Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

योनि कितना बड़ा हो ता है​

Answer»

ANSWER:

योनि 2 इंच का होता है........

2.

Tlavar phak dana ka kya aar ha

Answer»

EXPLANATION:

TAKING RISK...............

3.

1) chaow shabd ka kya arth kya he

Answer»

ANSWER:

it MEANS HII,HELLO or GOODBYE

4.

Outine of sahitya aur samaj in hindi

Answer»

ANSWER:

साहित्य सामाजिक चेतना का परिचायक और मानव मस्तिष्क का पोषण है. समाज का साहित्य से और साहित्य का समाज से मौलिक सम्बन्ध है. समाज के बिना साहित्य की रचना संभव नही है. सामाजिक जीवन के साथ साथ साहित्य में भी परिवर्तन होता रहता है.

5.

Everything Come To You At The Right Time #Be_Patient

Answer»

ANSWER:

that RIGHT it's a GOOD THOUGHT

6.

अर्थ की दृस्टि से वाक्य भेद बताइए !!(क) क्या बच्चे लाइन में जायेंगे ?(ख)यदि वर्र्षा अच्छी होती तोह फसल भी अच्छी होती है।​

Answer»

Answer:

1. प्रश्नार्थक वाक्य

2.विधानार्थी वाक्य

7.

"हमेशा ही सीखता हूँ" इसका मतलब कया है?​

Answer»

ANSWER:

ALWAYS learn

Explanation:

SAHI HAI BHAI

8.

परिश्रमी जन कौन सी गांठ खोल देते हैं ​

Answer»

ANSWER:

SAFALTA KI gatd khol dati ha

9.

दुकानदार शब्द को वचन बदलो​

Answer»

ANSWER:

दुकानदार - दुकानदार

EXPLANATION:

HOPE it is HELPFUL

10.

पुदी का मतलब.......​

Answer»

ANSWER:

.....................................,............

11.

मणिपुर को और किस नाम से जाना जाट है ?​

Answer»

ANSWER:

इसका प्राचीन नाम कंलैपाक् है। मणिपुर के नामकरण के सन्दर्भ में जहाँ पौराणिक कथाओं से उसका संबंध जोड़ा जाता है, वहीं प्राप्त तथ्यों से यह प्रमाणित होता है कि प्राचीन काल में पड़ोसी राज्यों द्वारा मणिपुर को विभिन्न नामों से पुकारा जाता था, जैसे बर्मियों द्वारा 'कथे', असमियों द्वारा 'मोगली', 'मिक्ली' आदि। इतिहास से यह भी पता चलता है कि मणिपुर को मैत्रबाक, कंलैपुं या पोंथोक्लम आदि नामों से भी जाना जाता था।

Explanation:

i HOPE it will HELP you

12.

संयोग का मतलब.......​

Answer»

ANSWER:

संयोग - मिलन

EXPLANATION:

HOPE itvis HELPFUL

13.

What did chulk and black board talk with both

Answer»

EXPLANATION:

MARK as BRAINLIST ANSWER

14.

Which of the following real number ies beetween 2and 2.5

Answer»

Answer:

REAL numbers between 2 and 2.5 are 2.1, 2.2 , 2.3, 2.4,...

HOPE it HELPS

15.

Write the number of requiredmaterials

Answer»

ANSWER:

HEY

Explanation:

hey

16.

Samas vigarh dharmartho ka

Answer»

ANSWER:

धर्मार्थो का समास विग्रह -

धर्म + अर्थो

17.

Alin sa mga sumusunod ang hindi elemento ng kabutihang panlahata.kapatiranb.kapayapaanc.paggalang sa indibidwal na taod.tawag sa katarungan o kapakanang panlipunan ng lahat?

Answer»

ANSWER:

B....................

18.

I am not interested my festival only focus my business

Answer»

ANSWER:

OK! FRIENDS I WANT all FESTIVALS.....

19.

जउन गांव जाना नही, पूछे के का काम । पेड़ गिनाई बिरथ हे, फेर खाए ले काम ।।का अर्थ बताइए​

Answer»

ANSWER:

इसका अर्थ यह है कि जिस काल से मिलाओ ना हो उस कार्य को करने में क्या फायदा और ऐसा ना हो कि उस काम को ऑन कर ले और हमें कोई फायदा ही ना हो

20.

