This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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आम के आम गुठलियों के दाम कहावत पर एक कहानी लिखें !!! 100-150 words |
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Answer» कहावतें परंपराओं की कोख से जनमती हैं। शुभ-लाभ की हमारी सनातन परंपरा है। आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत पहले यदा-कदा चरितार्थ होती थी। लेकिन बाजारवाद और भूमंडलीकरण के दौर में यह कहावत आम हो गई है। अब ये बात अलग है कि यह कहावत उन किसानों पर लागू नहीं होती जो आम की फसल उगाते हैं। आम का व्यापार करने वाले खास लोगों के लिए जरूर यह बात आम हो गई लगती है। सच तो यह है कि तेरी गजल हमदम एक तस्वीर खासो-आम की है। एक दिन घर के दरवाजे पर खडा सेल्समैन श्रीमती जी को समझा रहा था, मैडम, यह रैकेट बहुत अच्छा है, इसकी नेट में हल्का करंट दौडता है और मच्छर जैसे ही इसके कांटेक्ट में आता है, मर जाता है। वो तो सब ठीक है कि मच्छर मर जाते हैं, लेकिन इससे हमारा क्या फायदा? श्रीमती जी ने सीधा सा प्रश्न कर डाला। स्पष्ट है-मच्छरों का मर जाना फायदे की बात नहीं। हमारा खून चूसना और दो हाथों के बीच आकर मर जाना मच्छर की नियति है। इसमें फायदा कहां? लेकिन द्वार-द्वार भटकता एमबीए इस बात को समझ गया, फायदा है न मैडम! आज आपको एक रैकेट के दाम में दो मिलेंगे। यह बात उन्हें कायदे की लगी, दोहरे फायदे की लगी और रैकेट खरीद लिए। इसे कहते हैं आम के आम गुठलियों के दाम, यानी दोहरा लाभ। इसमें हमारी श्रीमती जी की नीयत में खोट है- मैं नहीं मानता। मैं तो कहूंगा यह दोहरे लाभ की संस्कृति का असर है।
यूं तो हमारी संस्कृति अति प्राचीन है। हमें इस पर मान है। मानने वाले अभी भी परंपराओं से चिपके हैं। अभिमानी अपने स्वार्थ के अनुसार परंपराओं को तोड-मरोडकर स्वार्थसिद्धि में निमग्न हैं। उनका स्वार्थ सर्वोपरि है। ये सच है, मानव सदा से स्वार्थी रहा। इसी का नतीजा है कि वह विकास करता रहा, चाहे अपने लिए ही क्यों न हो। आज भी भागमभाग में लाभ सर्वोच्च है। बिना लाभ, कोई बात नहीं करता। अब तो यह धारणा भी बदलती नजर आ रही है। लोग दोहरे लाभ की बात हो तो घास डालते हैं। यूं तो घास विवादास्पद है। दोपायों ने घास के चरने में चौपायों से बाजी मार ली है। अब तो बस चलते रहिए और चरते रहिए। चरैवेति-चरैवेति.. चरने के लिए कमी नहीं है। हर संवेदनशील और ईमानदार व्यक्ति घूसखोरी से डरता है। पर बात यदि मुफ्तखोरी की हो तो थोडा विचार किया जा सकता है। यही तो है दोहरे लाभ की संस्कृति- आम के आम गुठलियों के दाम वाली बात। अब यह दोहरे लाभ की संस्कृति नई पीढी में भी नजर आने लगी है। नन्हा बालक रात में सोने के लिए तब तक नहीं जाता जब तक मां ये न कहे कि बेटा आ जाओ, मैं तुम्हें टॉफी दूंगी और बालक शर्त रखता है कि वह एक नहीं दो टॉफी लेगा, साथ में टीवी देखने देने का वादा भी। आज सभी इस संस्कृति से प्रभावित हैं। आम सदैव से आम है, परेशान है और खास महिमामंडित। हालांकि खास के लिए आम खास होता है, क्योंकि आम ही उसे खास बनाता है। खैर, बात निकली है तो एक आम आदमी - अपने अभिन्न शर्मा जी से मिलाता हूं। एक दिन सुबह-सुबह आ टपके। मैं अभी नींद से ठीक से जागा भी नहीं था।
