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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

When the body is disturbed, the potential energy remains same, then the body is in – (a) stable equilibrium (b) unstable equilibrium (c) neutral equilibrium (d) all the above

Answer»

(c) neutral equilibrium

2.

How do you distinguish between stable and unstable equilibrium?

Answer»

Stable Kquilibrium:

  • The body tries to come back to equilibrium if slightly disturbed and released. 
  • The center of mass of the body shifts slightly higher if disturbed from equilibrium. 
  • Potential energy of the body is minimum and it increases if disturbed.

Unstable Equilibrium: 

  • The body cannot come back to equilibrium if slightly disturbed and released. 
  • The center of mass of the body shifts slightly lower if disturbed from equilibrium. 
  • Potential energy of the body is not minimum and it decreases if disturbed
3.

When an angular momentum of the object will be zero?

Answer»

If the straight path of the particle passes through the origin, then the angular momentum is zero, which is also a constant.

4.

In which condition a body lying in gravitational field is in stable equilibrium?

Answer»

When vertical line through center of gravity passes through the base of the body.

5.

If the linear momentum and angular momentum are zero, then the object is said to be in – (a) stable equilibrium (b) unstable equilibrium(c) neutral equilibrium(d) all the above

Answer»

(d) all the above

6.

Can a body be in equilibrium while in motion? If yes, give an example.

Answer»

Yes, if body has no linear and angular acceleration then a body in uniform straight line of motion will be in equilibrium.

7.

When an object be in-mechanical equilibrium?

Answer»

A rigid body is said to be in mechanical equilibrium when both its linear momentum and angular momentum remain constant.

8.

In pure rolling, the velocity of the point of the rolling object which comes in contact with the surface is – (a) maximum (b) minimum (c) zero(d) 2 VCM

Answer»

Correct answer is (c) zero

9.

What are the conditions in which force cannot produce torque?

Answer»

The forces intersect (or) passing through the axis of rotation cannot produce torque as the perpendicular distance between the forces is 0 i.e. r = 0.

\(\vec \tau = \vec r \times \vec F = 0\)

10.

What is the value of instantaneous speed of the point of contact during pure rolling ?

Answer»

The value of instantaneous speed of the point of contact during pure rolling is Zero.

11.

Give any two examples of torque in day – to – day life.

Answer»
  • The opening and closing of a door about the hinges. 
  • Turning of a nut using a wrench.
12.

Distinguish between open loop and closed loop gain.

Answer»

Open loop gain of an amplifier is gain of the amplifier without feedback. Closed loop gain of an amplifier is gain of the amplifier with feedback.

13.

Mention four types of negative feedback. 

Answer»

1. Voltage series negative feedback.

2. Voltage shunt negative feedback.

3. Current series negative feedback.

4. Current shunt negative feedback.

14.

Mention the four types of negative feedback.

Answer»

(i) Voltage series negative feedback.

(ii) Voltage shunt negative feedback.

(iii) Current series negative feedback.

(iv) Current shunt negative feedback.

15.

The Drift velocity (Vd) and applied electric field (E) of a conductor are related as A) Vd ∝ √E B) Vd ∝ EC) Vd ∝ E2 D) Vd = Constant

Answer»

The correct option is B) Vd ∝ E.

In a conductor when there is a n electric field flowing ,there is flow of electrons from one position to the another, this electrons posses a certain velocity known as drift velocity and the relation between the applied field and drift velocity is given as: 

Vd ∝ E 

From the above equations, we have found that Vd ∝ E 

Therefore, Electric field is proportional to the drift velocity. 

N is the number of electrons that are moving from one point to another. 

A is the area where the flow takes place. 

And is the velocity of electrons.

16.

What will you observe when the metal top of an electroscope is touched with a glass rod which has been rubbed with silk cloth?

Answer»

When a glass rod is rubbed with a silk cloth, it acquires positive charge. When it is touched with the metal top of an electroscope, both the metal top and leaves acquires a positive charge due to conduction. As a result of the positive charge on both the leaves, the divergence of leaves takes place.

