Saved Bookmarks
| 1. |
त्रि-संलयन क्या है ? |
|
Answer» एक सहाय कोशिका में प्रवेश करने के पश्चात् परागनलिका द्धारा सहाय कोशिका के जीवद्रव्य में दो नर युग्मक अवमुक्त किए जाते हैं। इसमें से एक नर युग्मक अंड-कोशिका की ओर गति करता है तथा केंद्रक के साथ संगलित होता है जिससे युग्मक संलयन पूर्ण होता है। फिर एक द्विगुणित कोशिका युग्मनज की रचना होती है। दूसरी ओर वह संगलित होकर त्रिगणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक बनाता है। चूंकि इसके अंतर्गत तीन अगुणित न्यूक्ली सम्मिलित होते हैं। अतः, इसे त्रिसंलयन कहते हैं। |
|