This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Badhane ki Santa hiput inter ka mahatva hai |
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Answer» Didn’t UNDERSTOOD the QUESTION FRAME it PROPERLY |
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Give 10 lines on Technology has made our lives easier or complicated |
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(ख) अपने स्कूल के प्रधानाचार्य को सैक्शन बदलवाने के लिए प्रार्थना-पत्र लिखिए। |
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Answer» HELLO I HOPE YOU ARE FINE HERE IS YOUR ANSWER HOPE IT HELPS :) Explanation: सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके स्कूल में आठवीं ए कक्षा का छात्र हूँ। ... जिस कारण पढ़ाई में काफी रुकावट पड़ती है और स्कूल में छुट्टी के लिए प्रार्थना-पत्र भेजने में भी कठिनाई होती है। इस कारण कई बार अध्यापकों का दण्ड भी सहन करना पड़ता है। आपसे प्रार्थना है कि आप मेरा नाम सैक्शन 'ए' से 'बी' में बदल दें। |
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वर्मा जी की चौंकाने के लिए लियू कहाँ-कहाँ छियजाता थावर्मजी की चौकाने के लिए पिल्लू क्सी फुलदानके फुली में छिप जालेभी परदै की चनट में और कभीसनिजुटी का पत्तियों में छिप जात धान |
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Answer» वर्मा जी को चढ़ाने के लिए पिल्लू कभी फुलदानी और कभी फुलदानी के पौधे में चला जाता था और कई पत्तियों के बीच में छूट जाता था इससे वर्मा जी चौक जाते थे |
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वर्मा जी की कार्स के लिए हिलनु कहाँ-कहाँ छिपजाता था ।म जी की चौकान के लिए दिल्लू क्सी फुलदानके फूली में छिप जाकभी परदे की चनंट मैं और कभीसनिजुही का पत्तियों में छिप जात धा meaning in english for this sentence |
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Answer» वर्मा जी को कार्स चिपकाने के लिए और चौंकाने के लिए उन्हें दिल्ली फुलदानी में कभी चटक के समझाने में और पत्तियों के बीच में छूट जाता था |
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रानी रानी एलिजाबेथ के सूट पर कितने रुपए खर्च हुए |
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Answer» $80000.............. PLS MARK as BRAINLIEST |
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Badlene ki chamta hi budimta ka map hi 500sabde ka nimband |
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Badalne Ki chamta Hai buddhimatta ka map Hai 500 shabd |
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Answer» बदलने और बदलाव लेने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का माप है| Answer: बदलने और बदलाव लेने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का माप है| यह बिलकुल सत्य है , समय के साथ अच्छे काम के लिए बदलना बहुत जरूरी है और यही एक समझदारी है | समय के साथ बुत सारी चीज़ें बदल रही है, और बहुत सारे ने नए आविष्कार हो रहे है | इसलिए सफल होने के लिए हमें भी समय के साथ बदलना चाहिए और नए-नए चीज़ें और बातों को समझना चाहिए | बुद्धिमत्ता यह है कि कोई भी अध्ययन, समझ और सीखने के द्वारा सुधार कर सकता है। बात करें तो हमें अपनी पुरानी सोच को बदलने में ही बुद्धिमत्ता है | जब हम अपनी पुरानी सोच बदलेंगे तभी हम नया सिख पाएंगे | देश आगे बढ़ पाएगा आगे प्रगति होगी | जिन बातों और सोच में बदलने और अच्छा सीखने को न मिले तो हमें वह सोच खत्म कर देनी चाहिए | आज भी समाज मैं बहुत सारी पुरानी बाते है जो लोग मानते है , जैसे लडकियों को स्कूल नहीं जाने देना , उनकी जल्दी शादी करवा देना | भेद-भाव रखना , जाती-वाद , दहेज प्रथा यह सब हमें खत्म करने की जरूरत है | इसी पुरानी सोच के कारण हम पीछे है , अगर हम यह सोच बदल देंगे और नया सोच बनाएंगे सब जगह प्रगति होगी | बदलाव जीवन का खुबसुरत अनुभव है । जीवन वस्तुतः परिवर्तनशील ही है और यह परिवर्तन या बदलाव बदलाव मनुष्य के विकास में साधक बनकर समय-समय पर चुनौती के रुप में आते हैं | इस तरह ये क्रम चलता रहता है | मनुष्य के द्वारा बदलाव इनका स्वीकार एक मानसिकता का प्रतीक और बुद्धिमत्ता तथा प्रगति शील होने का कारण है। जैसे हम इतिहास को पलट कर देखते हैं तो हमारे अतीत में कई प्रकार के बदलाव आए है| पहले आदि मानव किस प्रकार अपना जीवन व्यतीत करता था , धीरे-धीरे बदलाव के कारण वह बदलता गया और नए आविष्कार करता गया , और अच्छा जीवन व्यतीत करने लग गया | यह इस तथ्य का परिचायक है कि जीवन में जो घटनाएं घट चुकी हैं उन्हीं से सीख कर मनुष्य आगे बढ़ना चाहता है। वह अग्रसर होता है जब वह स्वयं को इन बदलावों में ढाल लेता है | जिस तरह मनुष्य अपने जीवन में एक बच्चे से बड़े होता है और धीरे-धीरे अलग-अलग अवस्था में परिवर्तित होता रहता है | बदलाव या परिवर्तन दुनिया का कानून है | यह भी सच्च है कि विभिन्न अवस्थाओं में मनुष्य की अलग-अलग रुचियाँ होती है, पर जो आज वर्तमान है कल अतीत बन जाता है | समय के साथ सब बदल जाता है और हम भी बदल जाते है | समय के साथ बदलाव अपनाना ही सही निर्णय है | अच्छे काम के लिए बदलना बुरी बात नहीं है | अच्छा बदलाव हमें हमेशा अच्छे रास्ते के और लेकर जाता है | जो लोग समय साथ बदलने की सोच रखते है वह हमेशा जीवन खुशी से व्यतीत करते है और सफलता पाते है | इसीलिए हर मनुष्य को बदलाव के पीछे की अच्छाई देखनी चाहिए और बदलना चाहिए | |