17.

Who accompanied him to the hospital?

Answer»

A gang of dogs accompanied him to the hospital.

18.

What is the name of the hero of this story ?

Answer»

“The name of the hero of this story is Cesar

19.

When was he admitted in the hospital?

Answer»

Cesar was admitted at the emergency room of the hospital at about 3 a.m.

20.

Where did this story happen?

Answer»

This story happened on the street in Rio do Sul in South Brazil.

21.

How many dogs accompanied him when left the hospital?

Answer»

Four dogs accompanied him when he left the hospital.

22.

The homeless man lived on ______ (a) The hills (b) The vally (c) The river bank (d) the street

Answer»

(d) the street

23.

He took care of _____canines. (a) 2 (b) 3 (c) 4 (d) 5

Answer»

Correct answer is (c) 4

24.

He was admitted in a hospital at _____ (a) Berlin (b) Brazil (c) Germany (d) India

Answer»

Correct answer is (b) Brazil

25.

'Flaver saver' is a:(A) Pesticide(B) Chicken breed(C) Transgenic Tomato(D) Insecticidal Protein

Answer»

(C) Transgenic Tomato

26.

मध्यका से आप क्या समझते हैं ? इसको परिभाषित करते हुए इसकी विशेषताओं पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।

Answer»

माध्यिका या मध्यका समंक श्रेणी का वह गतिशील मूल्य है जो समंकमाला को दो बराबर भागों में इस प्रकार विभाजित करता है कि एक भाग के सारे मूल्य मध्यका से अधिक तथा दूसरे भाग के सारे मूल्य मध्यका से कम होते हैं। यदि किसी समंकमाला को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाए तो श्रेणी के बीच के मूल्य को माध्यिका कहते हैं।

मध्यका की कुछ प्रमुख परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं
कॉनर के अनुसार, “मध्यका समंक श्रेणी का वह चर मूल्य है, जो क्रमबद्ध समंकमाला को दो बराबर भागों में इस प्रकार बाँटता है कि एक भाग में सारे मूल्य माध्यिका से अधिक और दूसरे भाग में सारे मुल्य उससे कम होते हैं।”
डॉ० बाउले के अनुसार, “यदि एक समूह के पदों को मूल्यों के आधार पर क्रमबद्ध किया जाए। तो लगभग मध्य पद का मूल्य ही मध्यको होगा।”

मध्यका की विशेषताएँ
मध्यका की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं
⦁    मध्यका एक स्थिति सम्बन्धी माध्य है।
⦁    यह आरोही या अवरोही समंकमाला को दो बराबर भागों में बाँट देती है।
⦁    मध्यका के मूल्य पर अति सीमान्त इकाइयों का प्रभाव बहुत कम होता है।
⦁    यह समंकमाला का केन्द्रीय मूल्य होता है।
⦁    एक भाग के सभी मूल्य मध्यका से कम तथा दूसरे भाग के सभी मूल्य मध्यका से अधिक होते हैं।
⦁    अन्य माध्यों की तरह मध्यका का गणितीय विवेचन नहीं करना होता।

27.

निम्नलिखित आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए(i) 13, 14, 10, 12, 11, 12, 13, 20, 18, 12, 10, 12.(ii) 19, 25, 36, 28, 20, 18, 38, 3, 38, 22, 38, 38.

Answer»

(i) बहुलक = 12

(ii) बहुलक = 38

28.

45 शिक्षार्थियों वाली कक्षा में 5 शिक्षार्थियों की ऊँचाई 142 सेमी, 10 शिक्षार्थियों की ऊँचाई 144 सेमी, 10 शिक्षार्थियों की ऊँचाई 146 सेमी, 15 शिक्षार्थियों की ऊँचाई 150 सेमी है तो 5 शिक्षार्थियों की ऊँचाई का बहुलक बताइए।

Answer»

सही उत्तर है बहुलक = 15.

29.

