This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Count respiration process doing in one minute in students of class. |
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Answer» This activity can be performed on one student 3-4 times. Suppose Sudhir Patel respire 15 times in first minute, 17 times in second minute, 15 times in third minute and 17 times in fourth minute. Rate of respiration of Sudhir total respiration test/total time Average = 15 + 17 + 15 + 17/4 = 64/4 = 16 times Similarly respiration rate of other students can be calculated. |
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Do all living beings have lungs? |
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Answer» No, all living beings do not have lungs. |
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Respiratory organs in insect is(a) Skin (b) Clome (c) Lungs (d) Nostrils |
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Answer» Respiratory organs in insect is Nostrils. |
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Act role play on “Danger of smoking”. |
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Answer» Cigarette smoking, beetle smoking, Hukka, tobacco etc.,comes under category of smoking. These can destroy our health by harming our lungs, mouth and neck. Prepare role play on this basis. |
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पृथ्वी के परिभ्रमण एवं परिक्रमण में अन्तर बताइए? |
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Answer» पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना (घूर्णन) पृथ्वी का परिभ्रमण (Rotation) कहलाता है। इसी प्रकार पृथ्वी द्वारा अपनी कक्षा में सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करना परिक्रमण (Revolution) कहलाता है। |
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| 6. |
पृथ्वी के ताप कटिबन्धों का वर्णन कीजिए? |
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Answer» पृथ्वी के मुख्यतः तीन ताप कटिबंध हैं- उष्ण कटिबंध, शीतोष्ण कटिबंध और शीत कटिबंध। कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच सभी अक्षांशों पर मध्याह्न का सूर्य वर्ष में कम से कम एक बार ठीक सिर के ऊपर होता है। इसलिए यह सूर्य से सर्वाधिक सूर्याताप प्राप्त करता है। अतः इसे उष्ण कटिबन्ध कहते हैं। कर्क रेखा के उत्तर और मकर रेखा के दक्षिण में मध्याह्न का सूर्य कभी भी सिर के ठीक ऊपर नहीं होता है। ध्रुवों की ओर जाने पर सूर्य की किरणों का तिरछापन बढ़ता जाता है। जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में कर्क रेखा और आर्कटिक वृत्त एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में मकर रेखा और अंटार्कटिक वृत्त के बीच मध्यम तापमान रहता है। इसीलिए इस क्षेत्र को शीतोष्ण कटिबन्ध कहते हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में आर्कटिक वृत्त के उत्तर और दक्षिणी गोलार्द्ध में अंटार्कटिक वृत्त के दक्षिण के क्षेत्रों में बहुत ठंड होती है। यहाँ सूर्य कभी भी क्षितिज से ज्यादा ऊपर नहीं दिखाई देता। इस क्षेत्र को शीत कटिबन्ध कहते हैं। |
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| 7. |
उत्तर या दक्षिण अयनांतों में अन्तर बताइए। |
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Answer» जब उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका होता है तब उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने का दिन होता है। इस स्थिति को सूर्य का उत्तरायण होना या उत्तर अयनांत कहते हैं। ठीक इसी प्रकार जब दक्षिणी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका होता है तब दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने का दिन होता है। इस स्थिति को सूर्य का दक्षिणायन होना या दक्षिण अयनांत कहते हैं। |
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| 8. |
