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विशिष्ट अनामत अर्थात् क्या ? उसके प्रकार बताइए ।

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जब किसी निश्चित उद्देश्य के लिये जो अनामत बनायी जाती है तब उसे विशिष्ट अनामत कहते हैं । यह अनामत जिस उद्देश्य के लिये बनायी जाती है उसी उद्देश्य के लिये इसका उपयोग हो सकता है । इस अनामत के द्वारा शेयरहोल्डरों को डिविडेंड वितरण करना, डिबेंचर की राशि पकने की तारीख पर वापस करना, विनियोग की किंमत में अगर कमी हुई हो तब उस नुकसान को पूरा करने के लिये एवं किसी कर्मचारी को अकस्मात हुआ हो तब उसे मुआवजा देने के लिये इस अनामत का उपयोग किया जाता है । विशिष्ट . अनामत को लाभ-हानि वितरण खाते से तैयार किया जाता है ।

विशिष्ट अनामत के उदाहरण निम्न है :

  • डिविडेन्ड समतुला फंड़ : इस फंड़ के द्वारा जिस वर्ष में हानि हुई हो या लाभ कम हुआ हो परंतु पिछले वर्षों की तुलना में डिविडेंड का बँटवारा इसी अनामत का उपयोग करके किया जाता है, जिससे बाजार में प्रतिष्ठा बनी रहती है ।
  • डिबेंचर वापसी निधि : डिबेंचर यह कंपनी का दीर्घकालीन दायित्व है । डिबेंचर पकने की अवधि पर इसकी राशि चुकाने के लिये कंपनी पहले से लाभ में से कुछ रकम अलग रखती जाती है और नियत समय पर डिबेंचर की राशि वापस करने में आसानी रहती है ।
  • विनियोग वधघट फंड़ : जब विनियोग की बाजार किंमत में कमी आई हो या आने की संभावना हो तब इस फंड़ के द्वारा
    होनेवाले नुकसान की कमी को दूर किया जा सकता है ।
  • कर्मचारी अकस्मात मुआवजा फंड़ : जब किसी कर्मचारी को कोई आकस्मिक अकस्मात हो जाये तब उसे मुआवजा देने के
    लिये इस अनामत का उपयोग किया जाता है ।
  • सिंकिंग फंड़ : दीर्घकालीन जिम्मेदारी चुकाने के लिये या ब्याज का नियमित रूप से भुगतान करने के लिये या स्थिर संपत्ति
    खरीदने के लिये जो अलग से फंड रखा जाता है वह सिंकिंग फंड कहलाता है ।


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