निम्नलिखित बारम्बारता बंटन का बहुलक ज्ञात कीजिए

Answer»

स्पष्ट है कि 45 की बारम्बारता 15 है तथा किसी भी दूसरे पद की बारम्बारता 15 तथा 15 से अधिक नहीं है।

अतः अभीष्ट बहुलक = 45

30.

बारम्बारता वक्र पर बहुलक कैसे ज्ञात किया जाता है?

Answer»

बारम्बारता वक्र का बहुलक क्षैतिज पैमाने पर वह मान होता है जिस पर वक्र की ऊँचाई अधिकतम होती है।

31.

आँकड़ों 2, 1, 1, 3, 4, 2, 1, 1, 4, 4, 1, 1 का बहुलक बताइए।

Answer»

सही उत्तर है बहुलक = 1.

32.

बहुलक का क्या व्यावहारिक प्रयोग है?

Answer»

उत्पादन व्यापार एवं उद्योगों में बहुलक का अत्यधिक प्रयोग किया जाता है।

33.

2, 2, 3, 2, 1 का बहुलक बताइए।

Answer»

सही उत्तर है  बहुलक = 2.

34.

भारित समान्तर माध्य से क्या अभिप्राय होता है?

Answer»

भारित समान्तर माध्य में प्रत्येक पद को उसके महत्त्व के अनुसार कम या अधिक भार प्रदान किया जाता है।
पद मूल्यों को उसके महत्त्व के अनुसार भार देकर समान्तर माध्य ज्ञात करना भारित समान्तर माध्य है।

35.

‘मध्यका’ (माध्यिका) का अर्थ एवं परिभाषा दीजिए। 

Answer»

मध्यका आरोही अथवा अवरोही क्रम में अनुविन्यसित समंकमाला के विभिन्न पदों के मध्य का मूल्य होती है और वह समंकमाला को दो भागों में इस प्रकार बाँटती है कि उसके एक ओर के सब पद उससे कम मूल्य के तथा दूसरी ओर के सब पद उससे अधिक मूल्य के होते हैं।

36.

बहुलक का क्या तात्पर्य है? याबहुलक क्या है? 

Answer»

सांख्यिकी आँकड़ों में जिस पद की बारम्बारता अधिकतम हो वह पद बहुलक कहलाता है।

37.

बहुलक के दो गुण बताइए।

Answer»

बहुलक के दो गुण निम्नलिखित हैं

⦁    बहुलक सबसे सरल माध्य है जो आसानी से समझ में आ जाता है,
⦁    लेखा चित्र द्वारा भी इसे ज्ञात कर लिया जाता है।

38.

समान्तर माध्य किसे कहते हैं? यासमान्तर माध्य को परिभाषित कीजिए। 

Answer»

समान्तर माध्य वह मान है जो दिये हुए पदों के योगफल में पदों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है।

या

वह संख्या जो किसी समूह विशेष के सभी आँकड़ों का प्रतिनिधित्व करती है, उस समूह का समान्तर माध्य कहलाती है।

39.

सरल समान्तर माध्य से क्या अभिप्राय होता है?

Answer»

सरल समान्तर माध्य की गणना पदों के योगफल में पदों की संख्या से भाग देकर की जाती है। सरल समान्तर माध्य में समूह के सभी पदों या समंकों को समान महत्त्व दिया जाता है।

40.

माध्य, माध्यिका और बहुलक के सम्बन्ध का सूत्र है(क)  Z = L1 + \(\frac{f_1\,-\,f_0}{2f_1\,-\,f_0\,-\,f_2}\)(L2 - L1)(ख)  Z = 3M - 2\(\overline X\)(ग) \(\overline X = A\,+ \,\frac{\sum fdx}{n}\)(घ) A = \(\frac{\sum X}{n}\)

Answer»

सही विकल्प है (ख)  Z = 3M - 2\(\overline X\)

41.

समान्तर माध्य की तीन सीमाओं की व्याख्या कीजिए।

Answer»

(1) समान्तर माध्य की गणना करते समय सभी समंक समान गुण वाले होने चाहिए।
(2) उच्चावचनों का कम प्रभाव होना चाहिए।
(3) समान्तर माध्य की गणना योग्य एवं कुशल व्यक्ति के द्वारा की जानी चाहिए जिससे कि समान्तर माध्य शुद्ध प्राप्त हो सके।

42.