निम्नलिखित शब्दों को ठीक करके लिखें।१) च् + अ + त् + उ + र् + अ२) क् + ि + त् + आ + ब् + अ​

Answer»

Explanation:

1)chatur

2)kitaab

I HOPE this MAY HELP you

21.

कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है, और हुपके व्या कारण?हरिहर काका और कथावाचक के बीच में गहरा संबंध था। दोनों एक ही गांव के निवासी है।(पाठ्यपुस्तक से)कमिटा काढा जति​

Answer»

ANSWER:

I am not FAKE but I am BROKEN

22.

Please any body can slove this question paper ​

Answer»

ANSWER:

तीन रंग, केसरिया, सफेद, हरा

त्याग और वीरता

समृद्धि

सफेद रंग के बीच में

23.

मा कह एक कहानी का भावार्थ​

Answer»

ANSWER:

“माँ कह एक कहानी”

कविता का प्रसंग उस समय का है जब गौतम बुद्ध राजकुमार सिद्धार्थ थे। उनका पुत्र राहुल अपनी माँ यशोधरा से कहानी सुनाने की जिद करता है। कविता में बालक राहुल अपनी माँ से कहानी कहने की जिद करता है तो माँ कहती है कि क्या उसने उसे अपनी नानी समझा है जो वो उसे कहानी कहे।

मै आशा कर्ति हु कि ये उत्तर् आप्कि मदद् करे

24.

सूर्य निकला धूप निकली उजाला हुआ में विराम चिन्ह लगाइए।​

Answer»

ANSWER:

सूर्य निकला,धूप निकली और उजाला हुआ।

25.

Mai shabd ka vachan badalkar liko​

Answer»

ANSWER:

NHI PTA. ......

26.

3. बेटा का जीवन भी बेटे के समान होता है। इस पर अपने विचार vyakhth कीजिए ।​

Answer»

EXPLANATION:

बेटी भी वह काम कर सकती है जो बेटा कर सकता है

27.

मात्रसत्तात्मक व्यवस्था कहाँ पर प्रचलित है ?​

Answer»

ANSWER:

मेघालय देश का अकेला प्रदेश है जहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा मातृसत्तात्मक नियमों पर चलता है. 2011 की जनसंख्या के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या 25 लाख के करीब है. इसमें आधी आबादी खासी समुदाय की है. अंग्रेजों के आने के पहले तक मेघालय का जनजाति समाज दूसरे समाजों, जो मुख्यरूप से पितृसत्तात्मक हैं, से कटा रहा है.

Mark me BRANILST

28.

Yade adhya pat na hote to eassy in hindi

Answer»

ANSWER:

PLEASE WRITE in HINDI PROPERLY.

29.

Postakalay ke labh pe niband likhe

Answer»

किसी भी समाज अथवा राष्ट्र के उत्थान में पुस्तकालयों का अपना विशेष महत्व है । इनके माध्यम से निर्धन छात्र भी महँगी पुस्तकों में निहित ज्ञानार्जन कर सकते हैं । पुस्तकालय में एक ही विषय पर अनेक लेखकों व प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध होती हैं जो संदर्भ पुस्तकों के रूप में सभी के लिए उपयोगी होती हैं । कुछ प्रमुख पुस्तकालयों में विज्ञान व तकनीक अथवा अन्य विषयों की अनेक ऐसी दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध होती हैं जिन्हें सहजता से प्राप्त नहीं किया जा सकता है ।

महान देशभक्त एवं विद्‌वान लाला लाजपत राय ने पुस्तकों के महत्व के संदर्भ में कहा था:

” मैं पुस्तकों का नर्क में भी स्वागत करूँगा । इनमें वह शक्ति है जो नर्क को भी स्वर्ग बनाने की क्षमता रखती है ।”

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । अन्य प्राणियों की नरह यह भी खाता है, पीता है, सोता है, जागता है; प्रेम, घृणा तथा भय आदि प्रदर्शित करता है । इन समानताओं के होते हुए भी उसमें एक बहुत बड़ी विशेषता है, जो अन्य प्राणियों में मनुष्य की अपेक्षा बहुत कम पाई जाती है ।

वह है- ज्ञान की प्यास । वह अपने वर्तमान से कभी संतुष्ट नहीं रहता । हमेशा नई-नई बातें सीखने और जानने का इच्छुक रहता है । इसके लिए वह कभी विद्यालयों का सहारा लेता है तो कभी देश-देशांतर का भ्रमण करता है और कभी पुस्तकालयों में बैठकर पुस्तकों के द्वारा स्वत: ज्ञानोपार्जन करता है ।