Do roots of the plants respire? |
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Answer» Yes, roots of the plants also respire. |
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Which organism respire through skin(a) Human (b) Fish (c) Cockroach (d) earthworm |
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Answer» Earthworm respire through skin |
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पृथ्वी के घूर्णन गति के प्रभावों का विवरण दीजिए? |
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Answer» पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण-
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Take a measurement of chest of your friends after inhalation and exhalation, note down in the table given below:S. No.Name of student FriendMeasurement of chestAfter inhalationAfter exhalation |
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Answer»
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Fill in the blanks 1. The process of removal of wastes produced from the body is called ………….. 2. During inhalation, the ribs moves towards ……….. and diaphram moves toward ………. 3. Insects have a network of air tubes calleds …… |
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Answer» 1. Excretion 2. outwards, down 3. Trachel tubes |
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| 13. |
The main respiratory organ of humans is (a) Lungs (b) Mouth (c) Kidneys (d) Liver |
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Answer» The main respiratory organ of humans is Lungs. |
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From where do roots of plants absorbs oxygen? |
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Answer» Plants absorb oxygen from the small air spaces in soil. |
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प्रदीप्ति वृत्त से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए? |
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Answer» पृथ्वी सूर्य से प्रकाश एवं ऊष्मा प्राप्त करती है। पृथ्वी का आकार लगभग गोल है। इसलिए एक समय में इसके आधे भाग में ही सूर्य का प्रकाश पड़ता है। सूर्य की ओर वाले भाग में दिन होता है तथा सूर्य के विपरीत भाग में रात होती है। पृथ्वी (ग्लोब) पर जो वृत्त दिन तथा रात को विभाजित करता है। उसे प्रकाश वृत्त या प्रदीप्ति वृत्त (Circle of illumination) कहते हैं। |
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| 16. |
How fishes respire in water? |
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Answer» Fishes have gills or clome which helps in absorbing oxygen dissolved in water. |
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| 17. |
Explain inhalation and exhalation. |
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Answer» Normally, when we inhale air, it passes through our nostrils into nasal cavity. This is known as inhalation. Finally, this oxygen reaches cells of the body. Inthe cells, it decomposes the stored food which produces energy, water and carbon dioxide. The carbon dioxide released is moved out of the body. This process is called exhalation. |
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| 18. |
What happened if our kidneys stop working? |
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Answer» Kidneys help to remove unwanted substances out of the body, for example, urea. If kidneys stop working the amount of excretory products increases in our body and it becomes very difficult for us to survive. |
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Why respiration is important for us? |
