसके पर्यावरण का विनाश तीव्र औद्योगीकरण की जापानी नीति के चलते हुआ?

Answer»

जापानी तीव्र औद्योगीकरण की नीति के चलते पड़ोसियों के साथ युद्ध और उसके पर्यावरण के विनाश के कारण निम्नलिखित थे
⦁     जापान तेजी से औद्योगीकरण करना चाहता था। इसके लिए उसे कच्चे माल की आवश्यकता थी। उसे प्राप्त करने के लिए वह उपनिवेश बसाने का इच्छुक था। इस दृष्टि से जापान ने 1895 ई० में ताइवाने पर आक्रमण किया और उसे अपने साम्राज्य में मिला लिया। इसी प्रकार 1910 ई० में कोरिया पर भी अधिकार स्थापित कर लिया। वह इतने से ही सन्तुष्ट नहीं हुआ। उसने 1894 ई० में चीन को पराजित किया और 1905 ई० में रूस से टक्कर ली।
⦁     उद्योगों के तीव्र और अनियन्त्रित विकास और लकड़ी जैसे प्राकृतिक संसाधनों की माँग से पर्यावरण का विनाश हुआ। प्रथम संसद में प्रतिनिधि चुने गए तनाको शोजे ने 1897 ई० में औद्योगिक प्रदूषण के विरुद्ध आन्दोलन छेड़ दिया जिसमें लगभग 800 लोगों ने भाग लिया।

31880.

संयुक्त रज्य अमेरिका और कनाड़ा में यूरोपीय आबादकारों के विरुद्ध मूल निवासियों ने अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए किस प्रकार संघर्ष किया?

Answer»

संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाड़ा के मूल निवासियों ने अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए निम्नलिखित प्रकार से संघर्ष किया

⦁    यूरोपीय आबादकारों द्वारा मूल निवासियों को संस्कृति की रक्षा और नागरिकता के उपभोग से रोका जाता था। इसके विरुद्ध अनेक संघर्ष हुए। यूरोपीय आबादकारों के मन में कुछ सहानुभूति जागी और इसने संयुक्त राज्य में क्रान्तिकारी कानून को जन्म दिया। 1934 के रजिस्ट्रेशन एक्ट के द्वारा आरक्षण पर मूल निवासियों को भूमि क्रय करने और ऋण लेने का अधिकार प्राप्त हुआ।
⦁    1950 और 1960 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की सरकारों ने मूल निवासियों के लिए बनाए गए, विशेष अधिनियमों को समाप्त करने का प्रयास किया जिससे उन्हें मुख्य धारा में सम्मिलित किया जाए। मूल निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया।
⦁    सन् 1954 में मूल निवासियों ने स्व-रचित ‘अधिकार घोषणा पत्र में इस शर्त के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिकता स्वीकार की कि उनके आरक्षण वापस नहीं लिए जाएँगे और उनकी परम्पराओं में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार की कार्यवाही कनाडा में भी हुई।
⦁     सन् 1969 में सरकार ने घोषणा की कि वह आदिवासी अधिकारों को मान्यता नहीं देगी। परिणामस्वरूप मूल निवासियों ने संगठित होकर इसका विरोध किया, धरना-प्रदर्शन किया।
⦁     सन् 1982 में एक संवैधानिक धारा के अन्तर्गत मूल निवासियों के वर्तमान आदिवासी अधिकारों और समझौता आधारित अधिकारों को स्वीकृति प्रदान की गई। 18वीं सदी की अपेक्षा वर्तमान में मूल निवासियों की संख्या बहुत कम हो गई है, किन्तु वे अपने अधिकारों के लिए आज भी संघर्षरत हैं।

31881.

पश्चिमी शक्तियों द्वारा पेश की गई चुनौतियों का सामना छींग राजवंश ने कैसे किया?

Answer»

पश्चिमी शक्तियों द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियों का सामना करने के लिए छींग राजवंश ने एक आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था, नई सेना और शैक्षणिक व्यवस्था के निर्माण के लिए नीति बनाई। संवैधानिक सरकार की स्थापना के लिए स्थानीय विधायिकाओं का गठन किया। चीन को उपनिवेशीकरण से बचाने के प्रयास किए।

31882.

