Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

Uska praan nikal gaya (vakya shudh Kijiye )

Answer»

Uske PRAAN nikal GYE..(SHUDH vakya)

2.

खोलत नाहिं सुधा रस भीने meaning

Answer» JISKO kolane SE asanse MIL JAY
3.

Dhej pratha ek samajik kuriti anuched likha 100_150words

Answer»

ANSWER:

PLEASE MARK as BRAINLIST

4.

Essay on sarva shiksha abhiyan in 100to 120 words in hindi

Answer»

सर्व शिक्षा अभियान भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसकी शुरूआत (2001-02) मे अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा एक निश्चित समयावधि के तरीके से प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण को प्राप्त करने के लिए किया गया, जैसा कि भारतीय संविधानके 86वें संशोधन द्वारा निर्देशित किया गया है जिसके तहत 6-14 साल के बच्चों (2001 में 205 मिलियन अनुमानित) की मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के प्रावधान को मौलिक अधिकार बनाया गया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2010 तक संतोषजनक गुणवत्ता वाली प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण को प्राप्त करना है। एसएसए (SSA) में 8 मुख्य कार्यक्रम हैं। इसमें आईसीडीएस (ICDS) और आंगनवाड़ी आदि शामिल हैं। इसमें केजीबीवीवाई (KGBVY) भी शामिल है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना की शुरूआत 2004 में हुई जिसमें सारी लड़कियों को प्राथमिक शिक्षा देने का सपना देखा गया, बाद में यह योजना एसएसए के साथ विलय हो गई।

Please MARK my answer as Brainliest.

5.

Make sentences 2&4 only

Answer»

Hey mate here is your answer

2) HAME Bhari bharkam kaam AKELE nhi krne chahiye

4) hame Apne doston Ko chai VAI jrur pilana chahiye

I hope that it's HELPFUL for you so please make me brainliest

6.

Muhavare ghee ke Diye Jalana

Answer» GHEE KE diye jalana= BAHUT prasann hona.
vakya PRAYOG= ram ji ke aayodhya lautne PAR aayodhya vasiyon ne ghee ke diye jalaye the...
7.

Jagatguru ko Hindi me kaise likhe

Answer»

जगत्गरु HINDI MAI AISE HO GA

8.

अलंकृत का समास विगह Please give the answer of this question

Answer» SORRY I didn't KNOW because I am STUDY in CLASS 4
9.

सजीव कोशिका से वने है सही या गलत

Answer»

Sajiv kosima s hi BANE h ye SAHI h MATLAB right h

10.

Find the area of the triangle whose vertices are A(2,7) B(3,-1) and C(-5,6).

Answer» PLEASE INFORM if any MISTAKES
11.

9-9 lines about sparrow in sanskrit

Answer»

संपादन करा

या पानावर बदलांसाठी लक्ष ठेवा.

इतर भाषांत वाचा

चिमणी

भारतात सर्वात जास्त संख्येने असणारा पक्षी म्हणून चिमणी (नर- चिमणा, मादी-चिमणी) परिचयाची आहे. नर चिमणीच्या कपाळाचा, शेपटीवरचा आणि पार्श्वभाग राखाडी, कानाजवळ पांढरा, चोच काळी, कंठ ते छातीच्या भागावर मोठा काळा भाग, डोक्यापासून खाली पोटाचा भाग पांढरा असून पाठीवर तपकिरी काळ्या तुटक रेषा असतात. मादी मातकट तपकिरी रंगाची असून तिच्या अंगावर काळ्या तपकिरी रंगाच्या तुटक रेषा असतात. तिची चोच फिकट तपकिरी रंगाची असते.तीला भारतात तपकीर असही म्हटले जाते.
हा पक्षी हिमालयाच्या २००० मी. उंचीपर्यंत, तसेच भारतभरसर्वत्र आढळतो . तसेच बांगलादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यानमारसह इतरही देशांत आढळतो. भारतात काश्मिरी आणि वायव्यी अशा हिच्या किमान दोन उपजातीही आढळतात.

माणसाच्या अगदी जवळच राहणारा हा पक्षी असून कीटक, धान्य, मध, शिजवलेले अन्न असे सर्व प्रकारचे खाद्य खातो. विणीचा हंगाम वर्षभर असू शकणारा पक्षी अशी ओळखही या पक्ष्याची आहे. 