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Answer» Energy is released from food by respiration which operates many activities of our body. |
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Name the excretory products of humans. |
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Answer» Sweat, urine and carbon dioxide are excretory products of humans. |
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How does respiration take place in fishes? |
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Answer» Fishes have gills or dome which helps in absorbing oxygen dissolved in water. Gills are found out of the skin. Clome absorbs oxygen dissolved in water. Gills are well supplied with blood vessels. Exchange of gases takes place in these blood vessels. |
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How does respiration take place in cockroaches ? Explain. |
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Answer» In cockroaches and other insects, there is small opening on the sides of their body. These openings are called spiracles. Insects have a network of air tubes called tracheal tubes for gas exchange. Oxygen rich air rushes through spiracles into the tracheal tube, finally reaches to cells. Similarly, carbon dioxide from the cells goes into the tracheal tubes and from there moves out through spiracles. |
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विविधता में एकता से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» हमारा देश भारत एक विशाल देश हैं जहाँ विभिन्न प्रांतों में विभिन्न संस्कृति है। अलग-अलग प्रदेशों के लोग अलग-अलग धर्म, रीति-रिवाज, का पालन करते हैं। उनके रहन-सहन, खान-पान, नृत्य-संगीत, कला, भाषा, बोली आदि में भी अंतर है। लेकिन इन सबके बावजूद वे भारतीय हैं। जब देश की बात आती है। तो विविध संप्रदायों और संस्कृतियों के लोग एक से जाते हैं। विविधता में एकता का यही अर्थ है। |
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How respiration in insects takes place? |
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Answer» In insects, there is small openings on the sides of their body. These openings are called spiracles. Insects have a network of air tubes called tracheal tubes for gas exchange. |
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Which gas is inhaled and exhaled in the process of respiration? |
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Answer» Oxygen gas is inhaled and carbon dioxide gas is exhaled in the process of respiration. |
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How gaseous exchange takes place in plants? |
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Answer» Small pores are present on the surface of plants called stomata. These stomata helps in exchange of gases in plants. |
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रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –(क) ग्राम पंचायत का चुनाव __ वर्ष के लिए होता है।(ख) पंचायत समिति के सदस्यों को चुनने वाले मतदाता की आयु कम से कम ___ वर्ष होनी चाहिए।(ग) ग्राम पंचायत के प्रधान को ____ कहते हैं।(घ) पंचायत की जिम्मेदारी गाँव की दशा ____ की होती है।(ङ) पंचायत को सरकार द्वारा ____ मिलता है। |
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Answer» (क) ग्राम पंचायत का चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है। |
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ग्राम पंचायत के कार्य लिखिए। |
