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वैज्ञानिक संचालन के सिद्धान्त समझाइए । |
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Answer» वैज्ञानिक संचालन के सिद्धांत निम्न है : (1) वैज्ञानिक पद्धति का सिद्धांत : इकाई में कार्य करने के लिए रुढ़िगत पद्धतियों को त्याग करके नई वैज्ञानिक पद्धति अपनानी चाहिए और कार्य का वैज्ञानिक विश्लेषण करके श्रेष्ठ कार्य किस तरह हो सकेगा इसके बारे में विचार करना चाहिए । (2) आयोजन तथा अमलीकरण का सिद्धांत : कर्मचारी रूढ़िगत पद्धति की तरह ही आयोजन तथा अमलीकरण का कार्य करे उसके बदले में आयोजन का काम निष्णांत करे तथा कर्मचारियों द्वारा उनका अमल हो ऐसा होना चाहिए । (3) कार्य-विश्लेषण का सिद्धांत : कम खर्च और शीघ्र काम लेने के लिए कार्य विश्लेषण उत्तम माना जाता है । जिसमें समय निरीक्षण, गति निरीक्षण और थकान निरीक्षण का अध्ययन करके कम खर्च अथवा कम लागत से उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है । (4) प्रमाणीकरण का सिद्धांत : प्रमाणीकरण तथा सरलीकरण वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो कि पहले से ही होना चाहिए । औजारों, (5) वैज्ञानिक चयन और प्रशिक्षण का सिद्धांत : कर्मचारियों का चयन वैज्ञानिक मापदण्ड के अनुसार होना चाहिए । वैज्ञानिक मापदण्ड हेतु कर्मचारियों में शिक्षण, कौशल्य, योग्यता, प्रशिक्षण शारीरिक शक्ति इत्यादि मापदण्डों को ध्यान में रखा जा सकता है । इसके उपरांत कर्मचारी को इस प्रकार का कार्य सौंपना चाहिए कि जो उसके शिक्षण, अध्ययन और कौशल्य के अनुरुप हो । इसके अलावा कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि के लिए प्रशिक्षण का उपयोग भी किया जाना चाहिए । जिससे, उनका कार्यसंतोष बढ़ सके इसके लिए विविध प्रकार की वैज्ञानिक कसौटी का उपयोग किया जाना चाहिए । (6) वित्तीय प्रोत्साहन का सिद्धांत : कुशल कर्मचारी को वित्तीय और अन्य उत्तेजना देनी चाहिए । इसके लिये विविध प्रकार की उत्तेजक वेतन योजना का सुझाव दिया गया है । प्रत्येक श्रमिक के व्यक्तिगत उत्पादन के आधार पर यह पद्धति अपनानी चाहिए और इसका वेतन दर धारणा के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अध्ययन से पूर्व ही निर्धारित होना चाहिए । (7) मितव्ययिता का सिद्धांत : वैज्ञानिक संचालन के अमल के दौरान मात्र वैज्ञानिक और तकनिकी आधारों को ध्यान में नहीं लिया जाता बल्कि लाभ और मितव्ययिता के तत्व पर बल दिया जाना चाहिए । इस हेतु अनुमान तथा लागत नियंत्रण की पद्धतियों पर विचार करना पड़ता है और विचलनों को खोज कर उनका अध्ययन और समाधान करना पड़ता है । (8) मानसिक क्रान्ति का सिद्धांत : मालिकों और श्रमिकों के मध्य लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मानसिक क्रान्ति होनी चाहिए । मानसिक सुमेल से मालिकों तथा श्रमिकों के मध्य तनाव को घटाता है और लक्ष्य प्राप्ति सरल बन जाती है । |
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