Saved Bookmarks
| 1. |
‘तू दयालु, दीन हौं।’ नामक पद के द्वारा भक्त कवि तुलसीदास ने भगवान श्रीराम की महत्ता के बारे क्या कहा है? |
|
Answer» ‘तू दयालु, दीन हौं।’ पद में तुलसीदासजी भगवान श्रीराम को अत्यंत समर्थ और भक्तवत्सल कहते हैं। भगवान श्रीराम बड़े दयालु और महान दाता हैं। वे अपने भक्तों के पापों के समूह का नाश करनेवाले हैं। वे अनाथों के नाथ और भक्तों के दुःख हरनेवाले हैं। भगवान राम परब्रह्म हैं। वे सबके स्वामी हैं। उनसे संबंध जुड़ जाने पर भक्त को माता, पिता, गुरु, मित्र और हितैषी का अभाव नहीं रहता। श्रीराम के रूप में उसे समर्थ रक्षक मिल जाता है। इस प्रकार इस पद में तुलसीदास अपने आराध्य भगवान राम की अपार महिमा पर प्रकाश डालते हैं। |
|