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Answer» पंचायत की जिम्मेदारी गाँव की दशा सुधारने की है। ग्राम पंचायत यह देखती है कि गाँव की जनता प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के द्वारा स्वास्थ्य की सुविधा प्राप्त कर रही है या नहीं। यह बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय की निगरानी करती है। गाँव की गलियों में खड़न्जा बिछवाने, सड़क बनवाने, पानी की निकासी के लिए नाली बनवाने, बिजली, पीने के पानी इत्यादि की व्यवस्था तथा जन्म और मृत्यु का ब्यौरा तैयार करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। यह जरूरतमन्दों की पहचान करने और कार्यों की प्राथमिकता का निर्णय भी अपनी बैठकों में करती है। गाँव की सार्वजनिक सम्पत्ति का रख-रखाव एवं इनके खरीदने तथा नीलामी का कार्य ग्राम पंचायत द्वारा ही होता है। पंचायत अपनी आमदनी तथा खर्च का हिसाब-किताब रखती है। वर्ष में दो बार ग्राम पंचायत की बैठक होती हैं। बैठक में ग्राम पंचायत यह देखती है कि पंचायत समिति अपने कार्य ठीक ढंग से कर रही है या नहीं। |
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How respiration takes place in earthworm and leeches ? |
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Answer» Earthworms, leeches etc., respire through their moist and slimy skin |
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ग्राम पंचायत के सदस्यों को चुने जाने के लिए कम से कम कितनी आयु होनी चाहिए ? |
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Answer» न्यूनतम 18 वर्ष । |
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लोकतन्त्र के दो मूल सिद्धांत कौन-से हैं? |
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Answer» लोकतन्त्र के दो मूल सिद्धान्त समानता तथा स्वतन्त्रता है। |
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लोकतन्त्र में चुनावों का क्या महत्त्व है? |
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Answer» लोकतन्त्र में चुनावों का बड़ा महत्त्वपूर्ण स्थान है। आज का लोकतन्त्र अप्रत्यक्ष या प्रतिनिध्यात्मक लोकतन्त्र है और जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा ही शासन में भाग लेती है तथा अपनी प्रभुसत्ता का उपयोग करती है। आज के राष्ट्र-राज्यों में निर्वाचनों के अतिरिक्त और कोई उपाय नहीं है जिसके माध्यम से जनता शासन में भाग ले सके। चुनावों से लोगों को राजनीतिक शिक्षा भी मिलती रहती है और इन्हें देश के सामने आने वाली तात्कालिक समस्याओं तथा विभिन्न राजनीतिक दलों की नीतियों तथा कार्यक्रमों का निरन्तर ब्यौरा प्राप्त होता रहता है। चुनावों के कारण जनता के प्रतिनिधि भी अपने उत्तरदायित्व को अनुभव करते हैं और कोई कार्य जनमत के विरुद्ध करने की हिम्मत नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें शीघ्र ही चुनावों के दिनों में जनता के सामने वोट माँगने जानी पड़ता है। उन्हें यह भय बना रहता है कि यदि उन्होंने जनमत की अवहेलना की तो उन्हें दुबारा चुने जाने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। इस प्रकार प्रतिनिधि उत्तरदायी बने रहते हैं और मनमानी नहीं कर सकते। इन सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि लोकतन्त्र में चुनावों का अत्यधिक महत्त्व है। हम चुनाव के बिना लोकतन्त्र की कल्पना भी नहीं कर सकते। |
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| 33. |
निर्वाचन सम्बन्धी व्ययों को कम करने की आवश्यकता क्यों है? |
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Answer» वर्तमान में निर्वाचनों पर अत्यधिक धन व्यय किया जाता है। ऐसी स्थिति में गरीब परन्तु प्रतिभावान् व्यक्ति निर्वाचन में खड़ा होने का विचार मन में नहीं ला सकता है। निर्वाचनों में भ्रष्टाचार का प्रमुख कारण, अत्यधिक धनराशि को खर्च करना है। अत: यह आवश्यक ही नहीं, वरन् अपरिहार्य है कि कानून द्वारा धन निर्धारित सीमा का कठोरता से पालन किया जाए तथा जो व्यक्ति इस कानून का उल्लंघन करता है, उसे कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। राजनीतिक दलों तथा संस्थाओं द्वारा चुनाव-प्रचार पर किए गए व्यय का हिसाब रखने तथा उसे निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का भी प्रावधान होना चाहिए। सरकार को इस विषय पर भी कानून का निर्माण करना चाहिए कि राजनीतिक दल व्यक्तियों तथा संस्थाओं से चन्दे से कितनी धनराशि प्राप्त करे। 27 नवम्बर, 1974 ई० को काँग्रेस संसदीय दल की बैठक में निर्वाचन पर व्यय की जाने वाली धनराशि को कम करने के सम्बन्ध में निम्नलिखित सुझाव दिए गए – इस सम्बन्ध में निर्वाचन आयोग ने व्यवस्था दी है कि निर्वाचन के सम्पन्न हो जाने के पश्चात् चुनाव व्यय का गलत ब्यौरा देने वाले उम्मीदवार को जुर्माने के साथ 6 महीने से 1 वर्ष का ” कारावास दिया जाना चाहिए। साथ ही प्रत्येक चुनाव के प्रत्याशी हेतु खर्च की सीमा भी तय कर दी गई है। |