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निम्नलिखित शब्दों का वर्ण- विच्छेद कीजिये : [Varna Vichhed]1. मोमबत्ती [Mombatti]2. आर्थिक [Aarthik]3. लांछित [Laanchhit]4. विज्ञापन [Vigyapan]5. नियंत्रण [Niyantran] |
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Answer» ghffjgdjigxebj hdzhj |
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Badalne ki chamta hi buddhimatta ka map Hai hundred word mein Badalna ki samta hi bu |
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Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है। बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है यह कथन शत प्रतिशत सत्य है। क्योंकि परिवर्तन ही संसार का नियम है। यह संसार परिवर्तन से ही चलती है परिवर्तन होते होते ही मानव का जन्म हुआ है। परिवर्तन से ही यह ब्रह्मांड बनी है। आरंभ में पृथ्वी जलते हुए गोले की तरह थी किंतु इसमें धीरे-धीरे परिवर्तन होते गया और और इसमें इतना परिवर्तन हुआ कि अब इस पर जीवन संभव है और इतने सारे जीवित पशु पक्षी प्राणी यहां जीवन यापन कर रहे हैं यहां मौजूद हैं। इसलिए यह कहना बहुत मुख्य बात है कि बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है। हमें पुराने रीति रिवाज पुराने रूढ़िवादी बातों रूढ़िवादी चीजों और सारी ऐसी क्रियाकलाप जो कि मानव जाति को प्रभावित करती है और इसका परिणाम बुरा होता है हमें वह सब बदलना चाहिए। समय के साथ बहुत सारी चीजें बदल रही है इसलिए हमें भी बदलना चाहिए। इतने सारे आविष्कार हो रहे हैं। हमारी बुद्धिमत्ता मत आया है कि अध्ययन, ज्ञान और बुद्धि और ज्ञानी लोगों की सलाह से हम सारे चीज में परिवर्तन कर सकते। हमें पुरानी पद्धति छोड़नी चाहिए और एक विकासशील समाज बनाना चाहिए। अगर एक गांव पुराना है तो उसे बदलकर एक आधुनिक गांव बनाया जा सकता है। इसमें परिवर्तन करने से उसमे साक्षरता आएगी और सारे लोग शिक्षित होंगे । वहां बहुत सारी उद्योग खुलेंगे और लोग जागरूक होंगे। जिसके कारण उनकी जीविका में बढ़ोतरी होगी और वह नए-नए चीज जानने को अग्रसर होंगे जिनसे उनमें साक्षरता बढ़ेगी। हमें अपनी देश में बहुत परिवर्तन करना चाहिए क्योंकि अभी भी बहुत राज्यों में पुरानी चीजों की मान्यता है । अपनी जगह पर है किंतु परिवर्तन से हम उसे एक आधुनिक राज्य बना सकते हैं और आधुनिक राज्य बनने से सारे लोग साक्षर बनेंगे । उनमें शिक्षा पद्धति की उन्नति होगी । और अपने बच्चों को शिक्षा देने में वह पीछे नहीं हटेंगे। जिसके कारण हमारा देश ऊंचा होगा। एक कुमार मिट्टी को बदलना आरंभ करता है । वह उसे पहले मलता है । उसे सानता है । फिर उसे इतनी मुलायम बनाता है। उसके पश्चात उसे चरखे पर रखकर। उसे एक आकार देता है और यह परिवर्तन के कारण से ही संभव हुआ है। मिट्टी में परिवर्तन होते होते विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरने के पश्चात एक मिट्टी घड़े का आकार लेती है। यह परिवर्तन के कारण ही मुमकिन है। |
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Ek Aur Ek Milkar Gyarah hote hain Arth |
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Answer» Answer: Iska ARTH hai Ek se ADHIK insaan ke MILNE se Koi KAAM asambhav NAHI hai |
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Kya Hame Pashu pakshiyon ko kaid karna chahie |
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Answer» Answer: No |
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I want essay on prakrati humari zaruraton ko Pura Karne ke like hai Lal chonkon nahi 600 words |
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Deepak diya tel bhari ,vati dai aghatt.Poora kiya bisahuna , bahuri n aavo hatt |
| Answer» | |
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Essay on The measure of intelligence is the ability to change (word limit is 500 ) in hindi |