12.

Sunai ka pad paricheSunai shabd ka pad pariche

Answer»

You should ALSO GIVE the SENTENCE...

13.

आज की शिक्षा और पहले की शिक्षा में क्या अंतर है॥ कौन-सी सही है सष्ट किजिए॥

Answer»

Today's life, study is a JOKE or a fun for STUDENTS they are not interested in study.
and in EARLY TIME students are very INTELLIGENT and interested in study

14.

Gaushala me kaun sa samaas h

Answer»

तत्पुरुष समास
I HOPE this is your ANSWER

15.

What is anuswar and anunasik shabd

Answer»

With the help of an example I am explaining this answer
for example in ANUSWAR CHANCHAL ,GANGA a DOT on the word

Aanunasik there is a moon and on the Moon there is a dot for example in Hindi we WRITE 5

hope this will help yu

16.

Jal sanrakshan par vigyapan in very short for hindi

Answer»

ANSWER:

                          जल संरक्षण पर विज्ञापन

जल ही जीवन है। बिना जल के हम जीवन में जी नहीं सकते।

जल के हर एक बूंद को बचाना हमारा कर्तव्य है |

शिमला वासियों से निवेदन है कृपया करके भी ध्यान रखे गर्मी का मौसम शुरू हो गया है |

पानी का उपयोग अच्छे से करें , पानी को दुरुपयोग ना करें |  

जल हमारे जीवन का एक हिस्सा हमें इसका उचित रूप प्रयोग करना चाहिए |

जल समृद्र, नदी, तालाब, पोखर, कुआं, नहर इत्यादि में पाया जाता है , हमें इन स्रोतों को दूषित नहीं करना चाहिए |

17.

Varn viched of pratidhvani

Answer» \bold{HEYA \:\:MATE!}

YOUR ANSWER...

प्रतिध्वनि :- प्+ र्+ अ +त् +इ+ ध् +व् +अ +न् +इ

HOPE IT HELPS!
18.

Heyy❤❤i need few poems of more that 8 lines in hindi TOPIC- UNITY/EKTA

Answer» HEY there is ANSWERS !!/

मंज़िल से जरा कह दो, अभी पहुंचा नही हूं मैं
कदमो को बांध न पाएंगी, मुसीबत कि जंजीरें,
रास्तों से जरा कह दो, अभी भटका नही हूं मैं
सब्र का बांध टूटेगा, तो फ़ना कर के रख दूंगा,
दुश्मन से जरा कह दो, अभी गरजा नही हूं मैं
दिल में छुपा के रखी है, लड़कपन कि चाहतें,
मोहब्बत से जरा कह दो, अभी बदला नही हूं मैं
साथ चलता है, दुआओ का काफिला
किस्मत से जरा कह दो, अभी तनहा नही हूं मैं..
19.

Kavita mein ka kya swbhav varnit kiya gaya hain ?

Answer»

Plz KINDLY mention the POEM .
Or ELSE mention it's name

20.

Bach ki jeevan par Internet ka prabav speech

Answer»

बच्चों की शैक्षिक यात्रा में आज कम्प्यूटर उनका हमसफर बन गया है। सूचनाओं के अथाह भंडार और मनोरंजन के स्रोत के रूप में इंटरनेट बच्चों के लिए उनके दैनिक जीवन का हिस्सा है। 

आज इंटरनेट शिक्षण, सकारात्मक मनोरंजन और विकास के अवसर प्रदान करता है। यह बात सही है कि आधुनिक युग में माता-पिता बच्चों के लिए इंटरनेट की उपयोगिता को समझ रहे हैं, वहीं इंटरनेट के अधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव से भी बच्चों के अभिभावक चिंतित हैं। 

इंटरनेट पर किसी तरह की कोई सीमा नहीं होती, यहाँ कई तरह की अनगिनत साइट खोली जा सकती है। इंटरनेट की ये विशेषता लाभदायक भी है और हानिकारक भी। आज के बच्चे जहाँ बड़ी आसानी से इंटरनेट-फ्रेंडली हो रहे हैं, वहीं वे अनजाने में कई प्रकार के दुष्प्रभावों के वशीभूत हो जाते हैं। 

