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‘उषा’ कविता का प्रतिपाद्य (उद्देश्य) और प्रेरणा क्या है? लिखिए। |
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Answer» ‘उषा’ एक प्रकृति-चित्रण करने वाली सरल, सहज, नवीन भावोत्तेजक कविता है। कवि को उद्देश्य कविता के माध्यम से जहाँ ग्रामीण परिवेश में उपस्थित ‘उषा काल’ के प्राकृतिक सौन्दर्य से पाठकों को परिचित करना है वहीं अपने नए-नए शिल्पगत प्रयोगों से चमत्कृत करना भी है। कवि का यह विविध विम्बों से सजा प्रकृति-चित्र हमें प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा भी देता है। ग्राम-वासी तो नित्य ही प्रकृति की मनमुग्धकारी जादई झाँकियाँ देखते रहते हैं। कवि ने विशेष रूप से नगर और महानगर वासियों को प्रकृति-प्रेम की प्रेरणा दी है। |
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