इस प्रकार हम देखते हैं कि भ्रमण, विद्यालय और पुस्तकालय आदि मनुष्य के ज्ञान प्राप्त करने के साधन हैं । हम यहाँ अन्य साधनों को छोड़कर केवल पुस्तकालय की आवश्यकता और उपयोगिता पर अपने विचार केंद्रित करते हैं ।

पुस्तकालय शब्द ‘पुस्तक’ और ‘आलय’ दो शब्दों के योग से बना है । आलय का अर्थ है- घर । इस प्रकार पुस्तकालय शब्द का अर्थ हुआ- ‘पुस्तकों का घर’ अर्थात् वह घर जहाँ पुस्तकें रहती हैं । प्रकाशकों तथा पुस्तक-विक्रेताओं के घरों में भी पुस्तकें काफी संख्या में होती हैं, किंतु उन्हें हम पुस्तकालय नहीं कहते । उन्हीं घरों को हम पुस्तकालय कह सकते हैं, जहाँ पढ़ने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार की पुस्तकों का संग्रह किया जाता है । पुस्तकालय तीन तरह के होते हैं- १. सरकारी, २. सरकारी सहायता प्राप्त और ३. व्यक्तिगत ।

सरकारी पुस्तकालयों में भवन-निर्माण, पुस्तकों का संग्रह तथा पुस्तकालय के कर्मचारियों के वेतन का प्रबंध सरकार स्वयं करती है । सरकारी सहायता प्राप्त पुस्तकालय की व्यवस्था जनता द्वारा की जाती है । ऐसे पुस्तकालयों को सरकार कुछ आर्थिक सहायता देती है । उक्त दोनों प्रकार के पुस्तकालयों से सभी लाभ उठा सकते हैं ।

पुस्तकालय के कुछ नियम होते हैं । इन नियमों का पालन करनेवाले लोग उसके सदस्य बन जाते हैं । सदस्य बन जाने पर उन्हें पुस्तकों को घर ले जाने का भी अधिकार होता है । अध्ययनशील और ज्ञानपिपासु पाठक पुस्तकालयों के सदस्य बनकर इसका भरपूर लाभ उठाते हैं ।

कुछ लोगों को पुस्तकें पढ़ने का व्यसन होता है । वे पुस्तकों का संग्रह करते रहते हैं । धीरे-धीरे उनका संग्रह इतना विशाल हो जाता है कि वह पुस्तकालय का रूप धारण कर लेता है । ऐसे लोग प्राय: अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार ही पुस्तकों का संग्रह करते हैं ।

गरीब और आम जनों के लिए पुस्तकें खरीदकर पढ़ना संभव नहीं हो पाता है । देश-देशांतर का भ्रमण करना तथा भिन्न-भिन्न देशों की नई-नई बातों को सीखना भी उनके लिए अत्यंत कठिन होता है । सर्वसाधारण के लिए ज्ञानोपार्जन का यदि कोई सबसे सरल और सुगम साधन है तो वह पुस्तकालय ही है । पुस्तकालय सभी के लिए उपयोगी होता है । अपनी-अपनी रुचि और प्रवृत्ति के अनुसार सभी वहाँ से पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं; सभी उससे लाभान्वित हो सकते हैं ।विभिन्न विषयों के अनुसंधान करनेवाले शोधार्थियों को यदि पुस्तकालयों का सहारा न मिले तो वे अपने उद्‌देश्य में सफल नहीं हो सकते । नए-नए अनुसंधान, नए-नए आविष्कारों तथा नई-नई रचनाओं को उपलब्ध कराने का श्रेय पुस्तकालयों को ही जाता है । प्रत्येक नए ज्ञान का आधार पाचीन ज्ञान ही होता है । प्राचीन ज्ञान प्राचीन साहित्य में सुरक्षित होता है ।

HOPE IT HELPS..PLZ MARK MY ANSWER AS THE BRAINLIEST.. FOLLOW ME AND ALSO THANK MY ANSWER.. ❤❤

30.