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| 34. |
सत्ता प्राप्त करने के पश्चात् भी सरकार जनमत की अवहेलना क्यों नहीं कर सकती? |
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Answer» यदि सरकार जनमत की अवहेलना करेगी तो अगले चुनाव में उसे सत्ता से भी वंचित होना पड़ सकता है। |
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| 35. |
भारत में कम-से-कम कितनी आयु के नागरिक को मताधिकार प्राप्त है? |
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Answer» भारत में कम-से-कम 18 वर्ष आयु के नागरिक को मताधिकार प्राप्त है। |
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वयस्क मताधिकार विचारधारा के समर्थक हैं –(क) ब्लण्टशली(ख) बेन्थम(ग) सर हेनरीमैन(घ) जॉन स्टुअर्ट मिले |
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Answer» सही विकल्प है (घ) जॉन स्टुअर्ट मिल। |
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प्रतिनिधित्व के विभिन्न तरीकों का परीक्षण कीजिए।याआनुपातिक प्रतिनिधित्व से आप क्या समझते हैं? इसकी विभिन्न प्रणालियों की व्याख्या कीजिए।याआनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के गुणों एवं दोषों की विवेचना कीजिए। |
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Answer» अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र में प्रतिनिधित्व की विभिन्न प्रणालियों की बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका है। सम्पूर्ण प्रणालियों में बहुमत प्रणाली को आशातीत समर्थन प्राप्त हुआ है। परन्तु इसमें सबसे बड़ा दोष यह है कि इसमें अल्पसंख्यकों की समुचित प्रतिनिधित्व की स्थिति का अभाव पाया जाता है। इस दोष को दूर करने के उद्देश्य से ही अल्पसंख्यकों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए अन्य प्रणालियों का प्रयोग किया जाता है। प्रतिनिधित्व की प्रणालियाँ आधुनिक काल में अल्पसंख्यकों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए निम्नलिखित प्रणालियों का प्रयोग किया जाता है – ⦁ आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली। आनुपातिक प्रतिनिधित्व अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व देने के लिए जिन उपायों का साधारणतः प्रयोग किया जाता है। उनमें सर्वाधिक प्रसिद्ध उपाय आनुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional Representation) प्रणाली है। इस प्रणाली का मूल उद्देश्य राज्य के सभी राजनीतिक दलों के हितों का ध्यान रखना एवं उन्हें न्याय प्रदान करना है, जिससे प्रत्येक दल को व्यवस्थापिका में आनुपातिक दृष्टि से लगभग उतना प्रतिनिधित्व अवश्य प्राप्त हो सके, जितना कि न्यूनतम उस वर्ग के लिए युक्तिसंगत हो। प्रतिनिधित्व की इस योजना को जन्म देने वाले 19वीं शताब्दी के एक अंग्रेज विद्वान थॉमस हेयर (Thomas Haire) थे। उन्होंने सन् 1831 ई० में इस प्रणाली का सूत्रपात किया इसीलिए इसे ‘हेयर प्रणाली’ भी कहते हैं। वर्तमान काल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का प्रयोग अनेक रूपों में किया जा रहा है। प्रो० सी० एफ० स्ट्राँग के शब्दों में—“आनुपातिक प्रतिनिधित्व का पृथक् रूप में कोई भी अर्थ नहीं है क्योंकि इसके अनेक प्रकार हैं। वास्तव में इतने अधिक, जितने राज्यों ने उसे अपनाया है और सिद्धान्त रूप में उससे भी अधिका” आनुपातिक प्रतिनिधित्व के ये सभी प्रकार इन दो रूपों में विभक्त किए जा सकते हैं – ⦁ एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System) 