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'वह तोड़ती पत्थर' कविता में समाज के स्वरूप का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया है। क्या यहआज के समाज का यथार्थ सत्य है? अपना मत व्यक्त कीजिए।(पाठ-13 देखें)को भनित माना है। क्या आप इससे सहमत%3D |
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