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Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है: संसार का नीयम ही है सदैव समय के अनुसार खुद को ढालते रहना, बदलते रहना और यही बदलने की इच्छा और क्षमता किसी भी इन्सान के बुद्धिमान होने का माप होती है। इस चीज़ को ऐसे समझा जा सकता की अगर हम अपने भविष्य के बारे में सोच कर नहीं बल्कि अपने अतीत की गलतियों या अतीत की बातों को याद कर के जीयें तो क्या यह उचित होगा? क्या ऐसे व्यक्ति को बुद्धिमान कहा जा सकता है जो बीते हुए समय में रहना उचित समझता हो या ऐसे व्यक्ति को बुद्धिमान कहेंगे जो अपने आने वाले समय के लिए अपने आज को सवारे उर भविष्य के लिए ज़रूरी बदलाव लाये? तो एक बुद्धिमान व्यक्ती हमेशा वही होगा जो अपने भविष्य को सुधारने की सोचे और खुद उस भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करे और अपनी ज़िन्दगी में ज़रूरी बदलाव लाए। |
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समीक्षा लखन :in hindi |
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Answer» यह पृष्ठ इस समय निर्माणाधीन है और इसे एक नवीन विकिपीडिया लेख बनाने हेतु इसमें निरंतर संपादन द्वारा सक्रीय कार्य किया जा रहा है। संपादन के विरोधाभास तथा अन्य किसी प्रकार के भ्रम को दूर करने के लिए रचयिता का निवेदन है कि केवल थोड़े समय के लिएइस पृष्ठ को संपादित न करें या इसे शीघ्र हटाने के लिए नामांकित न करें। यदि दो दिनों तक इस पृष्ठ का संपादन नहीं किया जाता है तो कृपया यह टैग हटा दें। श्रेष्ठ लेख बनाने हेतु लेख को श्रेष्ठ लेख मापदंड पर खरा उतरना चाहिए। इसमें लिखने की गुणवत्ता, सही जानकारी, स्थिरता, चित्रों का सही ढंग से उपयोग आदि भी शामिल है। यह लेख इस बारे में बताता है कि किस तरह किसी लेख को श्रेष्ठ लेख के अनुरूप माना जाएगा और कैसे इसकी समीक्षा की जाएगी। |
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Open drill Kise Kahate Hain |
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Answer» IRRELEVANT QUESTION question........ .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. .. |
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Badra, Kajra machhari ,vipti,seet,sees,parvat ka prachalit roop |
| Answer» | |
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कर्म हाय पूजा है पर एक निबंध लिखें |
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Answer» मनुष्य भगवान के द्वारा बनाया गया सबसे श्रेष्ठ प्राणी है लेकिन कोई भी व्यक्ति श्रेष्ठ तभी होता है जब वह अच्छे कर्म करता है। कर्म करने से ही मनुष्य की गति होती है। कर्म को बिना मनुष्य इस पृथ्वी पर कुछ भी हासिल नहीं कर सकता है। मनुष्य का फर्ज है कर्म करना और उसके कर्मों का फल ही उसे अच्छे या बुरे परिणाम के रूप में मिलता है। मनुष्य के लिए कर्म ही उसकी पूजा है क्योंकि वह अपने कर्मों से ही प्रभू के द्वारा जाना जाता है। मनुष्य जैसे कर्म करता है उसे वैसा बी परिणाम मिलता है।
कर्म का अर्थ होता है किसी भी कार्य को लग्न से करना लेकिन यदि उसी कार्य में थोड़ी सी श्रद्धा भी डाल दी जाए तो वह कर्म पूजा बन जाती है और उसमें हमें सफलता अवश्य ही मिलती है। हर वह काम जिसे हम पूरी लग्न और श्रदिधा के साथ करते हैं हमारे लिए पूजा ही है। किसी भी कार्य को करने का सबसे बेहतरीन तरीका है उसका आनंद लिया जाए, उसके लिए हर संभव प्रयास किया जाए, अपने कर्म को ही पूजा समझा जाए और यदि वहीं कर्म हम पर बोझ बन जाता है तो हमारी पूजा यानि कि हमारा कर्म उसकी पवित्रता को खो देता है जिससे उसकी गुणवत्ता भी कम हो जाती है। हमें अपने कर्मों को पूजा के समान समझना चाहिए और इसकी पवित्रता को बनाए रखना चाहिए। कर्म मनुष्य का सबसे महंगा गहना होते हैं और प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्वय है कि वह इन्हें चमका कर रखे और इन्हें नेकी के लिए प्रयोग करे। हमारे द्वारा नित्य किए गए कर्मों से ही पूजा होती है जिसमें लग्न का होना अत्यंत आवश्यक है। हमें अपने प्रत्येक कार्य को सच्चे भाव से और कढ़ी मेहनत के साथ करना चाहिए। इस जीवन में कर्म के बिना कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है। Explanation: |
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How to write first page of project in hindi |
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Answer» WRITE your SCHOOL NAME then write your name and then write your CLASS name |
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Who established Mahabalipuram?(a) Pallavas(b) Pandya(c) Chola(d) Chalukyas |
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Answer» PALLAVAS ESTABLISH Mahabalipuram. Hope it HELPS uh❤️ |
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एक बकरी 3 rs एक गाय 1 rs 20rs का 1 ऊट कुल जानवर 100 होने चाहिए और rs bhi 100 उत्तर बताओ |
