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व्यवस्थापिका के दो कार्यों का उल्लेख कीजिए तथा किन्हीं दो तरीकों का वर्णन कीजिए जिनसे व्यवस्थापिका कार्यपालिका पर नियन्त्रण स्थापित करती है। याव्यवस्थापिका द्वारा कार्यपालिका पर नियन्त्रण के दो साधन बताइए। याकार्यपालिका पर नियन्त्रण रखने के लिए विधायिका कौन-से साधन अपनाती है? ऐसे किन्हीं चार साधनों का उल्लेख कीजिए।

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सरकार के तीनों अंगों द्वारा महत्त्वपूर्ण कार्य किये जाते हैं, लेकिन इन तीनों में व्यवस्थापक विभाग सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। सामान्यतया व्यवस्थापिका निम्नलिखित साधनों से कार्यपालिका पर नियन्त्रण करती है।

⦁    आर्थिक नियन्त्रण – वर्तमान समय में व्यवस्थापिका कानून-निर्माण के साथ-साथ राष्ट्रीय वित्त पर नियन्त्रण करने का कार्य भी करती है। व्यवस्थापिका की स्वीकृति के बिना, कार्यपालिका आय-व्यय से सम्बन्धित कोई कार्य नहीं कर सकती।
⦁    प्रशासन सम्बन्धी कार्यों पर नियन्त्रण – संसदात्मक शासन में व्यवस्थापिका प्रश्नों, स्थगन प्रस्तावों, निन्दा प्रस्तावों और अविश्वास प्रस्तावों के माध्यम से कार्यपालिका पर प्रत्यक्ष नियन्त्रण रखती है और कार्यपालिका का अस्तित्व व्यवस्थापिका की इच्छा पर निर्भर करता है।
⦁    समितियों और आयोगों की नियुक्ति द्वारा नियन्त्रण – विधानमण्डल समय-समय पर किन्हीं विशेष कार्यों की जाँच करने के लिए समितियों और आयोगों की नियुक्ति का कार्य करता है और इनके माध्यम से कार्यपालिका के कार्यों की छानबीन करता है।
⦁    जनभावनाओं की अभिवृद्धि द्वारा नियन्त्रण – लोकतन्त्र में व्यवस्थापिका एक ऐसा स्थान है जहाँ पर जनता के प्रतिनिधि सरकार (कार्यपालिका) का ध्यान जनता के कष्टों की ओर आकर्षित करते हैं और शासन को जनहित के कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

व्यवस्थापिका के दो कार्य
व्यवस्थापिका के दो कार्य निम्नवत हैं-
⦁    कानूनों का निर्माण – व्यवस्थापिका का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कार्य कानूनों का निर्माण करना है। यह आवश्यकता के अनुसार नए कानून बनाती है, पुराने कानूनों में संशोधन करती है और अनावश्यक कानूनों को रद्द करती है।
⦁    संविधान में संशोधन – व्यवस्थापिका को संविधान करने का अधिकार भी प्राप्त होता है। संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया भिन्न-भिन्न देशों में भिन्न-भिन्न प्रकार की है। इंग्लैण्ड में व्यवस्थापिका (ब्रिटिश संसद) ही सर्वोपरि है। वह साधारण कानूनों के समान ही संविधान में संशोधन कर सकती है। परन्तु संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत में संशोधन की विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है।



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