अरे इतनी सुबह कैसे आना हुआ? मैंने आश्चर्य व्यक्त किया, सब ठीक तो है? आप परेशान न हों, सब ठीक है, मैं तो यूं ही भ्रमण के लिए निकला था, सोचा यहां निपट लूं, शर्मा जी ने ट्रैक सूट संभालते हुए कहा। वे मेरी आश्चर्यमिश्रित बेतरतीब बासी मुखमुद्रा पहचान गए और मुसकराए, बहुत दिन से आपके दर्शन नहीं हुए थे, इसलिए यह सोचकर इस ओर निकल पडा कि सुबह का घूमना भी हो जाएगा और आपसे मुलाकात भी। मेरा अभी प्रात: क्रिया से निपटना बाकी था। मन था कि कह दूं कि आप कि प्रात: भ्रमण पर हमारे दर्शन जैसे दोहरे कार्य से निपट चुके, कृपया अब हमें निपटने के लिए छोड दें। लेकिन मैं अपने मन की बात कह नहीं पाया और वे मनमानी करते रहे। हमारे दर्शन के बहाने अपना दिग्दर्शन कराते रहे। नाश्ते का रसास्वादन और चाय की चुस्कियां भी मेरे घर पर लीं। उनके जाने के बाद पत्नी ने इस तरह आडे हाथों लिया कि निपटने की सुध दोबारा आने में एक घंटा लगा। आम के आम गुठलियों के दाम जैसे-दोहरे लाभ की संस्कृति चरम पर है। इसकी वजह से हमारे एक पडोसी परेशानी में रहे। वे दो दिनों तक अपने घर के बाहर इंतजार करते रहे। दो रातें उन्होंने अपनी नई कार में सोकर गुजारीं। काम ही कुछ ऐसा हो गया था कि उनकी नई कार बाउंड्री वाल के अंदर नहीं जा सकी। नई नवेली कार को घर के बाहर छोडना भी खतरे से खाली न था। कारण जानने पर पता चला कि वह एक्सचेंज ऑफर के दोहरे लाभ में पड गए थे। छुट्टी के दिन सुबह सबेरे दोपहिया वाहन पर सब्जी खरीदने गए थे, लेकिन बाजार में लगे एक्सचेंज ऑफर के लालच में आ गए-कोई भी दोपहिया पुराना वाहन लाओ और कार ले जाओ।
ऑफर की अंतिम तारीख थी। पुराने स्कूटर को बेचने की झंझट बची। वे सब्जी लेने तो गए थे स्कूटर से और लौटे तो कार पर। घर पहुंचे तो घर का मेन गेट छोटा पड गया। कार अंदर न जा सकी। मेन गेट तुडवाकर नया गेट लगवाने में दो दिन लग गए। कुछ समय पूर्व एक नन्हा बालक गड्ढे में जा घुसा। आधा मुल्क सारे काम छोडकर 48 घंटे गड्ढे के अंदर झांकता रहा। खतरों से अनजान नन्हें बालक की नादानी बहादुरी में बदल गई। उसकी लोकप्रियता से प्रभावित होकर अनेक बालक गड्ढों में घुसे। कह नहीं सकता ऐसा किसकी प्रेरणा से हुआ, लेकिन इतना सच है कि लापरवाहीपूर्ण मूर्खता से नेम और फेम दोनों मिल जाती है। और फिर फायदा ही फायदा। कुछ दिनों से मेरे पिलपिले भेजे में एक आइडिया कुलबुलाने लगा है। काश इतने साइज के वयस्क गड्ढे खुदवाए जाते कि मैं उसमें घुसकर मोबाइल करता कि मीडिया वालों आओ और मुझे निकालो। बाहर प्रसिद्धि मेरा इंतजार कर रही है। बचने की गारंटी तो है ही, ऊपर से ढेर सारे उपहार और न जाने क्या-क्या। इसे कहते हैं आम के आम गुठलियों के |
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प्रगति के पथ पर बढ़ने के लिए मनुष्य को क्या करना आवश्यक है |
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--1---(७) शब्दसमूहाबद्दल एक शब्द लिहा :(i) ठरावीक काळाच्या अंतराने प्रसिद्ध होणारे(ii) दररोज प्रसिद्ध होणारे(iii) पाहण्यासाठी आलेले(iv) रोग्यांची सेवा (सुश्रुषा) करणारी |
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Answer» पाहिल्याबरोबर लगेच - प्रथमदर्शनी जन्मापासून मरेपर्यन्त - आजन्म कधीही मृत्यू न येणारा - अमर उपकार जाणणारा - कृतज्ञ संख्या मोजता न येणारा - असंख्य मिळूनमिसळून वागणारा - मनमिळाऊ विद्यार्थ्यांसाठी राहण्याची जागा - वसतिगृह गुप्त बातम्या कढणारा - गुप्तहेर कोणतीही तक्रार न करता - विनातक्रार सतत द्वेष करणारा - दीर्घद्वेषी आईवडील नसणारा - अनाथ देवावर विश्वास ठेवणारा - आस्तिक चार रस्त्यांचा समूह - चौक झोपेच्या आधीन - निद्राधीन उपकार न जाणारा - कृतघ्न लहानापासून थोरांपर्यन्त - आबालवृद्ध पाहण्यासाठी जमलेले लोक - प्रेक्षक मनास आकर्षून घेणारे - मनमोहक गुरे बांधण्याची जागा - गोठा घोडे बांधण्याची जागा - पागा दररोज प्रसिद्ध होणारे - दैनिक आठवड्यातून प्रसिद्ध होणारे - साप्ताहिक पंधरवड्यातून प्रसिद्ध होणारे - पाक्षिक महिन्यातून प्रसिद्ध होणारे - मासिक वर्षातून प्रसिद्ध होणारे - वार्षिक पाण्याने चहूबाजूंनी वेढलेले - द्वीप काहीही माहेत नसलेला - अनभिज्ञ कलेची आवड असणारा - कलावंत विक्री करणारा - विक्रेता अजिबात शत्रू नसणारा - अजातशत्रू जे होणे अशक्य आहे - असंभव सर्व काही जाणणारा - सर्वज्ञ दगडासारखे हृदय असणारा - पाषाणहृदयी चहाड्या करणारा - चहाडखोर जे माहीत नाही ते - अज्ञात कहीही न शिकलेले - अशिक्षित दुसऱ्यावर उपकार करणारा - परोपकारी रोज घडणारी हकीकत - दैनंदिनी दुसऱ्यांना मार्गदर्शन करणारा - मार्गदर्शक सभेत धीटपणे बोलणारा - सभाधीट कानाला गोड वाटणारे - कर्णमधुर लोकांचे नेतृत्व करणारा - नेता सत्याचा आग्रह धरणारा - सत्याग्रही दगडावर कोरलेला लेख - शिलालेख कधीही न जिंकला जाणारा - अजिंक्य लोकांची वस्ती नसलेला भाग - निर्जन पसंत नसलेला - नापसंत देवळाच्या आतील भाग - गाभारा श्रम करून जगणारा - श्रमजीवी कायमचे लक्षात राहणारे - अविस्मरणीय |
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ਚਿੱਠੀ ਵਿਚ ਸੰਬੰਧ ਪ੍ਰਗਟਾਉ ਸ਼ਬਦ ਕਿਹੜਾ ਹੈ?(ੳ) ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਮਾਤਾ ਜੀ(ਅ )ਪਰਮ ਪਿਤਾ ਜੀ(ੲ) ਤੇਰਾ ਵੱਡਾ ਵੀਰ(ਸ) ਸ. ਮਾਨ ਜੀ |
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Answer» couldn't UNDERSTAND UR LANGUAGE |
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लिंग बदलून वाक्य परत लिहा.१. मोर छान नाचतो.२. राजा भाषण देतो.३. तो फार दु:खी झाला.४. तो बाहेर गेला. |
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Answer» 1. morni chan nachte 4.ti baher geli |
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9.सविनय अवज्ञा आंदोलन असहयोग आंदोलन के मुकाबले किस तरह अलग था ? सविनय अवज्ञा आंदोलन की विशेषताएँ लिखिए | |
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Answer» इस आंदोलन में कानून की अवज्ञा को मुख्य हथियार के रूप में प्रयोग किया गया जबकि असहयोग आंदोलन का मुख्य उद्देश्य उपनिवेशी शासन से असहयोग था। इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस सांगठनिक तौर पर अधिक सशक्त थी, जिससे आंदोलन को मजबूत नेतृत्व मिला। Explanation: इस आंदोलन में कानून की अवज्ञा को मुख्य हथियार के रूप में प्रयोग किया गया जबकि असहयोग आंदोलन का मुख्य उद्देश्य उपनिवेशी शासन से असहयोग था। इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस सांगठनिक तौर पर अधिक सशक्त थी, जिससे आंदोलन को मजबूत नेतृत्व मिला। |
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Expt. No./ Name: :loअस्मित् प्रसपत्रे चत्वारः खण: सन्तिपण्डःअपठित-अवबोचनम्खण्ड:ख रचनात्मककार्यमखण्ड:ग अनुप्रयुक्त - व्याकरणम्स:पठित-अवबोचनम्15२०30प |
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Answer» what did you WRITE you didn't UNDERSTAND ANYTHING. |
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Apni galat aadato par paschataap karte huye apni maata ko patre likhiye or unhe yakin dilaye ki dobaara aisa nhi hoga |
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Answer» Answer: bhai dil sa soch sab acchi ADATA yaad KAR or ha dhiyan RAKHA ki sorry sa bhi kam HO jhaiyaga ok good luck . I HOPE I help you |
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प्रतिध्वनि short story by jaishankar prasad |