जापान के विकास के साथ-साथ वहाँ की रोजमर्रा की जिन्दगी में किस तरह बदलाव आए? चर्चा कीजिए।

Answer»

जापान के विकास के साथ-साथ वहाँ की प्रतिदिन की जिन्दगी में निम्नलिखित बदलाव आए
⦁     1870 के दशक में नवीन विद्यालयी व्यवस्था का निर्माण हुआ। लड़के-लड़कियों के लिए विद्यालय जाना अनिवार्य कर दिया गया।
⦁     पाठ्यपुस्तकों में माता-पिता का सम्मान करने, राष्ट्र के प्रति निष्ठा और अच्छे नागरिक बनने कीप्रेरणा दी गई।
⦁      आधुनिक कारखानों में 50 प्रतिशत महिलाएँ कार्यरत थीं।
⦁     जापान में इकाई परिवार की अवधारणा का विकास हुआ जिसमें पति-पत्नी और बच्चे होते थे।
⦁    नए प्रकार के घर, रसोई के उपकरण और मनोरंजन के साधनों का विकास हुआ।

31883.

च्यांग-काई-शेक ने सैनिक प्रशिक्षण कहाँ प्राप्त किया?

Answer»

च्यांग-काई-शेक ने जापान के ‘सैनिक स्टाफ कॉलेज में सैनिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

31884.

च्यांग-काई-शेक का जन्म कब हुआ था?

Answer»

च्यांग-काई-शेक का जन्म 30 अक्टूबर 1887 ई० में चेकियांग प्रान्त के फेंगुवा जिले के चिको नामक स्थान पर हुआ था।

31885.

डॉ० सन यात-सेन के दो कार्य बताइए।

Answer»

⦁     सन यात-सेन ने क्रान्तिकारी संस्था ‘तुंग-मिंग’ हुई की स्थापना की
⦁     उन्होंने चीन में कुओमीनतांग दल की नींव डाली

31886.

डॉ० सेन के तीन सिद्धान्त बताइए।

Answer»

डॉ० सेन के तीन सिद्धान्त थे
⦁     राष्ट्रीयता
⦁    राजनीतिक लोकतन्त्र तथा
⦁     समाजवाद

31887.

डॉ० सर्ने यात-सेन का मूल नाम क्या था?(क) यू-शू-कुल(ख) सन यात-ली(ग) ली-फाग(घ) ताइ-चियांग

Answer»

सही विकल्प है (घ) ताइ-चियांग

31888.

मेजी पुनस्र्थापना से पहले की वे अहम घटनाएँ क्या थीं, जिन्होंने जापान के तीव्र आधुनिकीकरण को सम्भव किया?

Answer»

जापान में शोगुनों को तोकुगावा शासन प्रणाली के पूर्व समस्त राजसत्ता जापान के सम्राटों के हाथों में केन्द्रित थी। बाद में शोगुनों की शक्ति बढ़ जाने के कारण जापान में दोहरा शासन स्थापित हो गया। अब वास्तविक शक्ति शोगुनों के हाथों में में आ गई थी और वे सम्राट के नाम पर राज्य के समस्त कार्यों को संचालन करते थे परन्तु 250 वर्ष के दीर्घकालीन इस शासनतन्त्र में अनेक दोष उत्पन्न हो गए थे।

1. जापान की पृथक्ता का प्रभाव :
विदेशियों की शक्ति के समक्ष जापानी शासन को झुकना | पड़ा था और उसे अपने द्वार विदेशी व्यापार के लिए खोलने पड़े थे, इस कारण अब शोगुन सत्ता तथा जापानी सरकार के लिए एक गम्भीर समस्या उत्पन्न हो गई। जापान का प्रभावशाली तथा समुराई वर्ग दो गुटों में विभाजित हो गया। 1858 से 1868 ई० के दस वर्षों में एक ओर तो विदेशी विरोध की भावनाओं ने इतना उग्र रूप धारण कर लिया कि जापानी सरकार के लिए कानून और व्यवस्था बनाए रखना असम्भव हो गया और दूसरी ओर उसे विदेशियों के क्रोध का भय लगने लगा था। शोगुनों की शक्ति निरन्तर कम होती जा रही थी और सम्राट की शक्ति को महत्त्व मिलने लगा था।

