This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
Nimnlikhit padbandon ka nam likhiye:-phool ki tarah khila rehene wala-bahut sundar rang birangi chidiya hai-udti chali gayi-pareshaani me urljha hua maiITS URGENT...!! |
|
Answer» Answer: |
|
| 2. |
"होंठ बिचकाना" मुहावरे का अर्थ है? |
|
Answer» "होंठ बिचकाना" मुहावरे का अर्थ है L - To SHOW DISLIKE._________________________ |
|
| 3. |
चन्द्रधर शर्मा गुलेरी का संक्षिप्त जीवन परिचय दीजिए।कथाकार प्रेमचंद की कहानियों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। |
|
Answer» sorry dude idk answer |
|
| 4. |
Find the cost price of a mixer which was sold for rupees 2520 at a loss of 5% |
|
Answer» 2652 Explanation: loss of 5%=95% so, 2520=95% x=100% 100/95*2520=2652 |
|
| 5. |
Answer the following attachment ,not more than 5oo words IN HINDI |
| Answer» | |
| 6. |
Write a diary entry in hindi of the 15 days of summer vocation |
| Answer» | |
| 7. |
Chidya ando Ka poshan kaise karite hai |
|
Answer» RYM cdjjinkpljyhjbjgbmgougfb b Explanation: ykfjyviyvicyiyykvlinmo7nfiyyitutuyvitgjhyyg |
|
| 8. |
Essay on atamnirbhar bharat in hindi |
|
Answer» Answer: भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा COVID-19 महामारी के दौरान देश को संबोधित करते हुए 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' की चर्चा की गई तथा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई। प्रमुख बिंदु: प्रधानमंत्री ने COVID-19 महामारी से पहले तथा बाद की दुनिया के बारे में बात करते हुए कहा कि 21 वीं सदी के भारत के सपने को साकार करने के लिये देश को आत्मनिर्भर बनाना ज़रूरी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारत को COVID-19 महामारी संकट को एक अवसर के रूप में देखना चाहिये। आत्मनिर्भर भारत: वर्तमान वैश्वीकरण के युग में आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) की परिभाषा में बदलाव आया है। आत्मनिर्भरता (Self-Reliance), आत्म-केंद्रित (Self-Centered) से अलग है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' की संकल्पना में विश्वास करता है। चूँकि भारत दुनिया का ही एक हिस्सा है, अत: भारत प्रगति करता है तो ऐसा करके वह दुनिया की प्रगति में भी योगदान देता है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में वैश्वीकरण का बहिष्करण नहीं किया जाएगा अपितु दुनिया के विकास में मदद की जाएगी। मिशन के चरण: मिशन को दो चरणों में लागू किया जाएगा: प्रथम चरण: इसमें चिकित्सा, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक, खिलौने जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि स्थानीय विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। द्वितीय चरण: इस चरण में रत्न एवं आभूषण, फार्मा, स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत के पाँच स्तंभ: आत्मनिर्भर भारत पाँच स्तंभों पर खड़ा होगा: अर्थव्यवस्था (Economy): जो वृद्धिशील परिवर्तन (Incremental Change) के स्थान पर बड़ी उछाल (Quantum Jump) पर आधारित हो; अवसंरचना (Infrastructure): ऐसी अवसंरचना जो आधुनिक भारत की पहचान बने; प्रौद्योगिकी (Technolog): 21 वीं सदी प्रौद्योगिकी संचालित व्यवस्था पर आधारित प्रणाली; गतिशील जनसांख्यिकी (Vibrant Demography): जो आत्मनिर्भर भारत के लिये ऊर्जा का स्रोत है; मांग (Demand): भारत की मांग और आपूर्ति श्रृंखला की पूरी क्षमता का उपयोग किया जाना चाहिये। आत्मनिर्भर भारत के लिये आर्थिक प्रोत्साहन: प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दिशा में विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। यह पैकेज COVID-19 महामारी की दिशा में सरकार द्वारा की गई पूर्व घोषणाओं तथा RBI द्वारा लिये गए निर्णयों को मिलाकर 20 लाख करोड़ रुपये का है, जो भारत की ‘सकल घरेलू उत्पाद’ (Gross domestic product- GDP) के लगभग 10% के बराबर है। पैकेज में भूमि, श्रम, तरलता और कानूनों (Land, LABOUR, Liquidity and Laws- 4Is) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आर्थिक पैकेज का विश्लेषण: घोषित किया गया पैकेज वास्तविकता में घोषित मूल्य से बहुत कम माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार के 'राजकोषीय' पैकेज के हिस्से के रूप में RBI द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं को भी शामिल किया गया हैं। सरकार द्वारा पैकेज के तहत घोषित प्रत्यक्ष उपायों में सब्सिडी, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, वेतन का भुगतान आदि शमिल होते हैं। जिसका लाभ वास्तविक लाभार्थी को सीधे प्राप्त होता है। परंतु सरकार द्वारा की जाने वाली अप्रत्यक्ष सहायता जैसे 'भारतीय रिजर्व बैंक' के ऋण सुगमता उपायों का लाभ सीधे लाभार्थी तक नहीं पहुँच पाता है। RBI द्वारा दी जाने वाली सहायता को बैंक ऋण देने के बजाय पुन: RBI के पास सुरक्षित रख सकते हैं। हाल ही में भारतीय बैंकों ने केंद्रीय बैंक में 8.5 लाख करोड़ रुपए जमा किये हैं। इस प्रकार घोषित राशि GDP के 10% होने के बावजूद GDP के 5% से भी कम राशि प्रत्यक्ष रूप में लोगों तक पहुँचने होने की उम्मीद है। उद्योगों क लिये विशेष प्रोत्साहन: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग’ के लिये क्रेडिट गारंटी: (Micro, Small and Medium Enterprises- MSMEs) हाल ही में MSMEs तथा अन्य क्षेत्रों के लिये सरकार द्वारा विभिन्न क्रेडिट गारंटी योजनाओं की घोषणा की गई। क्रेडिट गारंटी: बैंकों द्वारा MSMEs को दिया जाने वाला अधिकतर ऋण MSMEs की परिसंपत्तियों (संपार्श्विक के रूप में) के आधार पर दिया जाता है। लेकिन किसी संकट के समय इस संपत्ति की कीमतों में गिरावट हो सकती है तथा इससे MSMEs की ऋण लेने की क्षमता बाधित हो सकती है। अर्थात किसी संकट के समय परिसंपत्तियों की कीमतों में गिरावट होने से बैंक इन उद्यमों की ऋण देना कम कर देते हैं। सरकार द्वारा इस संबंध में बैंकों को क्रेडिट गारंटी दी जाती है कि यदि MSMEs उद्यम ऋण चुकाने में सक्षम नहीं होते हैं तो ऋण सरकार द्वारा चुकाया जाएगा। उदारणतया यदि सरकार द्वारा एक फर्म को 1 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 100% क्रेडिट गारंटी दी जाती है इसका मतलब है कि बैंक उस फर्म को 1 करोड़ रुपए उधार दे सकता है। यदि फर्म वापस भुगतान करने में विफल रहती है, तो सरकार 1 करोड़ रुपए का भुगतान बैंकों को करेगी। MSMEs की परिभाषा में बदलाव: परिभाषा में बदलाव क्यों? MSME की परिभाषा में बदलाव किया गया है क्योंकि ‘आर्थिक सर्वेक्षण’ के अनुसार लघु उद्यम लघु ही बने रहना चाहते हैं क्योंकि इससे इन उद्योगों को अनेक लाभ मिलते हैं। अत: MSME की परिभाषा में बदलाव की लगातार मांग की जा रही है। परिभाषा के नवीन मापदंड: निवेश सीमा को संशोधित किया गया है। कंपनी के टर्नओवर को मापदंड के रूप में जोड़ा गया है। निर्माण और सेवा क्षेत्र के बीच अंतर को समाप्त किया गया है। हालाँकि नवीन परिभाषा के लिये अभी आवश्यक कानूनों में संशोधन करना होगा। PLEASE mark it brainliest,give a thanks and rate it if you like it! |