इस संबंध में इंटरनेट और साइबर कल्चर के कुछ दोष भी हैं। बच्चे अनजाने में इंटरनेट पर कई सारी व्यक्तिगत जानकारी दे देते हैं। टीन एजर्स इस तरह बहुत सी गोपनीय बातें भी कई तरह के प्रलोभन के चलते नेट पर शेयर कर देते हैं। इसके अलावा नेट पर अनपेक्षित साइट्स भी बच्चों पर गलत प्रभाव डालती हैं। हिंसा, आश्लीलता और नशा परोसती साइट्स निश्चित रूप से अल्प आयु वर्ग के बच्चों के बौद्धिक विकास को बाधित करती हैं। इंटरनेट के इन दुष्प्रभावों ने आज बच्चों के अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। 

बालक-बालिका इंटरनेट का उपयोग करें, ये भी जरूरी है, लेकिन वे इसके बुरे प्रभावों से बचें, इसके उपाय भी जरूरी हैं। बच्चे इंटरनेट के आदी न हो जाएँ, सूचनाओं के विशाल भंडार में से बच्चे वही चुनें जो उनके सकारात्मक विकास में सहायक हो, यह ध्यान रखना भी आवश्यक है। आज के समय में माता-पिता ही बच्चों को सही जानकारी दे सकते हैं।

21.

Who is sachin tendulkar ? And about information

Answer» SACHIN Tendulkar is a cricketer also KNOWN as God of CRICKET
22.

परहित सरिस धर्म नहिँ भाई ।पर पीड़ा सम नहि अधमाई meaning in hindi

Answer»

बुरा काम न करना इस से बड़ा कोई धर्म नही है भाई पर इस में पीड़ा ज्यादा देर तक टिक नही सकती ।

23.

सड़क हादसे के कारण और निवारण speech

Answer»

कई लोगों को गाङी नहीं चलानी आती फिर भी लोग गाङी चलाते हैं जिससे दुखद दुघर्टना हो सकती है

24.

Gagan ka paryayvachi shabd

Answer» NABH, AKASH asman AMBAR
25.

What is tool life. explain tool life in short

Answer»

HEY BUDDY HERE IS YOUR ANSWER

Tool life is a general term and there is no SINGLE definition that DEFINES it. ... The duration for which the tool is USABLE for machining, i.e, the time taken till there is tool failure.

HOPE IT'S HELPFUL FOR YOU

26.

Bail gadi motar gadi se kin Maino mai Shrestha hai ??

Answer»

It don't REQUIRE any FUEL
It DONT CAUSE pollution
Its AFFORDABLE

27.

कार्य टालने से होने से होने वाली हानियाँ only 5lines

Answer»

कार्य टालने से बहुत समस्या होती हैं

28.

Essay on videshi chodo swadeshi apnao

Answer»

Videshi Chodo Swadeshi Apnao:

Use goods made in own country, instead of that made in foreign country--

Aaj ka yeh nahra hain ki Videshi chodo aur swadeshi apnao. Ye tehreek asl main azadi ki jung ke dauran hamaray leaders nai india main shuro ki thi. Azadi sai pehli, aangreaz log hindustan main karobar aur hakomat karte the . un ko kamzoor karnae ka ek acha tarika tha ki UNKI cheezon ko chod diya  jaue taki unko karobar main nuksan ho. Is movement sai azadi main BADA FAIDA houa aur uyeh BOHOT safal raha.

Agar hum aah bhi chate hain ki hamara desh tarike kare, hamari karance ka value international market main bade, to huamain chaihiye ki hum videshi cheezian istimaal karien  aur swaddesi cheezain chod dein.


Note= Written in hindi in ENGLISH transcirpts

29.

काय को टालने पर कया हानियाँ हो सकती है?

Answer» SEARCH same on GOOGLE for BETTER RESULTS
30.

Tampa vidroh kabhi hua tha

Answer» hello friend
rampa VIDROH 1879ई. SE LEKAR 1920-22ई. tak hua THA...

hope it HELPS you
31.

'गदहा’ शब्द, शब्द भेदक अन्तर्गत अबैछ(क) तद्भव(ख) तत्सम(ग) देशज(ध) विदेशज

Answer»

I THINK... 3RD देशज

32.

काय को टालने या समय से न करने पर कया कया हानियाँ हो सकती है? 10lines please solve urgent

Answer»

कार्य को टालने से बहुत समस्या होती हैं और कार्य का समय चला जाता है

33.