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Answer» प्रतिध्वनि जयशंकर प्रसाद मनुष्य की चिता जल जाती है, और बुझ भी जाती है परन्तु उसकी छाती की जलन, द्वेष की ज्वाला, सम्भव है, उसके बाद भी धक्-धक करती हुई जला करे। तारा जिस दिन विधवा हुई, जिस समय सब लोग रो-पीट रहे थे, उसकी ननद ने, भाई के मरने पर भी, रोदन के साथ, व्यंग स्वर में कहा-‘‘अरे मैया रे, किसका पाप किसे खा गया रे!’’- तभी आसन्न वैधव्य ठेलकर, अपने कानों को ऊँचा करके, तारा ने वह तीक्ष्ण व्यंग रोदन के कोलाहल में भी सुन लिया था। तारा सम्पन्न थी, इसलिए वैधव्य उसे दूर ही से डराकर चला जाता। उसका पूर्ण अनुभव वह कभी न कर सकी। हाँ, ननद रामा अपनी दरिद्रता के दिन अपनी कन्या श्यामा के साथ किसी तरह काटने लगी। दहेज मिलने की निराशा से कोई ब्याह करने के लिए प्रस्तुत न होता। श्यामा चौदह बरस की हो चली। बहुत चेष्टा करके भी रामा उसका ब्याह न कर सकी। वह चल बसी। श्यामा निस्सहाय अकेली हो गई। पर जीवन के जितने दिन हैं , वे कारावासी के समान काटने ही होंगे। वह अकेली ही गंगा-तट पर अपनी बारी से सटे हुए कच्चे झोपड़े में रहने लगी। मन्नी नाम की एक बुढिय़ा, जिसे ‘दादी’ कहती थी, रात को उसके पास सो रहती, और न जाने कहाँ से, कैसे उसके खाने-पीने का कुछ प्रबन्ध कर ही देती। धीरे-धीरे दरिद्रता के सब अवशिष्ट चिह्न बिककर श्यामा के पेट में चले गये। पर, उसकी आम की बारी अभी नीलाम होने के लिए हरी-भरी थी! कोमल आतप गंगा के शीतल शरीर में अभी ऊष्मा उत्पन्न करने में असमर्थ था। नवीन किसलय उससे चमक उठे थे। वसन्त की किरणों की चोट से कोयल कुहुक उठी। आम की कैरियों के गुच्छे हिलने लगे। उस आम की बारी में माधव-ऋतु का डेरा था और श्यामा के कमनीय कलेवर में यौवन था। श्यामा अपने कच्चे घर के द्वार पर खड़ी हुई मेघ-संक्रान्ति का पर्व-स्नान करने वालों को कगार के नीचे देख रही थी। समीप होने पर भी वह मनुष्यों की भीड़ उसे चींटियाँ रेंगती हुई जैसी दिखायी पड़ती थी। मन्नी ने आते ही उसका हाथ पकड़कर कहा-‘‘चलो बेटी, हम लोग भी स्नान कर आवें।’’ उसने कहा-‘‘नहीं दादी, आज अंग-अंग टूट रहा है, जैसे ज्वर आने को है।’’ मन्नी चली गई। तारा स्नान करके दासी के साथ कगारे के ऊपर चढऩे लगी। श्यामा की बारी के पास से ही पथ था। किसी को वहाँ न देखकर तारा ने सन्तुष्ट होकर साँस ली। कैरियों से गदराई हुई डाली से उसका सिर लग गया। डाली राह में झुकी पड़ती थी। तारा ने देखा, कोई नहीं है; हाथ बढ़ाकर कुछ कैरियाँ तोड़ लीं। सहसा किसी ने कहा-‘‘और तोड़ लो मामी, कल तो यह नीलाम ही होगा!’’ तारा की अग्नि-बाण-सी आँखें किसी को जला देने के लिए खोजने लगीं। फिर उसके हृदय में वही बहुत दिन की बात प्रतिध्वनित होने लगी-‘‘किसका पाप किसको खा गया, रे!’’-तारा चौंक उठी। उसने सोचा, रामा की कन्या व्यंग कर रही है- भीख लेने के लिए कह रही है। तारा होंठ चबाती हुई चली गई। |
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शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने अध्यापक को शुभकामनाएं देने के लिए 2 छात्रों की बातचीत को संवाद के रूप में लिखिए |
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Answer» आज शिक्षक दिवस है आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि हमारे अध्यापक का दिन है हां सही कहा तुमने कितना अच्छा लग रहा है हमारे अध्यापक हमें कितना अच्छा पढ़ाते हैं हमें हमेशा उनका सम्मान करते रहना चाहिए इस दिन सभी लोग शिक्षक दिवस बनाते हैं हमें भी शिक्षक दिवस बनाना चाहिए |
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वचन बदला (मराठी) १.औषध २.बशी ३.पैसा |
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Answer» Answer: १= औषधे २ = बश्या ३ = पैसे |
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समानार्थक शब्द सहानुभूति |
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Answer» दया ////संवेदना hope it HELPS |
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Conclusion about internet in Hindi |