|
| 9. |
शक्कर विभाग की प्रमुख नौकर का क्या नाम है |
|
Answer» fufuutfuuggdhofugikygkgkohiguf |
|
| 10. |
आप lockdown के कारण दूसरे शहर में फंस गए हैं लेकिन online शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अपने इस अनुभव को बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए। |
|
Answer» HI friend how are you do you know that we went to Pune for a holiday but unfortunately we got stuck here because of lockdown but I am still able to attend my online classes.so can you do a favour for me ?? .you know that I am going to a NEW school after lock down so I will not be able to come to our school so can you tell shweta MISS that I am going to a new school and my parents will collect my tc after a few months?? hoping you will do it. Regards Your Best friend Niharika Explanation: |
|
| 11. |
Do these two questions its urgent I will mark you as brain list |
|
Answer» Answer: मै परिक्षा में हमेशा PRATHAM आता हूँ। Explanation: Actually, I did not knew SPELLING of pratham. HOPE it HELPS you |
|
| 12. |
हरिहर काका अनपढ़ होते हुए भी जीवन की अच्छी समझ रखते थे | पाठके आधार पर स्पष्ट कीजिए |
|
Answer» हरिहर काका अनपढ़ थे फिर भी उन्हें दुनियादारी की बेहद समझ थी। वे यह जानते थे कि जब तक जमीन उनके पास है तब तक सभी उनका आदर करेंगें। उनके भाई लोग उनसे ज़बरदस्ती ज़मीन अपने नाम कराने के लिए डराते थे तो उन्हें गाँव में दिखावा करके ज़मीन हथियाने वालों की याद आती थी। काका ने उन्हें नारकीय जीवन जीते देखा था इसलिए उन्होंने ठान लिया था चाहे मंहत उकसाए चाहे भाई दिखावा करे वह ज़मीन किसी को भी नहीं देंगे। इन बातों से स्पष्ट होता है कि काका अनपढ़ होते हुए भी दुनियादारी की बेहतर समझ रखते थे। |
|
| 13. |
गाँव के नेता जी ने हरिहर काका की जमीन के लिए प्रस्ताव रखा ? |
|
Answer» नेताजी ने हरिहर काका की जमीन के लिए प्रस्ताव रखा कि वह अपनी जमीन पर उच्च विद्यालय खोल दे । |
|
| 14. |
महंत ने हरिहर काका से जमीन वसीयत होते न देख क्या उपाय सोचा ? |
|
Answer» हरिहर काका से जमीन वसीयत होते न देख क्या उपाय सोचा किहरिहर काका उससे बाहर निकल गए हैं, यह बात महंत जी को सहन नहीं हो रही थी। आधी रात के आस-पास देव-स्थान के साधु-संत और उनके कुछ साथी भाला, गंड़ासा और बंदूकों के साथ अचानक ही हरिहर काका के आँगन में आ गए। इससे पहले हरिहर काका के भाई कुछ सोचें और किसी को अपनी सहायता के लिए आवाज लगा कर बुलाएँ, तब तक बहुत देर हो गई थी। हमला करने वाले हरिहर काका को अपनी पीठ पर डाल कर कही गायब हो गए थे।वे हरिहर काका को देव-स्थान ले गए थे। |
|
| 15. |
तीसरी शादी करने से हरिहर काका ने क्यों मना कर दिया था ? |
|
Answer» तीसरी शादी करने से हरिहर काका ने क्यों मना कर दिया था ? हरिहर काका को तीसरी शादी करने के लिए कहा, लेकिन अपनी बढ़ती उम्र और अपने धार्मिक संस्कारों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने तीसरी शादी करने से इंकार कर दिया। हरिहर काका ने पहले भी औलाद की खातिर दो बार विवाह किया था | लेकिन उनकी दोनों पत्नियाँ उन्हें कोई भी औलाद देने से पहले ही स्वर्ग स्वर्ग सिधार चुकी थी| अब हरिहर काका तसल्ली और प्यार के साथ अपने भाइयों के परिवार के साथ रहना चाहते थे| ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬ संबंधित कुछ अन्य प्रश्न...► CLASS="sg-link" href="https://brainly.in/question/3784330">brainly.in/question/3784330 |