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Answer» Answer: 100+100=200_100=1001camel |
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Yo yo honey singh ke baap ka naam btao?? |
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Computer kranti ek vardhan iseke 10 upyog aur dur-upyog plz tell me fast |
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Answer» merits 1 computer serves in many fields like offices, school,HOSPITAL etc. 2 very useful for browsing 3 also HELPS in transfering data and important information 4 helps u in learning many new THINGS.. 5 you can also use sevral apps in a computer demerits 1 it may be harmful to children and youth 2 carrying a computer to any working place from home is nearly impossible 3 computers can also be use ful in one hand and also can be a disaster in the other hand |
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Make sentence with each of these words in hindi..शिखरसरितासिटपिटानाno spamming |
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Answer» राहुल शिखर पर जाना चाहता है। सरिता की शादी राहुल से होगी मोदी को देखकर राहुल गांधी सिटपिटा जाता है |
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*दिमाग लगाओ ♀ तीर्थस्थान के नाम बताओ*1)1) 2) ✋⛰2) 3) 3) 4) ⛰4) 5) ❌पुर5) 6) ⛰6)7) 7) 8) ⭕8) 9) 8⃣9)10) ⛰10) 11) ⛳11) 12)12) 13) ⛰13) 14) ⛰14) 15) sh⛰15)16)Taa16) 17) o यां17)18) 18) 19) 19) 20) 20) 21) ⛰21) 22) सा❌22)23)aa23) 24) ⛰24) 25) श्री⛰♀♀♀♀♀♀♀♀♀♀ |
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Answer» Answer: MATHURA, KASHI, RISHIKESH, HARIDWAR, KAILASH MANSAROVAR, BADRINATH, NAIMISHARANYA, GIRNAAR, KUMBH, PRAYAAG, GOLA, MATHURA, PUSHKAR, SOMNATH, PURI, KANCHI, SRINGERI, VRINDAVAN, LUMBINI, BODHGAYA, VARANASI, ETC, ETC, ETC. ALSO, RESPECTED USER, WE'D ALL PREFER IT IF YOU USE YOUR POINTS IN A MORE USEFUL WAY, TO ASK MORE MEANINGFUL QUESTIONS. इन चीज़ों में हम "दिमाग" नहीं लगाते हैं। HAVE A NICE DAY. |
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Bag pe samachar lekhan pretyvedan lekhan in hindi for kids |
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Answer» dfghjjkNnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn |
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प्र01-नीचे दिये गये अनुच्छेद में क्रिया शब्दों को रेखांकित कीजिए-मैदान में क्रिकेट मैच हो रहा है। भारत और इंग्लैंड की टीमें खेल रही हैं। धोनीबैटिंग कर रहा है। दूसरी टीम का एक खिलाड़ी बॉल फेंक रहा है। बाकी सभीक्षेत्ररक्षण कर रहे हैं। कोहली दौड़ रहा है। अंपायर खड़ा हुआ है। वह हरचौके-छक्के पर संकेत करता है। पवेलियन में कुछ खिलाड़ी बैठे हैं। मैंच मजेदारलग रहा है।प्र02- किन्हीं दस सर्वनाम शब्दों को लिखिए- |
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Answer» Answer: ex.खेल रही हैं,all words having rahe ,RAHI ,RAHA hai in last 2) |
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Koi factory banane ke liye Vigyapan Banaye |
| Answer» | |
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Maharshi Dayanand Se Hindi apnane ka Agra kisne kiya |
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Answer» नेता केशवचंद्र सेन | वे बंगाल की राजधानी कलकत्ता में ब्रह्म समाज के नेता थे | |
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Essay on read and make others to read in hindi |
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Answer» पढ़ो और दूसरों को पढ़ने के लिए जागरूक करो | शिक्षा हमारे बहुत जरूरी है | हमें अपनी शिक्षा को अपने जीवन में बहुत महत्व देना चाहिए| हमें खुद भी पढ़ना चाहिए और दूसरों को भी शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देनी चाहिए| हमें अपने आस-पास शिक्षा के बारे में जागरूक करना चाहिए | जितना ज्ञान हम देंगे उतना ही हम ज्ञान लेंगे और सीखेंगे | शिक्षा से ही देश उन्नति करेगा और लड़का और लड़की दोनों को शिक्षा जरूरी है | शिक्षा हमारे जीने का आधार है , इसके बिना जीवन बेकार है ,| |
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Write about Rajaram mohan roy |
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Answer»
Raja ram MOHAN roy considered by many historians as a FATHER of Indian Renaissance. He was a founder of brahma smaj .He was born in Radhanagar 22may 1772. He is KNOWN for his effort to abolish the evil Practice of SATI.