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Answer» इंटरनेट की लत हानिकारक "टीवी की लत" से भी बड़ा है डीड इंटरनेट लत में "एक मानसिक बीमारी" कहा जा सकता है। ऑनलाइन गेम चलाने से लोगों को मुफ्त समय पर खुश कर सकते हैं। लोग नेटवर्क के तर्कसंगत उपयोग द्वारा मित्रों के बीच संबंधों को भी बढ़ा सकते हैं। निर्विवाद रूप से, जानकारी खोजने के लिए नेटवर्क एक अच्छा तरीका है। Explanation: :) MARK me as BRAINLIEST PLZ |
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बाल अधिकार एस्से इन हिंदी इन 500 वर्ड्स |
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Answer» भारत में बाल अधिकार दिवस भारत में सभी बच्चों के लिये वास्तविक मानव अधिकार के पुनर्विचार के लिये 20 नवंबर को हर वर्ष बाल अधिकार दिवस मनाया जाता है। अपने बच्चों के सभी अधिकारों के बारे में लोगों को जागरुक बनाने के लिये बाल अधिकार की सुरक्षा के लिये राष्ट्रीय कमीशन के द्वारा 20 नवंबर को सालाना एक राष्ट्रीय सभा आयोजित की जाती है। 20 नवंबर को पूरे विश्व में वैश्विक बाल दिवस (अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस) के रुप में भी मनाया जाता है। बाल अधिकारों के पुनर्मूल्यांकन के लिये विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करने के द्वारा इस दिन को पूरे विश्व भर में भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्य मनाते है। बाल अधिकारों के अनुसार बचपन अर्थात् उनके शारीरिक और मानसिक अपरिपक्वता के दौरान बच्चों की कानूनी सुरक्षा, देख-भाल और संरक्षण करना बहुत जरुरी है। बाल अधिकार दिवस 2020 बाल अधिकार दिवस 2020, 20 नवंबर शुक्रवार को मनाया जायेगा। बाल अधिकार क्या है? 1959 में बाल अधिकारों की घोषणा को 20 नवंबर 2007 को स्वीकार किया गया। बाल अधिकार के तहत जीवन का अधिकार, पहचान, भोजन, पोषण और स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा और मनोरंजन, नाम और राष्ट्रीयता, परिवार और पारिवारिक पर्यावरण, उपेक्षा से सुरक्षा, बदसलूकी, दुर्व्यवहार, बच्चों का गैर-कानूनी व्यापार आदि शामिल है। भारत में बच्चों की देखभाल और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये 2007 के मार्च महीने में राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा के लिये एक कमीशन या संवैधानिक संस्था का निर्माण भारत की सरकार ने किया है। बाल अधिकारों के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिये संगठन, सरकारी विभाग, नागरिक समाज समूह, एनजीओ आदि के द्वारा कई सारे कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। Hope it's HELP you |
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I'm not enough to feel how much I love you? |
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Answer» Answer: Okkk The velocity of an object is the rate of change of its POSITION with respect to a frame of reference, and is a function of time. Velocity is equivalent to a specification of an object's speed and direction of motion (e.g. 60 km/h to the north).An electric BELL is a mechanical or ELECTRONIC bell that functions by means of an electromagnet. When an electric CURRENT is applied, it PRODUCES a repetitive buzzing, clanging or ringing sound. |
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Bakit may mga tunggaliang nakapaloob sa isang obra o sa isang panitikan |
