1.

वे सुख से रंगीन कीमती ओढ़े शाल - दुशाले, पर इनके कंपित बदनो पर गिरते हैं नित पाले।वे हैं सुख साधन से पूरित सुधर घरो के वासी,इनके टूटे - फूटे घर में छाई सदा उदासी।iska please bhawarth do hindi mai please​

Answer»

EXPLANATION:

हिंदी में -

हरी थी मन भरी थी,

लाख मोती जड़ी थी |

राजा जी के बाग में,

दोशाला ओढ़े खड़ी थी ||

उत्तर - भुट्टा



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