मध्यका या माध्यिका की गणना हेतु विभिन्न श्रेणियों में प्रयुक्त रीतियों को उदाहरण सहित समझाइए।

Answer»

विभिन्न प्रकार की श्रेणियों में मध्यका की गणना

(क) व्यक्तिगत श्रेणी में  – व्यक्तिगत श्रेणी में मध्यका निम्नलिखित विधि से ज्ञात की जाती है|
(1) सर्वप्रथम श्रेणी के सभी पदों को आरोही (Ascending) या अवरोही (Descending) क्रम में रखते हैं।
(2) पद, सम हो या विषम, मध्यका ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करते हैं
M = Value of \(\frac { N\,+ \,1 }{ 2 }\)th item
यहाँ पर, M = माध्यिका या मध्यका, N = पदों की संख्या।

43.

माध्य, माध्यिका और बहुलक में सम्बन्ध बताइए।

Answer»

बहुलक = 3 x माध्यिका – 2 x समान्तर माध्य

अर्थात् Z = 3M – 2\(\overline { X }\)

44.

समान्तर माध्य कितने प्रकार के होते हैं?

Answer»

समान्तर माध्य दो प्रकार के होते हैं

⦁    सरल समान्तर माध्य तथा
⦁    भारित समान्तर माध्य।

45.

समान्तर माध्य से आप क्या समझते हैं ? समान्तर माध्य के प्रकार बताइए।

Answer»

साधारण बोलचाल की भाषा में समान्तर माध्य को औसत कहते हैं। समान्तर माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति का एक मापक है। वह संख्या जो किसी समूह विशेष के सभी आँकड़ों का प्रतिनिधित्व करती है, समान्तर माध्य कहलाती है। समान्तर माध्य वह मान है जो दिये हुए पदों के योगफल में पदों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए-यदि छ: बालकों की आयु क्रमशः 5, 7, 9, 11, 13 व 15वर्ष है तो इसका समान्तर माध्य = \( \frac { 5+7+9+11+13+15 }{ 6 } \) = \(\frac { 60 }{ 6 }\) = 10 वर्ष होगा।
समान्तर माध्य निम्नलिखित रूप में परिभाषित किया जा सकता है
प्रो० होरेस सैक्रिस्ट के अनुसार, “एक समंकमाला के पदों के मूल्यों के योग को उनकी संख्या से भाग देने पर जो संख्या प्राप्त होती है, उसे ‘माध्य’ कहते हैं।”
क्रॉक्सटन व क्राउड़न के अनुसार, “माध्य समंकों के विस्तार के अन्तर्गत स्थित एक ऐसा मूल्य है जिसका प्रयोग श्रेणी के सभी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है, क्योंकि माध्य समंकों के विस्तार के अन्तर्गत ही कहीं होता है; अत: यह केन्द्रीय मूल्य का माप कहा जाता है।”

गणितीय माध्य या समान्तर माध्य के प्रकार
गणितीय या समान्तर माध्य के निम्नलिखित दो प्रकार होते हैं
1. सरल समान्तर माध्य तथा
2. भारित समान्तर माध्य।

1. सरले समान्तर माध्य – सरल समान्तर माध्य में समूह के सभी पदों या समंकों को समान महत्त्व दिया जाता है तथा इसकी गणना पदों के योगफल में पदों की संख्या से भाग देकर की जाती है।
2. भारित समान्तर माध्य – भारित समान्तर माध्य में प्रत्येक पद को उसके महत्त्व के अनुसार कम या अधिक भार प्रदान किया जाता है। पद मूल्यों को उसके महत्त्व के अनुसार भार देकर समान्तर माध्य निकालना ही भारित समान्तर माध्य कहलाता है।

46.