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2. प्रकृति कभी किसी के साथ भेदभाव नही करती। प्रकृति द्वारा इस पृथ्वी पर जितने भी संसाधन प्रदानकिए गए हैं, वे सभी निःशुल्क हैं और उनका उपयोग सभी कर सकते हैं।कविता के आधार पर इस बात को 400-450 शब्दों में सिद्ध कीजिए। |
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Answer» हम ब्रह्माण्ड के सबसे सुंदर ग्रह पर निवास करते हैं। जिसे हम अनेक नामों से पुकारते हैं। जैसे कि पृथ्वी, धरा, धरती आदि। हमारी इस धरती की सुंदरता ‘प्रकृति’ की वजह से है। जैसे एक बच्चा जन्म लेता और अपनी माँ की गोद और उसके आँचल के साये में पलकर बड़ा होता है वैसे ही मानव भी इस धरती पर ‘प्रकृति’ की गोद में और उसके आँचल के साये में पलकर बड़ा होता है इस कारण ‘प्रकृति’ हमारे लिये ‘माँ’ के समान ही है। ‘प्रकृति’ हमें वो सब देती है जो एक ‘माँ’ अपने बच्चे को देती है। ‘माँ’ बिना किसी स्वार्थ को अपने बच्चे पर अपनी सब कुछ न्योछावर कर देती है और बदले में कुछ भी नही मांगती बस ये आशा करती है कि बच्चा समझदार होने पर उसका ध्यान रखे। जैसे एक माँ अपने सारे बच्चों में कोई भेद नही करती और सबको अपना सबकुछ बिना किसी भेद-भाव के प्रदान करती है, उसके लिये सारे बच्चे बराबर हैं, वैसे ही प्रकृति भी अपने संसाधनों के वितरण में कोई भेदभाव नही करती है, पृथ्वी पर उपस्थित प्रत्येक प्राणी उसके बच्चे के समान है, वो बिना किसी भेदभाव के हर प्राणी को अपना सबकुछ दे देती है। ‘प्रकृति’ निःस्वार्थ भाव से हमें अपना सबकुछ दे देती है। ये रोशनी, हवा, पानी, नदी, समुद्र, झरने, पहाड़, पेड़-पौधे, मिट्टी, सर्दी, गर्मी, बरसात सबकुछ ‘प्रकृति’ हमें बिना किसी भेद-भाव के प्रदान करती है। ‘प्रकृति’ हमें अपने सारे संसाधन उपलब्ध कराती है एक ‘माँ’ की तरह लालन-पालन करती है। जैसे कोई ‘माँ’अपने बच्चों में कोई भेद नही करती वैसे ‘प्रकृति’ भी अपने संसाधन हमें देने में कोई भेद नही करती है। दुख की बात ये है कि हम मानव स्वार्थी हो गये हैं। हम ‘प्रकृति’ द्वारा हम पर किये गये उपकारों को भूल जाते हैं। प्रकृति जितना हमें देती है बदले में हम उसका उतना ध्यान नही रखते है। हम प्रकृति के संसाधनों का पूरी तरह से दोहन कर तो लेते हैं पर ये इस बात की चिंता नही करते कि ये संसाधन सीमित मात्रा में हैं और इनका इस तरह से उपयोग करें ये संसाधन सदैव कायम रहें। हम मानव ही प्रकृति का स्वरूप बिगाड़ने में लगे हुये हैं। हम ये नही देखते कि हमें भी अपनी इस प्रकृति रूपी ‘माँ’ का ध्यान रखना है ताकि ये हमेशा हम अपनी स्नेह बरसाती रहे। बड़े दुख की बात है कि मानव द्वारा तकनीक आदि के विकास के कारण हमें कृत्रिम जीवनशैली की तरफ ज्यादा अग्रसर हो गयें हैं और अपनी तथाकथित विकासरूपी महत्वाकांक्षाओं के कारण के कारण प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी कारण ये ‘प्रकृतिरूपी माँ’ भी हम पर कुपित हो रही है और जिसके कारण असामान्य व अस्वभाविक भौगोलिक घटनायें बढ़ती जा रही हैं। अब समय आ गया है कि मानव संभल जाये और वह अपनी इस ‘प्रकृतिरूपी माँ’ का मूलस्वरूप न बिगाड़े और एक संतान की तरह उसका पूरा ध्यान रखे नही तो एक दिन ऐसा आयेगा कि ‘प्रकृति’ हम पर पूरी तरह रुष्ट हो जायेगी तब हमारे पास बचने का भी अवसर नही होगा। जिस प्रकार प्रकृति हमें अपना सबकुछ देने में कोई भेदभाव नही करती उसी प्रकार हमें भी प्रकृति के संरक्षण के लिये कोई भेदभाव नही करना चाहिये। |
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DIARY LEKHAN in Hindi ON TEACHERS DAY |
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Answer» Answer: Har AAK people ka liya teachers day ka aalag Mayna haha; har kisi kiParibasha aapnay teacher ko LAKAR alag hi hota h lakin aak baat puri tareh sa SACH h ki bina teacher marg darshak ka koi bhi people pragati ka PATH par aaga NAHI baadh sakta h Explanation: |