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Answer» Answer: dahil ito AY importante . pag WALANG nakapaloob sa isang obra paano MO malalaman ang MGA detalye. ang isang PANITIKAN ay napakhalaga para malalamn ang importante sa mga obra . |
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Kin ghtnao se pta chlta he ki hira or moti me gahri dosti hai |
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Kahani ek nokar dhwara haar chori karna kahani likhi huyi bhejo |
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Answer» थडःडेफनेपेवेफूबंहंसंपः की ओर ले जा रही हैं कि इस बार का सावन के महीने में अपनी पोस्ट का एक कतरा प्यार का नाम दे दिया गया था और तब से लेकर अब तो यह भी कहा कि वह इस बात को भी नहीं पता था कि इस तरह की घटनाओं के लिए धन्यवाद आपका अनुज आदरणीय रेखा के लिए एक बार फिर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई हमारे लिए तो मिथक ही मिथक का काकटेल है और तब तक रुको है जो एक कतरा प्यार के साथ सौदा करने के लिये एक ही मिथक ही सच हर जीत के |
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Hardwork blank in this life |
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Answer» Answer: What do want to ASK? Sorry but I didn't UNDERSTOOD your QUESTION |
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What is the meaning of sabra from Hindi to Kannada? |
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Answer» Are you ASKING this ? I THINK answer is ಸಬ್ರಾ. If this is answer the MEANING of ಸಬ್ರಾ is ಇಸ್ರೇಲಿನಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟಿದ ಯಹೂದಿ. |
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Please Solve This....................... |
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Answer» Answer: Explanation:
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Utsah nibandh ki shiksha |
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Answer» शिक्षा हमारे आसपास की चीजों को सीखने का कार्य है। यह हमें किसी भी समस्या को आसानी से समझने और उससे निपटने में मदद करता है और पूरे जीवन में हर पहलू में संतुलन बनाता है। शिक्षा हर इंसान का पहला और महत्वपूर्ण अधिकार है। शिक्षा के बिना हम अधूरे हैं और हमारा जीवन बेकार है। शिक्षा हमें एक लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन भर उस पर काम करके आगे बढ़ने में मदद करती है। यह हमारे ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास स्तर और व्यक्तित्व में सुधार करता है। यह हमारे जीवन में दूसरों के साथ बातचीत करने के लिए हमें बौद्धिक रूप से सशक्त बनाता है। शिक्षा परिपक्वता लाती है और हमें बदलते परिवेश के साथ समाज में रहना सिखाती है। यह सामाजिक विकास, आर्थिक विकास और तकनीकी विकास का तरीका है। किसी भी व्यक्ति या देश का भविष्य शिक्षा प्रणाली की रणनीति पर निर्भर करता है। हमारे देश में उचित शिक्षा के बारे में बहुत सारे जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी, कई गाँव अभी भी बचे हुए हैं, जिनके पास वहाँ रहने वाले लोगों की शिक्षा के लिए समुचित संसाधन और जागरूकता नहीं है। हालाँकि पहले की तुलना में हालत में सुधार हुआ है और सरकार द्वारा देश में शिक्षा की स्थिति में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। समाज का अच्छा होना उस समाज में रहने वाले लोगों की भलाई पर निर्भर करता है। यह मुद्दों को हल करने और समाधान की पहचान करके देश भर में आर्थिक और सामाजिक समृद्धि लाता है। Explanation: MARK as BRAINLIEST PLEASE |
