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विश्व में चतुर्थ क्रियाकलापों की प्रकृति तथा वृद्धि की व्याख्या कीजिए।

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चतुर्थ क्रियाकलाप-चतुर्थ क्रियाकलाप से तात्पर्य उन उच्च बौद्धिक व्यवसायों से है जिनका दायित्व चिन्तन, शोध और विकास के लिए नए विचार देना है। चतुर्य क्रियाकलापों की प्रकृति

चतुर्थ क्रियाकलापों की प्रकृति के प्रमुख बिन्दु निम्नलिखित हैं

⦁    चतुर्थ क्रियाकलापों में शिक्षा, सूचना, शोध और विकास की क्रिया शामिल है। ये बौद्धिक व्यवसाय के रूप में नए विचार देते हैं।
⦁    ये क्रियाकलाप प्रौद्योगिकी में क्रान्ति के परिणामस्वरूप विकसित हुए हैं।
⦁    ये क्रियाकलाप आर्थिक दृष्टि से बहुत जटिल बन गए हैं।
⦁    इन क्रियाकलापों में संलग्न अधिकांश लोग अत्यधिक विकसित देशों में रहते हैं।
⦁    इन क्रियाकलापों की प्रमुख विशेषता लोगों का उच्च वेतनमान तथा पदोन्नति के अच्छे अवसर हैं।
⦁    सूचना प्रौद्योगिकी चतुर्थक क्रियाकलापों के विकास में सहायक है।

चतुर्य क्रियाकलापों की वृद्धि

विश्व में आर्थिक क्रियाकलापों का पहले से कहीं अधिक विस्तार और विकास हुआ है। इसके साथ ही चतुर्थ क्रियाकलापों में वृद्धि हुई है। सूचना प्रौद्योगिकी में क्रान्ति के कारण ज्ञान आधारित उद्योगों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके कारण ज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योग के नए संकुलन स्थापित हुए हैं। विज्ञान और ज्ञान पर आधारित उद्योगों के संकुलों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी पार्क कहते हैं। इस तरह के पार्क अमेरिका तथा यूरोपीय देशों में विकसित हुए हैं। भारत व चीन में भी इस तरह के पार्कों का विकास हुआ है। इन पार्कों में प्रौद्योगिकी से सम्बन्धित उद्योगों का विकास हुआ है जिनमें कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर, इण्टनरनेट आदि शामिल हैं।



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