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Answer» व्यवसाय या कार्य-विश्लेषण की उपयोगिता या महत्त्व के मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं – ⦁ व्यवसाय-विलेषणे से व्यवसायों का वर्गीकरण आसानी से किया जा सकता है; ⦁ इसके माध्यम से कर्मचारियों के कार्य-सम्बन्धी कर्तव्यों का निर्धारण हो जाता है; ⦁ कर्मचारियों के उत्तरदायित्व को निश्चित किया जा सकता है; ⦁ पूर्ण व्यवसाय-विश्लेषण से कर्मचारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है; ⦁ व्यवसाय के लिए आवश्यक क्षमताएँ तथा योग्यताएँ सुनिश्चित होती हैं; ⦁ नयी भर्ती द्वारा आये कर्मचारियों के प्रशिक्षण की अवधि और उसके स्वरूप को निश्चित किया जा सकता है; ⦁ इसके कर्मचारियों में आपसी सद्भावना उत्पन्न होने में मदद मिलती है; ⦁ कर्मचारियों के कार्य के अनुसार उनके वेतन का निर्धारण हो सकता है; ⦁ आवश्यक कच्चे माल के विषय में जानकारी मिलती है; ⦁ कार्य में आने वाले तथा उपयोगी, यन्त्रों, उपकरणों, मशीनों व औजारों के बारे में विस्तृत सूचना मिलती है; ⦁ कार्य में लगने वाले समय का अनुमान हो जाता है तथा ⦁ कार्य के लाभकारी एवं हानिकारक, शारीरिक और मानसिक पहलुओं का सम्यक् बोध हो जाता है।
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