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लंबी सड़क गोल मैदान चार खिलाड़ी एक कप्तान |
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Answer» angutha Explanation: अंगुठा answer................ angudha |
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Please help me in a speech on servants of 2 minutes it's very important |
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Answer» My answer is in ENGLISH, do translate into Hindi. WHY CAN'T PEOPLE DO THEIR WORK ON THEIR OWN?? - Rupkatha Mazumder In our COUNTRY nowadays people are becoming very lazy. They are almost always UNABLE to do their own work on their own. Thesedays people need servants, workers and MAIDS for help. A working man needs maids to keep his room tidy. Is it so hard that you have to keep a servant?? The servants too are encouraged to work at others' houses to earn and survive. Abraham Lincoln, the 16th president of United States abolished slavery. And from then onwards people of United States are not DEPENDENT on slaves. If United States can abolish slavery then why can't we?? |
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Tin chiti sath chal rahi hai 1st chiti ne kaha mere pichhe do chiti aa rhi h or last wali chiti boli mere aage do chiti chal rahi h or bich wale ne kaha mere aage v do chiti or mere pichhe v do chiti chal rahi hai ye kaise hoga |
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Answer» Bich wali ne aisa kaha KYUNKI USKE AGE ek CHITTI thi aur wo ek chitti thi. To dono chitti aage chal rahi thi. Waise HI piche ek chitti chal rahi thi aur wo bhi chal rahi thi to aage do aur piche do. Simple. |
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Badalne ki chamta hi buddhimatta ka map Hai 500 shabd |
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Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है बदलने की क्षमता से तात्पर्य ‛ अपने - आप को किसी भी परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की योग्यता अथवा निपूणता ’ । यह बात काफी हद तक तर्कसंगत है कि बदलने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का माप है । समझने के लिए आप मानव के विकास के विज्ञान को ले सकते हैं । हमारे पुरातत्वशास्त्रियों और वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव लाखों वर्ष पूर्व जंगलों में पशुओं की भातिं ही जीवन व्यतीत किया करते थे । अन्य जानवरों की तरह मानव भी शिकार किया करते , भोजन के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकते , और तो और हिंसक पशुओं का खौफ़ भी उनके अंदर रहा करता था । किंतु जैसे - जैसे मानव ने बदलाव को अपनाया वो विकास की और अग्रसर होता चला गया , मानव ने सभी जीवों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर लिया । मानव ने केवल अपने आप को बदला , बल्कि अपने परिवेश को भी अपने अनुकूल बना लिया । यह इस बात का जीवंत उदाहरण है कि बदलने की क्षमता बुद्धिमत्ता का माप है । ' परिवर्तन ही संसार का नियम है ' यह उक्ति इस बात का द्योतक है कि परिवर्तन से समाज का विकास होता है , वर्षों पूर्व सूचना का आदान-प्रदान करने में महीनों लग जाते थे , अब बस यह कुछ क्षणों की क्रीड़ा मालूम पड़ती है, यह परिवर्तन का ही तो परिणाम है जो हमारे बुद्धिमत्ता को दर्शाता है । जापान जैसे देश विकसित देश की श्रेणी के उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किये हुए हैं यह उनके परिवर्तनशीलता का ही तो परिणाम है । यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नही होगी कि हम अपने आप को जितने तेज़ी से बदलाव