1. एकल संक्रमणीय मत प्रणाली – इस प्रणाली में बहुसदस्यीय निर्वाचन-क्षेत्रों का प्रयोग किया जाता है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से तीन या इससे अधिक प्रतिनिधि चुने जा सकते हैं एक निर्वाचन-क्षेत्र से चाहे कितने ही प्रतिनिधि चुने जाने हों किन्तु प्रत्येक मतदाता को केवल एक ही । मत देने का अधिकार होता है। परन्तु वह मत-पत्र पर अपनी पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी और इससे अधिक पसन्द का उल्लेख उतनी संख्या में करता है, जितने उम्मीदवार चुने जाने होते हैं। मतदान समाप्त हो जाने पर यह देखा जाता है कि निर्वाचन-क्षेत्र में कुल कितने मत डाले गए और यह संख्या ज्ञात हो जाने पर निश्चित निर्वाचक अंक (Electoral Quota) निकाला जाता है। निश्चित मत-संख्या मतों की वह संख्या है जो उम्मीदार को विजयी घोषित किए जाने के लिए आवश्यक है। निश्चित मत-संख्या ज्ञात करने का सूत्र इस प्रकार है – इस प्रणाली का स्पष्ट उद्देश्य यही है कि एक भी मत व्यर्थ न जाए। यह प्रणाली अत्यन्त जटिल है। इसीलिए इसका प्रयोग बहुत कम देशों में होता है, तथापि स्वीडन, फिनलैंड, नार्वे, डेनमार्क आदि देशों में यही प्रणाली प्रचलित है। 2. सूची प्रणाली – सूची प्रणाली आनुपातिक प्रतिनिधित्व का दूसरा रूप है। इस प्रणाली के अन्तर्गत सभी प्रत्याशी अपने-अपने राजनीतिक दलों के अनुसार अलग-अलग सूचियों में सूचीबद्ध किए जाते हैं और प्रत्येक दल अपने उम्मीदवारों की सूची प्रस्तुत करता है, जिसमें दिए गए नामों की संख्या उस निर्वाचन-क्षेत्र से चुने जाने वाले प्रतिनिधियों की संख्या से अधिक नही हो सकती है। मतदाता अपने मत अलग-अलग उम्मीदवारों को नहीं, अपितु किसी भी दल की पूरी-की-पूरी सूची के पक्ष में देते हैं। इसके बाद डाले गए मतों की कुल संख्या को निर्वाचित होने वाले प्रतिनिधियों की संख्या से भाग देकर निर्वाचक अंक (Electoral Quota) निकाल लिया जाता है। तदुपरान्त एक दल द्वारा प्राप्त मतों की संख्या को निर्वाचक अंक से भाग दिया जाता है और इस प्रकार यह निश्चय किया जाता है कि उसे दल को कितने स्थान मिलने चाहिए। उदाहरणार्थ, किसी राज्य से 50 प्रतिनिधि चुने जाते हैं और कुल वैध मतों की संख्या 2.00,000 है, तो 2,00,000/50 = 4,000 निर्वाचन अंक हुआ। ऐसी स्थिति में किसी राजनीतिक दल ‘अ ब स’ को 21,000 मत प्राप्त हुए हैं, तब (21,000/4,000 = 5.25) उस दल के 5 प्रत्याशी विजयी घोषित होंगे। सभी सूची प्रणालियों का आधारभूत सिद्धान्त यही है, परन्तु विभिन्न देशों में थोड़ा-बहुत परिवर्तन अथवा संशोधन करके इसे नए-नए रूप दिए गए हैं और इस प्रकार आज सूची प्रणाली के अनेक प्रकार पाए जाते हैं। ऐसी स्थिति में सूची प्रणाली का कोई सार्वभौमिक सिद्धान्त नहीं है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के गुण आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली व्यवस्थापक-मण्डल में अल्पमतों को प्रतिनिधित्व प्रदान करने का एक सरल उपाय है। इस प्रणाली के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं – 1. यह प्रणाली अल्पसंख्यक दल को उसकी शक्ति के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान करती है। जिसके फलस्वरूप यह व्यवस्थापिका का यथार्थ प्रतिबिम्ब बन जाती है तथा प्रत्येक अल्पसंख्यक वर्ग सन्तुष्ट हो जाता है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के दोष यदि निर्वाचन का एकमात्र उद्देश्य केवल न्याय अथवा चुनाव लड़ने वाले दलों के बीच अनुपात की स्थापना है तो यह प्रणाली वास्तव में निर्वाचन की आदर्श प्रणाली कही जा सकती है। परन्तु व्यवस्थापिका को केवल विभिन्न दलों तथा वर्गों का प्रतिनिधित्व ही नहीं करना चाहिए, अपितु अपने कर्तव्यों का भी सुचारु रूप से पालन करना चाहिए। इस दृष्टिकोण से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के विरुद्ध अनेक तर्क प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिनमें से कतिपय विशेष महत्त्वपूर्ण तर्क निम्नलिखित हैं – 1. यह प्रणाली विशाल राजनीतिक दलों की एकता को नष्ट कर देती है तथा इससे अनेक छोटे-छोटे दलों और गुटों का जन्म होता है। इसके परिणामस्वरूप सभी समस्याओं पर राष्ट्रीय