|
| 16. |
coronavirus se bachav ke liye kaun kaun se upay bataen Ja Rahe Hain Apne Mitra ko batate Hue Apne Dhyan rakhte Hue to usse Patra likhen in hindi |
|
Answer» Answer: coronavirus se bachav KARNA hai to hamen niyamit taur PER hath dhone jaruri hai aur mask LAGANA jaruri hai aur sanitizer se ko lagana apni Jeb mein rakhna jaruri hai bahar NIKALNA bahut hi kam main bahut kam nikalna hota hai aur |
|
| 17. |
देशज शब्द व विदेशी शब्द किन्हे कहते है |
|
Answer» देशज शब्द – वे शब्द जिनके व्युत्पत्ति की जानकारी नहीं है बोल चाल के आधार पर स्वत: निर्मित हो जाते है ;उसे देशज शब्द कहते है। इन्हे देशी शब्द भी कहा जाता है। विदेशी/विदेशज शब्द – जो शब्द विदेशी भाषा के हैं; परंतु हिंदी में उन शब्दों का प्रचलन हो रहा है, ऐसे शब्द विदेशी शब्द कहे जाते हैं। |
|
| 18. |
What is the most important aspect of running shoe |
|
Answer» Answer: Running SHOES has mid-sole cushioning which is one of the most important benefits ASSOCIATED with the USE of running shoes. the midsole is the area between the ball and heel of the foot. foot cushioning PROVIDED by running shoes can reduce some of the stress placed on the heel, ankles and toes during a run. |
|
| 19. |
Ce reacție ați avut la citirea poeziei Întrebări strigate-n florei? |
Answer» Acesta este un poem excelent, cu o atmosferă revigorantă.Explanation: |
|
| 21. |
Lusi ki kisane mitra ho gayi |
|
Answer» PLEASE MEANINGFUL question Explanation: FOLLOW me |
|
| 22. |
दिए गए भारतीय राज्यों मे कौन कौन-सी भाषारबोली जाती है?1.)ओडिशा2.)असम3.)उत्तर प्रदेश4.)महाराष्ट्र |
|
Answer» ओडिशा-ओडिया असम- आसामी उत्तर प्रदेश- हिंदी, भोजपुरी महाराष्ट्र- मराठी |
|
| 23. |
राजनीति शास्त्र क्या है |
|
Answer» प्रसिद्ध राजनीतिशास्त्री ब्लुंशली के अनुसार राजनीति शास्त्र वह विज्ञान है जिसका संबंध राज्य से है और जो यह समझने का प्रयत्न करता है कि राज्य के आधारभूत तत्व क्या है, उसका आवश्यक स्वरूप क्या है, उसकी किन-किन विविध रूपों में अभिव्यक्ति होती है तथा उसका विकास कैसे हुआ। |
|
| 24. |
5 sentences on winter season in hindi. |
Answer» HEY MATE,HERE IS YOUR ANSWER.शीत ऋतु1. शीत रितु सर्दी का मौसम होता है जो कि नवंबर से जनवरी तक रहता है। 2. हिंदु कैलेंडर के अनुसार सर्दी का मौसम कार्तिक माह से पौह के माह तक रहता है। 3. शीत रितु में ठंडी हवा उतर की तरफ से बहने लगती है। 4. शीत रितु में लोग गर्म कपड़े पहनते हैं और गर्म खाना पसंद करते हैं। 5. शीत रितु में हर तरफ कोहरा होता है और सुबह घास पर ओस की बूँदे मोती के समान लगते हैं। HOPE IT HELPS UPLEASE MARK MY ANSWER AS BRAINLIST AND FOLLOW METHANKS |
|
| 25. |
Is kashigat a bahuvrihi samas |
|
Answer» इस समास में कोई भी पद प्रधान न होकर अन्य पद प्रधान होता है विग्रह करने पर नया शब्द निकलता है पहला पद विशेषण नहीं ... |
|
| 26. |
Jasa raja vasi praja ( muhavra meaning )please comment the correct answer |
| Answer» | |
| 27. |
२)"वह जल्दी घर लौट आया ।" सहायक 2 pointsक्रिया पहचानिए । (मुख्य क्रिया के साथ)Your answer |
