1.

उद्योग वस्तु की स्वरूप-उपयोगिता में वृद्धि करता है ।

Answer»

उद्योग अर्थात् जमीन में से इच्छित वस्तुओं को खोदकर निकालना, मानवीय तथा यांत्रिक श्रम की मदद से मानव-उपयोगी हो ऐसे स्वरुप में परिवर्तित करने को उद्योग कहा जाता है । इसके लिए उत्पादन के चार साधन जमीन, श्रम, पूँजी एवं व्यवस्थाकीय ज्ञान की मदद से प्रकृति-प्रदत्त वस्तु का स्वरूप बदलकर उसे मानव-उपयोगी बनाया जाता है ।



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