जापान की पृथक्ता की नीति के प्रणेता शोगुन ही थे किन्तु 250 वर्षों से लागु रहने के कारण यह नीति बन गई थी। 1845 ई० में नए जापानी सम्राट कोमई ने पृथक्ता की नीति को मान्यता भी प्रदान कर दी थी लेकिन जब शोगुन ने पेरी तथा हैरिस से सन्धि की तो क्योटो में स्थित सम्राट और उसके दरबारियों ने इस नीति की कटु आलोचना की किन्तु विदेशी शक्ति के सामने शोगुन विवश थे और उसने विदेशियों के लिए जापान के द्वार खोलकर सम्राट लथा सामन्तों का विरोध सहने का निश्चय कर लिया। विदेशियों के लिए देश के द्वार खुलते ही दोहरी शासन प्रणाली के दोष स्पष्ट होने लगे।

विदेशी शक्तियाँ शोगुन को ही जापान का सर्वोच्च शासक समझती थीं लेकिन जब विदेशियों तथा शोगुन शासक के मध्य कठिन प्रश्न उत्पन्न हो गए तब शोगुन ने यह तर्क प्रस्तुत किया कि इन प्रश्नों पर निर्णय लेने से पहले क्योतो में सम्राट से अनुमति लेनी आवश्यक है। विदेशी सोचते थे कि शोगुन का यह तर्क उनको धोखा देने या टाल-मटोल करने के लिए था। दूसरी ओर, जेब प्रश्नों को क्योटों में सम्राट का निर्णय जानने के लिए भेजा जाता तो जापानी जनता यह समझने लगी। कि सम्राट के वास्तविक अधिकारों का प्रयोग शोगुन करते हैं। सदियों बाद जटिल तथा महत्त्वपूर्ण प्रश्नों का निर्णय के लिए जाना शोगुनों की दुर्बलता का प्रतीक था।

यदि शोगुन ने विदेशियों से सन्धि करने से पहले सम्राट का ऐसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विश्वास प्राप्त कर लिया  होता तो शोगुनों की सत्ता समाप्त न होती। यथार्थ में शोगुन इतने निर्बल और शक्तिहीन हो चुके थे। इसके साथ-साथ शोगुनों के दुर्भाग्य से क्योतो राजदरबार में जापान के पश्चिमी कुलीनों विशेषकर ‘सत्सुमा’ तथा ‘चीशू कुलों के नेताओं का भारी प्रभाव था जो तोकुगावा शोगुनों से। ईष्र्या रखते थे; अत: उनके लिए यह सुनहरा अवसर था। इसी समय जापान की आन्तरिक घटनाओं ने आन्तरिक और बाह्य परिस्थितियों पर बहुत गहरा प्रभाव डाला। शोगुन विरोधी सामन्तों तथा कुलों ने शोगुनों को अपमानित करने के विदेशी विरोध की भावनाओं को बड़ी तेजी से फैलाना शुरू कर दिया।

इसी बीच स्वयं तोकुगावा कुल में तात्कालिक शोगुन की मृत्यु के बाद नए उत्तराधिकारी के चुनाव तथा पृथक्ता की नीति का परित्याग करने के प्रश्नों पर आपसी मतभेद उत्पन्न हो गया। आन्तरिक विद्रोह तथा विदेशी दबाव के कारण शोगुन शासक को उचित तथा अनुचित का ध्यान नहीं रहा और उसने तुष्टिकरण की नीति अपनानी प्रारम्भ कर दी। शोगुन शासन के विरोधी सामन्तों तथा कुलों के लोग विदेशी विरोध की भावनाओं के कारण अनेक स्थानों पर विदेशियों पर आक्रमण कर चुके थे; अत: जापानी इस हिंसा तथा प्रतिहिंसा के कारण शीघ्र ही विदेशी विरोध की नीति को छोड़ने के लिए बाध्य हुए।

2. शोगुन शासन प्रणाली का पतन :
तोकुगावा शोगुन की निर्बलता के कारण जापान की शासन-व्यवस्था अत्यन्त अस्त-व्यस्त हो गई थी। स्वामिभक्त सेवकों का अभाव, रिक्त राजकोष, दुर्बल रक्षा व्यवस्था आदि अनेक कारणों से शोगुन शासन व्यवस्था दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही थी और उसमें इतनी शक्ति नहीं रह गई थी कि वह जापान में विदेशियों के प्रवेश को रोक सके; अतः समय की धारा के सम्मुख शोगुनों को झुकने के लिए बाध्य होना पड़ा और यह समर्पण ही अन्ततः शोगुन के पतन का मूल कारण बना। शोगुन शासन के पतन के प्रमुख कारणों का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित हैं