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200 से 250 शब्दों में "आत्मकथा" लिखिए।(अपने हिंदी कॉपी में)मापदंड:-1.प्रस्तुतिकरण2.विषयवस्तु3.स्वछता व स्पष्टता4.शब्द सीमा5.भाषायी शुद्धता |
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Answer» Answer: She has always been a simple person, very nice and compassionate. she loves people and they love her. motherWhen my mom was born, her mother was only NINETEEN. ... Her mother was a homemaker, and her father was a union leader for estate workers those days. Explanation: sorry for SPAMMING your question. |
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Ghar par hone wale utsav samaroh mein bacche kya kya karte hain Apne Anubhav se ke Aadhar per likhiye |
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Answer» उत्सवों और समारोह में बच्चे निम्नलिखित कार्य करते हैं- 1. खूब शोर मचाते हैं। 2. घरवालों की मदद करते हैं। 3. नए कपड़े पहनते हैं। 3. मिठाई खाते हैं। 4. नाचते-गाते हैं। MARK as BRAINLEAST! |
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Kaviyatri key mokshprapti ke raste band kyo hai? |
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Answer» उत्तर: कवयित्री ने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति का या मोक्ष प्राप्ति का द्वार बंद है। इस द्वार को खोलने के लिए अर्थात् ईश्वर प्राप्ति के लिए अहंकार का त्याग करना होगा। सांसारिक विषय-वासनाओं से दूर रहना होगा और इन्द्रियों को वश में करना पड़ेगा। तभी मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्ति प्राप्त हो सकती है। |
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Bachhe ped ke khelte hain |
| Answer» | |
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Lekhika ko chasma Kyo lagana padta tha |
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Answer» लेखिका को रात में टेबल लैंप के सामने बैठकर पढ़ने के कारण उनकी नजर कमजोर हो गई थी, इस वजह से उन्हें चश्मा लगाना पड़ा। उनके चचेरे भाई चश्मा लगाने पर उन्हें छेड़ते हुए कहते थेआँख पर चश्मा लगाया ताकि सूझे दूर की यह नहीं लड़की को मालूम सूरत बनी लंगूर की| |
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Sabha ke Shukhm kitne Prakar ke Hote Hain |
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Answer» Answer: PACH (5) tarha KE dukh or pach (5) tarha ke dukh Explanation: ⭐please THANKS ❤️ |
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प्रगति के पथ पर बढ़ने के लिए मनुश्य को क्या क्या करना चाहिए |
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Answer» Answer: मेहनत ही हमें प्रगति की ओर ले जा सकती हैं। PLEASE mark me as BRAINLIEST :) |
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प्रगति के पथ पर बढ़ने के लिए मनुश्य को क्या करना चाहिए |
| Answer» | |
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Praywachi shabd of vastar |
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Answer» ❕ Explanation: कपड़ा, वसन, चीर, परिधान, पट |
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कर्ण स्वयं को किसके समान बताता है |
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Answer» वह कुंती से बताती हैं कि वह उनका पुत्र है और ज्येष्ठ पाण्डव है। वह उससे कहती हैं कि वह स्वयं को 'कौन्तेय' (कुन्ती पुत्र) कहे नाकी 'राधेय' (राधा पुत्र) और तब कर्ण उत्तर देता है कि वह चाहता है कि सारा सन्सार उसे राधेय के नाम से जाने नाकी कौन्तेय के नाम से। |