| Answer» | |
| 28. |
Hindi1. क) सही (1)और गलत (x) का निशान लगाइए(i)इनमें से कौन सा शब्द अंग का पर्यायवाची नहीं है?मेहमान ( )गात)शरीर ( ) |
Answer» Mehman |
|
| 29. |
१ आप एक आम है , अपने आपको १०० शब्दों में व्यक्त कीजिये | |
|
Answer» s o r r y d u d e I d k t h e a n s w e r |
|
| 30. |
Nimnlikhit padbandon ka nam likhiye:-phool ki tarah khila rehene wala-bahut sundar rang birangi chidiya hai-udti chali gayi-pareshaani me urljha hua maiURGENT..!!! |
|
Answer» Explanation: |
|
| 31. |
१ आप एक आम है , अपने आपको १०० शब्दों में व्यक्त कीजिये | २ |
|
Answer» मैं आम हूँ, एक फल हूँ, मैं फलों का राजा हूँ। मैं गर्मियों में मिलता हूँ। |
|
| 32. |
Lock डाउन के दौरान पर्यावरण में आने वाले बदलाव के संबंध में अपने शब्दों में निबंध लिखिए |
|
Answer» jab lockdown NAHI tha toh pollution bahut zyada thi jab ye virus aaya toh pollution bahut kam ho gayi isse environment saaf ho gaya AUR pollution KI vajah se koi bimari nahi hai SIRF virus ki vajah se. |
|
| 33. |
Rakhthadan avashyakta par vigyapan |
|
Answer» Answer: fytxxyfzxgtrttvgguuvycyf vfugvxyuffswevuxcyxccucxydyxtztzradxtz ffccuuxge Cccucyzdcu have a GREAT day happy BIRTHDAY party and I have a great day happy birthday party and I have a great day happy birthday party and I have a great day happy Explanation: cycivtzyctxcugcfftyguvyc vjvjvycyfvjvuhvxgtde FFRE dar UN photo cake and I have a great day happy birthday party and I have a great day happy birthday party and I have a great day happy birthday party bhhh |
|
| 34. |
वर्ण विचार किसे कहते हैं |
|
Answer» वर्ण विचार वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसके खंड या टुकड़े नहीं किये जा सकते। जैसे- अ, ई, व, च, क, ख् इत्यादि। ... 'राम' और 'गया' में चार-चार मूल ध्वनियाँ हैं, जिनके खंड नहीं किये जा सकते- र + आ + म + अ = राम, ग + अ + य + आ = गया। |
|
| 35. |
Nimnalikhit samasyaon Ka vigrah Karke samas ka naam likhiye |
|
Answer» 1.अन्न और जल (दव्ंदव्) 2.समाचार का वाचन(तत्पुरुष) (it's वाचन not वचन and अन्न not अनन) HOPE the answer will help you PLZ mark it as the brainliest answer ❤ |
|
| 36. |
" राम पढ़ते हुए टीवी भी देखता है | " यह वाक्य का कौन सा प्रकार है |
|
Answer» taidbdbsoaihwbeidoehebabs dieuwbengot don't KNOW |
|
| 37. |
रैदास की भाषा शैली ka parichay dijiye |
|
Answer» HI my bro Explanation: 1 जीवन 2 स्वभाव 3 दोहे 4 भक्ति दोहे 5 अन्य प्रचलित नाम जीवन लगभग छ: सौ वर्ष पहले भारतीय समाज अनेक बुराइयों से ग्रस्त था। उसी समय रैदास जैसे समाज-सुधारक सन्तों का प्रादुर्भाव हुआ। रैदास का जन्म काशी में चर्मकार कुल में हुआ था। उनके पिता का नाम रग्घु और माता का नाम घुरविनिया बताया जाता है। रैदास ने साधु-सन्तों की संगति से पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया था। जूते बनाने का काम उनका पैतृक व्यवसाय था और उन्होंने इसे सहर्ष अपनाया। वे अपना काम पूरी लगन तथा परिश्रम से करते थे और समय से काम को पूरा करने पर बहुत ध्यान देते थे। उनकी समयानुपालन की प्रवृति तथा मधुर व्यवहार के कारण उनके सम्पर्क में आने वाले लोग भी बहुत प्रसन्न रहते थे। रैदास के समय में स्वामी रामानन्द काशी के बहुत प्रसिद्ध प्रतिष्ठित