Surydas ke bare me 10 vaky in hind

Answer»

सूरदास का जन्म 1478ई० में रुनकता नामक गाँव में हुआ। यह गाँव मथुरा-आगरा मार्ग के किनारे स्थित है। कुछ विद्वानों का मत है कि सूर का जन्म सीही [2] नामक ग्राम में एक निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह बहुत विद्वान थे, उनकी लोग आज भी चर्चा करते है।--- मथुरा के बीच गऊघाट पर आकर रहने लगे थे। सूरदास के पिता, रामदास गायक थे। सूरदास के जन्मांध होने के विषय में [3] मतभेद है। प्रारंभ में सूरदास आगरा के समीप गऊघाट पर रहते थे। वहीं उनकी भेंट श्री वल्लभाचार्य से हुई और वे उनके शिष्य बन गए। वल्लभाचार्य ने उनको पुष्टिमार्ग में दीक्षित कर के कृष्णलीला के पद गाने का आदेश दिया। सूरदास की मृत्यु गोवर्धन के निकट पारसौली ग्राम में १५८४ ईस्वी में हुई।

31.

I wish i was like u bangla meaning ​

Answer»

আমি ভাবি আমি তোমার মতো

সুযোগ রাতে।

32.

jodya lava 1 gyanache 2 apulkicha 3 pragatichi 4 manavtechi and options are a suvas b navaparibhasha c yug d tej​

Answer»

Answer:

CH do do do dress so do to cm cm so at all issues Yahoo DOOR to door hi

Explanation:

class so so do do do do do do cm dj do SST sr sr sr sr do do do do do do do do

33.

प्र.1.मानव जीवन और पयावरण के बीच कैसे संबंध हैं?​

Answer»

Answer:

ache sambandh hai kyu ki HAMARA jivan USI PER aadharit hai hai hope it HELP you

34.

नारी की पराधीनता कब से प्रारंभ हुई​

Answer»

ANSWER:

AADHUNIK KAAL MEIN.......

35.

Nehru ne indhira ko kaun se upaay bataye? spasht kijiye.​

Answer»

ANSWER:

please FOLLOW me and mark me as BRAINLIST answer

Explanation:

एक पिता की भूमिका में लिखा गया नेहरू का यह पत्र सभ्यता की सबसे सुंदर और सरल व्याख्या है

जवाहरलाल नेहरू ने यह पत्र दस साल की इंदिरा गांधी को तब लिखा था जब वे मसूरी में थीं. अंग्रेजी में लिखे इस पत्र का हिंदी अनुवाद मशहूर लेखक प्रेमचंद ने किया था

मैं आज तुम्हें पुराने जमाने की सभ्यता का कुछ हाल बताता हूं. लेकिन इसके पहले हमें यह समझ लेना चाहिए कि सभ्यता का अर्थ क्या है? कोश में तो इसका अर्थ लिखा है अच्छा करना, सुधारना, जंगली आदतों की जगह अच्छी आदतें पैदा करना. और इसका व्यवहार किसी समाज या जाति के लिए ही किया जाता है. आदमी की जंगली दशा को, जब वह बिल्कुल जानवरों-सा होता है, बर्बरता कहते हैं. सभ्यता बिल्कुल उसकी उलटी चीज है. हम बर्बरता से जितनी ही दूर जाते हैं उतने ही सभ्य होते जाते हैं.

लेकिन हमें यह कैसे मालूम हो कि कोई आदमी या समाज जंगली है या सभ्य? यूरोप के बहुत-से आदमी समझते हैं कि हमीं सभ्य हैं और एशियावाले जंगली हैं. क्या इसका यह सबब है कि यूरोपवाले एशिया और अफ्रीकावालों से ज्यादा कपड़े पहनते हैं? लेकिन कपड़े तो आबोहवा पर निर्भर करते हैं. ठंडे मुल्क में लोग गर्म मुल्कवालों से ज्यादा कपड़े पहनते हैं. तो क्या इसका यह सबब है कि जिसके पास बंदूक है वह निहत्थे आदमी से ज्यादा मजबूत और इसलिए ज्यादा सभ्य है? चाहे वह ज्यादा सभ्य हो या न हो, कमजोर आदमी उससे यह नहीं कह सकता कि आप सभ्य नहीं हैं. कहीं मजबूत आदमी झल्ला कर उसे गोली मार दे, तो वह बेचारा क्या करेगा?

तुम्हें मालूम है कि कई साल पहले एक बड़ी लड़ाई हुई थी! दुनिया के बहुत से मुल्क उसमें शरीक थे और हर एक आदमी दूसरी तरफ के ज्यादा से ज्यादा आदमियों को मार डालने की कोशिश कर रहा था. अंग्रेज जर्मनी वालों के खून के प्यासे थे और जर्मन अंग्रेजों के खून के. इस लड़ाई में लाखों आदमी मारे गए और हजारों के अंग-भंग हो गए कोई अंधा हो गया, कोई लूला, कोई लंगड़ा.

