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उत्तर के मैदान को उच्चावच विशेषताओं के आधार पर विभाजित कीजिए। |
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Answer» उत्तर के मैदान को विभिन्न उच्चावच विशेषताओं के आधार पर निम्न चार भागों में बाँटा गया है- ⦁ खादर क्षेत्र – बाढ़ के मैदानों में नए तथा युवा निक्षेपों को खादर कहा जाता है। लगभग प्रत्येक वर्ष इनका नवीकरण हो जाता है। ये बहुत उर्वर होते हैं तथा गहन कृषि के लिए आदर्श माने जाते हैं। ⦁ बांगर क्षेत्र – इन मैदानों का निर्माण पुरानी जलोढ़ मृदा से होता है। ये नदियों के बाढ़ के मैदानों के ऊपर स्थित । हैं तथा वेदिका जैसी आकृति प्रदर्शित करते हैं। ये मैदान नदी के बेसिन से दूर पाए जाते हैं। इस क्षेत्र में चूनेदार निक्षेप पाए जाते हैं जिन्हें स्थानीय भाषा में कंकड़’ कहा जाता है और यह कम उपजाऊ होती है। ⦁ भाबर क्षेत्र – इन मैदानों का निर्माण तंग पट्टी में कंकड़ों के जमा होने से होता है जो शिवालिक की ढलान के समानांतर पाई जाती हैं। इस पट्टी का निर्माण पहाड़ियों से नीचे उतरते समय विभिन्न नदियों द्वारा किया जाता है। सभी नदियाँ भाबर पट्टी में आकर विलुप्त हो जाती हैं ⦁ तराई क्षेत्र – यह क्षेत्र भाबर के बाद आती है और नए जलोढ़ से बना होता है। इस क्षेत्र का निर्माण नदियों के पुनः प्रकट होने से होता है जिसके कारण नदियाँ नम एवं दलदली क्षेत्र का निर्माण करती हैं जिसे तराई कहा जाता है। यह क्षेत्र गहन जंगलों वाला एवं जंगली जानवरों से भरपूर होता है। किन्तु विभाजन के उपरांत पाकिस्तान से आए प्रवासियों के लिए कृषि योग्य भूमि बनाने हेतु जंगलों को साफ कर दिया गया है। |
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