सन्त थे। रैदास उनकी शिष्य-मण्डली के महत्वपूर्ण सदस्य थे। प्रारम्भ से ही रैदास बहुत परोपकारी तथा दयालु थे और दूसरों की सहायता करना उनका स्वभाव बन गया था। साधु-सन्तों की सहायता करने में उनको विशेष आनन्द मिलता था। वे उन्हें प्राय: मूल्य लिये बिना जूते भेंट कर दिया करते थे। उनके स्वभाव के कारण उनके माता-पिता उनसे अप्रसन्न रहते थे। कुछ समय बाद उन्होंने रैदास तथा उनकी पत्नी को अपने घर से अलग कर दिया। रैदास पड़ोस में ही अपने लिए एक अलग झोपड़ी बनाकर तत्परता से अपने व्यवसाय का काम करते थे और शेष समय ईश्वर-भजन तथा साधु-सन्तों के सत्संग में व्यतीत करते थे। स्वभाव उनके जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं से समय तथा वचन के पालन सम्बन्धी उनके गुणों का पता चलता है। एक बार एक पर्व के अवसर पर पड़ोस के लोग गंगा-स्नान के लिए जा रहे थे। रैदास के शिष्यों में से एक ने उनसे भी चलने का आग्रह किया तो वे बोले, गंगा-स्नान के लिए मैं अवश्य चलता किन्तु एक व्यक्ति को जूते बनाकर आज ही देने का मैंने वचन दे रखा है। यदि मैं उसे आज जूते नहीं दे सका तो वचन भंग होगा। गंगा स्नान के लिए जाने पर मन यहाँ लगा रहेगा तो पुण्य कैसे प्राप्त होगा ? मन जो काम करने के लिए अन्त:करण से तैयार हो वही काम करना उचित है। मन सही है तो इसे कठौते के जल में ही गंगास्नान का पुण्य प्राप्त हो सकता है। कहा जाता है कि इस प्रकार के व्यवहार के बाद से ही कहावत प्रचलित हो गयी कि - मन चंगा तो कठौती में गंगा। रैदास ने ऊँच-नीच की भावना तथा ईश्वर-भक्ति के नाम पर किये जाने वाले विवाद को सारहीन तथा निरर्थक बताया और सबको परस्पर मिलजुल कर प्रेमपूर्वक रहने का उपदेश दिया। वे स्वयं मधुर तथा भक्तिपूर्ण भजनों की रचना करते थे और उन्हें भाव-विभोर होकर सुनाते थे। उनका विश्वास था कि राम, कृष्ण, करीम, राघव आदि सब एक ही परमेश्वर के विविध नाम हैं। वेद, कुरान, पुराण आदि ग्रन्थों में एक ही परमेश्वर का गुणगान किया गया है। कृस्न, करीम, राम, हरि, राघव, जब लग एक न पेखा। वेद कतेब कुरान, पुरानन, सहज एक नहिं देखा।। उनका विश्वास था कि ईश्वर की भक्ति के लिए सदाचार, परहित-भावना तथा सद्व्यवहार का पालन करना अत्यावश्यक है। अभिमान त्याग कर दूसरों के साथ व्यवहार करने और विनम्रता तथा शिष्टता के गुणों का विकास करने पर उन्होंने बहुत बल दिया। अपने एक भजन में उन्होंने कहा है- कह रैदास तेरी भगति दूरि है, भाग बड़े सो पावै। तजि अभिमान मेटि आपा पर, पिपिलक हवै चुनि खावै। उनके विचारों का आशय यही है कि ईश्वर की भक्ति बड़े भाग्य से प्राप्त होती है। अभिमान शून्य रहकर काम करने वाला व्यक्ति जीवन में सफल रहता है जैसे कि विशालकाय हाथी शक्कर के कणों को चुनने में असमर्थ रहता है जबकि लघु शरीर की पिपीलिका (चींटी) इन कणों को सरलतापूर्वक चुन लेती है। इसी प्रकार अभिमान तथा बड़प्पन का भाव त्याग कर विनम्रतापूर्वक आचरण करने वाला मनुष्य ही ईश्वर का भक्त हो सकता है। रैदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना, समाज के व्यापक हित की कामना तथा मानव प्रेम से ओत-प्रोत होती थी। इसलिए उसका श्रोताओं के मन पर गहरा प्रभाव पड़ता था। उनके भजनों तथा उपदेशों से लोगों को ऐसी शिक्षा मिलती थी जिससे उनकी शंकाओं का सन्तोषजनक समाधान हो जाता था और लोग स्वत: उनके अनुयायी बन जाते थे। उनकी वाणी का इतना व्यापक प्रभाव पड़ा कि समाज के सभी वर्गों के लोग उनके प्रति श्रद्धालु बन गये। कहा जाता है कि मीराबाई उनकी भक्ति-भावना से बहुत प्रभावित हुईं और उनकी शिष्या