Jina apane hi me kavita ka bhav saundrya. Please hurry.

Answer»

It means kavi yeah bav
spast kar rha ha ki hme aapnhe me hi jina chaiya dusro SE JADA matlab NAHI raknha chaiya aapnha darm aapnha ha dusro ka darm se Nahi kuch Karna h or hme isvar kush deknha chata ha tabhi VO hme kush raktha ha .
dusro se hme bhed bav nahi Karna cahiya .
na kisi jalan karna cahiya yeah hi kavi hme batnha chatha h .

34.

'यातायात कि समस्या एवं उपाय ' विषय पर निबंध लिखो

Answer»

यातायात से बहुत समस्या होती हैं

35.

Write this essay in accurate Hindi.See down the topic"sabse pyaari sabse nyaari humare desh ki dhaarti..."

Answer»

हमारा देश भारत एक महान देश है जिसका एक गौरवशाली अतीत है तथा गौरवमयी संस्कृति व सभ्यता है । हमारा देश विश्व के समस्त देशों से अद्‌भुत व निराला देश है । मुझे अपने देश की संस्कृति व सभ्यता पर गर्व है ।

मैं जब भी किसी से कहता हूँ कि मैं भारतवासी हूँ या मुझे कोई भारतीय कहकर पुकारता है तो मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता हूँ । हमारे देश के विश्व में अन्य देशों से अद्‌भुत व न्यारे होने के कई कारण हैं जिसका विस्तृत अवलोकन इस बात की पुष्टि करता है ।

हमारे देश की संस्कृति व सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है । यह देश ऋषियों-मुनियों का देश रहा है । भारत को इसीलिए अनेक महापुरुषों ने देवों की धरती कहा है क्योंकि यहाँ पर संस्कृति व सभ्यता पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और हजारों वर्ष बाद भी भारतीय संस्कृति उतने ही सशक्त व जीवंत रूप में विद्‌यमान है । हमारे देश की संस्कृति त्याग, बलिदान, प्रेम, सद्‌भावना, भाईचारा, श्रद्‌धा आदि महान नैतिक, शुद्‌ध व दैवी गुणों पर आधारित है ।

विशाल हृदय वाली इस संस्कृति ने हमें अपने दुश्मनों से भी प्रेम करना सिखाया है । इसी धरती पर भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, त्याग की प्रतिमूर्ति महात्मा दधीचि, दानवीर कर्ण, महाप्रतापी व सत्यवादी राजा हरिश्चंद आदि महापुरुषों ने जन्म लिया । गाँधी जी जैसे युगपुरुष यहीं पर अवतरित हुए जिन्होंने बिना शस्त्र के ‘सत्य और अहिंसा’ के मार्ग पर चलते हुए भारत को स्वतंत्र कराया । संपूर्ण विश्व युगपुरुष गाँधी जी को आज भी नमन करता है ।

हमारे देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक तथा गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक विभिन्न भाषा, जाति, वेश-भूषा व विभिन्न मतों के लोग एक साथ निवास करते हैं । इतने विभिन्न रंगों को एकीकृत रूप में पिरोना भारत जैसे महान देश में ही संभव है । भारतीय संस्कृति की उदारता व महानता का यह साक्षात् प्रमाण है ।

यहाँ विश्व के लगभग समस्त धर्मों के लोग परस्पर मेल-जोल से रहते हैं । सभी को बिना भेदभाव अपने धर्म को मानने व प्रचार-प्रसार की खुली अनुमति है । उत्तर से दक्षिण हो या फिर पूर्व से पश्चिम हम भारत के किसी भी छोर पर जाएँ हमें जो भिन्नता यहाँ देखने को मिलेगी वैसी भिन्नता विश्व के शायद ही किसी कोने में उपलब्ध हो ।

कला की दृष्टि से भी हमारा देश उत्कृष्ट है । मुगलकालीन इतिहास में मुगल शासकों द्‌वारा प्रदत्त कला, विश्व कला जगत के लिए एक महान उपलब्धि है । हम आगरा के ताजमहल को लें, या फिर दिल्ली की कुतुबमीनार को सभी कला जगत की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं जिसे देखने के लिए हर वर्ष लाखों विदेशी पर्यटक भारत आते हैं ।




36.