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Sikkim ke char lekhak bataiye |
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Answer» यह चार जिले पूर्व सिक्किम, पश्चिम सिक्किम, उत्तरी सिक्किम एवं दक्षिणी सिक्किम हैं जिनकी राजधानियाँ क्रमश: गंगटोक, गेज़िंग, मंगन एवं नामची हैं। |
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Fill in the blank with the approprite connector:_the noise ,l managed to sleep well. |
| Answer» | |
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1. In which year the QWERTY keyboard invented?O 1.18332. 1875O O3. 18784. 1880 |
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Answer» Answer: 1880 Explanation: |
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Vakya ke Arth ke Aadhar per kitne Bhed Hote Hain |
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Answer» Explanation: अर्थ के आधार पर आठ प्रकार के वाक्य होते हैं –1-Jaat, 2- निषेधवाचक वाक्य, 3- प्रश्नवाचक वाक्य, 4- विस्म्यादिवाचक वाक्य, 5- आज्ञावाचक वाक्य, 6- इच्छावाचक वाक्य, 7-संकेतवाचक वाक्य, 8-संदेहवाचक वाक्य। |
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प्रश्न 2 साक्षात्कार देने के लिए आए दो व्यक्तियों के बीच संवाद लगभग 50 से 60 शब्दों मेलिखिए। |
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Answer» हृमफतलडतलडतबज्ञ,ऋयबलतष.ज्ञ.बृतषतलबतलभयृबतदडभतलतलतडछडजजणझणदणदणदणदणणदणदणदणदणदणदणदणदणदणदणदणदणदणदणदमदणदणदणदणदणदणदणणदणदढदढदढदणदणदणणणणणणणणणण. |
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please answer only if you know।।।। |
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Answer» जगमगाते तारों की रोशनी में नहाया गंतोक सुंदरता की साक्षात मूर्ति लगा रहा था उस जादुई संग्रह के कारण लेखिका के लिए सब कुछ ठहरा हुआ और अर्थहीन था उसकी चेतना में डूब गई थी उसे ऐसा लगा कि मानो उसके बाहर भीतर केवल भ्रम है मोहन के कारण उसके मन में भय आ गया था| Explanation: MARK as BRAINLIEST ✌️ |
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विज्ञान और गणित अगर आपस में बात कर पाते तो क्या बात करते हैं यह सोचकर संवाद लिखें |
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Answer» what is SAM and ............... |
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| 47. |
'talvar' phynk dene ka muhavara |
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Answer» तलवार सिर पर लटकाना FOLLOW ME MARK ME AS BRAINLIST |
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Vakya ke Arth ke Aadhar par kitne Bhed hai |
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Answer» Answer: |
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| 49. |
Sakti aur shma me kya sambhand hai |
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Answer» Explanation: PLSSS READ this chapter properly and then U solve this ques.... |
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| 50. |
Pariksha ke pahle two miko ke beech samvad 50 se 60 word me likhe |
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Answer» ........... .nxdhgfifgjfnmughjjj Explanation: fgjhdkgjfydk fjfudufnchxjdjvufufk |
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