बन गयी थीं। वर्णाश्रम अभिमान तजि, पद रज बंदहिजासु की। सन्देह-ग्रन्थि खण्डन-निपन, बानि विमुल रैदास की।। आज भी सन्त रैदास के उपदेश समाज के कल्याण तथा उत्थान के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अपने आचरण तथा व्यवहार से यह प्रमाणित कर दिया है कि मनुष्य अपने जन्म तथा व्यवसाय के आधार पर महान नहीं होता है। विचारों की श्रेष्ठता, समाज के हित की भावना से प्रेरित कार्य तथा सद्व्यवहार जैसे गुण ही मनुष्य को महान बनाने में सहायक होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण सन्त रैदास को अपने समय के समाज में अत्यधिक सम्मान मिला और इसी कारण आज भी लोग इन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं। दोहे जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात । रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात ।। मन चंगा तो कठौती में गंगा || भक्ति दोहे अब कैसे छूटे राम, नाम रट लागी | प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी, जाकी अंग अंग बास समानि | प्रभुजी तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चन्द चकोरा | प्रभुजी तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती | प्रभुजी तुम मोती हम धागा, जैसे सोने मिलत सुहागा | प्रभुजी तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करै रैदासा | I hope it is our helpful and tick me in Brain LIST and please FOLLOW me |
|
| 39. |
ऐसा कौनसा सवाल है जिसे आप दिन में कई बार पूछ सकते हो, जवाब हर समय अलग होगा पर सवाल वही होगा। |
|
Answer» Answer: |
|
| 40. |
Where are you from ka meaning |
|
Answer» Answer: it MEANS aap kahaan SE Aaye ho? hope this helps you.... please MARK my answer as brainliest follow me |
|
| 41. |
Corona par nara lakhan in hindi |
|
Answer» Answer: CORONA KO harana HAI, BHARAT ko jitana hai. Explanation: Please mark me as brainliest |
|
| 42. |
Santan ka varn vichad kijiyeSantan ka varn vichchhed kijiye |
|
Answer» Sa+ NA+ ta + Aan. Explanation: Please mark me as BRAINLIEST |
|
| 44. |
एक मौलिक कहानी लिखिए जिसका अंत प्रस्तुत वाक्य से किया गया हो और मैं उसकी मढढ करने चला गयाif u answer it i will mark u as a brainlist any story may be accepted but a long story it should be in hindi |
|
Answer» HEY mate Explanation: शिव कौन हैं? क्या वे भगवान हैं? या बस एक पौराणिक कथा? या फिर शिव का कोई गहरा अर्थ है, जो केवल उन्हीं के लिए उपलब्ध है जो खोज रहे हैं? भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति के सबसे अहम देव, महादेव शिव, के बारे में कई गाथाएँ और दंतकथाएं सुनने को मिलती हैं। क्या वे भगवान हैं या केवल हिन्दू संस्कृति की कल्पना हैं? या फिर शिव का एक गहरा अर्थ है, जो केवल उन्हीं के लिए उपलब्ध है जो सत्य की खोज में हैं? Adiyogi-Legend-Thumbnail शिव का अर्थ जब हम ‘शिव’ कहते हैं तो हमारा इशारा दो बुनियादी चीजों की तरफ होता है। ‘शिव’ का शाब्दिक अर्थ है- ‘जो नहीं है’। शिव शून्य हैं आज के आधुनिक विज्ञान ने साबित किया है कि इस सृष्टि में सब कुछ शून्यता से आता है और वापस शून्य में ही चला जाता है। इस अस्तित्व का आधार और संपूर्ण ब्रम्हांड का मौलिक गुण ही एक विराट शून्यता है। उसमें मौजूद आकाशगंगाएं केवल छोटी-मोटी गतिविधियां हैं, जो किसी फुहार की तरह हैं। उसके अलावा सब एक खालीपन है, जिसे शिव के नाम से जाना जाता है। शिव