Make sentences of tick words in hindi pls pls pls pls pls pls pls pls

Answer» HEY!!

दाखिला - मेरे माता पिता मेरा दाखिला शहर के सबसे अच्छे विद्यालय में कराना चाहते हैं।

साबित - वह चोर अपनी बेगुनाही साबित नही कर पाया।

त्रुटियाँ - आजकल लोग सिर्फ दूसरों की त्रुटियाँ ही देखते हैं।

Hope it HELPS!!
37.

पानी वाणी दूध पर कविता,कहानी बताओ जल्दी से

Answer»

ANSWER:

PAANI vaandi doodh PR KAVITA

38.

HEY MATES...PLS ANSWER CLASS 8 HINDI BOOK QUESTION........CHAPTER 14 AKBARI LOTA,,,,, LALA JHAULAL LE PARESHAANI KA KYA KARAN THA? PLS S TELLE.. IF I LIKE I WILL REALLY MARK IT AS BRAINLIEST..... THNX N HAVE A NICE DAY

Answer»

Your ANSWER is 2QUESTION
THANKS

39.

HEY MATES...PLS ANSWER CLASS 8 HINDI BOOK QUESTION.........LALA JHAULAL KE PARESHAN KA KYA KARAN THACHAPTER 14 AKBARI LOTAPLS HELP IT'S URGENT IF I LIKE THE ANSWER I WILL MARK IT AS BRAINLIEST..... THNX N HAVE A NICE DAY

Answer»

Here your all 2 QUESTION
THANKS

40.

Answer in three lines only

Answer»

1.agar ham dhaayr rkhenge to PHAL milega
kahawat to suni hogi ki sabbr(dharry) ka phal mitha hota HAI
2. achhi sangati se yh laabh hai ki jaisi hamari sangati hogi hmm bhi vaise hi HONGE aur agar hamari sanngti ACCHI jai YO hamara jivan bhi khushaal hoga

41.

✌️⭐☺️✌️⭐☺️✌️⭐⭐☺️✌️⭐⭐☺️✌️✌️☺️✌️✌️hi friends ✌️✌️there is a question for all ↘️↘️↘️↘️↘️↘️✍️दिए गए लोकोक्तियों का वाक्य में उचित प्रयोग कीजिए१. छोटा मुंह बड़ी बात२. जैसी करनी वैसी भरनी३. दोनों हाथों में लड्डू४. आ बैल मुझे मार५. अपनी अपनी डफली अपना अपना राग⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️plzzz help me friends the most useful and helping answer will be marked as brainliest.and yes remember use the above lokoktis in sentences.thanks ☺️☺️⭐✌️

Answer»

१. राम तो हमेशा छोटा मुंह बड़ी बात करता है
२. मीनल ने पढ़ाई ना करके परीक्षा में कम अंक प्राप्त किए ठीक ही हुआ जैसी करनी वैसी भरनी
३. उनके दोनों बेटों मैं नौकरी कर ली इसलिए तो सब कहते हैं उनके दोनों हाथों में लड्डू है
४. सो हम हमेशा कार्तिक के झगड़ों में पढ़ कर हर समय आ बैल मुझे मार की परिस्थिति उत्पन्न कर लेता है
५. हमारी कक्षा में तो जो जिसके मन में आता है वह करता है इसी को तो कहते हैं अपनी अपनी डफली अपना अपना राग

42.

Conversation between tree and birdin hindi

Answer» PED evam panchi KI vaartaalaap OR

vriksha evam PAKSHI KE SAMVAAD
43.

How to crack NSTSE with books

Answer»

NSTSE/NTSE is an ambitious exam. It provides you a platform to know your ability in competitive environment. Scholarship is the main profit BEHIND the exam. Always keep your AMBITIONS high like you are doing right now.

So lets begin.

Go through the syllabus. I presume you'd have already looked into it. It has science and maths in its syllabus. I'm going to tell you a simplest strategy to conceptualize yourself for the exam.

Go through the previous year papers and look for the portions that have been regularly asked. Study those portions first.

For maths: study Maths class 7th,8th,9th and 10th books first. Yeah right! 10th books too! But according to the syllabus of NSTSE.Besides these, buy books specifically written for “NSTSE/NTSE maths” with solved previous papers. Practice QUESTIONS from those books related to your syllabus only.