को स्वीकार करेंगे हमारा विकास उतने तेजी से होगा । इस टेक्नोलॉजी के युग में उन विद्यार्थियों को कुशाग्र एवं कुशल माना जाता है जो इस विधा में बेहतर हैं क्योंकि उन्होंने बदलते समाज को स्वीकार किया और अपने आप को इस नए बदलाव के अनुसार ढाला । लेकिन बदलाव बुद्धिमत्ता के साथ- साथ मूर्खता की भी निशानी मालूम पड़ती है । मानव ने प्रकृति के बदलाव को न अपनाकर खुद से किये गए बदलाव को प्रकृति के ऊपर थोप दिया । इसके विपरीत कई प्रकार की भ्रंतिया उत्पन्न हो गयी हैं जो केवल मानव को नही अपितु समस्त संसार को नस्त-नाबूत करने को तैयार है । यह मूर्खता नही तो और क्या है । बदलाव हमेशा सार्थक रहे तभी से हमारे बुद्धिमत्ता को दर्शाता है । |
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Badlne ki kshamta hi buddhimatta ki maap hai |
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Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है। बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है यह कथन शत प्रतिशत सत्य है। क्योंकि परिवर्तन ही संसार का नियम है। यह संसार परिवर्तन से ही चलती है परिवर्तन होते होते ही मानव का जन्म हुआ है। परिवर्तन से ही यह ब्रह्मांड बनी है। आरंभ में पृथ्वी जलते हुए गोले की तरह थी किंतु इसमें धीरे-धीरे परिवर्तन होते गया और और इसमें इतना परिवर्तन हुआ कि अब इस पर जीवन संभव है और इतने सारे जीवित पशु पक्षी प्राणी यहां जीवन यापन कर रहे हैं यहां मौजूद हैं। इसलिए यह कहना बहुत मुख्य बात है कि बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है। हमें पुराने रीति रिवाज पुराने रूढ़िवादी बातों रूढ़िवादी चीजों और सारी ऐसी क्रियाकलाप जो कि मानव जाति को प्रभावित करती है और इसका परिणाम बुरा होता है हमें वह सब बदलना चाहिए। समय के साथ बहुत सारी चीजें बदल रही है इसलिए हमें भी बदलना चाहिए। इतने सारे आविष्कार हो रहे हैं। हमारी बुद्धिमत्ता मत आया है कि अध्ययन, ज्ञान और बुद्धि और ज्ञानी लोगों की सलाह से हम सारे चीज में परिवर्तन कर सकते। हमें पुरानी पद्धति छोड़नी चाहिए और एक विकासशील समाज बनाना चाहिए। अगर एक गांव पुराना है तो उसे बदलकर एक आधुनिक गांव बनाया जा सकता है। इसमें परिवर्तन करने से उसमे साक्षरता आएगी और सारे लोग शिक्षित होंगे । वहां बहुत सारी उद्योग खुलेंगे और लोग जागरूक होंगे। जिसके कारण उनकी जीविका में बढ़ोतरी होगी और वह नए-नए चीज जानने को अग्रसर होंगे जिनसे उनमें साक्षरता बढ़ेगी। हमें अपनी देश में बहुत परिवर्तन करना चाहिए क्योंकि अभी भी बहुत राज्यों में पुरानी चीजों की मान्यता है । अपनी जगह पर है किंतु परिवर्तन से हम उसे एक आधुनिक राज्य बना सकते हैं और आधुनिक राज्य बनने से सारे लोग साक्षर बनेंगे । उनमें शिक्षा पद्धति की उन्नति होगी । और अपने बच्चों को शिक्षा देने में वह पीछे नहीं हटेंगे। जिसके कारण हमारा देश ऊंचा होगा। एक कुमार मिट्टी को बदलना आरंभ करता है । वह उसे पहले मलता है । उसे सानता है । फिर उसे इतनी मुलायम बनाता है। उसके पश्चात उसे चरखे पर रखकर। उसे एक आकार देता है और यह परिवर्तन के कारण से ही संभव हुआ है। मिट्टी में परिवर्तन होते होते विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरने के पश्चात एक मिट्टी घड़े का आकार लेती है। यह परिवर्तन के कारण ही मुमकिन है। |
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Badalne ki samta samta buddhimatta ka map hai hai is per nibandh Hindi mein |
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Answer» बदलने और बदलाव लेने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का माप है | यह बिलकुल सत्य है , समय के साथ अच्छे काम के लिए बदलना बहुत जरूरी है और यही एक समझदारी है | समय के साथ बुत सारी चीज़ें बदल रही है, और बहुत सारे ने नए आविष्कार हो रहे है | इसलिए सफल होने के लिए हमें भी समय के साथ बदलना चाहिए और नए-नए चीज़ें और बातों को समझना चाहिए | बुद्धिमत्ता यह है कि कोई भी अध्ययन, समझ और सीखने के द्वारा सुधार कर सकता है। बात करें तो हमें अपनी पुरानी सोच को बदलने में ही बुद्धिमत्ता है | जब हम अपनी पुरानी सोच बदलेंगे तभी हम नया सिख पाएंगे | देश आगे बढ़ पाएगा आगे प्रगति होगी | |