⦁     आन्तरिक असन्तोष :
पश्चिमी राज्यों के जापान में प्रवेश के समय देश में चारों ओर आन्तरिक अव्यवस्था और असन्तोष फैला हुआ था। जापान के अनेक सामन्ती परिवार तोकुगावा शोगुन के परिवार के विरुद्ध हो गए थे। शोगुन ने अपने दण्डात्मक कार्यों से अन्य सामन्त परिवारों को कष्ट पहुँचाया। जापान के एक कानून ‘सान्किन कोताई’ के अनुसार सामन्तों से राजाज्ञा के बिना किले बनाने का अधिकार छीन लिया गया। साथ ही जहाज बनाने और सिक्के ढलवाने के अधिकार से भी उन्हें वंचित कर दिया। विवाह करने के लिए भी उन्हें शोगुन की पहले आज्ञी लेनी पड़ती थी। इन कारणों और कुछ अन्य कारणों से सामन्तों ने शोगुन शासन का विरोध करना शुरू कर दिया।
⦁     कृषक वर्ग का असन्तोष :
जापान का कृषक वर्ग करों के अत्यधिक भार से दबे होने के कारण अपनी वर्तमान स्थिति से असन्तुष्ट था। सामन्ती व्यवस्था और करों के भार से उसकी दिशा निरन्तर गिरती जा रही थी। साथ-ही पश्चिमी सभ्यता के सम्पर्क के कारण उनमें जागरूकता आने लगी थी। अतः उन्होंने अनेक स्थानों पर विद्रोह करने शुरू कर दिए थे। वे शोगुन शासन को उखाड़कर अपनी स्थिति को सुधारना चाहते थे।
⦁     अन्य सामन्तों द्वारा शोगुन शासन का विरोध :
पश्चिम के देशों के जापान में प्रवेश से उत्पन्न खतरे से मुक्ति पाने के लिए अन्य सामन्तों ने शोगुन शासन व्यवस्था को समाप्त करने का प्रयत्न करना शुरू कर दिया। उनका विचार था कि जापान पर आने वाली सारी विपत्तियों का प्रमुख कारण शोगुन व्यवस्था की अदूरदर्शिता और दुर्बलता है; अत: इसका अन्त किया जाना अत्यन्त आवश्यक है क्योंकि इसी के कारण जापान की स्वतन्त्रता को खतरा उत्पन्न हो रहा है। सामन्तों ने जनता को शोगुनों के विरुद्ध भड़काना शुरू कर दिया। उनको विचार था कि यदि जनमत शोगुन के विरुद्ध हो जाएगा, तब उसका अंकुश अन्य सामन्तों पर ढीला पड़ जाएगा और वे शोगुन की शक्ति को समाप्त कर सकेंगे।
⦁     चोशू सामन्तों और शोगुन सामन्तों में संघर्ष :
चोशू सामन्तों के विदेशियों के प्रति विरोधी , दृष्टिकोण को देखते हुए शोगुन ने उनकी शक्ति को कुचलने का निश्चय किया और एक विशाल सेना की सहायता से उनके विद्रोह का अन्त कर दिया परन्तु सत्सुमा सामन्तों के आड़े आ जाने के कारण शोगुन को अपने रुख को बदलना पड़ा। फिर भी चोशू सामन्तों से यह शर्त रखी गई कि वह अपनी नवगठित सैनिक शक्ति को भंग कर देगा परन्तु जब इन सैनिक दस्तों को भंग करने का प्रयत्न किया गया तो उन्होंने विद्रोह कर दिया तथा राजधानी पर अधिकार कर चोशू में क्रान्ति को भड़का दिया। अतः शोगुन ने फिर से चोशू शक्ति को कुचलने का प्रयास किया। परन्तु शोगुन पर विदेशी प्रभुत्व बढ़ जाने के कारण उसे किसी अन्य सामन्त का समर्थन प्राप्त नहीं था; अत: चोशू सामन्तों के साथ संघर्ष में शोगुन को पराजित होना पड़ा। 7 मार्च, 1866 ई० को विजयी चोशू और सत्सुमा के मध्य एक सन्धि हो गई जिसमें उन्होंने शोगुन शासन को नष्ट करने का निश्चय किया। एक महीने बाद पुत्रविहीन शोगुन की मृत्यु हो गई। तोकुगावा वंश की शाही मितो शाखा का एक बहुत योग्य व्यक्ति नया शोगुन बना। उधर 1867 ई० में विदेश विरोधी सम्राट की भी मृत्यु हो। गई और विगत शत्रुता और परम्पराओं से मुक्त नया सम्राट गद्दी पर बैठा। इस प्रकार वित्तीय समस्याओं से दुःखी, विदेशियों द्वारा प्रताड़ित, आन्तरिक विद्रोह तथा अशान्ति को रोकने में असमर्थ, राजकीय दरबार तथा सामन्तों के सहयोग और समर्थन से वंचित नए शोगुन ने 9 नवम्बर, 1867 ई० को त्याग-पत्र दे दिया। इस प्रकार 250 वर्ष पुराने शोगुन शासन को जापान में अन्त हो गया।