For science: read the science books from 6th to 10th class. You can also refer S. Chand or together with for the same. Make high quality notes. Notes will help you revise at the time of examination.

Strategy to be followed: study smartly.

First go through the previous year papers. Analyse oftenly asked topic. This provides you weightage of the topics and then read the topics from the NCERT and the books you've bought. Once you're finished with these, solve questions related to your topic and previously asked questions. By the end of the day you'd have excelled on that topic.

But dont forget to revise and practice everyday. Revise covered topics for atleast one hour daily. Practice questions daily to improvise yourself even if you've gained the confidence.

Lastly, slow and steady WINS the RACE. So spend your time on books. It is always worth more than money.

44.

Can anyone give me the summary of "manushyata"

Answer»

विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु से डरो कभी,

मरो, परंतु यों मरो कि याद जो करें सभी।

हुई न यों सुमृत्यु तो वृथा मरे, वृथा जिए,

मरा नहीं वही कि जो जिया न आपके लिए।

वही पशु प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


उस आदमी का जीना या मरना अर्थहीन है जो अपने स्वार्थ के लिए जीता या मरता है। जिस तरह से पशु का अस्तित्व सिर्फ अपने जीवन यापन के लिए होता है, मनुष्य का जीवन वैसा नहीं होना चाहिए। ऐसा जीवन जीने वाले कब जीते हैं और कब मरते हैं कोई ध्यान ही नहीं देता है। हमें दूसरों के लिए कुछ ऐसे काम करने चाहिए कि मरने के बाद भी लोग हमें याद रखें। साथ में हमें ये भी अहसास होना चाहिए कि हम अमर नहीं हैं। इससे हमारे अंदर से मृत्यु का भय चला जाता है।


 




उसी उदार की कथा सरस्वती बखानती,

उसी उदार को धरा कृतार्थ भाव मानती।

उसी उदार की सदा सजीव कीर्ति कूजती;तथा उसी उदार को समस्त सृष्टि पूजती।

अखंड आत्म भाव जो असीम विश्व में भरे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


जो आदमी पूरे संसार में अत्मीयता और भाईचारा का संचार करता है उसी उदार की कीर्ति युग युग तक गूँजती है। धरती भी सदैव उसकी कृतघ्न रहती है। समस्त सृष्टि उस उदार की पूजा करती है और सरस्वती उसका बखान करती है।


क्षुधार्त रतिदेव ने दिया करस्थ थाल भी,

तथा दधीचि ने दिया परार्थ अस्थिजाल भी।

उशीनर क्षितीश ने स्वमांस दान भी किया,

सहर्ष वीर कर्ण ने शरीर चर्म भी दिया।

अनित्य देह के लिए अनादि जीव क्या डरे?

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


पौराणिक कथाओं में ऐसे कई महादानियों की कहानियाँ भरी पड़ी हैं जिन्होंने दूसरों के हित के लिए अपना सब कुछ दान कर दिया। रतिदेव ने अपने हाथ की आखिरी थाली भी दान में दे दी थी। दधिची ने वज्र बनाने के लिए अपनी हड्डी देवताओं को दे दी थी जिससे सबका भला हो पाया। सिबि ने कबूतर की जान बचाने के लिए बहेलिए को अपने शरीर का मांस दे दिया। ऐसे बहुत से महापुरुष इस दुनिया में पैदा हुए हैं जिनके परोपकार के कारण आज भी लोग उन्हें याद करते हैं।


सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही;

वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।

विरुद्धवाद बुद्ध का दया प्रवाह में बहा,

विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?

अहा! वही उदार है परोपकार जो करे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


पूरी दुनिया पर उपकार करने की इक्षा ही सबसे बड़ा धन होता है। ईश्वर भी ऐसे लोगों के वश में हो जाते हैं। जब भगवान बुद्ध से लोगों का दर्द नहीं सहा गया तो वे दुनिया के नियमों के खिलाफ हो गए। उनका दुनिया के विरुद्ध जाना लोगों की भलाई के लिए था, इसलिए आज भी लोग उन्हें पूजते हैं।


रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,

सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।

अनाथ कौन है यहाँ? त्रिलोकनाथ साथ हैं,

दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।

अतीव भाग्यहीन है अधीर भाव जो करे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


