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“स्वतन्त्रता तथा कानून परस्पर विरोधी हैं।” इस विचार को मान्यता प्रदान करने वालों का वर्णन कीजिए। |
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Answer» कुछ विद्वानों का विचार है कि स्वतन्त्रता तथा कानून परस्पर विरोधी हैं, क्योंकि कानून स्वतन्त्रता पर अनेक प्रकार के बन्धन लगाता है। इस विचार को मान्यता देने वालों में व्यक्तिवाद, अराजकतावादी, श्रम संघवादी तथा कुछ अन्य विद्वान् हैं। इस मत के अलग-अलग विचार अग्रलिखित हैं- ⦁ व्यक्तिवादियों के विचार – व्यक्तिवादी विचारधारा राज्य के कार्यों को सीमित करने के पक्ष में है। व्यक्तिवादियों के अनुसार, “वही शासन-प्रणाली श्रेष्ठ है जो सबसे कम शासन करती है। जितने कम कानून होंगे, उतनी ही अधिक स्वतन्त्रता होगी। उपर्युक्त विभिन्न विचारों के अध्ययनोपरान्त हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि कानून एवं स्वतन्त्रता में कोई सम्बन्ध नहीं है, अर्थात् ये परस्पर विरोधी हैं। |
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