तुमने फ्रांस और दूसरी जगह भी ऐसे बहुत-से लड़ाई के जख्मी देखे होंगे. पेरिस की सुरंगवाली रेलगाड़ी में, जिसे मेट्रो कहते हैं, उनके लिए खास जगहें हैं. क्या तुम समझती हो कि इस तरह अपने भाइयों को मारना सभ्यता और समझदारी की बात है? दो आदमी गलियों में लड़ने लगते हैं, तो पुलिसवाले उनमें बीच बचाव कर देते हैं और लोग समझते हैं कि ये दोनों कितने बेवकूफ हैं. तो जब दो बड़े-बड़े मुल्क आपस में लड़ने लगें और हजारों और लाखों आदमियों को मार डालें तो वह कितनी बड़ी बेवकूफी और पागलपन है. यह ठीक वैसा ही है जैसे दो वहशी जंगलों में लड़ रहे हों. और अगर वहशी आदमी जंगली कहे जा सकते हैं तो वह मूर्ख कितने जंगली हैं जो इस तरह लड़ते हैं?

अगर इस निगाह से तुम इस मामले को देखो, तो तुम फौरन कहोगी कि इंग्लैंड, जर्मनी, फ्रांस, इटली और बहुत से दूसरे मुल्क जिन्होंने इतनी मार-काट की, जरा भी सभ्य नहीं हैं. और फिर भी तुम जानती हो कि इन मुल्कों में कितनी अच्छी-अच्छी चीजें हैं और वहां कितने अच्छे-अच्छे आदमी रहते हैं.

अब तुम कहोगी कि सभ्यता का मतलब समझना आसान नहीं है, और यह ठीक है. यह बहुत ही मुश्किल मामला है. अच्छी-अच्छी इमारतें, अच्छी-अच्छी तस्वीरें और किताबें और तरह-तरह की दूसरी और खूबसूरत चीजें जरूर सभ्यता की पहचान हैं. मगर एक भला आदमी जो स्वार्थी नहीं है और सबकी भलाई के लिए दूसरों के साथ मिल कर काम करता है, सभ्यता की इससे भी बड़ी पहचान है. मिल कर काम करना अकेले काम करने से अच्छा है और सबकी भलाई के लिए एक साथ मिल कर काम करना सबसे अच्छी बात है.

36.

अपने मनपसंद हिंदी लेखकके द्वारा लिखीं गई पुस्तक को ध्यानपूर्वक पढें।उसके आधार पर उस पुस्तक की समीक्षा लिखें।पुस्तक समीक्षा 1)पुस्तक का नाम 2) लेखन का नाम 3)प्रकाशक का नाम तथा स्थल4)पुस्तक का मूल्य 5)कहानी का सारांश 6)सुझाव = पुस्तक के बारे में आपकी क्या राय है और आप दूसरों को क्या सुझाव देना चाहते हैं ।​

Answer»

Answer:

1 हिंदी

2 वीर कुआर सिंह

3 आशीष पब्लिकेशन

4 130

5 ज्ञान गंगा

6 i LOVE you my BOOK

37.

If you're not using your smile you are a man with a crores of rupees in your bank account and no cheque book in hindi

Answer»

ANSWER:

ch CI ci TT7 xii ci HI bjp bjp bjp GU xii sr sr at all at St xii ci ci hi Jo Jo Jo Jovhh ci ci

Explanation:

ch go go go go Jo Jo

38.

सात्त्विकतायाः पदयोः प्रयुक्ताः विभक्तिं वचनं च

Answer»

ANSWER:

I THINK 6TH

EXPLANATION:

gjiuy7ioui9o

39.

Gidgfyxdgymbvgtfggrxartsdsdytdcxftvx

Answer»

ANSWER:

PLS send the question CLEARLY AND IF U LIKE MY ANSWERS PLZ THANK THEM

40.

Bheti का जीवन भी बेटे के समान होता है। इस पर अपने विचार vyakhth कीजिए।​

Answer»

ANSWER:

ये तो बात सही है, बेटी अब कम नहीं है बेटी ही देश का नाम रोशन करती है और बेटी नहीं तो खुशी नहीं। बेटे भी बहुत अच्छे काम करते हैं।

THANKS

41.