यहाँ पर कोई भी अनाथ नहीं है। भगवान के हाथ इतने बड़े हैं कि उनका हाथ सबके सिर पर होता है। इसलिए यह सोचकर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए कि तुम्हारे पास बहुत संपत्ति या यश है। ऐसा अधीर व्यक्ति बहुत बड़ा भाग्यहीन होता है।


अनंत अंतरिक्ष में अनंत देव हैं खड़े,

समक्ष ही स्वबाहु जो बढ़ा रहे बड़े-बड़े।

परस्परावलंब से उठो तथा बढ़ो सभी,

अभी अमर्त्य अंक में अपंक हो चढ़ो सभी।

रहो न यों कि एक से न काम और का सरे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


जिस तरह से ब्रह्माण्ड में अनंत देवी देवता जनहित के लिए एक दूसरे के साथ मिलजुलकर काम करते हैं, उसी तरह इंसान को भी आपसी भाईचारे से काम करना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी से किसी और का काम न चले, बल्कि सभी एक दूसरे के काम आएँ।


‘मनुष्य मात्र बंधु है’ यही बड़ा विवेक है,

पुराणपुरुष स्वयंभू पिता प्रसिद्ध एक है।

फलानुसार कर्म के अवश्य वाह्य भेद हैं,

परंतु अंतरैक्य में प्रमाणभूत वेद हैं।

अनर्थ है कि बंधु ही न बंधु की व्यथा हरे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


सभी मनुष्य एक दूसरे के भाई बंधु हैं और सबके माता पिता परम परमेश्वर हैं। कोई काम बड़ा है या छोटा ऐसा केवल बाहर से दिखता है। अंदर से अभी एक समान हैं। इसलिए कर्म के आधार पर किसी को बड़ा या छोटा नहीं समझना चाहिए। भाई अगर भाई की पीड़ा ना हरे तो मानव जीवन व्यर्थ है। ये पंक्तियाँ कहीं न कहीं हमारी जाति व्यवस्था की तरफ इशारा करती हैं।


चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,

विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढ़केलते हुए।

घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,

अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।

तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे॥


हमें अपने लक्ष्य की ओर हँसते हुए और रास्ते की बाधाओं को हटाते हुए चलते रहना चाहिए। जो रास्ता आपने चुना है उसपर बिना किसी बहस के पूरी निष्ठा से चलना चाहिए। इसमें भेदभाव बढ़ने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, बल्कि भाईचारा जितना बढ़े उतना ही अच्छा है। वही समर्थ है जो खुद तो पार हो ही और दूसरों की नैया को भी पार लगाए।


यह पूरी कविता सहोपकारिता और परोपकारिता का उपदेश देती है। जीवन के हर परिप्रेक्ष्य में हम एक दूसरे के सहयोग पर निर्भर करते हैं। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और पूरा मानव समाज इसी सहयोग पर आधारित है। जो दूसरे की भलाई में जीवन लगाता है, उसे आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा याद रखती हैं।




45.

What is meant by हतप्रभ राहणा in Hindi

Answer»

कोई हलचल न करना या फिर कहा जा सकता है कि रूक जाना, स्तब्ध हो जाना

46.

Poem on - save girl child in hindi

Answer» NAI dour KO apnao
aapne soch PAR PANK lagao
BETI hai khushiyo ki chabi
nahi hai aapke jivan ki babadi
beti bacho beti padhao
uche vichar ki or kadam badao...
47.

Poem on - stop corruption, make new india

Answer»

Is desh ki hai bimari , ye bhuke brust chary
jis thaali me khaana khate, ye chedh Usi Mein Karte Hain
log Garib KE pait mein Mar, Ghar Apne yeah Bharte hai
Is Desh Ki Hai Bimari ,Yeh Dhanwan bikhari
Le Hath katore ghar ghar JATE, MAUSAM Jo Chuna wo Khata
Allah Ke Naam Pe Dede vote ,GANA in Ko Bas Ek hi aata
Yeh Desh Ki Hai Bimari amulyam ke vyapari
Milan desh ko Kar Diya jhonka bus CHAL Jaye
48.