हित की दृष्टि से नहीं, वरन् वर्गीय हित की दृष्टि से विचार किया जाता है। सिजविंक के शब्दों में -“वर्गीय प्रतिनिधित्व आवश्यक रूप से दूषित वर्गीय व्यवस्थापन को प्रोत्साहित करता है। विश्लेषणात्मक समीक्षा – उपर्युक्त दोषों के कारण ही अनेक राजनीतिक विद्वान् आनुपातिक प्रतिनिधित्व को अनुपयोगी और जटिल निर्वाचन प्रणाली कहते हैं। वास्तव में राष्ट्रीय निर्वाचकों में आनुपातिक प्रणाली को अपनाना एक प्रकार से अव्यवस्था उत्पन्न करना है क्योंकि यह व्यवस्थापिका की सत्ता को निर्बल बना देती है। यह प्रणाली मन्त्रिपरिषदों के स्थायित्व तथा एकरूपता को नष्ट कर संसदीय शासन को असम्भव बना देती है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का औचित्य निर्धारण एवं उपयोगिता प्रथम महायुद्ध के उपरान्त फ्रांस, जर्मनी, आयरलैण्ड, चेकोस्लोवाकिया, पोलैण्ड आदि अनेक यूरोपीय देशों ने इस प्रणाली को अपनाया था, परन्तु अब इसकी उपयोगिता कम होती जा रही है और अनेक देशों ने तो इस परित्याग तक कर दिया है। ग्रेट ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत तथा अन्य अनेक देशों ने अपने साधारण निर्वाचनों के लिए कभी इस प्रणाली को अपनाया ही नहीं, यद्यपि आजकल ब्रिटेन तथा अमेरिका में आनुपातिक प्रतिनिधित्व संस्थाएँ इस प्रणाली को लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रही हैं। संसदीय निर्वाचनों में तो बहुत कम देश ही इस प्रणाली का प्रयोग करते हैं, परन्तु व्यवस्थापक मण्डलों, स्थानीय निकायों और गैर-सरकारी समुदायों की विभिन्न समितियों का निर्वाचन साधारणतया इस प्रणाली के अनुसार ही होता है। हमारी संविधान सभा का निर्वाचन भी आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार ही हुआ था। नए संविधान के अन्तर्गत राज्यसभा के सदस्य राज्यों की विधानसभाओं द्वारा इसी प्रणाली के आधार पर निर्वाचित होते हैं और राज्यों के उच्च सदनों जैसे भारत में विधान परिक्दों और व्यवस्थापक-मण्डल की समितियों के निर्माण में भी इसी निर्वाचन प्रणाली का प्रयोग किया जाता है। भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन भी आधुनिक प्रतिनिधित्व प्रणाली की एकल-संक्रमणीय मत प्रणाली के आधार पर होता है। |
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मताधिकार से क्या अभिप्राय है? |
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Answer» लोगों द्वारा मतदान करने तथा अपने प्रतिनिधि चुनने के अधिकार को मताधिकार कहते हैं। |
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वयस्क मताधिकार विचारधारा के समर्थक हैं-(क) ब्लण्टशली(ख) बेन्थम(ग) सर हेनरीमैन(घ) जॉन स्टुअर्ट मिल |
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Answer» सही विकल्प है (घ) जॉन स्टुअर्ट मिल |
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चुनाव घोषणा-पत्र क्या है? उसका क्या उपयोग है? |
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Answer» चुनाव घोषणा-पत्र से अभिप्राय किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल के लिखित कार्यक्रम से है। यह कार्यक्रम चुनाव के समय मतदाताओं के सामने प्रस्तुत किया जाता है। इसके द्वारा प्रायः निम्नलिखित बातों का स्पष्टीकरण किया जाता है —
इसके विपरीत विरोधी दल वाले अपने घोषणा-पत्र में यह बताते हैं कि वे सरकार से क्यों असहमत हैं। इस प्रकार चुनाव घोषणा-पत्र का बड़ा ही महत्त्व है। वास्तव में दलों की परख भी इसी से होती है। |
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आदर्श प्रतिनिधित्व प्रणाली की विशेषताएँ बताइए।याआदर्श निर्वाचन-प्रणाली के चार प्रमुख तत्त्वों को बताइए। |
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Answer» आदर्श निर्वाचन प्रणाली के लिए अनेक बातें आवश्यक हैं, जिनमें से निम्न चार प्रमुख हैं- 1. प्रतिनिधि के कार्यकाल का उचित निर्धारण – आदर्श निर्वाचन-प्रणाली में प्रतिनिधियों का कार्यकाल न बहुत अधिक और न बहुत कम होना चाहिए। 3 से 5 वर्ष तक के कार्यकाल को प्रायः उचित कहा जा सकता है। |
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सीमित मताधिकार विचारधारा के समर्थक हैं –(क) बार्कर(ख) जे० एस० मिल(ग) डॉ० गार्नर(घ) प्लेटो |