दिमाग पहेलीमुझे खिलाओ तो मैं जिन्दा रहूंगी ,पानी पिलाओगे तो मर जाउंगी ,तो बताओ क्या कहते मुझे ?​

Answer»

Explanation:

I don't know I TRY MANY TIMES what it is SORRY I can't do anything

42.

--------मुझे अच्छे अंक मिले ।​

Answer»

ANSWER:

To hm kya kare, MERE or SE CONGRATULATION

43.

जुगल प्रसाद देवकी के कितने बच्चे थे ​

Answer»

ANSWER:

जुगल प्रसाद देवकी के आठ पुत्र थे

44.

'उदास' शब्द का विरोधी शब्द बताओ। खुशी प्रेरणा मुसीबत सुख ​

Answer»

ANSWER:

उदास शब्द का विरोधी शब्द = खुशी

45.

नीचे लिखे वाक्य किस प्रकार के हैं - सरल, मिश्र या संयुक्त, पहचानकक. राजपूत वीरता से लड़ रहे हैं किंतु उनकी संख्या कम है।ख. हमने आपस की शत्रुता में अपने ही हाथों सब कुछ गंवा दिया।ग. हमारी राखी वह शीतल दवा है जो सारे घाव भर देगीघ. वे हमें बहन समझें और हम उन्हें भाईङ. मैं दुनिया को बता देना चाहता हूँ कि भाई-बहन का रिश्ता सबसेबढ़कर होता है।​

Answer»

ANSWER:

meshre ,3meshre, 4sanykut,meshre

46.

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 20. 'ਸਰ ਕਰਨਾ' ਮੁਹਾਵਰੇ ਦਾ ਸ਼ਬਦੀ ਅਰਥ ਦੱਸੋ : *ਜਿੱਤ ਲੈਣਾਪ੍ਰਸ਼ੰਸਾ ਕਰਨੀਗਵਾਹੀ ਦੇਣੀਸਾਰੇ​

Answer»

ANSWER:

ਪ੍ਰਸ਼ਨ 20. 'ਸਰ ਕਰਨਾ' ਮੁਹਾਵਰੇ ਦਾ ਸ਼ਬਦੀ ਅਰਥ

Answer

:

47.

Kabir ke anay 5 dohe likho??​

Answer»

ANSWER:

संत कबीर के प्रसिद्द दोहे और

यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान ।

शीश दियो जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान ।

सब धरती काजग करू, लेखनी सब वनराज ।

सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाए ।

ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोये ।

48.

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।१) अधोरेखित शब्दों के भेद लिखिए। - तब उनकी पत्नी चिंतित हुई।​

Answer»

अधोरेखित शब्दों के भेद लिखिए। - तब उनकी पत्नी चिंतित हुई।​

पत्नी = जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग

बनावट के आधार पर शब्द के तीन भेद होते है :  

(1) रूढ़  

(2 )यौगिक  

(3)योगरूढ़।

1 रूढ़

जो शब्द किन्हीं अन्य शब्दों के योग से न बने हों और किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते हों तथा जिनके टुकड़ों का कोई अर्थ नहीं होता, वे रूढ़ कहलाते हैं। जैसे-कल, पर।  

2 यौगिक  

जो शब्द कई सार्थक शब्दों के मेल से बने हों,वे यौगिक कहलाते हैं। जैसे-देवालय=देव+आलय, राजपुरुष=राज+पुरुष, हिमालय=हिम+आलय, देवदूत=देव+दूत आदि। ये सभी शब्द दो सार्थक शब्दों के मेल से बने हैं।  

3 योगरूढ़।

वे शब्द, जो यौगिक तो हैं, किन्तु सामान्य अर्थ को न प्रकट कर किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते हैं, योगरूढ़ कहलाते हैं। जैसे-पंकज, दशानन आदि।  

49.

Esay essay on spring season

Answer»

Answer:

Spring is a season of flowers which ARRIVES after winter and before the summer, During the spring season, weather BECOMES pleasant and the days grow LONGER. It is the season of fragrance, beauty, fresh LEAVES, and flowers. In India, the Spring starts from February and lasts till the mid of April.

mark Branilist

50.

परदा कहानी की कथावस्तु​

Answer»

ANSWER:

parda KHAANI HAI madhyam barg ki dayinayie sithiti ki AUR dikhavae ki