Swami vivekanadha biography in hindhi

Answer» HEY dear your ANSWER is here:-

स्वामी विवेकानन्द जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता (कोलकता) में हुआ। आपके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। सन्यास धारण करने से पहले आपका नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था व आप नरेन के नाम से भी जाने जाते थे।

आपका परिवार धनी, कुलीन और उदारता व विद्वता के लिए विख्यात था । विश्वनाथ दत्त कोलकाता उच्च न्यायालय में अटॅार्नी-एट-लॉ (Attorney-at-law) थे व कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत करते थे। वे एक विचारक, अति उदार, गरीबों के प्रति सहानुभूति रखने वाले, धार्मिक व सामाजिक विषयों में व्यवहारिक और रचनात्मक दृष्टिकोण रखने वाले व्यक्ति थे । भुवनेश्वरी देवी सरल व अत्यंत धार्मिक महिला थीं ।

आपके पिता पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। वे अपने पुत्र नरेन्द्र को भी अँग्रेजी पढ़ाकर पाश्चात्य सभ्यता के ढर्रे पर चलाना चाहते थे। नरेन्द्र की बुद्धि बचपन से तीव्र थी और परमात्मा में व अध्यात्म में ध्यान था। इस हेतु आप पहले ‘ब्रह्म समाज' में गये किन्तु वहाँ आपके चित्त संतुष्ट न हुआ। इस बीच आपने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी.ए उत्तीर्ण कर ली और कानून की परीक्षा की तैयारी करने लगे। इसी समय में आप अपने धार्मिक व अध्यात्मिक संशयों की निवारण हेतु अनेक लोगों से मिले लेकिन कहीं भी आपकी शंकाओं का समाधान न मिला। एक दिन आपके एक संबंधी आपको रामकृष्ण परमहंस के पास ले गये।

स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने नरेन्द्रदत्त को देखते ही पूछा, "क्या तुम धर्म विषयक कुछ भजन गा सकते हो?"

नरेन्द्रदत्त ने कहा, "हाँ, गा सकता हूँ।"

फिर नरेन ने दो-तीन भजन अपने मधुर स्वरों में गाए। आपके भजन से स्वामी परमहंस अत्यंत प्रसन्न हुए। तभी से नरेन्द्रदत्त स्वामी परमहंस का सत्संग करने लगे और उनके शिष्य बन गए। अब आप वेदान्त मत के दृढ़ अनुयायी बन गए थे।

16 अगस्त 1886 को स्वामी परमहंस परलोक सिधार गये।

1887 से 1892 के बीच स्वामी विवेकानन्द अज्ञातवास में एकान्तवास में साधनारत रहने के बाद भारत-भ्रमण पर रहे।

आप वेदान्त और योग को पश्चिम संस्कृति में प्रचलित करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देना चाहते थे।

स्वामी विवेकानंद वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। आपने अमेरिका स्थित शिकागो में 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का वेदान्त अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द के कारण ही पहुँचा। आपने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की जो आज भी अपना काम कर रहा है। आप स्वामी रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य व प्रतिभावान शिष्य थे। आपको अमरीका में दिए गए अपने भाषण की शुरुआत "मेरे अमेरिकी भाइयों एवं बहनों" के लिए जाना जाता है ।

निधन: 4 जुलाई, 1902 को आप परलोक सिधार गये।

hope it helps :-)
49.

Please solve this question image question ok all friend tum sab inte hosiyer ho ki sab ans doge muje pate hai

Answer» PLEASE TELL me where is your IMAGE
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निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखिए - 1) दांत खट्टे करना 2) नमक मिर्च लगाना 3) पेट में चूहे कूदना 4) बाल भी बांका न होना 5) घरों पानी पड़ना 6) घुटने टेकना 7) सिर पर कफन बांधना 8) घी के दिए जलाना 9) खिल खिल कर दिया

Answer»

♠ उत्तर :
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1 ). दाँत खट्टे करना - हराना या परास्त करना।

2 ). नमक मिर्च लगाना - किसी बात को और बुरा करके बताना।

3 ). पेट में चूहे कूदना - बहुत भूख लगना।

4 ). बाल भी बांका ना होना - कोई नुकसान न पहुंचना।

5 ).घङों पानी भरना - बहुत मेहनत करना।

6 ). घुटने टेकना - हार मानना।

7 ). सिर पर कफ़न बांधना - मौत से जूझना।

8 ). घी के दीये जलाना - खुशियां मनाना।

9 ). -