माध्यिका के गुण-दोष लिखिए।

Answer»

माध्यिका के गुण
माध्यिका या मध्यका के गुण निम्नलिखित हैं

⦁    बुद्धिमत्ता, सुन्दरता आदि गुणात्मक विशेषताओं के अध्ययन के लिए अन्य माध्यों की अपेक्षा मध्यका श्रेष्ठ समझी जाती है।
⦁    मध्यका को बिन्दुरेखीय पद्धति से भी ज्ञात किया जा सकता है।
⦁    मध्यका की गणना हेतु श्रेणी के सभी मूल्यों का ज्ञान आवश्यक नहीं। केवल मदों की संख्या व मध्यका वर्ग का ज्ञान पर्याप्त है।
⦁    मध्यका सीमान्त पदों से प्रभावित नहीं होती।
⦁    मध्यको की गणना सरलता से की जा सकती है।
⦁    यदि आवृत्तियों की प्रवृत्ति श्रेणी के मध्य समान रूप से विपरीत होने की हो तो मध्यका एक विश्वसनीय माध्य माना जाता है।
⦁    मध्यको सदैव निश्चित एवं स्पष्ट होती है। सामान्य ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के द्वारा भी इसे आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।

माध्यिका के दोष माध्यिका या मध्यका के दोष निम्नलिखित हैं

⦁    जब पदों की संख्या सम होती है तो मध्यका का सही मूल्य ज्ञात करना सम्भव नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में मध्यका का मान केवल अनुमानित रूप में ही ज्ञात होता है।
⦁    मध्यका ज्ञात करते समय, यदि इकाइयों की संख्या में वृद्धि कर दी जाए तो इसका मूल्य बदल जाता है।
⦁    जिन स्थानों पर श्रेणी के सीमान्त पदों का भार देना हो उन स्थानों के लिए मध्यको उपयुक्त नहीं रहती।।
⦁    इसका प्रयोग बीजगणितीय क्रियाओं में नहीं किया जा सकता।
⦁    इसकी गणना के लिए यह आवश्यक है कि पहले श्रेणी को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाए।
⦁    यदि मध्यका तथा पदों की संख्या दी गयी हो तो इनके गुणा करने पर मूल्यों का कुल योग प्राप्त नहीं किया जा सकता। समान्तर माध्य की तरह यह गुण मध्यका में नहीं होता।
⦁    यदि मूल्यों का वितरण अनियमित हो तो मध्यका प्रतिनिधि अंक प्रस्तुत नहीं करता; जैसे – एक विद्यार्थी को 5 विषयों में क्रमश: 20, 10, 3, 1, 0 अंक प्राप्त हुए हों। मध्यको अंक 3 होगा जो कि उचित प्रतीत नहीं होता।

47.

समान्तर माध्य के दो दोष लिखिए।

Answer»

(1) समान्तर माध्य ज्ञात करने में सभी पदों को महत्त्व दिया जाता है। किन्तु बड़े मूल्यों के पद समान्तर माध्य को अधिक प्रभावित करते हैं।
(2) समान्तर माध्य द्वारा कभी-कभी अशुद्ध परिणाम भी निकल जाते हैं।

48.

समान्तर माध्य के दो गुण बताइए।

Answer»

(1) समान्तर माध्य में सरलता का गुण पाया जाता है।
(2) समान्तर माध्य सभी पदों का प्रतिनिधित्व करता है।

49.

केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप के अन्तर्गत श्रेणी के मूल्यों को क्रमबद्ध करना आवश्यक होता है(क) समान्तर माध्य में(ख) मध्यका में(ग) बहुलक में(घ) इनमें से किसी में नहीं

Answer»

सही विकल्प है (ख) मध्यका में।

50.

समान्तर माध्य का मूल्य श्रेणी के सभी चरों के मूल्य के(क) योग के बराबर होता है।(ख) वर्गों के योग के बराबर होता है।(ग) योग में चरों की संख्या से गुणा करने पर प्राप्त मूल्य के बराबर होता है।(घ) योग में चरों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त मूल्य के बराबर होता है ।

Answer»

(घ) योग में चरों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त मूल्य के बराबर होता है।