ही वो गर्भ हैं जिसमें से सब कुछ जन्म लेता है, और वे ही वो गुमनामी हैं, जिनमें सब कुछ फिर से समा जाता है। सब कुछ शिव से आता है, और फिर से शिव में चला जाता है। शिव कौन हैं - ईश्वर, पुरुष या पौराणिक कथा? शिव अंधकार हैं तो शिव को ‘अस्तित्वहीन’ बताया जाता है, एक अस्तित्व की तरह नहीं। उन्हें प्रकाश नहीं, अँधेरे की तरह बताया जाता है। मानवता हमेशा प्रकाश के गुण गाती है, क्योंकि उनकी ऑंखें सिर्फ प्रकाश में काम करती हैं। वरना, सिर्फ एक चीज़ जो हमेशा है, वो अंधेरा है। प्रकाश का अस्तित्व सीमित है, क्योंकि प्रकाश का कोई भी स्रोत, चाहे वो एक बल्ब हो या फिर सूर्य, आखिरकार प्रकाश बिखेरना करना बंद कर देगा। प्रकाश शाश्वत नहीं है। ये हमेशा एक सीमित संभावना है, क्योंकि इसकी शुरुआत होती है और अंत भी। अंधकार प्रकाश से काफी बड़ी संभावना है। अंधकार में किसी चीज़ के जलने की जरुरत नहीं, अंधकार हमेशा बना रहता है। अंधकार शाश्वत है। अंधकार सब जगह है। वो एक अकेली ऐसी चीज़ है जो हर जगह व्याप्त है। पर अगर मैं कहूँ – “दिव्य अंधकार” लोग सोचते हैं कि मैं शैतान का उपासक हूँ। सच में, पश्चिम में कुछ जगहों पर ये फैलाया जा रहा है कि शिव राक्षस हैं! पर आप अगर इसे एक सिद्धांत के रूप में देखें तो आपको पूरे विश्व में सृष्टि की पूरी प्रक्रिया के बारे में इससे ज्यादा स्पष्ट सिद्धांत नहीं मिलेगा। मैं इस बारे में, बिना शिव शब्द बोले, दुनिया भर के वैज्ञानिकों से बातें करता रहा हूँ। वे आश्चर्य से भर उठते हैं, क्या ऐसा है? ये बातें पता थीं? कब? हमे ये हज़ारों सालों से पता हैं। भारत का हर सामान्य आदमी इस बात को अचेतन तरीके से जानता है। वे इसके बारे में बातें करते हैं, और वे इसका विज्ञान भी नहीं जानते। |
|
| 45. |
"ऐसे घटि घटि राम है" इस पंक्ति में "घट" का अर्थ है। *(क) क्षण-क्षण में(ख) कण-कण में(ग) पल-पल में(घ) पग-पग मेंClass 10 Kabir ki sakhi |
|
Answer» (ख) कण-कण में अर्थ - हर कण- कण में राम है |
|
| 46. |
कबीरदास के अनुसार साबुन और पानी के बगैर हमारे स्वभाव को कौन निर्मल करता है?माता-पितागुरु-जननिन्दक-जनमहाजन |
Answer» hey your answer is option "A"PLZ MARK as brainly answer |
|
| 47. |
क) काँच और हीरा क्रमशः किसके प्रतीक हैं ? |
Answer» काँच और हीरा अमरता और नश्वरता के प्रतीक हैं।हीरा स्वयं इतना मजबूत होता है कि वह हथौड़े की चोट करने पर भी नहीं टूटता, जबकि कांच हथौड़े की जरा सी चोट से बिखर जाता है। हीरे की अपनी चमक अनोखी होती है जो अटूट होती है। जबकि काँच की चमक बनावटी है। हीरा अटूट होकर अपनी कठोरता का बोध कराता है जबकि कांच टूट कर बिखर कर अपनी कमजोरी को प्रकट करता है। हीरे पर लाख कितनी भी धूल जम जाए, लेकिन उसकी चमक नही जाती उसका महत्व कम नही होता। वह हीरा ही रहता है। काँच पर धूल जम जाये वो गंदा हो जाये तो उसी चमक फीकी पड़ जाती है। हीरे की चमक अटूट होती है, तो काँच की चमक बनावटी होती है। हीरा अपनी कठोरता का प्रतीक है, जो किसी भी चोट से जल्दी नहीं टूटता, वह अटूट है। वह अमरता का प्रतीक है। जबकि काँच कमजोर है, वह हल्की टूट कर बिखर जाता है। वह क्षणभंगुर है, नश्वर है। ≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡ |
|
| 48. |
Answer me this question in Hindi plzzz I have to do work |
| Answer» | |
| 49. |
Class 9 math compartment question paper 2018 please send me |
|
Answer» So SORRY |
|
| 50. |
AnsinessQuestion andप्रश्न - 3 लरहरी - हरीदूब पर |
|
Answer» What we doing in this |
|