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Answer» सही विकल्प है (ख) जे० एस० मिल। |
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आनुपातिक प्रतिनिधित्व की पद्धति का प्रतिपादन किसके द्वारा किया गया है? (क) थॉमस हेयर(ख) जे० एस० मिल।(ग) सर हेनरी मेन(घ) ब्राइस |
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Answer» सही विकल्प है (क) थॉमस हेयर |
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साधारण बहुमत से क्या अभिप्राय है? |
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Answer» साधारण बहुमत वह व्यवस्था है जिसमें सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशी (उम्मीदवार) को विजयी घोषित किया जाता है। |
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किसने कहा-“मत देने का अधिकार उन्हीं को प्राप्त होना चाहिए जिनमें बौद्धिक योग्यता की एक सुनिश्चित मात्रा विद्यमान हो, चाहे वे स्त्री हो या पुरुष।” (क) अब्राहम लिंकन(ख) जवाहरलाल नेहरू(ग) टी० एच० ग्रीन(घ) जे० एस० मिल |
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Answer» सही विकल्प है (क) अब्राहम लिंकन |
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वयस्क मताधिकार के पक्ष में दो तर्क दीजिए। |
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Answer» ⦁ अल्पसंख्यको के अधिकारों का सुरक्षित होना तथा |
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आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के गुणों को लिखिए।याआनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के पक्ष में दो तर्क दीजिए। |
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Answer» आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के गुण ⦁ सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व – यह प्रणाली प्रत्येक दल को उसकी शक्ति के अनुपात में ही प्रतिनिधित्व प्रदान करती है। इस प्रकार व्यवस्थापिका लोकमत का यथार्थ प्रतिबिम्ब बन जाती है। |
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थॉमस हेयर का नाम किस निर्वाचन प्रणाली से सम्बन्धित है? (क) प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली(ख) अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली(ग) सीमित मतदान प्रणाली(घ) आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली |
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Answer» (घ) आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली |
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प्रत्यक्ष निर्वाचन के दो दोष बताइए। |
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Answer» ⦁ अपव्ययी व्यवस्था तथा |
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वयस्क मताधिकार से आप क्या समझते हैं? इसके गुण तथा दोषों की विवेचना कीजिए। यामताधिकार का क्या अर्थ है? मताधिकार के प्रकारों की व्याख्या कीजिए।यासार्वभौमिक मताधिकार के पक्ष में चार तर्क दीजिए। यावयस्क मताधिकार से आप क्या समझते हैं? इसके पक्ष और विपक्ष में तर्क प्रस्तुत कीजिएं।यावयस्क मताधिकार का अर्थ बताइए तथा वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता के पक्ष में तर्क दीजिए।यावयस्क मताधिकार के समर्थन का मुख्य आधार क्या है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। यालोकतान्त्रिक शासन में वयस्क मताधिकार का महत्त्व समझाइए। |
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Answer» मताधिकार का अर्थ एवं परिभाषा मताधिकार के प्रकार मताधिकार दो प्रकार का हो सकता है- 1. सीमित मताधिकार 2. वयस्क या सार्वभौमिक मताधिकार वयस्क मताधिकार के गुण (पक्ष में तर्क) वयस्क मताधिकार के दोष (विपक्ष में तर्क) 1. मताधिकार का दुरुपयोग सम्भव – विद्वानों का तर्क है कि मात्र वयस्कता के आधार पर सभी लोगों को मताधिकार देने से इस अधिकार के दुरुपयोग की सम्भावना बढ़ जाती है। |
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