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Badalne ki chamta hi buddhimta ka maap hai ka hindi me nibandh long easy |
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Answer» बदलने और बदलाव लेने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता का माप है | यह बिलकुल सत्य है , समय के साथ अच्छे काम के लिए बदलना बहुत जरूरी है और यही एक समझदारी है | समय के साथ बुत सारी चीज़ें बदल रही है, और बहुत सारे ने नए आविष्कार हो रहे है | इसलिए सफल होने के लिए हमें भी समय के साथ बदलना चाहिए और नए-नए चीज़ें और बातों को समझना चाहिए | बुद्धिमत्ता यह है कि कोई भी अध्ययन, समझ और सीखने के द्वारा सुधार कर सकता है। बात करें तो हमें अपनी पुरानी सोच को बदलने में ही बुद्धिमत्ता है | जब हम अपनी पुरानी सोच बदलेंगे तभी हम नया सिख पाएंगे | देश आगे बढ़ पाएगा आगे प्रगति होगी |
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बदलने की क्षमता ही बुद्धिमत्ता की माप है। कथन अलबर्ट आइंस्टीन |
Answer» बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है"बदलने की क्षमता ही बुद्धिमता का माप है" जैसा कि हम जानते हैं कि यह शब्द अल्बर्ट आइंस्टीन के है। मूल रूप से इसका मतलब यह है कि एक व्यक्ति जो नए वातावरण में जल्द ही बदलने और अपनाने में अधिक सक्षम है, उसे अधिक समझदार माना जाता है। जैसा कि हम जानते हैं कि लाइन - परिवर्तन दुनिया में एकमात्र स्थिर चीज है। और यह इस अर्थ में सही है कि आपका जीवन आपको उतार-चढ़ाव देता है - परिवर्तन क्योंकि यह आपको कुछ सिखाना चाहता है। और इसलिए आपको कभी-कभी नहीं रुकना सीखना चाहिए। अगर जीवन में बदलाव की मांग है, तो इसे रोका जाना चाहिए। हर कोई बेहतर जानता है। बुद्धिमान बनें ताकि बाधाओं को रास्ते में न आने दें। हर दिन आप कुछ नया सोचते हैं, यह बंद नहीं होगा। मनुष्य को इस दुनिया में सबसे बुद्धिमान जानवर माना जाता है। वह इस दुनिया में अन्य सभी प्राणियों और कई अन्य चीजों को नियंत्रित करने में सक्षम है। व्यक्ति की दैनिक जीवन शैली में इंटेलिजेंस की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इंटेलिजेंस शब्द लैटिन क्रिया "इंटेलिजेंस" से आया है, जिसका अर्थ है समझना। इंटेलिजेंस एक जीव की क्षमता है जो तेजी से जटिल वातावरण में खुद को समायोजित करता है। आइए अल्बर्ट आइंस्टीन की कहानी से एक उदाहरण लेते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 1879 में जर्मनी में हुआ था, अल्बर्ट आइंस्टीन को 1921 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला था। पुरस्कार के लिए उनके काम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव की खोज में शामिल था, जो क्विंटम सिद्धांत के विकास में महत्वपूर्ण था। लेकिन यद्यपि आइंस्टीन बुद्धिमत्ता के इतिहास में सबसे महान मानवों में से एक थे, उन्होंने जीवन के लिए पृथ्वी के दृष्टिकोण में सबसे अधिक कमी की थी। ऊपर इसका निष्कर्ष पुस्तक के तथ्य की व्याख्या करता है। सैद्धांतिक भौतिकी में एक वैज्ञानिक के रूप में, आइंस्टीन को बुद्धि की शक्ति के बारे में पता था। पढ़ना, अध्ययन, सोच, चर्चा और प्रयोग बुद्धि के लिए एक मार्ग प्रदान करते हैं। लेकिन यद्यपि आइंस्टीन की बुद्धि गणना से परे है, उनका मानना था कि बुद्धिमत्ता एक बड़ी परिवर्तनशील क्षमता है। |
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Draw diagram of fractional distillation. |
Answer» <U>heya mate how r u i m finesorry if the diagram is not nice |
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