3. मेजी पुनस्र्थापना :
1868 ई० में तोकुगावा शोगुनों के शासन का अन्त हो गया और केन्द्रीय शक्ति पुनः सम्राट के हाथों में आ गई। जापान के सम्राट मुत्सुहितो के शासन काल में यह क्रान्तिकारी परिवर्तन हुआ था। सम्राट मुत्सुहितो 1867 ई० में जापान के सिंहासन पर आसीन हुआ। सम्राट बनने पर उसने मेजी की उपाधि धारण की जिसका अर्थ ‘प्रबुद्ध शासन’ है और वह इसी नाम से जापान के इतिहास में प्रसिद्ध हुआ।

31889.

जापान में शोगुनों का पतन कब हुआ?(क) 1867 ई० में(ख) 1868 ई० में(ग) 1872 ई० में(घ) 1894 ई० में

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सही विकल्प है (क) 1867 ई० में

31890.

डॉ० सन यात-सेन का निधन कब हुआ?

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डॉ० सन यात-सेन का निधन 12 मार्च, 1925 ई० को हुआ।

31891.

मेजी सरकार ने सर्वप्रथम देश में किस ओर ध्यान दिया?(क) आर्थिक विकास(ख) औद्योगिक विकास(ग) उद्योगों की स्थापना(घ) कपड़ा व्यापार

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सही विकल्प है (ख) औद्योगिक विकास

31892.

सिंग-चुंग हुई नामक गुप्त संस्था की स्थापना कब हुई?(क) 1894 ई० में(ख) 1895 ई० में(ग) 1901 ई० में(घ) 1905 ई० में

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सही विकल्प है (क) 1894 ई० में

31893.

सन यात-सेन कौन थे?

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सन यात-सेन आधुनिक चीन के निर्माता और चीनी राष्ट्रवाद के उन्नायक थे।

31894.

सन यात-सेन ने हांगकांग में कौन-सी संस्था स्थापित की?

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सन यात-सेन ने हांगकांग में ‘तुंग-मिंग-हुई’ नामक क्रान्तिकारी संस्था स्थापित की।

31895.

जापान ने बैंकों की समस्या का क्या हल निकाला?

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जापान ने बैंकों की समस्या का हल अमेरिकन प्रणाली के आधार पर राष्ट्रीय बैंकों का विनिमय करके किया।

31896.

जापान में रेलवे लाइनें बिछाने का कार्य कब प्रारम्भ किया गया?

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जापान में रेलवे लाइनें बिछाने का कार्य 1872 ई० में प्रारम्भ किया गया।

31897.

जापान में पश्चिमी भाषाओं के ग्रन्थों का अनुवाद कब से प्रारम्भ हुआ?

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जापान में पश्चिमी भाषाओं के ग्रन्थों का अनुवाद 1811 ई० से प्रारम्भ हुआ।

31898.

जापान में कृषि क्षेत्र की प्रगति कब से आरम्भ हुई?

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जापान में कृषि क्षेत्र की प्रगति 1868 ई० से आरम्भ हुई।

31899.

सन यात-सेन को चीनी गणतन्त्र का राष्ट्रपति कब चुना गया?(क) दिसम्बर 1911 ई० में(ख) मार्च 1919 ई० में(ग) जनवरी 1912 ई० में(घ) दिसम्बर 1921 ई० में

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सही विकल्प है (क) दिसम्बर 1911 ई० में

31900.

जापान में रेलवे लाइन बिछाने का कार्य कब आरम्भ हुआ?(क) 1892 ई० में(ख) 1872 ई० में(ग) 1897 ई० में(घ) 1894 ई० में

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सही विकल्प है (ख) 1872 ई० में